Friday, May 1, 2026
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Amla Candy Recipe: बाजार जैसी टेस्टी शुगर फ्री आंवला कैंडी घर में कैसे बनाएं? जानें आसान रेसिपी

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कई बार लोग सीधे आंवला खाना पसंद नहीं करते, क्योंकि इसका टेस्ट खट्टा होता है.ऐसे में आप आंवले को मजेदार और टेस्टी रूप में कैंडी बनाकर खा सकते हैं.

सर्दियों का मौसम आते ही हमारे शरीर को इम्यूनिटी बढ़ाने वाली चीजों की ज्यादा जरूरत होती है. ऐसे में आंवला अपने आप में एक सुपरफूड की तरह काम करता है. यह छोटे-छोटे फल विटामिन C, कैल्शियम और एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर होते हैं, जो हमारी सेहत के लिए बेहद फायदेमंद हैं. आंवला न सिर्फ हमारी इम्यूनिटी बढ़ाता है बल्कि बालों और स्किन के लिए भी बहुत फायदेमंद है.

अगर आप रोजाना इसे अपनी डाइट में शामिल करें तो इससे आपके शरीर की एनर्जी भी बढ़ती है और पाचन शक्ति भी मजबूत होती है. लेकिन कई बार लोग सीधे आंवला खाना पसंद नहीं करते, क्योंकि इसका टेस्ट खट्टा होता है.ऐसे में आप आंवले को मजेदार और टेस्टी रूप में कैंडी बनाकर खा सकते हैं और सबसे अच्छी बात यह है कि यह कैंडी पूरी तरह से शुगर फ्री यानी बिना चीनी के तैयार होती है. आप इसे आसानी से घर पर बना सकते हैं और लंबे समय तक स्टोर भी कर सकते हैं. तो आइए आज हम आपको बताते हैं कि टेस्टी शुगर फ्री आंवला कैंडी घर पर कैसे बनाएं.

आंवला कैंडी बनाने की आसान रेसिपी

  1. आंवला कैंडी बनाने के लिए सबसे पहले सारे आंवले अच्छी तरह पानी से धो लें ताकि उनमें मौजूद गंदगी और धूल साफ हो जाए.
  2. अब इन्हें स्टीमर या प्रेशर कुकर में 5 से 6 मिनट के लिए पकाएं, जब तक कि आंवला नरम न हो जाए. पकने के बाद आंवले की गुठली आसानी से अलग हो जाएगी.
  3. इसके बाद पका हुआ आंवला निकालकर एक बाउल में रखें. इसमें गुड़ का पाउडर, काला नमक और चाट मसाला डालकर अच्छे से मिक्स करें. अब इसे ढककर एक दिन के लिए अलग रख दें. बीच-बीच में चम्मच से हल्का हिलाते रहें.
  4. अगले दिन आंवले का पानी बाहर आ जाएगा. इसे छन्नी की मदद से अलग कर दें.
  5. अब आंवले को बटर पेपर पर फैला दें और एयर फ्रायर में पकाएं. पकने के बाद ठंडा होने पर इसे गुड़ के पाउडर से कोट करें.
  6. तैयार आंवला कैंडी को किसी एयरटाइट जार में भरकर लंबे समय तक सुरक्षित रखा जा सकता है.
  7. आप इसमें चीनी की जगह गुड़ का यूज कर सकते हैं. यह पूरी तरह से हेल्दी और शुगर फ्री होती है.
  8. अगर इसे एयरटाइट जार में रखा जाए तो यह 2-3 महीने तक फ्रेश रहती है और रोजाना 1 से 2 कैंडी खाना सेहत के लिए बहुत फायदेमंद है. यह शरीर को एनर्जी देता है, पाचन शक्ति को सुधारता है और इम्यूनिटी भी बढ़ाता है.

NATIONAL : 5वीं की छात्राओं ने अफसरों के सामने करके बताए नमाज के स्टेप्स, टीचर जबूर अहमद सस्पेंड

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5वीं की छात्राओं ने पुष्टि की कि उन्हें सूर्य नमस्कार से पहले नमाज के स्टेप्स कराए जाते थे. बच्चियों ने जिला शिक्षा अधिकारी के सामने वे स्टेप्स करके भी दिखाए.

मध्यप्रदेश के बुरहानपुर जिले में सूर्य नमस्कार से पहले स्कूली बच्चों को नमाज कराने का मामला सामने आया है. शिकायत मिलने पर शनिवार को जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) संतोष सिंह सोलंकी खुद स्कूल पहुंचे थे. उन्होंने बच्चों से पूरे मामले की जानकारी ली.मामला देवरी के एक सरकारी स्कूल का है. 5वीं की छात्राओं ने बताया कि उन्हें सूर्य नमस्कार से पहले नमाज की स्टेप्स कराई जाती थी. उन्होंने स्टेप्स करके भी दिखाए.

शुक्रवार को हिंदू जागरण मंच के जिलाध्यक्ष अजीत परदेसी भी स्कूल पहुंचे थे. वहां छात्राओं ने टीचर पर नमाज के स्टेप कराने के आरोप लगाए थे. वहीं इसे लेकर पालकों ने भी आक्रोश जताते हुए कार्रवाई की मांग की थी.एक पालक ने कहा, ”मेरे बच्चे स्कूल में पढ़ते हैं. दीपावली की छुट्टी के दौरान बच्चों ने यह बात घर पर बताई. इसके बाद स्कूल में आकर शिकायत की. इसके बाद जनशिक्षक स्कूल पहुंचे और डीईओ को मामले की जानकारी दी.

अपर कलेक्टर बुरहानपुर वीर सिंह चौहान ने भी इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि बच्चों के बयानों के बाद डीईओ ने आरोपी शिक्षक जबूर अहमद तड़वी को निलंबित कर दिया है.

SPORTS : सूर्यकुमार यादव की खराब फॉर्म, 11 मैच में बनाए केवल 100 रन; ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टी20 सीरीज से पहले दिया जवाब

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भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच टी20 सीरीज की शुरुआत होने वाली है. लेकिन इस सीरीज से पहले कप्तान सूर्यकुमार यादव की फॉर्म एक बड़ा सवाल बनी हुई है.

भारत-ऑस्ट्रेलिया के बीच टी20 सीरीज का पहला मैच बुधवार, 29 अक्टूबर को खेला जाएगा. इस सीरीज की शुरुआत से पहले भारतीय टीम के कप्तान सूर्यकुमार यादव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की है. लेकिन ऑस्ट्रेलिया में हुई पीसी में सूर्यकुमार यादव का सामना ऐसे सवालों से हुआ जो उनकी खराब फॉर्म की तरफ इशारा कर रहे थे. सूर्या के बल्ले से इस साल टी20 इंटरनेशनल में रन नहीं बने हैं. सूर्यकुमार पिछली 11 पारियों में केवल 100 रन ही बना पाए हैं, जिससे सूर्या की औसत इन 11 मैचों में 9.09 है, जो कि भारतीय कप्तान के बल्लेबाजी में खराब प्रदर्शन को दिखाती है.

सूर्यकुमार यादव ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सीरीज से पहले अपनी बल्लेबाजी को लेकर कहा कि ‘मुझे लग रहा है कि मैं बहुत मेहनत कर रहा हूं. ऐसा नहीं है कि मैं पहले मेहनत नहीं कर रहा था, मैं तब भी इतनी ही मेहनत कर रहा था. मैंने भारत में भी अच्छे सेशन खेले हैं और यहां ऑस्ट्रेलिया में भी कुछ सेशन बल्लेबाजी की है, जो कि जरूरी भी है’. सूर्यकुमार ने आगे कहा कि ‘रन आना जरूरी है, लेकिन इसके साथ ही टीम के लक्ष्य की तरफ ध्यान देना भी जरूरी है’.

सूर्यकुमार यादव ने आगे कहा कि ‘अलग-अलग परिस्थिति में टीम क्या चाहती है, इस पर मैं हर एक मैच में एक अलग तरह से देखने वाला हूं. अगर ऐसा हो पाता है तो ये एक अच्छी बात होगी’.

सूर्यकुमार यादव अब तक 332 टी20 मैचों में 8,692 रन बना चुके हैं, जिनमें 6 शतक और 59 अर्धशतक शामिल हैं. वहीं टी20 इंटरनेशनल में सूर्या ने 90 मैचों की 85 पारियों में 37.08 की औसत से 2,670 रन बनाए हैं, जिसमें 4 शतक और 21 अर्धशतक शामिल हैं.

सूर्यकुमार यादव की कप्तानी में टीम इंडिया ने हाल ही में टी20 एशिया कप 2025 जीता है. लेकिन इस टूर्नामेंट में सूर्या ने 6 पारियों में केवल 72 रन बनाए. अब ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टी20 सीरीज में सूर्या के बल्ले से रन आने की उम्मीद की जा सकती है.

BUSINESS : हर शेयर पर 24 रुपये कमाने का तगड़ा मौका! टूथपेस्ट बनाने वाली कंपनी बांटने जा रही डिविडेंड, चेक करें रिकॉर्ड डेट

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कोलगेट टूथपेस्ट की पैरेंट कंपनी कोलगेट-पामोलिव (इंडिया) लिमिटेड ने अपने शेयरधारकों को हर शेयर पर 24 रुपये कमाने का मौका देने जा रही है. कंपनी ने 2400 परसेंट डिविडेंड का ऐलान किया है.

अगर आपने भी टूथपेस्ट बनाने वाली कंपनी कोलगेट पामोलिव इंडिया (Colgate Palmolive India) में निवेश कर रखा है, तो यह आपके लिए काम की खबर है. दरअसल, कंपनी ने अपने शेयरहोल्डर्स के लिए डिविडेंड का ऐलान किया है. हाल ही में कंपनी ने कारोबारी साल 2026 की दूसरी तिमाही के नतीजे का ऐलान किया. इस दौरान कंपनी ने अपने शेयरधारकों के लिए 2400 परसेंट डिविडेंड और इसके लिए रिकॉर्ड डेट का भी ऐलान किया.

जानें कब है रिकॉर्ड डेट?
बता दें कि कोलगेट टूथपेस्ट की पैरेंट कंपनी कोलगेट-पामोलिव (इंडिया) लिमिटेड कारोबारी साल 2025-26 के लिए अपना पहला डिविडेंड देने जा रही है. इसके तहत कंपनी 1 रुपये के हर इक्विटी शेयर पर 24 रुपये डिविडेंड देने की बात कही है. इसका लाभ केवल उन्हीं शेयरहोल्डर्स को मिलेगा, जिनके नाम 3 नवंबर तक रजिस्टर ऑफ मेंबर्स ऑफ द कंपनी या डिपॉजिटरीज के रिकॉर्ड में दर्ज होंगे.

इसका भुगतान 19 नवंबर, 2025 से शुरू होगा. इसी के साथ कंपनी डिविडेंड के तौर पर 652.8 करोड़ रुपये खर्च कर रही है. दूसरी तिमाही में कंपनी का नेट सेल 1,507 करोड़ रुपये का रहा, जो पिछली तिमाही के 1,421 करोड़ रुपये से 6.1 परसेंट ज्यादा है.

धड़ाधड़ डिविडेंड बांट रही कंपनी
हालांकि, बिक्री पिछले साल की समान अवधि के 1,609 करोड़ रुपये के मुकाबले कुछ कम रही. इस तिमाही में कंपनी का प्रॉफिट आफ्टर टैक्स 328 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले साल की इसी अवधि के 395 करोड़ रुपये से कम है. इससे पहले कंपनी ने मई 2025 में 27 रुपये प्रति शेयर, नवंबर 2024 में 24 रुपये प्रति शेयर, मई 2024 में 26 रुपये प्रति शेयर और नवंबर 2023 में 22 रुपये प्रति शेयर फाइनल डिविडेंड का ऐलान कर चुकी है. इसके अलावा, मई 2024 में भी कंपनी 10 रुपये प्रति शेयर डिविडेंड बांट चुकी है.

ब्रोकरेज का क्या है रिएक्शन?
सितंबर तिमाही के नतीजे के बाद शुक्रवार को शुरुआती कारोबार में कोलगेट पामोलिव (इंडिया) लिमिटेड के शेयरों में 3.8 परसेंट तक की गिरावट दर्ज की गई. NSE पर शेयर 2,200 रुपये के अपने निचले स्तर पर आ गया, जबकि इसका पिछला बंद भाव 2,286.9 रुपये था.

ब्रोकरेज का इस पर मिक्स्ड रिएक्शन रहा है. एक तरफ जेफरीज ने 2,700 रुपये और नुवामा ने 2,870 रुपये के टारगेट प्राइस के साथ इसे खरीदने की सलाह दी है. वहीं, I-Sec ने 1,800 रुपये और सिटी ने 2,100 रुपये प्रति शेयर के टारगेट प्राइस के साथ इसे बेचने की सलाह दी है. CLSA ने 2,130 रुपये के टारगेट के साथ इसे फिलहाल होल्ड करने का सुझाव दिया है.

BREAKING NEWS : मजदूरों से भरी बस में भीषण आग, 12 लोग झुलसे, दो की मौत, अंदर रखे सिलेंडर में भी ब्लास्ट

राजस्थान के जयपुर में एक बार फिर बड़ा बस हादसा सामने आया है. मजदूरों को लेकर जा रही एक प्राइवेट बस में अचानक आग लग गई. यह हादसा हाई टेंशन तार छूने के बाद हुआ. इस खौफनाक हादसे में करीब 12 मजदूर बुरी तरह से झुलस गए हैं, जबकि दो लोगों की मौत हो गई है.

हादसा जयपुर शहर से 65 किलोमीटर दूर मनोहरपुर इलाके में हुआ. बस में 5 से 6 गैस सिलेंडर भी रखे हुए थे. आग लगने के बाद इन गैस सिलेंडरों में ब्लास्ट हुआ है. बस पूरी तरह से जल कर राख हो गई है.

घायलों को इलाज के लिए अलग-अलग अस्पतालों में भेजा जा रहा है. मृतकों और झुलसे हुए लोगों की संख्या बढ़ने की आशंका है.

NATIONAL : Blinkit डिलीवरी एजेंट की गंदी नीयत… डर के मारे कांप उठी मॉडल, धक्का देकर दरवाजा किया बंद, एक हफ्ते तक छुपाई रही घटना

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बेंगलुरु के आरटी नगर में एक ब्राजीलियाई मॉडल से छेड़छाड़ की घटना में उस दहशत का खुलासा हुआ है, जिसके कारण विदेशी बाला ने घटना की जानकारी तुरंत नहीं दी. अब छेड़छाड़ करने वाले Blinkit डिलीवरी एजेंट को गिरफ्तार कर लिया गया है.

बेंगलुरु पुलिस ने एक ब्लिंकिट डिलीवरी एजेंट को ब्राज़ीलियाई मॉडल से छेड़छाड़ करने के आरोप में गिरफ्तार किया है. यह घटना 17 अक्टूबर को हुई थी और यह गिरफ्तारी उसके नियोक्ता 25 अक्टूबर को दर्ज कराई गई शिकायत के बाद हुई.आरोपी की पहचान आरटी नगर निवासी कुमार राव पवार के रूप में हुई है. वह बेंगलुरु के एक प्राइवेट कॉलेज का छात्र है और ब्लिंकिट में पार्ट-टाइम डिलीवरी एक्जीक्यूटिव के रूप में काम कर रहा था.

महिला को नौकरी देने वाली कंपनी मैनेजर कार्तिक की ओर से दर्ज कराई गई शिकायत के अनुसार, पीड़िता आरटी नगर स्थित एक अपार्टमेंट में दो अन्य मॉडलों के साथ रह रही थी.

17 अक्टूबर को दोपहर करीब 3:20 बजे विक्टोरिया ने ब्लिंकिट ऐप के जरिए खाना ऑर्डर किया था. जब डिलीवरी एजेंट पहुंचा, तो ब्राज़ीलियाई मॉडल ऑर्डर लेने गेट पर गई. शिकायत में कहा गया है कि डिलीवरी एजेंट ने इसी दौरान गलत व्यवहार किया, उसे गंदी नीयत से छुआ.सदमे और डर से स्तब्ध महिला ने उसे धक्का देकर दूर कर दिया, दरवाजा बंद कर लिया. वह घटना से इतनी हैरान और भयभीत थीं कि उन्होंने डर के मारे इस घटना की जानकारी तुरंत किसी को नहीं दी. बाद में उसने और उसके फ्लैटमेट्स ने कार्तिक को सूचित किया, जिन्होंने सीसीटीवी फुटेज की जांच की और पुलिस से संपर्क करने से पहले घटना की पुष्टि की.

NATIONAL : थैलेसीमिया पीड़ित बच्चों को चढ़ाया HIV संक्रमित रक्त… CM हेमंत सोरेन का एक्शन, सिविल सर्जन समेत कई अफसर सस्पेंड!

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झारखंड के चाईबासा सदर अस्पताल में थैलेसीमिया से पीड़ित बच्चों को एचआईवी संक्रमित रक्त चढ़ाने के मामले ने राज्य को हिला दिया. सीएम हेमंत सोरेन ने सिविल सर्जन सुशांतो कुमार माझी सहित कई अधिकारियों को निलंबित किया. वहीं, सरकार ने कहा, पीड़ित बच्चों को दो-दो लाख रुपये मुआवजा मिलेगा और सरकार उनका पूरा इलाज करवाएगी. जांच में पांच बच्चों में संक्रमण की पुष्टि हुई है.

झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले के चाईबासा सदर अस्पताल में थैलेसीमिया से पीड़ित बच्चों को एचआईवी संक्रमित रक्त चढ़ाने का मामला सामने आने के बाद पूरे राज्य में हड़कंप मच गया है. इस गंभीर लापरवाही पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कड़ा रुख अपनाते हुए सिविल सर्जन सुशांतो कुमार माझी समेत कई जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है. साथ ही, सरकार ने पीड़ित बच्चों को दो-दो लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने और उनके इलाज का पूरा खर्च उठाने की घोषणा की है.

मुख्यमंत्री ने इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी ऐसी लापरवाही अस्वीकार्य है. उन्होंने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट ‘X’ पर लिखा, चाईबासा में थैलेसीमिया पीड़ित बच्चों को एचआईवी संक्रमित खून चढ़ाने की सूचना पर पश्चिम सिंहभूम के सिविल सर्जन समेत अन्य पदाधिकारियों को निलंबित करने का निर्देश दिया गया है. सरकार पीड़ित बच्चों के परिवारों को दो-दो लाख रुपये की सहायता राशि देगी और बच्चों का पूरा इलाज करवाएगी.

इस घटना पर झारखंड हाईकोर्ट ने भी स्वतः संज्ञान लिया था. कुछ दिन पहले एक थैलेसीमिया पीड़ित बच्चे को ब्लड बैंक से एचआईवी संक्रमित रक्त चढ़ाए जाने की शिकायत सामने आई थी. अदालत ने राज्य के मुख्य सचिव से विस्तृत रिपोर्ट मांगी थी. हाईकोर्ट के आदेश के बाद राज्य स्वास्थ्य विभाग ने निदेशक स्तर की जांच टीम को चाईबासा भेजा.

जांच के दौरान यह खुलासा हुआ कि सिर्फ एक नहीं, बल्कि पांच थैलेसीमिया पीड़ित बच्चों में एचआईवी संक्रमण की पुष्टि हुई है. सभी बच्चे नियमित रूप से चाईबासा ब्लड बैंक से रक्त प्राप्त करते थे. इस भयावह लापरवाही ने ब्लड बैंक की कार्यप्रणाली और राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.

रांची से पहुंची जांच टीम ने ब्लड बैंक की व्यवस्था का निरीक्षण किया और कई गंभीर खामियां पाईं. रिपोर्ट के अनुसार, रक्त के परीक्षण, भंडारण और वितरण प्रक्रिया में सुरक्षा मानकों का गंभीर उल्लंघन हुआ है. टीम ने स्पष्ट किया कि ब्लड बैंक की प्रणाली तत्काल सुधार की मांग करती है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न दोहराई जाएं.

इस घटना के बाद पूरे राज्य के ब्लड बैंकों में सतर्कता बढ़ा दी गई है. चाईबासा अस्पताल में मौजूद पूरे रक्त स्टॉक की जांच की जा रही है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि और कोई संक्रमित रक्त उपलब्ध न हो. मुख्यमंत्री के सख्त कदम से स्वास्थ्य विभाग में अफरा-तफरी मच गई है. कई अधिकारी जांच के घेरे में हैं और राज्य सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि इस अमानवीय लापरवाही के दोषियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा.

NATIONAL : जिस ऑटो मालिक ने कभी राहुल गांधी को कराई थी सवारी, वो अब किराए का ऑटो चलाने को मजबूर

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दो साल पहले जब राहुल गांधी तेलंगाना चुनाव प्रचार के दौरान उनकी ऑटो में सवार हुए थे, तब उन्होंने वादा किया था कि ऑटो ड्राइवर वेलफेयर बोर्ड बनेगा और हर ड्राइवर को सालाना ₹12,000 की सहायता दी जाएगी.

तेलंगाना चुनाव प्रचार के दौरान राहुल गांधी को अपनी ऑटो में सवारी कराने वाला मशरत अली आज कांग्रेस सरकार के राज में गुजारे के लिए संघर्ष कर रहा है. हैदराबाद के इस ऑटो चालक ने कभी गर्व से दो ऑटो के मालिक होने का दावा किया था, लेकिन अब उन्हें गुजर-बसर करने के लिए एक ऑटो किराए पर लेना पड़ रहा है.मशरत अली याद करते हैं कि कैसे राहुल गांधी ने उन्हें और उनके जैसे अन्य चालकों के जीवन को बेहतर बनाने का वादा किया था.

अली ने कहा, “उन्होंने कहा था कि ऑटो चालकों के लिए एक कल्याण बोर्ड (Welfare Board) बनाया जाएगा और हर ड्राइवर को ₹12,000 की वार्षिक सहायता दी जाएगी. हमने उन पर विश्वास किया.”लेकिन आज स्थिति यह है कि अली अपनी दोनों ऑटो गंवा चुके हैं. उन्होंने दर्द बयां करते हुए कहा, “मैं एक ऑटो किराए पर लेने के लिए रोज़ाना ₹400 चुका रहा हूं और मुश्किल से ₹1,000 कमा पा रहा हूं.”

अली, जो कभी एक छोटे मालिक-उद्यमी थे और लगभग ₹2500 प्रतिदिन कमाते थे, उनका कहना है कि बढ़ती ईंधन लागत और सरकारी समर्थन की कमी के कारण उनकी आय गिर गई है. उन्होंने निराशा जाहिर करते हुए कहा, “कांग्रेस ने हमसे मदद का वादा किया, लेकिन कुछ नहीं दिया. हमें धोखा महसूस हो रहा है.”

मशरत अली की यह कहानी तेलंगाना के कई अन्य ऑटो चालकों के दर्द को दर्शाती है, जिनका कहना है कि सरकार द्वारा घोषित कल्याणकारी योजनाएं अभी तक धरातल पर नहीं उतरी हैं. ऑटो चालकों को कुछ ही महीनों में समर्पित बोर्ड, सब्सिडी और मासिक सहायता मिलने की उम्मीद थी, लेकिन अभी तक कुछ भी लागू नहीं हुआ है.

यह मामला तब सामने आया जब बीआरएस (BRS) के कार्यकारी अध्यक्ष के.टी. रामा राव ने मशरत अली से मुलाकात की और उनकी कहानी को जनता के सामने रखते हुए कांग्रेस सरकार पर ऑटो चालकों को धोखा देने का आरोप लगाया. अली की स्थिति एक बड़ी आर्थिक सच्चाई को दर्शाती हैकि राज्य भर में कई ड्राइवर घटती आय और बढ़ते कर्ज से जूझ रहे हैं.

मशरत अली के लिए, ऑटो मालिक से दैनिक मज़दूरी पर चलने वाले ड्राइवर में बदलना व्यक्तिगत गरिमा का नुकसान जैसा महसूस होता है. उन्होंने कहा, “मैंने कभी राहुल गांधी को दिल में उम्मीद लेकर सवारी कराई थी. आज, मैं बस मीटर चालू रखने के लिए संघर्ष कर रहा हूं.”

RAJASTHAN : होटल में खाना खाकर भागे गुजराती टूरिस्ट, 10 हजार 900 रुपये का बिल दिया बिना हुए फरार, स्टाफ ने पीछा कर दबोचा

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राजस्थान के सिरोही जिले में गुजराती टूरिस्ट होटल में खाना खाकर ₹10,900 का बिल दिए बिना भाग गए. घटना सियावा गांव स्थित हैप्पी डे होटल की है. होटल स्टाफ ने कई किलोमीटर तक पीछा कर अंबाजी बॉर्डर पर कार सवार पांचों को पकड़ लिया. सीसीटीवी में पूरा मामला कैद हुआ और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है.

राजस्थान के सिरोही जिले के रिको थाना क्षेत्र से एक अजीबो-गरीब घटना सामने आई है, जहां गुजरात से आए पांच टूरिस्ट होटल में खाना खाने के बाद बिना बिल चुकाए ही रफूचक्कर हो गए. पूरा मामला होटल के सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गया, जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है.

जानकारी के अनुसार, यह घटना 25 अक्टूबर की शाम करीब 4:30 बजे की है. अंबाजी और आबूरोड के बीच स्थित सियावा गांव की हैप्पी डे होटल में गुजराती नंबर की एक कार से पांच लोग पहुंचे थे, जिनमें एक महिला भी शामिल थी. सभी ने होटल में बैठकर खाना खाया, लेकिन बिल चुकाने के समय उन्होंने बाथरूम जाने का बहाना बनाया और धीरे-धीरे सभी टेबल से उठकर होटल से बाहर निकल गए.

कुछ ही मिनटों में वे कार में बैठकर मौके से फरार हो गए. होटल संचालक और वेटर को जब इस बात का पता चला तो उन्होंने त्वरित कार्रवाई करते हुए कार का पीछा शुरू किया. होटल कर्मियों ने कई किलोमीटर तक पीछा करते हुए अंबाजी के पास गुजरात सीमा पर जाम के दौरान उन पर्यटकों को पकड़ लिया. इस दौरान होटल स्टाफ ने मौके पर ही वीडियो बनाकर पूरे वाकये को रिकॉर्ड किया.

सूचना पर आबूरोड रिको पुलिस और गुजरात पुलिस भी मौके पर पहुंची और पर्यटकों को हिरासत में लिया. बताया जा रहा है कि होटल का कुल बिल ₹10 हजार 900 था, जिसे चुकाए बिना सभी भागने की कोशिश कर रहे थे. घटना के बाद होटल संचालक ने पुलिस को शिकायत दी है. वायरल वीडियो में साफ दिखाई देता है कि कार गुजराती नंबर प्लेट की थी और सभी पर्यटक मिलकर यह धोखाधड़ी की साजिश रच रहे थे.

NATIONAL : दहेज के लिए ससुरालवालों ने गर्भवती महिला को पीटा, गर्भ में पल रहे नवजात की मौत… महिला की हालत गंभीर

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अलवर में घरेलू विवाद और दहेज की मांग को लेकर एक गर्भवती की ससुरालवालों ने पिटाई कर दी. जिससे गर्भ में पल रहे बच्चे की मौत हो गई. वहीं महिला की हालत गंभीर है और उसका इलाज एक अस्पताल में चल रहा है.

राजस्थान के अलवर में इंसानियत को शर्मसार करने का मामला सामने आया है. जिले के टहला क्षेत्र में घरेलू विवाद और दहेज की मांग को लेकर ससुराल पक्ष के लोगों ने एक विवाहिता से जमकर लाठी-डंडों से मारपीट की. जिससे गर्भवती महिला के गर्भ में पल रहे बच्चे की मौत हो गई. गंभीर हालत में महिला को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती करवाया है. महिला के मायके के लोगों ने मामले की सूचना पुलिस को दी है. वहीं मारपीट का वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. फिलहाल हॉस्पिटल में महिला की हालत गम्भीर बनी हुई है.

मामले में पीड़िता के पिता हरसहाय मीना निवासी बडला, तहसील राजगढ़ ने अपने दामाद सहित ससुराल पक्ष के चार लोगों पर मारपीट, दहेज उत्पीड़न व गर्भपात कराने का आरोप लगाते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई है. पुलिस ने बताया कि हरसहाय मीना ने अपनी पुत्री प्रियंका मीना का विवाह वर्ष 2023 में सर्वेश मीना पुत्र लहरीप्रसाद मीना निवासी बिगोता से किया था. विवाह में एक मोटरसाइकिल, एक लाख रुपये नकद और सोने-चांदी के जेवरात सहित घरेलू सामान दिया गया था.

बावजूद इसके ससुराल पक्ष के लोग दहेज की मांग को लेकर प्रियंका को लगातार प्रताड़ित करने लगे. पीड़ित पिता ने बताया कि कुछ महीने पहले ससुराल वालों ने उनकी पुत्री को दहेज कम लाने के कारण घर से निकाल दिया था. हालांकि 24 अक्टूबर को समझाइश के बाद प्रियंका को वापस ससुराल भेजा गया, लेकिन अगले ही दिन 25 अक्टूबर को प्रियंका ने फोन पर बताया कि उसके पति सर्वेश, सास नर्बदा, ससुर लहरीप्रसाद और ननद राहुल ने उसकी बुरी तरह पिटाई की है.

आरोप है कि गर्भवती प्रियंका के पेट में लात मारी गई, जिससे उसे गंभीर चोटें आईं और ब्लीडिंग शुरू हो गई. परिजनों ने तुरंत मामले की जानकारी पुलिस को दी और प्रियंका को अस्पताल पहुंचाया. पहले उसे बीगोता व उसके बाद अलवर के राजकीय महिला अस्पताल रेफर किया गया. जहां डॉक्टरों ने बताया कि गर्भ में पल रहे तीन से चार महीने के बच्चे की मौत हो गई है.

पीड़िता अस्पताल के वार्ड नंबर-28 के बेड नंबर-2 पर भर्ती है और उसकी हालत गंभीर बनी हुई है. थाना टहला पुलिस ने प्रार्थी हरसहाय मीना की रिपोर्ट पर आरोपी सर्वेश मीना, लहरीप्रसाद मीना, नर्बदा देवी और राहुल मीना के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. पुलिस मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपियों की तलाश में जुटी है.

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