Saturday, May 9, 2026
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NATIONAL : सोशल मीडिया से शुरू हुआ प्यार, शादी का वादा फिर युवती ने दारोगा पर लगया यौन शोषण का आरोप

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सोशल मीडिया से हुई दोस्ती के बाद शादी का झांसा देकर यौन संबंध बनाने और फिर धोखा देने का मामला सामने आया है. सिमडेगा के वायरलेस दरोगा रमेश भारती के खिलाफ पलामू की युवती ने रांची महिला थाना में केस दर्ज कराया है. आरोपी पर युवती से मारपीट, नंबर ब्लॉक और बार-बार ठिकाना बदलने का आरोप है.

झारखंड पुलिस के एक वायरलेस दारोगा पर प्रेम का दिखावा कर शादी का झांसा देने और यौन शोषण का गंभीर आरोप लगा है. यह मामला रांची के महिला थाना में दर्ज हुआ है. पीड़िता पलामू जिले की रहने वाली है और फिलहाल न्याय की गुहार लगा रही है.दरअसल, दारोगा रमेश भारती, जो सिमडेगा जिले में वायरलेस कार्यालय में पदस्थ हैं, गढ़वा जिले के भवनाथपुर के रहने वाले हैं. वर्ष 2023 में उनकी और पीड़िता की मुलाकात इंस्टाग्राम पर हुई थी. बातचीत धीरे-धीरे प्रेम में बदली और दरोगा ने उसे रांची के पुंदाग इलाके के अपने फ्लैट में बुलाया. वहां उसने युवती से शादी का वादा कर शारीरिक संबंध बनाए.

जब युवती ने शादी का दबाव डाला, तो आरोपी ने उससे मारपीट शुरू कर दी. बाद में मोबाइल नंबर ब्लॉक कर दिया और अपना ठिकाना भी बदल लिया. पीड़िता जून में सिमडेगा भी पहुंची थी, जहां बस स्टैंड परिसर में भी उसके साथ मारपीट की गई.पीड़िता ने अब रांची महिला थाना में लिखित शिकायत दी है. साथ ही राज्य के डीजीपी अनुराग गुप्ता से भी न्याय की गुहार लगाई. डीजीपी के निर्देश पर केस दर्ज किया गया है. सिमडेगा एसपी मोहम्मद अर्सी ने कहा है कि मामला आते ही कानून संगत कार्रवाई की जाएगी.

 

ENTERTAINMENT : ’72 घंटे लगातार किया शूट, 30 दिन के बदले 45 दिन के मिले पैसे’ श्वेता तिवारी ने बताई अपनी टीवी के दौर की कहानी

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श्वेता तिवारी अपने सीरियल ‘कसौटी जिंदगी की’ के लिए फेमस हैं. उनका किरदार प्रेरणा घर-घर में मशहूर हुआ था. लेकिन आज के समय में उनके स्ट्रगल की जानकारी किसी को नहीं है. अब एक्ट्रेस ने अपनी टीवी जर्नी के बारे में बताया है.

जब टीवी लोगों के बीच अपनी जगह बना रहा था, तब कई ऐसे सीरियल्स आए जिसने ऑडियंस के जहन में अपनी अलग छाप छोड़ी थी. जिसका क्रेडिट प्रोड्यूसर एकता कपूर को भी जाता है जिन्होंने ‘क्योंकि सास…’ और ‘कसौटी जिंदगी की’ जैसे शोज बनाए. एक समय था जब दोनों शोज टीआरपी रेस में एक-दूसरे से कॉम्पिटीशन किया करते थे. इसमें काम कर चुके एक्टर्स की भी जिंदगी बदल चुकी थी.

‘कसौटी जिंदगी की’ से घर-घर में मशहूर हुईं एक्ट्रेस श्वेता तिवारी आज एक बड़ा नाम बन चुकी हैं. वो अब फिल्मों में भी नजर आने लगी हैं. हाल ही में एक्ट्रेस ने अपने टीवी के गोल्डन दिनों को याद किया है जिसमें उन्होंने टीवी इंडस्ट्री के स्ट्रगल और काम करने के तरीका का भी जिक्र किया है. श्वेता बताती हैं कि वो अपने सीरियल ‘कसौटी जिंदगी की’ के लिए 72 घंटों तक शूटिंग किया करती थीं.

भारती सिंह के पॉडकास्ट में श्वेता ने बताया, ‘हम लोग पूरी इंडस्ट्री में फेमस हैं कि कोई सोता नहीं था. मैं 72 घंटे शूट करती थी. 30 दिन का महीना होता है, मुझे 45 दिन का पे-चेक मिलता था. सुबह 7 बजे से शाम 7 बजे तक एक शिफ्ट होती थी. फिर उसी शाम के 7 बजे से अगले दिन सुबह 7 बजे तक दो शिफ्ट्स में काम होते थे.’

श्वेता ने आगे प्रोड्यूसर एकता कपूर का जिक्र करते हुए कहा, ‘ये काम सिर्फ हम एक्टर्स ही नहीं किया करते थे. बल्कि एकता कपूर भी करती थीं. एकता सोती नहीं थी, उनके पास तब 22 शोज थे. जब भी एकता को कॉल करते थे, वो सिर्फ एक रिंग में कॉल उठाती थीं. वो पूरा सीन समझाती थी और एक बार अगर एकता ने समझा दिया, तो आप कहीं गलत जा ही नहीं सकते.’

‘जब वो लाइन बोलती थीं तो ये लगता था कि आपसे बेहतर वो बोल रही हैं. उनका जज्बा अलग ही था.’ श्वेता ने ये भी कहा कि एकता कपूर उस वक्त अपने शोज को नंबर्स या ऑडियंस के लिए नहीं. बल्कि अपने लिए बनाती थीं जिसके कारण वो काफी पॉपुलर भी हुआ करते थे. एक्ट्रेस ने कहा, ‘एकता उस वक्त ऑडियंस को इंप्रेस करने के लिए शो नहीं बनाती थी. वो अपने आपको खुश रखने के लिए शो बनाती थी. अपनी क्रिएटिविटी और सोच के लिए शो बनाती थी. अभी बस टीआरपी है, जो लोग देखें वो बनाओ.’

एकता कपूर करीब 17 सालों के बाद अपने हिट टीवी शो ‘क्योंकि सास भी कभी बहू थी’ का दूसरा सीजन ला रही हैं, जो 29 जुलाई से स्टार प्लस पर आएगा. सीरियल में स्मृति ईरानी, अमर उपाध्याय, हितेन तेजवानी जैसे पुराने एक्टर्स भी नजर आएंगे जिसके लिए ऑडियंस काफी ज्यादा एक्साइटेड है.

PUNJAB : मोहाली में अपहरण के बाद चलती कार में नाबालिग लड़की से रेप, आरोपियों की तलाश में जुटी पुलिस

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पंजाब के मोहाली में एक 16 वर्षीय लड़की से चलती कार में रेप का मामला सामने आया है. बताया जाता है कि लड़की ऑटो का इंतजार कर रही थी. इसी दौरान उसका अपहरण कर लिया गया और फिर शर्मनाक कृत्य को अंजाम दिया गया.

मोहली जिले के जीरकपुर में नाबालिग लड़की से चलती कार में रेप का मामला सामने आया है. बताया जाता है कि 16 वर्षीय लड़की को पहले अपहरण किया गया. इसके बाद चलती कार में रेप किया गया. फिर उसे बीच सड़क छोड़ दिया गया. फिलहाल पुलिस आरोपियों की तलाश में जुट गई है.पुलिस ने शुक्रवार को बताया कि 23 जुलाई को दो अज्ञात लोगों ने एक 16 वर्षीय लड़की का कथित तौर पर अपहरण कर लिया. इसके बाद चलती कार में उसके साथ बलात्कार किया और बाद में उसे अपहरण स्थल के पास ही छोड़ दिया. यह घटना मोहाली के ज़ीरकपुर में चंडीगढ़-अंबाला राष्ट्रीय राजमार्ग के पास वीआईपी रोड पर मेट्रो मॉल के पास रात करीब 8 बजे हुई.

पीड़िता के अनुसार वह एक सैलून से काम खत्म करने के बाद ऑटो-रिक्शा का इंतज़ार कर रही थी. तभी दो आरोपियों ने उसे जबरन कार में खींच लिया. इसके बाद कार में दोनों लोगों ने उसके साथ मारपीट की. यहां से दोनों उसे चंडीगढ़ के ट्रिब्यून चौक के पास एक सुनसान इलाके में ले गए. जहां उसके शर्मनाक कृत्य को अंजाम दिया. इस दौरान आरोपियों ने पीड़िता के भाई का नाम भी लिया.

अपराध करने के बाद आरोपी उसे वापस उसी स्थान पर छोड़ गए, जहां से उसका अपहरण किया गया था. पूरे मामले में पीड़िता की मां ने शिकायत दर्ज कराई है. जिसके बाद ज़ीरकपुर पुलिस ने मामला दर्ज किया है. पुलिस ने कहा कि आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए जांच जारी है. जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा.

NATIONAL : ट्रक की छत पर तिरपाल डाल रहा था ड्राइवर, हाईटेंशन लाइन से टच हो गया सिर, मौके पर दर्दनाक मौत

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उदयपुर के डबोक इलाके में एक दर्दनाक हादसा हो गया. यहां एक ट्रक ड्राइवर फैक्ट्री गेट पर खड़े ट्रक की छत पर तिरपाल ठीक कर रहा था. अचानक उसका सिर ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन लाइन से छू गया और वह करंट की चपेट में आ गया. कुछ सेकंड में ही ड्राइवर ट्रक पर ही गिर पड़ा और मौके पर उसकी मौत हो गई. यह घटना सीसीटीवी में कैद हो गई है.

उदयपुर के डबोक इलाके में एक ट्रक ड्राइवर की दर्दनाक मौत हो गई. दरअसल, ड्राइवर यहां एक फैक्ट्री के गेट पर खड़े ट्रक की छत पर चढ़ा था और तिरपाल ठीक कर रहा था. उसी दौरान ऊपर से गुजरी हाईटेंशन लाइन से टच हो गया. तेज करंट ने कुछ ही सेकंड में उसकी जान ले ली.जानकारी के अनुसार, मृतक की पहचान 40 वर्षीय रामलाल गाडरी के रूप में हुई है. वह निंबाहेड़ा का रहने वाला था. हादसा रीको औद्योगिक क्षेत्र में स्थित केमिकल फैक्ट्री में हुआ, जहां रामलाल ट्रक से सामान डिलीवर करने आया था. सामान उतरवाने के बाद वह ट्रक के ऊपर चढ़कर तिरपाल ठीक कर रहा था, तभी उसका सिर ट्रक के ऊपर से गुजर रही हाई टेंशन लाइन से छू गया.

महज कुछ सेकंड में ही तेज करंट लगने से वह ट्रक पर गिर पड़ा और मौके पर ही उसकी मौत हो गई. यह घटना पास में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हुई है, जिसमें चिंगारी के साथ रामलाल को गिरते देखा जा सकता है. घटना के बाद मृतक के परिजन एमबी हॉस्पिटल पहुंचे, जहां पोस्टमार्टम के बाद शव उन्हें सौंपा गया. इससे पहले रामलाल के परिजन और समाज के लोग बड़ी संख्या में फैक्ट्री के बाहर जमा हो गए और धरने पर बैठ गए. उन्होंने फैक्ट्री मालिक को मौके पर बुलाने, बिजली विभाग की लापरवाही पर कार्रवाई और मुआवजे की मांग को लेकर हंगामा किया. सूचना मिलते ही डबोक, घासा और फतहनगर थाना पुलिस मौके पर पहुंच गई. एसडीएम रमेश सिरवी भी टीम के साथ पहुंचे और परिजनों को समझाइश दी.

हंगामे के बाद प्रशासन ने फैक्ट्री मालिक और परिजनों के बीच बातचीत कराई, जिसके बाद 7 लाख रुपये के मुआवजे पर सहमति बनी और मामला शांत हुआ. मृतक रामलाल परिवार का इकलौता कमाने वाला सदस्य था. उसके पीछे पत्नी और दो छोटे बच्चे हैं. घटना के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है. फैक्ट्री प्रबंधन ने पहले बिजली विभाग को हाईटेंशन लाइन हटाने की मांग की थी, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई.

UP : ‘जो करना है कर लो…’, UP के मिर्जापुर में इंस्पेक्टर की दबंगई, बिना पैसे दिए ही दुकान से लेकर चला गया चश्मा

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उत्तर प्रदेश के मिर्ज़ापुर में पुलिस की दबंगई का मामला सामने आया है. यहां दुकान में चश्मा बनवाने गया पुलिस इंस्पेक्टर दुकानदार को बिना पैसा दिये चश्मा लेकर दुकान से चला गया. वहीं, जब दुकानदार ने पैसे मांगे तो उसे गाली भी दी.

उत्तर प्रदेश के मिर्ज़ापुर में पुलिस की दबंगई का मामला सामने आया है. यहां दुकान में चश्मा बनवाने गया पुलिस इंस्पेक्टर दुकानदार को बिना पैसा दिये चश्मा लेकर दुकान से चला गया. मामला शहर कोतवाली थाना क्षेत्र के रमई पट्टी स्थित प्रसिद्ध चश्मे की दुकान चश्मा प्वाइंट का है. जानकारी के अनुसार यहां 25 जुलाई 2025 शाम को कटरा कोतवाली में तैनात एक इंस्पेक्टर चश्मा की मरम्मत कराने पहुंचे थे. चश्मा प्वाइंट के मालिक डॉ. अजीत सिंह के अनुसार इंस्पेक्टर साहब को पहले ही ग्लास की कीमत बताई गई थी. लेकिन ग्लास लगवाने के बाद वे पैसा देने में आनाकानी करने लगे. इसके बाद दुकान से बिना पैसा दिए जबरन चश्मा लेकर चले गए. इंस्पेक्टर ने जाते- जाते दुकानदार को जमकर गालियां दी और धमकाया भी.

दुकान के मालिक डॉ. अजीत सिंह के अनुसार दुकान में इंस्पेक्टर ने एक दूसरे ब्रांड का चश्मा खरीदने के लिए एडवांस में पैसा जमा किया था. यह पुराना चश्मा था. जिसके ग्लास के 800 रुपये हुए थे. लेकिन इंस्पेक्टर की तरफ से ग्लास लगवाने का पैसा नहीं दिया गया. इस पूरी घटना का एक सीसीटीवी भी सामने आया है.

सीसीटीवी में देखा जा सकता है कि एक दरोगा चश्मे की दुकान में आया. इस दौरान दुकानदार और इंस्पेक्टर के बीच कुछ विवाद हुआ. जिसके बाद इंस्पेक्टर चश्मा लेकर दुकान से चला गया. वहीं, जब दुकानदार ने पैसे मांगा तो उसने कहा कि नहीं दूंगा पैसे, जो करना है जाकर कर लो.

UTTARAKHAND : केदार घाटी में बादल फटने से तबाही, गौरीकुंड में दरकी पहाड़ी, रास्ते बाधित

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उत्तराखंड के गौरीकुण्ड में पहाड़ी के दरकने के बाद रास्तों में मलबे-पत्थर आ गए, जिसके बाद पैदल मार्ग पूरी तरह से बाधित हो गया. यात्रियों की सुरक्षा के मद्देनजर रास्ते के खुलने तक यात्रियों की आवाजाही पूरी तरह से बंद कर दी गई है.

उत्तराखंड (Uttarakhand) में केदारघाटी के रुमसी गांव में शुक्रवार रात बादल फटने से तबाही जैसे हालात पैदा हो गए. हादसे के बाद कई घर और वाहन मलबे में दब गए. जानकारी मिलने के बाद रेस्क्यू टीम मौके पर लोगों को बचाने के लिए पहुंची. सूबे के गौरीकुण्ड में पहाड़ी के दरकने के बाद रास्तों में मलबे-पत्थर आ गए, जिसके बाद पैदल मार्ग पूरी तरह से बाधित हो गया. यात्रियों की सुरक्षा के मद्देनजर रास्ते के खुलने तक यात्रियों की आवाजाही पूरी तरह से बंद कर दी गई है.

देर रात करीब 03 बजकर 30 बजे गौरीकुण्ड के नजदीक केदारनाथ धाम जाने वाले पैदल मार्ग पर पहाड़ी दरकने से सामान्य जन-जीवन अस्त-व्यस्त हो गया. लोक निर्माण विभाग के स्तर से मार्ग को खोले जाने की कार्यवाही चल रही है.

 

ENTERTAINMENT : अम‍िताभ बच्चन का लेटर मेरे ल‍िए नेशनल अवॉर्ड के बराबर, मगर उसे देख रोते हैं अभ‍िषेक, बोलीं सैयामी

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सैयामी ने आजतक से एक्सक्लुसिव बात की, और अपनी फीलिंग्स शेयर करते हुए बताया कि जिस फिल्म में उन्हें मेहनत नहीं करनी पड़ती वहां उनका मन नहीं लगता. सैयामी को वहीं फिल्में पसंद आती हैं जहां उन्हें नया कुछ सीखने को मिले.

बॉलीवुड एक्ट्रेस सैयामी खेर हाल ही में स्पेशल ऑप्स सीरीज में एक दमदार एजेंट का रोल निभाती दिखीं हैं. इससे पहले वो घूमर में स्पेशिली एबल्ड क्रिकेटर के रोल में दिखी थीं. उन्हें खुद एक्शन करना पसंद है, वो डेडिकेशन से हर किरदार निभाना पसंद करती हैं. बावजूद इसके कि कोई फिल्म मेकर उन्हें एक फिल्म के लिए चार साल इंतजार करने को कहे. सैयामी ने आजतक से एक्सक्लुसिव बात की, और अपनी फीलिंग्स शेयर करते हुए बताया कि जिस फिल्म में उन्हें मेहनत नहीं करनी पड़ती वहां उनका मन नहीं लगता. सैयामी को वहीं फिल्में पसंद आती हैं जहां उन्हें नया कुछ सीखने को मिले.

 

सैयामी- स्पेशल ऑप्स के साथ मेरी बहुत लंबी जर्नी रही है क्योंकि मैंने ये सीरीज सात साल पहले साइन की थी. हम अक्सर दो सीजन्स के लिए एकसाथ कॉन्ट्रैक्ट साइन करते है. तो ये जर्नी लंबी रही लेकिन बहुत अच्छी रही है. इस जर्नी में बहुत अच्छे लोग मिले. केके मेनन भी इस सीरीज में हैं, पर बदकिस्मती से उनके साथ मेरी कोई शूटिंग नहीं हुई. लेकिन जब भी उनसे मुलाकात हुई, वो बहुत ही ग्राउंडेड एक्टर हैं. मतलब इतने कि जैसे कहा जाता है वो दिग्गज कलाकार हैं, पर वो इतने जमीन से जुड़े और इतने नॉर्मल इंसान हैं, इसलिए उन का क्राफ्ट हमें जो दिखता है वो इतना रियल लगता है.

और नीरज सर जिन्होंने ये सीरीज डायरेक्ट की है, उनकी Wednesday मेरी सबसे फेवरिट फिल्म रही है, जब मैं स्कूल कॉलेज में थी तो नीरज सर के साथ काम करने का मौका मिल रहा था, तो उसमें ही मैं मैंने बहुत सेलिब्रेट किया था. तो मुझे लगता है कि मेरी जर्नी जो रही है अब की वो हमेशा अच्छे लोगों के साथ ही रही है, जो कि बेस्ट पार्ट है.

सीरीज में मुझे एक्शन करने का मौका मिला जो कि बेस्ट पार्ट है. क्योंकि तो मुझे एक्शन करना बहुत अच्छा लगता है. ये बहुत नैचुरल है मेरे लिए. मैं तो बहुत खुश थी. एक्शन सीन के लिए हम बहुत प्रैक्टिस करते हैं. जैसे डांस की कोरियोग्राफी होती है वैसे ही एक्शन की भी कोरियोग्राफी होती है. मुझे तो बहुत मजा आता है. ये सब रोल्स करना और बिल्डिंग से जंप करना मुझे बहुत मजा आता है. तो फॉर्च्यूनेटली अभी तक तो कोई चोट नहीं लगी है, ना ही मैंने कभी महसूस नहीं की है थैंकफुली.

मेरी शुरुआत एक लव स्टोरी मिर्ज्या के साथ हुई थी. फिल्म की कहानी हालांकि बहुत सीरियस थी. फिर उसके बाद मुझे लगता है मेरी जर्नी ऐसे रही नहीं है जैसे एक नदी बिना किसी रुकावट बहती जाती है, उसमें बहुत पड़ाव आए हैं.

मुझे नीरज पांडे सर का काम पहले से ही पसंद रहा है. स्पेशल ऑप्स की स्क्रिप्ट बहुत अच्छी थी. जैसे जब मुझे अग्नि मिली थी, उसकी स्क्रिप्ट कितनी अच्छी थी. इससे पहले इंडियन फिल्म इंडस्ट्री में हमने कभी फायर फाइटर के बारे में बात ही नहीं की है. तो मैं ऐसे अपने काम को चूज करती हूं. ऐसा नहीं कि हजारों स्क्रिप्ट पड़ी हैं घर पर, वो सिचुएशन तो है नहीं. तो आपके पास मौका होता अच्छे डायरेक्टर्स और अच्छी स्क्रिप्ट पर काम करने का, जो मैं करती हूं, जिससे मुझे लोगों तक पहुंचने का मौका मिलता है.

नहीं, सच कहूं तो मुझे कई अलग-अलग किरदार ऑफर हुए थे. मैंने अग्नि की, अभिषेक बच्चन के साथ ब्रीद की थी, तो मैं चाहती हूं वो काम करूं जिसकी एक अलग पहचान हो. वो कहानी को आगे बढ़ाए. ऐसा नहीं कि बस काम कर रहे हैं. और रोमांटिक फिल्मों का ऑफर मिला था मुझे, पर कुछ बात बनी नहीं. वो कभी हुई नहीं, तो उसी के इंतजार में बैठे नहीं रह सकते. तो एक बार अक्षय कुमार के इंटरव्यू में मैंने देखा था और मुझे वो बहुत लाइन बहुत पसंद आई थी कि काम से काम मिलता है तो बिल्कुल. मेरे लिए तो वही हुआ है. मैंने अगली फिल्म चोक्ड की अनुराग कश्यप के साथ, इसके बाद अग्नि मिली, उसके बाद मैंने फाड़ू की, जो एक लव स्टोरी थी. एक के बाद एक काम मिला था. तो मुझे लगता है कि मुझे काम से काम मिल रहा है तो छोटा भी काम हो, बड़ा हो, सब ठीक है. जैसे घूमर की वजह से मुझे एक दूसरी फिल्म मिली. हर काम का एक इम्पैक्ट होना चाहिए.

नहीं बिल्कुल नहीं. मुझे आसान काम करना ही नहीं है, क्योंकि उसमें मजा ही नहीं है. उस तरह का काम करने के लिए मैं यहां आई नहीं थी. क्योंकि अगर तैयारी नहीं होती, अगर कुछ प्रेस बैक स्टोरी नहीं होती तो मुझे ऐसा लगता है कि यार फिर मैं ये क्यों कर रही हूं. चैलेंजिंग ही नहीं है. मुझे एक्टिंग में सबसे ज्यादा मजा जो आता है वो प्रेशर में है. मेरे जो गुरु जी रहे है- दिलीप शंकर और आदिल हुसैन उनके साथ जो ट्रेनिंग करती थी, मैं हर कैरेक्टर के लिए एक बैक स्टोरी क्रिएट करती थी. अगर वो फिल्म है नहीं है तो भी. अगर घूमर की बात करें तो मैंने पैरा-एथलीट्स के साथ बहुत वक्त गुजारा, तीन चार लोगों के साथ बहुत बातें की. उनकी जिंदगी मैंने समझी. अग्नि के लिए फायर फाइटर्स के साथ बहुत वक्त गुजारा. मैंने उन की जिंदगी समझी. इसलिए मुझे एक्टिंग करना पसंद है क्योंकि हम अलग-अलग जिंदगियां जी सकते हैं. उसके अंदर घुसेंगे नहीं तो क्या मजा है.

वो तो अनुराग सर की स्टाइल ही वैसी है. क्योंकि वो इतना सारा काम करते रहते हैं. नॉनस्टॉप कि मेरा नंबर चार साल बाद लगा. लेकिन अनुराग सर में मुझे एक बहुत अच्छे दोस्त मिले, बहुत अच्छे मेंटर मिले और आज भी कुछ भी होता है मैं अनुराग सर को फोन करती हूं और पूछती है करना चाहिए नहीं करना चाहिए. जो भी है मैं उनसे एक बार पूछ लेती हूं. फिल्म की बात करूं तो, मैंने तो गिव-अप कर दिया था. ऐसा हुआ था कि मैंने उनसे कह दिया था कि आप ये सब छोड़ दो, ये फिल्म तो आप करने ही नहीं वाले हो. मैंने तो कहा था कि मैं अब ये फिल्म की बात ही नहीं करने वाली हूं. छोड़ ही दो इस के बारे में, पर उस उसी दौरान एक्चुअली, वो कहते थे कि नहीं अभी मनमर्जियां होगी. फिर सेक्रेड गेम्स होगी फिर हम चोक्ड करेंगे. टेंशन मत ले, करेंगे.

क्योंकि मुझे भी वो किरदार करना था. मतलब मैं इतनी डेस्परेटली इसे करना चाहती थी कि राइटर के साथ मिलकर खुद से फोटोशूट करा लिया. एक दोस्त की मदद ली, कॉटन साड़ी ली और फोटो खिंचवा कर अनुराग सर को दिखाए. तो वो इतने खुश हुए कि उन्होंने कहा कि यार यही सरिता है. तूने लूक टेस्ट भी कर दिया अब तो फिल्म करनी ही है. तो मैं हिसाब से जो बन सकता है करती रहती हूं. फिल्म तो वो बनाते ही पर हां पीछे पड़ने से थोड़ी जल्दी हो गई.

मैं बचपन से स्पोर्ट्स करती आ रही हूं. एक्टिंग उसके बाद शुरू की. पर मैं जो भी करती हूं संयम से करती हूं, तो मेरा जो नाम है उसे मैं ध्यान में रख के सब जो भी है करती हूं. एक्टिंग ऑब्वियसली मेरी प्रायोरिटी है और मुझे एक्टिंग करना बहुत ज्यादा पसंद है पर, स्पोर्ट्स मुझे एक आइडेंटिटी भी देती है, जो अलग है. मुझे मेंटली स्टेबल रखता है तो इसीलिए मैं स्पोर्ट करती हूं. मैं मैं खेलती हूं तो बैलेंस रहती हूं- प्रोफेशनली या पर्सनली.

मेरी स्कूलिंग नासिक में हुई है. मेरे मम्मी-डैडी नासिक में रहते हैं. मैं इलेवेंथ स्टैंडर्ड के लिए मुंबई आई थी और वहां मैंने थिएटर शुरू करना स्टार्ट किया क्योंकि जेवियर्स में थिएटर कल्चर बहुत रिच है. जब आप पंद्रह-सोलह साल के हो तो आप इंडिया के लिए नहीं खेलते हो. तब मैं इंडिया के लिए नहीं खेल रही थी. प्रोफेशनली आप समझ जाते हो कि यहां तो कुछ नहीं हो पाएगा. मैं 8 या 9 नंबर पर थी. तो मैंने थियेटर करना स्टार्ट किया. वहां से फिर एक के बाद एक कुछ ऑडिशन देने लगे. तो वहां से जर्नी शुरू हुई एक्टिंग की.

सपोर्ट्स मेरे जहन से कभी बाहर जा ही नहीं सकता, ये मेरा फर्स्ट लव है. हमारी जो इंडस्ट्री है वो हमें जो इंस्टाग्राम पर दिखती है वो जिंदगी है नहीं असल में. बहुत मुश्किल जिंदगी है और बहुत अप्स एंड डाउन आते हैं जिंदगी में, बहुत कठिन पल होते हैं. जहां कई बार काफी टॉक्सिक लोगों से सामना होता है. सोशल मीडिया पर काफी टॉक्सिक बातें होती है. और अगर लोगों की बातें आप पर इफेक्ट करने लगी तो जीना बहुत मुश्किल हो जाएगा. तो स्पोर्ट्स मेरे अपने सेल्फ बिलीफ को जगाता है. ऐसे नहीं कि मुझे इंडिया के लिए मेडल वेडल कुछ लेने है. मैं ये अपने लिए अपनी खुशी के लिए करती हूं.

नहीं, घूमर से बहुत साल पहले मैं शर्माजी की बेटी साइन कर चुकी थी. लेकिन फिर डायरेक्टर ताहिरा कश्यर बीमार पड़ गईं तो वो फिल्म शेल्व हो गई. इसके बाद मुझे मेरे स्पोर्ट्स बैकग्राउंड को देखते हुए ही घूमर ऑफर की गई थी. आर बाल्की सर ने क्योंकि मुझे क्रिकेट खेलते वक्त देखा था. और स्क्रिप्ट इतनी अच्छी थी कि मुझे और मेहनत करना कारगर ही लगा. उसे तो मैं कभी ना नहीं कह सकती थी.

सही मायने में अगर मैं कहूंगी कि बॉक्स ऑफिस पर फेल होना घूमर का बुरा नहीं लगा तो झूठ होगा. लेकिन वहीं मुझे उस फिल्म से एक बड़ी सीख मिली थी कि एक एक्टर के तौर, जब लास्ट डे शूट का कट कॉल होता है तो मैं पूरी तरह से कटऑफ हो जाती हूं. क्योंकि मेरा काम है एक्शन से कट, जब बुलाएंगे तो प्रमोशन करना है. क्योंकि अगर उसी में खुद की सारी उम्मीद लगा दूं तो मुश्किल हो जाएगा. एक एक्टर के तौर पर ये दिक्कत दे सकता है. क्योंकि उसके बाद की चीजें मेरे हाथ में नहीं हैं. मैंने आजतक जो भी काम किया है अच्छे-बुरे सभी तरह के ओपिनियिन्स आए, लेकिन घूमर के लिए एक इंसान ने नहीं कहा कि अरे यार क्या बकवास फिल्म कर डाली. मुझे इसके लिए बिल्कुल हेट नहीं मिला. बस हमारी टाइमिंग रिलीज के लिए गलत रही, लेकिन वो मेरे हाथ में नहीं है. तो क्या कर सकते हैं.

मुझे अमित जी ने चिट्ठी लिखी थी जो अक्सर लिखते हैं और वो मेरे लिए नेशनल अवार्ड के बराबर है. वो चिट्ठी देखकर तो अभिषेक बच्चन अभी भी हंसते भी हैं और रोते भी हैं कि आज तक उन्हें चिट्ठी मिली नहीं है, उनके पिता जी से. तो एक एक्टर के तौर पर ये अच्छा लगता है. मिस्टर. बच्चन अक्सर जिनका काम अच्छा लगता है, उन्हें एक फूलों का गुलदस्ता और एक चिट्ठी देते हैं. तो मेरे लिए वो किसी सपने जैसा था. जब घूमर रिलीज हुई और घंटी बजी क्योंकि मैं बिल्कुल एक्सपेक्ट नहीं कर रही थी. मेरे लिए वो सही में नेशनल अवार्ड की तरह है. मैंने उस चिट्ठी को फ्रेम करके रखा है. अभिषेक बच्चन भी उतने ही बेहतरीन कलाकार और इंसान हैं. उनके साथ काम करने में मजा आता है. उनसे हमेशा कुछ न कुछ सीखने को मिलता है.

मेरा ओपिनियन यही कहता है की यार आपको हिंदी में, तेलुगु में, गुजराती में, किसी भी लैंग्वेज में फिल्म बनानी है, बनाओ लेकिन अच्छी कहानी बताओ तो वो फिल्म चलेगी. ये पॉलिटिक्स और लैंग्वेज डिवाइड में मैं कभी घुसती नहीं हूं. मलयालम फिल्म मुझे पसंद आई क्योंकि वो स्टोरी अच्छी है. मुझे मराठी फिल्म इतने सारे मिले क्योंकि स्टोरी अच्छी थी. ऐसे नहीं कि चलो उसकी पैकेजिंग करो या बढ़ा चढ़ा कर बात करो. आप सैयारा को देख सकते हैं, कितना अच्छा बिजनेस कर रही है. मैंने देखी नहीं है लेकिन सुना है कि कहानी और गाने अच्छे हैं, तो भाषा कोई भी हो फिल्म की कहानी अच्छी होगी तो चलेगी.

ये नॉर्थ-साउथ के बारे में नहीं है. मुझे लगता है कि ये बिल्कुल पर्सनल एक्सपीरियंस है. मैं बहुत लोगों को जानती हूं, जिन्होंने पंजाबी और हिंदी दोनों जगहों पर इसका सामना किया है. ये प्रोजेक्ट बेस्ड भी होता है कि इस पर काम करते हुए मेरा अनुभव अच्छा नहीं रहा. यहां किसी पर्टिकुलर जगह की बात नहीं आती. आपसे कोई बुरा बर्ताव करता है तो ये इंसानी प्रॉब्लम है. ये इंडस्ट्री की रिएलिटी है और लोग आसानी से बचकर निकल भी जाते हैं. मैं उम्मीद करती हूं कि ये जल्द ही बदलेगा. हां, पर ये होता है लेकिन नॉर्थ-साउत के बेसिस पर नहीं, ये पूरी तरह से इंसान और उस प्रोजेक्ट पर निर्भर करता है.

आयरनमैन और रेस का गोल तो मेरा हमेशा रहेगा. ये मेरी सुबह उठने की वजह है. तो हर साल कुछ ना कुछ मुझे करना तो. लेकिन अभी मेरे पास फिल्में लाइन-अप हैं. जिनकी शूटिंग अगस्त में शुरू होंगी. मेरी लव लाइफ में सिर्फ स्पोर्ट्स और एक्टिंग है. इतना वक्त कहां रहता है. उसी में सब लग जाता है. बाकी वो कहते हैं ना कि ‘नेवर से नेवर’. पर अभी तो नहीं.

DELHI : मुखबिरी के शक में की गई थी 14 वर्षीय लड़के की हत्या… कांवड़ियां कैंप से दिल्ली पुलिस ने 2 आरोपियों समेत 10 संदिग्धों को हिरासत में लिया

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दिल्ली के वीर चौक बाजार के पास 29-30 जून की दरम्यानी रात को 12-13 लोगों ने एक 14 वर्षीय लड़के की हत्या कर दी थी. जिसमें कम से कम छह नाबालिग भी शामिल थे. मामले में पुलिस ने अब तक 10 संदिग्धों को हिरासत में लिया है.

दिल्ली के वीर चौक बाजार के पास 29-30 जून की दरम्यानी रात को 12-13 लोगों ने एक 14 वर्षीय लड़के की हत्या कर दी थी. जिसमें कम से कम छह नाबालिग भी शामिल थे. पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से पुष्टि हुई है कि लड़के के साथ कुकर्म भी किया गया था और फिर उसे 24 बार चाकू मारा गया था. हत्या के बाद आरोपियों ने उसके शव को मुनक नहर में फेंक दिया था. जिसके बाद से ही पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही थी.

इसी बीच 18 जुलाई को कांवड़ियों के वेश में दिल्ली पुलिस टीम ने उत्तर प्रदेश के मेरठ स्थित एक कांवड़ शिविर में छापेमारी की. जहां से एक आरोपी मोनू (19) और दो अन्य नाबालिगों को हिरासत में लिया गया. जानकारी के अनुसार पुलिस ने अब तक 10 संदिग्धों को पकड़ा है. इनमें कृष्णा उर्फ भोला (19), उसका भाई सूरज (18), अश्मित उर्फ चल्लू (18) और चार नाबालिग शामिल हैं.

जांच से पता चला है कि आरोपी कृष्णा को शक था कि मृतक लड़का और उसके दोस्त कुख्यात बधावर बंधुओं के गैंग के लिए उसकी मुखबिरी करते हैं. कुख्यात बधावर बंधु मोनू और सोनू इस वक्त जेल जेल में बंद हैं. बधावर बंधुओं ने 2024 में दिवाली की पूर्व संध्या पर कृष्णा को पीटा था और अपमानित किया था. बदला लेने के लिए कृष्णा ने महीनों तक हत्या की साजिश रची थी. हालांकि, इसी प्लान की मुखबिरी के शक में नाबालिग की हत्या कर दी गई.

NATIONAL : ‘तीसरी-चौथी बीवी बनो तभी तुम पर इन्वेस्ट करेंगे’, सृष्टि से मरियम बनी आगरा धर्मांतरण पीड़िता की आपबीती

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देहरादून की सृष्टि उर्फ मरियम ने आगरा के धर्मांतरण गैंग की पोल खोली है. फेसबुक पर दोस्ती, इस्लाम कबूलने का दबाव, तीसरी-चौथी बीवी बनने का लालच, फोन-सिम तोड़वाना, और विदेशी फंडिंग जैसे राज इस गवाही से उजागर हुए हैं. छांगुर बाबा, आयशा, अब्दुल रहमान और नीतू जैसे आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है.

आज तक ने छांगुर बाबा और उसके धर्मांतरण गैंग की एक पीड़िता, सृष्टि उर्फ मरियम, से बात की है, जिसकी गवाही इस मामले में महत्वपूर्ण साक्ष्य बनकर सामने आई है. यह गवाही उजागर करती है कि छांगुर बाबा और उसका गैंग अवैध धर्मांतरण को कैसे अंजाम देता था और हिंदू लड़कियों को जबरन मुसलमान बनाने की साजिश रचता था.

इस खुलासे से यह भी स्पष्ट होता है कि हिंदू से मुस्लिम बनी लड़कियों का विदेशों में प्रचार कर विदेशी फंडिंग हासिल की जाती थी. छांगुर बाबा और उसकी करीबी नीतू जेल में हैं, लेकिन सृष्टि की गवाही देशभर में फैले धर्मांतरण के ‘स्लीपर सेल’ को भी बेनकाब करती है.

देहरादून की सृष्टि धर्मांतरण गैंग की चपेट में आ गई थी, जहां उसका नाम बदलकर मरियम रखा गया. अब वह इस गैंग के चंगुल से बाहर आ चुकी है और उसने हिंदू लड़कियों के जबरन धर्म परिवर्तन की खौफनाक सच्चाई का खुलासा किया है.सृष्टि उर्फ मरियम बताती हैं, ‘मुझसे तालिब ने फेसबुक के जरिए संपर्क किया. उसने मुझे अपने धर्म की बातें बताईं. मैंने इस्लाम के बारे में जानकारी ली. बाद में उसने मुझ पर शादी के लिए दबाव बनाया. 2020 से हमारी बात शुरू हुई. धीरे-धीरे उसने मुझे अपनी बहन सुमैया, सफीया, आयशा और अब्दुल रहमान से मिलवाया.’

सृष्टि आगे कहती हैं, ‘आयशा ने मेरी आर्थिक स्थिति का फायदा उठाकर मुझे बेहतर रहन-सहन और सुरक्षा का लालच दिया. उसने कहा कि इसके लिए मुझे इस्लाम कबूल करना होगा और किसी की दूसरी, तीसरी या चौथी पत्नी बनना होगा. तभी मेरे ऊपर ‘इन्वेस्ट’ किया जाएगा, वरना नहीं.’आगरा पुलिस ने सात राज्यों में महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, राजस्थान, उत्तराखंड, झारखंड, दिल्ली, और उत्तर प्रदेश (बरेली, अलीगढ़, रायबरेली, गाजियाबाद) की दर्जनों लड़कियों का पता लगाया और उनकी काउंसलिंग कराई. जब देहरादून की सृष्टि धर्मांतरण गैंग के चंगुल से निकली, तो उसने इस स्लीपर सेल का पर्दाफाश किया. सृष्टि ने कैमरे पर गैंग के एक-एक किरदार का खुलासा किया, जिसमें बताया गया कि कैसे हिंदू लड़कियों को पहले सोशल मीडिया पर फंसाया जाता है और फिर उन्हें तीसरी या चौथी पत्नी बनने का प्रस्ताव दिया जाता है.

इसके अलावा सृष्टि ने बताया, ‘मुझे कई ग्रुप में जोड़ा गया. जावेद, अब्दुल रहमान उर्फ रूपेंद्र प्रताप, और दिल्ली के एक अन्य अब्दुल रहमान से मेरा संपर्क कराया गया. मुझे कहा गया कि अगर मैं इनमें से किसी की दूसरी या तीसरी पत्नी बनूंगी, तभी मेरी मदद की जाएगी और इस्लामिक नियमों का पालन करना होगा.

आगरा पुलिस ने दिल्ली में संचालित अब्दुल रहमान की धर्मांतरण फैक्ट्री पर ताला लगा दिया है. सृष्टि ने इसी अब्दुल रहमान के बारे में विस्फोटक खुलासे किए हैं. वह बताती हैं, ‘झारखंड के अयान ने मुझे कहा कि घर से निकलने के लिए मुझे चौक तक खुद जाना होगा. वहां से कैब की व्यवस्था होगी, जो मुझे देहरादून छोड़ेगी. देहरादून से एक लड़का मुझे दिल्ली ले जाएगा. दिल्ली में 10-12 घंटे की यात्रा के बाद मुझे किसी जगह छोड़ दिया जाएगा. जब मैंने मना किया, तो अब्दुल रहमान उर्फ रूपेंद्र प्रताप ने कहा कि वह मेरी मदद तभी करेंगे, जब मैं तीसरी या चौथी शादी के लिए तैयार होऊं. मैंने इनकार कर दिया.’

सृष्टि ने अब्दुल रहमान गैंग की जिहादी टीचर आयशा के बारे में भी खुलासा किया. आयशा 18 साल से ऊपर की लड़कियों को निशाना बनाती थी और जिहाद का पाठ पढ़ाकर उनका ब्रेनवॉश करती थी. सृष्टि ने बताया, “ये लोग मुझसे मेरा फोन और सिम तोड़वाते थे. आयशा कई नंबरों का इस्तेमाल करती थी. वह सेकेंड-हैंड कीपैड फोन और 4-5 हजार रुपये की फेक सिम खरीदती थी. मुझे फोन तोड़कर पानी में डुबाने की विधि सिखाई गई. मैंने ये सब किया, लेकिन घर से बाहर नहीं निकली, इसलिए उन्होंने मेरी मदद नहीं की.”

सृष्टि ने खुलासा किया कि गैंग पहले हिंदू लड़कियों का धर्म परिवर्तन करवाता था, फिर उन्हें तीसरी या चौथी पत्नी बनाकर विदेश भेजता था. वहां इन लड़कियों को हिंदू से मुस्लिम बनने की कहानी दिखाकर विदेशी फंडिंग हासिल की जाती थी. सृष्टि ने बताया, ‘मुझसे कलमा पढ़वाया गया और इस्लामिक नामों की लिस्ट दी गई, ताकि मैं कोई नाम चुन सकूं. फिर मुझसे वॉयस नोट मांगा गया, जिसे विदेश भेजकर यह दिखाया जाता था कि मैं मरियम बन चुकी हूं. इसके जरिए फंडिंग जुटाई जाती थी.’

पुलिस की कार्रवाई और सृष्टि की गवाही का महत्व आगरा पुलिस ने अब्दुल रहमान और उसके गुर्गों को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया है. गोवा से आयशा को गिरफ्तार किया गया, और उसके मोबाइल से जिहाद फैलाने वाले वीडियो बरामद हुए हैं. सृष्टि की गवाही ने इस गैंग के हर किरदार को बेनकाब कर दिया है. यह गवाही न केवल धर्मांतरण नेटवर्क के स्लीपर सेल को तोड़ने में मददगार होगी, बल्कि उन लड़कियों को खोजने में भी सहायक होगी, जो इस गैंग के चंगुल में फंसकर गायब हो चुकी हैं.

BHIAR : ड्राइवर और टेक्नीशियन ने एंबुलेंस में महिला से किया रेप… होमगार्ड भर्ती की दौड़ में बेहोश हो गई थी पीड़िता

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बिहार के गया जिले में बेहद शर्मनाक और सनसनीखेज वारदात सामने आई है. यहां एक महिला होमगार्ड भर्ती प्रक्रिया के दौरान दौड़ते समय बेहोश हो गई. इसके बाद एंबुलेंस बुलाई गई. अस्पताल ले जाते समय रास्ते में एंबुलेंस चालक और टेक्नीशियन ने महिला के साथ रेप किया. बिहार के गया जिले में बेहद शर्मनाक घटना सामने आई है. यहां होमगार्ड भर्ती की दौड़ में एक महिला बेहोश हो गई. इसके बाद आनन-फानन में उसे अस्पताल भेजने के लिए एंबुलेंस को कॉल किया गया. एंबुलेंस मौके पर आई और महिला को अस्पताल ले गई. इस दौरान रास्ते में एंबुलेंस के ड्राइवर और टेक्नीशियन ने महिला के साथ रेप किया. जब ये मामला सामने आया तो हड़कंप मच गया. पुलिस ने एंबुलेंस ड्राइवर और टेक्नीशियन को अरेस्ट कर लिया है.

दरअसल, यह घटना गुरुवार की है. यहां बोधगया क्षेत्र के बीएमपी 3 परेड ग्राउंड में होमगार्ड भर्ती चल रही है. इसके लिए पहुंची एक महिला दौड़ में शामिल होने आई थी. जब रेस हो रही थी, उसी दौरान महिला अभ्यर्थी बेहोश होकर गिर गई. आनन-फानन में घटनास्थल पर तैनात एंबुलेंस के जरिए इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया.

शुक्रवार को एसएसपी आनंद कुमार ने प्रेस रिलीज जारी कर कहा कि पीड़िता ने घटना की जानकारी दी. सूचना मिलने के 2 घंटे के अंदर एंबुलेंस चालक विनय कुमार और टेक्नीशियन अजीत कुमार को गिरफ्तार कर लिया गया. पीड़िता ने डॉक्टरों को बताया कि अस्पताल ले जाने के दौरान चलती एंबुलेंस में रेप की घटना को अंजाम दिया गया.

इस मामले में घटना को गंभीरता से लेते हुए बोधगया एसडीपीओ सौरभ जायसवाल के नेतृत्व में स्पेशल टीम का गठन किया गया. पुलिस टीम ने छापेमारी कर घटना में शामिल आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. एफएसएल की टीम को भी सबूत जुटाने के लिए घटनास्थल पर भेजा गया है.घटनास्थल पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज के जरिए दोनों आरोपियों की पहचान की गई. इस मामले में बोधगया थाने में केस दर्ज किया गया है. आगे की कार्रवाई की जा रही है. एसएसपी आनंद कुमार ने बताया कि मामले की जांच कर जल्द से जल्द आरोप पत्र दाखिल किया जाएगा.

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