Thursday, June 25, 2026
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PUNJAB : भ्रष्टाचार के खिलाफ CM मान का बड़ा एक्शन, अपने ही MLA पर की कार्रवाई

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सूबे की सरकार ने अपने ही विधायक पर भ्रष्टाचार से जुड़े मामले में एक्शन लेते हुए छापेमारी करवा दी. जालंधर के MLA रमन अरोड़ा पर भ्रष्टाचार के मामले में रेड हुई है.

पंजाब (Punjab) की भगवंत मान सरकार ने भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ा एक्शन लिया है. सूबे की सरकार ने अपने ही विधायक पर भ्रष्टाचार से जुड़े मामले में एक्शन लेते हुए छापेमारी करवा दी. जालंधर के MLA रमन अरोड़ा पर भ्रष्टाचार के मामले में रेड हुई है. रमन अरोड़ा पर आरोप है कि वे जालंधर नगर निगम के अफसरों के ज़रिए मासूम लोगों को झूठे नोटिस भिजवाते थे. इसके बाद पैसे लेकर उन नोटिसों को रफ़ा दफ़ा करवाने का काम करते थे.

एक अंग्रेज़ी अख़बार की रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले दिनों जालंधर सेंट्रल से आम आदमी पार्टी के विधायक रमन अरोड़ा को बिना किसी सुरक्षा घेरे के छोड़ दिया गया था. राज्य सरकार या पुलिस अधिकारियों ने इस कदम के पीछे कोई वजह नहीं बताई. अरोड़ा ने इसका कारण बताने से भी इनकार कर दिया, जिससे राजनीतिक हलकों में अटकलें लगाई गईं कि आखिर किस बात ने पार्टी को नाराज कर दिया, जिसने विधायक को उनकी सुरक्षा पूरी तरह से वापस ले ली.

इससे पहले, अरोड़ा के पास विधायकों के साथ तैनात किए जाने वाले सामान्य सुरक्षाकर्मियों से तीन गुना ज़्यादा सुरक्षाकर्मी थे. हालांकि, जब 13 मई को उनका सुरक्षा कवर वापस ले लिया गया, तो उनके पास एक भी सुरक्षाकर्मी नहीं बचा. इस दौरान अरोड़ा ने कहा था कि उस दिन उन्हें बताया गया कि ऊपर से आदेश हैं और उन्होंने सभी सुरक्षाकर्मियों को वापस भेज दिया.

 

NATIONAL : ओल्ड फरीदाबाद रेलवे स्टेशन पर बड़ा हादसा, बेसमेंट की खुदाई करते वक्त मिट्टी ढहने से 2 मजदूरों की मौत

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ओल्ड रेलवे स्टेशन पर बेसमेंट की खुदाई चल रही थी, इसी दौरान हादसा हो गया. मिट्टी ढहने से चार मजदूर नीचे दब गए. इस दौरान दो महिला मजदूरों की मौत हो गई. वहीं, मजदूर गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं.

हरियाणा (Haryana) के ओल्ड फरीदाबाद रेलवे स्टेशन पर एक हादसा हो गया, जिसमें दो लोगों के मौत का मामला सामने आया है. जानकारी के मुताबिक, निर्माणाधीन ओल्ड रेलवे स्टेशन पर बेसमेंट की खुदाई चल रही थी, इसी दौरान हादसा हो गया. मिट्टी ढहने से चार मजदूर नीचे दब गए. इस दौरान दो महिला मजदूरों की मौत हो गई. वहीं, मजदूर गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं.

पिछले साल सितंबर महीने में ओल्ड फरीदाबाद रेलवे अंडर ब्रिज के नीचे भरे बरसाती पानी में XUV700 के डूबने के चलते उसमें बैठे एचडीएफसी के बैंक मैनेजर और कैशियर की शुक्रवार रात दर्दनाक मौत हो गई थी. मृतकों के साथ बैंक में काम करने वाले बैंक कर्मचारी आदित्य ने बताया था कि गुरुग्राम के सेक्टर-31 में एचडीएफसी की शाखा में विराज द्विवेदी बतौर कैशियर के रूप में काम कर रहे थे और पुण्यश्रेय शर्मा बैंक के मैनेजर थे. वह बैंक यूनियन के अध्यक्ष भी थे.

कुछ दिनों काफी बारिश हुई थी. जैसे ही कार ओल्ड फरीदाबाद रेलवे अंडर ब्रिज के पास आई, तो उसके नीचे काफी पानी भरा हुआ था, जहां कोई भी बैरिकेडिंग नहीं लगी हुई थी और कार पानी में समा गई.

विराज गुरुग्राम में रहते थे, जिसके चलते उन्हें यह अनुभव नहीं हुआ कि ओल्ड फरीदाबाद रेलवे अंडर ब्रिज के नीचे इतना पानी है कि उनकी गाड़ी पानी के अंदर डूब जाएगी. विराज ने इस पानी से गाड़ी को निकालने की कोशिश की लेकिन गाड़ी पानी अधिक होने के चलते बंद हो गई और लॉक लग गया. गाड़ी में पानी भर गया जिसके चलते उनकी दर्दनाक मौत हो गई. आदित्य ने बताया कि लगभग 11:30 बजे के आसपास बैंक मैनेजर की पत्नी का फोन उनके पास आया था.

UP : पति से हुआ झगड़ा, दो बच्चों को कमर से बांधकर कुएं में कूदी महिला, मासूमों की मौत

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फतेहपुर जिले में एक दर्दनाक हादसा सामने आया है. यहां घरेलू कलह के कारण एक महिला ने अपने दो मासूम बच्चों को कमर में बांधकर कुएं में छलांग लगा दी. नतीजा ये हुआ कि दोनों बच्चों की मौत हो गई जबकि महिला का हालत गंभीर बनी हुई है.

उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले में एक दर्दनाक हादसा सामने आया है. यहां घरेलू कलह के कारण एक महिला ने अपने दो मासूम बच्चों को कमर में बांधकर कुएं में छलांग लगा दी. महिला को कुएं में कूदता देख ग्रामीणों ने उसे बचाने का प्रयास किया लेकिन बचा नहीं पाए. ग्रामीणों ने तुरंत पुलिस को इसकी सूचना दी. मौके पर पहुंची पुलिस ने ग्रामीणों की मदद से महिला सहित दोनों मासूम बच्चों को बाहर निकालकर नजदीकी प्राइवेट अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने दोनों मासूम को मृत घोषित कर दिया. वहीं महिला की हालत नाजुक बनी हुई है.

आपको बता दें कि असोथर थाना क्षेत्र हरनवा के रहने वाले टिर्रा पाल की बेटी रेनू की शादी सात साल पहले राजाराम का डेरा के रहने वाले झल्लर से हुई थी . शादी के बाद उसके दो बेटे हुए. बड़ा बेटा 6 साल का कृष्णा और छोटा बेटा 4 साल का प्रशांत था.

गुरुवार की रात किसी बात को लेकर रेनू का पति से झगड़ा हुआ तो वह दोनों बेटों को लेकर घर से निकल गई. वह दोनों को लेकर पास के कुएं में कूद गई . मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने उसे बचाने का प्रयास किया लेकिन कोशिश सफल नहीं हो पाई. जिसके बाद तीनों को कुएं से बाहर निकालकर प्राइवेट अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने दोनों मासूम को मृत घोषित कर दिया. वहीं महिला का इलाज अब भी जारी है.

MUTHRA : हाथ में नारियल लेकर दंडवत परिक्रमा करते हुए अधिकारी के ऑफिस पहुंचा फरियादी……..

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मथुरा में एक अजीबोगरीब नजारा देखने को मिला, जहां एक फरियादी दंडवत परिक्रमा करते हुए बिजली विभाग की शिकायत करने अधिकारी के ऑफिस पहुंच गया. फरियादी युवक अपने हाथ में नारियल भी लिए हुए था.

यूपी के मथुरा में एक अजीबोगरीब नजारा देखने को मिला, जहां एक फरियादी दंडवत परिक्रमा करते हुए बिजली विभाग की शिकायत करने अधिकारी के ऑफिस पहुंच गया. फरियादी युवक अपने हाथ में नारियल भी लिए हुए था. उसका आरोप था कि अधिशासी अभियंता ने मनमाने तरीके से उसके घर के बिजली कनेक्शन का लोड बढ़ा दिया है. बार-बार कहने के बाद भी कोई सुनवाई नहीं हुई, इसलिए ये कदम उठाना पड़ा. फिलहाल, घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है.

आपको बता दें कि पूरा मामला मथुरा की मांट तहसील का है, जहां बीते गुरुवार को बिजली विभाग द्वारा मनमाने तरीके से कनेक्शन का लोड बढ़ा देने से परेशान युवक अपने हाथ में नारियल लेकर दंडवत परिक्रमा करते हुए एसडीएम ऑफिस पहुंच गया. उसने एसडीएम से अधिशासी अभियंता के लिपिक पर रिश्वत लेने का आरोप लगाते हुए अपनी शिकायत बताई.

शिकायतकर्ता का नाम रमाकांत पाठक है, जो हाथ में नारियल लेकर दंडवत परिक्रमा करते हुए एसडीएम ऑफिस पहुंचे थे. पाठक ने कहा कि इस समस्या के समाधान के लिए उनके बुजुर्ग पिता मनीराम पिछले 6 महीने से अधिकारियों के चक्कर लगा रहे हैं लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है.

फिलहाल, अब पीड़ित रमाकांत पाठक की शिकायत का एसडीएम अभिनव जे. जैन ने संज्ञान लिया है. उन्होंने कहा कि देखिए इनका जो मामला है वह बिजली विभाग से जुड़ा हुआ है, हमने एक्सईएन साहब को बोल दिया है, मामले में एक सप्ताह में समाधान करने के लिए निर्देश दिए गए हैं.

BUSINESS : नॉर्थ ईस्ट में निवेश को दोगुना कर 75 हजार करोड़ लगाएगी रिलायंस, मुकेश अंबानी बोले- 25 लाख मिलेंगे नए रोजगार

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जियो का जिक्र करते हुए मुकेश अंबानी ने कहा कि रिलायंस जियो का 5जी नेटवर्क पूर्वोत्तर राज्यों की करीब 90 फीसदी आबादी तक पहुंच गया है. 50 लाख लोग जियो 5जी नेटवर्क से जुड़े हैं और इस वर्ष ये संख्या दोगुनी हो जाएगी.

नॉर्थ ईस्ट में अपने निवेश को रिलायंस इंड्रस्ट्रीज बढ़ाकर दोगुना करने जा रही है. रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम में आयोजित कार्यक्रम के दौरान इसका ऐलान करते हुए कहा कि पूर्वोत्तर राज्यों में निवेश को 75 हजार करोड़ करने का लक्ष्य रखा है. अभी कंपनी का इन राज्यों में करीब 30 हजार करोड़ का निवेश है. यानी अगले पांच वर्षों में रिलायंस इन राज्यों में करीब 45 हजार करोड़ रुपये का नया निवेश करने जा रही है.

सशस्त्र बलों की बेजोड़ बहादुरी के वजह से सफल हुए ऑपरेशन सिंदूर पर मुकेश अंबानी ने प्रधानमंत्री मोदी और देश को बधाई देते हुए उन्होंने अपनी बात शुरू की. अंबानी ने बताया कि ये प्रस्तावित निवेश 25 लाख से अधिक प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा करेगा. राज्यों में 350 बायोगैस संयंत्र स्थापित करने की प्रतिबद्धता भी मुकेश अंबानी ने जताई.

जियो का जिक्र करते हुए मुकेश अंबानी ने कहा कि रिलायंस जियो का 5जी नेटवर्क पूर्वोत्तर राज्यों की करीब 90 फीसदी आबादी तक पहुंच गया है. 50 लाख लोग जियो 5जी नेटवर्क से जुड़े हैं और इस वर्ष ये संख्या दोगुनी हो जाएगी.

किसानों की आय बढ़ाने के लिए उनसे सीधी खरीद को रिलायंस रिटेल प्रोत्साहित करेगा। प्रधानमंत्री की प्रशंसा करते हुए मुकेश अंबानी ने कहा कि आपके प्रयासों से पूर्वोत्तर हाशिये से निकल कर भारत के विकास के नक्शे पर उभर आया है.

स्वास्थय के क्षेत्र में रिलायंस फाउंडेशन के कामों पर रोशनी डालते हुए उन्होंने कहा कि रिलायंस फाउंडेशन ने मणिपुर में 150 बिस्तरों वाला कैंसर अस्पताल स्थापित किया है. इसके साथ ही फाउंडेशन जीनोमिक डेटा का उपयोग करके स्तन कैंसर की देखभाल के लिए मिजोरम विश्वविद्यालय के साथ सहयोग कर रहा है.

गुवाहाटी में फाउंडेशन ने एक एडवांस म्लीक्यूलर डायग्नोस्टिक और रिसर्च प्रयोगशाला बनाई है. यह भारत में सबसे बड़ी जीनोम सीक्वेंस क्षमताओं से लैस होगी. उत्तर-पूर्व राज्यों में रिलायंस फाउंडेशन सभी आठ राज्यों के साथ मिलकर ओलंपिक प्रशिक्षण केंद्र स्थापित करेगा, जिनसे निकले युवा ओलंपिक में पदक विजेता बन सकेंगे.

 

NATIONAL : ओटाराम देवासी और कृष्णावती नदी संघर्ष समिति के बीच वार्ता विफल, ग्रामीणों का फिर जावाल बंद का ऐलान

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मंत्री ओटाराम देवासी ने कृष्णा नदी संघर्ष समिति के प्रतिनिधिमंडल से घंटों तक बातचीत की, लेकिन समस्या का समाधान निकालने में विफल रहे. ग्रामीण लीज निरस्त करने की मांग पर अड़े हैं.

राजस्थान के सिरोही जिले के कृष्णावती नदी में पॉकलैंड मशीनों से भारी मात्रा में किए जा रहे बजरी खनन के विरोध में धरना-प्रदर्शन बुधवार को भी जारी रहा. दोपहर बाद कृष्णावती नदी संघर्ष समिति से जुड़े 22 गांवों के लोग भारी संख्या में जिला मुख्यालय स्थित सर्किट हाउस पहुंचे. सर्किट हाउस में राज्य मंत्री ओटाराम देवासी को कृष्णावती नदी संघर्ष समिति के प्रतिनिधिमंडल ने बजरी खनन लीज रद्द करने सहित अन्य मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा.

सिरोही के सर्किट हाउस में राज्य मंत्री ओटाराम देवासी ने ग्रामीणों से करीब आधा घंटा तक वार्ता की, लेकिन वो समस्या का हल नहीं निकाल पाए. तब कृष्णा नदी संघर्ष समिति के प्रतिनिधिमंडल को मंत्री ने वार्ता के लिए सर्किट हाउस के अंदर बुलाया. संघर्ष समिति के प्रतिनिधिमंडल के सदस्य ने मंत्री ओटाराम देवासी से बातचीत की.

सर्किट हाउस के अंदर प्रतिनिधिमंडल और राज्य मंत्री ओटाराम देवासी के बीच करीब पांच घंटे तक विभिन्न मांगों को लेकर बातचीत हुई. इसके बावजूद सहमति नहीं बनी. इस बीच सांसद लुंबाराम चौधरी, अतिरिक्त जिला कलेक्टर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, उपखंड अधिकारी, डीएसपी, तहसीलदार भी बैठक में मौजूद रहे. वहीं, दो थानों की पुलिस समेत आरएसी के जवान मौके पर मौजूद रहे.

राजस्थान सरकार में मंत्री ओटाराम देवासी ने बताया की सिरोही एसडीएम को जांच के आदेश दिए गए हैं. जांच रिपोर्ट मे जो भी दोषी होगा उस पर कार्रवाई होगी.सिरोही के कृष्णावती नदी सहित जावाल क्षेत्र मे बजरी खनन रोकने और लीज निरस्त करने को लेकर ग्रामीण पहले भी कई बार धरना दें चुके हैं. परंतु आलम यह है की क्षेत्र मे आज भी हालत जस के तस हैं. इस बात को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश है.

वार्ता विफल रहने के बाद कृष्णा नदी संघर्ष समिति से जुड़े ग्रामीणों ने शनिवार को जावाल में पूर्ण बंद का ऐलान किया. इसको लेकर बकायदा गांव मे ऑटो घुमाकर प्रचार भी किया गया है. ग्रामीणों का आरोप खनन का का गैर कानूनी तरीके से हो रहा है. इसका नुकसान स्थानीय लोगों को भविष्य में भुगतने पड़ेंगे.

दूसरी तरु पट्टाधारक प्रतिनिधि ने विभाग के निदेशक से बजरी खनन जारी रखने के लिए सहयोग मांगा है. बजरी खनन लीज पट्टा धारक के प्रतिनिधि भरत सिंह शेखावत ने खान विभाग के निदेशक को पत्र लिखकर अवैध खनन धारकों द्वारा उनका काम रोकने पर वैध खनन के लिए मदद की गुहार लगाई है.

उन्होंने बताया कि खनन पट्टे से 20 मई तक खनिज का कुल निर्गमन 3,87,394 टन ही किया है. जो खनन पट्टे से नाममात्र ही खनिज का निर्गमन है. जबकि वार्षिक उत्पादन 26,40,000 टन है.

दरअसल, कृष्णावती नदी संघर्ष समिति के नेतृत्व में 22 गांवों की जनता की ओर से कृष्णावती नदी में हो रहे खनन के विरोध में पिछले दो दिनों से धरना जारी है. धरना बुधवार को भी जारी रहा. दोपहर बाद एकत्रित ग्रामीण जावाल से जिला मुख्यालय के गोयली चौराहा पहुंचे. वहां से रैली के रूप में नारेबाजी करते हुए सर्किट हाउस पहुंचे. ग्रामीणों ने सर्किट हाउस में तीन घंटे से ज्यादा समय तक प्रदर्शन किया.

 

NATIONAL : ‘ED ने सारी हदें पार कर दीं’ TASMAC केस में SC की टिप्पणी को राजनीतिक मामलों में कैसे समझें?

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सुप्रीम कोर्ट ने तमिलनाडु की सरकारी शराब कंपनी TASMAC पर ED की कार्रवाई को असंवैधानिक बताते हुए अस्थायी रोक लगा दी है. अदालत का मानना है कि ये कार्रवाई राज्य सरकार के अधिकार क्षेत्र में दखल है. ईडी के जांच के तौर तरीके पर सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी राजनीतिक दुरुपयोग के आरोपों पर मुहर लगाने जैसी है.

ED यानी प्रवर्तन निदेशालय के ज्यादातर एक्शन पर सवाल उठते रहे हैं. खासकर केंद्र में सत्ताधारी बीजेपी के राजनीतिक विरोधियों के खिलाफ कार्रवाई के मामले में. लेकिन, बीजेपी नेता सरकार का ये कहते हुए बचाव करते हैं कि जांच एजेंसी अपने हिसाब से बगैर किसी दबाव के काम करती है – और ये काम सिर्फ भ्रष्टाचारियों के खिलाफ होता है.

यहां तक कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी एक बार ईडी सहित केंद्रीय जांच एजेंसियों की तारीफ कर चुके हैं. ये तो प्रधानमंत्री मोदी का ही ऑब्जर्वेशन रहा है कि जो काम जनता नहीं कर पाई, ED और CBI जैसी जांच एजेंसियों ने कर दिखाया है – फिर डर किस बात का. प्रधानमंत्री मोदी की ये तारीफ तो जांच एजेंसियों के लिए वैसी ही है, जैसे उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एनकाउंटर के लिए यूपी पुलिस की पीठ ठोकते रहते हैं. जब टीवी शो में पूछा जाता है कि फिर गाड़ी पलटेगी, तो मुस्कुराते हुए कहते हैं, बिल्कुल… फिर गाड़ी पलटेगी.

कई मामलों में जमानत देते वक्त, अलग अलग अदालतों ने ईडी की गिरफ्तारी पर सवाल उठाये हैं, लेकिन तमलिनाडु के एक केस में ईडी की कार्रवाई पर सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी काफी गंभीर है. सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी ईडी के एक्शन को उसी दिशा में ले जा रही है, जहां तमाम विपक्षी दल जांच एजेंसी पर सरकार के कहने पर या दबाव में काम करने के आरोप लगाते हैं.

तमिलनाडु की सरकारी शराब कंपनी TASMAC यानी तमिलनाडु स्टेट मार्केटिंग कॉरपोरेशन के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय की जांच और छापेमारी पर सुप्रीम कोर्ट ने अस्थायी तौर पर रोक लगा दी है. सुप्रीम कोर्ट का मानना है क ED की कार्रवाई न तो सही है, न संवैधानिक है, क्योंकि कानून और व्यवस्था राज्य का विषय होता है.

मुख्य न्यायाधीश जस्टिस बीआर गवई का मानना है कि प्रवर्तन निदेशालय एक राज्य निगम को निशाना बना रहा है. अदालत का मानना है कि ये देश के संघीय ढांचे का उल्लंघन है, और जांच एजेंसी सारी सीमाएं पार कर रही है.

ध्यान देने वाली बात ये है कि तमिलनाडु सरकार की दलील को भी देश की सबसे बड़ी अदालत ने सही माना है. तमिलनाडु सरकार की दलील है कि TASMAC केस में ईडी अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर जा रहा है. आरोप ये भी है कि ईडी ने महिला कर्मचारियों और TASMAC के अधिकारियों का उत्पीड़न किया, और तलाशी के दौरान लंबे समय तक हिरासत में रखा. कर्मचारियों के फोन और पर्सनल डिवाइस जब्त कर लिये गये, जो उनकी निजता और मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है. TASMAC की ओर से पेश सीनियर वकील मुकुल रोहतगी ने कहा कि ईडी ने TASMAC अधिकारियों के फोन की क्लोन की गई प्रतियां ली हैं, जो उनकी निजता और गोपनीयता का उल्लंघन है,

चीफ जस्टिस बीआर गवई ने ईडी के वकील एडिशनल सॉलिसिटर जनरल एसवी राजू से सवाल किया कि कॉर्पोरेशन के खिलाफ अपराध कैसे बनता है? मुख्य न्यायाधीश ने पूछा, आप व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज कर सकते हैं, लेकिन कॉर्पोरेशन के खिलाफ आपराधिक मामला? मिस्टर राजू, आपका ईडी सभी सीमाएं पार कर रहा है.

तमिलनाडु सरकार ने TASMAC पर प्रवर्तन निदेशालय की छापेमारी के खिलाफ अपनी याचिका में कहा है, ये केंद्रीय एजेंसी के पावर का अतिक्रमण और संविधान का उल्लंघन है. तमिलनाडु सरकार ने ईडी पर राजनीतिक प्रतिशोध का आरोप लगाते हुए छापेमारी को अवैध करार दिया है.डीएमके नेता एमके स्टालिन के नेतृत्व वाली सरकार ने केंद्र की बीजेपी सरकार पर राजनीतिक मकसद से सूबे की छवि खराब करने के लिए ईडी का बेजा इस्तेमाल करने का आरोप लगाया है. तमिलनाडु सरकार का इल्जाम है कि ये सब अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए किया गया है.

हेमंत सोरेन केस: झारखंड हाई कोर्ट ने हेमंत सोरेन को जमानत देते हुए कहा था, प्रथम दृष्टया सबूतों को देखते हुए ये मानने के कारण हैं कि हेमंत सोरेन कथित अपराधों के लिए दोषी नहीं हैं. किसी भी रजिस्टर/रेवेन्यू रिकॉर्ड में उक्त जमीन के अधिग्रहण और कब्जे में प्रत्यक्ष भागीदारी का कोई जिक्र नहीं है.

RAJASTHAN : अब राजस्थान के मदरसों में भी पढ़ाया जाएगा ‘ऑपरेशन सिंदूर’, कर्नल सोफिया कुरैशी पर खास फोकस

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राजस्थान मदरसा बोर्ड ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को पाठ्यक्रम में शामिल करेगा. कर्नल सोफिया कुरैशी और व्योमिका सिंह जैसी सैन्य अधिकारियों से प्रेरणा लेने के लिए यह कदम उठाया गया है.

राजस्थान मदरसा बोर्ड ने तय किया है कि भारतीय सेना के शौर्य की गाथा अब बच्चों के सिलेबस में शामिल की जाएगी. पहलगाम आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान को मुंहतोड़ जवाब देने वाले ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को बच्चों के पाठ्यक्रम में शामिल किया जा रहा है. राजस्थान मदरसा बोर्ड के चेयरमैन एमडी चोपदार ने यह जानकारी दी है.

उत्तराखंड के बाद अब राजस्थान मदरसा बोर्ड ने भी यह फैसला लिया है कि मदरसों के बच्चे ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बारे में पढ़ेंगे. इस ऑपरेशन की ब्रीफिंग करने वालीं इंडियन आर्मी की कर्नल सोफिया कुरैशी और इंडियन एयरफोर्स की विंग कमांडर व्योमिका सिंह पर खास फोकस रखा जाएगा, ताकि मदरसे में पढ़ने वाली बच्चियां उनसे प्रेरणा ले सकें.

चेयरमैन एमडी चोपदार ने बताया है कि बोर्ड के सदस्यों में इसे लेकर आपसी सहमति बन गई है. जल्द ही इस बारे में औपचारिक बैठक बुलाकर ऐलान भी कर दिया जाएगा. उन्होंने कहा कि कर्नल सोफिया कुरैशी के बारे में पढ़कर बच्चियां सेना में शामिल होने के लिए प्रेरित होंगी. बेटियों को इस बात के लिए प्रेरित किया जाएगा कि वह भी जरूरत पड़ने पर देश की रक्षा कर सकती हैं.

राजस्थान से पहले उत्तराखंड के मदरसों में ऑपरेशन सिंदूर को सिलेबस में शामिल करने का फैसला लिया गया था. नए सेशन से बच्चों के कोर्स में ऑपरेशन सिंदूर और इससे जुड़े सैन्य अधिकारियों के बारे में पढ़ाया जाएगा. बताया जा रहा है कि उत्तराखंड में करीब 450 मदरसें रजसिटर्ड हैं, जहां ऑपरेशन सिंदूर का चैप्टर पढ़ाने की तैयारी की जा रही है.

बच्चों के कोर्स में यह चैप्टर शामिल करने के लिए शिक्षाविद और रिटायर्ड सैन्य कर्मी भी मदद करेंगे. इसके बाद ऑपरेशन सिंदूर के बारे में बच्चों को असेंबली के दौरान जानकारी दी जाएगी.

 

NATIONAL : सीनियर लीडर्स के कहने पर कांग्रेस नेताओं ने राहुल-सोनिया की कंपनी को लाखों रुपये दिए दान: ED का दावा

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नेशनल हेराल्ड-एजेएल-वाईआई मामला, यंग इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के मालिकों और बहुसंख्यक शेयरधारकों (सोनिया गांधी और राहुल गांधी) द्वारा एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड (AJL) की 2,000 करोड़ रुपये की संपत्ति अवैध रूप से हथियाने के लिए कथित साजिश रचने से संबंधित है.

नेशनल हेराल्ड मामले में दाखिल आरोपपत्र में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कहा है कि कुछ कांग्रेस नेता उन व्यक्तियों में शामिल हैं, जिन्होंने वरिष्ठ पार्टी पदाधिकारियों के निर्देश पर यंग इंडियन प्राइवेट लिमिटेड (YI Pvt Ltd) और एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड (AJL) को पैसे डोनेट किए, क्योंकि ऐसा नहीं करना उनके राजनीतिक करियर और कारोबार के लिए ‘नुकसानदेह’ होता. ईडी ने आरोप लगाया है कि यंग इंडियन प्राइवेट लिमिटेड का नियंत्रण राहुल गांधी और सोनिया गांधी के पास है और दोनों डोनेशन की आड़ में कंपनी को ट्रांसफर किए गए धन के लाभार्थी हैं. ईडी ने आरोपपत्र 9 अप्रैल को दिल्ली की एक अदालत में दायर किया था, जिसका कोर्ट ने अभी तक संज्ञान नहीं लिया है.

ईडी ने धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत दायर चार्जशीट में 78 वर्षीय पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद सोनिया गांधी को आरोपी नंबर 1 और उनके बेटे राहुल गांधी (54) को आरोपी नंबर 2 के रूप में नामित किया है. इसके अलावा पांच अन्य को भी आरोपी बनाया गया है. ईडी ने चार्जशीट में कहा है कि तेलंगाना के सीएम रेवंत रेड्डी (तत्कालीन विधायक) के कथित निर्देश पर, 2022 में 4 कांग्रेस नेताओं द्वारा 80 लाख से अधिक का दान यंग इंडियन प्राइवेट लिमिटेड को दिया गया.

चार्जशीट के मुताबिक 2019 का लोकसभा चुनाव लड़ने वाले गली अनिल कुमार ने जून 2022 में 20 लाख रुपये का दान दिया, इसी तरह पूर्व विधायक अली शब्बीर ने 20 लाख रुपये का दान दिया. तेलंगाना कांग्रेस के तत्कालीन कोषाध्यक्ष पी. सुदर्शन ने 15 लाख रुपये का दान दिया और तेलंगाना कांग्रेस के तत्कालीन कार्यकारी अध्यक्ष ने 25 लाख रुपये का दान दिया. ये सभी दान 2022 में एक महीने के भीतर किए गए. ईडी ने आरोपपत्र में कहा है कि पूर्व केंद्रीय मंत्री और सांसद पवन बंसल ने कांग्रेस नेता डीके शिवकुमार और डीके सुरेश को 5.80 करोड़ रुपये से अधिक का दान देने का निर्देश दिया था.

ईडी ने आरोप लगाया है कि डीके शिवकुमार ने अप्रैल 2022 में यंग इंडिया प्राइवेट लिमिटेड को 25 लाख रुपए दान किए, उसी दिन उनके भाई डीके सुरेश ने भी 25 लाख रुपए दान किए. डीके शिवकुमार से जुड़े नेशनल एजुकेशन ट्रस्ट ने यंग इंडियन को 2 करोड़ रुपए दान किए, जबकि पंजाब में विधायकी का चुनाव लड़ने वाले अमित विज ने तीन किस्तों में 3.30 करोड़ रुपए दान किए. ये सभी दान एक साल के अंदर किए गए. नेशनल हेराल्ड-एजेएल-वाईआई (National Herald-AJL-YI Case) मामला, यंग इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के मालिकों और बहुसंख्यक शेयरधारकों (सोनिया गांधी और राहुल गांधी) द्वारा एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड (AJL) की 2,000 करोड़ रुपये की संपत्ति अवैध रूप से हथियाने के लिए कथित साजिश रचने से संबंधित है.

इस बारे में मीडिया द्वारा पूछे गए सवाल पर कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने कहा, ‘हां, हमने पैसे दान किए हैं. मैंने 25 लाख रुपये दिए और डीके सुरेश ने 25 लाख रुपये और दिए. इसमें क्या गलत है? हमने पार्टी द्वारा चलाए जाने वाले अखबार को दान दिया, इसमें क्या गलत है? यह हमारे मेहनत का पैसा है, यह चोरी का पैसा नहीं ह. हमने इसे खुलेआम दिया है. हमने कुछ भी नहीं छिपाया है. हमारा एक ट्रस्ट है, और हमने बिना कुछ छिपाए, खुलेआम, शाही तरीके से योगदान दिया है.’

एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड नेशनल हेराल्ड न्यूज प्लेटफॉर्म (न्यूज पेपर और वेब पोर्टल) का प्रकाशक है और इसका स्वामित्व यंग इंडियन प्राइवेट लिमिटेड के पास है. ईडी ने अपनी जांच में पाया कि कुछ संस्थाओं ने कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के प्रभाव में आकर यंग इंडिया प्राइवेट लिमिटेड को डोनेशन के ​रूप में पैसों का भुगतान किया. कांग्रेस नेताओं ने इन संस्थाओं और उनके मालिकों को पार्टी की राजनीति में कुछ लाभ दिलाने का वादा किया था. हालांकि, कांग्रेस ने गांधी परिवार के खिलाफ ईडी के आरोपपत्र को प्रतिशोध की राजनीति बताया है. यंग इंडिया को डोनेशन देने के लिए कांग्रेस नेताओं को निर्देश देने वालो में तेलंगाना के मुख्यमंत्री और पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष रेवंत रेड्डी, दिवंगत अहमद पटेल और पवन बंसल के नाम शामिल हैं.

MAHARASHTRA : ‘शनि शिंगणापुर मंदिर से हटाए जाएं 300 मुस्लिम कर्मचारी’, महाराष्ट्र मंदिर महासंघ की बड़ी मांग

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महाराष्ट्र मंदिर महासंघ के राष्ट्रीय संगठक सुनील घनवट ने एबीपी न्यूज से बात करते हुए कहा कि शनि शिंगणापुर से संबंधित मुसलमान कर्मचारियों का काम तत्काल रोका जाए.महाराष्ट्र के शनि शिंगणापुर मंदिर से मुस्लिम कर्मचारियों को हटाने की मांग उठी है. करोड़ों हिंदुओं की आस्था का केंद्र रहे श्री शनि शिंगणापुर मंदिर के पवित्र चबूतरे पर 21 मई 2025 को मुसलमान कर्मचारियों की ओर से ग्रिल लगाने का कार्य किया गया, जिसके बाद से महाराष्ट्र मंदिर संघ ने नई मांग रखी है.

इनका कहना है कि यह घटना अत्यंत निंदनीय और मंदिर की सात्त्विकता व धार्मिक परंपराओं का उल्लंघन करने वाली है. इस घटना से स्थानीय ग्रामवासियों में काफी रोष व्याप्त है. महाराष्ट्र मंदिर महासंघ ने इस घटना की कड़ी आलोचना की है.

महासंघ के राष्ट्रीय संगठक सुनील घनवट ने एबीपी न्यूज से बात करते हुए कहा, ”संबंधित मुसलमान कर्मचारियों का कार्य तत्काल रोका जाए, मंदिर में कार्यरत लगभग 300 मुसलमान कर्मचारियों को हटाया जाए और उन्हें नियुक्त करने वाले अधिकारियों की गहन जांच कर सख्त कार्रवाई की जाए. अन्यथा राज्यभर में तेज जन आंदोलन छेड़ा जाएगा.”

घनवट ने आगे कहा, ”शनि शिंगणापुर जैसे पवित्र देवस्थान में मांसाहारी और अन्य धर्म के लोगों को कार्य देना हिंदू समाज की आस्था और परंपरा पर सीधा आघात है. वर्तमान में लगभग 300 मुसलमान कर्मचारी देवस्थान में कार्यरत हैं, जो मंदिर की धार्मिक मर्यादा और सात्त्विकता के प्रतिकूल है. इस विषय पर महासंघ ने देवस्थान के ट्रस्टियों से संपर्क कर कार्य तत्काल रोकने की मांग की थी. ट्रस्टियों ने सूचित किया है कि काम रोक दिया गया है. फिर भी, जिन अधिकारियों ने यह आदेश दिया और मुसलमान कर्मचारियों की नियुक्ति की, उन पर कड़ी कार्रवाई जरूरी है.”

तेलंगाना स्थित तिरुपति बालाजी मंदिर में ऐसी ही घटना के बाद मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने केवल हिंदू कर्मचारियों की नियुक्ति का आदेश दिया था. संघ का कहना है कि मंदिरों में आचार, आहार, श्रद्धा और भावना सात्त्विकता के अनुरूप होने चाहिए. पवित्र मंदिरों में इसका पालन न करने वाले अन्य धर्म के व्यक्तियों की नियुक्ति करना, मंदिर की धार्मिक शुद्धता और परंपराओं पर सीधा आघात है. राज्य सरकार को इसे गंभीरता से लेना चाहिए.

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