Thursday, June 25, 2026
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NATIONAL : नक्सलियों को ढेर करने वाले जवानों का तिलक किया स्वागत, बस्तरिया गीत पर हुआ डांस

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देश के सबसे बड़े नक्सली को मार गिराने के बाद ऑपरेशन से लौटे जवानों का जश्न मनाते हुए वीडियो भी सामने आया है. वीडियो में देखा जा सकता है कि जवान खुशी में झूम रहे हैं. जवानों ने नक्सली बसव राजू सहित 27 नक्सलियों को मार गिराया.

छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) के नारायणपुर में नक्सलियों को ढेर करने वाले DRG के जवानों का तिलक लगाकर स्वागत किया गया. साढ़े तीन करोड़ रूपये के इनामी नक्सलियों को मारकर इतिहास रचा गया है. माओवादियों के टॉप लीडर नम्बाला केशव राव उर्फ़ बसवराजु को ढेर कर लौटे जवानों का जोश-ओ-ख़रोश के साथ अभिनंदर हुआ. देर रात बारिश के दौरान बस्तरिया गीत में DRG के जवान झूमते नजर आए.

देश के सबसे बड़े नक्सली को मार गिराने के बाद ऑपरेशन से लौटे जवानों का जश्न मनाते हुए वीडियो भी सामने आया है. वीडियो में देखा जा सकता है कि जवान खुशी में झूम रहे हैं. जवानों ने नक्सली बसव राजू सहित 27 नक्सलियों को मार गिराया.

सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि बसव राजू के कार्यकाल में माओवादी आंदोलन रणनीतिक रूप से कमजोर हुआ. हालांकि, वह सैन्य अभियानों के लिए जिम्मेदार रहा और बस्तर में कई बड़े हमलों की साजिश रचता रहा. सुरक्षा विशेषज्ञ और प्रोफेसर डॉ. गिरीशकांत पांडे बताते हैं, “बसवराजू एक सैन्य रणनीतिकार था लेकिन उसके पास राजनीतिक सोच का अभाव था. उसके नेतृत्व में माओवादी आंदोलन ने दिशा खो दी. यही वजह है कि माओवादी आंदोलन दिशा भटक गया. उसकी मौत माओवादी नेटवर्क की रीढ़ तोड़ने जैसा है.”

 

UP : लखनऊ में पड़ोसी ने किया डेढ़ साल की मासूम का रेप, खेलने के बहाने ले गया था घर

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लखनऊ में 1.5 साल की बच्ची के साथ दरिंदगी का मामला सामने आया है. ये घटना बीकेटी थाना क्षेत्र में हुई. यहां बच्ची का पड़ोसी उसको खेलाने के बहाने अपने घर ले और उसके साथ रेप को अंजाम दे दिया.

उत्तर प्रदेश के लखनऊ में 1.5 साल की बच्ची के साथ दरिंदगी का मामला सामने आया है. ये घटना बीकेटी थाना क्षेत्र में हुई. यहां बच्ची का पड़ोसी उसको खेलाने के बहाने अपने घर ले और उसके साथ रेप को अंजाम दे दिया. जब बच्ची चिल्लाई, तो उसकी मां दौड़कर पड़ोसी के घर पहुंची तो उसने बेटी के खून से लथपथ हालत में देखा. मौके पर पहुंचकर मां ने पड़ोसी से बच्ची की हालत के बारे में पूछा तो वह गाली गलौच करने लगा.

जितेंद्र दुबे एडीसीपी नार्थ जोन ने बताया कि महिला के पहुंचने पर आरोपी ने जातिसूचक गालियां देते हुए जान से मारने की धमकी दी. बच्ची के पिता ने थाने में शिकायत दर्ज कराई है, जिसके बाद आरोपी चंदन पांडे को गिरफ्तार कर लिया गया. पुलिस ने बच्ची को मेडिकल परीक्षण के लिए भेजा है, जिसकी रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी.

बता दें कि मासूम बच्चियों के साथ रेप और दरिंदगी के मामले थमने का नाम नहीं ले रहे. दो सप्ताह पहले ही उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले के सदर थाना क्षेत्र में चार साल की बच्ची का अपहरण कर उसके साथ बलात्कार किए जाने का सनसनीखेज मामला सामने आया था. पीड़िता की मां की तहरीर के आधार पर आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता और पॉक्सो एक्ट के तहत केस दर्ज कर लिया गया है. आरोपी की तलाश की जा रही है. पुलिस मामले की जांच कर रही है.

ये घटना उस समय हुई जब बच्ची अपनी मां के साथ सो रही थी. पीड़िता की मां ने बताया कि सुबह 5 बजे जब वो जागी तो उसने अपनी बेटी को गायब पाया. इसके बाद में बच्ची की मां उसकी तलाश करने लगी. कुछ दूर जाने के बाद उन्होंने देखा कि पीड़िता अचेतावस्था में पड़ी हुई. उसे आनन-फानन में अस्पताल ले जाया गया.

 

J-K: किश्तवाड़ में लगातार दूसरे दिन सेना का ऑपरेशन जारी, जंगलों में छिपे आतंकियों को तलाश रहे जवान

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भारतीय सेना के पैरा कमांडो, जम्मू-कश्मीर पुलिस के विशेष अभियान समूह (SOG) और CRPF की टीमें तलाशी अभियान चला रही हैं. आतंकवादी अब दो समूहों में बंट गए हैं.

जम्मू-कश्मीर (Jammu Kashmir) के किश्तवाड़ में गुरुवार को सुरक्षा बलों और आतंकवादियों के बीच मुठभेड़ शुरू हुई थी, इस दौरान 2 आतंकी ढेर हुए थे. महाराष्ट्र के एक सैन्यकर्मी संदीप पांडुरंग मुठभेड़ में शहीद हो गए थे. गुरुवार को जम्मू में शहीद हुए सेना के जवान को श्रद्धांजलि दी गई. 2 अन्य घायल सेना के जवानों का सैन्य अस्पताल में इलाज चल रहा है. कई आतंकी अभी भी फरार चल रहे हैं. सेना ऑपरेशन अभी भी जारी है.

सूत्रों के मुताबिक, चटरू के जंगल में 3 से 4 आतंकवादी छिपे हुए हैं. सेना के पैरा कमांडो, जम्मू-कश्मीर पुलिस के विशेष अभियान समूह (SOG) और CRPF की टीमें तलाशी अभियान चला रही हैं. आतंकवादी अब दो समूहों में बंट गए हैं. चटरू के सिंहपोरा और बेगपोरा गांवों में तलाशी जारी है. दोनों गांव सिर्फ 3 किलोमीटर की दूरी पर हैं.

13 अप्रैल को शोपियां के जिनपाथर केलर इलाके में लश्कर-ए-तैयबा के तीन आतंकवादी भी मारे गए. मारे गए तीनों आतंकवादियों में से दो की पहचान शोपियां के निवासी शाहिद कुट्टे और अदनान शफी के रूप में हुई. ये ऑपरेशन 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए घातक आतंकी हमले के बाद दक्षिण कश्मीर के कुछ हिस्सों में सुरक्षा प्रयासों में तेज़ी के बीच किए गए हैं. आतंकवाद पर बड़ी कार्रवाई के तहत, अधिकारियों ने जम्मू-कश्मीर में आतंकवादियों से जुड़ी संपत्तियों को ध्वस्त करना भी शुरू कर दिया है.

RAJASTHAN : 7 बार उम्रकैद, 1 बार फांसी और 50 से ज्यादा कत्ल… दिल दहला देगी इस सीरियल किलर की खौफनाक कहानी

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राजस्थान के दौसा में मौजूद है रामेश्वर धाम आश्रम. उस आश्रम में पिछले 6 महीने से दिल्ली पुलिस की एक टीम एक खास बाबा पर नजरें गड़ाई थी. उस बाबा की तलाश बीते पौने 2 सालों से दिल्ली पुलिस को थी.

उसे सात बार उम्रकैद की सजा मिली और एक बार फांसी की. लेकिन बावजूद इसके उस सीरियल किलर को दो बार पैरोल पर रिहा किया गया. ये कोई तीन-चार कत्ल करने वाला आम सीरियल किलर नहीं है. बल्कि वो एक ऐसा खूनी दरिंदा है, जिस पर पचास लोगों के कत्ल का इल्जाम है. कमाल की बात ये है कि दोनों ही बार पैरोल पर जेल से बाहर आने के बाद वो गायब हो गया. अब उसे तीसरी बार गिरफ्तार किया गया. ये खौफनाक कहानी उस ‘डॉक्टर डेथ’ की है, जिसके हाथों मारे गए पचास लोगों में से किसी एक की लाश भी आज तक नहीं मिली. वजह आपको हैरान कर देगी.

उत्तर प्रदेश के कासगंज में मौजूद है हजारा नदी. ये नदी अपने ऐतिहासिक पुल के लिए मशहूर है. जिसे झाल का पुल या नदरई का पुल भी कहा जाता है. कासगंज के मुहाने पर बसे नदरई गांव के करीब ये पुल अंग्रेजों ने बनाया था. दिखने में खूबसूरत इस हजारा नदी ने अपने बहते पानी के अंदर कितने ही मगरमच्छों को छुपा या पाल रखा है. देश की जितनी भी नदियां होंगी, उन तमाम नदियों के मुकाबले इस हजारा नदी में मौजूद मगरमच्छों ने शायद सबसे ज्यादा इंसानों को अपना निवाला बनाया होगा. कम से कम जिंदा नहीं तो मुर्दा इंसानों को निवाला बनाने का रिकॉर्ड शायद हजारा नदी के इन्हीं मगरमच्छों के नाम है.

इसी नदी से जुड़ा है देवेंद्र शर्मा का नाम, जिसे डॉक्टर पुलिस और मीडिया ‘डॉक्टर डेथ’ के नाम से ज्यादा पहचानते हैं. एक अकेले देवेंद्र शर्मा यानि डॉक्टर डेथ ने अपने हाथों से कम से कम 50 मुर्दा इंसानों को हजारा नदी में मौजूद उन मगरमच्छों का निवाला बनने के लिए फेंका था.

राजस्थान के दौसा में मौजूद है रामेश्वर धाम आश्रम. उस आश्रम में पिछले 6 महीने से दिल्ली पुलिस की एक टीम एक खास बाबा पर नजरें गड़ाई थी. उस बाबा की तलाश बीते पौने 2 सालों से दिल्ली पुलिस को थी. पुलिस उस बाबा के करीब तो थी, लेकिन दिक्कत ये थी कि उसका चेहरा और हाव-भाव इस कदर बदला हुआ था कि खुद पुलिस कनफ्यूज थी कि जिसकी तलाश में वो यहां तक आई है, क्या ये बाबा वही है? बढे बाल, बेतरतीब दाढ़ी और बूढ़ी उम्र ने उस शख्स का पूरा हुलिया बदल कर रख दिया था. जिसकी तलाश पुलिस को थी.

अब सिर्फ शक की बिनाह पर एक आश्रम के अंदर एक बाबा पर हाथ डालना मुश्किल भरा काम था. लिहाजा, पुलिस ने उस बाबा की पुरानी तस्वीर और वीडियो के जरिए खास तौर पर उसकी आंखें और नाक से उसका मिलान करना शुरू किया. दरअसल, बढ़ती उम्र या बदले हुलिए के बावजूद आंखें ही वो चीज हैं, जिनसे किसी शख्स को आसानी से पकड़ा जाता है. क्योंकि आंखें बदलती नहीं हैं. ठीक इसी तरह नाक का नक्शा भी बदलता नहीं है. और बस इन्हीं आंखों और नाक से जब बाबा की असलियत पुख्ता हो गई, तो बीते रविवार को इसी आश्रम और उसके इर्द-गिर्द लंबे वक्त से इंतजार कर रहे पुलिस वालों को आखिरकार पौने 2 साल बाद कामयाबी मिल ही गई.

50 या शायद उससे ज्यादा कत्ल करने वाला सीरियल किलर, दो-दो पैरोल जंप कर भागने वाला, सात-सात उम्र कैद और एक सजा एक मौत का मुजरिम देवेंद्र शर्मा उर्फ डॉक्टर डेथ अब तीसरी बार पुलिस के शिकंजे में आ चुका था. 67 साल का देवेंद्र शर्मा वो सीरियल किलर है, जिसने 1998 से 2004 यानी सिर्फ 6 सालों में 50 या शायद उससे भी ज्यादा लोगों के कत्ल किए. देवेंद्र शर्मा एक आर्युवेदिक डॉक्टर था, घर अलीगढ़ में था लेकिन बाद में उसने राजस्थान के बांदीकुई की जनता क्लिनिक में प्रैक्टिस शुरू कर दी. करीब 11 साल तक वो जनता क्लिनिक में प्रैक्टिस करता रहा. इस दौरान उसने प्रैक्टिस से जो पैसे कमाए, उन पैसों से उसने एक गैस कंपनी की डीलरशिप लेने की कोशिश की. लेकिन साल 1994 में उसकी सारी जमा पूंजी करीब 11 लाख रुपये डीलरशिप के नाम पर कुछ लोगों ने ठग लिए.

इसी के बाद अब देवेंद्र शर्मा वापस अलीगढ़ लौटा. उसकी दोस्ती दिल्ली के एक दूसरे डॉक्टर से हुई. उस डॉक्टर के साथ मिलकर अब उसने किडनी ट्रांसप्लांट का रैकेट शुरू कर दिया. एक किडनी ट्रांसप्लांट से उसे और उसके साथी डॉक्टर को 5 से 7 लाख रुपये मिला करते थे. ये धंधा चल पड़ा, लेकिन किडनी के मरीजों की तादाद ज्यादा थी और डोनर या पैसे लेकर अपनी किडनी देने वाले कम. बस यहीं से देवेंद्र शर्मा के दिमाग में एक खौफनाक आइडिया आया.

इसी आइडिया के तहत उसने अलीगढ़ में सबसे पहले एक फर्जी गैस एजेंसी खोली. इसी गैस एजेंसी के नाम पर अब वो ट्रक बुक करने लगा. खास कर वो ट्रक जिसमें गैस सिलिंडर हुआ करता था. अलीगढ़ के 50-60 किलोमीटर के दायरे में ही मौका देख कर वो ट्रक ड्राइवर को मार डालता. सिलिंडर चुरा लेता और फिर ट्रक ड्राइवर की लाश इसी हजारा नदी में लाकर फेंक देता. क्योंकि उसे पता था कि इस नदी में इतने मगरमच्छ हैं कि कभी किसी की लाश मिलेगी ही नहीं.

पर कुछ वक्त बाद ही देवेंद्र को अहसास हुआ कि ट्रक वाला मामला आगे चल कर उसके लिए खतरा बन सकता है. लिहाजा, अब उसने काम का तरीका बदला. अब उसने टैक्सी बुक करानी शुरू कर दी. फिर टैक्सी जैसे ही इसी हजारा नदी या उसके आस-पास से गुजरती, मौका देख कर वो टैक्सी ड्राइवर को मार डालता. फिर उसकी लाश इसी हजारा नदी में मगरमच्छ का निवाला बनने के लिए फेंक देता. जबकि उसकी टैक्सी को ले जाकर ब्लैक मार्केट में औने-पौने दामों पर बेच देता.

ऐसे ही एक टैक्सी ड्राइवर के कत्ल की कोशिश के दौरान 2004 में आखिरकार देवेंद्र शर्मा पकड़ा गया. उसकी गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने जब तफ्तीश की, तो पाया कि देवेंद्र कुल 21 टैक्सी ड्राइवर का कत्ल कर चुका है. इसीलिए शुरुआत में पुलिस ने देवेंद्र शर्मा के खिलाफ 21 कत्ल का मामला बनाया. लेकिन तब पुलिस हैरान रह गई जब गिरफ्तारी के बाद एक दिन खुद देवेंद्र शर्मा ने पुलिस के सामने ये खुलासा किया कि उसने 21 नहीं बल्कि टैक्सी और ट्रक ड्राइवरों को मिला कर करीब 50 कत्ल किए हैं. उसने ये भी बताया कि उसने हर कत्ल के बाद लाश को जानबूझ कर हजारा नदी में इसलिए फेंका, ताकि पुलिस कभी किसी लाश का सबूत ढूंढ ना पाए. उसके खुलासे के बाद हजारा नदी में तलाशी अभियान भी चलाया गया. लेकिन देवेंद्र शर्मा सही था. उसके हाथों मारे गए 50 में से 1 भी इंसान की लाश आज तक पुलिस को नहीं मिली.

बाद में मुकदमे की कार्रवाई शुरू हुई. चूंकि देवेंद्र शर्मा के हाथों मारे गए 1 भी शख्स की लाश नहीं मिली थी, लिहाजा, अदालत ने सिर्फ 7 मामलों में उसे उम्र कैद की सजा सुनाई. जबकि गुरुग्राम के एक मर्डर केस में अदालत ने उसे सजा-ए-मौत दी. बाकी मुकदमों का फैसला आना अभी बाकी है. देवेंद्र शर्मा ने जितनी भी टैक्सी बुक की थी, वो सारी टैक्सी दिल्ली और गुरुग्राम की थीं.

सात-सात उम्र कैद और एक सजा ए मौत पाने वाला सजायाफ्ता कैदी 2020 तक जयपुर सेंट्रल जेल में बंद था. जेल में उसके अच्छे चाल चलन की वजह से 2020 में ही उसे कुछ दिनों के पैरोल पर रिहा किया गया था. लेकिन पैरोल पर बाहर आया देवेंद्र शर्मा वापस फिर जेल गया ही नहीं. पैरोल पर फरारी के कुछ महीने बाद ही दिल्ली पुलिस को इंस्पेक्टर को मुखबिर से खबर मिली कि देवेंद्र शर्मा अपनी दूसरी बीवी के साथ नाम बदल कर दिल्ली में ही छुपा है. दिल्ली में अब उसने प्रॉपर्टी डीलर का काम शुरू कर दिया था. मुखबिर की खबर पर आखिरकार दिल्ली पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया. 2020 में हुई इस गिरफ्तारी के बाद से ही देवेंद्र शर्मा तिहाड़ जेल में बंद था.

3 साल बाद 2023 में एक बार फिर देवेंद्र शर्मा के अच्छे चाल चलन के चलते उसे दोबारा दो महीने की पैरोल मिल गई. ये पैरोल उसे 3 जून 2023 को मिली थी. कायदे से 2 अगस्त की शाम तक उसे वापस तिहाड़ जेल पहुंचना था. लेकिन देवेंद्र शर्मा एक बार फिर पुलिस और कानून को चकमा देने में कामयाब रहा. वो दूसरी बार पैरोल जंप कर भाग चुका था. अब दिल्ली पुलिस की एक स्पेशल टीम सिर्फ उसके पकड़ने के लिए बनाई जाती है. लगभग पौने 2 सालों तक देवेंद्र शर्मा पुलिस को छकाता रहता है. पर फिर आखिर में करीब 6 महीने पहले मिली एक जानकारी पुलिस को आखिरकार देवेंद्र शर्मा तक पहुंचा देती है.

असल में 2020 में जब देवेंद्र शर्मा पैरोल जंप कर भागा था, तब वो दौसा गया था और वहां दो लोगों से मिला था. दिल्ली पुलिस दौसा में उन दोनों लोगों पर बराबर नजर रखे हुए थी. छह महीने पहले लगभग ये पुख्ता जानकारी मिल चुकी थी कि वो दौसा में ही किसी आश्रम में है. छह महीने बाद आखिरकार दिल्ली पुलिस की टीम इस आश्रम में बाबा का भेष बना कर रह रहे देवेंद्र शर्मा का पता लगा लेती है और इस तरह डॉक्टर डेथ तीसरी बार कानून के शिकंजे में था.

पर सवाल ये है कि सात-सात उम्र कैद और एक फांसी की सजा पाए देवेंद्र शर्मा जैसे सीरियल किलर को दो-दो बार पैरोल कैसे मिली. वो भी तब जब पैरोल की पहली ही शर्त उसने पहली ही बार तोड़ दी थी. जब पैरोल की मियाद खत्म होने के बाद वो वापस जेल नहीं पहुंचा था. अगर आने वाले वक्त में भी जेल के अंदर उसका चाल चलन अच्छा होगा तो क्या सिर्फ इसी बिनाह पर ही उसे तीसरी बार भी पैरोल मिल जाएगी? ये सवाल गंभीर है.

 

NATIONAL : दिल्ली के कर्मचारियों को बड़ी राहत, रेखा गुप्ता सरकार ने छुट्टियां रद्द करने का आदेश लिया वापस

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दिल्ली सरकार सेवा विभाग ने 8 मई आदेश जारी कर ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव देखते हुए सभी कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द कर दी थीं. सरकार ने अपने आदेश को वापस लिया.

दिल्ली सरकार ने पाकिस्तान के साथ मई महीने की शुरुआत में हुए सैन्य संघर्ष के मद्देनजर अपने अधिकारियों की छुट्टियां रद्द करने के आदेश को बुधवार को वापस ले लिया. सीएम रेखा सरकार का यह फैसला कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत है. इस बाबत दिल्ली सरकार सेवा विभाग की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि अधिकारियों और कर्मचारियों की सभी छुट्टियां रद्द करने संबंधी 8 मई का पिछला आदेश तत्काल प्रभाव से वापस लिया जाता है.

दरअसल, आठ मई 2025 को दिल्ली सरकार सेवा विभाग ने एक आदेश जारी कर ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच सैन्य संघर्ष से उत्पन्न किसी भी आपातकालीन स्थिति के मद्देनजर अगले आदेश तक दिल्ली सरकार के सभी कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द कर दी थीं.

हालांकि, कुछ दिनों के बाद भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव में सुधार हुआ. उसके बाद 10 मई को दोनों देशों ने तत्काल प्रभाव से सैन्य कार्रवाई रोकने का फैसला किया.

भारतीय सशस्त्र बलों ने छह-सात मई की रात को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में नौ आतंकी ठिकानों पर हमला किया था. भारतीय सेना ने ये हमले 22 अप्रैल को पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में की थी. पहलगाम आतंकी हमले में 26 लोग मारे गए थे, जिनमें ज्यादातर पर्यटक थे.

भारतीय सेना ने आठ और नौ मई की रात को भी पाकिस्तान के सैन्य ठिकानों पर जबरदस्त हमले किए थे. नौ मई की रात को पाकिस्तान सेना के कई सैन्य एयरबेस को भारतीय सेना ने मिसाइल से हमला कर उसे ध्वस्त कर दिया. इस हमले के पाक सेना और वहां की सरकार ने युद्ध विराम का प्रस्ताव भारत सरकार के पास रखा.

 

NATIONAL : हिमाचल में ट्रेकिंग कर रही पोलैंड की महिला का पीछा कर रहे शख्स का Video बना कर किया वायरल

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हिमाचल प्रदेश में ट्रेकिंग कर रही पोलैंड की महिला कासिया ने एक व्यक्ति पर पीछा करने का आरोप लगाते हुए वीडियो शेयर किया है, जो वायरल हो गया है. महिला ने फोटो खिंचवाने से मना किया था, जिसके बाद वह व्यक्ति उनका पीछा करने लगा.

हिमाचल प्रदेश में ट्रेकिंग कर रही एक पोलैंड की महिला का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें वह एक आदमी पर आरोप लगा रही है कि वह उनका पीछा कर रहा था. यह घटना तब हुई जब महिला ने उस व्यक्ति के साथ फोटो खिंचवाने से मना कर दिया.कासिया नाम की यह महिला एक कंटेंट क्रिएटर हैं, जो भारत की अपनी सोलो यात्रा के फोटो, वीडियो इंस्टाग्राम पर शेयर करती है. कासिया ने बताया कि जब वह अपने गेस्टहाउस से पहाड़ी रास्ते पर नीचे जा रही थी, तभी एक व्यक्ति ने उन्हें रोका और फोटो खिंचवाने की बात कही. शुरू में उन्हें लगा कि वह व्यक्ति शायद उनसे अपनी फोटो खिंचवाने की बात कर रहा है, लेकिन बाद में स्पष्ट हुआ कि वह उनके साथ सेल्फी लेना चाहता है.

कासिया ने विनम्रता से मना कर दिया और कहा कि वह बात करने या फोटो लेने के मूड में नहीं हैं. उन्होंने लिखा, ‘भारत में काफी समय बिताने के बाद और कई अजनबियों के साथ फोटो खिंचवाने के बाद अब मेरा मन नहीं करता.’ लेकिन उस व्यक्ति ने उनके मना करने के बावजूद पीछा करना जारी रखा और हिंदी में चिल्लाने लगा. खुद को असहज महसूस करते हुए कासिया ने इस पूरी घटना का वीडियो बनाना शुरू कर दिया.

वीडियो में कासिया कहती दिखीं, ‘मैं तुम्हारे साथ फोटो नहीं खिंचवाना चाहती. मेरा पीछा मत करो, मुझे यह पसंद नहीं है.’ कैमरा देखते ही वह व्यक्ति नजरें चुराकर वहां से चला गया.

‘मैं कोई चिड़ियाघर का जानवर नहीं हूं’
बाद में कासिया ने वीडियो के साथ अपने अनुभव साझा करते हुए कहा, ‘मैं कोई चिड़ियाघर का जानवर नहीं हूं, जिससे लोग घूरते रहें और फोटो लें. कुछ पुरुषों से मेरी अपील है कि महिलाओं के प्रति ऐसा व्यवहार बंद करें.’

कासिया ने यह भी स्पष्ट किया कि वह सोलो ट्रैवलिंग बंद नहीं करेंगी. उन्होंने कहा कि उनकी मंशा भारत की छवि खराब करने की नहीं थी, बल्कि यह दिखाना था कि किसी भी देश में पुरुषों को महिलाओं के साथ ऐसा बर्ताव नहीं करना चाहिए.

BUSINESS : दिल्ली में 15 साल पुरानी पेट्रोल गाड़ियों को नहीं मिलेगा ईंधन, 1 जुलाई से लागू होगा नियम

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‘कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट’ (CAQM) ने दिल्ली सरकार को निर्देश दिया था कि 1 जुलाई से सभी ‘एंड ऑफ लाइफ’ (EoL) यानी तय उम्र पार कर चुकी गाड़ियों को फ्यूल देना बंद किया जाए. इसमें डीजल गाड़ियों के लिए 10 साल और पेट्रोल गाड़ियों के लिए 15 साल की समयसीमा तय की गई है.

दिल्ली सरकार ने प्रदूषण कम करने के लिए एक बड़ा फैसला लिया है. 1 जुलाई 2025 से दिल्ली में 10 साल से ज्यादा पुरानी डीजल गाड़ियों और 15 साल से पुरानी पेट्रोल गाड़ियों को पेट्रोल पंप पर ईंधन नहीं मिलेगा. इसके लिए दिल्ली के सभी पेट्रोल और सीएनजी पंपों पर ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन (ANPR) कैमरे लगाए जा रहे हैं.

दरअसल, अप्रैल 2025 में ‘कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट’ (CAQM) ने दिल्ली सरकार को निर्देश दिया था कि 1 जुलाई से सभी ‘एंड ऑफ लाइफ’ (EoL) यानी तय उम्र पार कर चुकी गाड़ियों को फ्यूल देना बंद किया जाए. इसमें डीजल गाड़ियों के लिए 10 साल और पेट्रोल गाड़ियों के लिए 15 साल की समयसीमा तय की गई है.

ANPR कैमरे गाड़ी की नंबर प्लेट पढ़कर उसकी उम्र की पहचान करेंगे. अगर कोई गाड़ी तय समय सीमा से ज्यादा पुरानी पाई गई, तो उसे ईंधन नहीं दिया जाएगा.

आगे क्या होगा?

– पुरानी गाड़ियों के मालिकों को एनओसी लेना होगा या गाड़ी को स्क्रैप करना होगा.
– मोटर व्हीकल एक्ट, 1989 के तहत कानूनी कार्रवाई भी हो सकती है.

परिवहन विभाग ने एक सार्वजनिक सूचना में कहा है कि अगर कोई वाहन कैमरे से या किसी अन्य निगरानी प्रणाली से पुराने वाहन के रूप में चिह्नित होता है, तो उसे फ्यूल नहीं मिलेगा. इसके अलावा वाहन मालिक को या तो उस गाड़ी एनओसी लेना होगा.

कैमरा इंस्टॉलेशन की स्थिति

अब तक लगभग सभी पेट्रोल और सीएनजी पंपों पर कैमरे लगाए जा चुके हैं. सिर्फ 10-15 पंप ही बचे हैं, जहां ये काम बाकी है. दिल्ली में लगभग 400 पेट्रोल पंप और 160 सीएनजी स्टेशन हैं.

Andhra Pradesh: अंतरराष्ट्रीय साइबर गैंग का भंडाफोड़, अमेजन कस्टमर केयर बनकर अमेरिकी नागरिकों से ठगी, 33 गिरफ्तार

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आंध्र प्रदेश के आनकापल्ली जिले की पुलिस ने अच्युतापुरम में एक अंतरराष्ट्रीय साइबर ठगी गिरोह का पर्दाफाश किया है. अमेजन कस्टमर केयर बनकर अमेरिकी नागरिकों से धोखाधड़ी की जा रही थी. पुलिस ने एक साथ तीन जगहों पर छापेमारी कर 33 लोगों को गिरफ्तार किया और हाई-टेक उपकरण, दस्तावेज और ₹3 लाख नकद जब्त किए हैं.

आंध्र प्रदेश के आनकापल्ली जिले की पुलिस ने अच्युतापुरम इलाके में एक बड़े अंतरराष्ट्रीय साइबर अपराध गिरोह का भंडाफोड़ किया है. यह गिरोह अमेरिकी नागरिकों को अमेजन ग्राहक सेवा अधिकारी बनकर ठग रहा था. पुलिस अधीक्षक के नेतृत्व में की गई इस कार्रवाई में एक साथ तीन स्थानों पर छापा मारा गया और 33 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है.

पुलिस ने मौके से कई कंप्यूटर सिस्टम, नेटवर्किंग डिवाइस, ₹3 लाख नकद, वाहन और अन्य सामग्री जब्त की. जिन जगहों पर छापे मारे गए, वहां कुछ लोग प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे थे. गिरफ्तार लोगों में HR से लेकर कॉल सेंटर मैनेजर तक शामिल हैं.

गिरोह के काम करने का तरीका बेहद योजनाबद्ध था. डायलर्स अमेरिकी नागरिकों को फर्जी VOIP कॉल करते थे. बैंकर्स अमेरिकी बैंकों या FTC अधिकारी बनकर जानकारी लेते थे. क्लोजर्स गिफ्ट कार्ड खरीदने के लिए मजबूर करते थे और कोड लेते थे. मैनेजर्स इन कार्डों को डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर बेचकर पैसा वैध करते थे.

गिरफ्तार लोगों में महाराष्ट्र का पंकित गोस्वामी और राजस्थान का अविहांत डागा भी शामिल हैं. यह गिरोह हर महीने करोड़ों रुपये की ठगी कर रहा था. पुलिस ने विभिन्न धाराओं के तहत FIR दर्ज की है जिनमें IT एक्ट की धारा 66C, 66D और IPC की धारा 420, 120B, 34 शामिल हैं. साइबर फॉरेंसिक टीमों की मदद से जांच जारी है ताकि गिरोह के सरगनाओं और अंतरराष्ट्रीय लिंक को उजागर किया जा सके.

GUJARAT : गुजरात में एशियाई शेरों की संख्या बढ़कर 891, गिर सेंचुरी के बाहर ज्यादा शेर, सरकार ने जारी किए नए आंकड़े

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CM भूपेंद्र पटेल ने शेरों की गिनती के बाद नए आंकड़े जारी किए. साल 2020 में 674 शेर थे, जो अब बढ़कर 891 हो गए हैं. इनमें 196 शेर, 330 शेरनियां और 225 शावक शामिल हैं. इस साल 10 से 13 मई 2025 के बीच अत्याधुनिक तकनीक से शेरों की गिनती की गई, जिसके आधार पर यह आंकड़ा जारी किया गया.

गुजरात और देश का गौरव माने जाने वाले एशियाई शेरों की संख्या बढ़कर 891 हो गई है. गुजरात सरकार ने शेरों की गिनती के नए आंकड़े जारी किए हैं, जिसमें बताया गया कि गिर नेशनल पार्क के बाहर शेरों की संख्या अधिक है.मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने शेरों की गिनती के बाद नए आंकड़े जारी किए. साल 2020 में 674 शेर थे, जो अब बढ़कर 891 हो गए हैं. इनमें 196 शेर, 330 शेरनियां और 225 शावक शामिल हैं. इस साल 10 से 13 मई 2025 के बीच अत्याधुनिक तकनीक से शेरों की गिनती की गई, जिसके आधार पर यह आंकड़ा जारी किया गया. CM ने कहा कि शेरों के संरक्षण के लिए सरकार द्वारा किया गया निवेश लाभकारी सिद्ध हुआ है, जिसके कारण उनकी संख्या लगातार बढ़ रही है.

गुजरात वन विभाग के प्रधान मुख्य वन संरक्षक डॉ. एपी सिंह ने बताया कि प्रोजेक्ट लायन की शुरुआत प्रधानमंत्री मोदी ने की थी. इस परियोजना में शेरों के संरक्षण और उनके लिए बेहतर सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है. नए रेस्क्यू सेंटर बनाए जाएंगे और लोगों में जागरूकता बढ़ाने के प्रयास होंगे ताकि मानव-शेर संघर्ष को रोका जा सके.

डॉ. सिंह ने कहा कि गिर नेशनल पार्क में शेरों की संख्या 384 हो गई है, लेकिन पार्क के बाहर शेरों की संख्या इससे कहीं अधिक, लगभग 500 से ज्यादा, है. इससे पता चलता है कि शेर पार्क के बाहर नए क्षेत्रों में जा रहे हैं, जो उनके लिए अनुकूल साबित हो रहे हैं. यही कारण है कि उनकी संख्या वहां लगातार बढ़ रही है. गुजरात के 11 जिलों की 58 तहसीलों में शेरों की उपस्थिति दर्ज की गई है. जूनागढ़, गिर सोमनाथ, अमरेली, भावनगर, द्वारका, पोरबंदर और राजकोट जिलों में शेर पाए गए हैं.

Chandrapur: शादी से इनकार करने पर पेड़ से लटका मिला प्रेमी का शव ,प्रेमिका के सामने की खुदकुशी

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महाराष्ट्र के चंद्रपुर जिले में एक युवक ने प्रेमिका के सामने ही आत्महत्या कर ली. युवक शादी करना चाहता था, लेकिन प्रेमिका ने इनकार कर दिया. इसी बात से आहत होकर युवक ने पेड़ से फांसी लगाकर जान दे दी. यह घटना चिमूर तहसील के ग्रामीण इलाके में हुई. प्रेमिका स्तब्ध रह गई और पुलिस को सूचना दी.

महाराष्ट्र के चंद्रपुर जिले के चिमूर तहसील में मंगलवार को एक दिल दहला देने वाली घटना हुई. एक युवक ने प्रेमिका के सामने ही पेड़ से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. मामला चिमूर-नेरी रोड स्थित भूमि एम्पायर लेआउट इलाके का है.मृतक की पहचान 25 वर्षीय प्रीतम यशवंत वाकडे के रूप में हुई है, जो किंडकेपार गांव का रहने वाला था. मंगलवार को उसकी प्रेमिका चिमूर के राष्ट्रसंत तुकडोजी महाविद्यालय में एमए की परीक्षा देने आई थी. प्रीतम को जब इसकी जानकारी मिली तो वह कॉलेज के पास पहुंच गया. परीक्षा खत्म होने के बाद दोनों पास के इलाके में मिलने गए.

वहाँ दोनों के बीच शादी को लेकर बातचीत हुई. इसी दौरान युवती ने विवाह से इनकार कर दिया. इस बात से आहत होकर प्रीतम ने खुदकुशी करने की धमकी दी, लेकिन युवती ने इसे गंभीरता से नहीं लिया. उसे लगा कि प्रीतम उस पर शादी का दबाव बना रहा है.थोड़ी ही देर में प्रीतम ने पास के कडुनीम के पेड़ से फांसी लगाकर जान दे दी. यह पूरी घटना प्रेमिका की आंखों के सामने हुई. पहले उसे लगा कि यह मजाक है, लेकिन जब उसने प्रीतम को फांसी पर झूलते देखा तो वह स्तब्ध रह गई.

युवती ने तुरंत प्रीतम के परिजनों को सूचना दी. सूचना मिलते ही चिमूर पुलिस मौके पर पहुंची. पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा और बाद में परिजनों को सौंप दिया. चिमूर थाने के थानेदार संतोष बकाल ने घटना की पुष्टि की है.यह मामला इसलिए चर्चा में है क्योंकि आमतौर पर ऐसे मामलों में प्रेमिका को धोखा देने की घटनाएं सामने आती हैं, लेकिन यहां उल्टा हुआ और प्रेमी ने जान दे दी.

नोट:- (अगर आपके या आपके किसी परिचित के मन में आता है खुदकुशी का ख्याल तो ये बेहद गंभीर मेडिकल एमरजेंसी है. तुरंत भारत सरकार की जीवनसाथी हेल्पलाइन 18002333330 पर संपर्क करें. आप टेलिमानस हेल्पलाइन नंबर 1800914416 पर भी कॉल कर सकते हैं. यहां आपकी पहचान पूरी तरह से गोपनीय रखी जाएगी और विशेषज्ञ आपको इस स्थिति से उबरने के लिए जरूरी परामर्श देंगे. याद रखिए जान है तो जहान है.)

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