Sunday, May 10, 2026
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UP : बीमार बेटे को गोद में उठाकर 700 मीटर पैदल चला पिता, प्रशासन ने बंद कर दिया पुल

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यूपी के हमीरपुर जिले से दिल को झकझोर कर देने वाला वीडियो सामने आया है. यहां एक शख्स को तपती धूप में बीमार बेटे के इलाज के लिए 700 मीटर लंबा यमुना पुल पार करना पड़ा. देखिए वायरल वीडियो.उतर प्रदेश के हमीरपुर जिले से एक दर्दनाक और बेबसी भरा वीडियो सामने आया है. यहां एक पिता को अपने बीमार बेटे के इलाज के लिए 700 मीटर लंबा यमुना पुल पैदल पार करना पड़ा. यह घटना सदर कोतवाली क्षेत्र के यमुना ब्रिज की है, जहां मेंटेनेंस वर्क के कारण आवागमन पूरी तरह बंद था.

मिली जानकारी के अनुसार, जिला अस्पताल हमीरपुर से बच्चे की हालत गंभीर होने पर उसे कानपुर रेफर किया गया था. लेकिन पुल बंद होने की वजह से कोई वाहन उस पार नहीं जा पा रहा था. ऐसे में मजबूर पिता ने अपने बेटे को गोद में उठाया और तपती दोपहर में खराब रास्ते के बावजूद पैदल पुल पार किया. यह दृश्य देखने वालों की आंखें नम कर गया.इस दौरान किसी भी तरह की प्रशासनिक मदद या एंबुलेंस सुविधा नहीं थी. पिता ने अकेले ही अपने बच्चे को लेकर लगभग 700 मीटर लंबा पुल पार किया. बच्चे की हालत को देखते हुए आसपास के लोग भी चिंतित हो गए, लेकिन कोई मदद उपलब्ध नहीं हो पाई.

यह घटना एक बार फिर प्रशासनिक लापरवाही को उजागर करती है. जहां एक ओर सरकार स्वास्थ्य सेवाओं और आपातकालीन सुविधाओं के बड़े-बड़े दावे करती है, वहीं हकीकत यह है कि एक गरीब पिता को अपने बीमार बच्चे को लेकर खुद ही जीवन-मौत की जद्दोजहद करनी पड़ी.स्थानीय लोगों का कहना है कि पुल का मेंटेनेंस होना जरूरी है, लेकिन इस दौरान इमरजेंसी मरीजों के लिए व्यवस्था होनी चाहिए थी. अगर कोई गंभीर मरीज समय पर अस्पताल नहीं पहुंचता, तो उसकी जान खतरे में पड़ सकती है.

 

ENTERTAINMENT : ‘सन ऑफ सरदार 2’ के ट्रेलर में दिखा ‘एक्शन-इमोशन’ का जबरदस्त कॉम्बिनेशन, अजय देवगन ने उड़ाया गर्दा

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अजय देवगन स्टारर ‘सन ऑफ सरदार 2’ का एक और धमाकेदार ट्रेलर मेकर्स ने रिलीज कर दिया है। ट्रेलर में ‘जस्सी रंधावा’ गर्दा उड़ाते दिख रहे हैं। बॉलीवुड के एक्शन स्टार अजय देवगन अपनी नई फिल्म ‘सन ऑफ सरदार 2’ से एक बार फिर बड़े पर्दे पर धमाल मचाने को तैयार हैं। फिल्म के मेकर्स ने इसका दूसरा ट्रेलर भी रिलीज कर दिया है। यह ट्रेलर पूरी तरह मनोरंजन से भरा है और इसमें हंसी, इमोशन और जबरदस्त एक्शन का तड़का भी देखने को मिलता है।

फिल्म ‘सन ऑफ सरदार 2’ के ट्रेलर की शुरुआत होती है। जिसमें अजय देवगन, ‘जस्सी रंधावा’ के किरदार में ट्रैक्टर चलाते नजर आते हैं। इसी दौरान बैकग्राउंड में आवाज आती है, “ये है जस्सी, जिसकी किस्मत में हर बार फंसना ही लिखा है। पहले झूठे प्यार में फंसा, फिर चार औरतों के बीच, उसके बाद माफिया फैमिली में और अब अपनी मां से किए वादे में फंस गया।”

 

JAIPUR : SMS मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों ने बिना ऑपरेशन के ही दोबारा लगा दिया ‘आर्टिफिशियल वाल्व’

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सवाई मानसिंह मेडिकल कॉलेज के कार्डियोलॉजी विभाग ने दिल के मरीजों के इलाज में बड़ी सफलता प्राप्त की है। यहां 80 वर्षीय मरीज पर बेहद जटिल वॉल्व-इन-वॉल्व ट्रांसकैथेटर एओर्टिक वॉल्व रिप्लेसमेंट (टॉवर) प्रक्रिया को सफलता पूर्वक अंजाम दिया गया। चिकित्सकों का दावा है कि यह उत्तर भारत के किसी भी सरकारी मेडिकल कॉलेज में इस तरह की प्रक्रिया का पहला मामला रहा। कार्डियोलॉजी विभाग के सीनियर प्रोफेसर डॉ. एस.एम शर्मा ने बताया कि मरीज भरतपुर का रहने वाला है, जिसकी 2016 में पहले ओपन-हार्ट सर्जरी हो चुकी थी।

इस बार डॉक्टरों ने बिना सीना खोले कैथेटर के जरिए नया कृत्रिम वाल्व लगाया। इससे न केवल सर्जरी का खतरा कम हुआ, बल्कि मरीज की रिकवरी भी जल्दी हो गई। इस केस में सीनियर स्ट्रक्चरल हार्ट एक्सपर्ट डॉ. प्रशांत द्विवेदी का विशेष तकनीकी सहयोग रहा। डॉ. दिनेश गौतम ने बताया कि इस तकनीक में पुराने खराब हो चुके सर्जिकल वाल्व के अंदर ही नया वाल्व डाला जाता है। ऐसे मामलों में मरीज का पहले से बदला हुआ हृदय-ढांचा (एनॉटॉमी) और पुराने वाल्व की स्थिति, नए वाल्व को सही जगह पर फिट करना मुश्किल बना देती है।

डॉ. धनंजय शेखावत ने बताया कि अगर वाल्व एकदम सटीक नहीं बैठा तो उसमें रिसाव हो सकता है या फिर वाल्व ठीक से काम नहीं करेगा। इसके अलावा एक बड़ा खतरा यह भी रहता है कि नया वाल्व, दिल की खून पहुंचाने वाली कोरोनरी धमनियों को ब्लॉक न कर दे। ऐसा होने पर मरीज को हार्ट अटैक आ सकता है। थोड़ा रिसाव या स्ट्रोक का खतरा, प्रक्रिया में इस्तेमाल होने वाले डाई से किडनी पर असर और रक्तस्राव जैसी चुनौतियां भी होती हैं। एसएमएस अस्पताल ने इस प्रक्रिया को नि:शुल्क किया, जिससे यह उन हज़ारों मरीजों के लिए राहत की खबर बन गया है, जो दोबारा ओपन-हार्ट सर्जरी के जोखिम या खर्च के कारण इलाज से वंचित रह जाते हैं।

 

NATIONAL : वाराणसी के इस मंदिर में नहीं है कोई VIP, हनुमान जी के दरबार में सभी श्रद्धालुओं के लिए एक बराबर नियम

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देश दुनिया में स्थापित अनेक धर्मस्थल के प्रति करोड़ों हिंदुओं की अपार आस्था देखी जाती है. लोग एक जगह से दूसरे जगह पुरे उल्लास उमंग और कड़ी तपस्या के साथ धर्म स्थल पर पहुंचकर भगवान का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं. लेकिन बीते वर्षों से एक विषय को लेकर भी अक्सर चर्चाओं का दौर सुर्खियों में रहता है.

अपनी उच्च स्तरीय सुविधा अनुसार अथवा रसूख के दम पर लोग आम श्रद्धालुओं के साथ कतार में न लगकर, बल्कि सीधे ही दरबार का दर्शन प्राप्त करना चाहते हैं. इसलिए आम लोगों के बीच अक्सर इस बात की चर्चा रहती है कि क्या भगवान के दरबार में भी VIP व्यवस्था हावी होती जा रही है. हालांकि इन सबके बीच मंदिरों के शहर वाराणसी में एक ऐसा प्राचीन धर्मस्थल है जहां पर देश के नामचीन हस्तियों से लेकर आम श्रद्धालु एक साथ और निर्धारित स्थान से ही दर्शन करते हैं.

वाराणसी का संकट मोचन मंदिर प्राचीन धर्मस्थल माना जाता है, जहां पर हनुमान जी और राम जानकी लक्ष्मण जी का दर्शन करने के लिए भारी संख्या में लोग पहुंचते हैं. विशेष तौर पर शनिवार और मंगलवार के दिन यहां भारी भीड़ रहती है. मंदिर के प्रवेश द्वार से श्रद्धालु प्रवेश करते हैं, इसके बाद मंदिर के एक निर्धारित स्थान से हनुमान जी का और राम जानकी लक्ष्मण जी का दर्शन प्राप्त करते हैं.

देश के उच्च पद पर बैठा हुआ कोई व्यक्ति हो अथवा नामचीन हस्ती उसे भी एक निर्धारित स्थान से आगे जाने की अनुमति नहीं रहती है और सभी लोग श्रद्धा पूर्वक उसका पालन भी करते हैं. वहीं परिसर में सुबह 4:30 बजे मंदिर का कपाट खुल जाता है, दोपहर में 12 से 3:00 बजे तक मंदिर का कपाट बंद रहता है. इसके बाद मंदिर रात्रि पहर तक खुला रहता है. विशेष तौर पर मंगलवार और शनिवार को मंदिर रात्रि 12:00 बजे तक जबकि अन्य दिनों में रात्रि 10:40 तक खुला रहता है. भगवान को अर्पित होने वाला लड्डू, माला भी सभी भक्तों द्वारा अपनी क्षमता अनुसार मंदिर परिसर व गेट के बाहर स्थित दुकानों से खरीद कर चढ़ाया जाता है.

संकट मोचन मंदिर के महंत डॉक्टर डॉ. विश्वंभर नाथ मिश्रा ने मंदिर की व्यवस्थाओं को लेकर एबीपी न्यूज़ से बातचीत में बताया कि – प्राचीन समय से मंदिर की निर्धारित व्यवस्थाओं और परंपराओं का निर्वहन किया जा रहा है और यह सभी लोगों के सहयोग से ही संभव हुआ है. हमारा प्रयास है कि आगे भी सभी श्रद्धालुओं और गणमान्य लोगों को दर्शन प्राप्त होता रहें, किसी को भी कोई असुविधा न हो. मंदिर की प्राचीन परंपरा का इस विधि विधान से निर्वहन भी किया जाता रहे. अपार श्रद्धा और विश्वास के साथ यहां श्रद्धालुओं का आगमन होता है, और उन पर हनुमान जी की कृपा होती है.

 

NATIONAL : दिल्ली के वेलकम में हिंसक हुआ मामूली झगड़ा, तीन नाबालिगाें ने चाकू घोंपकर ली शख्स की जान

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वेलकम इलाके में मामूली झगड़े के बाद 39 वर्ष के एक व्यक्ति की चाकू मारकर हत्या कर दी गई. पुलिस ने घटना के कुछ घंटों में ही 3 नाबालिग आरोपियों को हिरासत में लिया है.दिल्ली के वेलकम इलाके में सोमवार देर रात एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई, जहां मामूली कहासुनी के बाद 39 वर्ष के व्यक्ति की चाकू मारकर हत्या कर दी गई.

इस मामले में कार्रवाई करते हुए पुलिस ने वारदात के महज चंद घंटों के भीतर ही हत्या में शामिल रहे तीन नाबालिग आरोपियों को दबोच लिया. इन आरोपियों के पास से वारदात में इस्तेमाल चाकू भी बरामद किया गया है. सभी वेलकम इलाके के रहने वाले हैं.पुलिस अधिकारी से मिली जानकारी के मुताबिक, रात करीब 11:25 बजे पीसीआर कॉल से वेलकम पुलिस को एक शख्स को चाकू मारे जाने की सूचना मिली थी. जिस पर तुरंत ही पुलिस टीम जनता कॉलोनी, पेई मिट्टी इलाके में मौके पर पहुंची.

पुलिस को घायल शख्स को जेपीसी अस्पताल ले जाये जाने का पता चला, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत अवस्था में लाया गया घोषित कर दिया. मृतक की पहचान जनता कॉलोनी के रहने वाले 39 वर्ष के मुस्तकीन के रूप में हुई है.

प्रारंभिक जांच में सामने आया कि घटना के पीछे आपसी कहासुनी का विवाद था, जो देखते ही देखते हिंसक झगड़े में तब्दील हो गया और आरोपियों ने चाकू से हमला कर मुस्तकीन की जान ले ली. पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए फॉरेंसिक टीम की मदद से घटनास्थल की जांच की और इलाके में विशेष टीमों को तैनात किया.

इसके बाद मुस्तैद पुलिस टीम को कुछ ही घंटों में सफलता मिल गयी. टीम ने वेलकम इलाके के तीन किशोर आरोपियों को धर-दबोचा. उनके पास से वारदात में इस्तेमाल चाकू भी बरामद किया गया है.

पूछताछ में आरोपियों ने अपना गुनाह स्वीकारते हुए बताया कि उनके बीच कहासुनी हुई थी, जिससे नाराज किशोरों ने चाकू से मुस्तकीन पर हमला कर दिया और वहां से फरार हो गए थे. इस मामले में पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता के तहत हत्या की एवं अन्य संबंधित धाराओं में मामला दर्ज उन्हें हिरासत में ले लिया है और आगे की जांच में जुट गई है.

 

UP : आटे में जहर मिलाकर पूरे ससुराल को खत्म करने की साजिश रचने वाली मालती की पूरी कहानी

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यूपी के कौशांबी में एक बहू ने आटे में सल्फास मिलाकर पूरे ससुराल को खत्म करने की खौफनाक साजिश रची. समय रहते साजिश का पर्दाफाश हुआ और पुलिस ने महिला समेत उसके पिता-भाई को गिरफ्तार कर लिया. ये कहानी है मालती देवी की.

यूपी के कौशांबी जिले से एक ऐसी सनसनीखेज कहानी सामने आई है, जिसने हर किसी को चौंका दिया है. वहां एक बहू ने अपने पूरे ससुराल को एक साथ खत्म करने की खौफनाक साजिश रच डाली. वजह थी – रोज-रोज की किचकिच और पारिवारिक झगड़े. उसने रोटियों में ज़हर मिलाकर पूरे परिवार को मारने की योजना बनाई थी. लेकिन ऐन वक्त पर उसकी चाल पकड़ी गई और एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया. इस साजिश में उसके पिता और भाई भी शामिल थे. पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार कर लिया है और पूरे मामले की जांच जारी है. चलिए आपको बताते हैं मालती की पूरी कहानी.

यह घटना कौशांबी जिले के करारी थाना क्षेत्र के मलकिया बजहा खुर्रम गांव की है. मालती देवी नाम की महिला ने सल्फास मिलाकर आटे को जहरीला बना दिया, ताकि पूरे परिवार को एक ही बार में मौत के घाट उतारा जा सके. जेठानी को आटे से आ रही अजीब गंध ने इस बड़ी साजिश को वक्त रहते पकड़ लिया.

रविवार की रात बृजेश मौर्य का परिवार जैसे ही रोटियां बनाने की तैयारी कर रहा था, तभी मंजू देवी ने आटे में अजीब सी गंध महसूस की. गंध इतनी तेज और अजीब थी कि उन्होंने रोटियां बनाना रोक दिया और परिवार को इसकी जानकारी दी. आटे का रंग भी सामान्य नहीं था. जब बारीकी से जांच की गई, तो शक यकीन में बदल गया. पूछताछ में मालती देवी ने कबूल कर लिया कि उसने आटे में सल्फास मिलाया था.

पूछताछ में मालती ने बताया कि वो अपनी जेठानी के साथ रोज-रोज के झगड़ों से परेशान थी. घरेलू कलह और कथित मानसिक प्रताड़ना ने उसे इतना मजबूर कर दिया कि उसने पूरे परिवार को खत्म करने की साजिश रच डाली. ये अकेले मालती की साजिश नहीं थी, बल्कि उसके पिता कल्लू प्रसाद और भाई बजरंगी भी इसमें शामिल थे. तीनों ने मिलकर योजना बनाई कि खाने में जहर मिलाकर पूरे परिवार को खत्म कर दिया जाए.

मालती की शादी 2014 में बृजेश कुमार मौर्य से हुई थी, जो काम के सिलसिले में सऊदी अरब में हेल्पर के तौर पर नौकरी करता है. शादी के बाद दोनों के दो बच्चे हुए और शुरुआत में सबकुछ ठीक था. लेकिन बृजेश के विदेश जाने के बाद मालती अपने ससुराल में बच्चों के साथ अकेली रहने लगी. इसी दौरान जेठानी के साथ अनबन शुरू हो गई और झगड़े बढ़ते गए.

परिजनों ने बताया कि मालती अक्सर खेतों की ओर सूट-सलवार पहनकर जाती थी और मोबाइल पर किसी से घंटों बातें करती थी. जब बृजेश सऊदी से लौटकर आया, तो उसने भी इन सब बातों को नोटिस किया. उसने कई बार पत्नी को समझाने की कोशिश की, लेकिन नतीजा सिर्फ झगड़ा निकला. परिवार में तनाव बढ़ता गया और इसी बीच मालती ने जहरीली रोटियों की साजिश रच डाली.

रविवार शाम को जैसे ही खाना बनने की प्रक्रिया शुरू हुई, बृजेश को भी रसोई से सल्फास जैसी गंध महसूस हुई. मंजू देवी के कहने पर जब आटे को ध्यान से देखा गया, तो उसका रंग काला लग रहा था. पूछताछ में मालती ने बताया कि उसने सल्फास मिलाकर आटे को जहरीला बना दिया था. उसका इरादा था कि रोटियों के ज़रिए पूरे परिवार की जान ले ली जाए. उसने ये भी बताया कि ये पूरी योजना उसने अपने पिता और भाई के साथ मिलकर बनाई थी.

बृजेश ने फौरन इस बात की खबर पुलिस को दी. पुलिस ने मालती को हिरासत में लिया और पूछताछ की. पूछताछ में मालती ने पिता और भाई की भूमिका का भी खुलासा किया. इसके बाद पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार कर लिया. उनके खिलाफ हत्या की साजिश और अन्य गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है. जहरीले आटे का सैंपल भी जांच के लिए फॉरेंसिक लैब भेज दिया गया है.

इस घटना के बाद गांव में सनसनी फैल गई. लोग हैरान हैं कि कोई बहू अपने ही परिवार के खिलाफ इतना घातक कदम कैसे उठा सकती है. गांव की बुज़ुर्ग महिलाएं हों या युवा, हर कोई यही चर्चा कर रहा है कि एक घरेलू कलह कैसे इतना खतरनाक मोड़ ले लिया. फिलहाल, पुलिस मामले की तह तक जाने में जुटी है और फॉरेंसिक रिपोर्ट के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

NATIONAL : एअर इंडिया ने विमानों के फ्यूल कंट्रोल स्विच सिस्टम में नहीं पाई कोई गड़बड़ी, एयरलाइन ने पूरी की जांच

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एअर इंडिया ने अपनी सभी बोइंग 787 और 737 विमानों की फ्यूल कंट्रोल स्विच (FCS) लॉकिंग मैकेनिज़्म की जांच पूरी कर ली है और उनमें कोई समस्या नहीं पाई गई है. यह जांच 12 जून को हुए अहमदाबाद हादसे के बाद की गई, जिसमें 260 लोगों की मौत हुई थी. DGCA ने एयरलाइंस को फ्यूल कंट्रोल स्विच के इंस्पेक्शन के निर्देश दिए थे.

एअर इंडिया ने मंगलवार को बताया कि उसने अपनी पूरी बोइंग 787 और बोइंग 737 फ्लीट में फ्यूल कंट्रोल स्विच (Fuel Control Switch – FCS) लॉकिंग मैकेनिज़्म की ऐहतियाती जांच पूरी कर ली है. एक बयान में एयरलाइन ने बताया कि जांच के दौरान फ्यूल स्विच में किसी भी तरह की गड़बड़ी नहीं पाई गई.

यह कार्रवाई 12 जून को हुए एक भयावह विमान हादसे के बाद की गई. उस दिन एक एअर इंडिया का बोइंग 787-8 ड्रीमलाइनर अहमदाबाद से लंदन गैटविक जा रहा था, लेकिन उड़ान भरने के तुरंत बाद एक इमारत से टकराकर क्रैश कर गया था. इस हादसे में 260 लोगों की मौत हो गई थी, जिनमें 19 जमीन पर मौजूद लोग भी शामिल थे. विमान में सवार 242 यात्रियों में से सिर्फ एक ही यात्री जीवित बच सका था.

एअर इंडिया ने जानकारी दी कि उसने 12 जुलाई को DGCA के आधिकारिक निर्देश से पहले ही इसकी जांच शुरू कर दी थी. कंपनी ने बताया कि निर्धारित समय सीमा के भीतर यह जांच पूरी कर ली गई और इसकी जानकारी रेगुलेटर को भी दे दी गई है. एअर इंडिया और एअर इंडिया एक्सप्रेस, दोनों की फ्लीट पर यह जांच की गई.एअर इंडिया के प्रवक्ता ने कहा, “जांच के दौरान लॉकिंग मैकेनिज्म में कोई समस्या नहीं पाई गई. हम यात्रियों और क्रू मेंबर्स की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध हैं.” जांच की पुष्टि नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) के उस आदेश के बाद की गई है, जिसमें भारत में उड़ान भर रहे बोइंग सहित अन्य विमानों के फ्यूल कंट्रोल स्विच सिस्टम की जांच के निर्देश दिए गए थे.

12 जून की एअर इंडिया विमान दुर्घटना की 15 पन्नों की शुरुआती रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि टेक-ऑफ के एक सेकंड के भीतर ही इंजन को फ्यूल देने वाले स्विच ‘RUN’ से ‘CUT OFF’ मोड में चले गए थे, जिससे इंजन को फ्यूल सप्लाई फ्रीज हो गई और यह हादसा हुआ. रिपोर्ट के मुताबिक, विमान ने 180 नॉट्स की स्पीड तक पहुंचने के बाद कुल 30 सेकंड में क्रैश कर गया. हालांकि, रिपोर्ट में इस बात की पुष्टि नहीं की गई कि फ्यूल स्विच फ्लाइट के दौरान कैसे बंद हो गए.

NATIONAL : सीएम रेखा गुप्ता ने किया कांवड़ियों का स्वागत, महिला श्रद्धालुओं के छुए पैर

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दिल्ली में कांवड़ियों के लिए एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के दौरान सीएम रेखा गुप्ता ने महिलाओं का तिलक लगा कर स्वागत किया और उनके पैर छू कर आशीर्वाद भी लिया।

इस समय पूरे देश में कावड़ यात्राएं निकाली जा रही है। राजधानी दिल्ली में भी जोर शोर से कांवड़ यात्राओं का आयोजन किया जा रहा है। इसके साथ ही श्रद्धालुओं के लिए विशेष इंतजाम किए जा रहे है और कार्यक्रमों का आयोजन भी हो रहा है। मंगलवार को आयोजित ऐसे ही एक कार्यक्रम में दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने भी हिस्सा लिया। यह कार्यक्रम दिल्ली के शास्त्री पार्क इलाके में स्थित बाबा श्यामगिरी मंदिर में आयोजित किया गया था। बता दे कि इस बार दिल्ली की सरकार ने कांवड़ियों के लिए 374 शिविरों का आयोजन किया है। इन सभी कैंपों में जरूरी सुविधा और सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए है।

इस दौरान सीएम रेखा ने न सिर्फ कांवड़ा ला रही महिलाओं का तिलक लगा कर स्वागत किया बल्कि उनके पैर छू कर आशीर्वाद भी लिया। सीएम ने कार्यक्रम में पहुंचे सभी शिव भक्तों पर फूल भी बरसाए और उनके साथ मिल कर कार्यक्रम का आंनद लिया। सीएम रेखा के साथ दिल्ली सरकार के मंत्री कपिल मिश्रा, शाहदरा से विधायक संजय गोयल और दिल्ली नगर निगम की स्टैंडिंग कमेटी के अध्यक्ष सत्या शर्मा भी इस कार्यक्रम में मौजूद रहे।

 

LUCKNOW : ‘डेविल’ प्रिंट वाली टीशर्ट से पकड़ा गया कातिल! 10 साल पुरानी रंजिश में किया था ठेले वाले का मर्डर, ऐसे हुआ खुलासा

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पुलिस की जांच में सामने आया कि वारदात के बाद आरोपी पार्टी मनाने चले गए थे. सीसीटीवी फुटेज में एक युवक ऑरेंज कलर की ‘डेविल’ प्रिंट वाली टी-शर्ट में भागता दिखा, जिसकी पहचान सोनू कश्यप के रूप में हुई. सोशल मीडिया खंगालने पर सोनू की वही टी-शर्ट पहने पार्टी में झूमते हुए एक तस्वीर मिली. इस तरह मामला खुलता गया.

लखनऊ के इंदिरा नगर इलाके में नारियल पानी बेचने वाले एक दुकानदार की हत्या के मामले में पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया है. 22 साल के मनोज की 19 जून की रात पीट-पीटकर हत्या की गई थी. वारदात को ‘ब्लाइंड मर्डर’ मानकर जांच शुरू की गई. करीब 150 सीसीटीवी फुटेज और सर्विलांस की मदद से पुलिस ने 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया. पूछताछ में पता चला कि मुख्य आरोपी सोनू कश्यप ने 10 साल पहले अपनी मां से मारपीट का बदला लेने के लिए इस हत्या की साजिश रची थी.

इंदिरा नगर थाना पुलिस की जांच में सामने आया कि वारदात के बाद आरोपी पार्टी मनाने चले गए थे. सीसीटीवी फुटेज में एक युवक ऑरेंज कलर की ‘डेविल’ प्रिंट वाली टी-शर्ट में भागता दिखा, जिसकी पहचान सोनू कश्यप के रूप में हुई. सोशल मीडिया खंगालने पर सोनू की वही टी-शर्ट पहने पार्टी में झूमते हुए एक तस्वीर मिली. जब उससे सख्ती से पूछताछ की गई तो उसने अपना जुर्म नहीं कबूला, लेकिन फोटो में नजर आ रहे अन्य युवकों ने पुलिस के सामने हत्या की बात स्वीकार ली.

मामले में डीसीपी पूर्वी शशांक सिंह ने बताया- सोनू ने पुलिस से कहा कि वह 10 साल से मनोज को खोज रहा था. तीन महीने पहले माही मेडिकल के पास उसे ठेला लगाते देखा, जिसके बाद वह रेकी करने लगा. मनोज से बदला लेने के लिए सोनू ने चार दोस्तों को शामिल किया और वारदात के दिन सबने मिलकर रॉड से पीट-पीटकर उसकी हत्या कर दी. मनोज की गलती सिर्फ इतनी थी कि उसने 2015 में सोनू की मां से मारपीट की थी, जिसके खिलाफ थाने में एनसीआर दर्ज थी.

पुलिस के मुताबिक, घटना की पूरी योजना पहले से तैयार की गई थी. सलामू ने रॉड लाने की जिम्मेदारी ली जबकि बाकी आरोपी मनोज की दुकान बंद होने का इंतजार करते रहे. जैसे ही मनोज ठेला समेटकर घर के लिए निकला, सभी आरोपी उस पर टूट पड़े. गंभीर रूप से घायल मनोज को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई थी.

रविवार को पुलिस ने मुख्य आरोपी सोनू कश्यप समेत पांचों आरोपियों- सन्नी कश्यप, सलामू, रंजीत कुमार और रहमत अली को गिरफ्तार कर लिया. इंदिरा नगर पुलिस ने आरोपियों को पकड़ने के लिए सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल लोकेशन और सोशल मीडिया अकाउंट की गहन जांच की. इस खुलासे के साथ पुलिस ने हत्या की गुत्थी सुलझा ली है और अब सभी आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जा रही है.

MUMBAI : 3 हफ्ते से लापता विजय चौहान की लाश अपने ही घर पर फर्श के नीचे गड़ी मिली , अब पत्नी गायब

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नालासोपारा में विजय चौहान नामक व्यक्ति का शव घर में फर्श के नीचे दबा मिला. उसकी पत्नी चमन देवी लापता है. विजय का फोन तीन हफ्ते से बंद आ रहा था, जिसपर भाइयों को शक हुआ.महाराष्ट्र के नालासोपारा इलाके से एक हैरान करने वाला खौफनाक मामला सामने आया है. यहां पर तीन हफ्ते से लापता 32 वर्षीय विजय चौहान की लाश उसी के घर में फर्श के नीचे दबी पाई गई. फर्श के ऊपर नए टाइल भी लगाए गए थे. वहीं, मृतक विजय चौहान की पत्नी 28 वर्षीय चमन देवी गायब है.

मुंबई पुलिस की गई जांच में सामने आया है कि विजय चौहान का फोन तीन हफ्ते से लगातार स्विच ऑफ आ रहा था. यह बात पुलिस को विजय के भाइयों ने बताई. विजय की चिंता में भाई जब उसकी चॉल पर पहुंचे तो देखा कि केवल एक कोने में फर्श पर नए टाइल लगाए गए हैं. हैरानी की बात यह भी रही कि विजय चौहान का 20 वर्षीय पड़ोसी भी कुछ दिन से गायब है. पुलिस अभी तक लापता व्यक्ति और विजय चौहान के बीच कोई कनेक्शन नहीं निकाल पाई है. यह साबित नहीं हो सका है कि लापता हुए पड़ोसी का हाथ विजय चौहान की हत्या में है भी या नहीं?

विजय चौहान के भाई उसी इलाके में कुछ दूरी पर रहते हैं. आखिरी बार 10 जुलाई को वे विजय चौहान के घर आए थे. तब पत्नी चमन देवी ने उन्हें बताया था कि विजय ने कुर्ला में कोई काम पकड़ लिया है और अभी वहीं है. इस दौरान लगातार उसका फोन ऑफ आता रहा.

बीते शनिवार (18 जुलाई) को विजय चौहान के भाई फिर से उसके घर आए. तब पड़ोसियों ने उन्हें बताया कि चमन देवी काफी दिन से घर नहीं आई है. यहां ताला लगा हुआ है. मृतक के भाई घर के अंदर पहुंचे तो घर में कोई नहीं था. शक बढ़ने पर उन्होंने पुलिस को सूचना दी. इसके बाद घर की तलाशी ली गई और विजय की लाश घर में ही फर्श के नीचे गड़ी हुई मिली.

अब पुलिस विजय की पत्नी चमन देवी को ढूंढने की कोशिश कर रही है. यह पता लगाने की भी कोशिश कर रही है कि 20 वर्षीय पड़ोसी कहां गया और उसका इस हत्याकांड से क्या कनेक्शन है?

निमिषा श्रीवास्तव ने लखनऊ यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में ग्रेजुएशन करने के बाद माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से मास कम्यूनिकेशन में मास्टर्स की डिग्री ली है. इनको पत्राकारिता के क्षेत्र में 5 साल से ज्यादा का अनुभव है. इस दौरान इन्होंने राजनीति, क्राइम और हेल्थ-लाइफस्टाइल बीट पर काम किया है. अभी निमिषा एबीपी न्यूज के डिजिटल विंग में अपनी सेवाएं दे रही हैं. निमिषा को इतिहास, साहित्य और कविताएं पढ़ने में रुचि है.

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