Sunday, May 3, 2026
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WORLD : दुनिया के सबसे खुशहाल देश ने भारतीयों को दिया परमानेंट रेजिडेंसी का बड़ा ऑफर, जानें कैसे करें अप्लाई?

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फिनलैंड में भारतीयों के लिए स्थायी निवास (PR) लेने से आप अनिश्चित समय तक रह सकते हैं, काम कर सकते हैं, परिवार के साथ रह सकते हैं और शेंगेन क्षेत्र में यात्रा कर सकते हैं.

फिनलैंड दुनिया का सबसे खुशहाल देशों की लिस्ट में शामिल है. यहां की उच्च जीवन गुणवत्ता, सुरक्षित समाज और खूबसूरत प्राकृतिक नजारों ने इसे वैश्विक प्रतिभाओं के लिए आकर्षक बना दिया है. भारतीय नागरिकों के लिए फिनलैंड में स्थायी निवास (Permanent Residency- PR) लेना कई फायदे देता है. इससे आप अनिश्चितकाल तक फिनलैंड में रह सकते हैं और काम कर सकते हैं, परिवार के साथ रह सकते हैं और बाद में नागरिकता लेने का रास्ता भी खुलता है.

स्थायी निवास (PR) के फायदे

फिनलैंड में अनिश्चितकाल तक रहने और काम करने का अधिकार.
स्वास्थ्य, शिक्षा जैसी सरकारी सुविधाओं तक पहुंच.
शेंगेन एरिया में यात्रा करने की सुविधा.
Residence card हर पांच साल में नवीनीकरण करना जरूरी है, PR समाप्त नहीं होती.
ध्यान दें कि PR और फिनिश नागरिकता अलग हैं. नागरिकता पाने के लिए भाषा की दक्षता, आठ साल का लगातार निवास और अन्य मानदंड पूरे करना जरूरी है.

2025 में नए नियम और अपडेट

परिवार के प्रायोजकों के लिए अब कम से कम 2 साल फिनलैंड में रहना जरूरी है.
पति-पत्नी की न्यूनतम उम्र 21 साल तय की गई है.
विशेषज्ञों के लिए तेज प्रोसेसिंग वाली वर्क परमिट, न्यूनतम मासिक वेतन EUR 1,600 (लगभग ₹1.65 लाख).
PR सीधे नहीं, बल्कि Type A वर्क या परिवार आधारित परमिट पर रहने के बाद ही मिलती है.
कौन आवेदन कर सकता है?

निवास की अवधि

Type A (continuous) residence permit पर लगातार 4 साल रहना जरूरी है.
कम से कम 2 साल फिनलैंड में फिजिकली रहना अनिवार्य है.
Type B (temporary) permit के समय को नहीं गिना जाएगा.
वर्तमान परमिट वैध होना चाहिए
PR के लिए टेम्पररी परमिट (काम या परिवार आधारित) अभी भी मान्य होना चाहिए.
छात्र या नौकरी ढूंढने वाले लोग सीधे PR के लिए आवेदन नहीं कर सकते.
आय और पेशेवर योग्यता

Type A permit के लिए वित्तीय स्थिरता जरूरी है.

वर्क-आधारित प्रवेश: वार्षिक आय EUR 40,000 (लगभग ₹41.3 लाख) या मान्यता प्राप्त मास्टर्स/पोस्टग्रेजुएट डिग्री + 2 साल का अनुभव.
C1 लेवल फिनिश/स्वीडिश + 3 साल का काम अनुभव वैकल्पिक रूप से उपयोगी.
अन्य आवश्यकताएं

साफ सुथरा क्रिमिनल रिकॉर्ड (भारत से पुलिस क्लियरेंस).

वैध स्वास्थ्य बीमा और निवास प्रमाण.
कोई लंबित ऋण या सामाजिक कल्याण पर निर्भरता नहीं.
PR के लिए आवेदन प्रक्रिया, जानें आसान स्टेप्स

प्रारंभिक निवास परमिट प्राप्त करें

नौकरी, परिवार या विश्वविद्यालय के आधार पर आवेदन.
ऑनलाइन Enter Finland या VFS Global भारत केंद्र से.
बायोमेट्रिक्स, पासपोर्ट, नौकरी का कॉन्ट्रैक्ट, सैलरी प्रूफ, प्रमाणपत्र और पुलिस क्लियरेंस जमा करें.
निवास और नवीनीकरण

Type A permit पर फिनलैंड में रहें और आवश्यकतानुसार नवीनीकरण करें.

PR के दस्तावेज तैयार करें:

पासपोर्ट, फोटो, निवास प्रमाण, आय/सैलरी स्लिप, शैक्षिक प्रमाणपत्र, यात्रा लॉग और परिवार विवरण.
वर्तमान परमिट की समाप्ति से पहले आवेदन करें.
पहचान सत्यापन

बेरोजगार परमिट धारकों को नई नौकरी खोजने के लिए 3 महीने की ग्रेस पीरियड दी जाती है.
फायदे और चुनौतियां

फायदे:

अनिश्चितकाल तक रहने और काम करने का अधिकार.
परिवार को स्पॉन्सर करने की सुविधा.
शेंगेन यात्रा की सुविधा.
मुफ्त शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाएं

आठ साल बाद नागरिकता का रास्ता (भाषा परीक्षा सहित).

चुनौतियां

  1. ठंडा मौसम और भाषा की कठिनाई (फिनिश/स्वीडिश).
  2. जीवन स्तर महंगा.

NATIONAL : दीपोत्सव में बनेगा नया वर्ल्ड रिकॉर्ड: अयोध्या में जगमगाएंगे 26 लाख दीये, 2100 भक्त करेंगे महाआरती

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अयोध्या एक बार फिर आस्था और रोशनी के सबसे बड़े पर्व के लिए तैयार है. इस बार का दीपोत्सव 2025 अब तक का सबसे भव्य आयोजन होने जा रहा है जिसमें 26 लाख दीयों की जगमगाहट, 2100 भक्तों की महाआरती और 1100 ड्रोन का शानदार शो देखने को मिलेगा. जान‍िए- क्या है यूपी सरकार की तैयारी और कैसे होंगे सुरक्षा इंतजाम.

पवित्र नगरी अयोध्या एक बार फिर आस्था की ‘रोशनी’ से जगमगाने की तैयारी में है. उत्तर प्रदेश के पर्यटन और संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि दीपोत्सव 2025 अब तक का सबसे भव्य और यादगार आयोजन होना चाहिए. उन्होंने लखनऊ में एक समीक्षा बैठक की और कहा कि मुख्य कार्यक्रम से पहले 18 अक्टूबर को एक मॉक ड्रिल होगी, ताकि सुरक्षा और अन्य इंतजामों की पूरी जांच हो सके.

मंत्री ने कहा कि इस बार की भव्य झांकी में सिर्फ धार्मिक ही नहीं, बल्कि सामाजिक संदेश भी झलकने चाहिए जैसे मिशन शक्ति के जरिए महिला सशक्तिकरण और स्वच्छ भारत अभियान का संकल्प. उन्होंने कहा कि दीपोत्सव सिर्फ रोशनी का पर्व नहीं होना चाहिए बल्कि हमारी सामाजिक जागरूकता और एकता का प्रतीक भी बने.

अधिकारियों ने बताया कि तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी हैं. इस बार 26 लाख से ज्यादा मिट्टी के दीये जलाए जाएंगे और 2100 भक्त एक विशाल महाआरती करेंगे. इसके साथ ही 1100 ड्रोन का शानदार एरियल शो भी होगा जो मिलकर कई विश्व रिकॉर्ड तोड़ने वाला आयोजन बनेगा.

जयवीर सिंह ने बताया कि इस साल का दीपोत्सव ऐसा होगा जिसमें हर किसी की भागीदारी होगी और जो दुनिया भर के लोगों को आकर्षित करेगा. केंद्र सरकार के पर्यटन, संस्कृति और विदेश मंत्रालय के प्रतिनिधियों के साथ-साथ देश के सभी राज्यों और कई विदेशी मेहमानों को भी आमंत्रित किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि अयोध्या अब ग्लोबल आस्था की सांस्कृतिक राजधानी बन चुकी है. दीपोत्सव 2025 सिर्फ भगवान राम के आगमन का उत्सव नहीं होगा बल्कि भारत की एकता, विविधता और मेहमाननवाजी का संदेश भी देगा.

जयवीर स‍िंह ने ये भी कहा कि रामकथा पार्क तक आम लोगों की पहुंच आसान होनी चाहिए और भीड़ प्रबंधन, रोशनी, सफाई और सुविधाओं के पुख्ता इंतजाम किए जाएं. साथ ही अंतरराष्ट्रीय रामलीला महोत्सव को भी विश्व स्तर पर प्रचारित करने के निर्देश दिए गए.
कार्यक्रम के तहत देशभर यानी दक्षिण भारत से लेकर हरियाणा तक से नृत्य और संगीत दल बुलाए जा रहे हैं. कुल 10 सांस्कृतिक मंच अयोध्या के अलग-अलग प्रमुख स्थानों पर लगाए जाएंगे जहां भारत की कला और संस्कृति की झलक देखने को मिलेगी.

पर्यावरण के प्रति प्रतिबद्धता दिखाते हुए जयवीर सिंह ने कहा कि दीपोत्सव 2025 पूरी तरह से इको-फ्रेंडली होगा. युवाओं और पर्यटकों के लिए भगवान राम और हनुमान जी की झांकियों वाले सेल्फी पॉइंट बनाए जाएंगे. वहीं सफाई, पानी, रोशनी और सजावट के लिए बड़े स्तर पर तैयारियां चल रही हैं.

इस बार दीपोत्सव में सरयू नदी के 56 घाटों पर 26 लाख दीयों की रौशनी फैलेगी. करीब 33,000 वालंटियर्स दीये जलाने में हिस्सा लेंगे जो हर दीया भक्ति, एकता और उम्मीद का प्रतीक होगा.

जयवीर सिंह ने कहा कि दीपोत्सव अब सिर्फ भक्ति का नहीं बल्कि संस्कृति, तकनीक और गर्व का संगम बन चुका है. इस बार इसे और भी भव्य बनाया जा रहा है ताकि हर आगंतुक के लिए यह अविस्मरणीय अनुभव बन जाए. कार्यक्रम में मल्टीमीडिया प्रोजेक्शन मैपिंग शो, 3D होलोग्राफिक लेजर म्यूजिक, ड्रोन डांस शो, ग्रीन आतिशबाजी, हाइड्रोलिक स्क्रीन शो और वॉटर टेबल जैसी कई आकर्षक झलकियां होंगी. साथ ही, 100 से अधिक कलाकार लाइव परफॉर्मेंस देंगे.

मुख्य सचिव (पर्यटन, संस्कृति और धार्मिक कार्य) अमृत अभिजात ने निर्देश दिया कि रामपथ जाने वाले सभी रास्तों को रोशनी और सजावट से चमकाया जाए और पेड़ों को लाइटिंग से सजाया जाए. उन्होंने बताया कि महिला नेतृत्व वाली झांकियों और सरकारी योजनाओं से जुड़े थीमेटिक प्रदर्शन भी शामिल होंगे. बैठक में पर्यटन महानिदेशक राजेश कुमार, विशेष सचिव ईशा प्रिया, ईको टूरिज्म निदेशक प्रखर मिश्रा समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे.

GUJARAT : पढ़ाई के लिए डांटने पर छात्र ने दी जान, सोसाइटी की 9वीं मंजिल से कूदा

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गुजरात के सूरत में एक छात्र ने सुसाइड कर लिया. उसने यह कदम इसलिए उठाया, क्योंकि माता-पिता ने उसे पढ़ाई के लिए डांट दिया था. आत्महत्या से पहले का छात्र का एक वीडियो भी सामने आया है.

गुजरात में सूरत जिले के उधना इलाके में एक 12 साल के छात्र ने अपने घर के पास की शुभम रेजीडेंसी की नौवीं मंजिल से कूदकर जान दे दी. बताया जाता है कि परीक्षा के दौरान माता-पिता द्वारा पढ़ाई के लिए डांटे जाने के बाद छात्र ने यह कदम उठाया. आत्महत्या से पहले का छात्र का एक वीडियो भी सामने आया है. जिसमें वह लिफ्ट से बिल्डिंग पर जाते हुए दिखाई दे रहा है.

मृतक छात्र की पहचान 12 वर्षीय अवनीश तिवारी के रूप में हुई है. आत्महत्या से पहले आए सीसीटीवी में उसके चेहरे के हाव भाव से नहीं लग रहा है कि वह ऐसा कदम उठा लेगा. 9वीं मंजिल से कूदने के बाद नीचे गिरते ही अवनीश तिवारी की मौत हो गई.छात्र को नीचे पड़ा देख आस-पास बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए. लेकिन शुभम रेजीडेंसी में कोई भी 12 वर्षीय छात्र को नहीं जानता था. इसलिए उसके शव को अज्ञात मानकर पोस्टमॉर्टम के लिए स्मीमेर अस्पताल भेज दिया गया था. वहीं, जानकारी लगते ही छात्र का परिवार अस्पताल पहुंच गया.

खुदकुशी करने वाला छात्र अवनीश तिवारी अपने परिवार के साथ उधना इलाके की प्रभुनगर सोसाइटी में रहता था. तिवारी परिवार में एक बेटा, माता-पिता ही थे. अवनीश घर के पास के एक स्कूल में सातवीं कक्षा में पढ़ता था और अभी उसकी परीक्षाएं चल रही थीं व एक पेपर बचा था. ऐसे में घरवाले अवनीश को पढ़ाई पर ध्यान देने के लिए कहते थे, लेकिन उसे पढ़ना पसंद नहीं था. इसी बीच सोमवार सुबह अवनीश घर से निकलकर 500 मीटर दूर स्थित शुभम रेजीडेंसी पहुंच गया. जहां लिफ्ट से रेजीडेंसी की छत पर जाते हुए वह सीसीटीवी में कैद हो गया. इसके बाद उसने 9वीं मंजिल से छलांग लगा दी, जिससे उसकी मौत हो गई.

नोट:- (अगर आपके या आपके किसी परिचित के मन में आता है खुदकुशी का ख्याल तो ये बेहद गंभीर मेडिकल एमरजेंसी है. तुरंत भारत सरकार की जीवनसाथी हेल्पलाइन 18002333330 पर संपर्क करें. आप टेलिमानस हेल्पलाइन नंबर 1800914416 पर भी कॉल कर सकते हैं. यहां आपकी पहचान पूरी तरह से गोपनीय रखी जाएगी और विशेषज्ञ आपको इस स्थिति से उबरने के लिए जरूरी परामर्श देंगे. याद रखिए जान है तो जहान है.)

JAIPUR : जर्मन महिला के साथ कलेश! पड़ोसियों ने की गाली-गलौच, घर पर फेंके पत्थर, जयपुर का वीडियो वायरल

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जयपुर से एक चौंका देने वाला मामला सामने आया है, जहां एक जर्मन महिला और उसके भारतीय पति को पड़ोसियों ने धमकाया और उनके घर पर हमला भी किया. जनिए क्या है पूरा मामला.राजस्थान की राजधानी जयपुर, जो अपनी मेहमाननवाजी और सांस्कृतिक विरासत के लिए जानी जाती है, वहां से एक ऐसी घटना सामने आई है, जिसने सबको हैरान कर दिया है. यहां एक जर्मन महिला और उसके भारतीय पति को पड़ोसियों ने धमकाया और उनके घर पर हमला भी किया. इस घटना का वीडियो जर्मन महिला ने खुद रिकॉर्ड किया, जो अब सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है.

बता दें मामला जयपुर के जगतपुरा इलाके में स्थित एक विला सोसाइटी का है. जहां जर्मन महिला, जिनकी पहचान जूलिया के रूप में हुई है और उनके भारतीय पति, जिनका नाम उत्तम शर्मा बताया जा रहा है. वीडियो में देखा जा सकता है कि वो दोनों अपने घर के अंदर छिपे हुए है, क्योंकि बाहर लोगों की भीड़ इकट्ठा है.भीड़ में ज्यादातर महिलाएं हैं, जो गालियां देते हुए धमकियां दे रही हैं और जूलिया और उसके पति को बार-बार बाहर आने की चेतावनी भी देती नजर आ रही हैं. जूलिया ने वीडियो में कहा कि पड़ोसियों ने उनके घर पर हमला किया, दरवाजे और खिड़कियां तोड़ी. साथ ही साथ उनका फोन छीनने की भी कोशिश की.

दरअसल, पड़ोसियों ने जूलिया और उनके पति पर आरोप लगाया है कि इनका पालतू कुत्ता सोसाइटी में पॉटी करता है और बाद में वह सफाई भी नहीं करते हैं, जिससे सोसाइटी में गंदगी और बदबू होती है. इस पर उत्तम ने कहा कि कुत्ते की पॉटी को तुरंत साफ कर देते हैं, लेकिन इसी बात पर विवाद इतना बढ़ गया कि पड़ोसियों ने उनके घर पर हमला कर दिया.

वीडियो में साफ नजर आ रहा है कि कैसे स्थानीय महिलाएं जूलिया और उनके पति के ऊपर पत्थर फेंक रही हैं. ये विवाद पुलिस स्टेशन तक चला गया. महिलाओं ने जूलिया के पति पर ही आरोप लगाए और गिरफ्तार करवा दिया, जबकि उत्तम खुद शिकायतकर्ता थे. पुलिस ने कहा कि हमने वीडियो देखा और इस मामले पर कार्रवाई की जाएगी.

NATIONAL : जिस कपड़े से प्राइवेट पार्ट साफ किया, उसी को बर्तनों पर रखा, जूस वाले की शर्मनाक हरकत, पुलिस ने जब्त की रेहड़ी

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देहरादून में एक जूस बेचने वाले की शर्मनाक और घिनौनी हरकत ने लोगों में भारी आक्रोश पैदा कर दिया है. आरोपी की यह गंदी करतूत एक मोबाइल कैमरे में कैद हो गई.उत्तराखंड की राजधानी देहरादून से एक शर्मनाक मामला सामने आया है. यहां एसएसपी कार्यालय के बाहर कोर्ट तिराहे पर जूस बेचने वाले युवक की गंदी हरकत कैमरे में कैद हो गई. युवक समुदाय विशेष का है. बताया जा रहा है कि युवक पहले अपने प्राइवेट पार्ट को कपड़े से साफ कर रहा था और फिर उसी कपड़े को उसने जूस के बर्तन में डाल दिया.

घटना शनिवार की बताई जा रही है. मौके पर मौजूद एक युवती ने जब जूस बेचने वाले को शर्मनाक हरकत करते देखा, तो उसने उसे रोका और पूछा कि वह ऐसा क्यों कर रहा है?

इस पर आरोपी ने सफाई देते हुए कहा कि उसके पेट के निचले हिस्से में फुंसी हो गई थी, जिसे वह साफ कर रहा था. घटना की जानकारी मिलते ही चौक क्षेत्र की चीता पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपी को कोतवाली ले जाया गया. शहर कोतवाल प्रदीप पंत ने बताया कि आरोपी की रेहड़ी को सीज कर उसके खिलाफ पुलिस एक्ट के तहत कार्रवाई की गई है.स्थानीय लोगों ने इस घटना पर कड़ी नाराजगी जताई है और प्रशासन से ऐसे लोगों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है ताकि भविष्य में कोई भी इस तरह की हरकत करने से पहले सौ बार सोचे.

उधर, पुलिस ने आरोपी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करते हुए रेहड़ी को सीज कर दिया और भविष्य में वहां पर रेहड़ी न खड़ी करने की हिदायत दी.

NATIONAL : ‘धोनी की बेटी के साथ एड फिल्म दिलाएंगे…’ बच्ची को विज्ञापन में लेने के नाम पर मां-बाप से ठगी

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गुरुग्राम में एक महिला ने दंपति से उनकी बेटी को टीवी एड में लेने के नाम पर ठगी की. युवती ने खुद को’किड्स इंडिया एजेंसी’ की कर्मचारी बताया और फोटोग्राफर फीस व शूटिंग ड्रेस के बहाने 32 हजार रुपये वसूल लिए. ठगी का अहसास होने पर पीड़ितों ने साइबर क्राइम यूनिट में शिकायत दर्ज कराई.

दिल्ली से सटे साइबर सिटी गुरुग्राम में एक महिला द्वारा एक दंपति से लाखों रुपए की ठगी करने का मामला सामने आया है. पीड़ित दम्पति की शिकायत पर साइबर क्राइम यूनिट ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. साइबर क्राइम यूनिट ईस्ट को दी शिकायत में प्रीतम घोष ने कहा है कि वह गुरुग्राम के सेक्टर-107 एमथ्रीएम वुडशायर सोसाइटी में रहते हैं. बीते दिनों वह अपनी पत्नी और बच्चों के साथ एंबिएंस मॉल गए थे. जाम बार रेस्टोरेंट के बाहर एक अंजान युवती ने उनसे बातचीत शुरू की. उसने अपना नाम अंजली बताया. उसने कहा कि वह किड्स इंडिया एजेंसी के लिए काम करती है और वह इस समय टीवी एड की शूटिंग के लिए कुछ बच्चों की तलाश कर रही है.

युवती की नजर प्रीतम की छह साल की बेटी प्रतीक्षा पर पड़ी. युवती ने कहा कि वह बच्ची को टीवी एड शूटिंग में लेना चाहती है. युवती ने प्रीतम की पत्नी इशिका घोष का फोन नंबर ले लिया और बाद में फोन पर बात करने के लिए कहा. उसी दिन रात साढ़े 11 बजे अंजली ने इशिका के पास मैसेज भेजा और उनके घर के वीडियो और बच्ची के फोटो मांगे. थोड़ी देर बाद युवती ने बच्ची के टीवी एड में सिलेक्ट होने की जानकारी दी और 32 हजार रुपये भेजने के लिए कहा. युवती ने कहा कि यह फोटोग्राफर की फीस है जो कि उनकी बेटी का पोर्टफोलियो एलबम बनाएगा. प्रीतम ने ये रुपये क्रेडिट कार्ड से भेज दिए.

उन्होंने शिकायत में बताया कि कुछ दिन बाद अंजली ने दोबारा उन्हें कुछ और वीडियो भेजने के लिए कहा. इस बार उसने कहा कि उसकी बेटी ओरियो बिस्किट एड के लिए सिलेक्ट की गई है. इस एड शूट में भारतीय क्रिकेटर महेंद्र सिंह धोनी की बेटी जीवा धोनी, फिल्म अभिनेत्री आलिया भट्ट और अभिनेता अल्लू अर्जुन भी काम कर रहे हैं. युवती ने बच्ची की ड्रेस और फोटो शूट के नाम पर एक लाख रुपये की डिमांड की. इस पर प्रीतम को धोखाधड़ी का अहसास हुआ. पुलिस ने शिकायत के आधार पर केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.

NATIONAL : ‘पापा, अब घर ले चलो…’ एक दिन की कफ सिरप ने ऐसे छीन ली योजिता, 16 डायलिसिस के बाद भी न बची मासूम

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योजिता की कहानी किसी भी माता-पिता का दिल तोड़ देने वाली है. वो कहानी जिसमें एक पिता हर दिन अपनी बच्ची की जिंदगी के लिए भागदौड़ करता रहा. कभी डॉक्टरों के पास, कभी अस्पतालों में, कभी पैसों के इंतजाम में, तो कभी भगवान के आगे हाथ जोड़ते हुए. लेकिन आखिर में जब ICU में बिस्तर पर लेटी बेटी की मासूम आवाज उनके कानों में पड़ी ‘पापा, अब घर ले चलो…’ तो वह टूट गए.

दो साल की योजिता ठाकरे को बस हल्का-सा बुखार था. पिता सुशांत उसे डॉक्टर के पास लेकर गए. डॉक्टर ने दूसरी दवाइयों के साथ सिरप भी लिखी. सबको लगा बेटी जल्दी ठीक हो जाएगी. लेकिन वही सिरप उसकी जिंदगी का आखिरी स्वाद बन गया. महज एक दिन में बुखार ठीक करने की दवा जहर बन गई और पिता की गोद में खिलखिलाने वाली बेटी 22 दिन तक मौत से लड़ती रही. 16 बार डायलिसिस हुआ इसके बाद भी उसे बचाया नहीं जा सका.

8 सितंबर की शाम. छिंदवाड़ा के एक प्राइवेट स्कूल में पढ़ाने वाले सुशांत ठाकरे अपनी बेटी योजिता को गोद में लिए डॉक्टर के पास पहुंचे. डॉक्टर ठाकुर, जिनसे वे हमेशा इलाज करवाते थे, उस दिन क्लिनिक में नहीं थे. सुशांत ने पास ही के डॉक्टर प्रवीण सोनी से संपर्क किया. डॉ. सोनी ने कुछ दवाइयां दीं और चार बार देने की सलाह देकर कहा, कोई दिक्कत नहीं, कल तक ठीक हो जाएगी. सुशांत ने बेटी को पहला डोज उसी के सामने पिलाया. रात में तीन बजे दूसरा, सुबह तीसरा और दोपहर में चौथा. लेकिन उस दिन के बाद जो हुआ, उसने पूरा परिवार तोड़ दिया.

अगली सुबह बुखार तो उतरा, पर योजिता की हालत बिगड़ गई. उसने हरे रंग की उल्टियां कीं. सुशांत फिर भागे डॉक्टर प्रवीण सोनी के पास. डॉक्टर ने जांच के बाद कहा, किडनी में इंफेक्शन है, तुरंत नागपुर ले जाइए. छिंदवाड़ा में इसका इलाज संभव नहीं. पिता सुशांत ने एक पल भी नहीं गंवाया. बेटी को गोद में उठाया और रातों-रात नागपुर के लिए निकल पड़े.

नागपुर पहुंचने पर जिस अस्पताल का नाम डॉक्टर ने बताया था, वहां डायलिसिस की सुविधा ही नहीं थी. मजबूरन योजिता को उसी रात नेल्सन हॉस्पिटल ले जाया गया. वहीं उसकी जिंदगी की सबसे लंबी लड़ाई शुरू हुई 22 दिन तक लगातार इलाज, 16 बार डायलिसिस, वेंटिलेटर और अनगिनत इंजेक्शन. हर डायलिसिस के साथ सुशांत की उम्मीदें घटती जा रही थीं. पर बेटी की आंखों में वो चमक अब भी थी ‘पापा, घर चलो…’ वो जानती भी नहीं थी कि अब उसका घर लौटना शायद नामुमकिन हो चुका है.

नेल्सन हॉस्पिटल का बिल 12 लाख रुपए से ऊपर पहुंच गया. सुशांत एक साधारण शिक्षक हैं. महीने की सैलरी मुश्किल से परिवार चलाने लायक. फिर भी उन्होंने हार नहीं मानी. भाई ने एफडी तोड़ दी, दोस्तों ने मदद की, ससुराल पक्ष ने जो था वो दिया. सोशल मीडिया के जरिए क्राउड फंडिंग की. मुंबई के एक एनजीओ ने एक लाख रुपये भेजे. स्कूल के साथी टीचरों और पड़ोसियों ने भी हाथ बढ़ाया.

22 दिन तक मशीनों से बंधी योजिता लड़ती रही. पिता की आंखें हर रोज उसके होंठों से एक मुस्कान की उम्मीद करतीं. लेकिन 4 अक्टूबर को सुबह वह मुस्कान हमेशा के लिए खो गई. छिंदवाड़ा के उस छोटे से घर में अब खिलखिलाहट की जगह सन्नाटा है. दीवारों पर टंगी उसकी तस्वीरें और जन्मदिन का गुब्बारा अब भी वहीं हैं बस वो नहीं है.

सुशांत कहते हैं, अगर मुझे पता होता कि वो सिरप जहरीली है, तो मैं अपनी बेटी को कभी नहीं देता. सबसे बड़ा दोषी मैं खुद हूं. वे कहते हैं कि अगस्त में इसी सिरप से बच्चों की तबीयत बिगड़ने की खबर आई थी. डॉक्टर को पता था, फिर क्यों दी वही दवा? कंपनी ने भी दवा की जांच क्यों नहीं कराई? सबकी लापरवाही ने मेरी बेटी को मार दिया.

सुशांत बताते हैं कि उन्होंने कई बार एम्स नागपुर में एडमिशन कराने की कोशिश की, लेकिन हर बार उन्हें लौटा दिया गया. वह कहते हैं कि मैंने हेड डॉक्टर से कहा मेरी बेटी की जान बचा लीजिए. उन्होंने जवाब दिया हम दूसरे मरीज को नहीं हटाएंगे. लेकिन मैंने खुद देखा, कई बेड खाली थे. अगर वे चाहते, तो मेरी बच्ची जिंदा होती.

अब सुशांत की एक ही मांग है दोषियों को ऐसी सजा मिले कि कोई और बच्चा इस जहर का शिकार न बने. वे कहते हैं,डॉक्टर, कंपनी और सिस्टम तीनों जिम्मेदार हैं. यह कोई हादसा नहीं, हत्या है.
योजिता के पिता सोशल मीडिया पर इंसाफ की मुहिम चला रहे हैं. लोग उनके साथ जुड़ रहे हैं. उनका कहना है, यह सिर्फ मेरी बेटी की लड़ाई नहीं है, उन सभी मासूमों की आवाज है जो इस जहरीली कफ सिरप से मारे गए.

प्रदेश सरकार ने योजिता के परिवार को चार लाख रुपये का मुआवजा देने का ऐलान किया है. पर सुशांत की आंखों में वो रकम नहीं, बस अपनी बेटी का चेहरा है. 13 लाख खर्च करके भी हम उसे नहीं बचा सके. अब 4 लाख से क्या होगा? मैं चाहता हूं कि ऐसी गलती दोबारा न हो. ये मुआवजा नहीं, जिम्मेदारी तय होनी चाहिए.

ENTERTAINMENT : कौन हैं मैथिली ठाकुर, रियलिटी शो जीतने से चूकीं, लेकिन सुरीली आवाज ने बनाया सिंगिंग सेंसेशन

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लोक गायिका मैथिली ठाकुर के राजनीति में कदम रखने की चर्चा है. मैथिली की लोकप्रियता सोशल मीडिया पर जबरदस्त है. बचपन में ही उन्होंने म्यूजिक सीखना शुरू कर दिया था. 25 साल की मैथिली ने कई सिंगिंग शो में हिस्सा लिया और संगीत की दुनिया में अपनी अलग पहचान बनाई है.

लोक गायिका मैथिली ठाकुर चर्चा में बनी हुई हैं. सिंगिंग जगत में नाम कमाने के बाद कयास हैं कि वो राजनीति के क्षेत्र में कदम रखेंगी. मैथिली ने खुद कहा है अगर बीजेपी उन्हें मौका देगी तो वो बिहार के अलीनगर या बेनीपट्टी सीट से चुनाव लड़ना चाहेंगी. अब बिहार विधानसभा चुनाव में मैथिली का टिकट कंफर्म होगा या नहीं, जल्द मालूम पड़ेगा. इससे पहले उनके बारे में जान लेते हैं.

मैथिली बिहार की फेमस सिंगर हैं. वो दरभंगा की रहने वाली हैं. मैथिली लोक संगीत के लिए वो जानी जाती हैं. विदेश में भी मैथिली कॉन्सर्ट करती हैं. 25 साल की सिंगर मिथिला संस्कृति के लिए फेमस हैं. बचपन से मैथिली को गाने का शौक है. वो प्लेबैक सिंगर हैं. क्लासिकल म्यूजिक में उनकी ट्रेनिंग हुई है. मैथिली ने कई भाषाओं में गाने गाए हैं. उनके पिता रमेश ठाकुर और मां भारती ठाकुर मैथिली म्यूजिशियन हैं.

दोनों बतौर म्यूजिक टीचर काम करते हैं. मैथिली के दो भाई हैं. वो भी संगीत की दुनिया में अपना करियर बना रहे हैं. सभी बच्चों को उनके दादा और पिता ने संगीत की तालीम दी है. तीनों भाई बहनों को हिंदुस्तानी क्लासिक म्यूजिक के अलावा हारमोनियम और तबला बजाने की भी ट्रेनिंग दी गई है.

मैथिली 4 साल की उम्र से संगीत सीख रही हैं. 10 की उम्र में मैथिली ने म्यूजिक फंक्शन और जागरण में गाना शुरू कर दिया था. मैथिली ने सिंगिंग रियलिटी शो ‘इंडियन आइडल जूनियर’ और ‘राइजिंग स्टार’ सीजन 1 में पार्टसिपेट किया. भले ही किसी भी कॉम्पिटिशन को मैथिली नहीं जीतीं, बावजूद इसके वो म्यूजिक की दुनिया में सेंसेशन बनीं. विनर्स से ज्यादा लाइमलाइट मैथिली ने अपनी नाम की.

मैथिली ने 2016 में ‘आई जीनियस यंग सिंगिंग स्टार’ कॉम्पिटिशन जीता था. इसके बाद उन्होंने अपना एलबम ‘या रब्बा’ लॉन्च किया. सोशल मीडिया पर उनके सिंगिंग वीडियो धड़ल्ले से वायरल होते हैं. आज वो किसी पहचान की मोहताज नहीं हैं. इंस्टा पर मैथिली के 6.3 मिलियन फॉलोअर्स हैं. फेसबुक और यूट्यूब पर भी वे छाई रहती हैं. बीते दिनों उन्होंने अंबानी के गणेशोत्सव में धमाकेदार परफॉर्मेंस दी थी. उनकी गायिकी सुनकर सभी मंत्रमुग्ध हो जाते हैं.

ENTERTAINMENT : मजबूरी या मेकर्स की ड‍िमांड? क्यों अमाल के ल‍िए फैंस का भरोसा खो रहे सलमान

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इस हफ्ते के वीकेंड का वार एपिसोड के बाद से बिग बॉस को लेकर सोशल मीडिया पर हलचल मची हुई है. अमाल मलिक की गलतियों पर पर्दा डालने पर सलमान और शो के मेकर्स ट्रोल हो रहे हैं. सेलेब्स भी खुलेआम सलमान के बायस्ड बिहेवियर को कॉल आउट कर रहे हैं.

ये बिग बॉस है या अमाल मलिक का इमेज क्लीनिंग शो? ऐसा हम नहीं कह रहे, बल्कि ये देशभर के उन लाखों दर्शकों का सवाल है, जो सालों से बिग बॉस के डाई-हार्ट फैन हैं. अमाल के लिए सलमान और मेकर्स का बायस्ड रवैया देखकर फैंस परेशान हो चुके हैं. बात इतनी आगे बढ़ गई है कि सलमान की होस्टिंग पर भी सवाल उठने लगे हैं. फैंस ये जानना चाहते हैं कि आखिर सलमान खान कौन सा शो देखकर वीकेंड का वार होस्ट कर रहे हैं?

शो इस समय दो ग्रुप्स में बंट चुका है. एक है ‘अमाल ग्रुप’ और दूसरा है ‘अभिषेक ग्रुप’. सलमान और मेकर्स का फेवरेट ‘अमाल ग्रुप’ घर में खुल्लम खुल्ला गालियां दे रहा है. गंदी भाषा का इस्तेमाल कर रहा है. मेकर्स की बेइज्जती कर रहा है. लेकिन अंत में डांट पड़ती है अभिषेक के ग्रुप की. पिछले हफ्ते अमाल मलिक ने शो में सिर्फ एग्रेशन दिखाया. गंदी-गंदी गालियां दीं. माइक उतारकर फेंका. अमाल ने अशनूर के लिए बोला कि वो भौंकती है. अभिषेक को सुरसुरी लगती है. नेशनल टीवी पर एक 21 साल की लड़की के लिए ये बोलना कि वो भौंकती रहती है, ये कहां तक जस्टिफाई है? इतना ही नहीं अमाल ने सलमान तक की बेइज्जती की. अमाल ने बोला- ‘देख लेंगे वीकेंड का वार पर, कौन बोलता है आकर’.

मगर इतना सब होने के बावजूद भी वीकेंड का वार में सलमान ने अमाल को आईना दिखाने के बजाए उनकी तारीफ की. सलमान ने अमाल से कहा कि उन्हें उनपर गर्व है. ऐसे में दर्शक ये जानना चाहते हैं कि आखिर अमाल की किस बात पर सलमान प्राउड फील कर रहे हैं- नेशनल टीवी पर लड़कियों-मेकर्स की बेइज्जत करने या फिर गालियां देने पर?

हफ्तेभर गलतियां अमाल ने कीं, मगर सलमान ने फटकार लगाई अभिषेक की, वो भी इस बात पर कि उन्होंने अमाल के बेड पर खाना क्यों खाया? अशनूर की डांट पड़ी कि वो बदतमीज और एरोगेंट वुमन लग रही हैं, जबकि अशनूर ने शो में अभी तक दायरे के बाहर जाकर कोई लड़ाई नहीं लड़ी.अमाल के ग्रुप की फरहाना ने अशनूर को छिपकली कहा. 61 साल की कुनिका को बेइज्जत किया, मगर ये सब सलमान को नहीं दिखा. सलमान अपने चहेते अमाल के ग्रुप के हर सदस्य की गलतियों पर पर्दा डालते दिखे और अभिषेक-अशनूर को बिना बात के लताड़ते नजर आए.

जब कुनिका ने अमाल मलिक की गलतियों से पर्दा उठाया तो सलमान ने कुनिका को ही गलत साबित कर दिया. मगर अमाल की इमेज पर आंच नहीं आने दी. ऐसे में बिग बॉस के दर्शक सलमान के रवैये को डाइजेस्ट नहीं कर पा रहे हैं. फैंस सोशल मीडिया पर ये सवाल कर रहे हैं कि सलमान आखिर कौन सा शो देख रहे हैं?

वैसे तो बिग बॉस में हर साल ही कुछ कंटेस्टेंट्स के लिए मेकर्स और सलमान की बायस्डनेस देखी जाती है. ये नहीं भूलना चाह‍िए क‍ि ये सब भी एक गेम का ह‍िस्सा है. मगर इस साल तो हद ही पार हो गई. अमाल शो में जितनी भी बदतमीजियां कर लें, मगर वीकेंड का वार में सलमान उनकी इमेज को किसी न किसी तरह पॉलिश कर देते हैं और अभिषेक को फटकार लगाकर उन्हें विलेन बना देते हैं. क्योंकि घर में अमाल के अलावा सबसे ज्यादा एक्टिव अभिषेक ही हैं. ऐसे में अमाल की इमेज पॉलिशिंग के चक्कर में अभिषेक बलि का बकरा बन जाते हैं.

मगर ये जनता है, जो सब जानती है. अब तो फैंस के साथ सेलेब्स भी सलमान के बायस्ड बिहेवियर को खुलेआम कॉल आउट करने लगे हैं. बिग बॉस के कंटेस्टेंट रह चुके मशहूर सिंगर राहुल वैद्य ने वीकेंड का वार के बाद X पर पोस्ट शेयर कर कहा- पिछली रात का वीकेंड का वार अब तक का सबसे बायस्ड था. बिग बॉस के एक्स कंटेस्टेंट राजीव अदातिया ने लिखा- मुझे लगता है कि फराह खान को वापस आकर वीकेंड का वार के कुछ एपिसोड होस्ट करने चाहिए. मुझे सलमान सर बहुत पसंद हैं, लेकिन उन्हें जिन लोगों को बोलना चाहिए वो नहीं बोल रहे. फराह को शो में आकर कुछ लोगों को उनकी जगह दिखाने की जरूरत है.

एक टाइम था, जब सलमान के लिए लोग बिग बॉस देखते थे और आज वो टाइम आ गया है जब दर्शकों से लेकर सेलेब्स तक सलमान को हटाकर फराह खान को होस्ट बनाने की मांग कर रहे हैं, क्योंकि जैसा कि सलमान कहते हैं कि जनता बारीकी से शो देखती है, तो बता दें कि जनता को सब पता है कि कौन सही है और कौन गलत. इसलिए शो में गलत नैरेटिव सेट करने से दर्शकों को भटकाया नहीं जा सकता. वीकेंड का वार में जबरन किसी की इमेज पॉलिश करने से सिर्फ मेकर्स, सलमान और शो को ही नुकसान पहुंच रहा है. सोशल मीडिया पर सलमान खान की जमकर ट्रोलिंग हो रही है. फैंस सलमान और मेकर्स से नाराज हो रहे हैं.

NATIONAL : ‘तुम्हें 100 का नोट भी नहीं दूंगा, ले लेना’, चुनौती देने पर जिम में हाई प्रोफाइल मर्डर, पुर्तगाल में बैठे गैंग ने कहा- हम किसी को भूलते नहीं

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विदेश में बैठे गैंगस्टर ने रमेश रुलानिया के मर्डर के बाद एक पोस्ट में लिखा कि आज सबको पता चल गया होगा कि हम किसी को नहीं भूलते. थोड़ा वक्त लग सकता है, लेकिन सबकी बारी आएगी. जो भी हमारे फोन को अनसुना करेगा, वो तैयार रहे…

नागौर जिले के कुचामन सिटी में जिम के अंदर हुई रमेश रुलानिया की हत्या की जिम्मेदारी गैंगस्टर रोहित गोदारा गैंग ने सोशल मीडिया पर पोस्ट डालकर ली है. यह हत्याकांड केवल वर्चस्व की लड़ाई नहीं, बल्कि गैंग को ‘अपमान’ का बदला लेने की कार्रवाई बताई जा रही है.हत्या की जिम्मेदारी पुर्तगाल में बैठे गैंगस्टर वीरेंद्र चरण ने ली है, जो रोहित गोदारा का करीबी साथी है. वीरेंद्र चरण वही गैंगस्टर है जिसने पहले करनी सेना के अध्यक्ष की हत्या की थी. वर्तमान में रोहित गोदारा और वीरेंद्र चरण दोनों पुर्तगाल से ही भारत में अपना गैंग संचालित कर रहे हैं.गैंगस्टर वीरेंद्र चरण ने हत्या की वजह का खुलासा करते हुए लिखा कि रमेश रुलानिया को लगभग एक साल पहले कॉल किया गया था. उस वक्त रमेश ने उनके लिए अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल किया.

इसके बाद रमेश ने सोशल मीडिया पर वीडियो डालकर गैंग को चुनौती दी थी और कहा था कि “मैं तुम्हें 100 रुपये का नोट भी नहीं दूंगा, ले लेना.”
पोस्ट में अंत में खुली धमकी दी गई है कि “आज सबको पता चल गया होगा कि हम किसी को नहीं भूलते… जो भी हमारे फोन को इग्नोर करेगा और अनसुना करेगा, वो तैयार रहे, सबकी बारी आने वाली है.”

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