Sunday, May 3, 2026
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NATIONAL : गाजा प्लान पर पीएम मोदी के समर्थन से गदगद डोनाल्ड ट्रंप, बता दिया ‘गेमचेंजर’

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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप गाजा में शांति बहाली की अपनी योजना पर मिल रहे वैश्विक समर्थन से उत्साहित नजर आ रहे हैं. व्हाइट हाउस ने इस पहल को युद्धग्रस्त गाजा में शांति स्थापित करने के लिए ट्रंप की दूरदर्शी योजना बताया है. अमेरिकी प्रशासन ने इस योजना के समर्थन में विशेष रूप से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का समर्थन भी उजागर किया. व्हाइट हाउस का दावा है कि दुनिया इस योजना को गेम चेंजर के रूप में देख रही है.

व्हाइट हाउस ने जारी किया बयान

व्हाइट हाउस ने बुधवार को एक बयान जारी किया, जिसमें कहा गया कि ट्रंप की योजना ने वर्षों के विनाशकारी युद्ध के बाद संभावित निर्णायक मोड़ पेश किया है. बयान में उल्लेख किया गया कि दुनिया भर के देशों ने ट्रंप की योजना को ‘गेम चेंजर’ बताया है. योजना में लड़ाई को तत्काल खत्म करने, सभी बंधकों की रिहाई, और निरंतर मानवीय सहायता पर विशेष ध्यान दिया गया है. इसका अंतिम लक्ष्य गाजा को खुशहाली और स्थायी शांति का प्रतीक बनाना है.

प्रधानमंत्री मोदी और अन्य वैश्विक नेताओं की प्रतिक्रिया

अमेरिकी प्रशासन ने कहा कि अरब देशों से लेकर पश्चिमी देशों तक के नेता इस योजना का समर्थन कर रहे हैं. प्रधानमंत्री मोदी ने भी सोशल मीडिया पोस्ट के माध्यम से इस पहल का स्वागत किया और लिखा कि यह घोषणा फिलिस्तीन और इजरायल के लोगों के लिए स्थायी शांति, सुरक्षा और विकास का व्यवहारिक रास्ता दिखाती है. मोदी ने आशा जताई कि सभी संबंधित पक्ष इस पहल में सहयोग करेंगे.

व्हाइट हाउस ने मोदी के बयान का लिंक भी साझा किया. इसके अलावा, सऊदी अरब, जॉर्डन, यूएई, इंडोनेशिया, पाकिस्तान, तुर्की, कतर और मिस्र के विदेश मंत्रियों के साझा बयान भी इस समर्थन में शामिल किए गए हैं.

इस योजना का प्रमुख उद्देश्य गाजा में तुरंत लड़ाई को रोकना, सभी बंधकों को सुरक्षित रूप से रिहा करना और मानवीय सहायता को सुनिश्चित करना है. इसके साथ ही, योजना गाजा के पुनर्विकास और वहां स्थायी खुशहाली सुनिश्चित करने पर भी जोर देती है. ट्रंप प्रशासन का मानना है कि इस पहल से केवल क्षेत्रीय ही नहीं, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी स्थिरता और सुरक्षा बढ़ेगी.

इस पहल ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गाजा संघर्ष के समाधान की दिशा में सकारात्मक संकेत दिए हैं और उम्मीद जताई जा रही है कि सभी पक्ष इस योजना के समर्थन में आगे आएंगे.

ENTERTAINMENT : ‘पवित्र रिश्ता’ एक्ट्रेस के निधन को हुआ 1 महीना, बीते पल याद कर भावुक हुआ पति, कहा- माफ नहीं…

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पवित्र रिश्ता सीरियल फेम प्रिया मराठे का 31 अगस्त को कैंसर से निधन हो गया था. उन्हें इस दुनिया को अलविदा कहे एक महीना हो चुका है. उनके पति शांतनु मोघे उनकी याद में आज भी तड़पते हैं.

शांतनु ने एक इमोशनल पोस्ट कर प्रिया को याद किया है. उन्होंने एक्ट्रेस के साथ की कुछ तस्वीरें भी शेयर कीं, और बताया कि कैसे लोगों ने इस दुख की घड़ी में उनका साथ दिया है. शांतनु ने प्रिया के साथ की कैंडिड फोटोज पोस्ट कर लिखा- प्रिया मराठे के लिए. मैं दिल से बेहद शुक्रगुजार हूं. परिवार और दोस्तों का, फैन्स और फॉलोअर्स का, जान-पहचान वालों और अनजानों का, जिन्होंने अपनी भावनाएं इतने खुलेपन और सच्चाई से साझा कीं.

शांतनु लिखते हैं- आप सबके दिल से निकले शब्दों में गर्माहट, सच्चाई, दुख और चिंता साफ झलक रही थी. दुनिया भर से मिले अनगिनत आशीर्वाद और शुभकामनाओं ने इंसानियत पर हमारा भरोसा और गहरा कर दिया.ने प्रिया को याद करते हुए कहा- भगवान आप सबको खुश रखे. आज एक महीना पूरा हो गया है. व्यक्तिगत दुख और शोक शब्दों में बयां करना नामुमकिन है. इतनी प्यारी, सकारात्मक और निर्मल आत्मा का अचानक, अनुचित और दुर्भाग्यपूर्ण विदा लेना हमारे दिल को तोड़ गया, लेकिन उसने अनगिनत दिलों को छू लिया.

शांतनु आगे लिखते हैं- अपने काम, कला, प्यार, देखभाल, दयालुता, व्यवहार, संवेदनशीलता और सबसे बढ़कर अपने कर्मों और ऊर्जा से, जो सबके साथ मेल खाती थी. एक बार फिर दिल से धन्यवाद उन सभी का, जो हर परिस्थिति में हमारे साथ खड़े रहे. आप सबको ढेर सारा प्यार और शुभकामनाएं. शांतनु प्रिया की आत्मा की शांति की कामना करते हुए लिखते हैं- हे भगवान, अब उसके लिए जरा भी लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी. उसका ख्याल रखना, उसे प्यार करना, क्योंकि अब एक भी गलती माफ नहीं की जाएगी. मेरी परी, जब तक फिर मुलाकात न हो. प्रकाश बना रहे.

मालूम हो कि प्रिया लंबे समय से कैंसर से जूझ रही थीं. शांतनु और प्रिया ने अप्रैल 2012 में शादी की थी, हालांकि शादी के 12 साल बाद भी दोनों के बीच गहरा प्यार था. कपल अक्सर अलग अलग जगह एक्सप्लोर करने निकल जाया करता था. प्रिया और शांतनु के कोई बच्चे नहीं हैं.

GUJARAT : देवी मां को पहनाया गया 300 करोड़ का नवलखा हार, कभी राजघराने ने किया था बहुराची मंदिर में भेंट

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गुजरात के महेसाणा जिले स्थित बहुचराजी मंदिर में दशहरे के पावन अवसर पर मां को वडोदरा राजघराने द्वारा भेंट किया गया नवलखा हार पहनाया गया. इस हार की कीमत आज 300 करोड़ से अधिक आंकी जाती है. साल में केवल दो बार, दशहरे और नए साल पर ही मां को यह हार पहनाया जाता है.

गुजरात के सुप्रसिद्ध शक्तिपीठ बहुचराजी मंदिर में दशहरे के पावन अवसर पर एक अनोखी परंपरा निभाई गई. वडोदरा के राजघराने द्वारा भेंट किया गया नवलखा हार देवी मां को पहनाया गया. इस हार की अनुमानित कीमत 300 करोड़ रुपये से अधिक है और इसे साल में केवल दो बार ही बाहर निकाला जाता है. दशहरे और नए साल के दिन यह हार मां के श्रृंगार की शोभा बढ़ाता है.

हर साल की तरह इस बार भी हार पहनाने के बाद कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच देवी मां की भव्य पालकी यात्रा निकाली गई. यह यात्रा मुख्य मंदिर से शमी वृक्ष तक पहुंची, जहां मां को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया. भक्तों के लिए यह क्षण बेहद खास और यादगार रहा.

इतिहास पर नजर डालें तो इस नवलखा हार की परंपरा करीब तीन सौ साल पुरानी है. वडोदरा के राजवी मानाजीराव गायकवाड़ ने 1783 में इस मंदिर का निर्माण कराया था. मानाजीराव गायकवाड़ को कुष्ठ रोग से मुक्ति मिलने के बाद उन्होंने यह अनमोल हार मां को भेंट किया. उस समय इसकी कीमत नौ लाख रुपये थी, इसलिए इसे नवलखा हार कहा गया.

हरे, नीले और सफेद नीलम से जड़ा यह हार पहली नजर में भले ही साधारण लगे, लेकिन पास से देखने पर यह अद्भुत दिखाई देता है. प्रत्येक नीलम का मूल्य करोड़ों में आंका गया है. सुरक्षा कारणों से इसे पूरे साल सुरक्षित रखा जाता है और विशेष पर्वों पर ही बाहर निकाला जाता है. मां बहुचर के इस धाम की महिमा और आस्था का प्रतीक यह नवलखा हार आज भी लाखों श्रद्धालुओं को आकर्षित करता है.

BHOPAL : रावण दहन शाम को होना था… नशे में घूम रहे युवक-युवती सुबह ही आग लगाकर भाग गए

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भोपाल के बाग मुगालिया इलाके में दशहरा से पहले हैरान कर देने वाली घटना हुई. यहां कुछ युवक व युवती नशे में घूम रहे थे. ये लोग कार से ग्राउंड पर पहुंचे. सिगरेट सुलगाई और एक युवक ने रावण के पुतले में आग लगा दी. इसके बाद साथियों के साथ कार से फरार हो गया. यहां रावण दहन शाम को होना था, लेकिन शरारती तत्व सुबह ही आग लगाकर भाग गए.

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के बाग मुगालिया इलाके में दशहरा उत्सव से जुड़ी एक अजीब घटना सामने आई है. यहां अटल दशहरा उत्सव समिति द्वारा शाम को रावण दहन का कार्यक्रम रखा गया था, लेकिन सुबह ही कुछ शरारती तत्वों ने पुतले में आग लगाकर आयोजन की गरिमा बिगाड़ दी.

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सुबह करीब 6 बजे बिना नंबर की एक नई लाल रंग की कार मैदान में पहुंची. कार में तीन युवक और एक युवती सवार थे. तभी अचानक उनमें से एक युवक दौड़ते हुए आया और मैदान में खड़े रावण के पुतले में आग लगा दी. पुतले में आग लगते ही युवक वहां से भागकर कार में बैठा और बाकी साथियों के साथ फरार हो गया. इस दौरान रावण का पुतला धू-धूकर जलने लगा. सुबह-सुबह जलते रावण के पुतले को देखकर और आतिशबाजी की आवाज सुनकर आसपास के लोग चौंक गए.

स्थानीय लोगों ने बताया कि घटना इतनी तेजी से हुई कि किसी को रोकने का मौका तक नहीं मिला. कार में बैठी युवती को भी प्रत्यक्षदर्शियों ने देखा है. घटना की जानकारी तुरंत अटल दशहरा उत्सव समिति के पदाधिकारियों को दी गई, जिसके बाद समिति ने डायल 112 पर कॉल कर पुलिस को सूचना दी.समिति सदस्य आदित्य दुबे ने कहा कि आज शाम को धूमधाम से रावण दहन होना था. बड़ी संख्या में लोग कार्यक्रम में शामिल होने वाले थे, लेकिन अज्ञात युवकों ने सुबह ही पुतले में आग लगाकर पूरे आयोजन को प्रभावित कर दिया.

इस मामले की गंभीरता को देखते हुए समिति ने मिसरोद थाने में लिखित शिकायत दर्ज करवाई है. पुलिस ने घटनास्थल से जुटाए गए सुरागों और गवाहों के बयान के आधार पर जांच शुरू कर दी है. फिलहाल पुलिस उस कार की तलाश में जुटी है, जिससे युवक और युवतियां मैदान तक पहुंचे थे. दशहरा जैसे बड़े पर्व पर इस तरह की शरारत को लोग समाज और संस्कृति के लिए बेहद दुर्भाग्यपूर्ण मान रहे हैं.

ENTERTAINMENT : बिहार की मनीषा रानी ने बिगाड़ा एक्टर्स का गेम, लेकिन क्यों पवन सिंह को नहीं दे पाईं टक्कर?

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बिहार की मनीषा रानी ने राइज एंड फॉल में वाइल्ड कार्ड कंटेस्टेंट के रूप में एंट्री ली और शो में धमाल मचा दिया है. शो में आते ही उन्होंने धनश्री वर्मा और अरबाज पटेल जैसे मजबूत कंटेस्टेंट्स का गेम बिगाड़ दिया है. हालांकि, तमाम कोशिशों के बावजूद वो पवन सिंह की कमी पूरी नहीं कर पाईं.

बिहार की मनीषा रानी आज एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री का बड़ा नाम बन गई हैं. मनीषा का सफर टिकटॉक से शुरू हुआ था, लेकिन आज वो बड़े-बड़े शोज में गदर काट रही हैं. इन दिनों उन्हें राइज एंड फॉल में देखा जा रहा है. शो में वो बतौर वाइल्ड कार्ड कंटेस्टेंट आई हैं. कहा जा रहा था कि रियलिटी शो में मनीषा, पवन सिंह की कमी पूरी करने आई हैं. आइए जानते हैं कि वो अपने मकसद में कामयाब हुईं या नहीं.

राइज एंड फॉल में आते ही मनीषा रानी चर्चा का टॉपिक बन चुकी हैं. शो में एंट्री लेते ही उन्होंने धनश्री वर्मा और अरबाज पटेल जैसे स्ट्रांग कंटेस्टेंट का गेम बिगाड़ना शुरू कर दिया है. अब तक जो धनश्री, अरबाज के नक्शे कदम पर चलकर गेम खेल रही थीं. वो मनीषा के आने से अलर्ट हो गईं हैं. यही वजह है कि वो हर किसी के पास जाकर मनीषा रानी की बुराई करती दिख रही हैं.

जैसे ही पवन सिंह राइज एंड फॉल से बाहर हुए, शो की टीआरपी डाउन हो गई. पवन सिंह के रिप्लेसमेंट में मनीषा रानी की एंट्री कराई गई. शो में आते ही मनीशा छा गई हैं, लेकिन पवन सिंह को टक्कर नहीं दे सकीं. वो शो में अपना बेस्ट कर रही हैं. पर फैन्स उनके चहेते पवन सिंह को मिस कर रहे हैं. राइज एंड फॉल जैसे-जैसे आगे बढ़ रहा है. पवन सिंह ने बिना शो देखने का मजा किरकिरा होता जा रहा है.

हालांकि, मनीषा रानी के आने से चहल-पहल है, लेकिन इस बात को नकारा नहीं जा सकता कि पवन सिंह की कमी कोई पूरा नहीं कर सकता. पावर स्टार के स्वैग और अंदाज की बात ही अलग है. इसलिए मनीषा रानी से उनकी तुलना करना गलत है. लेकिन अगर वहां पवन सिंह होते, तो बात ही अलग होती. देखते हैं कि पवन सिंह के बिना राइज एंड फॉल कितना राइज होता है.

NATIONAL : WHO के मुताबिक, पुरुषों में 45 साल की उम्र से पहले मौत की बड़ी वजह आत्महत्या है. WHO के मुताबिक, पुरुषों में 45 साल की उम्र से पहले मौत की बड़ी वजह आत्महत्या है.

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दुनिया भर में खुदकुशी का ग्राफ ऊपर जा रहा है. इसमें भी महिलाओं की तुलना में पुरुषों के आत्महत्या की दर ज्यादा रहती है. नेशनल क्राइम रिकॉर्ड्स ब्यूरो (NCRB) ने हाल में क्राइम पर एक डेटा जारी किया. इसमें आत्महत्या में यही पैटर्न दिखा. दो साल पहले 30 से 45 साल की उम्र के 43 हजार पुरुषों और 12 हजार महिलाओं ने आत्महत्या की है. ये हैरान करने वाला इसलिए है क्योंकि महिलाओं में डिप्रेशन की दर और आत्महत्या की प्रवृति भी ज्यादा दिखती है.

वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन (WHO) की मानें तो हर साल सात लाख से ज्यादा लोग खुदकुशी कर लेते हैं. इसमें भी पुरुषों के ऐसा कदम उठाने का प्रतिशत महिलाओं से काफी ज्यादा रहा. अमेरिका को ही देखें तो वहां मेल सुसाइड, महिलाओं की तुलना में चार गुना से भी ज्यादा रहा. ऑस्ट्रेलि्या में तिगुनी, जबकि ज्यादातर देशों में ये दर दोगुनी है. भारत में भी यही दिखता है.

दुनियाभर में महिलाओं में डिप्रेशन के केस पुरुषों से ज्यादा दिखते हैं. WHO के अनुसार, ग्लोबली महिलाओं में डिप्रेशन की आशंका पुरुषों से करीब डेढ़ से दोगुना होती है. हालिया आंकड़ों के हिसाब से वैश्विक स्तर पर अगर 10 महिलाओं को लें, तो उनमें से 1 महिला किसी न किसी रूप में डिप्रेशन का सामना कर रही है.

इसके कई कारण हैं. जैसे हार्मोनल बदलाव, सोशल प्रेशर, और घर-बाहर संभालने की जिम्मेदारी. दुनिया के कई देश ऐसे हैं, जहां महिलाओं को बाहर निकलने तक की आजादी नहीं. उनके लिए हेल्थकेयर सिस्टम भी नहीं है. ये सब वजहें घुल-मिलकर अवसाद की वजह बन जाती हैं. साल 2021 में WHO ने माना था कि ग्लोबली 51 करोड़ पुरुषों की तुलना में 58 करोड़ से ज्यादा स्त्रियां अवसाद में हैं.

भारत में भी यही ट्रेंड है. नेशनल मेंटल हेल्थ सर्वे के मुताबिक, भारत में ज्यादातर डिप्रेशन पेशेंट महिलाएं होती हैं. कई बार वे परिवार और समाज की वजह से खुलकर अपनी परेशानी नहीं बता पातीं, इसलिए केस दबे रह जाते हैं. एक अच्छी बात ये है कि महिलाएं मानसिक समस्या के लिए मदद लेने में पुरुषों से कुछ आगे रहती हैं, जिससे डेटा में उनके केस ज्यादा दर्ज भी होते हैं.

पुरुष ज्यादा घातक तरीके अपनाते हैं. इसमें भी आत्महत्या के साधनों तक पहुंच होना एक वजह रही. अमेरिका को ही लें तो सबसे ज्यादा फायरआर्म्स पुरुषों के पास हैं. वहां आधे से ज्यादा आत्महत्या गोली मारकर होती है. इसलिए उनकी कोशिश अक्सर तुरंत ही मौत में बदल जाती है. दूसरी तरफ, महिलाएं दवाओं का ओवरडोज लेने जैसी कोशिश करती हैं, जिसमें सही वक्त पर मदद मिलना जान बचा सकता है.

NATIONAL : पन्ना की जमीन ने फिर बदली एक मजदूर की किस्मत, 4 कैरेट के हीरे से जगमग हुआ भाग्य

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पन्ना के मजदूर गोविंद सिंह को जमीन में 4 कैरेट 4 सेंट का उज्जवल हीरा मिला. जिसकी कीमत 20 लाख रुपए से अधिक बताई जा रही है. हीरे को उन्होंने तुरंत हीरा कार्यालय में जमा कराया..मध्यप्रदेश के पन्ना जिले में एक बार फिर धरती की कोख ने एक मजदूर की किस्मत बदल दी है. ग्राम राहुनिया के मजदूर गोविंद सिंह को जमीन पर 4 कैरेट 4 सेंट का उज्जवल किस्म का हीरा पड़ा मिला. हीरे की अनुमानित कीमत 20 लाख रुपए से ऊपर बताई जा रही है.

गोविंद सिंह ने बताया कि वह रोजाना देवी की पूजा करने के लिए जाते थे. कल भी देवी की पूजा करने के लिए जा रहे थे. तभी ये हीरा जमीन पर पड़ा मिला. उनका कहना है कि यह हीरा देवी की कृपा से मिला है. गोविंद ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि मैं देवी की पूजा से ही यह पा सका. उनका कहना है कि अब वह इस पैसों से अपनी खेती करेंगे. ट्रैक्टर खरीदेंगे और परिवार की जरूरतें पूरी करेंगे.

मजदूर गोविंद सिंह ने यह हीरा तुरंत पन्ना के हीरा कार्यालय में जमा करा दिया है. हीरा विशेषज्ञों का कहना है कि यह हीरा उज्जवल क्वालिटी का है और नीलामी में इसकी ऊँची कीमत मिलने की संभावना है.पन्ना की हीरा बेल्ट में पहले भी कई मजदूरों की जिंदगी इस तरह के हीरों से बदल चुकी है. गोविंद सिंह अब उन्हीं भाग्यशाली मजदूरों की लिस्ट में शामिल हो गए हैं.पन्ना हीरा पार्किंग के अधिकारियों का कहना है कि यह हीरा सुरक्षित तरीके से हीरा पार्किंग में रखा जाएगा. उज्जवल क्वालिटी के इस हीरे को नीलामी में बेचा जा सकता है, जिससे इसकी कीमत और भी बढ़ सकती है.

गोविंद सिंह अब अपने परिवार के साथ खुशी मना रहे हैं. उन्होंने कहा कि वह इस पैसों से अपने बच्चों की पढ़ाई-लिखाई और खेती में सुधार करेंगे. उनका मानना है कि मेहनत और ईमानदारी से इंसान की किस्मत बदल सकती है. मजदूर की इस खुशी की खबर पूरे गांव में चर्चा का विषय बन गई है. पड़ोसी और रिश्तेदार भी गोविंद की किस्मत को देखकर खुश हैं.

BUSINESS : ‘क्या बदल गया है ट्रंप का मूड? 1 अक्टूबर के बीत जाने के बाद भी नहीं लागू हुआ 100% फार्मा टैरिफ, आखिर क्यों?

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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पिछले हफ्ते ब्रांडेड और पेटेंट दवाओं के आयात पर 100 परसेंट टैरिफ लगाने का ऐलान किया था. इसके 1 अक्टूबर, 2025 से लागू होने की उम्मीद है. इस टैरिफ के दायरे से उन कंपनियों को बाहर रखा गया, जो अमेरिका में अपना मैन्युफैक्चरिंग प्लांट बना रही हैं. इसका मकसद अमेरिका में दवाओं के घरेलू उत्पादन को प्रोत्साहित करना और विदेशी कंपनियों पर निर्भरता को खत्म करना है. हालांकि, 1 अक्टूबर के बीत जाने के बाद भी यह टैरिफ लागू नहीं हुआ, आखिर क्यों? आइए जानते हैं.

इस देरी के पीछे दरअसल वजह यह है कि ट्रंप की सरकार टैरिफ लगाने से पहले दवा कंपनियों के साथ बातचीत कर उनकी मैन्युफैक्चरिंग को पटरी पर लाना चाहती है. साथ ही कई कंपनियों के दवाओं की कीमतें कम करने के प्रस्तावों पर भी विचार किया जा रहा है. व्हाइट हाउस की तरफ से कहा गया है कि चूंकि इस पर अभी बातचीत चल रही है इसलिए टैरिफ लागू करने में देरी हो रही है, लेकिन भविष्य में लागू किए जा सकते हैं. यानी कि इसका खतरा अभी पूरी तरह से टला नहीं है. अगर ट्रंप का 100 परसेंट फार्मा टैरिफ लागू हो जाता है, तो विदेशों से आयात होने वाली दवाइयां मरीजों के लिए महंगी हो जाएंगी.एक्सपर्ट्स का यह भी कहना है कि इससे ट्रेड पार्टनर्स के बीच रिश्ते बिगड़ सकते हैं और ग्लोबल सप्लाई चेन में रूकावट आ सकती है.

इस बीच, फार्मास्यूटिकल इंडस्ट्री की बड़ी कंपनी फाइजर ने अमेरिकी सरकार के साथ हुई एक डील के तहत अमेरिका में 70 अरब डॉलर के निवेश करने की बात कही है. साथ ही दवाओं की भी कीमतें कम करने का वादा किया है. इससे पता चलता है कि कंपनी अमेरिका में अपने काम का दायरा बढ़ाना चाह रही है. इस बीच, फार्मास्यूटिकल इंडस्ट्री की बड़ी कंपनी फाइजर ने अमेरिकी सरकार के साथ हुई एक डील के तहत अमेरिका में 70 अरब डॉलर के निवेश करने की बात कही है. साथ ही दवाओं की भी कीमतें कम करने का वादा किया है. इससे पता चलता है कि कंपनी अमेरिका में अपने काम का दायरा बढ़ाना चाह रही है.

एक रिपोर्ट के मुताबिक, इस बीच, ट्रंप की सरकार एक ऐसी वेबसाइट को लॉन्च करने के बारे में सोच रही है, जिसमें डिस्काउंट पर दी जाने वाली मेडिसिन का जिक्र होगा. इस वेबसाइट की मदद से मरीजों को सीधे कंपनियों से डिस्काउंट पर दवाई खरीदने में मदद मिलेगी. इसका नाम ‘TrumpRx’रखा जा सकता है. यानी कि यह एक ऐसे सर्च टूल की तरह काम करेगा, जिसके जरिए मरीजों को पता चल जाएगा कि किस प्लेटफॉर्म पर किस दवाई पर कितनी छूट मिल रही है.

ENTERTAINMENT : पंडाल में ‘राम-सीता’ के बेटियां ने किया झगड़ा, तो रानी मुखर्जी ने यूं लडाया लाड, यूजर्स बोले- ‘दुर्गा आ गई है’

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मुंबई में शारदीय नवरात्रि और दुर्गा पूजा का त्योहार जोरशोर से मनाया जा रहा है. इस मौके पर मुखर्जी फैमिली ने भी भव्या पंडाल लगाया. जिसमें कई बॉलीवुड और टीवी सितारों ने पहुंचकर मां दुर्गा का आशीर्वाद लिया. अब इस पंडाल से एक वीडियो खासा वायरल हो रहा है. जिसमें गुरमीत चौधरी और देबिना बनर्जी की लाडली बेटियों एक-दूजे संग लड़ाई करती हुई दिखाई दी.

दरअसल बीते दिन गुरमीत चौधरी अपनी वाइफ देबिना बनर्जी के साथ काजोल और रानी मुखर्जी द्वारा लगाए गए दुर्गा पंडाल में दर्शन के लिए पहुंचे थे. इस दौरान उनकी लाडली बेटियां भी कपल के साथ नजर आई. अब इस फैमिली एक वीडियो सोशल मीडिया पर खूब सुर्खियां बटोर रहा है. जिसमें गुरमीत की बेटियां एक-दूसरे के साथ लड़ाई करती दिखी. दोनों बहनों के बीच हाथापाई भी हुई.

वहीं पंडाल में मौजूद रानी मुखर्जी ने गुरमीत की बेटियों के बीच हो रहे झगड़े को सुलझाया. जिसके बाद कपल की छोटी बेटी अपनी मां देबिना के पास जाकर रोने लगती है. रानी ने पहले बड़ी बेटी को झगड़ा ना करने के लिए समझाया और फिर एक्ट्रेस उनकी छोटी बेटी को लाड लड़ाती हुई नजर आई. वीडियो में आलिया भट्ट की भी झलक दिखाई दी. जो ये क्यूट सी फाइट देखकर हंसती हुई नजर आ रही थी.

‘राम’ और ‘सीता’ की बेटियों का ये क्यूट सा वीडियो देखकर अब यूजर्स तरह-तरह के कमेंट कर रहे हैं. वीडियो पर एक यूजर ने लिखा, ‘घर घर के बच्चों की यही कहानी है..’, दूसरे ने लिखा, ‘रानी कह रही हैं कि मां दुर्गा आ गई हैं..’, तीसरे ने लिखा, ‘एकदम पापा गुरमीत की तरह किक की है..’ वीडियो को अभी तक लाखों लाइक्स मिल चुके हैं.

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