Thursday, June 25, 2026
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NATIONAL : उत्तरकाशी में गंगोत्री हाईवे पर बस पलटी, 8-10 तीर्थयात्री घायल, सीएम धामी ने जताया दुख

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उत्तरकाशी जिले में गंगोत्री हाईवे पर एक बड़ा हादसा हो गया. मध्य प्रदेश से गंगोत्री धाम जा रहे तीर्थयात्रियों से भरी एक बस धरासू के पास नालूपानी के निकट सड़क पर पलट गई. बस (नंबर: UK 13PA-0085) में 41 यात्री सवार थे, जिनमें से 8 से 10 लोग घायल हो गए. घटना की सूचना मिलते ही उत्तरकाशी पुलिस और आपातकालीन सेवा 108 की टीम मौके पर पहुंची और घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया.

यह हादसा शुक्रवार, 23 मई 2025 को दोपहर के समय हुआ. प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, बस अनियंत्रित होकर सड़क पर पलट गई. घायलों में कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है, और उन्हें प्राथमिक उपचार के बाद आवश्यकता पड़ने पर उच्च चिकित्सा केंद्रों में रेफर किया जा सकता है. जिला प्रशासन और एसडीआरएफ की टीमें राहत और बचाव कार्य में जुट गई हैं.

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है. उन्होंने अपने आधिकारिक एक्स अकाउंट पर पोस्ट कर कहा कि गंगोत्री हाईवे पर धरासू नालूपानी के निकट हुए बस हादसे का समाचार अत्यंत दुखद है. जिला प्रशासन एवं एसडीआरएफ की टीमें राहत और बचाव कार्य में जुटी हैं. घायलों को तुरंत चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई जा रही है, और जरूरत पड़ने पर उन्हें हायर सेंटर रेफर करने के निर्देश दिए गए हैं. ईश्वर से सभी घायल यात्रियों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की प्रार्थना करता हूं.

स्थानीय प्रशासन ने हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी है. गंगोत्री हाईवे पर बढ़ते हादसों को देखते हुए सड़क सुरक्षा पर सवाल उठ रहे हैं. विशेषज्ञों का कहना है कि पहाड़ी मार्गों पर वाहनों की गति और सड़क की स्थिति पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है. इस घटना ने तीर्थयात्रियों और स्थानीय लोगों में दहशत पैदा कर दी है. प्रशासन ने यात्रियों से सुरक्षित यात्रा और नियमों का पालन करने की अपील की है.

ENTERTAINMENT : तगड़े लूप में फंसे राजकुमार राव, ब्याह को तरसे, लोटपोट कर देगी ‘भूल चूक माफ’

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राजकुमार कुमार और वामिका गब्बी स्टारर ‘भूल चूक माफ’ हफ्तों की जद्दोजहद के बाद आखिरकार सिनेमाघरों में रिलीज हो गई है. इसमें रंजन और तितली की प्रेम कहानी को दिखाया गया है, जो शादी करना चाहते हैं लेकिन लूप में जा फंसे हैं. अगर आप भी इस फिल्म को देखने का मन बना रहे हैं, तो पहले हमारा रिव्यू पढ़ लीजिए.

इंसान ख्वाहिशों का पुलिंदा है. हम सबके अंदर ढेरों ख्वाहिशें भरी हैं. प्यार पाने की, खुशी पाने की, आराम पाने की, अपनी मन की नौकरी पाने की, पैसा पाने की, बहुत कम ही लोग अपनी ख्वाहिशों को जिंदगी में पूरा कर पाते हैं. लेकिन एक चीज जो हम सभी अक्सर सोचना भूल जाते हैं वो ये कि जो भी हमें चाहिए, वो क्यों चाहिए? हम सोचते हैं कि चाहिए तो बस चाहिए. जैसे भी हो. हम भूल जाते हैं कि भगवान कृष्ण ने खुद कहा था कि कर्म करो, फल की चिंता मत करो. हमें फल चाहिए, कर्म का हम कम ही सोचते हैं.

ऐसे ही बड़ी चाहते रखने वाला शख्स है ‘भूल चूक माफ’ का रंजन तिवारी (राजकुमार कुमार). उसे सरकारी नौकरी और एक खूबसूरत छोकरी दोनों चाहिए. यहां खूबसूरत छोकरी कोई और नहीं बल्कि उसकी गर्लफ्रेंड तितली मिश्रा (वामिका गब्बी) है. रंजन को तितली चाहिए और तितली के पिता जी को सरकारी नौकरी वाला दामाद.

हफ्तों की जद्दोजहद के बाद आखिरकार ‘भूल चूक माफ’ सिनेमाघरों में रिलीज हो गई है. फिल्म का ट्रेलर अगर आपने देखा हो तो आप जानते होंगे कि ये एक प्रेम कहानी है, जिसमें कॉमेडी का तड़का लगाया गया है. कहानी है बनारस के रंजन और तितली की, जो प्यार के लिए मरे जा रहे हैं. दोनों एक दूसरे से ब्याह रचाना चाहते हैं, लेकिन परिवार नहीं मान रहा है. रंजन के तो फिर भी मान जाए, लेकिन तितली के घर में, खासकर उनके पिता जी उर्फ मिश्रा जी (जाकिर हुसैन) और जीजा जी को रंजन बिल्कुल पसंद नहीं. उन्हें चाहिए सरकारी नौकरी वाला दामाद और रंजन की सरकारी नौकरी लग नहीं रही. इसलिए उनका ब्याह भी तितली से नहीं हो रहा. एक रात भागने की कोशिश में पकड़े जाने पर रंजन के सामने तितली के पप्पा शर्त रखते हैं कि दो महीने में सरकारी नौकरी पाओ और बिटिया को ब्याह के ले जाओ. और अगर नहीं कर पाओगे, तो अपनी प्रेमिका के ब्याह में कुर्सियां लगाने तो आना ही होगा.

बस फिर क्या था, दो दिन तो रंजन सोचने में निकाल देते हैं कि करें क्या? रंजन की हर मुसीबत का हल दूसरों को ही ढूंढना होता है. वो ऐसा लगता है जो तितली से प्यार तो बहुत करता है, लेकिन उसकी प्रेम कहानी को कायम भी तितली के एफर्ट्स ने ही रखा हुआ है. सोचते-सोचते रंजन को भगवान भोलेनाथ से मन्नत मांगने का आइडिया मिलता है. अब आइडिया तो आ गया लेकिन महादेव को मन्नत के बदले में क्या देने का वादा किया जाए, ये तो वो जानता ही नहीं. ऐसे में मंदिर के पास मिले पंडित जी (विनीत कुमार) को 101 रुपये की दक्षिणा देकर वो मन्नत को मांग लेता है, लेकिन फिर वही होता है जो अक्सर ही मन्नतें पूरी होने के बाद करते हैं. जुगाड़ लगाकर रंजन की शादी तो हो रही है, लेकिन उसकी जिंदगी की सुई 29 तारीख पर अटक गई है. 30 की शादी है और उस दिन तक भगवान भोलेनाथ ही उसे पहुंचने नहीं दे रहे. लेकिन क्यों? ऐसा क्या हो गया कि रंजन को रोज 29 तारीख का दिन जीना पड़ रहा है और कैसे वो अपनी भूल चूक की माफी मांगेगा, यही फिल्म में देखने वाली बात है.

ट्रेलर में देखकर जितना लग रहा है राजकुमार राव, रंजन के किरदार में उससे ज्यादा बेहतर हैं. चुलबुले, खिसियाए हुए, उत्साहित और परेशान, रंजन के हर इमोशन को राजकुमार ने पकड़ा है. ऐसा कम ही होता है जब राजकुमार राव अपनी परफॉरमेंस से दर्शकों को इंप्रेस न करें. ‘श्रीकांत’ से लेकर ‘स्त्री’ तक, उनकी रेंज लाजवाब है. एक बार फिर उन्हें कॉमेडी फिल्म में देखना बढ़िया रहा. पिक्चर में तितली बनीं वामिका गब्बी ने उनका भरपूर साथ दिया. तितली एकदम चुलबुली और पगलैट लड़की है, जिसके रोल को वामिका ने बखूबी निभाया है. उनकी बड़ी-बड़ी आंखें आपको अपने साथ बांधे रखती हैं. उनके मुंह से निकली बातों के साथ-साथ उनके इमोशन उनकी आंखों से भी पढ़े जा सकते हैं.

इस पिक्चर में ढेरों सपोर्टिंग एक्टर्स को लिया गया है. रघुबीर यादव से लेकर सीमा पाहवा, जाहिर हुसैन, इश्तियाक खान, जय ठक्कर, संजय मिश्रा, विनीत कुमार, अर्चना शुक्ला और धीरेंद्र गौतम जैसे बढ़िया एक्टर्स इस फिल्म का हिस्सा हैं. सभी ने अपने किरदारों को बखूबी निभाया है.

डायरेक्टर करण शर्मा ने ‘भूल चूक माफ’ को काफी अच्छे से बनाया है. उन्होंने इस फिल्म को लिखा भी है और पिक्चर की कहानी काफी मजेदार है. फिल्म की ताकत इसके डायलॉग और किरदारों के बीच की जुगलबंदी है. वहीं इसकी सबसे बड़ी कमी इसके गाने हैं. देखकर लगता है कि हर दो सीन के बाद गाना आ रहा है, जिसकी जरूरत नहीं थी. इससे फिल्म का मजा खराब होता और लय टूटती है. पिक्चर की एडिटिंग और सिनेमैटोग्राफी बढ़िया है. आपको बनारस की गलियों और लोगों के बीच का अपनापन देखने को मिलेगा, जो आपको बोर नहीं करता. 121 मिनट की ‘भूल चूक माफ’ फुल ऑन फैमिली एंटरटेनर है. इसमें हर फिल्म की तरह कमियां हैं, लेकिन अगर आप उन्हें इग्नोर करें तो इसे अच्छे से एन्जॉय कर पाएंगे.

NATIONAL : जिंदल कंपनी में 36 घंटे से धधक रही आग, प्रोपेन गैस टैंक को लेकर प्रशासन सतर्क

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नासिक के इगतपुरी तालुका के मुंढेगांव में स्थित जिंदल कंपनी में लगी भीषण आग 36 घंटे बाद भी नहीं बुझ सकी है. प्रोपेन गैस टैंक की सुरक्षा को देखते हुए एक किलोमीटर के दायरे में इलाका खाली कराया गया है. आग के कारण पॉलीएस्टर यूनिट और पॉलीप्रोपाइलीन मटेरियल जलकर खाक हो चुके हैं. एनडीआरएफ और फायर ब्रिगेड की टीमें लगातार प्रयास में जुटी हैं.

नासिक जिले के इगतपुरी तालुका के मुंढेगांव में स्थित जिंदल कंपनी में 21 मई की रात भीषण आग लग गई थी, जिसे 36 घंटे बीत जाने के बावजूद अब तक बुझाया नहीं जा सका है. आग लगातार फैल रही है और उससे उठते काले धुएं का गुबार आकाश में दिखाई दे रहा है.कंपनी में पॉलीएस्टर, पॉलीप्रोपाइलीन, पेट्रोल, डीजल और प्रोपेन जैसी ज्वलनशील चीजें बड़ी मात्रा में मौजूद हैं. इसी वजह से आग पर काबू पाना मुश्किल हो रहा है. नासिक, ठाणे, पुणे, पिंपरी चिंचवड और संभाजीनगर से 20 से ज्यादा फायर ब्रिगेड गाड़ियां मौके पर पहुंच चुकी हैं. एनडीआरएफ और सीबीआरएन की टीमें भी राहत कार्य में लगी हैं.

जिला कलेक्टर जलज शर्मा ने बताया कि आग को देखते हुए एक किलोमीटर का इलाका खाली कराया गया है. पास के मुंढेगांव को पूरी तरह खाली किया गया है. यदि स्थिति बिगड़ती है तो 15 गांवों को खाली करने की योजना है.हालांकि अब तक किसी की जान को नुकसान नहीं हुआ है. केवल दो कर्मचारियों को मामूली चोटें आई हैं. प्रोपेन गैस टैंक सुरक्षित है और उसका प्रेशर लगातार मॉनिटर किया जा रहा है. प्रशासन मिट्टी से सुरक्षा दीवार बनाकर एक सेफ्टी जोन तैयार कर रहा है.

 

ENTERTAINMENT : जैस्मिन को ‘छपरी’ कहने पर ट्रोल हुए थे अली गोनी, एक्टर ने दिया अब करारा जवाब, लिखा- ‘ये फनी…’

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हाल ही में अली गोनी ने अपनी लेडी लव जैस्मिन भसीन को मजाक में छपरी कह दिया था. इसकी वजह से उन्हें काफी ट्रोल किया गया. वहीं अब एक्टर ने भी ट्रोल्स को जवाब दिया है.

अली गोनी और जैस्मिन भसीन टीवी के मोस्ट पॉपुलर कपल हैं. दोनों की लव स्टोरी बिग बॉस में शुरू हुई थी और फिर शो से बाहर आने के बाद इनका रिश्ता हर गुजरते दिन के साथ और गहरा होता चला गया. फैंस भी इस जोड़ी को खूब प्यार करते हैं और दोनों की शादी का इंतजार भी कर रहे हैं. इन सबके बीच अली गोनी को जैस्मिन को हाल ही में मजाक में छपरी कह दिया था लेकिन इस वजह से एक्टर को काफी ट्रोल किया गया. हालांकि अली ने भी अब ट्रोल्स को करारा जवाब दिया है.

जैस्मीन भसीन को मज़ाक में ‘छपरी’ कहने के लिए अली गोनी को कड़ी ट्रोलिंग का सामना करना पड़ा था. अब लाफ्टर शेफ़्स 2 एक्टर ने ट्रोल्स को मुंहतोड़ जवाब देते हुए अपने इंस्टाग्राम पर एक पैपराज़ी अकाउंट से एक पोस्ट को रीशेयर शेयर किया है. पोस्ट की हेडलाइन में लिखा था, “जैसली ने एक-दूसरे को छपरी कहा, इंटरनेट ने उनके ‘छपरी’ गेम के लिए उनकी खिंचाई की, कहा ‘ये फनी नहीं है.” इसके जवाब में, अली ने कई हंसी वाले इमोजी एड करते हुए जैस्मीन को टैग किया और लिखा, “ये फनी नहीं है,”. जैस्मीन ने भी पोस्ट को रीशेयर करते हुए कमेंट किया, “लेकिन ये फनी होना चाहिए था.”

हाल ही में, अली ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरीज पर जैस्मीन की एक पुरानी तस्वीर शेयर की, जिसमें वह व्हाइट क्रॉप-टॉप और जींस में पोज देती नजर आ रही थीं. फोटो शेयर करते हुए, अली ने पूछा, “क्या जैस्मीन छपरी है.” और एक हंसी वाला इमोजी बनाया, जैस्मीन ने Dली का एक स्केच भी शेयर किया और लिखा, “क्या एली छपरी है.”।.भले ही अली सोशल मीडिया पर अपनी लेडीलव के साथ मस्ती कर रहे थे, लेकिन “छपरी” कमेंट नेटिज़न्स को पसंद नहीं आया. कई यूजर्स ने Reddit पर अभिनेता की उनके शब्द के लिए निंदा की. कई ने पब्लिक प्लेटफॉर्म पर अपनी गर्लफ्रेंड का अनादर करने के लिए उनकी आलोचना की, वहीं कई ने अभिनेता को “रेड फ्लैग” कहा.

 

NATIONAL : नहीं लाई दहेज तो ससुराल वालों ने ले ली बहू की जान, बोरे में डालकर छुपा दिया गन्ने के खेत में

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सहारनपुर के थाना नानौता की पुलिस ने दहेज हत्या के एक गंभीर मामले में पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार किया है.मृतक 22 साल की अनीता मुजफ्फरनगर के वेलहना गांव की रहने वाली थी और उसने एक साल पहले विशाल नाम के युवक से प्रेम विवाह किया था. आरोप है कि ससुराल वालों ने दहेज के लिए उसकी हत्या कर दी .

 

उत्तर प्रदेश में सहारनपुर के थाना नानौता की पुलिस ने दहेज हत्या के एक गंभीर मामले में पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार किया है. दरअसल, बीते 20 मई के रामपाल नाम के व्यक्ति ने थाना नानौता में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसकी पुत्री अनिता उर्फ निकिता को दहेज की मांग को लेकर प्रताड़ित किया गया और अब हत्या कर शव को बोरे में भरकर खेत में फेंक दिया गया है.

मृतक 22 साल की अनीता मुजफ्फरनगर के वेलहना गांव की रहने वाली थी और उसने एक साल पहले विशाल नाम के युवक से प्रेम विवाह किया था. तीन दिन पहले ही विशाल उसे अपने गांव लेकर आया था, लेकिन उसके घरवाले इस रिश्ते से खुश नहीं थे, क्योंकि शादी में कुछ दहेज नहीं मिला था. बार-बार इसी बात को लेकर लड़ाई झगड़ा हुआ करता था. उस दिन भी लड़ाई झगड़े में ही बहू की गला घोंटकर हत्या कर दी गई. इसके बाद ससुराल वाले फरार हो गए. मृतक महिला के परिजनों द्वारा पुलिस को दिए तहरीर के आधार पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया था.

पुलिस ने निकिता के पति विशाल पुत्र ओमपाल एवं उसकी ननद आरती उर्फ सोनिया पुत्री ओमपाल के खिलाफ मामला दर्ज किया है. वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सहारनपुर द्वारा तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए. इसी क्रम में पुलिस अधीक्षक ग्रामीण, क्षेत्राधिकारी गंगोह के पर्यवेक्षण में थाना प्रभारी के नेतृत्व में पुलिस टीम ने 21 मई को मुखबिर की सूचना पर आरोपी आरती उर्फ सोनिया को ग्राम सोनाअर्जुनपुर मोड़ से गिरफ्तार किया.

आरती ने पूछताछ करने पर बताया कि उसके भाई विशाल का अनिता से प्रेम विवाह हुआ था, जिसमें लड़की वालों ने कुछ भी नहीं दिया था. इसी बात को लेकर परिवार में अक्सर झगड़े होते थे. 19 मई को हुए झगड़े में अनिता की हत्या कर दी गई और शव को प्लास्टिक के कट्टे में भरकर ईख के खेत में छिपा दिया गया. जब पुलिस द्वारा शव की बरामदगी की जानकारी मिली तो डर के कारण वह भाग रही थी, उसी दौरान पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया. अभियुक्ता के विरुद्ध विधिक कार्यवाही पूर्ण कर उसे न्यायालय में प्रस्तुत किया जा रहा है.

NATIONAL : ‘मैं चाहूं तो भी ज्योति का केस नहीं लड़ पाऊंगा…’ आंखों में आंसू लिए पिता का छलका दर्द, बताई वजह

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ज्योति के पिता हरीश मल्होत्रा कहते हैं कि मेरी बड़ी पीड़ा ये है कि वह अपनी बेटी के पक्ष में कोर्ट में लड़ाई नहीं लड़ सकते, क्योंकि मेरे पास इतने पैसे नहीं हैं कि किसी अच्छे वकील को कर सकूं. मैं चाहूं भी तो केस नहीं लड़ पाऊंगा. हरीश बताते हैं कि ज्योति की गिरफ्तारी के बाद से अब तक न तो वह अपनी बेटी से मिल पाए हैं और न ही बात कर सके हैं.

‘अगर मैं चाहूं तो भी अपनी बेटी का केस नहीं लड़ पाऊंगा…’ यह शब्द हैं उस पिता के, जिसकी बेटी पर पाकिस्तान के लिए जासूसी करने जैसे संगीन आरोप लगे हैं. जी हां, ज्योति मल्होत्रा के पिता हरीश ने मीडिया से बातचीत में अपना दर्द बयां किया है.

हरीश मल्होत्रा कहते हैं कि मेरी बड़ी पीड़ा ये है कि वह अपनी बेटी के पक्ष में कोर्ट में लड़ाई नहीं लड़ सकते, क्योंकि मेरे पास इतने पैसे नहीं हैं कि किसी अच्छे वकील को कर सकूं. मैं चाहूं भी तो केस नहीं लड़ पाऊंगा. यह कहते हुए उनकी आंखें भर आती हैं. हरीश बताते हैं कि ज्योति की गिरफ्तारी के बाद से अब तक न तो वह अपनी बेटी से मिल पाए हैं और न ही बात कर सके हैं. उनका कहना है कि पुलिस उनके घर से जो भी सामान अपने साथ ले गई उसमें से कुछ भी वापस नहीं मिला है. ज्योति अपने साथ जी डायरी रखती थी उसके बारे में भी कोई जानकारी नहीं है. वह बताते हैं कि पिछले ढाई साल से वह अपनी वीडियो बनाकर यूट्यूब पर अपलोड करती आ रही थी.

कुछ दिन पहले आजतक से बातचीत में जब उनसे पूछा गया कि अगर ज्योति ने गलती की है तो क्या उसे सजा मिलनी चाहिए, तो उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि गलती की है तो सजा तो मिलेगी ही. मेरे कहने से क्या फर्क पड़ेगा? उन्होंने कहा कि उन्हें कभी यह आभास नहीं हुआ कि उनकी बेटी कुछ गलत कर रही है या किसी संदिग्ध संगत में है. हरीश मल्होत्रा ने बताया कि उन्हें अपनी बेटी के यूट्यूब चैनल के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं थी.

उनका कंहना है कि मेरे पास तो एक छोटा सा फोन है, जिसमें न फोटो खुलते हैं, न वीडियो. मुझे किसी ने बताया भी नहीं. पिता ने बताया कि ज्योति लॉकडाउन से पहले प्राइवेट नौकरी के लिए दिल्ली गई थी लेकिन महामारी के बाद घर लौट आई थी.हरीश मल्होत्रा ने बताया कि ज्योति हमेशा उनका देखभाल करती थी, लेकिन गिरफ्तारी के बाद से उन्हें पुलिस से कोई सूचना नहीं मिली. हरीश का कहना था कि पुलिस न तो घर आई, न ही थाने बुलाया. मुझसे कोई बात नहीं की गई. अपनी व्यथा साझा करते हुए अंत में उन्होंने कहा कि मैं क्या कहूं… जो होगा, ठीक ही होगा.

सूत्रों के मुताबिक, पुलिस का कहना है कि कांफ्लिक्ट के समय भी ज्योति PIO (पाकिस्तान इंटेलिजेंस ऑपरेटिव) के संपर्क में बनी हुई थी, पुलिस ने ज्योति से जब्त तीन मोबाइल फोन और एक लैपटॉप की फॉरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार कर रही है. एक से दो दिन के भीतर रिपोर्ट आने की उम्मीद जताई जा रही है. इस रिपोर्ट के आधार पर पुलिस अगली रिमांड में ज्योति से प्रत्यक्ष आमना-सामना कराएगी. ज्योति को अब चार दिन और अदालती रिमांड पर भेजा गया है. इस दौरान पुलिस का पूरा ध्यान फॉरेंसिक साक्ष्यों और डिजिटल गतिविधियों के आधार पर पूछताछ पर रहेगा. पुलिस का दावा है कि ज्योति को जिन किरदारों और संपर्कों की जानकारी थी, वह सबकुछ जानते हुए भी PIO के संपर्क में बनी रही.

सूत्रों के अनुसार, जिन-जिन राज्यों में ज्योति गई थी, वहां की पुलिस ने हिसार पुलिस से संपर्क साधा है. जरूरत पड़ने पर अन्य राज्यों में भी पूछताछ की जा सकती है. कल पेश किए गए रिमांड पेपर में भी पुलिस ने बहुत सीमित जानकारियां दर्ज की हैं. सूत्रों का मानना है कि पुलिस जांच की गोपनीयता बनाए रखना चाहती है, इसलिए अभी तक सार्वजनिक रूप से कोई ठोस बयान नहीं दिया गया है.

NATIONAL : भोपाल-इंदौर हाइवे पर हाई स्पीड कार सड़क से उतर पेड़ में जा घुसी, 3 दोस्तों की मौके पर ही मौत

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भोपाल-इंदौर हाइवे पर तेज रफ्तार कार सड़क से उतरकर पेड़ से टकरा गई. हादसे में कार सवार 4 दोस्तों में से 3 की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक गंभीर रूप से घायल है.मध्य प्रदेश के भोपाल-इंदौर हाइवे पर बैरागढ़ के आगे भैंसाखेड़ी इलाके में गुरुवार देर रात एक भीषण सड़क हादसा हुआ, जिसमें तेज रफ्तार कार सड़क से उतरकर पेड़ से टकरा गई. हादसे में कार सवार 4 दोस्तों में से 3 की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक गंभीर रूप से घायल है. पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है.

शुरुआती जांच में पता चला कि ह्यूंडई वेन्यू कार तेज रफ्तार से आ रही थी और चालक नियंत्रण खो बैठा, जिससे कार सड़क किनारे पेड़ से टकराकर चकनाचूर हो गई. हादसे में विशाल दबी (25), पंकज सिसोदिया (25), और प्रीत आहूजा की मौके पर ही मौत हो गई. घायल राहुल कंडारे (27) को अस्पताल में भर्ती कराया गया है.

हादसे की जानकारी के अनुसार, कार कमलेश आहूजा की थी, जिसे उनका दोस्त प्रीत आहूजा चला रहा था. विशाल दबी ड्राइवर के बगल वाली सीट पर था, जबकि राहुल कंडारे और कमलेश आहूजा पीछे बैठे थे. चारों दोस्त गुरुवार देर शाम सीहोर के एक ढाबे पर खाना खाने गए थे. सीहोर से भोपाल लौटते समय यह हादसा हुआ.

मृतकों में विशाल दबी कपड़े की दुकान पर काम करता था, पंकज सिसोदिया मैकेनिक था और प्रीत आहूजा की खुद की कपड़े की दुकान थी. घायल राहुल कंडारे भी कपड़े की दुकान पर काम करता है.

स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि हादसे की सूचना देने के बावजूद पुलिस और एम्बुलेंस मौके पर देरी से पहुंची. पुलिस ने हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी है और तेज रफ्तार को प्राथमिक वजह माना जा रहा है.

 

DELHI : कैंपस में हिंसा पर जामिया सख्त… 7 छात्र निष्कासित, 20 से ज्यादा को जारी किया कारण बताओ नोटिस

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25 अप्रैल को कैंपस के अंदर हुई हिंसा मामले में एक्शन लेते हुए जामिया प्रशासन ने 7 छात्रों को निष्कासित कर दिया है और 20 से ज्यादा छात्रों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है. प्रशासन का कहना है कि कैंपस में हुई हिंसा से विश्वविद्यालय की छवि धूमिल हुई है.

दिल्ली स्थित जामिया मिल्लिया इस्लामिया ने पिछले महीने कैंपस में हुई हिंसक झड़प में मामले में एक्शन लेते हुए सात छात्रों को निष्कासित कर दिया है और 20 से ज्यादा छात्रों को कारण बताओं नोटिस जारी किया है. इस घटना ने यूनिवर्सिटी की शैक्षणिक एक्टिविटी को बाधित किया और इस घटना में कई छात्र घायल हुए थे. साथ ही विश्वविद्यालय ने इस घटना के बाद अपने चीफ प्रॉक्टर को भी बदल दिया है.

यूनिवर्सिटी द्वारा निष्कासित छात्रों में तीन छात्रों को तीन-तीन साल के लिए तथा चार को एक-एक साल के लिए निष्कासित किया गया है. वहीं, इस मामले पर जामिया प्रशासन की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं दी गई है.

दरअसल, 25 अप्रैल को दीन दयाल उपाध्याय कौशल सेंटर के पास विश्वविद्यालय के गेट नंबर 8 के अंदर हिंसक झड़प हुई. बताया जाता है कि मामूली कहासुनी दो छात्र समूहों के बीच एक बड़े संघर्ष में बदल गई. कथित तौर पर झड़प दक्षिण परिसर से गेट नंबर 7 के माध्यम से उत्तर परिसर तक फैल गई. विश्वविद्यालय के अनुसार, कई छात्रों और कर्मचारियों के साथ मारपीट की गई और पुस्तकालय समेत विश्वविद्यालय की संपत्ति को निशाना बनाया गया.

विश्वविद्यालय द्वारा जारी अनुशासनात्मक नोटिस के अनुसार, ‘छात्रों के दो समूहों के बीच झगड़ा हुआ जो जल्द ही एक बड़े पैमाने पर दंगे और भीड़ हिंसा में बदल गया.’कैंपस के लोकप्रिय स्थान ‘हाइजेनिक पॉइंट’ कैफे के पास ये हिंसा भड़की. नोटिस में कहा गया, ‘दंगाई समूहों ने एक-दूसरे पर पत्थर और ईंटें फेंकी. इसमें शामिल छात्रों और बाहरी लोगों के पास लाठियां, बांस के डंडे, पत्थर और अन्य खतरनाक हथियार भी थे.’

भीड़ ने कथित तौर पर अभद्र भाषा का भी इस्तेमाल किया और अन्य छात्रों, कर्मचारियों और आगंतुकों को डराने की कोशिश की. सुरक्षा कर्मचारियों और विश्वविद्यालय के अधिकारियों ने हस्तक्षेप किया, जिन्हें प्रतिरोध और कथित तौर पर हमले का सामना करना पड़ा.

एक नोटिस में कहा गया है, ‘भीड़ ने गालियां दीं, असंसदीय भाषा का इस्तेमाल किया और ड्यूटी पर तैनात कुछ सुरक्षाकर्मियों पर भी हमला किया.’कई घंटों तक चली हिंसा में दोनों प्रतिद्वंद्वी समूहों के छात्रों ने एक-दूसरे और छात्र समुदाय, कर्मचारियों, संकाय सदस्यों को निशाना बनाने के लिए लाठी, लाठियों, पत्थरों और ईंटों का इस्तेमाल किया.

विश्वविद्यालय ने अपने शैक्षणिक माहौल में उत्पन्न व्यवधान को उजागर करते हुए कहा कि हिंसा के कारण प्रैक्टिकल परीक्षाएं बाधित हुईं, लाइब्रेरी का कामकाज प्रभावित हुआ तथा कक्षा शिक्षण में बाधा उत्पन्न हुई.

नोटिस में आगे कहा गया कि इस घटना के कारण ‘बड़े पैमाने पर मीडिया रिपोर्टिंग हुई, जिससे जनता की नजरों में विश्वविद्यालय की छवि धूमिल हुई.’विश्वविद्यालय ने कहा कि सीसीटीवी फुटेज, ग्राउंड स्टाफ के प्रत्यक्षदर्शी बयानों और विश्वविद्यालय के रिकॉर्ड के आधार पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की है. कुछ मामलों में छात्रों की पिछली अनुशासनहीनता को भी आधार बनाया गया.

नोटिस में कहा गया, ‘आप पहले भी अनुशासनहीनता के कारणों में शामिल रहे हैं, जिनके लिए कारण बताओ नोटिस जारी किए गए थे और जुर्माना भी लगाया गया था.’

विश्वविद्यालय ने इसमें शामिल छात्रों से औपचारिक रूप से जवाब मांगा है. नोटिस में चेतावनी दी गई है कि, ‘अपराध की गंभीरता और कैंपस में आपके द्वारा की गई अनुशासनहीनता को ध्यान में रखते हुए, सक्षम प्राधिकारी ने आपको यह बताने का निर्देश दिया है कि जामिया मिलिया इस्लामिया के नियमों और विनियमों के अनुसार आपके खिलाफ कार्रवाई क्यों न की जाए.’

इस घटना के बाद विश्वविद्यालय ने अपने चीफ प्रॉक्टर को भी बदल दिया है. अधिसूचना में कहा गया है, ‘ये अधिसूचित किया जाता है कि आदेश संख्या Gen-125/JMI/RO/E-1/2025 दिनांक 06.05.2025 के अनुसार, प्रोफेसर मोहम्मद असद मलिक, विधि संकाय, जेएमआई ने 07.05.2025 (पूर्वाह्न) को चीफ प्रॉक्टर, जेएमआई का पदभार ग्रहण कर लिया है.’

MAHARASHTRA : शराबी पति से तंग महिला ने प्रेमी संग रची किडनैपिंग और हत्या की साजिश, दोनों गिरफ्तार

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महाराष्ट्र के नवी मुंबई में एक महिला ने शराबी पति से तंग आकर अपने प्रेमी के साथ मिलकर उसकी हत्या की साजिश रच डाली. महिला और उसका प्रेमी पति को अगवा कर ठाणे में मरने के लिए छोड़ आए, लेकिन वह बच गया. पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया है. कुछ दिनों तक वाघमारे के घर नहीं लौटने पर उसकी पत्नी ने खुद को निर्दोष दिखाने के लिए पुलिस में शिकायत की लेकिन उसकी चालाकी पकड़ी गई.

महाराष्ट्र के नवी मुंबई में एक 28 साल की महिला और उसके प्रेमी को उसके पति का अपहरण कर हत्या की साजिश रचने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है. महिला अपने पति की शराब की लत और मारपीट से तंग आ चुकी थी. हालांकि पीड़ित पति इस घटना में बाल-बाल बच गया.

न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक पुलिस ने बताया कि पीड़ित की पहचान 30 साल के कालिदास वाघमारे के रूप में हुई है जो अंबेडकर नगर झुग्गी बस्ती में रहता है. पहले वाघमारे के लापता होने पर पुलिस ने मिसिंग रिपोर्ट दर्ज की थी लेकिन जब मामले की सच्चाई सामने आई, तो इसे आपराधिक मामले में बदल दिया गया.

जांच के दौरान पता चला कि वाघमारे शराब का आदी था और नशे में अक्सर अपनी पत्नी के साथ मारपीट करता था. इससे परेशान होकर महिला ने अपने प्रेमी सुरेश हरिप्रसाद यादव (24), जो एक ऑटोरिक्शा चालक है, उसके साथ मिलकर पति से छुटकारा पाने की साजिश रची.

पुलिस अधिकारी के अनुसार, 16 मई को आरोपी यादव पीड़ित के घर गया और उसे घर की चाबी देने के बहाने बाहर बुलाया. दोनों ने थोड़ी देर बातचीत की. इसके बाद यादव ने वाघमारे को अपने ऑटो में बैठाया और उसे शराब पिलाई. फिर वह उसे ठाणे शहर के बालकुम इलाके में ले गया और वहां मरने के लिए छोड़ दिया.

कुछ दिनों तक वाघमारे के घर नहीं लौटने पर उसकी पत्नी ने खुद को निर्दोष दिखाने के लिए पुलिस में शिकायत की, लेकिन जब पुलिस ने जांच शुरू की तो सच्चाई सामने आ गई. 21 मई को इस मामले में एफआईआर दर्ज की गई और दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया.

 

UP : पेड़ के नीचे सो रहा था मजदूर, बरेली नगर निगम ने उसी पर उलट दी कीचड़ भरी ट्रॉली, दबकर मौत

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बरेली में नगर निगम कर्मचारियों की बड़ी लापरवाही देखने को मिली. यहां पर कर्मचारियों के गलती की वजह से एक नागरिक की मौत हो गई. दरअसल, कुछ कर्मचारियों ने बिना नीचे देखे कीचड़ की ट्राली को पलट दिया जिसमें दबकर एक मजदूर की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई.

उत्तर प्रदेश के बरेली में नगर निगम कर्मचारियों की बड़ी लापरवाही देखने को मिली. यहां पर कर्मचारियों के गलती की वजह से एक नागरिक की मौत हो गई. बताया जा रहा है कि इन दिनों बरेली में नालों की सफाई चल रही है. नालों से निकल रही कीचड़ को शहर के बाहर फेंका जा रहा है.ऐसी ही एक प्रक्रिया के दौरान जो हुआ वह डराने वाला था.

दरअसल, कुछ कर्मचारियों ने बिना नीचे देखे कीचड़ की ट्राली को पलट दिया जिसमें दबकर एक मजदूर की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई. बताया जा रहा है 45 साल की सुनील कुमार अपने घर के पास ही पेड़ के नीचे आराम कर रहा था कि तभी ट्राली में कीचड़ लेकर आए मजदूरों ने पूरी गंदगी उसके ऊपर गिरा दी और उसकी मौके पर ही मौत हो गई. यह खबर लगते ही परिवार में कोहराम मच गया. परिवार में लोगों का रो-रो कर बुरा हाल है.

यह पूरी घटना बारादरी क्षेत्र के सतीपुर इलाके की बताई जा रही है. यहां पर नाले की साफ सफाई चल रही थी कि कुछ कर्मचारियों ने नाले से निकल गई कीचड़ की ट्राली सड़क किनारे पेड़ के नीचे आराम कर रहे सुनील कुमार पर गिरा दी जिसमें दबकर उसकी मौके पर ही मौत हो गई. लोगों ने देखा तो उसे लेकर अस्पताल भागे लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी.

बताया जा रहा है 45 साल के सुनील कुमार सब्जी बेचकर अपने परिवार का पालन पोषण करते थे. रोज की तरह वह काम पूरा करने के बाद दोपहर में पेड़ के नीचे आराम कर रहे थे कि तभी वहां पर नगर निगम की टीम आती है और ट्राली में भरी हुई गंदगी बिना देखे ही उनके ऊपर गिरा देती है. नगर निगम अधिकारी का कहना है कि मामले की जांच कराई जा रही है और लापरवाह ठेकेदार पर भी कार्रवाई की जाएगी.

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