Tuesday, May 5, 2026
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NATIONAL : केदारनाथ में श्रद्धालुओं की संख्या 15 लाख पार, मौसम साफ होते लौटने लगी पहले जैसी रौनक

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उत्तराखंड में मौसम साफ़ होने के साथ ही केदारनाथ धाम यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या इजाफा होने लगा है. अब तक धाम में 15 लाख भक्तों ने बाबा के दर्शन कर लिए हैं.

उत्तराखंड में मौसम में सुधार आने के बाद केदारनाथ धाम में एक बार फिर से पहले जैसी रौनक लौटने लगी है. बाबा के दर्शनों ने लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं का पहुंचना शुरू हो गया है. केदारनाथ यात्रा पर आने वाले श्रद्धालु का आंकड़ा अब तक 15 लाख के पार पहुंच गया है. मौसम के साफ होने के बाद बड़ी संख्या में भक्तों का केदारनाथ धाम पहुंचना शुरू हो गया है. ऐसे में स्थानीय व्यापारियों में भी खुशी देखने को मिल रही हैं. भक्तों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने भी व्यवस्थाएं बढ़ा दी हैं.

श्राद्ध पक्ष शुरू होने से बाबा केदार के दरबार में रौनक देखने को मिल रही है. लम्बे समय बाद भक्त दर्शनों के लिए लाइन में लगकर इंतजार कर रहे हैं. सबसे बड़ी बात यह है कि अभी हेलीकाप्टर सेवा शुरू नहीं हुई है और भक्त घोड़े-खच्चर, डंडी-कंडी का सहारा लेने के साथ ही पैदल चलकर बाबा केदार के दरबार में पहुंच रहे हैं.

धीरे-धीरे अब मौसम साफ होने लगा है. मौसम साफ होते ही बाबा केदार की यात्रा ने भी रफ्तार पकड़नी शुरू कर दी है. लम्बे समय बाद धाम में बाबा केदार के दर्शनों के लिए लाइन लग रही है. इस बीच बरसाती सीजन में जहां कई दिनों तक यात्रा बाधित रही, वहीं भक्तों को कई तरह की मुश्किलों से भी दो चार होना पड़ा था. केदारनाथ यात्रा अब धीरे-धीरे पटरी पर लौटने लग गई है. श्राद्ध पक्ष भी शुरू हो गए हैं ऐसे में भक्तों की संख्या अधिक बढ़ रही है. लम्बे समय बाद बाबा केदार का दरबार भक्तों के जयकारों से गुंजायमान हो रखा है.

केदारनाथ धाम में इन दिनों हर दिन पांच हजार से अधिक श्रद्धालु पहुंच रहे हैं और धाम पहुंचने वाले भक्तों का आंकड़ा भी 15 लाख पार हो चुका है. अब तक 15,7957 तीर्थयात्री बाबा केदार के दर्शन कर चुके हैं. श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए प्रशासन ने भी व्यवस्थाओं को बढ़ाना शुरू कर दिया है. सोनप्रयाग से केदारनाथ धाम व्यवस्थाओं को चाक-चौबंद किया जा रहा है. धाम पहुंच रहे हरेक श्रद्धालु का ख्याल रखा जा रहा है.

 

NATIONAL : ‘मैं हंसते हुए विदा लेना चाहती हूं…’ सुनकर रो पड़े थे पीहू के परिजन, ICU में मनाए गए आखिरी बर्थडे की कहानी

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27 वर्षीय प्रियंका उर्फ पीहू ने कैंसर से जूझते हुए भी ICU में अपना आखिरी जन्मदिन मुस्कुराकर मनाया. पिता से कहा– पापा, एक केक लाओ, मैं हंसते हुए विदा लेना चाहती हूं. केक काटा, सबको खिलाया और मुस्कुराती रही. इसके बाद उन्होंने अंतिम सांस ली. आंसुओं के बीच भी उनका चेहरा यही सिखा गया – जिंदगी कठिन हो, पर जीना मुस्कुराकर ही चाहिए.

कभी-कभी जिंदगी इतनी बेरहम हो जाती है कि उसकी हर सांस दर्द में बदल जाती है, लेकिन कुछ लोग उस दर्द को भी ताकत बना लेते हैं. जालोर की बेटी प्रियंका सिंह उर्फ पीहू ने भी वही किया. 27 साल की उम्र में जब कैंसर ने उनका पूरा शरीर तोड़ दिया था, तब भी उन्होंने अपने चेहरे पर मुस्कान बनाए रखी. उन्होंने जिंदगी से हार मानने के बजाय मौत से दोस्ती कर ली.

25 अगस्त की शाम उदयपुर के अस्पताल का कमरा. चारों तरफ मशीनों की आवाज, सफेद कपड़ों में दौड़ते डॉक्टर और आंखों में बेचैनी लिए खड़े परिजन. अचानक प्रियंका ने धीमी आवाज में पिता का हाथ पकड़ा और बोलीं -पापा, एक केक लाओ… मैं अपने आखिरी पल हंसते हुए जीना चाहती हूं. यह सुनकर सबकी रूह कांप गई. वहां मौजूद हर शख्स की आंखें छलक पड़ीं. लेकिन प्रियंका का चेहरा… वो आज भी हंस रहा था. थोड़ी ही देर में ICU में छोटा-सा केक लाया गया. उस पर लिखा था – पीहू-लकी.

चेहरे पर फैली मासूम मुस्कान के साथ प्रियंका ने केक काटा. पहले टुकड़े पति लक्ष्यराज के मुंह में रखा, फिर सबको खिलाया. कहते-कहते उनकी आवाज थोड़ी कांप गई मैं रोते हुए नहीं, हंसते हुए विदा लेना चाहती हूं. उस एक वाक्य ने वहां मौजूद हर इंसान को भीतर तक हिला दिया. डॉक्टर और नर्सें चुपचाप आंसू पोंछ रही थीं. गैलरी में खड़े ससुराल पक्ष के लोग फफक कर रो पड़े. पर प्रियंका… वो सभी को हिम्मत देती रहीं.

प्रियंका जालोर जिले के आहोर तहसील के पचानवा गांव की रहने वाली थीं. पिता नरपत सिंह पश्चिम बंगाल के हुबली में ज्वेलरी व्यवसायी हैं. चार भाई-बहनों में तीसरे नंबर पर रही प्रियंका परिवार की सबसे प्यारी संतान थीं. पढ़ाई में हमेशा अव्वल, उन्होंने BBA किया और CA इंटर तक पहुंचीं. फाइनल की तैयारी कर ही रही थीं कि जनवरी 2023 में उनकी शादी रानीवाड़ा के भाटवास गांव के बिल्डर लक्ष्यराज सिंह से हुई. नई-नवेली दुल्हन जब मायके से ससुराल पहुंची तो हर कोई कहता लक्ष्य को तो सच में लक्ष्मी मिल गई है. लेकिन शायद किस्मत को कुछ और ही मंजूर था.

शादी के कुछ समय बाद प्रियंका के पैरों में दर्द शुरू हुआ. सबने इसे मामूली समझा, लेकिन धीरे-धीरे यह दर्द हड्डियों में गहराने लगा. फरवरी 2023 में मुंबई में कराई गई MRI ने सबकुछ बदल दिया. रिपोर्ट में लिखा था हड्डियों का कैंसर.फिर शुरू हुआ दर्द और इलाज का लंबा सफर. मार्च 2023 में पहली सर्जरी, जून 2024 में दूसरी और अगस्त 2024 में तीसरी सर्जरी उदयपुर में हुई. कीमोथैरपी की पीड़ा, बालों का झड़ना, दवाइयों का असर… सबकुछ झेला. लेकिन कभी शिकायत नहीं की. पिता नरपत सिंह बताते हैं कि वो खुद दर्द में होती थी, लेकिन हमें संभालती थी. कहती पापा, रोइए मत, सब ठीक हो जाएगा.

प्रियंका जानती थीं कि वक्त सीमित है. डॉक्टरों ने साफ कह दिया था कि ज्यादा दिन नहीं बचे. लेकिन उन्होंने हार मानना मंजूर नहीं किया. ICU में जन्मदिन का छोटा-सा जश्न इसी जिद का नतीजा था. रिश्तेदार और ससुराल वाले सब वहां मौजूद थे. आंसू रोकना मुश्किल था, लेकिन प्रियंका सबको मुस्कुराने पर मजबूर कर रही थीं. देखना, मैं जल्दी ठीक होकर घर आऊंगी. – यह कहते हुए उनकी आंखों में एक अजीब चमक थी.

2 सितंबर की दोपहर उनकी हालत अचानक बिगड़ने लगी. छोटे भाई जयपाल पास बैठे थे. प्रियंका ने धीरे से कहा कि तूने खाना नहीं खाया है, जाकर खा ले… मैं कहीं नहीं जा रही. कुछ ही देर बाद प्रियंका ने मुस्कान के साथ आंखें मूंद लीं. परिवार के आंसुओं के बीच जैसे उनकी आत्मा कह रही हो – मैं हार कर नहीं, मुस्कुराकर जा रही हूं.

इलाज में शामिल एक सीनियर डॉक्टर कहते हैं कि कैंसर के अनगिनत मरीज देखे हैं, लेकिन प्रियंका जैसी जिजीविषा कभी नहीं देखी. उसने दर्द छुपाकर जीना सिखाया. उसके चेहरे की मुस्कान आखिरी पल तक कायम रही.

पिता आज भी रोते हुए कहते हैं कि जब भी आंखें बंद करता हूं, उसकी हंसी सुनाई देती है. लगता है जैसे वो यहीं कहीं आसपास है, बस दिखाई नहीं देती. हमारी लाड़ली ने हमें सिखाया कि चाहे हालात कितने भी मुश्किल हों, जीना मुस्कुराकर चाहिए. पति लक्ष्यराज के लिए प्रियंका सिर्फ पत्नी नहीं, बल्कि प्रेरणा बन गईं. वो कहते हैं कि उसने मुझे जिंदगी का सबसे बड़ा सबक दिया – वक्त छोटा हो या लंबा, जीना मुस्कुराकर चाहिए. अब जब भी मुश्किल आती है, मैं उसकी हंसी याद करता हूं. प्रियंका चली गईं, लेकिन उनकी हिम्मत और मुस्कान ने अमर कहानी लिख दी. अब जब भी कोई उनकी याद करेगा, उसके दिल में यही गूंजेगा मैं रोते हुए नहीं, हंसते हुए विदा लेना चाहती हूं.

 

NATIONAL : दिल्ली में बीयर पीने की कानूनी उम्र घटाने पर विचार, जानें- किस Age Limit के लोग छलका सकेंगे जाम

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दिल्ली सरकार बीयर पीने की कानूनी उम्र 25 से घटाकर 21 साल करने पर विचार कर रही है. नई आबकारी नीति में निजी भागीदारी बढ़ाने, प्रीमियम ब्रांड्स की उपलब्धता सुनिश्चित करने और रिहायशी इलाकों में शराब की दुकानों की संख्या घटाने पर ध्यान दिया जा रहा है. इसका उद्देश्य अवैध शराब बिक्री और राजस्व नुकसान रोकना है.

दिल्ली सरकार बीयर पीने की कानूनी उम्र 25 से घटाकर 21 साल करने पर विचार कर रही है. सूत्रों के मुताबिक हाल ही में वरिष्ठ अधिकारियों के साथ हुई बैठक में इस प्रस्ताव पर चर्चा हुई.अधिकारियों का कहना है कि NCR के पड़ोसी शहरों जैसें- नोएडा, गुरुग्राम, गाजियाबाद और फरीदाबाद में पहले से ही बीयर पीने की कानूनी उम्र 21 साल है. ऐसे में दिल्ली में बीयर पीने की एज लिमिट यानी उम्र सीमा कम करने से अवैध शराब की बिक्री और ब्लैक मार्केटिंग पर रोक लगाने में मदद मिल सकती है.

बैठक में ये भी चर्चा हुई कि राजधानी में शराब की दुकानों को चलाने के लिए हाइब्रिड मॉडल अपनाया जाए. यानी सरकारी वेंडरों के साथ-साथ निजी भागीदारी भी हो. फिलहाल दिल्ली में केवल 4 सरकारी निगम ही शराब की दुकानें चला रहे हैं. दरअसल, 2022 में नई आबकारी नीति को लेकर उठे विवाद और CBI-ED की जांच के बाद तत्कालीन केजरीवाल सरकार ने निजी रिटेलर्स को हटाकर पुरानी नीति बहाल कर दी थी.

पीडब्ल्यूडी मंत्री प्रवेश वर्मा की अध्यक्षता में गठित समिति ने हाल ही में शराब उद्योग से जुड़े हितधारकों के साथ पहली बैठक की थी. इसमें उद्योग मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा के साथ ही दिल्ली सरकार में मंत्री आशीष सूद और आबकारी विभाग के वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे. कमेटी ये देख रही है कि दिल्ली में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रीमियम ब्रांड्स आसानी से उपलब्ध हों. वर्तमान में इनकी कमी के कारण उपभोक्ता हरियाणा और यूपी का रुख करते हैं, जिससे दिल्ली को राजस्व का नुकसान होता है.

एक अधिकारी ने कहा कि नई संरचना का लक्ष्य ये सुनिश्चित करना होगा कि पड़ोसी राज्यों के शराब के दामों में अंतर की वजह से दिल्ली को नुकसान न हो.आबकारी विभाग इस बात पर भी विचार कर रहा है कि घनी आबादी वाले रिहायशी इलाकों में शराब की दुकानों की संख्या घटाई जाए. इन्हें मॉल और कॉमर्शियल कॉम्प्लेक्स में शिफ्ट किया जाए. इससे सुरक्षा और सामाजिक प्रभाव से जुड़ी चिंताओं को दूर करने में मदद मिलेगी.

इस समय दिल्ली की चारों सरकारी कंपनियां शराब बेचती हैं. हर बोतल पर फिक्स्ड 50 रुपए मार्जिन रखा गया है. अधिकारियों का मानना है कि ये सिस्टम पारदर्शिता तो देती है, लेकिन ग्राहक अनुभव को सीमित कर देती है. सरकार चाहती है कि नई नीति में प्रीमियम ब्रांड्स भी स्टोर्स पर उपलब्ध हों और उपभोक्ताओं को अधिक विकल्प मिलें.

NATIONAL : खाना गिराने को लेकर छिड़ा विवाद…युवक ने सहकर्मी को तीसरे फ्लोर से धक्का देकर ले ली जान

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गुरुग्राम के गांधी नगर कॉलोनी में निर्माणाधीन इमारत में झगड़े के बाद 19 साल के युवक ने अपने सहकर्मी को तीसरी मंजिल से धक्का देकर हत्या कर दी. मृतक के भाई की शिकायत पर एफआईआर दर्ज हुई. आरोपी वारदात के बाद यूपी-बिहार में छिपता रहा, लेकिन पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर पूछताछ शुरू कर दी है.

दिल्ली से सटे गुरुग्राम में एक 19 साल के युवक को अपने सहकर्मी के साथ हुए झगड़े के बाद उसकी हत्या करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है.पुलिस ने गुरुवार को ये जानकारी दी है. पुलिस ने बताया कि यह घटना 14 अगस्त की रात गांधी नगर कॉलोनी में एक निर्माणाधीन इमारत में हुई, जहां 35 साल का मृतक पप्पू कुमार, उमेश और राजेश नाम के दो लोगों के साथ रहता और काम करता था.

मृतक के छोटे भाई द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के अनुसार, उमेश का पप्पू के साथ खाना गिरने को लेकर झगड़ा हुआ था. राजेश ने बीच-बचाव किया, जिसके बाद पप्पू इमारत की तीसरी मंजिल पर चला गया. उमेश ने उसका पीछा किया और उसे नीचे धकेल दिया, जिससे उसकी मौत हो गई.

शिकायत के बाद, शिवाजी नगर पुलिस स्टेशन में एक प्राथमिकी दर्ज की गई. पुलिस ने उमेश कुमार को गिरफ्तार कर लिया,जो पप्पू के ही इलाके का रहने वाला था. गुरुग्राम पुलिस के प्रवक्ता ने कहा, ‘पूछताछ के दौरान आरोपी ने खुलासा किया कि अपराध करने के बाद वह भाग गया था और उत्तर प्रदेश तथा बिहार में विभिन्न स्थानों पर छिपता रहा. लेकिन हमारी टीम ने उसे गिरफ्तार कर लिया और उससे पूछताछ कर रही है.’

ENTERTAINMENT : पवन सिंह के आगे फीके पड़े एक्टर-कॉमेडियन, भोजपुरी स्टार ने अशनीर ग्रोवर के शो में उड़ाया गर्दा

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भोजपुरी सिनेमा के सुपरस्टार पवन सिंह ने पहली बार रियलिटी शो राइज एंड फॉल में हिस्सा लिया है. शो में उनकी मेहनत, दबंग एटीट्यूड और रियल पर्सनालिटी ने दर्शकों का दिल जीत लिया है.

पवन सिंह भोजपुरी सिनेमा के वो स्टार हैं, जिनका नाम ही काफी है. सिंगर अपनी दमदार गायिकी के साथ-साथ दबंग एटीट्यूड के लिए भी जाने जाते हैं. एक्टिंग और गायकी का डंका बजाने के बाद उन्होंने रियलिटी शो राइज एंड फॉल में आने का फैसला किया. ये पहली बार है जब वो किसी रियलिटी शो का हिस्सा बने हैं. रियलिटी शो में उन्हें देखना फैन्स के लिए किसी सरप्राइज से कम नहीं था.

 

 

फैन्स ये देखने के लिए बेताब थे कि आखिरकार पवन सिंह रियल लाइफ में कैसे रहते हैं. सुबह से शाम तक उनका शेड्यूल क्या रहता है. जानते हैं कि राइज एंड फॉल में पवन सिंह की जर्नी कैसी जा रही है. पवन सिंह राइज एंड फॉल के शाइनिंग स्टार हैं. टेलीविजन-बॉलीवुड एक्टर और कॉमेडियन के बीच उनकी अलग पहचान दिखाई दे रही है. शो में पवन सिंह बहुत रियल लग रहे हैं. भोजपुरी एक्टर की हिंदी कमजोर है और ये बात उन्होंने सैकड़ों कैमरे पर खुलकर बोली. अंग्रेजी में बात करने वालों को उन्होंने हिंदी बोलने की नसीहित भी दी. ये भी बताया कि आप कितने ही बड़े क्यों ना बन जाओ, लेकिन बड़ों का सम्मान करना मत भूलो.

शो में पवन सिंह अपने पैसे और अमीरी का रौब दिखाते दिखे, लेकिन उन्होंने ये भी कुबूला कि यहां तक पहुंचने के लिए उन्होंने बहुत मेहनत की है. वो किसान के बेटे हैं और इसलिए सबकुछ होने के बावजूद भी जमीन से जुड़े हुए हैं.

पवन सिंह उन लोगों में से नहीं हैं जो रियलिटी शो में ध्यान खींचने के लिए ऊंची आवाज में बात करें या फिर गाली-गलौच पर उतर आएं. वो शो में अकसर आराम फरमाते दिखते हैं. लेकिन जब भी कोई बात करते हैं, ऐसे वन लाइनर्स बोल देते हैं कि सबका ध्यान उनपर चला जाता है. सोशल मीडिया पर उनके क्लिप्स छाए हैं.

शो में हर एक्टर और एक्ट्रेस से उनका कंपटीशन है, लेकिन वो कभी किसी से गलत तरीके से बात करते नहीं दिखते हैं. यही वजह है कि हर कोई उन्हें सम्मान दे रहा है. पवन सिंह ने ये भी कहा कि वो फेक नहीं बन सकते हैं. जैसे हैं वैसे रहेंगे और जिससे उनका दिल नहीं मिलता है, वो दिखावे के लिए बात नहीं करते हैं. पवन सिंह की यही छोटी-छोटी बातें फैन्स का दिल जीत रही हैं. राइज एंड फॉल शुरू होने से पहले बिग बॉस कंटेस्टेंट छाए हुए थे. लेकिन जब से दर्शकों ने राइज एंड फॉल में पवन सिंह को नोटिस करना शुरू किया है. तब से बिग बॉस सेलेब्स की चमक फीकी पड़ती दिख रही है और सोशल मीडिया पर उनका ट्रेंड कम है.

 

UP : ‘गर्लफ्रेंड से बात कराओ नहीं तो कूद जाऊंगा’, पानी टंकी पर चढ़ा आशिक, उतरा तो फूट-फूट कर रोने लगा

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शाहजहांपुर में एक युवक ने प्रेमिका के कॉल रिसीव न करने पर पानी की टंकी पर चढ़कर आत्महत्या की धमकी दी. करीब दो घंटे तक पुलिस और स्थानीय लोग उसे समझाते रहे. नीचे उतरने पर वह फूट-फूटकर रोने लगा और बताया कि बिहार की रहने वाली प्रेमिका उसे तंग कर रही है और उससे बात नहीं कर रही है. फिलहाल युवक को पुलिस ने थाने ले गई है.

उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर से एक अजीबोगरीब मामला सामने आया है. प्रेमिका से बातचीत न हो पाने की वजह से एक युवक इतना परेशान हो गया कि वह ओवरहेड पानी की टंकी पर चढ़ गया और वहां से नीचे कूदने की धमकी देने लगा. इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है.रामचंद्र मिशन क्षेत्र के चमकनी गाढ़ीपुरा मोहल्ले में रहने वाला 25 साल का जीशान बिहार की एक युवती से दो महीने पहले सोशल मीडिया के जरिए दोस्त बना था. दोस्ती जल्द ही प्यार में बदल गई और दोनों घंटों बात करने लगे, लेकिन जीशान के बार-बार मिलने के जिद करने पर युवती ने पहले फोन रिसीव करना बंद कर दिया और फिर मोबाइल स्विच ऑफ कर दिया.

प्रेमिका के इस व्यवहार से आहत जीशान गुरुवार दोपहर मोहल्ले के ओवरहेड पानी की टंकी पर चढ़ गया. वह जोर-जोर से चिल्लाने लगा कि उसकी प्रेमिका से बात करवाई जाए, नहीं तो वह कूद जाएगा. देखते ही देखते वहां लोगों की भीड़ जमा हो गई. पुलिस को सूचना दी गई तो रामचंद्र मिशन थाने की पुलिस मौके पर पहुंची.

पुलिसकर्मियों ने जीशान को समझाया और हर संभव मदद का भरोसा दिया. करीब दो घंटे तक मशक्कत के बाद वह धीरे-धीरे नीचे उतर आया. नीचे आते ही जीशान फूट-फूटकर रोने लगा और कहा कि वह बिहार की युवती से प्यार करता है, लेकिन वह उसे बार-बार तंग करती है. कॉल रिसीव करना बंद कर दिया और मोबाइल स्विच ऑफ कर लिया. उसके बिना वह कुछ अच्छा महसूस नहीं कर पा रहा है.

फिलहाल पुलिस ने जीशान को थाने ले जाकर पूछताछ की है और बताया कि इस हरकत के लिए उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी. यह घटना न केवल सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गई है बल्कि लोगों को यह भी सोचने पर मजबूर कर रही है कि प्यार में भी संयम और समझदारी जरूरी है.

BIHAR : बेटी को गले लगाकर मां ने भी छोड़ दी दुनिया…एक साथ दो अर्थियां देख हर आंख हुई नम

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भागलपुर के जेएलएन अस्पताल में एक दर्दनाक घटना सामने आई जहां दहेज और घरेलू विवाद की शिकार बेटी की मौत की खबर सुनकर मां की भी जान चली गई. गोड्डा की रहने वाली बबली देवी ने बेटी सुनैना के शव को देखकर वहीं ब्रेन हेमरेज के कारण दम तोड़ दिया. एक साथ मां-बेटी की मौत ने पूरे परिवार और इलाके को गहरे सदमे में डाल दिया है.

बिहार के भागलपुर में मंगलवार को एक हृदयविदारक घटना हुई. दरअसल जेएलएन अस्पताल में गोड्डा जिले की बबली देवी अपनी बेटी सुनैना को देखने के लिए जा रही थीं. रास्ते में उन्हें खबर मिली कि उनकी बेटी सुनैना की ससुराल वालों ने हत्या कर दी है. खबर सुनते ही बबली देवी बेहोश हो गईं. किसी तरह उनके भाई संजय उन्हें भागलपुर के जेएलएन अस्पताल मायागंज लेकर पहुंचे.

अस्पताल में बेटी का शव देखकर बबली देवी दहाड़ मारकर रो पड़ीं. सदमे से उनका ब्रेन हेमरेज हो गया. डॉक्टरों ने तुरंत जांच की, लेकिन कुछ देर बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया. इस तरह बेटी की मौत का सदमा मां के लिए भी जानलेवा साबित हुआ.सुनैना की शादी मधुसूदनपुर थाना क्षेत्र के गनौराबादरपुर गांव के विकास कुमार से हुई थी. मायकेवालों का आरोप है कि विकास बेरोजगार था और लगातार दहेज की मांग करता था. घरेलू विवाद बढ़ता गया जिसके बाद सुनैना ने खुदकुशी कर ली. उसके मायकेवालों ने पति और पूरे ससुराल पक्ष पर हत्या करने का आरोप लगाया है.

अस्पताल में मां-बेटी के शव को एक साथ ट्रॉली पर रखा देख हर कोई भावुक हो उठा. परिजन और दोनों पक्षों के लोग गहरे सदमे में थे. पोस्टमार्टम को लेकर दोनों पक्षों में मतभेद भी हुआ, जिसे मधुसूदनपुर पुलिस ने शांत कराया.सुनैना के शव का पोस्टमार्टम कराकर उसे परिजनों को सौंप दिया गया. वहीं, बबली देवी का पार्थिव शरीर उनके भाई और अन्य रिश्तेदार गोड्डा ले गए. मां-बेटी की एक साथ मौत की खबर से पूरे गांव में मातम पसर गया और जिसने भी सुना उसकी आंखों में आंसू आ गए.

मधुसूदनपुर थानाध्यक्ष सफदर अली ने बताया कि सुनैना की मौत की सूचना पर उनकी मां बबली देवी भागलपुर आई थीं, लेकिन बेटी के शव को देखकर उन्हें ब्रेन हेमरेज हो गया और उनकी मौत हो गई. इस त्रासदी ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है. गरीबी और घरेलू हिंसा की वजह से दो लोगों की जान चली गई.

ENTERTAINMENT : ‘शादीशुदा मर्दों संग…’ कुनिका सदानंद पर भड़के कुमार सानू के बेटे, बोले- बहुत धोतियां खुल जाएंगी

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कुनिका सदानंद ने बिग बॉस हाउस में खुलासा किया कि वो शादीशुदा इंसान के साथ रिश्ते में थीं. प्यार में उन्हें धोखा मिला. इसके बाद उनके बेटे अयान ने अपमी मां और सिंगर कुमार सानू के टॉक्सिक रिलेशनशिप का खुलासा किया. वहीं अब कुमार सानू के बेटे का जवाब आया है.

कुनिका सदानंद 90 के दशक की पॉपुलर एक्ट्रेसेस में से एक हैं. इन दिनों वो सलमान खान के शो बिग बॉस 19 में बतौर कंटेस्टेंट नजर आ रही हैं. रियलिटी शो में एंट्री लेने के बाद से ही वो चर्चा में हैं. एक्ट्रेस ने अपनी पर्सनल लाइफ को लेकर भी कई खुलासे किए हैं. अब सोशल मीडिया पर उनका एक वीडियो वायरल हो रहा है. इंटरव्यू में कुनिका ने इंडस्ट्री की एक्ट्रेसेस को लेकर बड़ा बयान दिया है, जिस पर कुमार सानू के बेटे जान ने रिएक्ट किया है.

कुछ वक्त पहले कुनिका सदानंद, सिद्धार्थ कनन के पॉडकास्ट में अपनी लाइफ और करियर को लेकर कई सारी बातें करती दिखीं. उन्होंने एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री में होने वाली घटनाओं पर बात की. बातों ही बातों में उन्होंने बड़ा बयान देते हुए कहा कि हमारी फिल्म इंडस्ट्री में रेप नहीं होते हैं. ना ही मैं ऐसा मानती हूं. कहीं ना कहीं लड़की की तरफ से इशारा जाता है. मैंने कभी नहीं सुना है कि ऐसी लड़कियों का रेप हुआ है.

अब जैसे मैं आपके पास आई काम के लिए. कहा कि सर मैं आपके साथ काम करना चाहती हूं. अगर कुछ होगा, तो बताइएगा. इसके बाद वो लड़कियों के काम मांगने का दूसरा तरीका बताती हैं. एक्ट्रेस शरमाते हुए कहती हैं कि सर मैं आपके साथ काम चाहती हूं. ये क्या है. इस तरह से काम मांगने का मतलब क्या है.

कुनिका सदानंद की बातें सुनकर कुमार सानू के बेटे जान से रहा नहीं गया. उन्होंने वीडियो कमेंट करते हुए कहा कि उन्होंने जीवन भर यही किया. शादीशुदा मर्दों के साथ…. मुंह खोलना नहीं है ज्यादा, बहुत धोतियां खुल जाएंगी फिर. कुनिका और उनके बेटे अयान बता चुके हैं कि उनकी मां कुमार सानू के साथ लिवइन रिलेशनशिप में थीं. दोनों का रिश्ता बहुत टॉक्सिक था. इस बीच जान का कमेंट बताता है कि वो कुनिका और उनके बेटे के स्टेटमेंट से नाराज हैं. उन्होंने सारी भड़ास कमेंट में निकाल दी.

Overhydration Risk: क्या आप जरूरत से ज्यादा पानी पी रहे हैं? कितना पीना चाहिए…जानिए क्या कहते हैं एक्सपर्ट

जरूरत से ज्यादा पानी पीना सेहत के लिए खतरनाक हो सकता है. क्योंकि शरीर के लिए जितना हाइड्रेट रहना जरूरी है, उतना ही ओवरहाइड्रेशन पर भी ध्यान देना महत्वपूर्ण है.

सेहतमंद रहने के लिए दिनभर खूब पानी पीने की सलाह दी जाती है.लेकिन क्या आप जानते हैं कि जरूरत से ज्यादा पानी पीना भी शरीर के लिए उतना ही खतरनाक हो सकता है जितना कम पानी पीना? हाल ही में एक्सपर्ट्स ने चेतावनी दी है कि (overhydration effects) यानी जरूरत से ज्यादा पानी पीने से शरीर के इलेक्ट्रोलाइट्स का बैलेंस बिगड़ सकता है और यह गंभीर हेल्थ प्रॉब्लम्स का कारण बन सकता है.

शरीर को हाइड्रेटेड रखने के लिए पानी बेहद जरूरी है. यह टॉक्सिन्स को बाहर निकालने, पाचन को दुरुस्त रखने और स्किन को ग्लोइंग बनाने में मदद करता है. लेकिन जब हम जरूरत से ज्यादा पानी पीते हैं, तो शरीर का सोडियम लेवल गिर जाता है.इसे मेडिकल भाषा में हाइपोनेट्रेमिया कहा जाता है. इस स्थिति में थकान, चक्कर और सिरदर्द जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं.

हर व्यक्ति को कितनी मात्रा में पानी पीना चाहिए, यह उसकी उम्र, वजन, एक्टिविटी और मौसम पर निर्भर करता है. सामान्य तौर पर दिनभर में 2.5 से 3 लीटर पानी पर्याप्त माना जाता है. लेकिन अगर कोई ज्यादा पसीना बहाता है या बहुत एक्टिव है तो उसे थोड़ी ज्यादा मात्रा की जरूरत हो सकती है. वहीं सर्दियों में या कम एक्टिव लोगों को कम पानी की आवश्यकता होती है.

किडनी पर दबाव – जरूरत से ज्यादा पानी किडनी को ज्यादा काम करने पर मजबूर करता है
ब्लड प्रेशर असंतुलन – ओवरहाइड्रेशन से इलेक्ट्रोलाइट असंतुलन के कारण ब्लड प्रेशर फ्लक्चुएट हो सकता है
ब्रेन पर असर – रिसर्च के मुताबिक, ज्यादा पानी ब्रेन सेल्स को स्वेल कर सकता है जिससे सिरदर्द और कंफ्यूजन हो सकता है
किन संकेतों से समझें कि आप ज्यादा पानी पी रहे हैं?

बार-बार पेशाब आना
हाथ-पैरों में सूजन
लगातार थकान या चक्कर
सिर में भारीपन
हेल्दी तरीके से पानी पीने के टिप्स

प्यास लगने पर ही पानी पिएं, मजबूरी में नहीं
एक साथ बहुत ज्यादा पानी न पीकर थोड़ी-थोड़ी मात्रा में दिनभर पिएं
गर्मियों में नारियल पानी, छाछ या नींबू पानी जैसे हेल्दी ड्रिंक्स शामिल करें
पानी की मात्रा का ध्यान रखें और जरूरत से ज्यादा सेवन से बचें
इसे भी पढ़ें- तुरंत छोड़ दें ये 8 आदतें वरना खराब हो जाएगा पाचन तंत्र, दिक्कत होने पर नजर आते हैं ऐसे लक्षण

Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.

UP : महिला ने बाइक से किया पीछा, कॉलर पकड़कर खींचा, शख्स को जड़े थप्पड़ और लात-घूंसों से पीटा

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गोरखपुर के गुलरिहा में महिला ने छेड़छाड़ और अभद्र टिप्पणी के आरोप में प्रधान प्रत्याशी का पीछा कर सड़क पर उसकी जमकर पिटाई की. घटना का वीडियो वायरल हुआ जिसके बाद दोनों पक्षों ने एफआईआर दर्ज कराई. महिला ने एससी-एसटी एक्ट समेत गंभीर धाराओं में केस कराया, जबकि प्रधान प्रत्याशी ने महिला और उसके परिजनों पर मारपीट व नुकसान का मुकदमा दर्ज कराया है.

उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में एक महिला ने बाइक से पीछा कर एक शख्स की जमकर धुनाई कर दी. महिला का आरोप था कि शख्स उसके साथ अश्लील हरकत करता है और भद्दे कमेंट करते हुए वह उसे आते-जाते लिफ्ट देने के लिए बोलता है. वहीं जब महिला ने उसका विरोध किया तो वह बाइक से भागने लगा. कथित तौर पर इस बार महिला ने चुप रहने की जगह उसे सबक सिखाने की ठानी. वह अपने भतीजे की बाइक पर बैठकर तेज रफ्तार में प्रधान प्रत्याशी बताए जा रहे मनचले का पीछा करने लगी.

डेढ़ किलोमीटर तक पीछा करने के बाद महिला ने चलती बाइक पर ही प्रधान प्रत्याशी को कॉलर पकड़कर घसीट लिया. इसके बाद तो उसने बिना रुके लात घुसे बरसाए. काफी देर तक सड़क पर ही हंगामा चला. आस-पास के लोगों ने किसी तरह पुलिस बुलाकर मामला शांत कराया. इस घटना का एक वीडियो वायरल हो रहा है. गुलरिहा थाने में दोनों पक्षों की तरफ से एफआईआर दर्ज कराई गई.

दरअसल, गुलरिहा थानाक्षेत्र की एक 24 वर्षीय शादीशुदा महिला बीआरडी मेडिकल कॉलेज में फोर्थ क्लास में काम करती है. महिला ने पुलिस को बताया कि क्षेत्र से ही प्रधान पद की तैयारी कर रहे दिलीप तिवारी आते जाते उसे लिफ्ट देने के लिए कहते हैं. वे आए दिन उलटी सीधी हरकतें करते रहते हैं और भद्दे-भद्दे कमेंट करते हैं.

महिला का आरोप है कि वह 7 सितंबर को खेत की तरफ टहलने गई थी, इस दौरान दिलीप आया और उसे जाति सूचक गालियां देने लगा. जब उसने इसका विरोध किया, तो वह बाइक से भागने लगा. महिला ने ये बात अपने भतीजे को बताई और भतीजे की बाइक से उसे दौड़ाने लगी. बाद में पकड़े जाने पर महिला ने उसकी जमकर पिटाई की.

एफआईआर के बाद, गुलरिहा थाने की पुलिस ने प्रधान प्रत्याशी दिलीप तिवारी और राजनाथ तिवारी के खिलाफ एससी एसटी समेत कई गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है. दूसरी ओर दिलीप तिवारी की तहरीर पर गुलरिहा पुलिस ने महिला, महिला के पति समेत 4 लोगों के खिलाफ मारपीट करने और संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया है.

दिलीप ने पुलिस को बताया कि 7 सितंबर को मैं अपने घर वापस आ रहा था. शाम को करीब 4 बजे मेरे विपक्षी ने रास्ते में मुझे रोकने की कोशिश की.इसके बाद महिला अपने भतीजे के साथ बाइक से मेरा पीछा करने लगी. बरगदही चौराहे के पास उसने मेरा कॉलर पकड़कर फाड़ दिया. इस घटना को बाजार में कई लोगों ने देखा है. इससे मैं बहुत आहत हूं क्योंकि समाज में मेरा अपमान हुआ है. हालांकि पुलिस दोनों पक्षों की ओर से तहरीर लेने के बाद मामले की जांच कर रही है. जांच के बाद ही यह पता चल पाएगा कि असल मामला क्या है.

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