Tuesday, May 5, 2026
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SPORTS : बारिश में धुल जाएगा IND vs UAE मैच? जानें एशिया कप के दूसरे मैच में कैसा रहेगा दुबई का मौसम

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IND vs UAE Match Dubai Rain Prediction: एशिया कप 2025 का दूसरा मैच आज भारत और संयुक्त अरब अमीरात (IND vs UAE) के बीच खेला जाएगा. ये मैच यूएई के शहर दुबई में होने जा रहा है. एशिया कप के सभी मैच शाम 7:30 बजे शुरू होने थे, लेकिन मौसम में ज्यादा गर्मी की वजह से मैच के शुरू होने के समय को आधा घंटा बढ़ा दिया गया है. आज बुधवार, 10 सितंबर रात 8 बजे से भारत और यूएई के बीच मैच शुरू होगा.

IND vs UAE, मैच का मौसम
भारत और यूएई के बीच मैच दुबई इंटरनेशनल स्टेडियम में खेला जाएगा. आज के मैच में मौसम कोई बाधा नहीं डालेगा, बिना बारिश के 20-20 ओवर का खेल पूरा खेला जाएगा. भारत और यूएई के मैच के दौरान मौसम 35 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है, लेकिन मौसम में ह्यूमिडिटी काफी रह सकती है.

भारत बनाम यूएई मैच की पिच रिपोर्ट
भारत और यूएई का मैच जिस मैदान पर होने वाला है, वहां की पिच पर 150 के करीब स्कोर बनाना बेस्ट होता है. इस पिच पर स्पिन गेंदबाज को खूब मदद मिलती है. इस मैदान पर पहले गेंदबाजी करने वाली टीम का विनिंग पर्सेंट बेंहतर है. आज के मैच में टॉस भी काफी मायने रख सकता है, जो टीम टॉस जीतेगी, वो पहले गेंदबाजी करने का फैसला ले सकती है. लेकिन दोनों टीमों पर नजर डालें तो भारत की टीम यूएई की तुलना में ज्यादा मजबूत और अनुभवी है. ऐसे में टीम इंडिया टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला ले सकती है, जिसे खिलाड़ी ज्यादा से ज्यादा रन बोर्ड पर लगा सकें. लेकिन यूएई को किसी भी तरह हल्के में नहीं लिया जा सकता. सभी टीमें इस एशिया कप में बेहतर परफॉर्म करने आई हैं.

भारत की संभावित प्लेइंग इलेवन

शुभमन गिल (उपकप्तान), अभिषेक शर्मा, सूर्यकुमार यादव (कप्तान), तिलक वर्मा, जितेश शर्मा (विकेटकीपर), हार्दिक पांड्या, शिवम दुबे, अक्षर पटेल, जसप्रीत बुमराह, अर्शदीप सिंह और वरुण चक्रवर्ती.

UAE की संभावित प्लेइंग इलेवन

मुहम्मद वसीम (कप्तान), अलीशान शराफू, मुहम्मद जोहैब, राहुल चोपड़ा (विकेटकीपर), आसिफ खान, हर्षित कौशिक, मुहम्मद फारूक, सगीर खान, हैदर अली, जुनैद सिद्दीकी और मुहम्मद जवादुल्लाह.

NATIONAL : IPS अंजना कृष्णा से विवाद के बाद अब किससे नाराज हुए अजित पवार? तबीयत का हवाला देकर कैंसिल कर दिए कार्यक्रम

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महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री अजित पवार ने आज (बुधवार, 10 सितंबर) के सभी निर्धारित कार्यक्रम रद्द कर दिए हैं. एनसीपी प्रमुख और डिप्टी सीएम अजित पवार के कार्यालय की ओर से जानकारी मिली है कि उनकी तबीयत ठीक नहीं है. ऐसे में अजित पवार की अस्वस्थतात के कारण प्रोग्राम रद्द किए जा रहे हैं.

इससे पहले मंगलवार (9 सितंबर) की रात में वर्ली डोम में हुई बैठक में भी अजित पवार अनुपस्थित रहे थे. यह बैठक प्रदेश अध्यक्ष सुनील तटकरे के नेतृत्व में हुई थी.

अजित पवार की तबीयत या नाराजगी… क्या है असल वजह?
अब कयास लगाए जा रहे हैं कि अजित पवार द्वारा कार्यक्रम रद्द किए जाने का फैसला उनकी तबीयत से नहीं बल्कि उनकी नाराजगी से जुड़ा है. सूत्रों की मानें तो IPS अंजना कृष्णा को लेकर हुए विवाद के बाद से अजित पवार अपने सहयोगी दलों से खफा हैं.

सूत्रों का कहना है कि अजित पवार अपनी सहयोगी पार्टियों से सपोर्ट की उम्मीद कर रहे थे, जो उन्हें नहीं मिला. इस बात से वह नाराज हैं.

क्या है ‘अजित पवार vs IPS अंजना कृष्णा’ विवाद?
मामला महाराष्ट्र के सोलापुर जिले के कुर्डू गांव का है, जहां से एक वीडियो कुछ समय पहले वायरल हुआ था. वीडियो में IPS अधिकारी अंजना कृष्णा, डिप्टी सीएम अजित पवार से बात कर रही थीं. यह बात कम और बहस ज्यादा थी. IPS अफसर यहां अवैध खनन रोकने पहुंची थीं. इस दौरान उनका और एनसीपी के कार्यकर्ताओं के बीच विवाद हो गया.

कार्यकर्ताओं ने डायरेक्ट उप मुख्यमंत्री को फोन कर दिया और फिर आईपीएस अधिकारी और अजित पवार में बहस छिड़ गई. अंजना कृष्णा ने अजित पवार से कहा कि आपको बात करनी थी तो मेरे फोन पर कॉन्टैक्ट करना चाहिए था. यह बात अजित पवार को खटक गई और उन्होंने गुस्से में कुछ बातें कह दीं, जिसपर बाद में सियासी बवाल खड़ा हो गया.

IPS अंजना कृष्णा से विवाद के बाद अब किससे नाराज हुए अजित पवार? तबीयत का हवाला देकर कैंसिल कर दिए कार्यक्रम

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महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री अजित पवार ने आज (बुधवार, 10 सितंबर) के सभी निर्धारित कार्यक्रम रद्द कर दिए हैं. एनसीपी प्रमुख और डिप्टी सीएम अजित पवार के कार्यालय की ओर से जानकारी मिली है कि उनकी तबीयत ठीक नहीं है. ऐसे में अजित पवार की अस्वस्थतात के कारण प्रोग्राम रद्द किए जा रहे हैं.

इससे पहले मंगलवार (9 सितंबर) की रात में वर्ली डोम में हुई बैठक में भी अजित पवार अनुपस्थित रहे थे. यह बैठक प्रदेश अध्यक्ष सुनील तटकरे के नेतृत्व में हुई थी.

अजित पवार की तबीयत या नाराजगी… क्या है असल वजह?
अब कयास लगाए जा रहे हैं कि अजित पवार द्वारा कार्यक्रम रद्द किए जाने का फैसला उनकी तबीयत से नहीं बल्कि उनकी नाराजगी से जुड़ा है. सूत्रों की मानें तो IPS अंजना कृष्णा को लेकर हुए विवाद के बाद से अजित पवार अपने सहयोगी दलों से खफा हैं.

सूत्रों का कहना है कि अजित पवार अपनी सहयोगी पार्टियों से सपोर्ट की उम्मीद कर रहे थे, जो उन्हें नहीं मिला. इस बात से वह नाराज हैं.

क्या है ‘अजित पवार vs IPS अंजना कृष्णा’ विवाद?
मामला महाराष्ट्र के सोलापुर जिले के कुर्डू गांव का है, जहां से एक वीडियो कुछ समय पहले वायरल हुआ था. वीडियो में IPS अधिकारी अंजना कृष्णा, डिप्टी सीएम अजित पवार से बात कर रही थीं. यह बात कम और बहस ज्यादा थी. IPS अफसर यहां अवैध खनन रोकने पहुंची थीं. इस दौरान उनका और एनसीपी के कार्यकर्ताओं के बीच विवाद हो गया.

कार्यकर्ताओं ने डायरेक्ट उप मुख्यमंत्री को फोन कर दिया और फिर आईपीएस अधिकारी और अजित पवार में बहस छिड़ गई. अंजना कृष्णा ने अजित पवार से कहा कि आपको बात करनी थी तो मेरे फोन पर कॉन्टैक्ट करना चाहिए था. यह बात अजित पवार को खटक गई और उन्होंने गुस्से में कुछ बातें कह दीं, जिसपर बाद में सियासी बवाल खड़ा हो गया.

PUNJAB : ऑटो में बैठी महिला से लूट, बाहर लटककर की खुद को बचाने की कोशिश, लुधियाना का वीडियो वायरल

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पंजाब के लुधियाना से एक चौंका देने वाली खबर सामने आई है, जहां पर एक ऑटो ड्राइवर और उसके साथी ने ऑटो में सवार महिला से लूटपाट की कोशिश की, लेकिन महिला ने शोर मचाकर अपनी जान बचा ली.

पंजाब के लुधियाना शहर से एक दिल दहला देने वाली घटना ने महिलाओं की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है. एक ऑटो ड्राइवर और उसके साथी ने ऑटो में सवार महिला से लूटपाट की कोशिश की, लेकिन महिला ने शोर मचाकर अपनी जान बचाई. महिला ने चलते ऑटो से बाहर लटककर खुद को बचाने की कोशिश की. इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसे देखने के बाद हर कोई हैरान है.

वीडियो में देखा गया कि एक महिला जो ऑटो में बैठी थी, उसके साथ एक ओर व्यक्ति ऑटो में था.रास्ते में ड्राइवर ने अचानक रास्ता बदल लिया और सुनसान इलाके की तरफ ऑटो को मोड़ लिया. महिला ने इसका विरोध किया, लेकिन ड्राइवर और उसके साथी ने उन्हें धमकाते हुए लूटपाट की कोशिश की. महिला ने बताया कि वे मेरे पर्स और गहनों को छीनने लगे.

डर के मारे मैने जोर-जोर से चिल्लाना शुरू कर दिया. ड्राइवर ने ऑटो की स्पीड बढ़ा दी. लेकिन उसके बाद भी महिला ने हार नहीं मानी. महिला ऑटो से बाहर लटक गई और महिला को देखकर बाइक सवार लोगों ने ऑटो को घेरना शुरू किया.

महिला की चीख सुनकर कई बाइक सवार लोग ऑटो को घेरने लगे, जैसे ही ऑटो रुका, लोगों ने ड्राइवर और उसके साथी को बाहर निकाला और सभी लोगों ने मिलकर दोनों की जमकर पिटाई की, जिसमें ड्राइवर को कई चोटें आई है. लोगों ने इस भयावह घटना का वीडियो भी रिकॉर्ड किया, जो अब सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है. लोग वीडियो देखने के बाद महिला की हिम्मत और साहस की खूब तारीफ कर रहे हैं.

 

ENTERTAINMENT : 10,000 हजार करोड़ के परिवार की बहू ने झुग्गी में बिताए 20 दिन, बोलीं- झोपड़ी के सामने था बड़ा नाला, बालों में पड़ी जूं

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दिव्या खोसला कुमार ने बताया कि वो 20 दिन तक झोपड़े में रही थीं. इस दौरान उनके बालों में जूं पड़ गई थीं. ऐसा उन्होंने फिल्म एक चतुर नार के लिए किया था.दिव्या खोसला कुमार की फिल्म ‘एक चतुर नार’ 12 सितंबर को रिलीज होने वाली है. फिल्म को उमेश शुक्ला ने डायरेक्ट किया है. फिल्म में नील नितिन मुकेश, सुनील शेट्टी और छाया कदम जैसे स्टार्स हैं. दिव्या ने इस फिल्म के लिए कड़ी मेहनत करनी पड़ी. वो फिल्म के लिए लखनऊ की झुग्गी में रहीं. दिव्या ने कहा कि झुग्गी में रहने वाले लोगों का मुश्किलों के बावजूद जिंदगी को लेकर पॉजिटिव एटीट्यूड है.

बता दें कि दिव्या की शादी भूषण कुमार के साथ हुई है. भूषण कुमार टी-सीरीज के बॉस हैं. भूषण कुमार की फैमिली नेटवर्थ 10 हजार करोड़ है. भूषण और दिव्या को एक बेटा भी है.

भारती सिंह और हर्ष लिंबाचिया के यूट्यूब चैनल पर पॉडकास्ट में दिव्या ने झुग्गी के अपने एक्सपीरियंस के बारे में बात की. उन्होंने कहा, ‘इस फिल्म में एक झुग्गी में रहने वाली महिला का रोल निभा रही हूं. तो मुझे वास्तव में झुग्गी में रहना पड़ा. मैं वहां रही. ये बहुत मुश्किल था. मैं जो कैरेक्टर प्ले कर रही थी वो बिल्कुल मेरी तरह नहीं है. वो स्ट्री स्मार्ट है. वो नागिन है. उसे पता है कि किसकी पीठ पीछे वार करना है.’

आगे दिव्या ने कहा, ‘मुझे महसूस हुआ कि वहां के लोग ज्यादा खुश और आत्मसंतुष्ट हैं. वो केयरफ्री हैं क्योंकि उनकी कोई इच्छाएं नहीं हैं. वो मुझे चाय के लिए इंवाइट करते थे. मुझे ये नहीं कहना चाहिए लेकिन वहां महिलाएं एक-दूसरे के बालों से जूं निकालती थीं. मेर भी सिर में जूं हो गई थीं. वहां बहुत गंदगी की थी. वहां मेरी झोपड़ी के सामने बड़ा नाला था. बदबू की वजह से शुरुआती कुछ दिन बहुत मुश्किल थे. लेकिन कुछ दिन बाद मुझे इसकी आदत पड़ गई थी.’

 

BUSINESS : साइकिल-खिलौने तो सस्ते लेकिन महंगी हो सकती हैं किताबें, छात्रों पर बढ़ने वाला है बोझ

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जीएसटी काउंसिल की बैठक में एक तरफ जहां स्टेशनरी के सामान जैसे नक्शे, नोटबुक, रबर, रजिस्टर, पेंसिल और ड्राइंग पर पूरी तरह से जीएसटी खत्म कर दिया गया है. हाल में जीएसटी रिफॉर्म के बाद उसे पहले के चार स्लैब की जगह पर अब दो स्लैब कर दिया गया है, जो 22 सितंबर से प्रभावी हो जाएगा. इसके बाद अधिकतर चीजों के दाम कम हो जाएंगे. लेकिन जीएसटी काउंसिल के फैसले से किताबों की कीमत बढ़ सकती है. इसकी खास वजह ये है कि जिस कागज पर किताबें छपती हैं, उस पर जीएसटी की दरें 12 प्रतिशत से अब बढ़कर 18 प्रतिशत कर दी गई हैं.

किताब के प्रकाशकों की मानें तो सरकार के इस कदम का सीधा बोझ छात्रों के पॉकेट पर पड़ने वाला है क्योंकि किताब की कीमतें अब महंगी होने जा रही हैं. हालांकि, सरकार के इस कदम के विरोध में किताब के कारोबारियों ने लेटर लिखकर अपनी चिंताएं सरकार के सामने रखी हैं.

जीएसटी काउंसिल की बैठक में एक तरफ जहां स्टेशनरी के सामान जैसे नक्शे, नोटबुक, रबर, रजिस्टर, पेंसिल और ड्राइंग पर पूरी तरह से जीएसटी खत्म कर दिया गया है. इन सामानों पर पहले 12 प्रतिशत की दर से जीएसटी चार्ज किया जाता था.

लेकिन, जिन कागजों पर किताब छपती है, उन पर जीएसटी की दरें 12 प्रतिशत से बढ़कर 18 प्रतिशत कर दी गई हैं. इसके बाद यह माना जा रहा है कि किताबें प्रिंटिंग के बाद महंगी हो जाएंगी.

भारतीय शैक्षिक महासंघ की मानें तो पाठ्यपुस्तकें सरकार की कोशिश के अनुरूप सस्ती नहीं हो पाएंगी क्योंकि जीएसटी स्लैब में विसंगतियां मौजूद हैं, जिसकी वजह से इनके दाम बढ़ सकते हैं. महासंघ के प्रेसिडेंट गोपाल शर्मा और महासचिव राजेश गुप्ता की मानें तो स्टेशनरी और अभ्यास पुस्तकों को जरूर जीएसटी में राहत दी गई है, लेकिन उन किताबों को ऊंचे स्लैब में रखा गया है, जो पाठ्यपुस्तकों के काम आएंगी.

प्रकाशन जगत के लोगों की मानें तो किसी भी पाठ्यपुस्तक की लागत का सिर्फ 60 से 70 प्रतिशत हिस्सा कागजों पर खर्च होता है. ऐसी स्थिति में अगर छपाई की लागत बढ़ती है तो उसके बाद किताबों की कीमत भी जरूर बढ़ जाएगी.

ENTERTAINMENT : ऐश्वर्या राय की AI से बनाई गईं तस्वीरें, एक्ट्रेस ने कोर्ट से की रोक लगाने की मांग

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बॉलीवुड एक्ट्रेस ऐश्वर्या राय बच्चन ने अपनी पर्सनैलिटी राइट्स की सुरक्षा के लिए दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की है. उन्होंने अवैध रूप से उनकी तस्वीरों और वीडियो के व्यावसायिक इस्तेमाल पर रोक लगाने की मांग की है. वकील संदीप सेठी ने कोर्ट को बताया कि कई वेबसाइट्स और कंपनियां बिना अनुमति उनके फोटो और नाम का इस्तेमाल कर रही हैं.

बॉलीवुड एक्ट्रेस ऐश्वर्या राय बच्चन सुर्खियों में हैं. ऐश्वर्या अपने पर्सनैलिटी राइट्स की सुरक्षा की मांग को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट पहुंच गई हैं. उन्होंने मामले को लेकर एक याचिका दाखिल की. एक्ट्रेस की ओर से सीनियर वकील संदीप सेठी कोर्ट के पेश हुए. उन्होंने कोर्ट में दाखिल याचिका में ऐश्वर्या की ओर से उनके पब्लिसिटी और पर्सनैलिटी अधिकारों की रक्षा को लेकर बात की. साथ ही एक्ट्रेस की तस्वीरें और वीडियो अपने फायदे के लिए इस्तेमाल करने वालों पर रोक लगाने की मांग की है.

असल में ऐश्वर्या राय बच्चन की तस्वीरें अलग-अलग वेबसाइट पर इस्तेमाल की जा रही हैं. इसपर रोक लगाने के लिए ऐश्वर्या ने कानूनी रास्ता अपनाया है. एक्ट्रेस के वकील ने कोर्ट को उन वेबसाइट्स और कंटेंट के बारे में जानकारी दी, जिन पर बिना इजाजत ऐश्वर्या राय बच्चन की तस्वीरों और नाम का व्यावसायिक इस्तेमाल किया जा रहा है. कोर्ट में वकील ने एक वेबसाइट का हवाला देते हुए कहा कि एक्ट्रेस ने इसे अधिकृत नहीं किया है. दूसरी वेबसाइट पर ऐश्वर्या राय के वॉलपेपर और फोटो जैसे कंटेंट डाले गए हैं. वहीं तीसरी कंपनी की ओर से उनकी तस्वीरों वाले टी-शर्ट्स बेची जा रही हैं.

इसके अलावा संदीप सेठी ने अन्य वेबसाइट के बारे में भी बताया, जो ऐश्वर्या की इजाजत के बिना उनकी तस्वीरों का इस्तेमाल अपने फायदा के लिए कर रही हैं. वकील का कहना था कि ये सभी मिलकर ऐश्वर्या के नाम पर पैसे कमा रहे हैं. साथ ही कोर्ट में यूट्यूब से लिए कुछ स्क्रीनशॉट भी पेश किए गए, जिनमें ऐश्वर्या का चेहरा एआई की मदद से चिपकाया गया है. कोर्ट को बताया गया कि ये तस्वीरें ऐश्वर्या की नहीं हैं और न ही इन्हें लगाने के लिए किसी से इजाजत ली गई है. ये सभी एआई से बनी हैं.

ऐश्वर्या के वकील का आरोप है कि कुछ लोग उनका चेहरा सिर्फ नाम और पैसा कमाने के लिए कर रहे हैं. तो वहीं कुछ सेक्शुअल इच्छाओं को उनके नाम से पूरा कर रहे हैं, जो बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है. ऐश्वर्या राय के वकील ने दलील देते हुए कहा कि बिना अनुमति इस तरह की गतिविधियां उनके पर्सनल अधिकारों का उल्लंघन करती हैं और इन्हें रोका जाना जरूरी है.

ऐसे में कोर्ट ने फिल्म ‘अंदाज अपना अपना’ के मामले में दिए एक आदेश का उल्लेख किया. उस मामले में आपत्तिजनक लिंक कोर्ट को दिए किए गए थे और फिर गूगल से उन्हें हटा दिया गया था. दिल्ली हाई कोर्ट ने इस बारे में कहा कि आपके संबंध में सिर्फ 151 यूआरएल आदेश का हिस्सा होंगे. आप इन्हें हटाएं. हम हर एक आरोपी के खिलाफ अलग-अलग आदेश पारित करेंगे, क्योंकि प्रार्थनाएं व्यापक हैं. लेकिन हम आदेश अलग से देंगे. ऐश्वर्या राय की फोटो का अवैध रूप से इस्तेमाल करने वाले यूआरएल को हटाने का आदेश आज शाम तक अपलोड किया जाएगा. इस मामले की अगली सुनवाई 15 जनवरी 2026 को होगी.

करियर की बात करें तो ऐश्वर्या राय को पिछली बार फिल्म ‘पोन्नियन सेल्वन’ पार्ट 1 और 2 में देखा गया था. पहला पार्ट 2022 में और दूसरा 2023 में आया था. इस फिल्म में वो नंदिनी के रोल में थी. एक्ट्रेस की परफॉरमेंस को काफी पसंद किया गया था. उन्हें इसके लिए अवॉर्ड भी मिला था.

 

NATIONAL : ‘डरना मत, महत्वाकांक्षी बनो, भारत को कोई नहीं रोक सकता’, बोले अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला

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जून 2025 में अंतरिक्ष में 20-दिवसीय मिशन पर जाने वाले शुभांशु शुक्ला ने कहा कि वे न केवल भारत का तिरंगा, बल्कि 1.4 अरब नागरिकों की आकांक्षाएं भी लेकर गए थे. वे अपने साथ भारतीय शोधकर्ताओं द्वारा डिज़ाइन किए गए वैज्ञानिक प्रयोग भी लेकर गए थे, जो पहली बार भारत द्वारा अंतरिक्ष में सूक्ष्म गुरुत्वाकर्षण अनुसंधान का प्रतीक है.

भारतीय अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला ने डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम टेक्निकल यूनिवर्सिटी (AKTU) के दीक्षांत समारोह में छात्रों को संबोधित किया. उन्हें यहां मानद डॉक्टर ऑफ साइंस (डीएससी) की उपाधि से सम्मानित किया गया. शुक्ला ने छात्रों को अपने अंतरिक्ष मिशन से मिले सबक साझा किए और उनसे एक निडर, महत्वाकांक्षी और अजेय भारत के निर्माण में योगदान देने का आग्रह किया.

लखनऊ में डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम टेक्निकल यूनिवर्सिटी में एक समारोह आयोजित किया गया. अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला मंगलवार को इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि थे. वे जून 2025 में 20 दिन के अंतरिक्ष मिशन से लौटे हैं. इस मिशन में वे भारत का तिरंगा और 1.4 अरब भारतीयों की आकांक्षाएं लेकर गए थे. उन्होंने भारतीय शोधकर्ताओं द्वारा तैयार किए गए वैज्ञानिक प्रयोग भी किए, जो भारत का अंतरिक्ष में पहला माइक्रोग्रैविटी शोध था.

न्यूज एजेंसी के मुताबिक, शुभांशु शुक्ला ने छात्रों को सफल होने के सात सिद्धांत बताए. उन्होंने कहा, “जब जिंदगी आपके हिसाब से न चले तो धैर्य रखें. जब शोर बहुत ज्यादा हो तो ध्यान केंद्रित रखें. रोजाना मेहनत करें क्योंकि आपके सपनों को आपके मूड से फर्क नहीं पड़ता. जब योजनाएं विफल हों तो अनुकूल बनें. वह बदलाव बनें जो आप देखना चाहते हैं. सहयोग करें, क्योंकि कोई भी अकेले महानता हासिल नहीं करता. हिम्मत रखें, क्योंकि डर हमेशा रहेगा, लेकिन विश्वास उससे ज्यादा मजबूत हो सकता है. और सबसे बढ़कर, अपनी यात्रा का आनंद लें.”

अपने मिशन से मिले सबक बताते हुए शुक्ला ने 32 दिन के अभूतपूर्व क्वारंटीन को याद किया. उन्होंने कहा, “इंतजार करना बर्बादी नहीं, बल्कि तैयारी है. उस समय ने मुझे अपनी प्रक्रियाओं को बेहतर बनाने और अप्रत्याशित स्थितियों के लिए अभ्यास करने का मौका दिया.” शुभांशु शुक्ला ने यह भी कहा कि जब रॉकेट लॉन्च होता है तो सारी गणनाएं और कल्पनाएं धरी रह जाती हैं. उन्होंने आगे कहा, “घबराहट स्वाभाविक है, लेकिन प्रशिक्षण आपको डर पर नहीं, बल्कि अगली चेकलिस्ट पर ध्यान केंद्रित करना सिखाता है.”

शुभांशु शुक्ला ने टीम वर्क के महत्व पर भी जोर दिया, जिसमें हजारों वैज्ञानिक, इंजीनियर और परिवार शामिल थे. उन्होंने कहा, “सफलता कभी भी अकेले की उपलब्धि नहीं होती.” पृथ्वी के वायुमंडल में फिर से प्रवेश करने के अनुभव को याद करते हुए उन्होंने साहस की बात की. शुक्ला ने कहा कि 1984 में भारत के पहले अंतरिक्ष यात्री विंग कमांडर राकेश शर्मा ने कहा था, “सारे जहां से अच्छा.” लेकिन इस बार मैंने कुछ और देखा – एक ऐसा देश जो निडर, महत्वाकांक्षी और अजेय है.

अपने संबोधन के आखिर में शुभांशु शुक्ला ने छात्रों से कहा कि वे इस यात्रा में सिर्फ दर्शक नहीं, बल्कि भागीदार हैं. उन्होंने कहा, “आपके डिग्री राष्ट्र निर्माण के लिए उपकरण हैं, और भारत आपका इंतजार कर रहा है.” दीक्षांत समारोह में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल भी मौजूद थीं. कुल 88 मेडल, जिनमें 37 गोल्ड और 26 सिल्वर मेडल शामिल थे, छात्रों को दिए गए.

UP : कुशीनगर में मदरसे के प्रिंसिपल पर नाबालिग का जबरन धर्मांतरण करने का आरोप, पुलिस ने किया गिरफ्तार

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आर्थिक तंगी का फायदा उठाकर कोहरगड्डी के मदरसे के प्रिंसिपल मुजीबुर्रहमान ने उनके बेटे विपिन को मुफ्त भोजन, कपड़े, और शिक्षा का लालच देकर मदरसे में बुलाया.और जबरन धर्मांतरण कराया गया.

यूपी के कुशीनगर जनपद के खड्डा थाना क्षेत्र के कोहरगड्डी गांव में एक सनसनीखेज मामला सामने आया है. यहां के एक मदरसे के प्रिंसिपल मौलवी मुजीबुर्रहमान पर 15 वर्षीय नाबालिग हिंदू लड़के विपिन कुशवाहा के जबरन धर्मांतरण और उसका नाम बदलकर नूर आलम करने का आरोप लगा है. जिसके बाद पुलिस प्रशासन में हड़कम्प मच गया.

हनुमानगंज थाना क्षेत्र के मंसाछापर गांव निवासी महेंद्र कुशवाहा 10 साल पहले एक आपराधिक मामले में जेल चले गए थे. उनकी अनुपस्थिति में परिवार की आर्थिक तंगी का फायदा उठाकर कोहरगड्डी के मदरसे के प्रिंसिपल मुजीबुर्रहमान ने उनके बेटे विपिन को मुफ्त भोजन, कपड़े, और शिक्षा का लालच देकर मदरसे में बुलाया. इसके बाद विपिन का जबरन धर्मांतरण कराया गया और उसका नाम बदलकर नूर आलम कर दिया गया. इतना ही नहीं मौलवी ने विपिन का फर्जी आधार कार्ड भी बनवाया, जिसमें उसका नाम नूर आलम दर्ज था.

जेल से छूटने के बाद महेंद्र ने अपने बेटे की तलाश शुरू की. जब वह कोहरगड्डी के मदरसे पहुंचे, तो विपिन को मुस्लिम वेशभूषा में देखकर हैरान रह गए. महेंद्र ने अपने बेटे को वापस मांगा, लेकिन मौलवी मुजीबुर्रहमान ने उनके साथ मारपीट की और बेटे को लौटाने से इनकार कर दिया. इसके बाद महेंद्र और उनकी पत्नी रबरी देवी ने पुलिस में शिकायत दर्ज की.

खड्डा थाना प्रभारी गिरिजेश उपाध्याय ने बताया कि रबरी देवी की तहरीर के आधार पर 8 सितंबर को उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम, 2021 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया. पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए विपिन को मदरसे से मुक्त कराकर परिजनों को सौंप दिया और आरोपी मौलवी मुजीबुर्रहमान, जो महाराजगंज जिले का निवासी है, को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया.

अपर पुलिस अधीक्षक निवेश कटियार ने बताया कि इस मामले की गहन जांच की जा रही है. पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या मौलवी ने अन्य परिवारों के साथ भी इस तरह का धर्मांतरण का खेल खेला है. जांच में यह भी सामने आया कि विपिन का माइंडवॉश किया गया था, जिसके चलते वह मुस्लिम वेशभूषा और दिनचर्या अपनाने लगा था.

महेंद्र ने बताया कि मौलवी ने उनके पूरे परिवार को अपने प्रभाव में लेने की कोशिश की थी. उनकी पत्नी और अन्य बच्चों का रहन-सहन भी धीरे-धीरे मुस्लिम रीति-रिवाजों जैसा होने लगा था. इस खुलासे ने महेंद्र को स्तब्ध कर दिया. पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि क्या अन्य परिवार भी इस तरह के धर्मांतरण के शिकार हुए हैं.

 

NATIONAL : दिल्ली में फूड आउटलेट के AC में जोरदार धमाका, लगी आग, 5 लोग बुरी तरह घायल

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दिल्ली के यमुना विहार में फूड आउटलेट के एसी में देर रात जोरदार धमाका हुआ, जिसमें पांच लोग घायल हो गए. उन्हें जीटीबी अस्पताल में भर्ती किया गया है. पुलिस मामले की जांच कर रही है.

दिल्ली के यमुना विहार से एयर कंडीशन में धमाके की खबर सामने आई है. सोमवार देर रात एक फूड आउटलेट के ग्राउंड फ्लोर पर ये हादसा हुआ. दिल्ली अग्निशमन सेवा को सूचना मिली और उसने तुरंत तीन दमकल गाड़ियां मौके पर भेजीं. इस घटना में पांच लोग घायल हुए हैं और उन्हें जीटीबी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। स्थानीय पुलिस थाना फिलहाल मामले की जांच कर रहा है. मामले में अधिक जानकारी की प्रतीक्षा की जा रही है.

गौरतलब है कि दिल्ली से सटे हरियाणा के फरीदाबाद जिले में एक दिन पहले एसी से ही जुड़ा एक दिल दहला देने वाला हादसा हुआ. यहां ग्रीन फील्ड कॉलोनी स्थित एक मकान के फर्स्ट फ्लोर पर एसी फटने के बाद आग लग गई. इस आगजनी में सेकेंड फ्लोर पर एक ही परिवार के तीन सदस्यों की मौत हो गई.

साथ ही परिवार का पालतू कुत्ता भी इस हादसे में झुलसकर मर गया. राज 3 बजे हुए इस हादसे को लेकर प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक,एकाएक जोरदार धमाके की आवाज आई. इसके बाद मकान से धुआं और आग निकलने लगी. जब तक स्थानीय लोग और फायर ब्रिगेड मौके पर पहुंचते, तब तक पूरा फ्लैट धुएं से भर चुका था. दम घुटने की वजह से तीनों सदस्यों की मौके पर ही मौत हो गई. वहीं, परिवार का पालतू कुत्ता भी बच नहीं पाया.

 

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