Monday, May 4, 2026
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BUSINESS : क्या आपका भी सहारा ग्रुप में फंसा हुआ है पैसा? सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले से मिल सकती है बड़ी राहत

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Sahara Group: सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को सहारा ग्रुप की सहकारी समितियों के जमाकर्ताओं का बकाया चुकाने के लिए मार्केट रेगुलेटर सेबी के पास जमा रकम में से 5,000 करोड़ रुपये जारी करने का आदेश दिया है.

Sahara Group: क्या आपका भी पैसा सहारा ग्रुप में फंसा हुआ है, तो यह आपके काम की खबर है. सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले से सहारा निवेशकों को राहत मिल सकती है. LiveLaw की रिपोर्ट के मुताबिक, सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को सहारा ग्रुप की सहकारी समितियों के जमाकर्ताओं का बकाया चुकाने के लिए मार्केट रेगुलेटर सेबी के पास जमा रकम में से 5,000 करोड़ रुपये जारी करने का आदेश दे दिया है.

भुगतान जारी करने की डेडलाइन
न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची की पीठ ने सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता की दलीलें सुनने के बाद केंद्र सरकार के उस आवेदन को मंजूरी दी, जिसमें सेबी-सहारा रिफंड फंड में जमा राशि से जमाकर्ताओं को भुगतान करने का अनुरोध किया गया था. साथ ही, निवेशकों को भुगतान जारी करने की समय सीमा 31 दिसंबर, 2026 तक बढ़ा दी गई है.

इसके तहत मार्च 2023 के आदेश और नवीनतम निर्देश, दोनों के तहत जारी की गई राशि को कवर किया जाएगा. सुप्रीम कोर्ट के इसी फैसले के साथ सेबी में जमा 24 हजार करोड़ रुपये में से 5000 करोड़ रुपये वितरित किए जाने से निवेशकों को कुछ हद तक राहत मिलेगी. हालांकि, सेबी के वकील ने इस आदेश को सोमवार तक स्थगित करने का समय मांगा, लेकिन कोर्ट ने इंकार कर दिया.

सहारा-सेबी रिफंड खाते में हैं कितने पैसे?
अपना फैसला सुनाते हुए बेंच ने मार्च 2023 के उस आदेश का हवाला दिया, जिसमें एक समन्वय पीठ ने भी इसी तरह से 5,000 करोड़ रुपये जारी करने का निर्देश दिया था. पीठ ने कहा गया था कि ‘सहारा-सेबी रिफंड खाते’ में 24,979.67 करोड़ रुपये पड़े हुए हैं. सहारा-सेबी रिफंड खाते में कुल अनुमानित राशि 25,000 करोड़ रुपये है. पहले भी कुछ पैसे रिफंड किए जा चुके हैं. चूंकि प्रॉसेस काफी धीमा है इसलिए लाखों जमाकर्ताओं के पैसे अटके हुए हैं.
5,000 करोड़ रुपये जारी करने का यह नया आदेश खासतौर पर सहकारी समितियों के जमाकर्ताओं के लिए है, जिनके दावों का निपटान सहकारी समितियों के केंद्रीय रजिस्ट्रार के जरिए किया जाएगा. सुप्रीम कोर्ट ने यह साफ तौर पर कह दिया है कि केंद्रीय रजिस्ट्रार की रिपोर्ट के आधार पर प्रस्तुत रिपोर्ट के आधार पर राशि का भुगतान किया जाएगा. इस रीपेमेंट प्रॉसेस के लिए एक रोडमैप भी तैयार किया जाएगा.

 

ENTERTAINMENT : कौन है 15 साल का ये सिंगर? जिसके टैलेंट से इंप्रेस हुए सलमान खान, बोले- ऐसे बच्चों को…

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सलमान खान ने अपने लेटेस्ट पोस्ट में एक 15 साल के सिंगर की तारीफ की है. सलमान ने बताया कि उस बच्चे के गानों और आवाज ने उनका दिल जीत लिया है. बच्चे के लिए सलमान की पोस्ट वायरल हो रही है. आपने देखी क्या?

बॉलीवुड के दबंग हीरो सलमान खान ने इंडस्ट्री में कईयों के करियर बनाए हैं. सलमान अच्छे टैलेंट को सराहने से कभी पीछे नहीं हटते. सलमान अब 15 साल के सिंगर की गायकी से इतने इंप्रेस हो गए हैं कि उन्होंने उस बच्चे की तारीफ में एक खास पोस्ट शेयर की है. सलमान की पोस्ट सोशल मीडिया पर छाई हुई है. तो आइए जानते हैं कि ये 15 साल का सिंगर कौन है, जिसने सलमान का दिल जीत लिया है?

सलमान खान ने अपने X हैंडल पर 15 साल के एक यंग सिंगर की तस्वीर पोस्ट की है. बच्चे का नाम जोनस कोनर है, जो इमोशनली रॉ सॉन्ग लिखने और अपनी बेहतरीन गायकी के लिए जाना जाता है. सलमान ने सिंगर जोनस की फोटो शेयर करते हुए उनके सिंगिंग टैलेंट की भी सराहना की है. सलमान ने ये भी बताया कि उन्हें जोनस के गाने इतने पसंद आए हैं कि वो उन्हें बार-बार रिपीट मोड में सुन रहे हैं.

सलमान ने बच्चे की तारीफ में लिखा- मैंने आज तक किसी भी 15 साल के बच्चे को अपने दर्द को इतनी खूबसूरती से बयां करते हुए नहीं देखा. भगवान आपका भला करें. आपके गाने ‘फादर इन अ बाइबल’, ‘पीस विद पेन’, ‘ओह अपैलाचिया’, मैं बार-बार रिपीट मोड में सुन रहा हूं. सलमान ने सिंगर जोनस के लिए एक स्पेशल नोट भी लिखा- ऐसे बच्चों को ना सपोर्ट किया तो फिर क्या ही किया. भाइयों और बहनों ये इंग्लिश में हैं. यहां पर भी ऐसे बहुत हैं. उन्हें मोटिवेट करो, उनका शोषण नहीं.

15 साल के बच्चे के लिए सलमान की पोस्ट सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है. बच्चे के टैलेंट को इतनी खूबसूरती से सराहने पर फैंस सलमान को रियल हीर बता रहे हैं. बच्चे के साथ सलमान ने भी एक बार फिर से फैंस का दिल जीत लिया है.

रिपोर्ट्स के मुताबिक, जोनस कोनर एक अमेरिकन टीनएजर सिंगर और सॉन्गराइटर हैं. वो अपने पर्सनल लिरिक्स और रुहानी गायकी के लिए जाने जाते हैं. इनके तीन गाने ‘फादर इन अ बाइबल’, ‘पीस विद पेन’, ‘ओह अपैलाचिया’ काफी मशहूर हुए हैं. जोनस, परफॉर्मेंस के दौरान कम से कम इंस्ट्रूमेंट्स का इस्तेमाल करते हैं, ताकि उनकी आवाज और कहानी कहने का अंदाज लोगों के दिल को छू सके. जोनस के गानों के लिरिक्स उनकी पर्सनल लाइफ की जर्नी, स्ट्रगल्स और मुश्किलों से इंस्पायर होते हैं.

सलमान खान के वर्क फ्रंट की बात करें तो वो इन दिनों बिग बॉस 19 को होस्ट करते दिखाई दे रहे हैं. फिल्मों की बात करें तो सलमान अब ‘बैटल ऑफ गलवान’ फिल्म में दिखेंगे. फिल्म की कहानी लद्दाख की गलवान घाटी में भारत और चीन के सैनिकों के बीच हुई लड़ाई पर बेस्ड है.

इससे पहले सलमान ‘सिकंदर’ में नजर आए थे. मगर फिल्म को दर्शकों से खास रिस्पॉन्स नहीं मिला था. ऐसे में अब हर किसी को सलमान की अपकमिंग फिल्म ‘बैटल ऑफ गलवान’ से काफी उम्मीदें हैं.

RAJASTHAN : सरकारी स्कूल के मिड डे मील में खाने से 90 बच्चे बीमार, अस्पताल में कराया गया भर्ती

दौसा के एक सरकारी स्कूल के मीड डे मील में खाने से कई बच्चों की तबीयत खराब हो गई. जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है. फिलहाल सभी बच्चों की हालत स्थिर है और उनका डॉक्टरों की विशेष टीम इलाज कर रही है.

राजस्थान में दौसा जिले के एक सरकारी स्कूल में मीड डे मील में खाने से 90 से ज्यादा बच्चों की तबीयत खराब हो गई. अचानक से उनके पेट में दर्द होने लगा. जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है. इस पूरे मामले को लेकर कलेक्टर ने जांच बिठा दी है.

ज़िला कलेक्टर देवेंद्र कुमार ने बताया कि चूड़ियावास के एक स्कूल के लगभग 90 से ज़्यादा छात्र पेट दर्द और सिरदर्द की शिकायत के साथ नांगल सीएचसी आए. शुरुआती वजह यह है कि उन्हें जो खाना दिया गया था, वह शायद घटिया क्वालिटी का था.

हालांकि बच्चों की हालत अब स्थिर है. हमने ज़िला स्तर पर जांच के लिए दो टीमें भेजी हैं. एक खाद्य सुरक्षा अधिकारी खाने की जांच करेगा और एक शिक्षा विभाग की टीम यह पता लगाएगी कि पोषण में क्या कमी थी. हम खाने की गुणवत्ता की जांच करेंगे और दोषियों के ख़िलाफ़ कड़ी कार्रवाई की जाएगी. आर के मीणा प्रमुख चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि जिले के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय चूड़ियावास में शनिवार सुबह 156 बच्चों ने पोषाहार के रूप में चपाती और सब्जी खाई थी. लेकिन पोषाहार के खाने के बाद कुछ बच्चों को उल्टी होने लगी और पेट दर्द भी होने लगा.

जैसे ही चिकित्सा विभाग को इस बारे में जानकारी लगी तो तत्काल स्कूल में ही एक टीम पहुंची. इसके बाद बच्चों की संख्या बढ़ने के कारण उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नांगल राजवतान में भर्ती कराया गया. कुछ ही देर में स्कूल में पढ़ने वाले 92 बच्चों को नांगल अस्पताल में लाया गया.वहीं कुछ बच्चों को परिजन हायर सेंटर में इलाज करने के उद्देश्य से दौसा जिला अस्पताल ले गए. दौसा जिला अस्पताल में कुल 49 बच्चों को एडमिट कराया गया है. फिलहाल सभी बच्चों का डॉक्टरों की एक विशेष टीम द्वारा इलाज कराया जा रहा है.

BREAKING NEWS : डिंपल यादव सहित 151 यात्री थे सवार… लखनऊ एयरपोर्ट पर टेकऑफ के वक्त पायलट ने लगाया इमरजेंसी ब्रेक

लखनऊ एयरपोर्ट पर इंडिगो फ्लाइट टेकऑफ से पहले रनवे पर रोकी गई. फ्लाइट में सपा सांसद डिंपल यादव समेत 151 यात्री सवार थे. पायलट ने तकनीकी खराबी के कारण इमरजेंसी ब्रेक लगाकर विमान रोका और संभावित दुर्घटना टाल गई. सभी यात्रियों को सुरक्षित दूसरी फ्लाइट से रवाना किया गया.

लखनऊ एयरपोर्ट पर शनिवार की सुबह इंडिगो फ्लाइट दिल्ली के लिए टेकऑफ के समय गंभीर स्थिति में फंस गई. फ्लाइट रनवे पर दौड़ रही थी, लेकिन टेकऑफ नहीं कर पाई और पायलट को इमरजेंसी ब्रेक लगाना पड़ा. इस घटना से बड़ा हादसा टल गया. फ्लाइट में सपा सांसद डिंपल यादव सहित कुल 151 यात्री सवार थे.

सूत्रों के अनुसार, सुबह 10:55 बजे, जब फ्लाइट उड़ान भरने के लिए रनवे पर थी, पायलट ने तकनीकी खराबी का सामना किया. रनवे के आखिरी तक पहुंचने से पहले पायलट ने इमरजेंसी ब्रेक लगाकर विमान को रोक दिया. इस फैसले से संभावित दुर्घटना टल गई. फ्लाइट रनवे के कोने तक पहुंचकर टेकऑफ नहीं कर पाई और उसे सुरक्षित रूप से वापस लाया गया.

इमरजेंसी की स्थिति के बावजूद सभी यात्रियों को सुरक्षित रखा गया. एयरलाइन ने तुरंत उनकी दूसरी फ्लाइट में व्यवस्था की और सभी यात्रियों को दिल्ली के लिए रवाना किया गया. इंडिगो एयरलाइन ने तकनीकी खराबी की पुष्टि की और कहा कि सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए गए.एयरपोर्ट अधिकारियों के अनुसार, घटना के दौरान एयरपोर्ट का संचालन थोड़ी देर के लिए बाधित हुआ, लेकिन किसी यात्री को चोट नहीं आई. अधिकारियों ने यह भी बताया कि पायलट की त्वरित प्रतिक्रिया और टीम की कोऑर्डिनेशन ने बड़ी दुर्घटना को टालने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई.

फ्लाइट की समय-सारिणी के अनुसार, इसे सुबह 11:00 बजे रवाना होना था और दिल्ली में लैंडिंग का समय 12:10 PM निर्धारित था. तकनीकी खराबी के कारण इसमें देरी हुई.

NATIONAL : पटना का कोचिंग संचालक निकला फ्रॉड, डिजिटल अरेस्ट के जरिए ठगे ढाई करोड़, ऐसे चढ़ा पुलिस के हत्थे

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हरियाणा पुलिस ने पटना के पीरबहोर थाना क्षेत्र से कोचिंग संचालक संजय सिंह को 2.45 करोड़ की ठगी के मामले में गिरफ्तार किया है. संजय सिंह पर ‘डिजिटल अरेस्ट’ साइबर ठगी गिरोह से जुड़े होने और ठगी के पैसे अपने बैंक अकाउंट में मंगवाने का आरोप है. पुलिस ने आरोपी को हरियाणा ले जाकर पूछताछ शुरू कर दी है.

हरियाणा पुलिस ने पटना के पीरबहोर थाना क्षेत्र से एक बड़े साइबर ठगी कांड में लिप्त कोचिंग संचालक को गिरफ्तार किया है. आरोपी की पहचान संजय सिंह के रूप में हुई है, जो ‘प्लेटफार्म कोचिंग’ नाम से कोचिंग चलाता था. हरियाणा पुलिस ने उसके खिलाफ रोहतक में 2.45 करोड़ रुपये की ठगी का मामला दर्ज किया था.

सूत्रों के अनुसार संजय सिंह पर आरोप है कि उसका साइबर ठग गिरोह से सीधा कनेक्शन था. यह गिरोह ‘डिजिटल अरेस्ट’ के जरिए पीड़ितों से पैसे वसूलता था और उन रकम को संजय सिंह के बैंक अकाउंट में ट्रांसफर करता था. पुलिस जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि संजय सिंह ठगी के पैसे अपनी कोचिंग संस्था के लिए बनाए गए एक ट्रस्ट के अकाउंट में मंगवाता था, ताकि यह रकम वैध दिखे.

हरियाणा पुलिस को कई महीनों से संजय सिंह की तलाश थी. उसके बैंक अकाउंट के डिटेल्स ने इस मामले की पुष्टि की. ठगी की रकम के ट्रांजेक्शन को लेकर पुलिस को पक्के सबूत मिले. शनिवार को हरियाणा पुलिस की एक टीम पटना पहुंची और पटना पुलिस के सहयोग से पीरबहोर थाना क्षेत्र में छापेमारी कर संजय सिंह को दबोच लिया.

पटना के एसएसपी कार्तिक के. शर्मा ने बताया कि संजय सिंह को रोहतक में दर्ज ठगी के मामले में गिरफ्तार कर लिया गया है और आगे की कार्रवाई के लिए उसे हरियाणा ले जाया गया है. पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क को खंगालने में जुटी है और यह भी जांच कर रही है कि संजय सिंह के साथ और कौन-कौन इस ठगी में शामिल था.इस गिरफ्तारी ने पटना के कोचिंग जगत में भी हलचल मचा दी है. एक कोचिंग संचालक का इतने बड़े साइबर ठगी नेटवर्क से जुड़े होने की खबर के बाद लोग हैरान हैं.

DELHI : ‘हम दुनिया छोड़ रहे हैं, सॉरी…’ CA की पत्नी ने बेटे संग 13वीं मंजिल से क्यों लगाई छलांग? झकझोर देगी ये कहानी

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ग्रेटर नोएडा वेस्ट की ऐस सिटी सोसाइटी में दिल दहला देने वाली घटना हुई है. यहां 37 साल की साक्षी चावला और उनका 11 साल का बेटा दक्ष चावला अचानक 13वीं मंजिल से कूद गए. दोनों की मौके पर ही मौत हो गई. पुलिस ने एक नोट बरामद किया है, जिसमें साक्षी ने पति के लिए लिखा- ‘सॉरी… हम दुनिया छोड़ रहे हैं.’ यह घटना यहां रहने वालों के लिए सदमे से कम नहीं है.

ग्रेटर नोएडा की ऐस सिटी सोसाइटी में कुछ ऐसा हुआ, जिसने यहां रहने वालों को सदमे में डाल दिया. 37 वर्षीय साक्षी चावला और उनके 11 वर्षीय बेटे दक्ष ने अचानक 13वीं मंजिल से छलांग लगा दी. दोनों की मौके पर ही मौत हो गई. पुलिस ने घर की तलाशी ली तो वहां सुसाइड नोट मिला, जिसमें साक्षी ने अपने पति दर्पण चावला के नाम लिखा- ‘हम दुनिया छोड़ रहे हैं… सॉरी. हम तुम्हें अब और परेशान नहीं करना चाहते. हमारी वजह से तुम्हारी जिंदगी खराब न हो. हमारी मौत का जिम्मेदार कोई नहीं है.’

स्थानीय लोगों ने कहा कि सुबह करीब 10 बजे सोसाइटी में जोरदार चीख सुनाई दी. लोग डर के मारे बालकनी और खिड़कियों से झांकने लगे. कुछ ही सेकंड में सामने आया कि मां और बच्चा जमीन पर पड़े हुए हैं. दोनों की हालत इतनी गंभीर थी कि मौके पर ही उनकी मौत हो गई. उनकी लाश को देखकर सोसाइटी में मौजूद लोग सदमे में आ गए.

पोस्टमार्टम से पहले पुलिस ने मृतका के घर की तलाशी ली और एक सुसाइड नोट बरामद किया. इस पत्र में साक्षी ने अपने पति दर्पण चावला के नाम लिखा था- ‘हम दुनिया छोड़ रहे हैं… सॉरी. हम तुम्हें अब और परेशान नहीं करना चाहते. हमारी वजह से तुम्हारी जिंदगी खराब न हो. हमारी मौत का जिम्मेदार कोई नहीं है.’

पुलिस के अनुसार, यह आत्महत्या का मामला है. मृतका के परिवार और पड़ोसी बताते हैं कि साक्षी का बेटा दक्ष मानसिक रूप से विक्षिप्त था और लंबे समय से इलाज चल रहा था. स्कूल नहीं जाता था और दवाइयों पर निर्भर रहता था. इसी वजह से साक्षी लंबे समय से तनाव में थीं. पड़ोसी याद करते हैं कि साक्षी कई बार कहती थीं- मेरी जिंदगी बहुत मुश्किल हो गई है.

घटना वाले दिन, सुबह लगभग 9 बजे, दर्पण चावला उठे और अपनी पत्नी से बेटे को दवा देने के लिए कहा. साक्षी ने दक्ष को उठाया, दवा दी और उसे बालकनी में टहलाने ले गईं. कुछ ही देर में दोनों अचानक 13वीं मंजिल से नीचे गिर गए. यह पूरी घटना इतनी तेजी से हुई कि कोई कुछ समझ नहीं पाया.एडीसीपी सेंट्रल नोएडा शैव्या गोयल ने कहा कि बेटे की मानसिक स्थिति और मां का लगातार तनाव इस घटना की मुख्य वजह लगती है. पुलिस ने मौके से सुसाइड नोट भी बरामद किया है, जांच चल रही है.

पड़ोसी याद करते हैं कि साक्षी और उनका परिवार हमेशा शांत और मिलनसार था. इस घटना ने सभी को हैरान कर दिया है. लोग पूछ रहे हैं कि आखिर साक्षी ने इतनी बड़ी और हृदयविदारक कदम क्यों उठाया? सोसाइटी में अफरा-तफरी का माहौल था. बच्चे और बड़े सभी सदमे में थे. सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो और तस्वीरों ने दिल दहला दिया.

साक्षी चावला हाउसवाइफ थीं और उनके पति दर्पण चावला, चार्टर्ड अकाउंटेंट हैं. परिवार मूल रूप से उत्तराखंड के गढ़ी नेगी गांव का रहने वाला है और यहां फ्लैट में रह रहा था. परिजन इस अचानक कदम से सदमे में हैं. पड़ोसी और परिवार के करीबी बताते हैं कि दक्ष की बीमारी और साक्षी का लगातार मानसिक तनाव इस घटना की वजह बने. उन्होंने कई डॉक्टरों से इलाज कराया, लेकिन राहत नहीं मिल सकी.

सेंट्रल नोएडा डीसीपी शक्ति मोहन अवस्थी ने कहा कि सूचना मिली थी कि 13वीं मंजिल से मां और बच्चे ने कूदकर आत्महत्या कर ली है. मौके पर पहुंचकर शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा. सुसाइड नोट में लिखा है कि बच्चा काफी समय से बीमार चल रहा था और मां काफी परेशान थी. पुलिस पड़ताल में जुटी है.

पुलिस शवों और सुसाइड नोट की हैंडराइटिंग की जांच कर रही है. साथ ही परिजनों और सोसाइटी निवासियों से पूछताछ कर यह पता लगाया जा रहा है कि कहीं इसके पीछे कोई और कारण तो नहीं था. सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और तस्वीरों ने लोगों के दिलों को झकझोर दिया है. इस दर्दनाक घटना को लेकर लोग कहते हैं कि मानसिक स्वास्थ्य और परिवार में दबाव को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए. मानसिक स्वास्थ्य, बीमारियों और परिवारिक दबावों का सही समय पर समाधान बेहद जरूरी है.

Jitiya Vrat 2025: जितिया व्रत आज, जानें पूजा का शुभ मुहूर्त, महत्व और पारण विधि

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आश्विन माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि पर सिद्धि और शिववास योग का शुभ संयोग बन रहा है. इस योग में व्रत रखकर भगवान कृष्ण और जीमूतवाहन जी की पूजा करने से व्रती को मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है.

सनातन धर्म में जितिया व्रत बेहद ही महत्वपूर्ण है. इसे माताएं अपने संतान की लंबी आयु और संतान प्राप्ति की कामना से करती हैं. इस व्रत को जीवित्पुत्रिका व्रत भी कहा जाता है. इस व्रत में महिलाएं निर्जला उपवास रखकर अपने पुत्र के दीर्घायु के लिए ईश्वर से प्रार्थना करती हैं.

जितिया व्रत हर साल आश्विन माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को मनाया जाता है. यह पर्व बिहार, झारखंड और नेपाल के कई हिस्सों में धूमधाम से मनाया जाता है. इस साल यह व्रत 14 सितंबर यानी आज है. व्रती महिलाएं निर्जला उपवास रखेंगी. कभी-कभी तिथि में अंतर के कारण व्रत 36 घंटे तक भी रह सकता है. इस बार का जितिया व्रत थोड़ा आसान रहेगा. इस वर्ष व्रत केवल 24 घंटे का होगा. व्रती को सिर्फ एक दिन और एक रात निर्जला उपवास रखना होगा.

जितिया व्रत से एक दिन पहले यानी सप्तमी तिथि 13 सितंबर को नहाय-खाय मनाया जाता है. इस दिन व्रती महिलाएं स्नान और ध्यान के बाद जीमूतवाहन जी की पूजा करती हैं. इसके बाद पारंपरिक सात्विक भोजन ग्रहण किया जाता है, जिसमें मडुआ की रोटी, नोनी का साग, दही और पोहा चूड़ा शामिल होता है.

माताएं आज संतान की लंबी आयु , सुख और अच्छी सेहत के लिए सर्वार्थ सिद्ध योग में निर्जला व्रत करेंगी. रविवार को सरगही सुबह 5:53 से पहले करने का मुहूर्त है. वहीं जीवित पुत्रिका व्रत माताएं अपने पुत्र की लंबी उम्र की कामना के लिए आज सुबह से ही निराहार व्रत करेंगी.

वदिक पंचांग के अनुसार, अष्टमी तिथि का समापन 15 सितंबर को रात 03:06 बजे होगा. इसके बाद नवमी तिथि शुरू होगी. इसी दिन सूर्योदय के बाद व्रती जितिया व्रत का पारण कर सकती हैं.

NATIONAL : हरिद्वार अर्धकुंभ 2027: पहली बार साधु-संन्यासियों संग होंगे तीन शाही स्नान, अखाड़ा परिषद ने तिथियों का किया ऐलान

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दो साल बाद यानी 2027 में हरिद्वार में आयोजित होने वाला अर्धकुंभ मेला कई मायनों में ऐतिहासिक साबित होगा. इस बार हरिद्वार में पहली बार अर्धकुंभ में भी कुंभ की तरह ही साधु-संन्यासी, वैरागी और उदासीन अखाड़ों के तीन शाही अमृत स्नान होंगे. अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद ने सरकार की पेशकश पर अपनी मुहर लगा दी है. अब इन शाही स्नानों की तिथियां भी तय कर दी गई हैं.

दो साल बाद यानी 2027 में हरिद्वार में होने वाला अर्द्धकुंभ मेला कई मायनों में ऐतिहासिक होगा. इस अर्द्ध कुंभ में पहली बार इतिहास बनेगा, जब कुंभ की तरह ही साधु-संन्यासी, वैरागी, उदासीन अखाड़ों के तीन शाही यानी अमृत स्नान होंगे. अब अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद ने सरकार की इस पेशकश पर अपनी मुहर भी लगा दी है. अखाड़ा परिषद ने अब इन अमृत स्नानों की तिथियां भी तय कर दी हैं. अखाड़ा परिषद ने कुंभ अर्द्ध कुंभ परंपरा में बड़ा बदलाव करते हुए तीन शाही स्नान करने का निर्णय लिया है.

अखाड़ा परिषद ने पहला अमृत स्नान छह मार्च को महाशिवरात्रि के पर्व पर करने की घोषणा की है. वहीं, दूसरा शाही स्नान आठ मार्च को सोमवती अमावस्या पर करेंगे. तीसरा व अंतिम अमृत स्नान 14 अप्रैल को वैशाखी यानि मेष संक्रांति पर होगा. मेष संक्रांति ही कुंभ पर्व पर मुख्य अमृत स्नान पर्व होता है. हालांकि 14 जनवरी को मकर संक्रांति पर भी एक प्रमुख स्नान होगा, लेकिन वह पर्व स्नान होगा, अमृत स्नान नहीं.

सरकार प्रशासनिक दृष्टि से इन अमृत स्नान तिथियों की आधिकारिक घोषणा कुछ समय बाद करेगी, ताकि उसी के अनुसार सभी बंदोबस्त किए जाएं. उधर, अखाड़ा परिषद ने तैयारियों को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है. अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष और निरंजनी अखाड़ा के सचिव श्रीमहंत रविंद्र पुरी का कहना है कि अमृत स्नानों का महत्व हरिद्वार कुंभ और अब अर्द्धकुंभ की भी आत्मा है.

अर्धकुंभ की परंपरा सिर्फ प्रयागराज और हरिद्वार में ही है. उसमें भी प्रयागराज में अर्धकुंभ पर्व की भव्यता कुंभ और पूर्णकुंभ की तरह ही होती है. लेकिन अब तक हरिद्वार में अर्धकुंभ का आयोजन सिर्फ श्रद्धालु जनता के स्नान पर्व तक ही सीमित रहा. क्योंकि हरिद्वार में जिस साल अर्द्धकुंभ का योग बनता है, उसी साल तिथि या संवत् के अंतर से त्र्यंबकेश्वर नासिक या उज्जैन में सिंहस्थ पर्व होता है.

साधु संन्यासी अखाड़े वहां प्रस्थान कर जाते हैं. लेकिन इस बार सिंहस्थ 2027 त्र्यंबकेश्वर नासिक में जुलाई- अगस्त में होगा, जबकि हरिद्वार में मार्च-अप्रैल में होनगा. इस वजह से भी आयोजन में अखाड़ा परिषद को आसानी होगी.

जिस साल उज्जैन में मई-जून में सिंहस्थ पर्व और हरिद्वार अर्द्धकुंभ एक ही वर्ष में आते हैं तो ऊहापोह बढ़ता है. यही वजह रही कि हरिद्वार अर्द्धकुंभ में संन्यासी अखाड़े स्थापित नहीं होते. नगर और छावनी यानी शिविर प्रवेश का पारंपरिक आयोजन नहीं होता था. लेकिन अब हरिद्वार एक नई परंपरा की शुरुआत का गवाह बनेगा.

HEALTH : क्या सिर्फ वेजिटेरियन डाइट से पूरी हो जाती है शरीर की जरूरत? जानें सच्चाई

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शाकाहारी डाइट को हेल्दी माना जाता है इसमें कैलोरी कम होती है और यह हार्ट हेल्थ व डाइजेसन के लिए अच्छी मानी जाती है. यही वजह है कि आजकल बहुत से लोग फिटनेस और हेल्दी लाइफस्टाइल के लिए वेजिटेरियन डाइट अपनाने लगे हैं. लेकिन क्या सिर्फ वेजिटेरियन डाइट से शरीर को जरूरी पोषक तत्व मिल पाते हैं?

शाकाहारी डाइट को हमेशा से हेल्दी माना जाता है. यह न सिर्फ कोलेस्ट्रॉल को कंट्रोल में रखती है, बल्कि हार्ट डिजीज का खतरा भी कम करती है. हालांकि, अगर शाकाहारी डाइट को सही तरह से प्लान न किया जाए तो इसके कई साइड इफेक्ट्स भी हो सकते हैं. शरीर में विटामिन, मिनरल्स और आवश्यक पोषक तत्वों की कमी हो सकती है जिसका असर शरीर पर पड़ सकता है. ऐसे में यह जानना बेहद जरूरी है कि सिर्फ वेजिटेरियन डाइट से शरीर पर क्या फर्क पड़ता है और इसे कैसे बैलेंस कर सकते हैं.

विटामिन B12 ज्यादातर एनिमल प्रोडक्ट्स में मिलता है. शाकाहारी लोगों में इसकी कमी हो सकती है. इसके कारण थकान, एनीमिया और नर्व प्रॉब्लम्स जैसी समस्याएं हो सकती हैं. इसलिए फोर्टिफाइड फूड्स या सप्लीमेंट्स लेना जरूरी होता है.प्लांट से मिलने वाला आयरन शरीर में उतना आसानी से अब्जॉर्ब नहीं होता जितना मांस से मिलता है. इससे एनीमिया का खतरा बढ़ जाता है, जिससे कमजोरी, पीलापन और चक्कर आ सकते हैं. इसे मैनेज करने के लिए दाल, पालक और फोर्टिफाइड सीरियल्स आप खा सकते हैं.

शाकाहारी लोगों में DHA और EPA जैसे ओमेगा-3 फैटी एसिड की कमी हो सकती है, जो दिमाग और दिल के लिए जरूरी हैं. इसके लिए फ्लैक्ससीड्स, चिया सीड्स, अखरोट या अल्गी बेस्ड सप्लीमेंट्स खा सकते हैं.

प्लांट से प्रोटीन तो मिलता है, लेकिन अगर आप एक ही तरह की डाइट ले रहे हैं तो शरीर में जरूरी अमीनो एसिड्स की कमी हो सकती है. इसलिए सिर्फ चावल या ब्रेड पर डिपेंड रहने के बजाय अपनी डाइट में अलग-अलग तरह की वेराइटी को शामिल करें. इसके लिए आप दाल, क्विनोआ, सीड्स, सोया या बीन्स को अपनी डाइट में शामिल कर सकते हैं.

शरीर में कैल्शियम और विटामिन D कम होने पर हड्डियां कमजोर हो सकती हैं और फ्रैक्चर का खतरा बढ़ जाता है. दूध न लेने वाले शाकाहारी लोग फोर्टिफाइड प्लांट मिल्क, हरी पत्तेदार सब्जियां या सप्लीमेंट्स ले सकते हैं.

MP: फीमेल इंस्टाग्राम फ्रेंड निकली किडनैपर, सहेलियों के साथ मिलकर उज्जैन के लड़के को किया अगवा

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जबलपुर की युवती आयुषी उर्फ कृतिका ने ऑनलाइन चैटिंग के बाद उज्जैन के युवक को मिलने के बहाने बुलाया और उसका अपहरण कर लिया. फिरौती की मांग के दौरान कार पलटने से अपहरणकर्ताओं का पूरा प्लान विफल हो गया.

इंस्टाग्राम पर अनजान लड़की से दोस्ती करना उज्जैन के एक युवक को भारी पड़ गया. उसकी फीमेल फ्रेंड ने अपने अन्य दोस्तों के साथ मिलकर युवक का अपहरण कर लिया, लेकिन फिरौती की रकम देते समय हुई एक घटना ने किडनैपर्स के पूरे प्लान पर पानी फेर दिया. पुलिस ने मामले में 6 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है.

उज्जैन पुलिस ने बताया कि घट्टिया थाना इलाके के तिलाड़ा गांव के रहने वाले प्रॉपर्टी ब्रोकर राहुल राठौर की इंस्टाग्राम पर जबलपुर की रहने वाली युवती आयुषी उर्फ कृतिका से कुछ दिन पहले दोस्ती हुई थी. बातचीत के दौरान दोनों के बीच संपर्क बढ़ा और युवती ने राहुल को मिलने के लिए उज्जैन बुलाया. सितंबर को गरोठ रोड ब्रिज पर जैसे ही राहुल पहुंचा, आयुषी अपने साथियों संजय गुर्जर, फूल सिंह उर्फ भगवान सिंह और अन्य महिलाओं के साथ वहां पहुंची और राहुल का अपहरण कर लिया.

आरोपियों ने राहुल को कार में बंधक बनाकर पहले 50 लाख रुपये की फिरौती की मांग की और बाद में फिरौती की रकम घटाकर 15 लाख कर दी. जब राहुल के जीजा सतीश राठौर और अन्य लोग पैसे लेकर पहुंचे, लेकिन इसी दौरान आरोपी घबरा गए और भागने की कोशिश की, लेकिन उनकी कार खेत की मेढ़ से टकरा कर पलट गई. मौके का फायदा उठाते हुए परिजनों ने राहुल को बचा लिया. आरोपी मौके से तो फरार हो गए, लेकिन बाद में पुलिस की घेराबंदी में सभी 6 आरोपी पकड़े गए.

पूछताछ में सामने आया कि आरोपी राहुल को दो दिन तक अलग-अलग जगहों पर घुमाते रहे. साथ ही उसका फोन इस्तेमाल कर PIN लेकर गाड़ी में डीज़ल भरवाया और खाने पीने का सामान खरीदा. पुलिस ने बताया कि युवतियां जबलपुर की रहने वाली हैं, जबकि दो आरोपी माकड़ोन थाना क्षेत्र के हैं. सभी आरोपियों से नेटवर्क, आपराधिक रिकॉर्ड और अन्य संदिग्ध गतिविधियों को लेकर विस्तृत पूछताछ की जा रही है.

एएसपी नितेश भार्गव ने कहा, ”इंस्टाग्राम जैसे प्लेटफॉर्म पर अनजान लोगों से बातचीत करते समय सतर्क रहना आवश्यक है. युवती ने प्रेमजाल में फंसाकर युवक का अपहरण किया और फिरौती की मांग की. हमने आरोपियों को पकड़ लिया है और पूरे नेटवर्क की जांच कर रहे हैं.”

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