Friday, May 1, 2026
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NATIONAL : DRDO के ब्रह्मोस मिसाइल सिस्टम इंजीनियर आकाशदीप की लखनऊ में मौत, 6 महीने पहले हुई थी शादी

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लखनऊ DRDO में कार्यरत ब्रह्मोस मिसाइल सिस्टम इंजीनियर आकाशदीप गुप्ता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई. अचानक तबीयत बिगड़ने पर उन्हें लोकबंधु अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनकी मृत्यु हो गई. पुलिस ने हार्ट अटैक की आशंका जताई है, लेकिन मौत की वास्तविक वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद स्पष्ट होगी. जांच जारी है.

राजधानी लखनऊ के रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) में कार्यरत ब्रह्मोस मिसाइल सिस्टम इंजीनियर आकाशदीप गुप्ता की मंगलवार रात संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई. अचानक तबीयत बिगड़ने पर परिजनों ने उन्हें लोकबंधु अस्पताल में भर्ती कराया, जहां इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई.अस्पताल प्रशासन की सूचना पर आलमबाग पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया. पुलिस के मुताबिक, प्रथम दृष्टया मौत का कारण हार्ट अटैक माना जा रहा है, हालांकि वास्तविक वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी.

डीआरडीओ (DRDO) में ब्रह्मोस मिसाइल प्रोजेक्ट में सिस्टम इंजीनियर के पद पर कार्यरत आकाशदीप गुप्ता अपनी पत्नी भारती गुप्ता के साथ दिल्ली में रहते थे. लखनऊ के ओमनगर, आलमबाग के मूल निवासी आकाशदीप की पत्नी भारती दिल्ली में केनरा बैंक में कार्यरत हैं. दोनों की शादी इसी साल अप्रैल में हुई थी. दीपावली के अवसर पर यह दंपति दिल्ली से लखनऊ अपने पैतृक घर आए थे. आकाशदीप के पिता कुलदीप गुप्ता जनवरी में उत्तर प्रदेश होम गार्ड के विभाग से सेवानिवृत्त हुए हैं. परिवार में एक विवाहित बहन भी है.

इस पूरे मामले में आलमबाग इंस्पेक्टर सुभाष चंद्र ने बताया कि मामले की जांच जारी है और सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है. फिलहाल, पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत की असल वजह सामने आ पाएगी.

वहीं, आकाशदीप के पिता कुलदीप गुप्ता के मुताबिक, छुट्टी पर बेटा घर आया हुआ था. दिल्ली में उसकी पोस्टिंग थी. उन्होंने अच्छे से दिवाली मनाई. खेलने का शौकीन था. 22 अक्टूबर की शाम को आकाशदीप खेलने गया. रात में जब आया तो खाना खाने के बाद उसे थोड़ी दिक्कत सी महसूस हुई. इसके बाद उसे अस्पताल ले गए, जहां उसने दम तोड़ दिया.

NATIONAL : देसी बंदूक से दिवाली काली… ₹150 की कार्बाइड गन, छीन ले गई 125 आंखों की रोशनी

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दीपावली की खुशियों के बीच भोपाल में सिर्फ 150-200 रुपए वाली घातक कैल्शियम कार्बाइड गन ने कई परिवारों की रातों की नींद छीन ली है. अस्पतालों के आंकड़ों के अनुसार, इस विस्फोटक जुगाड़ की चपेट में अब तक 125 से ज्यादा लोग आ चुके हैं, जिनमें अधिकांश 8 से 14 वर्ष के बीच के बच्चे हैं.

दीपावली के खुशियों के बीच भोपाल में एक सस्ता, लेकिन घातक नया ‘खिलौना’ कई परिवारों की रातों को काली कर गया. सिर्फ 150–200 रुपए की लागत वाली कैल्शियम कार्बाइड गन ने इस बार बच्चों और युवाओं की आंखों की रोशनी तक खतरे में डाल दी. अस्पतालों के आंकड़ों के मुताबिक, अब तक 125 से ज्यादा लोग इस विस्फोटक जुगाड़ की चपेट में आ चुके हैं. इसमें अधिकांश मरीज 8 से 14 वर्ष के बीच के बच्चे हैं, लेकिन 7 साल से लेकर 35 साल तक के वयस्क भी प्रभावित हुए हैं.

यह देसी गन गैस लाइटर, प्लास्टिक पाइप और आसानी से उपलब्ध कैल्शियम कार्बाइड से सरल तरीक़े से बनाई जाती है. पाइप में भरा कैल्शियम कार्बाइड जब पानी से मिलता है तो एसिटिलीन गैस उत्पन्न होती है. एक छोटी सी चिंगारी मिलते ही तेज विस्फोट होता है और पाइप टूटने पर निकलने वाले प्लास्टिक के छोटे-छोटे टुकड़े, जैसे छर्रे, सीधे शरीर खासकर आंखों में घुसकर गंभीर चोटें करते हैं. अक्सर बच्चे जिज्ञासा में झांकते हैं और उसी क्षण धमाका हो जाता है, जिससे चेहरे, आंखों और कॉर्निया को गंभीर क्षति पहुँचती है।

भोपाल के अस्पतालों में आने वाले रोगियों की रिपोर्ट में बताया गया है कि सैकड़ों में से 20–30 प्रतिशत मामलों में गंभीर डैमेज देखा गया है. कई लोगों को तत्काल ऑपरेशन की आवश्यकता पड़ी और कुछ मामलों में कॉर्निया ट्रांसप्लांट तक करना पड़ा. जिन्हें मामूली जली हुई चोटें थीं, उन्हें पट्टी कर घर भेज दिया गया है, लेकिन गंभीर मामलों के लिए अब ऑपरेशन और फॉलो-अप की तैयारी जारी है.

नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. अदिति दुबे ने बताया, ”हमारे पास 7 साल से लेकर 35 साल तक के लोग आए हैं. इस दिवाली हमने कार्बाइड बम से एक विशेष प्रकार की इंजरी देखी. कई मामलों में केमिकल के उपयोग की वजह से आंखों में केमिकल बर्न हुआ है. 20 से 30 प्रतिशत लोगों को काफी गंभीर डैमेज हुआ है, जिनके लिए ऑपरेशन किया गया. जिनका बर्न कम था, उन्हें उपचार के बाद घर भेजा गया है. भविष्य में ऑपरेशन के परिणामों से ही पता चलेगा कि किसे कितना लाभ होगा?”

डॉक्टर का यह स्पष्ट बयान बताता है कि केवल बाहरी चोट ही नहीं, बल्कि केमिकल बर्न के कारण आंख की अंदरूनी संरचनाएं भी प्रभावित हुई हैं, जो आंखों की रोशनी हमेशा के लिए खत्म करने की वजह बन सकती हैं.

परिवारों में गहरी चिंता का माहौल है. माता-पिता का कहना है कि सस्ती कीमत और आसानी से उपलब्ध सामग्री ने इस घातक जुगाड़ को बढ़ावा दिया है. विशेषज्ञों का सुझाव है कि बाजारों में कैल्शियम कार्बाइड और ऐसे घटकों की उपलब्धता पर नियंत्रण, साथ ही लोगों में जागरूकता अभियान जरूरी हैं.

स्कूलों में बच्चों को जोखिमों के बारे में शिक्षित करना और घरों में दीवारों पर चेतावनी चस्पा करना भी मददगार होगा. नागरिकों की जिम्मेदारी के साथ प्रशासन की भी बड़ी भूमिका बनती है जैसे बिक्री पर रोक, होलसेल सप्लायर्स के खिलाफ कार्रवाई और त्योहारों के समय कड़े निरीक्षण अनिवार्य हैं.

ENTERTAINMENT : सचिन तेंदुलकर ने बदल दिए थे शाहरुख खान के सीन्स, आइकॉनिक बना 90s का फेमस विज्ञापन

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ऐड फिल्म मेकर प्रहलाद कक्कड़ ने बताया कि 1999 के मशहूर कोल्ड्रिंक विज्ञापन में शाहरुख खान और सचिन तेंदुलकर की जोड़ी को यादगार बनाने का श्रेय सचिन के एक रचनात्मक सुझाव को जाता है. सचिन ने स्क्रिप्ट में ऐसा मजेदार ट्विस्ट जोड़ा जिसने “ये दिल मांगे मोर” वाले इस विज्ञापन को 90 के दशक का आइकॉनिक ऐड बना दिया.

क्रिकेट दिग्गज सचिन तेंदुलकर मैदान पर जितने क्रिएटिव थे उतने ही रचनात्मक सेट पर भी थे. फेमस ऐड मेकर प्रहलाद कक्कड़ ने इसका जिक्र किया. उन्होंने साथ ही सचिन और शाहरुख खान के 1990 के फेमस कोल्ड्रिंक विज्ञापन के बारे में बात की. प्रहलाद ने बताया कि उस विज्ञापन में सबसे दिलचस्प मोड़ सचिन ने खुद सुझाया था. उन्होंने शाहरुख के सीन्स में भी बदलाव कर दिए थे.

शूटिंग को याद करते हुए प्रहलाद ने ANI को बताया कि सचिन एक मराठी मानुष हैं, लेकिन वो शुरू में थोड़े शर्मीले और सधे हुए थे. पर फिर समय के साथ उन्होंने आत्मविश्वास कमाया और बेहद अच्छे आईडिया भी दिए.

प्रहलाद बोले,“उन्होंने वास्तव में विज्ञापन की कहानी में ऐसे सुझाव दिए जो बहुत अच्छे थे, जैसे उस सीन में, जहां शाहरुख सचिन का वेश अपना के वर्ल्ड कप टीम के कमरे में जाकर फ्री पेप्सी चुराता है. और बाकी सब सोचते हैं कि वह सचिन ही है.”

प्रहलाद आगे कहते हैं कि, “विज्ञापन में सचिन का हुलिया लिए शाहरुख से अजरुद्दीन कहते हैं, ‘तुम बल्लेबाजी के लिए जाओ.’ तो वह पूरी तैयारी के साथ बल्लेबाजी के लिए बाहर जाता है. वह बहुत परेशान नजर आता है, चारों तरफ देखता है कि कुछ तो गलत है, और फिर सचिन आते हैं. वह अपनी विग उतारते हैं और शाहरुख कहते हैं, ‘सचिन, धन्यवाद, आप आ गए,’”

प्रहलाद ने बताया कि शुरुआती पटकथा में सचिन खुद बल्ला लेकर मैदान पर खेलने निकलते थे, लेकिन क्रिकेट के इस महानायक के पास एक अलग सुझाव था जिसने विज्ञापन के अंत को और मजेदार बना दिया.प्रहलाद ने बताया कि कैसे तब विज्ञापन सुनकर “सचिन ने कहा था कि, ‘मुझे बल्ला क्यों पकड़ना चाहिए? यह मजेदार नहीं है. फिर अपना आईडिया देते हुए कहा था कि- ‘मैं पेप्सी लेकर वापस कमरे में लौटता हूं, और उसे बाहर जाने देता हूं.’ तो हमने भी सोचा कि, ‘वाह, क्या अच्छा विचार है.’”

यह विज्ञापन 1990 के दशक के सबसे यादगार विज्ञापनों में से एक बन गया और इसने प्रसिद्ध नारा “ये दिल मांगे मोर” को भी लोकप्रिय किया. यह विज्ञापन खेल और बॉलीवुड के बीच की सबसे सफल साझेदारी में से एक माना जाता है, और 1990 के दशक के भारतीय विज्ञापन जगत में एक महत्वपूर्ण मुकाम था.

NATIONAL : लड़कियों ने रांची तक पहुंचाए पाकिस्तानी हथियार… गैंग में महिला भी शामिल, UAE गैंगस्टर से लिंक आया सामने

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रांची पुलिस ने पाकिस्तान से लाए गए हथियारों के साथ कोयलांचल शांति सेना (KSS) के पांच गैंगस्टरों को गिरफ्तार किया है, जिनमें गैंग लीडर सुजीत सिन्हा की पत्नी रिया सिन्हा भी शामिल है. इस गैंग के पकड़े जाने के बाद कई खुलासे हुए हैं. आरोपियों के पास से तीन पाकिस्तानी पिस्टल, कारतूस, कैश और मोबाइल फोन जब्त किए गए.

झारखंड में रांची पुलिस ने पांच गैंगस्टरों को अरेस्ट किया है, जिनमें एक महिला भी शामिल है. पुलिस ने इनके कब्जे से तीन पाकिस्तान मेड पिस्टल जब्त की हैं. यह कार्रवाई BIT मेसरा और Argora थाना क्षेत्र में की गई. गिरफ्तार आरोपियों में कोयलांचल शांति सेना (KSS) के सदस्य शामिल हैं, जो प्रिंस खान गैंग से भी जुड़े हैं. महिला की पहचान रिया सिन्हा के रूप में हुई है, जो केएसएस नेता सुजीत सिन्हा की पत्नी है.

एजेंसी के अनुसार, पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के पास से तीन पाकिस्तान निर्मित पिस्टल, सात मैगजीन, 13 कारतूस, एक फोर व्हीलर, छह मोबाइल फोन और 10 लाख रुपये कैश बरामद किए हैं. गिरफ्तार पुरुषों की पहचान इनामुल हक, उसके बॉडीगार्ड रवि आनंद उर्फ सिंघा, मोहम्मद शहीद उर्फ अफ़रीदी खान और मोहम्मद सिराज के रूप में हुई है, जो इनामुल हक के रिश्तेदार हैं. इन सभी का पहले से आपराधिक रिकॉर्ड है.

रांची एसपी (सिटी) पारस राणा ने बताया कि पिछले महीने तुपुदाना थाना क्षेत्र में हुई फायरिंग की घटना के लिए केएसएस ने जिम्मेदारी ली थी. जांच में पता चला था कि केएसएस नेता सुजीत सिन्हा UAE में रहने वाले गैंगस्टर प्रिंस खान से संपर्क में था. गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ में सामने आया कि सुजीत सिन्हा और प्रिंस खान पाकिस्तान से पंजाब के जरिए ड्रोन के माध्यम से हथियार मंगवा रहे थे. इन हथियारों का इस्तेमाल व्यवसायियों को धमकाने और उनसे फिरौती वसूलने के लिए किया जा रहा था.

पाकिस्तानी हथियार, UAE के गैंगस्टर से कनेक्शन… रांची तक लड़कियों ने की डिलीवरी, गैंग पकड़ा गया तो खुला राज
गैंग के पास से पुलिस ने हथियारों के साथ कैश भी जब्त किया है. (Photo: X/@ranchipolice)
यह भी पढ़ें: पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए हथियार तस्करी का भंडाफोड़, अमृतसर में 4 गिरफ्तार, गैंगवार की थी साजिश

रांची में इनामुल हक उर्फ बब्लू खान और उसके साथी सुजीत सिन्हा और प्रिंस खान के लिए वसूली कर रहे थे. वसूला गया पैसा बाद में UAE और फिर पाकिस्तान भेजा जाता था, जहां उसका इस्तेमाल अवैध हथियार खरीदने और अन्य अपराधों के लिए किया जाता था.

रिया सिन्हा के खिलाफ ओरमांझी पुलिस स्टेशन में केस दर्ज कर अरेस्ट किया गया है. उसके खिलाफ पहले से गैर जमानती वारंट जारी है. एसपी ने बताया कि वह इनामुल हक के साथ हथियार सप्लाई में भी शामिल थी. जल्द उसे कोर्ट में पेश किया जाएगा.

एसपी ने कहा कि जब पुलिस ने गिरफ्तार लोगों से पूछताछ की, तो उन्होंने खुलासा किया कि सुजीत सिन्हा और प्रिंस खान पाकिस्तान से ड्रोन के ज़रिए पंजाब के रास्ते हथियार और गोला-बारूद ला रहे थे. वे इन हथियारों का इस्तेमाल रांची सहित देशभर के व्यापारियों में आतंक पैदा करने और उनसे जबरन वसूली करने के लिए कर रहे थे.

एसपी ने कहा कि जांच में यह भी सामने आया है कि जब्त किए गए हथियार पाकिस्तान से आपूर्ति किए गए थे. उन्होंने कहा कि हमें यह भी जानकारी मिली है कि कुछ महिलाएं पंजाब से ये हथियार रांची पहुंचाने आई थीं. पाकिस्तानी हथियार सप्लायर का नाम भी सामने आया है. हमारी जांच जारी है. इनामुल हक के खिलाफ अकेले रांची के कई थानों में कुल 10 मामले लंबित हैं.

RAJASTHAN : ‘क्या माल लग रही है, मुझे आंख भी मारा…’ CNG पंप पर थप्पड़ कांड में बोलीं SDM की पत्नी

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भीलवाड़ा के जसवन्तपुरा CNG पंप पर प्रतापगढ़ के एसडीएम छोटू लाल शर्मा और पंप कर्मचारियों के बीच थप्पड़बाजी हुई. एसडीएम ने कर्मचारियों को थप्पड़ मारे, जवाब में एक कर्मचारी ने भी उन्हें थप्पड़ जड़ दिया. घटना का सीसीटीवी फुटेज सोशल मीडिया पर वायरल हो गया. पुलिस ने तीन कर्मचारियों को गिरफ्तार किया. एसडीएम की पत्नी दीपिका व्यास ने पेट्रोल पंप कर्मचारी के खिलाफ छेड़छाड़ की FIR दर्ज करवाई है.

राजस्थान के भीलवाड़ा जिले में अजमेर-भीलवाड़ा एनएच पर जसवन्तपुरा स्थित एक सीएनजी पंप जमकर हंगामा हुआ. मामला प्रतापगढ़ के एसडीएम छोटू लाल शर्मा से जुड़ा है. यह घटना उस समय हुई जब एसडीएम परिवार के साथ पंप पर सीएनजी भरवाने पहुंचे थे. गाड़ी में पहले गैस भरवाने की बात को लेकर पंप के कर्मचारियों और एसडीएम के बीच हाथापाई हो गई. पहले एसडीएम ने कर्मचारी को थप्पड़ मार दिया इसके बाद कर्मचारी ने भी कई थप्पड़ एसडीएम को जड़ दिए. इस पूरी घटना का सीसीटीवी फुटेज सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया.


घटना की जानकारी मिलते ही रायला पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी. पुलिस ने दीपक माली, प्रभु लाल कुमावत और राजा शर्मा को गिरफ्तार कर लिया. दोनों पक्षों की मारपीट की जांच जारी है. वीडियो के वायरल होने के बाद एसडीएम छोटू लाल शर्मा फिर से सुर्खियों में आ गए हैं. यह कोई पहली बार नहीं है जब छोटू लाल शर्मा विवादों में रहे हैं. उनके नाम पर पहले भी कई घटनाओं की चर्चा रही है.

एसडीएम की पत्नी दीपिका व्यास ने इस मामले पेट्रोल पंप कर्मचारियों के खिलाफ छेड़छाड़ की FIR दर्ज करवाई है. शिकायत में उन्होंने लिखा कि, पेट्रोल पंप कर्मी ने मुझे आंख मारी, जिससे मेरे पति गुस्से में आ गए और उन्होंने कर्मचारी को डांट लगाई. इसके बाद कर्मचारी हमारी गाड़ी छोड़कर पीछे खड़ी गाड़ी में पेट्रोल भरने लगा और कहा ‘क्या माल लग रही है’. मेरे पति ने विरोध किया तो तीन लोगों ने हम पर हमला कर दिया.

घटना मंगलवार रात की बताई जा रही है. एसडीएम छोटू लाल शर्मा पेट्रोल पंप पर अपनी गाड़ी की सीएनजी भरवाने आए. शुरुआत में पंप कर्मचारियों और एसडीएम के बीच सामान्य बातचीत थी. लेकिन किसी बात को लेकर दोनों पक्षों में बहस हो गई.

  • पहले एसडीएम ने कर्मचारियों को थप्पड़ मारा और धक्का दिया.
  • एक कर्मचारी ने प्रतिक्रिया स्वरूप एसडीएम को भी थप्पड़ जड़ दिया.
  • इसके बाद एसडीएम की पत्नी वहां पहुंचीं

यह सीसीटीवी फुटेज सोशल मीडिया पर वायरल होते ही मामले ने तेजी से राष्ट्रीय सुर्खियाँ बटोरीं. रायला पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत तीन कर्मचारियों को गिरफ्तार किया. इन पर मारपीट और विरोध करने का आरोप है. पुलिस ने कहा कि दोनों पक्षों की भूमिका की गहन जांच की जा रही है. सीओ रायला ने बताया कि मामले की प्रारंभिक जांच में मारपीट की पुष्टि हुई है, लेकिन पूर्ण जांच रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट होगा कि घटना में कौन मुख्य रूप से दोषी है.

सोशल मीडिया पर वायरल हुए सीसीटीवी फुटेज में दिख रहा है कि विवाद अचानक हाथापाई में बदल गया. लोगों ने वीडियो में एसडीएम की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं. वहीं कुछ लोग पंप कर्मचारियों के व्यवहार को भी आलोचना की नज़र से देख रहे हैं.

ENTERTAINMENT : ‘ऐश्वर्या की 4 सेकंड की झलक देख पूरा देश थम गया’, बौखला गए थे डायरेक्टर, बोले- 5 हजार कॉल्स आए

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मशहूर विज्ञापन निर्माता प्रहलाद कक्कड़ ने 1993 के एक ऐड का किस्सा साझा किया, जिसमें ऐश्वर्या राय और आमिर खान नजर आए थे. उन्होंने बताया कि कैसे ऐश्वर्या की सिर्फ चार सेकंड की झलक ने पूरे देश को दीवाना बना दिया था. उस समय ऐश्वर्या कॉलेज में पढ़ रही थीं और यह विज्ञापन उनके करियर का बड़ा मोड़ साबित हुआ.

1990 के दशक में कई ऐसे यादगार विज्ञापन बने जिन्हें लोग आज भी याद करते हैं. उन्हीं में से एक था मशहूर कोल्ड ड्रिंक का ऐड, जिसमें आमिर खान और ऐश्वर्या राय बच्चन नजर आए थे. उस समय ऐश्वर्या बहुत बड़ी स्टार नहीं थीं. तब आमिर ने कुछ ही फिल्में की थीं और ऐश्वर्या तब कॉलेज में पढ़ रही थीं. लेकिन उनकी एक झलक ने ऑडियन्स को दीवाना बना दिया था.

हाल ही में ANI से बातचीत में मशहूर विज्ञापन निर्माता प्रहलाद कक्कड़ ने बताया कि कैसे 1993 के इस पेप्सी विज्ञापन में ऐश्वर्या राय की सिर्फ कुछ सेकंड की झलक ने पूरे देश को कायल कर दिया था. उन्होंने कहा कि यह विज्ञापन ही था जिसने उस समय की एक मामूली सी कॉलेज स्टूडेंट को पहचान दिलाई.

प्रहलाद ने बताया, “सबसे मुश्किल काम था कास्टिंग करना. हमें उस ऐड के लिए सही चेहरों की जरूरत थी. ऐश्वर्या उस समय अनजान थीं. हमें ऐसी लड़की चाहिए थी जो सिर्फ चार सेकंड में लोगों का ध्यान खींच ले, जिससे पूरा देश कहे- ‘वाह, ये लड़की कौन है?’ और बिल्कुल वही हुआ.”

प्रहलाद ने बताया कि उनके पास इतने कॉल आए कि वो बौखला गए थे. उन्होंने आगे कहा,“जिस दिन ऐड रिलीज हुआ, अगले ही दिन मुझे करीब 5,000 फोन कॉल्स आए. लोग पूछ रहे थे, ‘संजू कौन है? (विज्ञापन में ऐश्वर्या के किरदार का नाम) वो कहां से आई है?”

प्रहलाद, जो इस ऐड के पीछे की सोच थे, उन्होंने बताया कि उन्हें ऐश्वर्या की आंखों ने मोहित कर लिया था. वो बो ले,“मैं किसी भी लड़की से संतुष्ट नहीं था, कोई भी वैसा प्रभाव नहीं डाल पा रही थी. मुझे बहुत खास चेहरा चाहिए था, जो चार सेकंड में दुनिया को रोक दे. फिर कुछ लड़कियों ने मुझे ऐश्वर्या से मिलवाया, कंधे पर झोला टांगे, फटी जींस में, खुले बालों के साथ. वो आर्किटेक्चर कॉलेज में पढ़ती थीं.”

प्रहलाद ने आगे कहा कि,“मैंने उन्हें देखा और कहा — ‘क्या यही वो है?’ हमने उनका मेकअप टेस्ट लिया. लेकिन जिसने मुझे रोक लिया, वो थीं उनकी आंखें. जब मैंने उनकी आंखों में देखा, तो लगा जैसे पूरा ब्रह्मांड उनमें समाया हो. उनके मूड के साथ उनकी आंखों का रंग भी बदल जाता था- कभी ग्रे, कभी हरा, कभी नीला. ये सब देखकर मैं दंग रह गया. जब हमने उन्हें तैयार किया, तो वो बस जादुई लग रही थीं.”

MP : मरीज ने दवा के संग निगल लिया नुकीला रैपर, भीतरी परत पर बने घाव, इलाज न मिलता तो फट सकती थी आहार नली

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अक्सर आपने बच्चों के खिलौना निगलने या सिक्का आहार नली में चले जाने की खबरें देखी या सुनी होंगी, लेकिन 57 साल के एक पुरुष मरीज ने अनजाने में दवा को उसके रैपर सहित निगल लिया, जो उनकी आहार नली के निचले हिस्से में जाकर फंस गया था.

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है. यहां एक मरीज ने अनजाने में दवा के साथ रैपर भी निगल लिया. करीब एक सेंटीमीटर के रैपर आहार नली में जाकर फंस गया और इस वजह से खाने पीने में मरीज को बेहद तकलीफ होने लगी. हालत बिगड़ने पर मरीज भोपाल मेमोरियल अस्पताल एवं अनुसंधान केंद्र (BMHRC) पहुंचा, जहां डॉक्टरों ने एंडोस्कोपी के जरिए रैपर बाहर निकाल दिया.

दरअसल, 57 वर्षीय एक मरीज ने करीब एक माह पहले अनजाने में दवा को उसके रैपर सहित निगल लिया था, जो उनकी आहार नली (Esophagus) के निचले हिस्से में जाकर फंस गया था. इसके कारण मरीज को भोजन और पानी निगलने में गंभीर कठिनाई हो रही थी.

बीएमएचआरसी पहुंचने पर डॉक्टरों ने मरीज की एंडोस्कोपी की सलाह दी. जांच के दौरान पता चला कि आहार नली के निचले हिस्से में करीब 1 सेंटीमीटर का दवा का रैपर फंसा हुआ है. गैस्ट्रोएंट्रोलॉजी डिपार्टमेंट में असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. विशाल पाटिल और उनकी टीम ने एंडोस्कोपी के माध्यम से सावधानीपूर्वक रेपर को बाहर निकाला.

डॉ. पाटिल ने बताया कि दवा के रैपर का किनारा नुकीला होने के कारण आहार नली की भीतरी परत में कई स्थानों पर घाव हो गया था. अगर इसे कुछ और दिन नहीं निकाला जाता, तो आहार नली फटने की आशंका थी. इससे मरीज की जान को खतरा हो सकता था. डॉ. ने आगे बताया कि बच्चों के सिक्का या खिलौना निगल लेने और वयस्कों के दांत या हड्डी निगलने जैसे मामले तो कभी-कभी आते हैं, लेकिन दवा का पूरा रैपर निगल जाने का यह मामला अत्यंत दुर्लभ है और पहली बार सामने आया है. वर्तमान में मरीज पूरी तरह स्वस्थ है और सामान्य जीवन व्यतीत कर रहा है.

BMHRC की प्रभारी निदेशक डॉ. मनीषा श्रीवास्तव ने कहा कि यह एक अत्यंत दुर्लभ और चिकित्सकीय दृष्टि से चुनौतीपूर्ण मामला था. मरीज की स्थिति गंभीर हो सकती थी, लेकिन हमारे डॉक्टरों की तत्परता और कुशलता से यह जटिल सर्जरी सफलतापूर्वक की गई.

NATIONAL : ‘पटाखा आकर इन्वर्टर से टकराया और राख हो गई पूरी बिल्डिंग’, इंदिरापुरम अग्निकांड के पीड़ित ने सुनाई आपबीती

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गाजियाबाद के इंदिरापुरम इलाके में बुधवार की रात एक पांच मंजिला इमारत में पटाखों के कारण आग लग गई. बिल्डिंग में मौजूद 19 परिवारों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया. गनीमत रही कि इसमें कोई हताहत नहीं हुआ. जानकारी के मुताबिक, आग की शुरुआत एक फ्लैट में रखे इन्वर्टर से हुई थी.

गाजियाबाद के इंदिरापुरम इलाके का शक्ति खंड-2. बुधवार को यहां की एक पांच मंजिला इमारत अचानक भीषण आग की चपेट में आ गई. जब आग लगी तब बिल्डिंग में 19 परिवार मौजूद थे. गनीतम रही कि हादसे में कोई हताहत नहीं हुआ और सभी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया. अब बिल्डिंग के ही एक निवासी ने बताया है कि सबसे पहले आग उसके घर में लगी थी और इसके पीछे उसका एक पड़ोसी था.

निवासी दीपक त्यागी ने बताया, ‘मेरे फ्लैट में सबसे पहले आग लगी थी. एक पटाखा मेरे इन्वर्टर से टकराया. यहां से थोड़ी दूर पर जितेंद्र नाम का एक आदमी रहता है. वह हमारी बिल्डिंग के नीचे पटाखे फोड़ रहा था. मेरी बिल्डिंग का एक और आदमी, राजीव, उसके साथ पटाखे फोड़ रहा था.’

उन्होंने बताया, ‘RWA अध्यक्ष अशोक त्यागी ने उन्हें ऐसा करने से मना किया, लेकिन उन्होंने उससे झगड़ा किया. अंत में, यहां आग लग गई. यह बालकनी में इन्वर्टर से शुरू हुई. मैंने अग्निशामक यंत्र से आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन लपटें बहुत भयानक थीं. आग मेरे पूरे घर में और फिर पूरी बिल्डिंग में फैल गई. हालांकि किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है.’इससे पहले प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया था कि दिवाली की रात जलाए गए पटाखों की वजह से इमारत में आग लगी थी. आग इतनी तेज थी कि उसने कुछ ही पलों में पूरी बिल्डिंग को अपनी चपेट में ले लिया और ऊपर की मंजिलों तक धुआं भर गया.

घटना की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और दमकलकर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया. आग बुझाने के दौरान किसी बड़ी अनहोनी से बचने के लिए आसपास के घरों को खाली कराया गया. हादसे में इमारत के फ्लैटों में रखे घरेलू सामान, फर्नीचर और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण पूरी तरह जलकर राख हो गए.

NATIONAL : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अमित शाह को जन्मदिन की दी बधाई, जानें- क्या कहा?

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UP के सीएम योगी आदित्यनाथ, उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने गृह मंत्री अमित शाह को जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं.

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार, 22 अक्टूबर को केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह को जन्मदिन की बधाई दी. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में लिखा, ‘अनुशासन, कर्मठता और संगठन-कौशल के अद्भुत समन्वय, लोकप्रिय जन नेता एवं देश की आंतरिक सुरक्षा के शिल्पी केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह को जन्मदिन की हार्दिक बधाई.’

उन्होंने कहा कि प्रभु श्री राम से प्रार्थना है कि आपको उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु और निरंतर यश की प्राप्ति हो. आपका राष्ट्र सेवा और सहकारिता का पथ और भी जनकल्याणकारी बने, यही मंगलकामना है.उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा, ‘कुशल संगठनकर्ता, भारतीय राजनीति के चाणक्य, भाजपा के करोड़ों कार्यकर्ताओं के प्रेरणास्रोत देश के यशस्वी गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह को जन्मदिन की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं.’

उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने ‘एक्स’ पर कहा, ‘राष्ट्र के प्रति अटूट निष्ठा, अद्वितीय संगठन कौशल और दृढ़ नेतृत्व के प्रतीक माननीय केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह , आपको जन्मदिवस की हार्दिक शुभकामनाएं.’उन्होंने कहा, ‘एक समर्पित कार्यकर्ता से लेकर देश के गृहमंत्री तक की आपकी यात्रा केवल पद की नहीं, बल्कि कर्तव्य, अनुशासन और राष्ट्र सेवा के निरंतर साधना-पथ की यात्रा रही है.’

मौर्य ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी को विश्व का सबसे बड़ा राजनीतिक संगठन बनाना हो या भारत की आंतरिक सुरक्षा को और मजबूत बनाना हो, हर निर्णय में आपके दूरदर्शी नेतृत्व, रणनीतिक सोच और ‘राष्ट्र प्रथम’ की भावना का तेज प्रतिबिंबित होता है.उन्होंने कहा, ‘मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु राम से प्रार्थना है कि आपको दीर्घायु एवं उत्तम स्वास्थ्य प्रदान करें ताकि आप राष्ट्र निर्माण की इस यात्रा में हम सभी कार्यकर्ताओं का निरंतर मार्गदर्शन करते रहें.’

NATIONAL : उत्तराखंड में मौसम बदलने वाला है, आज पहाड़ी इलाकों में बारिश और बर्फबारी के आसार हैं…………..

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उत्तराखंड में मौसम एक बार फिर करवट लेने वाला है. लंबे समय से चल रही शुष्क ठंड के बीच अब पहाड़ों में बारिश और बर्फबारी की संभावना बन रही है. मौसम विज्ञान केंद्र देहरादून ने मंगलवार के लिए प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की बारिश और ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी का पूर्वानुमान जारी किया है.

पूर्वानुमान के मुताबिक, 22 अक्तूबर को देहरादून, उत्तरकाशी, चमोली, पिथौरागढ़, बागेश्वर और रुद्रप्रयाग जिलों के कुछ क्षेत्रों में हल्की वर्षा हो सकती है, वहीं, 3500 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले इलाकों जैसे बदरीनाथ, केदारनाथ, औली, माणा और हर्षिल में हल्की बर्फबारी के आसार हैं. मौसम विभाग ने बताया कि बर्फबारी और बारिश के चलते तापमान में गिरावट दर्ज की जाएगी, जिससे मैदानी इलाकों में ठंड बढ़ने की संभावना है.

मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक डॉ. सी.एस. तोमर ने बताया कि पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से प्रदेश के पर्वतीय जिलों में बादल छाने और वर्षा-बर्फबारी होने की स्थिति बन रही है. हालांकि यह बदलाव अस्थायी रहेगा. 23 से 27 अक्तूबर के बीच राज्य के सभी हिस्सों में मौसम सामान्य और शुष्क बना रहेगा.

उधर, पहाड़ी क्षेत्रों में बर्फबारी की संभावना से पर्यटन कारोबारियों के चेहरे खिले हैं. विशेषकर औली, मुनस्यारी और चोपता जैसे स्थानों पर पर्यटकों की आमद बढ़ने की उम्मीद की जा रही है, जिससे वहां की अर्थव्यवस्था को भी फायदा होगा. वहीं, किसानों के लिए भी यह बारिश राहत लेकर आ सकती है, क्योंकि इससे खेतों में नमी बढ़ेगी और रबी फसलों की बुवाई में मदद मिलेगी, साथ ही मृदा की उपजाऊ क्षमता भी बनी रहेगी.

प्रदेश के मैदानी जिलों में दिन का तापमान अब सामान्य से नीचे आने की संभावना है, जिससे ठंड का असर महसूस होने लगेगा और लोगों को अधिक गर्म कपड़े पहनने की आवश्यकता होगी. मौसम विभाग ने लोगों को यात्रा के दौरान सतर्क रहने और पर्वतीय मार्गों पर फिसलन से बचने की सलाह दी है.

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