Tuesday, May 5, 2026
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ENTERTAINMENT : ब्यूटी क्वीन से वैम्प बनी ये हसीना! सलमान ने लगाई क्लास, फेक झगड़े कर कैसे जीतेंगी दिल?

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बिग बॉस के घर में इस हफ्ते काफी हलचल रही. घर में कई लड़ाइयां देखने को मिलीं. मगर नेहल के बेवजह के मुद्दे और लड़ाई-झगड़ों से फैंस परेशान हो गए हैं. नेहल का निगेटिव गेम देखकर दर्शकों का सिर चकराने लगा है. सलमान ने भी उन्हें शो की वैम्प कह दिया है.

‘बिग बॉस 19’ हर गुजरते दिन के साथ इंटरेस्टिंग होता जा रहा है. शो में कंटेस्टेंट्स तेजी से रंग बदल रहे हैं. जहां कुछ लोग घर में हो रही लड़ाइयों का दर्शक बनकर लुत्फ उठाते दिख रहे हैं, तो वहीं ब्यूटी क्वीन नेहल आग में घी डालने का काम करती नजर आईं. लाइमलाइट पाने के लिए नेहल जबरदस्ती के मुद्दे बनाती दिखीं. मगर अफसोस उनकी ये ट्रिक काम नहीं आई.

नेहल शो में शुरुआत से ही अभिषेक बजाज को टारगेट कर रही हैं. कभी खाने को लेकर तो कभी हाउस ड्यूटी को लेकर अभिषेक पर चढ़ती दिखीं. अभिषेक अपने लिए स्टैंड नहीं ले पाते हैं. ऐसे में नेहल ने लाइमलाइट में आने के लिए अभिषेक को अपना सॉफ्ट टारगेट बना लिया है. वो बिना किसी कारण अभिषेक से भिड़ जाती हैं.

वहीं, टास्क में अभिषेक बजाज ने जब फरहाना को उठाया था तो नेहल उन्हें लगातार उकसाती दिखी थीं. नेहल ने बाकी घरवालों को भी अभिषेक से सवाल करने की हिदायत दी. अभिषेक पर नेहल का रोज-रोज बरसना, उनपर चिल्लाना, उन्हें अपशब्द कहना फैंस को बिल्कुल पसंद नहीं आया. बिना बात के लड़ाई करने और छोटी-छोटी चीजों पर बड़ा मुद्दा बनाने पर लोगों ने नेहल को जमकर ट्रोल किया. सोशल मीडिया पर यूजर्स ने नेहल को बिग बॉस 19 की वैम्प का टैग दे दिया है.

नेहल की बदतमीजियों से परेशान होकर वीकेंड का वार में सलमान खान ने उनकी जमकर क्लास लगाई. शो में वुमन कार्ड खेलने और जबरदस्ती के मुद्दे बनाकर लड़ाई करने पर सलमान ने नेहल को फटकारा. सलमान ने नेहल को साफ शब्दों में कहा कि वो शो की वैम्प बन गई हैं.

तान्या मित्तल पर पर्सनल कमेंट करने पर भी सलमान ने नेहल को रियलिटी चेक दिया. नेहल ने तान्या से ये कहकर लड़ाई की थी कि उनके मुंह से बास आ रही है. ऐसे में सलमान ने नेहल से पूछा कि क्या सुबह उठने पर उनके मुंह से बदबू नहीं आती है? सलमान ने नेहल से सवाल किया क्या वो असल जिंदगी में हर किसी से इतनी बदतमीजी से बात करती हैं. अगर कभी वो शूटिंग सेट पर जाएंगी तो क्या वहां सभी से इस तरह चिल्लाकर बात करेंगी. सलमान की बातों से घरवाले भी सहमत नजर आए.

सोशल मीडिया पर भी नेहल को खूब ट्रोल किया जा रहा है. उनकी नेगेटिविटी से फैंस परेशान होने के साथ बोर भी हो चुके हैं. कईयों को लगता है कि नेहल बिग बॉस के लिए कोई क्रैश कोर्स करके आई हैं. अभिषेक बजाज ने भी शो में ये बात बोली थी.

नेहल के गेम को डिकोड करके देखें तो शो में वही लोग ज्यादा दिखते हैं जो ज्यादा लड़ाई-झगड़े करते हैं. गेम में हाईलाइट होने के लिए नेहल भी लड़ाई झगड़ा और चिल्लम-चिल्ली कर रही हैं. लेकिन फर्क इतना है कि उनकी लड़ाइयां बनावटी और फेक लग रही हैं, क्योंकि वो शो में दिखने के लिए ही जबरदस्ती के पंगे ले रही हैं. उनके मुद्दे नेचुरल नहीं हैं. यही वजह है कि बिग बॉस के दर्शक नेहल से कनेक्ट नहीं कर पा रहे हैं. ये कहना गलत नहीं होगा कि नेहल की ट्रिक उन्हीं पर भारी पड़ गई है.

अब ये देखने वाली बात होगी कि सलमान खान की डांट के बाद नेहल अपने गेम और पर्सनैलिटी में कितना बदलाव लाती हैं. क्या वो अपने गेम को पॉजिटिव करेंगी या फिर नेगिटिविटी फैलाते हुए ही आगे बढ़ेंगी. वैसे आपको नेहल का गेम कैसा लग रहा है?

NATIONAL : दलित किशोरी से जबरन धर्मांतरण और रेप, मुख्य आरोपी समेत तीन पर मुकदमा दर्ज

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फतेहपुर के ललौली थाना क्षेत्र में दलित किशोरी के साथ जबरन धर्मांतरण और रेप का मामला सामने आया है. आरोपी युवक शोएब खान ने किशोरी पर धर्म बदलकर शादी का दबाव बनाया और विरोध करने पर दुष्कर्म किया. शिकायत करने पर जान से मारने की धमकी दी. पुलिस ने आरोपी और उसके माता-पिता पर धर्मांतरण प्रतिषेध अधिनियम समेत कई धाराओं में केस दर्ज किया है.

उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले में दलित किशोरी से जबरन धर्मांतरण और दुष्कर्म का मामला सामने आया है. घटना ललौली थाना क्षेत्र के एक गांव की है. पुलिस ने आरोपी युवक शोएब खान, उसके पिता नफीस खान और मां के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.किशोरी ने बताया कि गांव का ही शोएब खान लंबे समय से उसे परेशान करता था और रास्ता रोककर गलत हरकतें करता था. पिता वृद्ध और दिव्यांग होने के कारण परिवार खामोश रहा. लेकिन 25 अगस्त की शाम जब वह बगीचे की ओर गई तो आरोपी ने उसे रोक लिया. उसने धर्म बदलकर शादी करने का दबाव बनाया.

जब किशोरी ने मना किया तो आरोपी ने उसके साथ दुष्कर्म किया और जान से मारने की धमकी देकर फरार हो गया. घटना के बाद डरी-सहमी किशोरी घर पहुंची और परिजनों को पूरी बात बताई। परिजन आरोपी के घर शिकायत करने गए तो उन्हें वहां से अपशब्द कहकर भगा दिया गया और धमकियां भी दी गईं.किशोरी की मां की तहरीर पर पुलिस ने बीएनएस की धारा 74, 64(1), 352, 351(2), लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम 2012 की धारा 3 और 4, अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति नृशंसता अधिनियम की धारा 3(2) और उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म परिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम 2021 की धारा 3 और 5(3) के तहत मुकदमा दर्ज किया है. पुलिस ने बताया कि आरोपी की तलाश की जा रही है और मामले में आगे की कार्रवाई जारी है.

ENTERTAINMENT : ‘टॉक्सिक’ रूपाली गांगुली की वजह से को-एक्टर्स ने छोड़ा ‘अनुपमा’? प्रोड्यूसर बोले- वो सॉफ्ट टार्गेट…

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टीवी प्रोड्यूसर राजन शाही ने रुपाली गांगुली से अपनी 21 साल पुरानी दोस्ती और काम के अनुभव को शेयर करते हुए बताया कि कैसे रूपाली गांगुली ‘अनुपमा’ में अपने किरदार की वजह से एक मिसाल बन गई हैं. उन्होंने कहा कि लोग रूपाली को आसानी से निशाना बनाते हैं, लेकिन उनकी मेहनत तारीफ के काबिल है.

अनुपमा फेम रुपाली गांगुली पर कई उंगलियां उठती हैं. कहा जाता है कि उनकी वजह से कई एक्टर्स को शो छोड़ना पड़ता है. अब शो के प्रोड्यूसर राजन शाही ने हाल ही में रूपाली का पक्ष लिया. उन्होंने दोनों की 21 साल पुरानी दोस्ती का जिक्र करते हुए बताया कि कैसे कुछ को-स्टार्स रूपाली को ‘इनसिक्योर’ और ‘टॉक्सिक’ कह देते हैं, जबकि ऐसा कुछ नहीं है. उन्होंने उनके शुरुआती दिनों की बातें भी याद कीं.

स्क्रीन से बातचीत में राजन ने याद किया कि 1999 में वह पहली बार रूपाली से मिले थे. उस समय रूपाली के पास पैसों की बहुत कमी थी. वो ‘दिल है कि मानता नहीं’ का ऑडिशन देने वर्ली से जुहू तक पैदल जाती थीं. राजन ने बताया, “उस समय मैंने उन्हें खास गंभीरता से नहीं लिया था, लेकिन उन्हें रोल बहुत पसंद था और वे काफी उत्साहित थीं. उन्होंने मुझसे रिक्वेस्ट की कि मुझे एक मौका दीजिए. आखिरकार मैंने उन्हें कास्ट कर लिया. वो अक्सर मुझे बताती रहती हैं कि आप मुझे पहले बाहर ही खड़ा रखते थे. उसके 21 साल बाद हमने फिर अनुपमा में साथ काम किया.”

राजन ने बताया कि अनुपमा शुरू होने से पहले रूपाली अपनी पर्सनल लाइफ में काफी मुश्किल दौर से गुजर रही थीं. वह शादीशुदा थीं, बेटे रुद्रांश का जन्म हो चुका था और वह घर-परिवार में व्यस्त रहती थीं. राजन बोले,“उस समय उनका वजन भी बढ़ गया था और वह पूरी तरह से मां की जिम्मेदारी में थीं. लेकिन सेट पर उनकी बच्चानुमा एनर्जी आज तक बनी हुई है. अगर उनके पति अश्विन और बेटा उन्हें सपोर्ट न करते तो यह मुश्किल होता. रूपाली ने अनुपमा के लिए अपनी बहुत-सी निजी चीजें बलिदान कर दीं.”

राजन ने कहा कि शुरुआत में रूपाली बहुत परफेक्ट दिखने की कोशिश कर रही थीं. जैसे बार-बार साड़ी और बाल ठीक करना, टचअप करना. राजन बोले, “मैंने उन्हें डांटा और कहा कि मुझे एक ऐसी मां चाहिए जो 25 साल से बच्चों और घर में व्यस्त है, जिसकी शक्ल पर थकान हो, बाल बिखरे हों और शरीर में मसालों-तेल की खुशबू हो. मुझे कोई ग्लैमरस औरत नहीं चाहिए थी. धीरे-धीरे उन्होंने इस किरदार की असली आत्मा को समझ लिया.” राजन ने इसे रूपाली का ऐतिहासिक कमबैक बताया, जो बहुत कम टीवी कलाकारों को मिल पाता है.

हाल में रूपाली गांगुली को उनके कुछ को-स्टार्स ने आड़े हाथों लिया था. इस पर राजन शाही ने कहा, ”जब लोग रूपाली के बारे में बुरा बोलते हैं, उन्हें मीडिया कवर करती है. मैं उस एक्टर को जानता हूं जो पत्रकारों को घर बुलाकर शो के बारे में बुरा-भला बोलता था. मैंने उसे सेट से बाहर निकाल दिया था. उसके बाद उसने शो के खिलाफ कैंपेन चलाया. पर सच यह है कि रूपाली सॉफ्ट टार्गेट हैं. उनके बारे में बोलोगे तो तुम्हें तुरंत फोकस मिलेगा.”

राजन ने माना कि रूपाली भी परफेक्ट नहीं हैं और सेट पर छोटी-मोटी नोकझोंक होती रहती है, लेकिन लोगों की निगेटिव बातें ज्यादातर सिर्फ चर्चा बटोरने के लिए होती हैं. “कई लोग सिर्फ इसलिए उनके खिलाफ बोलते हैं क्योंकि उनके पास बताने लायक कोई उपलब्धि नहीं होती. हम लोग कभी-कभी उनकी हरकतों पर हंसते हैं.”

 

DELHI : बच्चों को फर्जी गोद लेने के कागज बनवाते, फिर निःसंतान दंपतियों को लाखों में बेच देते, डॉक्टर समेत 10 गिरफ्तार

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दिल्ली पुलिस ने एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश किया है जो फर्जी गोद लेने के कागज़ों के जरिए शिशुओं की खरीद-फरोख्त कर रहा था. इस मामले में एक डॉक्टर समेत 10 लोगों को गिरफ्तार किया गया है. पुलिस ने अब तक 6 शिशुओं को उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड से सुरक्षित बचाया है. गिरोह बच्चों को 1.8 लाख से 7.5 लाख रुपये में बेचता था.

दिल्ली पुलिस ने सोमवार को एक ऐसे रैकेट का भंडाफोड़ किया, जिसमें नवजात और छोटे शिशुओं को अवैध रूप से बेचा जा रहा था. आरोपी माता-पिता से बच्चों को लेकर फर्जी गोद लेने के दस्तावेज तैयार करते और फिर इन्हें निःसंतान दंपतियों को लाखों में बेच दिया जाता था.

गिरोह में शामिल डॉक्टर कमलेश कुमार (33) का KK हॉस्पिटल, फतेहाबाद (आगरा) में संचालन है. वह गर्भपात न करा पाने वाली माताओं से पैसे लेकर बच्चों की डिलीवरी करता और फिर उन्हें बेच देता था. पुलिस ने मरीज बनकर डॉक्टर को रंगे हाथों पकड़ा.पुलिस के अनुसार, मुख्य आरोपी सुंदर (35) मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव है और बच्चों की खरीद-फरोख्त में अहम भूमिका निभाता था. गिरोह में दो बहनें कृष्णा और प्रीति भी शामिल थीं, जो बीएएमएस (BAMS) की पढ़ाई से जुड़ी हुई हैं और अपनी दाई मां के साथ बच्चों की डिलीवरी करवाती थीं.

गिरोह बच्चों को 1.8 लाख से 7.5 लाख रुपये तक में बेचता था. आरोपियों में से एक सुंदर ने बताया कि उसने अपहरण किए गए बच्चे को पहले आगरा के एक दंपति को बेचा और फिर उन्हें आगे किसी और को बेचने की योजना थी.

मामला तब खुला जब यूपी के बांदा निवासी सुरेश ने दिल्ली के सराय काले खां ISBT से अपने छह महीने के बच्चे के लापता होने की शिकायत दर्ज कराई. सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल नंबर ट्रैकिंग से पुलिस आरोपियों तक पहुंची. फिर यूपी, उत्तराखंड और आगरा में छापेमारी कर छह बच्चों को बचाया गया.
अब तक 10 आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं और छह शिशुओं को सुरक्षित निकाला गया है. एक बच्चा अपने माता-पिता को लौटा दिया गया है जबकि बाकी को बाल संरक्षण गृह भेजा गया है. पुलिस ने कहा है कि गिरोह दिल्ली, यूपी, उत्तराखंड, हैदराबाद और चेन्नई तक फैला हुआ था.

NATIONAL : अनंतश्री पौधारोपण एवं सामाजिक समिति द्वारा शिक्षक दिवस के अवसर पर माँ सरस्वति को पुष्पमाला अर्पित कर व द्वीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया…

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अनंतश्री पौधारोपण एवं सामाजिक समिति द्वारा शिक्षक दिवस के अवसर पर अतिथियों ने माँ सरस्वति को पुष्पमाला अर्पित कर व द्वीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया व मोहनश्री विद्यापीठ के परिसर में समिति सदस्यों व शिक्षक-शिक्षिकाओं ने पौधारोपण किया।कार्यक्रम के अंतर्गत सदस्यों को जन्मदिन की शुभकामनाएं व शिक्षक-शिक्षिकाओं को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया

सम्मानित शिक्षक-शिक्षिका देवेंद्र कुमार जी मिश्रा ,सीमा जी मिश्रा,वसुधा जी चौहान, इंदु जी शर्मा, सुमन जी रघुव॔शी, सुनीता जी राजावत, हेमलता जी नागर, चंचल जी दीक्षित, कल्पना जी देशमुख, मिली बोराल, सरिता पाल समाज सेवी जीवन लाल जैन चाय वाले का भी स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया।

अतिथि – पूर्व नगरपालिकाध्यक्ष अशोक जी मालवीय,नगर पालिकाध्यक्ष प्रतिनिधि ओ.पी.गेहलोत जी बिरलाग्राम मंडल अध्यक्ष प्रकाश जी, वरिष्ठ समाज सेवी हनुमान प्रसाद जी शर्मा, समाज सेवक मनोज जी राठी इस अवसर पर उपस्थित सदस्य-अध्यक्ष प्रवीण पाल, सचिव बजरंग सिंह चौहान, जया वशिष्ठ, विपिका चौहान, सिध्दा वशिष्ठ, रमेश चंद्र पाल, चिन्मोय मंडल, शांति लाल नंदी, रूप कुमार दास, सोमनाथ मंडल वंश राठौर, दीपांशु शर्मा, जयंत कुमार बोराल, संजय कुमार देशमुख, मिलि बोराल, दीपाली बाजपेई, श्याम लाल जाट, सुशीला जयपाल, राकेश कुमार दीक्षित, खुशाल सिंह, दिलीप कुमार जैन, पवन डाबी, जीवन लाल जैन, यशेष वशिष्ठ, मुकेश कुमार जयपाल, प्रवीण राजावत,तखत सिंह चंद्रावत, चंचल दीक्षित,देवेंद्र कुमार नागर, राजेश कुमार यादव, मधु ठाकुर, प्रमोद चौहान, सुरेश पाल आदि..

बजरंगसिंह चौहान

ENTERTAINMENT : आर्यन खान दिखाएंगे शोबिज का सच? धांसू है ‘बैड्स ऑफ बॉलीवुड’ का ट्रेलर, शाहरुख-आमिर की दिखी झलक

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शाहरुख खान के बेटे आर्यन खान की वेब सीरीज ‘द बैड्स ऑफ बॉलीवुड’ का धमाकेदार ट्रेलर सोमवार को रिलीज कर दिया. इसी के साथ सीरीज की पूरी स्टार कास्ट से भी पर्दा उठा दिया गया. ट्रेलर में एक से बढ़कर एक बॉलीवुड सेलेब्स को देखा गया. जिसमें एक्टर आमिर खान और बाहुबली-RRR जैसी फिल्में बना चुके एसएस राजामौली भी शामिल हैं.

शाहरुख खान अपने बेटे की इस सीरीज को लेकर शुरू से अपडेट दे रहे हैं. एक्टर ने ही अपने सोशल मीडिया पर इस ट्रेलर को पोस्ट किया. साथ ही लिखा, ‘इतना फिल्मी कि असली नहीं लग रहा. इतना असली कि फिल्मी नहीं लग रहा. द बैड्स ऑफ़ बॉलीवुड देखें, 18 सितंबर को, सिर्फ नेटफ्लिक्स पर.

‘द बैड्स ऑफ बॉलीवुड’ फिल्म के ट्रेलर की शुरुआत ही लीड एक्टर लक्ष्य लालवानी से होती है, जो कहता है ‘एक्टर हूं तमाशा खड़ा करना ही काम है मेरा.’ इसी के साथ बॉलीवुड के कई सितारों की झलक इसमें दिखाई जाती है. जिसमें सिद्धांत चतुर्वेदी, राजकुमार राव, अर्जुन कपूर, और दिशा पाटनी शामिल हैं. वहीं आमिर खान को डायरेक्टर एसएस राजामौली के साथ किसी फिल्म पर चर्चा करते हुए दिखाया गया है.इसी के साथ लक्ष्य और बॉबी देओल की जबरदस्त फाइट भी देखने को मिली है. इस सीरीज में रोमांस, एक्शन, ड्रामा और कॉमेडी में आर्यन खान ने कोई कमी नहीं छोड़ी.

SPORTS : शुभमन गिल से लेकर रहमानुल्लाह गुरबाज तक… एशिया कप में गेमचेंजर साबित हो सकते हैं ये 5 धुरंधर

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एशिया कप में भारतीय टीम को अपना पहला मुकाबला 10 सितंबर को यूएई से खेलना है. फिर 14 सितंबर को दुबई इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में उसकी भिड़ंत पाकिस्तान से होगी.

एशिया कप क्रिकेट टूर्नामेंट 2025 की शुरुआत होने में अब कुछ ही घंटे बाकी हैं. इस टी20 टूर्नामेंट में एशिया की टॉप 8 टीमें भाग लेने जा रही है. टूर्नामेंट का आगाज 9 सितंबर को होगा, जबकि खिताबी मुकाबला 28 सितंबर को खेला जाना है. डिफेंडिंग चैम्पियन भारतीय टीम एक बार फिर खिताब की सबसे प्रबल दावेदार है.

साथ ही पाकिस्तान, अफगानिस्तान, बांग्लादेश और श्रीलंका जैसी टीमें भी कम नहीं हैं. वहीं संयुक्त अरब अमीरात (UAE), ओमान और हॉन कॉन्ग की टीमें भी उलटफेर करने की काबिलियत रखती हैं. ऐसे में इस टूर्नामेंट में गेंद और बल्ले के बीच दिलचस्प मुकाबला देखने को मिल सकता है. आइए नजर डालते हैं उन 5 धुरंधर बल्लेबाजो पर, जो एशिया कप में गेमचेंजर साबित हो सकते हैं.

1. शुभमन गिल: भारतीय टेस्ट टीम के कप्तान शुभमन गिल ने इंग्लैंड दौरे पर शानदार प्रदर्शन करते हुए 654 रन बनाए थ. शानदार प्रदर्शन के चलते शुभमन की एक साल बाद भारतीय टी20 टीम में वापसी हुई है. उम्मीद है कि शुभमन एशिया कप में भी इंग्लैंड टूर की लय को बरकरार रखेंगे. शुभमन ने अब तक भारतीय टीम के लिए 21 टी20 इंटरनेशनल मुकाबलों में 30.42 की औसत से 578 रन बनाए हैं. इस दौरान उन्होंने 1 शतक और 3 अर्धशतक लगाए.

2. सैम अयूब: इस पाकिस्तानी बल्लेबाज ने बहुत कम वक्त में इंटरनेशनल क्रिकेट में अपनी धाक जमाई है. अयूब ने अब तक पाकिस्तान के लिए 41 टी20 इंटरनेशन मैचों में 22.05 के एवरेज से 816 रन बनाए है. इस दौरान उनके बल्ले से 4 अर्धशतक निकले. एशिया कप में अयूब पर पाकिस्तानी टीम को तेज शुरुआत दिलाने का दारोमदार रहेगा. अयूब एक पार्ट-टाइम स्पिनर भी हैं, जो टीम के लिए एक और प्लस प्वाइंट है.

3. पथुम निसंका: श्रीलंकाई ओपनर पथुम निसंका अपनी टीम की उम्मीदों का बड़ा सहारा होंगे. पथुम निसंका ने अब तक 67 टी20 इंटरनेशनल मुकाबलों में 30.46 की औसत और 15 अर्धशतकों की मदद से 1917 रन बनाए हैं. 27 साल के निसंका का बल्ला चला तो श्रीलंकाई टीम अपने ग्रुप में वर्चस्व कायम कर सकती है.

4. रहमानुल्लाह गुरबाज: अफगानिस्तान का यह युवा विकेटकीपर बल्लेबाज अपने आक्रामक रवैये के लिए जाना चाहता है. अफगानिस्तान को अगर टू्र्नामेंट में अच्छा प्रदर्शन करना है, तो गुरबाज के बल्ले से रन निकलने जरूरी होंगे. गुरबाज ने अब तक 71 टी20 इंटरनेशनल मैचों में 25.08 की औसत और 132.71 के स्ट्राइक रेट से 1781 रन बनाए. इस दौरान उन्होंने 1 शतक और 10 अर्धशतक लगाए.

5. लिटन दास: बांग्लादेश के कप्तान लिटन दास पर बड़ी जिम्मेदारी रहने वाली है. लिटन दास ने 110 मैचों टी20 इंटरनेशनल मैचों में 23.66 की औसत 2437 रन बनाए हैं. इस दौरान उन्होंने 14 अर्धशतक जड़े. शाकिब अल हसन, मुश्फिकुर रहीम और तमीम इकबाल जैसे खिलाड़ियों के रिटायरमेंट के बाद लिटन से बांग्लादेश क्रिकेट को काफी उम्मीदें हैं.

 

NATIONAL : उत्तरकाशी में ट्रॉली से नदी पार करते समय हादसा, 15 साल की बच्ची तेज धारा में बही, तलाशी में जुटी SDRF

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उत्तराखंड के उत्तरकाशी में नदी पार करते एक 15 साल की लड़की तेज धारा में बह गई. सूचना मिलने पर एसडीआरएफ की ने मौके पर पहुंच किशोरी की तलाश शुरु कर दी.

उत्तराखंड के उत्तरकाशी जनपद के तहसील मोरी अंतर्गत ग्राम भकंवाड़ में सोमवार (8 सितंबर) सुबह एक दर्दनाक हादसा हो गया. यहां टोंस नदी पर लगी ट्रॉली से नदी पार करते समय एक 15 वर्षीय किशोरी का संतुलन बिगड़ गया और वह नदी की तेज धारा में बह गई.

जानकारी के अनुसार, सबीना (15), पुत्री यासीन, अपनी मौसी मेमना के साथ नदी पार कर रही थी. इसी दौरान अचानक ट्रॉली असंतुलित हो गई, जिससे सबीना नीचे गिर पड़ी और बहाव में बह गई. घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची और किशोरी की तलाश शुरू कर दी.

हालांकि, नदी का तेज बहाव तलाशी अभियान में बाधा बना हुआ है. स्थानीय लोग भी टीम के साथ तलाश में जुटे हैं. घटना के बाद से गांव में शोक और दहशत का माहौल है. ग्रामीणों ने प्रशासन से टोंस नदी पार करने के सुरक्षित साधन उपलब्ध कराने की मांग की है ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके.स्थानीय लोगो ने इस नदी पर एक पुल बनाने की मांग शासन से की थी लेकिन काफी समय बीत जाने के बाद भी की कार्यवाही नहीं हो पाई ये कोई केवल इस जगह की बात नहीं अभी भी प्रदेश में कई जगह ऐसी है जहां ट्रॉली के माध्यम से नदी पार की जाती है आज हुए हादसे से लोगों में आक्रोश देखा जा रहा है.

ग्रामीणों का कहना है कि टोंस नदी पर कई बार दुर्घटनाएं हो चुकी हैं लेकिन प्रशासन की ओर से केवल आश्वासन दिए जाते रहे हैं. यदि समय रहते इस जगह पर पुल का निर्माण किया गया होता तो आज एक मासूम बच्ची की जान जोखिम में न पड़ती.विशेषज्ञों का भी मानना है कि सीमांत और दुर्गम क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए आवागमन की सुरक्षित व्यवस्था करना सरकार की जिम्मेदारी है. खासकर स्कूली बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं के लिए ट्रॉली से नदी पार करना खतरनाक साबित हो रहा है.

ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि अगर शीघ्र ही टोंस नदी पर स्थायी पुल का निर्माण कार्य शुरू नहीं किया गया तो वे आंदोलन के लिए बाध्य होंगे. फिलहाल, एसडीआरएफ और पुलिस की टीमें लापता किशोरी की तलाश में जुटी हैं और गांव में मातम पसरा हुआ है.

 

NATIONAL : मुंबई में 40 वर्षीय शख्स की हत्या… डंडे से पीट-पीटकर उतारा मौत के घाट

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मुंबई में एक युवक ने एक 21 वर्षीय व्यक्ति की हत्या कर दी. मृतक आरोपी की बहन का प्रेमी था. हालांकि, हत्याकांड के सिलसिले में पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है.

मुंबई के मालवणी इलाके में एक 21 वर्षीय युवक द्वारा अपनी बहन के प्रेमी की हत्या करने और उसके बाद पुलिस के सामने खुद को सरेंडर करने का मामला सामने आया है. आरोपी की पहचान आशीष शेट्टी (21) के रूप में हुई है. फिलहाल पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज करने के बाद आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है. गिरफ्तारी के बाद आरोपी शेट्टी को कोर्ट में पेश किया गया. जिसके बाद उसे 11 सितंबर तक पुलिस हिरासत में भेज दिया गया. पुलिस ने बताया कि आशीष शेट्टी ने नितिन सोलंकी (40) की हत्या कर दी. क्योंकि उसने उसकी मां और बहन के चरित्र पर अपमानजनक टिप्पणी की थी.

मालवणी पुलिस अधिकारी के मुताबिक शेट्टी ने कबूल किया कि उसने मालवणी के मार्वे रोड स्थित कृष्णा आश्रम, कोलीवाड़ा, रामेश्वर गली के पास कमरा नंबर-1 में नितिन सोलंकी की हत्या की थी. सूचना पर कार्रवाई करते हुए पुलिस की एक टीम मौके पर पहुंची और सोलंकी को गंभीर रूप से घायल पाया. जिसके बाद उसे कांदिवली के शताब्दी अस्पताल ले जाया गया. जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया.

जांच में पता चला कि सोलंकी एक अस्पताल में केयरटेकर के रूप में काम करता था और शेट्टी की बहन के साथ उसके संबंध थे. आशीष को इस संबंध के बारे में पता था, लेकिन सोलंकी कथित तौर पर हाल के दिनों में उसकी मां और बहन का अपमान कर रहा था. जिससे बार-बार झगड़े होते थे. शनिवार रात लगभग 10:30 बजे आशीष जोगेश्वरी में सोलंकी से मिला और दोनों ने साथ में शराब पी.

अगली सुबह दोनों मालवणी आ गए. जहां गुस्से में आकर आशीष ने सोलंकी पर डंडे से बेरहमी से हमला कर दिया. जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई. इस घटना के बाद आशीष डरकर मालवणी पुलिस स्टेशन गया और अपना अपराध कबूल कर लिया.शिकायत के आधार पर मालवणी पुलिस ने आशीष शेट्टी के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया और उसे गिरफ्तार कर लिया. साथ ही पुलिस ने हमले में इस्तेमाल की गई लकड़ी भी जब्त कर ली है. वहीं, सोलंकी के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है.

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WORLD : नेपाल में क्यों बैन हुआ सोशल मीडिया? जानिए वो वजह जिसने छेड़ दी ‘Gen-Z क्रांति’

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नेपाल की सड़कों पर सोशल मीडिया बैन के खिलाफ नारे गूंज रहे हैं. फेसबुक, इंस्टाग्राम, यूट्यूब जैसे प्लेटफॉर्म ब्लॉक होने के बाद हजारों युवा लोकतंत्र और आज़ादी की आवाज़ बुलंद कर रहे हैं. ये सिर्फ ऐप्स का गुस्सा नहीं, बल्कि भ्रष्टाचार और तानाशाही रवैये के खिलाफ पीढ़ी Z का सीधा विद्रोह है. एक मौत, दर्जनों घायल और सेना की तैनाती इस डिजिटल दौर की क्रांति को और तीखा बना रही है.

नेपाल सरकार द्वारा बड़े सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर लगाए गए बैन ने युवाओं के बीच गुस्से की आग भड़का दी है. राजधानी काठमांडू की सड़कों पर हजारों नौजवान उतर आए हैं. हालात इतने बिगड़े कि पुलिस-प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हो गई. इसमें एक युवक की मौत हो गई, 80 घायल हो गए और हालात संभालने के लिए सेना तक बुलानी पड़ी.

सोमवार को हजारों की संख्या में नेपाली युवक-युवतियां सड़कों पर आ गए. सरकार ने पिछले हफ्ते फेसबुक, इंस्टाग्राम और यूट्यूब जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर बैन लगाया था. सरकार का कहना है कि ये कंपनियां सूचना एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय में रजिस्टर नहीं हुईं, इसलिए इन्हें बंद करना पड़ा.युवाओं ने इसे अभिव्यक्ति की आज़ादी पर हमला माना. कई प्रदर्शनकारी संसद भवन में घुसने की कोशिश करते दिखे. गुस्से की शुरुआत तो सोशल मीडिया बंद होने से हुई, लेकिन अब यह आंदोलन नेपाल के हाल के वर्षों का सबसे बड़ा युवा आंदोलन बन गया है.

सोमवार दोपहर तक हालात इतने बिगड़ गए कि एक प्रदर्शनकारी की मौत हो गई, करीब 80 लोग घायल हो गए. सरकार ने कर्फ्यू लगा दिया और राजधानी में रात 10 बजे तक सेना को तैनात कर दिया गया. संसद भवन, राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री आवास के बाहर भी सुरक्षा कड़ी कर दी गई है.

लोगों को फेसबुक, इंस्टाग्राम, यूट्यूब, व्हाट्सएप, ट्विटर, लिंक्डइन, स्नैपचैट, रेडिट, डिस्कॉर्ड, टेलीग्राम जैसे प्लेटफॉर्म्स पर ‘This site can’t be reached’ जैसे एरर मैसेज मिल रहे हैं. सरकार ने साफ कर दिया है कि जब तक कंपनियां नेपाल में रजिस्टर नहीं होतीं, तब तक बैन जारी रहेगा. हालांकि टिक-टॉक, वाइबर, और कुछ स्थानीय ऐप्स को रजिस्ट्रेशन के बाद चलने की अनुमति है.

मंत्रालय के अधिकारियों ने बताया कि 28 अगस्त को कंपनियों को सात दिन का समय दिया गया था. डेडलाइन खत्म होने तक मेटा (फेसबुक, इंस्टाग्राम, व्हाट्सएप), अल्फाबेट (यूट्यूब), एक्स (पहले ट्विटर) समेत किसी भी ग्लोबल कंपनी ने आवेदन नहीं किया. इसके बाद सरकार ने नेपाल टेलीकम्यूनिकेशन अथॉरिटी को निर्देश दिया कि आधी रात से सभी अनरजिस्टर्ड प्लेटफॉर्म्स को ब्लॉक कर दिया जाए.

विशेषज्ञों का कहना है कि इस बैन से करोड़ों नेपाली प्रभावित होंगे, खासकर वे 70 लाख लोग जो पढ़ाई और नौकरी के लिए विदेश में रहते हैं और परिवार से जुड़ने के लिए इन्हीं प्लेटफॉर्म्स पर निर्भर हैं.युवा प्रदर्शनकारियों का कहना है कि सोशल मीडिया बैन तो सिर्फ ट्रिगर था. असली गुस्सा भ्रष्टाचार, सरकारी नाकामी और नेताओं की जवाबदेही न होने को लेकर है. प्रदर्शनकारी नारे लगा रहे थे, ‘सोशल मीडिया पर बैन हटाओ, भ्रष्टाचार पर लगाम लगाओ.’

 

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