Sunday, May 3, 2026
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ENTERTAINMENT : क्या आप मरने वाले हो? जब पापा सैफ को खून में लथपथ देख तैमूर ने पूछ लिया था ये सवाल

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बॉलीवुड एक्टर सैफ अली खान पर कुछ समय पहले उनके घर में ही हमला हुआ था. जिसमें उन्हें काफी चोट आई थी. उस हमले के बाद सैफ को देखकर बेटे तैमूर का क्या रिएक्शन था.

बॉलीवुड एक्टर सैफ अली खान पर इस साल की शुरुआत में हमला हुआ था. आरोपी ने बचने के लिए सैफ अली खान पर 6 बार चाकू से वार किया था. इस घटना के दौरान सैफ अली खान को काफी चोट लगी थी. वो कई दिनों तक हॉस्पिटल में भी रहे थे. अब इस हमले के बारे में सैफ ने काजोल और ट्विंकल खन्ना से बात की है. साथ ही बताया है कि सैफ को खून में लतपथ देखकर उनके बेटे तैमूर अली खान का क्या रिएक्शन था.

काजोल और ट्विंकल खन्ना का शो टू मच विद काजोल एंड ट्विंकल हाल ही में ओटीटी प्लेटफॉर्म पर रिलीज हुआ है. शो के अब तक एपिसोड्स आ चुके हैं और तीसरा एपिसोड अगले गुरुवार को आने वाला है. इस एपिसोड में सैफ अली खान और अक्षय कुमार आएंगे. जिनके साथ दोनों एक्ट्रेस खूब मस्ती करती हुई नजर आएंगी. शो में ही सैफ उनके साथ हुई घटना के बारे में बताते नजर आएंगे.

सैफ अली खान बता रहे थे कि उस दिन क्या हुआ था और कैसे पापा को खून में देख उनके बेटे तैमूर पूछ रहा था- क्या आप मरने वाले हो? सैफ ने बताया कि ‘मेरे पैर पर भी चाकू लगा था और हर तरफ खून पड़ा हुआ था. तैमूर ने मुझे ऊपर सीढ़ियों पर देखा और कहा- क्या आप मरने वाले हो?’ मैंने इसके जवाब में कहा- ‘मुझे ऐसा नहीं लगता.’

सैफ इसे बहुत ही नॉर्मल तरीके से बता रहे थे और ये बात सुनकर काजोल इंप्रेस हो गईं. उन्होंने उठकर सैफ को गले लगा लिया और कहा- तुम रियल हीरो हो. वहीं दूसरी तरफ सैफ की बातें सुनकर ट्विंकल खन्ना चौंक गईं. वो बैठे हुए बहुत ध्यान से सब सुन रही थीं.

MAHARASHTRA : लिफ्ट में फंसने से 12 साल बच्चे की मौत, अस्पताल पहुंचने से पहले ही तोड़ा दम

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महाराष्ट्र के पिंपरी चौविसवाड़ी की राम स्मृति सोसाइटी में पुरानी लिफ्ट में फंसने से 12 साल के बच्चे की मौत हो गई. लिफ्ट तीसरी और चौथी मंजिल के बीच अचानक रुक गई थी.

महाराष्ट्र से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, पिंपरी चिंचवड़ के चौविसवाड़ी इलाके में गुरुवार (2 अक्टूबर) की शाम राम स्मृति सोसाइटी में एक 12 साल के बच्चे की लिफ्ट में फंसने से मौत हो गई. यह हादसा उस समय हुआ जब इमारत की पुरानी लिफ्ट तीसरी और चौथी मंजिल के बीच अचानक रुक गई.

जानकारी के मुताबिक, 12 साल का एक लड़का लिफ्ट में सवार होकर ऊपर जा रहा था. यह लिफ्ट पुराने डिज़ाइन की थी, जिसका दरवाजा लोहे की सलाखों से बना था. खेलते-खेलते बच्चे का पैर लिफ्ट के दरवाजे की सलाखों से बाहर निकल गया. इसी दौरान लिफ्ट दो मंजिलों के बीच फंस गई. बच्चे का पैर सलाखों में फंस गया, जिससे वह बाहर निकलने की कोशिश में चिल्लाने लगा. उसकी आवाज सुनकर आसपास के लोग दौड़े और बच्चे के माता-पिता को बुलाया गया.

लोगों ने बच्चे को निकालने की पूरी कोशिश की, लेकिन लिफ्ट का पुराना ढांचा और सलाखों में फंसा पैर स्थिति को और मुश्किल बना रहा था. समय बीतता जा रहा था, और बच्चे की हालत बिगड़ती जा रही थी. स्थानीय लोगों ने तुरंत पिंपरी चिंचवड़ नगर निगम के दमकल विभाग को सूचना दी. दमकल कर्मी जल्दी से मौके पर पहुंचे और कटर की मदद से लिफ्ट का दरवाजा काटकर बच्चे को बाहर निकाला.

बच्चे को तुरंत नजदीकी निजी अस्पताल ले जाया गया, लेकिन अफसोस अस्पताल पहुंचने से पहले ही उसकी मौत हो चुकी थी. डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. इस घटना ने पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ा दी.

यह हादसा पुरानी लिफ्टों की सुरक्षा और रखरखाव पर सवाल उठाता है. स्थानीय लोगों का कहना है कि राम स्मृति सोसाइटी की लिफ्ट काफी पुरानी थी और इसका रखरखाव ठीक से नहीं किया गया था. इस घटना के बाद प्रशासन से मांग की जा रही है कि पुरानी इमारतों में लिफ्टों की सुरक्षा जांच को और सख्त किया जाए. पिंपरी चिंचवड़ नगर निगम ने इस घटना की जांच के आदेश दिए हैं. अधिकारियों का कहना है कि लिफ्ट की तकनीकी खराबी और सुरक्षा मानकों की जांच की जाएगी. साथ ही, ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए भविष्य में कदम उठाए जाएंगे.

MP: बालाघाट में शराबी का हाईवोल्टेज ड्रामा, रेलवे पुल पर चढ़ा, फिर ट्रैक पर खड़ा होकर ठेलने लगा ट्रेन

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बालाघाट का एक वीडियो वायरल हो रहा है. जिसमें देखा जा सकता है कि एक शराबी रेलवे पुल पर चढ़ गया और ट्रैक पर खड़ा होकर हंगामा करने लगा. जिसके चलते कुछ देर के लिए ट्रेन रोकनी पड़ी.

मध्य प्रदेश के बालाघाट में शुक्रवार को एक शराबी रेलवे ट्रैक पर चढ़ गया और धीरे-धीरे चल रही ट्रेन के आगे खड़ा हो गया. जिससे ट्रेन रुक गई. इसके बाद भी शराबी भागा नहीं और ट्रेन के आगे खड़ा होकर ठेलने लगा. शराबी की इस हरकत से कुछ देर तक ट्रेन रुकी रही. जिसके बाद यात्रियों ने खुद नीचे उतरकर उसे हटाया. तब जाकर ट्रेन रवाना हुई. इस हाईवोल्टेज ड्रामे का एक वीडियो भी सामने आया है.

दरअसल, ये पूरा मामला बालाघाट के गर्रा रेलवे पुल की है. जहां शराबी ने अपनी जान खतरे में डाल दी. नशे में धुत शराबी ट्रैक पर उतर आया और जमकर हंगामा करने लगा. तभी बालाघाट से वारासिवनी जा रही पैसेंजर ट्रेन मौके पर पहुंच गई. लोको पायलट ने सतर्कता दिखाते हुए तुरंत ट्रेन रोक दी. वरना बड़ी दुर्घटना हो सकती थी. करीब 15 मिनट तक ट्रेन ट्रैक पर खड़ी रही.

इस दौरान यात्री परेशान होकर ट्रेन से उतरे और शराबी को ट्रैक से हटाया. उधर नदी में प्रतिमा विसर्जन कर रहे लोगों ने इस घटना का वीडियो बना लिया. वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद रेलवे विभाग में हड़कंप मच गया है. फिलहाल रेलवे पुलिस शराबी की पहचान और जांच में जुट गई है.

ENTERTAINMENT : गुरूर या ओवर कॉन्फिडेंस, बीच शो आदित्य ने तोड़े रिश्ते, ‘राइज’ करके उठाएंगे ट्रॉफी?

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राइज एंड फॉल हर दिन दिलचस्प होता जा रहा है. आदित्य नारायण ने बीच शो दोस्तों से अपने रिश्ते-नाते तोड़कर गेम दिलचस्प बना दिया है. बीच शो आदित्य का बदल जाना, दर्शकों को हैरान कर रहा है.

आदित्य नारायण एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री का बड़ा नाम हैं. लंबे ब्रेक के बाद आदित्य ने राइज एंड फॉल में हिस्सा लेने का फैसला किया. शो में उनकी शुरुआत धीमी थी, लेकिन अब वो फुल ऑन एक्शन में नजर आ रहे हैं. दिन-ब-दिन आदित्य का गेम स्ट्रॉन्ग होता जा रहा है, लेकिन कहीं ना कहीं उनमें ओवर कॉन्फिडेंस नजर आ रहा है.

आदित्य नारायण बतौर सिंगर और होस्ट अपनी पहचान बना चुके हैं, लेकिन लोग अब तक उनकी रियल पर्सनैलिटी से अनजान थे. राइज एंड फॉल में दर्शकों को उनकी रियल पर्सनैलिटी देखने को मिल रही है. शो में पहले आदित्य चुप-चुप रहते थे. वो अरजाब पटेल और धनश्री वर्मा संग साए की तरह साथ दिखते थे. ऐसा लगता था कि मानों उनकी पर्सनल राय है ही नहीं, लेकिन बीच शो उन्होंने अपने गेम में बदलाव किया है.

अब आदित्य पहले से ज्यादा स्ट्रॉन्ग और क्लियर दिख रहे हैं. उन्होंने अरबाज और धनश्री के साथ अपनी साझेदारी खत्म कर दी है. आदित्य, कीकू शारदा से कई दफा भिड़ते दिखे. शो के कंटेस्टेंट भी उनका बदला अंदाज देखकर सरप्राइज हैं. लेकिन यहां सवाल ये है कि अचानक ये ऐसा क्यों.

बीच शो में आदित्य न जिस तरह लोगों के मुंह पर बोलना शुरू किया है और दूसरों को अपशब्द कह रहे हैं, वो देखकर ऐसा लगता है कि उन्हें अपनी लोकप्रियता का घमंड है. कई दर्शक ये भी मानते हैं कि उनमें ओवर कॉन्फिडेंस है. ये ओवर कॉन्फिडेंस ही है, जो वो सीनियर कॉमेडियन संग बतमीजी से बात करते हैं. जब उनके दोस्तों को उनकी जरूरत है, तब उन्होंने अरबाज और धनश्री को चाय में से मक्खी की तरह बाहर निकाल कर फेक दिया.

या फिर ये भी हो सकता है कि वो अकेले अपने दम पर गेम जीतना चाह रहे हों. उनकी पर्सनैलिटी में अचानक आए बदलाव की वजह क्या है, ये सिर्फ वही बता सकते हैं. पर हां इतना जरूर है कि आदित्य के बदलते रूप ने फैन्स को हैरान जरूर कर दिया है.

शो में उनका मुकाबला अरबाज पटेल, अर्जुन बिजलानी और मनीषा रानी जैसे मजबूत कंटेस्टेंट से है. देखते हैं कि आदित्य सबको पछाड़कर शो के विनर बनते हैं या नहीं.

LIFESTYLE : बच्चों का ऑनलाइन गेमिंग की लत से कैसे करें बचाव? जानें 5 असरदार टिप्स

बच्चे घंटों मोबाइल या कंप्यूटर स्क्रीन पर गेम खेलते रहते हैं, आज धीरे-धीरे ये बदलती आदत एक लत बनती जा रही है और यह आदत बच्चे की फिजिकल और मेंटल ग्रोथ को नुकसान पहुंचा रही है.

आज के समय में स्मार्टफोन, टैबलेट और इंटरनेट बच्चों की जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुके हैं. पहले जहां बच्चे बाहर खेलकर वक्त बिताते थे, अब वही बच्चे घंटों मोबाइल या कंप्यूटर स्क्रीन पर गेम खेलते रहते हैं, आज धीरे-धीरे ये बदलती आदत एक लत बनती जा रही है और यह आदत बच्चे की फिजिकल और मेंटल ग्रोथ को नुकसान पहुंचा रही है.

लगातार स्क्रीन देखने से आंखों की रोशनी कमजोर हो सकती है, शरीर कमजोर होता है, और बच्चे अकेलेपन का शिकार होकर डिप्रेशन या गुस्से में भी आ सकते हैं. ऐसे में अगर आप अपने बच्चे की इस लत को लेकर परेशान हैं, तो आइए आज हम आपको ऐसे 5 आसान और असरदार टिप्स बताते हैं. जिनकी मदद से आप अपने बच्चे को गेमिंग की लत से धीरे-धीरे बाहर निकाल सकते हैं.

बच्चों को ऑनलाइन गेमिंग की लत से बचाने के 5 असरदार टिप्स

  1. गेमिंग के नुकसान बताएं – बच्चों को गेम से अचानक रोकना या डांटना सही तरीका नहीं है. इससे वे और ज्यादा जिद्दी बन जाते हैं और चोरी-छिपे गेम खेलने लगते हैं. इसलिए इसकी जगह आप उन्हें प्यार से समझाएं कि ऑनलाइन गेम ज्यादा खेलने से बहुत से नुकसान हो सकते हैं. उन्हें बताएं कि ज्यादा गेम खेलने से आंखों की रोशनी कम हो सकती है. साथ ही शरीर में दर्द, मोटापा और कमजोरी आ सकती है.दिमाग पर गलत असर पड़ सकता है, चिड़चिड़ापन या गुस्सा आ सकता है, नींद की दिक्कत और स्ट्रेस हो सकता है. जब बच्चे को इन बातों को शांत और समझदारी से समझाया जाता है, तो बच्चे धीरे-धीरे बात को मानने लगते हैं.
  2. बच्चों का टाइम टेबल बनाएं – बच्चों को गेम से अचानक रोकने की जगह, गेमिंग के लिए सीमा तय करना ज्यादा बेहतर तरीका है. बच्चे के साथ बैठकर एक रूटीन बनाएं जिसमें दिन में सिर्फ एक तय समय पर ही वो गेम खेले. बच्चे को हर दिन सिर्फ 30 मिनट या 1 घंटा, वो भी पढ़ाई या खेल-कूद के बाद गेम खेलने दें. इसके साथ ही हफ्ते में 1-2 दिन बिना स्क्रीन के रखें. आप चाहें तो मोबाइल या कंप्यूटर में पैरेंटल कंट्रोल या टाइम लिमिट सेटिंग का यूज कर सकते हैं। इससे बच्चे खुद ही तय समय के बाद गेम बंद कर देंगे.
  3. बच्चे के साथ समय बिताएं – कई बार बच्चे इसलिए ऑनलाइन गेम में खो जाते हैं क्योंकि उन्हें अकेलापन लगता है. जब पेरेंट्स काम में बिजी रहते हैं, बच्चे को खेलने या बात करने के लिए कोई नहीं मिलता, तब वह गेम में खुद को बिजी करने लगता है. इसलिए जरूरी है कि आप हर दिन कुछ समय बच्चे के साथ जरूर बिताएं. उनकी हॉबी या पसंद की चीजों में साथ दें, बाहर पार्क में घूमें, वॉक पर जाएं. इसके अलावा उनके साथ मिलकर घर के छोटे काम करें. उनके साथ फिजिकल गेम्स खेलें जैसे बैडमिंटन, क्रिकेट आदि. जब बच्चा आपके साथ खुश महसूस करेगा, तो उसे ऑनलाइन गेम्स की जरूरत ही नहीं पड़ेगी.
  4. बच्चे को बाहर खेलने की आदत डालें – बाहर की ताजी हवा, दौड़ना, खेलना बच्चों के फिजिकल और मेंटल ग्रोथ के लिए बहुत जरूरी होता है. अगर बच्चा बाहर नहीं जाता, तो वो धीरे-धीरे अंदर ही रह जाता है और फोन या कंप्यूटर उसका सबसे अच्छा दोस्त बन जाता है. इसलिए बच्चे को हर दिन बाहर खेलने के लिए मोटिवेट करें. इसके अलावा शुरू में आप खुद भी उसके साथ बाहर जाएं जैसे वॉक पर, साइकिलिंग या बॉल गेम खेलने. इससे धीरे-धीरे बच्चा बाहर खेलने की आदत में आ जाएगा और स्क्रीन टाइम अपने आप कम हो जाएगा.
  5. बच्चे की क्रिएटिव सोच को बढ़ाएं – जो बच्चे ज्यादा ऑनलाइन गेम्स खेलते हैं, उनका दिमाग बहुत एक्टिव और शार्प होता है. लेकिन ये एक्टिविटी गेम्स में बर्बाद हो जाती है. ऐसे में अगर आप उनके टैलेंट को सही दिशा दें, तो बच्चे गेमिंग की लत से खुद बाहर आ जाएंगे. इसके लिए आज बच्चे को पेंटिंग, म्यूजिक, डांस, कुकिंग जैसी क्रिएटिव एक्टिविटी में लगाएं. उन्हें क्विज, ओलंपियाड, आर्ट कॉम्पटीशन जैसे शोज में हिस्सा लेने के लिए मोटिवेट करें. ऐसे प्रोग्राम में खुद उन्हें लेकर जाएं, जिससे वो कुछ नया सीखें और गेम से दूर हों.

BUSINESS : Google में नहीं थम रही छंटनी, पिछले महीने 200 स्टाफ के बाद फिर 100 को किया बाहर, जानें वजह

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गूगल में यह छंटनी संस्थागत बदलाव का हिस्सा है, जिसमें एआई पर लगातार जोर दिया जा रहा है. कंपनी एआई इन्फ्रास्ट्रक्चर पर निवेश कर रही है और संसाधनों को उन जगहों पर लगाकर व्यवसाय के लिए महत्वपूर्ण क्षेत्रों पर फोकस बढ़ा रही है.

एआई के तेजी से विकास के बाद कई कंपनियों में छंटनी का सिलसिला जारी है और गूगल में हाल ही में इसका एक और उदाहरण देखने को मिला है. पिछले महीने करीब 200 कर्मचारियों को बाहर करने के बाद, इस महीने गूगल ने फिर से लगभग 100 से अधिक स्टाफ को निकाल दिया है. रिपोर्ट्स के अनुसार, निकाले गए कर्मचारी मुख्यतः डिजाइनिंग वर्क में लगे हुए थे और इस छंटनी का असर क्लाउड डिविजन के क्वांटिटेटिव यूजर एक्सपेरियंस रिसर्च, प्लेटफॉर्म और सर्विस एक्सपेरियंस विभागों पर पड़ा है.

इन कर्मचारियों की जिम्मेदारी डेटा, सर्वे और रिसर्च के जरिए यूजर्स के बिहेवियर पैटर्न का पता लगाना थी, ताकि प्रोडक्ट की डिजाइनिंग में मदद मिल सके. कई टीमों में स्टाफ की संख्या आधी कर दी गई, जबकि कुछ अन्य कर्मचारियों को कहा गया कि वे दिसंबर तक अन्य भूमिका के लिए तैयार रहें.

गूगल में यह छंटनी संस्थागत बदलाव का हिस्सा है, जिसमें एआई पर लगातार जोर दिया जा रहा है. कंपनी एआई इन्फ्रास्ट्रक्चर पर निवेश कर रही है और संसाधनों को उन जगहों पर लगाकर व्यवसाय के लिए महत्वपूर्ण क्षेत्रों पर फोकस बढ़ा रही है.

यह दो महीने में दूसरी बार गूगल की क्लाउड डिविजन में हुई छंटनी है. पिछले महीने संविदा पर काम कर रहे 200 से ज्यादा कर्मचारी, जो एआई टूल जैसे जेमिनी और एआई ओवरव्यूज में काम कर रहे थे, उन्हें भी निकाल दिया गया था. रिपोर्ट्स में वर्कर्स की कम सैलरी, नौकरी को लेकर असुरक्षा और स्टाफ-मैनेजमेंट के बीच बढ़ते तनाव का उल्लेख किया गया था. कुछ कर्मचारियों का मानना है कि उन्हें इसलिए निकाला गया क्योंकि उन्होंने वर्किंग कंडीशंस पर विरोध जताया था.

गौरतलब है कि इस साल की शुरुआत में भी गूगल ने क्लाउड यूनिट में छंटनी की थी, ताकि लंबे समय में महत्वपूर्ण व्यवसाय क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित किया जा सके.

ENTERTAINMENT : सलमान ने लगाई फटकार, रो पड़ा यूट्यूबर-जोड़े हाथ, बोला- मैं लड़ नहीं सकता

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इस वीकेंड का वार एपिसोड में सलमान खान ने मृदुल तिवारी, अमाल मलिक और कुनिका सदानंद को डांट लगाई. सलमान की डांट सुनकर मृदुल इमोशनल हो गए और उन्होंने हाथ जोड़ लिए.

बिग बॉस हाउस में इन दिनों हर दिन एक नया तमाशा देखने को मिल रहा है. इस वीकेंड के वार पर कई कंटेस्टेंट पर सलमान खान का गुस्सा फूटने वाला है. शो का नया प्रोमो सामने आ चुका है. प्रोमो में सलमान खान यूट्यूबर मृदुल तिवारी को फटकारते दिख रहे हैं, जिसके बाद वो फूट-फूटकर रोने लगते हैं.

‘वीकेंड का वार’ प्रोमो में सुपरस्टार सलमान खान घरवालों की हरकतों से काफी गुस्से में दिख रहे हैं. इस वीकेंड मृदुल, अमाल मलिक और कुनिका सदानंद, सलमान के निशाने पर रहेंगे. सलमान ने मृदुल के गेम पर सवाल उठाते हुए कहा कि मृदुल, आपको समझ में आ रहा है ये खेल. आपके सामने कुछ नहीं हुआ, जिसके सामने आपका कोई ओपिनियन नहीं रहा? मैं आज आपको बेडरूम में भेजने वाला था, क्योंकि अभी तक आप दिख नहीं रहे हो. वीकेंड के वार पर भी आप क्यों दिखो.

सलमान खान की डांट सुनते ही मृदुल रो पड़ते हैं. वो हाथ जोड़ते हुए बोलते हैं कि भाई जी, मैं नहीं लड़ा आज तक किसी से. इस पर सलमान कहते हैं- किसने कहा है कि यहां पर लड़ने से नजर आते हैं? हम नहीं कहते हैं कि आप लड़ो-झगड़ो. एक ओपिनियन होता है.

मृदुल के बाद सलमान ने नेहल और अमाल मलिक की भी क्लास लगाई. वो नेहल से कहते हैं कि नेहल, आप सिर्फ एक ही बातें की जा रही हो और वो है तान्या. हमको पता नहीं, इस ऑब्सेसशन को क्या नाम दें. आपको उनकी लाइफ से इतना परेशानी क्यों है. इसके बाद शो के होस्ट ने जीशान कादरी की क्लास लगाई. उन्होंने अभिषेक और अशनूर को भी फटकारा. गाली-गलौच करने के लिए वो अमाल पर भी बरसे.

इस वीकेंड का वार शो पर एल्विश यादव बतौर गेस्ट नजर आएंगे. एल्विश, सलमान खान के साथ स्टेज शेयर करने के लिए एक्साइटेड हैं. अब बस इंतजार आज के एपिसोड का है.

NATIONAL : फूलों से सजी छतरी उठाए सैनिक, उसके साये में चली दुल्हन… शहीद की बहन की शादी में पहुंची बटालियन, निभाया भाई का फर्ज

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हिमाचल प्रदेश के सिरमौर में एक भावुक नजारा देखने को मिला. शहीद आशीष कुमार की बहन की शादी में विदाई का जिम्मा सैनिकों और पूर्व सैनिकों ने उठाया. भाई की कमी पूरी करने के लिए पूरी बटालियन पहुंच गई. जवानों ने बहन को भाई की रस्में निभाते हुए विदा किया, जिसे देखकर लोगों की आंखें नम हो गईं.

हिमाचल प्रदेश के सिरमौर का गिरी इलाका… यहां के भोज के भरली गांव में बीते दिनों एक ऐसा दृश्य सामने आया, जिसने हर किसी की आंखें नम कर दीं. यहां विवाह समारोह में विदाई थी- उस बहन की, जिसका फौजी भाई अब इस दुनिया में नहीं है.

गांव की यह शादी अपने अद्भुत और भावनात्मक थी. विवाह की रस्में पूरी होने के बाद जैसे ही दुल्हन की विदाई का वक्त आया, तो घर में भावुक कर देने वाला माहौल बन गया. हर बहन चाहती है कि उसके भाई विदाई के समय उसके साथ खड़े हों, उसके आंसुओं को पोंछें और उसे ससुराल तक हंसी-खुशी से विदा करें. इस दुल्हन के लिए यह पल भारी था, क्योंकि उसका एक फौजी भाई अब उसके साथ नहीं था.

यह शहीद आशीष कुमार की बहन है. आशीष ने अगस्त 2024 में अरुणाचल प्रदेश में ऑपरेशन अलर्ट 2024 के दौरान देश की रक्षा करते हुए वीरगति प्राप्त की थी. आशीष का बलिदान न सिर्फ परिवार बल्कि पूरे इलाके के लिए गर्व का विषय है. लेकिन बहन की विदाई के मौके पर भाई की कमी का एहसास बेहद गहरा था.

जब विदाई का वक्त आया तो आशीष के साथी सैनिक और इलाके के पूर्व सैनिक सब मिलकर इस विवाह में शामिल हुए. उन्होंने न सिर्फ विवाह में शिरकत की, बल्कि बहन की विदाई भी उसी गरिमा और सम्मान के साथ की, जैसे कोई भाई करता है. यह पल इतना भावुक कर देने वाला था कि वहां मौजूद हर किसी की आंखें नम हो गईं.

शहीद आशीष कुमार के दो भाई हैं, जो खेती-बाड़ी करते हैं. आशीष ने आर्मी ज्वाइन की थी. बहन की शादी के मौके पर जब आशीष की कमी महसूस हुई, तो उनके साथियों ने यह जिम्मेदारी अपने कंधों पर उठाई. विदाई के समय सेना के जवान दुल्हन वाले पारंपरिक लाल रंग के शादी के जोड़े में सजी बहन के ऊपर फूलों और माला से सजा हुआ छत्र (फूलों की छतरी) लेकर चल रहे थे, ठीक वैसे जैसे कोई भाई करता है.

देश की वर्दी पहनने वाले कई भाई उसके सिर पर छांव की तरह साथ चल रहे थे. लोगों ने कहा कि यह साबित करता है कि फौज सिर्फ एक संस्था नहीं, बल्कि एक परिवार है. जब एक सिपाही शहीद होता है, तो उसके पीछे पूरा फौजी परिवार उसके घरवालों के साथ खड़ा हो जाता है. इस मौके पर पूरा गांव भावुक हो उठा.

RAJASTHAN : पत्नी ने बना रखा था बॉयफ्रेंड, छिप-छिपकर करती थी बात… पति को भनक लगी तो दोनों का कर दिया कत्ल, जंगल में फेंका

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राजस्थान के करौली में पत्नी और उसके प्रेमी की हत्या मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है. आरोपी पति भूरा मीणा ने पूछताछ में कबूल किया कि पत्नी के अवैध संबंध से तंग आकर उसने रिश्तेदारों के साथ मिलकर वारदात को अंजाम दिया. दोनों शव 1 अक्टूबर को कुमरावटपुरा जंगल से मिले थे. पुलिस ने पति और उसके दो रिश्तेदारों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है.

राजस्थान के करौली जिले से दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है. पुलिस ने एक महिला और उसके प्रेमी की हत्या के आरोप में महिला के पति समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया है. आरोपी पति भूरा मीणा ने पूछताछ में स्वीकार किया है कि उसने अपनी पत्नी को उसके प्रेम प्रसंग के चलते मौत के घाट उतारा दिया.

न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक 35 साल के नीरंजन मीणा और रंजीता (भूरा मीणा की पत्नी) लंबे समय से प्रेम संबंध में थे. रंजीता का विवाह होने के बावजूद दोनों के बीच संपर्क बना रहा. सामाजिक बदनामी से बचने के लिए भूरा मीणा अपनी पत्नी को लेकर करौली आ गया था, लेकिन इसके बावजूद रंजीता गुपचुप तरीके से नीरंजन से फोन पर बातचीत करती रही.

शिकायतकर्ता भंवरलाल मीणा (नीरंजन के पिता) के मुताबिक, उनका बेटा 26 सितंबर को काम पर निकला था लेकिन वापस नहीं लौटा. 1 अक्टूबर को उन्हें जानकारी मिली कि कुमरावटपुरा जंगल से दो शव बरामद हुए हैं. पहचान में एक शव नीरंजन का और दूसरा शव रंजीता का पाया गया.

इस मामले में पहले भूरा मीणा ने अपनी पत्नी की हत्या का केस दर्ज कराया, लेकिन जब पुलिस ने उससे गहन पूछताछ की, तो उसने सच उगल दिया. उसने स्वीकार किया कि पत्नी के अवैध संबंधों से वह बेहद आहत था. 26 सितंबर को दोनों के बीच झगड़ा हुआ, जिसके बाद रंजीता घर छोड़कर निकल गई. इसके बाद भूरा मीणा ने अपने रिश्तेदारों कमल मीणा और रामकेश उर्फ पप्पी मीणा को बुलाकर दोनों की हत्या की योजना बनाई.

एसपी लोकेश सोनवाल ने बताया कि आरोपी पति ने अपने रिश्तेदारों की मदद से पत्नी और उसके प्रेमी की हत्या कर दी और शवों को जंगल में फेंक दिया. फिलहाल तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है.

MP : कफ सिरप में ऑयल सॉल्वेंट के शक से हड़कंप, डॉक्टर का दावा- बायोप्सी रिपोर्ट में मिला ‘टॉक्सिक पदार्थ’

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MP के छिंदवाड़ा में 30 दिन के भीतर 9 मासूमों की मौत से कफ सिरप सवालों के घेरे में है. सवाल है कि सर्दी-खांसी में दी गई वही दवा क्या जहर साबित हुई? हालांकि, MP सरकार के स्वास्थ्य मंत्री का कहना है कि अंतिम रिपोर्ट तक इंतज़ार करने के बाद ही कहा जा सकेगा कि मौतें कफ सिरप से हुईं या फिर किसी और पदार्थ से…

मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले में किडनी फेलियर से बच्चों की मौत का सिलसिला रुक नहीं रहा. स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मचा है, क्योंकि पिछले 30 दिनों में मृतकों की संख्या 9 तक पहुंच गई. बुधवार को नागपुर में इलाज के दौरान एक और बच्चे की मौत हो गई. जानकारी के अनुसार, यह सिलसिला 4 सितंबर को पहली मौत के साथ शुरू हुआ और एक महीने में 9 बच्चों की जान चली गई. इस गंभीर स्थिति को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन सक्रिय हैं.

परासिया के SDM सौरभ कुमार यादव ने बताया कि अब तक 1400 बच्चों की स्क्रीनिंग की जा चुकी है और यह अभियान जारी है. प्रतिदिन 120 बच्चों की स्क्रीनिंग हो रही है ताकि संभावित मामलों की जल्द पहचान कर इलाज किया जा सके.परासिया क्षेत्र में वायरल फीवर के शुरुआती इलाज के बाद बच्चों को छिंदवाड़ा रेफर किया गया, जहां उनकी किडनी में गंभीर संक्रमण पाया गया. बाद में उन्हें नागपुर रेफर किया गया, जहां एक-एक कर 9 बच्चे मौत की नींद सो गए.

शिवम, विधि, अदनान, उसैद, ऋषिका, हेतांश, विकास, चंचलेश और संध्या- ये वे नाम हैं जिनकी हंसी उनके परिवारों से हमेशा के लिए छिन गई. परिजन समझ नहीं पा रहे कि डॉक्टर के कहने पर दी गई दवा, जो उनके बच्चों को ठीक करने वाली थी, उनकी जान ले लेगी.

आजतक की टीम परासिया पहुंची और उस डॉक्टर से बात की, जिसने इनमें से 6 बच्चों का इलाज किया था. परासिया के डॉ. प्रवीण सोनी, जो सरकारी डॉक्टर हैं और निजी क्लिनिक भी चलाते हैं. उन्होंने 9 में से 6 बच्चों का इलाज किया था. वे परासिया के प्रमुख शिशु रोग विशेषज्ञों में से हैं और सिविल अस्पताल की ड्यूटी के बाद अपने क्लिनिक में मरीज देखते हैं.

मामले में नाम आने पर डॉ. सोनी ने सफाई दी कि इस साल का वायरल बुखार पिछले वर्षों से अलग है. लोग सर्दी-खांसी में स्वयं दवा ले लेते हैं और हालत बिगड़ने पर उनके पास आते हैं. उन्होंने कहा, “मैं 38 साल से प्रैक्टिस कर रहा हूं.”

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