Friday, May 1, 2026
Home Blog Page 348

KANPUR : मां ने डेढ़ करोड़ के बीमा और प्रेमी के लिए कराया बेटे का मर्डर, हथौड़ी से सिर कुचला; एनकाउंटर में एक आरोपी गिरफ्तार

0

कानपुर देहात के बरौर थाना क्षेत्र में ममता सिंह ने अपने बेटे प्रदीप सिंह (25) की हत्या करवा दी. पुलिस के मुताबिक, मां ने अवैध संबंधों का विरोध करने और डेढ़ करोड़ रुपये का बीमा क्लेम पाने के लिए प्रेमी मयंक कटियार और उसके भाई ऋषि से बेटे का सिर हथौड़ी से कुचलवा दिया. हत्या को सड़क हादसा दिखाने के लिए शव हाईवे पर फेंका गया था.

यूपी के कानपुर देहात में लालच ने ममता को हैवान बना दिया. एक मां ने अपने बेटे को मौत के घाट उतरवा दिया. पुलिस के मुताबिक, बीमा क्लेम और अवैध प्रेम संबंध के लिए मां ने बेटे का कत्ल करवाया था. फिलहाल, ‘कातिल’ मां और हत्या में शामिल दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है. आपको बता दें कि यह घटना बरौर थाना क्षेत्र के अंगदपुर बगांव में हुई. ममता सिंह ने अपने बेटे प्रदीप सिंह (25) की हत्या करवा दी. पिता की मौत के बाद मां का प्रेमी मयंक कटियार घर पर आता था, जिसका बेटा विरोध करता था. मां ने प्रेमी के साथ रहने और डेढ़ करोड़ रुपये के बीमा के लिए यह साजिश रची.

मां ने बेटे के नाम पर चार बीमा पॉलिसियां, जिनकी कुल रकम डेढ़ करोड़ रुपये से अधिक थी, कराने के बाद प्रेमी मयंक और उसके भाई ऋषि से हत्या करवाई. रास्ते में हथौड़ी से सिर कुचलकर हत्या की गई और शव को सड़क हादसे जैसा दिखाने के लिए हाईवे किनारे फेंक दिया गया.

योजना के तहत, ममता के बेटे को घर बुलाकर रास्ते में मयंक और ऋषि ने हथौड़ी से सिर कुचलकर उसकी हत्या कर दी. शव को हाईवे किनारे फेंका गया ताकि इसे सड़क दुर्घटना माना जाए. पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सिर फूटा हुआ, हड्डियां टूटी और गहरे जख्म पाए गए, जिसने साफ कर दिया कि यह हत्या है. पुलिस ने जब मोबाइल लोकेशन निकाली, तो पता चला कि मां और प्रेमी वारदात के वक्त एक ही जगह थे. मयंक ने खुलासा किया कि ममता ने बीमा की रकम के लिए हत्या करवाई थी.

पुलिस की जांच के बाद बरौर पुलिस ने मुठभेड़ में ऋषि कटियार को पकड़ा, जो गोली लगने से घायल हो गया. हत्या में प्रयुक्त हथौड़ी, तमंचा और कार बरामद की गई. मुख्य आरोपी मयंक उर्फ ईशू को भी दबोच लिया गया है. हत्यारी मां ममता सिंह भी अरेस्ट हो गई है.

MAHARASHTRA : लोन लेकर ट्रेडिंग में निवेश, और भारी रिटर्न… वायु सेना अधिकारी से 97 लाख का फ्रॉड

0

पुणे में 53 वर्षीय रिटायर्ड वायु सेना अधिकारी एक फर्जी ऑनलाइन शेयर ट्रेडिंग स्कैम का शिकार होकर 97 लाख रुपये गंवा बैठे. ठगों ने उन्हें फर्जी ऐप के जरिए निवेश के लिए 55 लाख का लोन लेने तक के लिए उकसाया. नकली मुनाफे दिखाकर कई खातों में पैसे ट्रांसफर कराए गए. सच सामने आने पर पीड़ित ने साइबर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई.

महाराष्ट्र में पुणे के एक 53 साल के रिटायर्ड भारतीय वायु सेना (IAF) अधिकारी ने एक परिष्कृत ऑनलाइन शेयर ट्रेडिंग स्कैम में लगभग 97 लाख रुपये गंवा दिए. पीड़ित के एक नकली ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म पर इंवेस्टमेंट के लिए 55 लाख रुपये का लोन लेने के लिए भी मजबूर किया गया. इसके बाद उससे कई नकली खातों में पैसे ट्रांसफर कराकर धोखा दिया गया.

पुलिस के अनुसार, पीड़ित को एक ऑनलाइन एड के ज़रिए एक फर्जी शेयर ट्रेडिंग ऐप डाउनलोड करने के लिए फुसलाया गया था. मार्केट एक्सपर्ट्स का एक ग्रुप बताकर उन्हें एक व्हाट्सएप ग्रुप में एड किया गया. फिर नकली ट्रेडिंग टिप्स के आधार पर भारी निवेश करने के लिए उसे राजी किया गया. उनके द्वारा किया गया हर ट्रांजेक्शन ऐप पर अपने आप बढ़ा-चढ़ाकर रिटर्न के साथ दिखाई देता था, जिससे उन्हें विश्वास हो जाता था कि उनके निवेश से भारी मुनाफा हो रहा है. उनके अकाउंट में 4.44 करोड़ रुपये की राशि दिखाई पड़ रही थी.

जब पूर्व सैनिक की सेविंग खत्म हो गई तो फ्रॉड्स ने उन्हें पर्सनर और गोल्ड लोन लेने के की राय दी, और चेतावनी दी कि यदि उन्होंने निवेश करना बंद कर दिया तो वे अपना सारा प्रॉफिट खो देंगे. 40 दिनों की अवधि में, उन्होंने सतारा (महाराष्ट्र), कोलकाता, 24 परगना (पश्चिम बंगाल), हैदराबाद, बारपेटा (असम), पलक्कड़ (केरल), इंदौर और धार (मध्य प्रदेश), और खोरधा (ओडिशा) आदि स्थानों पर स्थित खातों में 18 बड़े ट्रांजेक्शन किए. धोखाधड़ी का पता तब चला जब शिकायतकर्ता ने अपनी कथित कमाई निकालने की कोशिश की और उससे राशि का 20% टैक्स के रूप में देने को कहा गया. ठगे जाने का एहसास होने पर, उन्होंने पुणे साइबर अपराध पुलिस स्टेशन का रुख किया, जहां एक एफआईआर दर्ज की गई.

अधिकारियों ने कहा कि यह मामला ऑनलाइन ट्रेडिंग घोटालों के बढ़ते चलन का हिस्सा है, जो फर्जी ऐप्स और सोशल मीडिया समूहों के माध्यम सेहाई रिटर्न के झूठे वादों के साथ निवेशकों को निशाना बनाते हैं. बार-बार पुलिस की सलाह और जागरूकता अभियानों के बावजूद, पुणे और पिंपरी चिंचवाड़ में साइबर अपराध यूनिट ऐसी घटनाओं में वृद्धि की रिपोर्ट करती रहती हैं.

ENTERTAINMENT : ‘मरने से पहले मां ने मांगा था पानी, वो भी न दे सका’, एक्टर अरशद वारसी का दर्द

0

‘जॉली एलएलबी 3’ के एक्टर अरशद वारसी, राज शमानी के पॉडकास्ट में नजर आए. यहां उन्होंने अपने करियर, अपनी पत्नी और बॉलीवुड में बड़ा मुकाम हासिल करने से पहले किए संघर्षों पर बात की. अरशद ने याद किया कि कैसे उनकी मां ने मौत से पहले उनसे पानी मांगा था, लेकिन उन्होंने इनकार कर दिया था. बाद में मां चल बसीं.

माता-पिता किसी भी व्यक्ति के जीवन का अत्यंत महत्वपूर्ण हिस्सा होते हैं. एक्टर अरशद वारसी को अपने माता-पिता का साथ ज्यादा समय तक नहीं मिला. जब वे केवल 14 साल के थे, तब उनके माता-पिता का निधन हो गया था. हाल ही के एक इंटरव्यू में एक्टर ने दोनों को खोने के बारे में बताया. साथ ही उन्होंने बताया कि कैसे उन्होंने पूरी दुनिया के सामने मजबूत दिखने का प्रयास किया.

‘जॉली एलएलबी 3’ के एक्टर अरशद वारसी, राज शमानी के पॉडकास्ट में नजर आए. यहां उन्होंने अपने करियर, अपनी पत्नी और बॉलीवुड में बड़ा मुकाम हासिल करने से पहले किए संघर्षों पर बात की. उन्होंने स्वीकार किया कि उनके पास अपने परिवार के साथ ज्यादा यादें नहीं हैं, क्योंकि उन्होंने अपना अधिकांश बचपन बोर्डिंग स्कूल में बिताया है. उन्होंने कहा, ‘जब बात मेरे बचपन की आती है, तो मुझे अपने परिवार के बजाए अपने स्कूल की ज्यादा यादें हैं, क्योंकि मैं 8 साल की उम्र में बोर्डिंग स्कूल चला गया था.’

अपनी मां के बारे में बात करते हुए अरशद ने कहा कि उनकी मां की आखिरी याद एक भयानक याद है, जो आज भी उन्हें सताती है. उन्होंने याद किया कि उनके पिता के निधन के बाद उनकी मां को किडनी फेलियर हो गया था और वे डायलिसिस पर थीं. एक्टर ने बताया, ‘मेरी मां एक साधारण गृहिणी थीं, जो बहुत अच्छा खाना बनाती थीं. उन्हें किडनी फेलियर था और वे डायलिसिस पर थीं. डॉक्टरों ने हमें उन्हें पानी न देने के लिए कहा था, लेकिन वे बार-बार पानी मांग रही थीं. मैं बार-बार मना करता रहा. जिस रात उनका निधन हुआ, उससे पहले की रात उन्होंने मुझे बुलाया और फिर से पानी मांगा. उस रात उनका निधन हो गया और यह बात मुझे अंदर तक तोड़ गई.’

एक्टर ने आगे कहा, ‘मेरे अंदर का एक हिस्सा मुझे बार-बार कहता है कि अगर मैंने उन्हें पानी दे दिया होता और उसके बाद उनका निधन हो जाता, तो मैं पूरी जिंदगी यह सोचता कि उनकी मौत इसलिए हुई क्योंकि मैंने उन्हें पानी दिया.’

हालांकि वे इस बात के लिए आभारी हैं कि उन्हें जीवनभर इस अपराधबोध को नहीं ढोना पड़ा. उन्होंने स्वीकार किया कि अब सोचने पर उन्हें लगता है कि उन्हें अपनी मां को पानी दे देना चाहिए था. अरशद वारसी ने कहा, ‘अब मुझे लगता है कि मुझे उन्हें पानी दे देना चाहिए था. उस समय मैं एक बच्चा था और मैं डॉक्टर की बात मानना चाहता था. आज मैं वह फैसला ले सकता हूं और अस्पताल में आखिरी दिन बिताने के बजाय अपने परिवार के साथ रहना चुन सकता हूं. हम बीमार व्यक्ति के बारे में कभी नहीं सोचते, बल्कि अपने अपराधबोध के आधार पर फैसले लेते हैं.’

MP : ‘हाए, अब मेरी बेटी का क्या होगा…’ दामाद ने भेजा तलाक का नोटिस, देखते ही ससुर की हार्ट अटैक से मौत

0

मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले के भोजपुर में शाइन मंसूरी को पति सद्दाम मंसूरी ने डाक से तलाक नोटिस भेजा, जिसे देखकर शाइन के पिता सलीम को सदमा लगा और 20 मिनट में उनकी हार्ट अटैक से मौत हो गई. बेटी ने पति को पिता की मौत का जिम्मेदार ठहराया. पुलिस ने पति और ससुर पर दहेज प्रताड़ना व धर्महिंसा की धाराओं में मामला दर्ज किया है.

बेटी में बाप की जान बसती है और बेटी पर कुछ आंच आए तो बाप को नागवार गुजरता है.कुछ ऐसा ही वाक्या मध्यप्रदेश में राजगढ़ जिले के भोजपुर कस्बे में उस समय घटित हुआ जब मायके में रह रही एक महिला को उसके पति ने डाक के जरिए तलाकनामे का नोटिस भेजा . इस नोटिस को देखकर महिला के पिता को सदमा लगा. 15 से 20 मिनिट में पिता को हार्ट अटैक आया और उनके प्राण पखेरू उड़ गए.

अब बेटी सदमें में है और अपने पिता की मौत का जिम्मेदार अपने पति सद्दाम को ठहरा रही है. बताया जा रहा है कि राजगढ़ जिले के भोजपुर में महिला शाइन मंसूरी को राजस्थान के छीपाबड़ोद निवासी पति सद्दाम द्वारा तलाक का प्रथम नोटिस भेजा गया था. जैसे ही पोस्टमैन ने इस तलाकनामे के नोटिस को बेटी के पिता सलीम को दिया तो वे एकाएक सदमे में आ गए. कुछ पल ठहरने के बाद वह घबराते हुए खिलचीपुर स्थित एडवोकेट दिनेश पंचोली के पास पहुंचे और वहां पर नोटिस के बारे में चर्चा की एवं कानूनी सलाह ली. उसके बाद शाइन के पिता सलीम खिलचीपुर से वापस अपने घर भोजपुर पहुंचे, जहां पर करीब 15 से 20 मिनट बाद उनकी हार्ट अटैक से मौत हो गई.

इस मामले में शाइन ने बताया कि तलाक का नोटिस मिलते ही मेरे पापा को सदमा लगा. उसके बाद वह खिलचीपुर में वकील साहब के पास गए. वहां से आकर घर पर कुछ देर के लिए रुके. उन्हें हार्ट अटैक आया और 15 से 20 मिनिट के बाद उनकी मौत हो गई. इस बीच हम उन्हें डॉक्टर के पास लेकर भी पहुंचे लेकिन उन्होनें भी मृत घोषित कर दिया.

तलाक के नोटिस में पति ने लिखा था कि- मैं सद्दाम मंसूरी निवासी राजस्थान छीपाबड़ौद, खुदा को हाजिर-नाजिर मानकर मुस्लिम शरीयत के अनुसार अपनी पत्नी शाइन मंसूरी निवासी भोजपुर को प्रथम तलाक देता हूं. यह तलाक पत्र नोटिस के रूप में 24 अक्टूबर को डाकिए के जरिए महिला के घर पहुंचा तो शाइन के पैरों तले जमीन खिसक गई. पीड़िता ने बताया कि उसकी शादी 11 फरवरी 2021 को राजस्थान के छीपाबड़ौद निवासी 25 साल के सद्दाम मंसूरी के साथ मुस्लिम रीति पद्धति से हुई थी. विवाह के दो साल तक सब ठीक चलता रहा, लेकिन उसके बाद पिछले दो सालों से पति का व्यवहार बदलने लगा और वो मुझ पर शक करने लगे. यहां तक कि मुझसे मारपीट भी करने लगे. कई बार ताले में बंद करके रखा, किसी से बात नहीं करने देते थे. यहां तक कि मायके वालों से भी बात नहीं करने दी जाती थी. पीड़िता ने बताया कि कई बार मेरे पति ने मुझे तेजाब से जलाने की धमकी भी दी.

दोनों का एक 2 साल का बेटा है. पीड़िता ने बताया कि करीब 4 माह पहले उसके पति ने उसे घर से निकाल दिया था. इसके बाद से वह अपने पिता के घर भोजपुर में रह रही है, जहां पर तलाक का प्रथम नोटिस आया था.

पीड़िता की मां सन्नू मंसूरी ने बताया कि उनके पति तलाक का नोटिस मिलने पर टेंशन में आ गए थे. कहने लगे कि मेरी बेटी का क्या होगा, उसने यह कैसे किया. इस सदमें में उनकी जान चली गई. वहीं चचेरे भाई शरीफ मंसूरी ने बताया कि मैं शाईन का चचेरा भाई हूं. तलाक का नोटिस आने के बाद चाचा को सदमा लगा. नोटिस की जानकारी परिवार जनों के साथ ग्रामीणों को भी दी. खिलचीपुर में वकील साहब से मिलने के बाद वह घर पर आए जहां पर गिर पड़े और उनकी मौत हो गई. पुलिस में शाइन के एक आवेदन दिया था जिस पर संज्ञान में लेकर उसके पति एवं ससुर के खिलाफ दहेज प्रताड़ना एवं धर्महिंसा की धाराएं लगाई हैं.

MAHARASHTRA : मां के साथ स्विमिंग करने गया था 3 साल का मासूम, पूल में डूबने से मौत

0

महाराष्ट्र के वसई पश्चिम में अमेय क्लब के स्विमिंग पूल में साढ़े तीन साल के ध्रुव बिष्ट की डूबने से मौत हो गई. तैरते समय नाक-मुंह में पानी जाने से वह बेहोश हो गया. अस्पताल ले जाने पर उसे मृत घोषित किया गया. घटना के बाद जांच जारी है, सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठे हैं और स्थानीय लोगों में गहरा आक्रोश है.

महाराष्ट्र में वसई पश्चिम के यशवंतनगर इलाके में स्थित अमेय क्लब के स्विमिंग पूल में डूबने से साढ़े तीन साल के एक बच्चे की मौत हो गई. घटना मंगलवार शाम करीब साढ़े चार बजे की है. मृतक बच्चे की पहचान ध्रुव बिष्ट के रूप में हुई है. इस घटना से इलाके में हड़कंप मच गया है.प्राप्त जानकारी के अनुसार, ध्रुव अपनी मां के साथ यशवंतनगर इलाके में स्थित अमेय क्लब के स्विमिंग पूल में तैरने आया था. तैरते समय अचानक उसके नाक और मुंह में पानी चला गया और सांस लेने में तकलीफ के कारण वह डूबने लगा. पूल पर मौजूद गार्ड ने उसे बाहर निकाला, लेकिन जब उसे उल्टी होने लगी, तो उसे पास के अस्पताल ले जाया गया. हालांकि, डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया.

इस घटना के बाद इलाके में मातम पसर गया है और क्लब प्रबंधन व पुलिस द्वारा आगे की जांच की जा रही है. प्रारंभिक जांच में यह पता लगाया जा रहा है कि पूल क्षेत्र में पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था और लाइफगार्ड मौजूद थे या नहीं. बच्चे की असामयिक मृत्यु से स्थानीय नागरिकों में रोष और दुःख व्याप्त है. इस घटना ने एक बार फिर स्विमिंग पूल जैसी जगहों पर उचित सुरक्षा उपाय और छोटे बच्चों पर लगातार नजर रखने के महत्व को उजागर किया है.

NATIONAL : जंगल के गाइड की बदली किस्मत… एक साथ मिले दो हीरे, 1.56 कैरेट का ‘जेम्स क्वालिटी’ डायमंड भी

0

पन्ना टाइगर रिजर्व के गाइड कैलाश कुमार तिवारी की किस्मत उस वक्त चमक गई जब उन्हें हीरा खादन क्षेत्र कृष्णा कल्याणपुर पट्टी हीरा खादन क्षेत्र से दो चमचमाते हीरे मिले. इन हीरों को जमा कर लिया गया है. आगामी नीलामी में इन हीरों को रखा जाएगा.

पन्ना टाइगर रिजर्व के एक गाइड कैलाश कुमार तिवारी की कहानी इन दिनों सुर्खियों में है. मॉनसून के दौरान जंगल के गेट बंद हुए, तो कैलाश ने खाली समय में अपनी किस्मत आजमाई और पन्ना के हीरा खनन क्षेत्र कृष्णा कल्याणपुर पटी में खदान लगा दी. नतीजा हैरान करने वाला रहा. उन्हें अपनी पहली ही कोशिश में दो चमचमाते हुए हीरे मिले. कैलाश तिवारी ने दोनों हीरे पन्ना के हीरा कार्यालय में जमा करा दिए हैं.

हीरा अधिकारी रवि पटेल ने हीरों की क्वालिटी की पुष्टि की है. इनमें पहला हीरा 1.56 कैरेट और जेम्स क्वालिटी (Gems Quality) का है. यह सबसे महंगा और डिमांड वाला होता है. जबकि दूसरा हीरा 1.35 कैरेट का है. यह मेले किस्म (Melee Quality) का कम चमक वाला, लेकिन मूल्यवान होता है.

हीरा अधिकारी रवि पटेल ने बताया, “इन दोनों हीरों को आगामी नीलामी में इन्हें रखा जाएगा. जेम्स क्वालिटी के हीरे की हीरा बाजार में अच्छी डिमांड होती है.”
कैलाश तिवारी पन्ना टाइगर रिजर्व में पर्यटकों को जंगल सफारी कराते हैं. उन्होंने बताया कि हर साल 30 जून से मॉनसून के चलते पार्क बंद हो जाता है. खाली समय का सदुपयोग करने के लिए उन्होंने हीरा कार्यालय से बकायदा पट्टा लिया और किस्मत आजमाई. कड़ी मेहनत के बाद उन्हें मंगलवार, 28 अक्टूबर को ये बेशकीमती रत्न मिले.

ENTERTAINMENT : ‘कैब ड्राइवर आ गया’, ऑस्ट्रेलिया में दिलजीत दोसांझ पर हुआ रेसिस्ट कमेंट, एक्टर को आया गुस्सा?

0

दिलजीत दोसांझ अपनी बेबाकी के लिए फेमस हैं. उन्होंने यूट्यूब वीडियो में ऑस्ट्रेलिया में नस्लभेदी टिप्पणियों का सामना करने की बात कही. दिलजीत के मुताबिक, कुछ लोगों ने उन्हें ‘कैब ड्राइवर’ कहा. दिलजीत का कहना है कैब ड्राइवर से तुलना होने से उन्हें आपत्ति नहीं है. फैंस ने दिलजीत को सपोर्ट किया है.

सिंगर और एक्टर दिलजीत दोसांझ अपने नए एलबम AURA के लिए वर्ल्ड टूर पर हैं. सिडनी कॉन्सर्ट शुरू होने से पहले दिलजीत ने बैकस्टेज होने वाली तैयारियों की झलक दिखाई. एक्टर ने यहां एक बड़ा खुलासा किया. उन्होंने बताया कि ऑस्ट्रेलिया में उन्हें रेसिस्ट कमेंट का सामना करना पड़ा है. कुछ लोगों ने उन्हें ‘कैब ड्राइवर’ कहकर बुलाया.

यूट्यूब वीडियो में दिलजीत ने बताया जैसे ही वो ऑस्ट्रेलिया पहुंचे पैपराजी ने उन्हें क्लिक करना शुरू किया. जब उन्होंने फोटोज शेयर कीं तो लोगों ने नस्लभेदी कमेंट किए. दिलजीत ने कहा- कुछ एजेंसियों ने रिपोर्ट किया कि मैं ऑस्ट्रेलिया आ गया हूं. किसी ने मुझे उन पोस्ट्स पर किए गए कमेंट्स भेजे. इनमें लोग कह रहे थे ‘नया ऊबर ड्राइवर आ गया’ या ‘नए 7-11 कर्मचारी पहुंच गए हैं’. मैंने ऐसे बहुत से रेसिस्ट कमेंट देखे हैं, मुझे लगता है कि दुनिया एक होनी चाहिए और किसी तरह की बाउंड्री नहीं होनी चाहिए.

दिलजीत के मुताबिक, कैब ड्राइवर से उनकी तुलना होने पर उन्हें कोई आपत्ति नहीं है. क्योंकि ये लोग देश के कामकाज को आगे बढ़ाने में अहम रोल प्ले करते हैं. उन्होंने कहा, मुझे कैब या ट्रक ड्राइवर से तुलना होने पर ऑब्जेक्शन नहीं है. अगर ट्रक ड्राइवर न हों तो घर तक रोटी नहीं पहुंचेगी. मैं गुस्सा नहीं हूं और जो लोग ऐसी बातें करते हैं, उनके लिए भी मेरे मन में प्यार है. दिलजीत का ये वीडियो देखकर फैंस भावुक हो गए. फैंस ने एक्टर को सपोर्ट किया है.

वर्कफ्रंट पर, दिलजीत पंजाबी से लेकर हिंदी मूवीज तक में छाए हुए हैं. हाल ही में वो पंजाबी फिल्म सरदार जी 3 और हिंदी फिल्म डिटेक्टिव शेरदिल में नजर आए थे. उनकी फिल्म सरदार जी 3 पर खूब बवाल हुआ था. पाकिस्तानी अदाकारा हानिया आमिर की कास्टिंग पर आपत्ति जताई गई. अभी तक ये मूवी भारत में रिलीज नहीं हुई है. औवरसीज में इसे रिलीज किया जा चुका है.

दिलजीत की अपकमिंग मूवी में बॉर्डर 2 शामिल है. फिल्म में दिलजीत के साथ सनी देओल, वरुण धवन, अहान शेट्टी होंगे. 15 अक्टूबर को दिलजीत ने AURA एलबम रिलीज किया था. सोशल मीडिया पर एक्टर अपने टूर के वीडियोज शेयर करते रहते हैं.

UP : उत्तर प्रदेश के बहराइच में नाव पलटी, 8 लोग अभी भी लापता, एक का शव मिला

0

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घटना पर दुख जताया है. उन्होंने अधिकारियों और एसडीआरएफ की टीमों को तुरंत घटनास्थल पर पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं.

उत्तर प्रदेश के बहराइच की कौड़ियाला नदी में एक नाव पलट गई है. इस नाव में 22 लोग सवार थे. इनमें से 13 लोगों को रेस्क्यू किया गया है जबकि आठ लोग अभी भी लापता हैं. वहीं, एक शख्स की मौत हो गई है. बचाव कार्य फिलहाल जारी है.

इस घटना पर डीजीपी मुख्यालय ने संज्ञान लिया है. डीजीपी मुख्यालय की तरफ से राहत कार्य की निगरानी की जा रही है. भारत-नेपाल के सीमावर्ती जिले बहराइच का भरथापुर गांव कतर्नियाघाट वन्य जीव रेंज का गांव है. यहां के ग्रामीण लखीमपुर के खैरटिया गांव से कौड़ियाला नदी के रास्ते नाव से आते-जाते हैं.

कतर्नियाघाट वाइल्ड लाइफ से होकर बहने वाली भारत-नेपाल बॉर्डर की कौड़ियाला नदी नेपाल की पहाड़ियों से निकलकर भारतीय सीमा क्षेत्र की घाघरा नदी में मिलती है. भरथापुर गांव के लोग बहराइच के सीमावर्ती पड़ोसी जिले लखीमपुर खीरी के खैरटिया गांव से होकर कौड़ियाला नदी में नाव से आवाजाही करते हैं, जिसे इस गांव के लोग सबसे सुविधाजनक मानते हैं.

बुधवार की शाम को गांव के लोग नाव से सवार होकर खैरटिया गांव से भरथापुर गांव लौट रहे थे, तभी शाम छह बजे गांव के करीब पहुंचते ही नाव अनियंत्रित होकर कौड़ियाला नदी में पलट गई. हादसे में गांव के कई लोग लापता है, जिनमें कुछ मेहमान भी बताए जा रहे हैं.

घटना में चार लोगों को सुरक्षित बचाया गया है. लापता लोगों में नाव चालक समेत कई लापता हैं. घटना की जानकारी लोगों ने पुलिस व प्रशासन को दी है. पानी के भरी दबाव के चलते चौधरी चरण सिंह घाघरा बैराज के गेट खोले गए थे, जिन्हें बंद कराया जा रहा है. ग्रामीणों का कहना है हादसा नदी में तेज बहाव के कारण हुआ है.

Tulsi Vivah 2025: इस शुभ दिन पर भी होता है तुलसी माता का विवाह, जानें खास तिथि और मुहूर्त

0

पंचांग के अनुसार, तुलसी विवाह 2 नवंबर को कराया जाएगा. लेकिन, इसके अलावा देवउठनी एकादशी के दिन भी यह कार्य संपन्न किया जा सकता है. तो चलिए अब जानते हैं कि तुलसी विवाह के दिन पूजन के लिए क्या मुहूर्त रहेगा.

हर साल कार्तिक महीने में तुलसी विवाह का खास महत्व होता है. हिंदू परंपरा में इस दिन को बेहद शुभ माना जाता है, क्योंकि यही वह समय होता है जब भगवान विष्णु चार महीने की योग निद्रा से जागकर धरती पर शुभ कार्यों का आरंभ करते हैं. देवउठनी एकादशी के अगले दिन यानी कार्तिक शुक्ल द्वादशी को मां तुलसी का विवाह भगवान विष्णु के शालिग्राम स्वरूप से कराया जाता है. इस दिन घर-घर में पूजन और शादी जैसे उत्सव का माहौल रहता है. महिलाएं खासतौर पर इस व्रत को पूरे विधि-विधान के साथ करती हैं. कहा जाता है कि तुलसी विवाह करवाने से घर में सुख, समृद्धि और सौभाग्य बढ़ता है.

पंचांग के अनुसार, तुलसी विवाह इस बार 2 नवंबर को कराया जाएगा. इस बार कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की द्वादशी तिथि 2 नवंबर को सुबह 7 बजकर 31 मिनट पर शुरू होगी और तिथि का समापन 3 नवंबर को सुबह 5 बजकर 07 मिनट पर होगा.

पंडित अरुणेश कुमार शर्मा के मुताबिक, तुलसी विवाह का दिन बहुत ही खास और शुभ माना जाता है. वैसे तो लोग कार्तिक शुक्ल द्वादशी तिथि पर तुलसी विवाह करवाते हैं. लेकिन, इस तिथि के अलावा तुलसी विवाह कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी पर तिथि पर भी करवाया जा सकता है. कार्तिक शुक्ल एकादशी को ही देवउठनी एकादशी कहा जाता है और यह 1 नवंबर को है.

दरअसल, देवउठनी एकादशी के दिन भगवान विष्णु के साथ माता तुलसी की पूजा का भी विधान बताया गया है. कहते हैं कि इन दोनों की पूजा करने से जातक पर मां लक्ष्मी की कृपा बरसती है.

तुलसी विवाह के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और साफ कपड़े पहनें. इसके बाद तुलसी के पौधे को गंगाजल से स्नान कराएं और गमले को साफ करके उस पर हल्दी, रोली और चंदन लगाएं. फिर, तुलसी माता को चुनरी ओढ़ाएं और सुहाग का सामान जैसे चूड़ी, बिंदी, सिंदूर आदि अर्पित करें. भगवान विष्णु या शालिग्राम जी को तुलसी के पास बैठाकर दोनों का विवाह कराएं. दीपक जलाकर मंत्र या भजन के साथ पूजा करें. पूजा के बाद आरती करें, प्रसाद बांटें और परिवार सहित आशीर्वाद लें. इस दिन व्रत रखकर शाम को भोजन करना शुभ माना जाता है. इससे घर में सुख, शांति और समृद्धि आती है.

ENTERTAINMENT : सलमान खान करते हैं पक्षपात, बिग बॉस होस्ट करने के लेते हैं 200 करोड़ फीस? प्रोड्यूसर ने बताया सच

0

टीवी इंडस्ट्री के सबसे बड़े और कॉन्ट्रोवर्शियल रिएलिटी शो बिग बॉस के कंटेस्टेंट्स की जितनी चर्चा होती है, उससे कहीं ज्यादा सलमान खान लाइमलाइमट लूट लेते हैं. सलमान पर वीकेंड का वार में जितना पक्षपात करने को लेकर इल्जाम लगता है, उतना ही उनकी डांट-फटकार का इंतजार भी रहता है. वहीं उनकी करोड़ों की फीस को लेकर अलग कयास लगाए जाते हैं.

‘बिग बॉस 19’ के प्रोड्यूसर ऋषि नेगी (जो बानीजे एशिया और एंडेमोल शाइन से जुड़े हैं) ने इन सभी चर्चाओं पर खुलकर बात की. उन्होंने साथ ही बताया कि क्या सलमान खान को वीकेंड के एपिसोड्स के लिए पहले से कोई स्क्रिप्ट या दिशा-निर्देश दिए जाते हैं.

ऋषि नेगी ने बताया,“सलमान ज्यादातर एपिसोड्स खुद देखते हैं. अगर वो पूरे एपिसोड्स नहीं देख पाते, तो वीकेंड पर हमारे साथ एक-दो घंटे की फुटेज देखते हैं, जिसमें घर के सभी बड़े मुद्दे दिखाए जाते हैं. इस तरह उन्हें घर के हर कंटेस्टेंट और हर घटना की पूरी जानकारी होती है. उनके बहुत से करीबी लोग भी शो देखते हैं और उन्हें फीडबैक देते हैं. इस वजह से उन्हें घर की हर स्थिति का अंदाजा रहता है. शो के मेकर्स के भी अपने विचार होते हैं, और दर्शकों की प्रतिक्रियाएं भी लगातार आती रहती हैं. इन सबको मिलाकर ही वीकेंड के एपिसोड तैयार किए जाते हैं.”

ऋषि ने आगे कहा कि सलमान पर पक्षपात होने के आरोप नए नहीं हैं. उन्होंने खुद भी ऐसे कमेंट्स सुने हैं. कुछ लोगों का यह भी मानना है कि सलमान जो कुछ भी बोलते हैं, वह उन्हें ईयरपीस के जरिए बताया जाता है. इस पर हंसते हुए ऋषि बोले,“जो भी सलमान खान को जानता है, वो जानता है कि उन्हें ऐसा कुछ भी नहीं कहलवाया जा सकता, जिस पर वो खुद विश्वास न करते हों.”

उन्होंने बताया कि इस बार शो की टीम ने सलमान के साथ इसे एक कोलैबोरेटिव प्रोसेस बना दिया है. वो बोले,“अब हम उन्हें सिर्फ ब्रिफ नहीं करते, बल्कि वो खुद फुटेज देखते हैं ताकि उन्हें हर स्थिति का सही संदर्भ मिले. इसके बाद वह खुद तय करते हैं कि कौन सही है और कौन गलत. हम सब चर्चा करते हैं और फिर शूट पर जाते हैं.”

जब उनसे सलमान खान की फीस के बारे में पूछा गया, जो खबरों के मुताबिक 150–200 करोड़ रुपये सीजन बताई जाती है. तो ऋषि ने कहा,“वो कॉन्ट्रैक्ट सलमान और जियो सिनेमा के बीच है, इसलिए मैं उसमें शामिल नहीं हूं. लेकिन जो भी राशि है, वो हर पैसे के हकदार हैं. मेरे लिए तो बस इतना काफी है कि वो हर वीकेंड हमारे साथ हैं.”

हर सीजन में एक समय ऐसा आता है जब सलमान कहते हैं कि वो अब शो नहीं होस्ट करना चाहते और यह उनका आखिरी सीजन होगा. इस पर ऋषि ने माना,“हां, कुछ सीजन ऐसे भी रहे हैं जब शो खत्म होने के बाद उन्होंने कहा कि अब और नहीं करेंगे. लेकिन अब उनका इस शो से बहुत भावनात्मक रिश्ता बन गया है. जब आप उन्हें मंच पर देखते हैं, तो उनकी लगन साफ दिखती है, चाहे कोई बहस हो या कोई मुद्दा, वो दिल से जुड़ते हैं. कई बार उन्होंने कहा कि वो अब नहीं करेंगे, लेकिन अब तक हमेशा हां ही कहा है. हम हर सीजन शुरू होने से पहले उनके साथ बैठते हैं, शो के फॉर्मेट पर चर्चा करते हैं और उन्हें पूरा ब्रीफ देते हैं.”

- Advertisement -

News of the Day