Friday, June 26, 2026
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WORLD : ऋषि सुनक और टोनी एबॉट के राघव चड्ढा ने शेयर की तस्वीर, ‘हर रोज ऐसा नहीं होता कि…’

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आम आदमी पार्टी (AAP) के सांसद राघव चड्ढा दक्षिण कोरिया के सियोल में आयोजित ‘एशियन लीडरशिप कॉन्फ्रेंस- 2025’ में शामिल के बाद ऋषि सुनक और टोनी एबॉट के साथ अपनी तस्वीर शेयर की.

आम आदमी पार्टी (AAP) के सांसद राघव चड्ढा दक्षिण कोरिया के सियोल में आयोजित प्रतिष्ठित ‘एशियन लीडरशिप कॉन्फ्रेंस- 2025’ में शामिल हुए. इस दौरान उन्होंने ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री ऋषि सुनक और ऑस्ट्रेलिया के पूर्व पीएम टोनी एबॉट के साथ मंच साझा किया. राघव चड्ढा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर दोनों पूर्व प्रधानमंत्री के साथ की तस्वीर भी शेयर की.

AAP के सांसद राघव चड्ढा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर फोटो शेयर करते हुए लिखा, ”हर रोज ऐसा नहीं होता कि आप खुद को दो पूर्व प्रधानमंत्रियों के बीच बैठे पाएं. बाईं ओर बेहद प्रतिष्ठित ऋषि सुनक और दाईं ओर बेहद ही सम्मानित टोनी एबॉट. दक्षिण कोरिया में एशियाई नेतृत्व सम्मेलन में यह एक विशेष क्षण था.”

इससे पहले आप के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने दक्षिण कोरिया में लीडरशिप कॉन्फ्रेंस (एएलसी) में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का जिक्र करते हुए आतंकवाद के मुद्दे पर पाकिस्तान को घेरा था. उन्होंने कहा, ”ऑपरेशन सिंदूर ने स्पष्ट संदेश दिया है कि भारत आतंक के सुरक्षित ठिकानों को नष्ट करने के लिए गंभीरता के साथ हमला करेगा. दुनिया को पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद के खिलाफ एक साथ आना चाहिए.

सांसद राघव चड्ढा ने दुनिया के सामने भारत की नई रणनीति पर बोलते हुए कहा कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ ने यह साबित कर दिया कि भारत अब एक नई सैन्य और कूटनीतिक नीति के तहत काम कर रहा है. उन्होंने जोर देकर कहा, ”हम केवल आतंकी हमलों की प्रतिक्रिया नहीं करते, बल्कि अब हम आतंक के मूल ढांचे को जड़ से खत्म करते हैं.”

राघव चड्ढा ने आगे कहा, ”भारत अहिंसा के पुजारी महात्मा गांधी की भूमि से आता है, लेकिन साथ ही इस भूमि पर भगत सिंह और सुभाष चंद्र बोस जैसे क्रांतिकारी भी पैदा हुए हैं. हम शांति में विश्वास करते हैं, लेकिन आतंकवाद का समर्थन करने वालों को अब बख्शा नहीं जाएगा. सियोल में आयोजित एशियन लीडरशिप कॉन्फ्रेंस में राघव चड्ढा ने भारत की तरफ से एक निर्णायक, आत्मनिर्भर और रणनीतिक रूप से मजबूत राष्ट्र की छवि को दुनिया के सामने रखा.उ

उन्होंने पाकिस्तान की तरफ से प्रायोजित आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक मंच से एकजुटता की अपील की. इसके साथ ही कहा, ”इस दुख की घड़ी में भारत एक निर्णायक और दृढ़ राष्ट्र के रूप में उभरा है और यह बताया है कि हम आतंकवाद, आतंकी ढांचे और दुष्ट राष्ट्रों के साथ कैसे निपटते हैं.”

 

NATIONAL : जादू- टोना करने के संदेह में दो महिलाओं की हत्या, गड्ढे में डालकर दबा दिया मिट्टी और पत्थर से

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सिंहभूम जिले में जादू-टोना करने के संदेह में दो महिलाओं की दर्दनाक हत्या कर दी गई. मामले में पुलिस ने पांच लोगों को गिरफ्तार किया है. आरोप है कि पहले दोनों महिलाओं का अपहरण किया गया और फिर उनकी हत्या कर दी गई है.

झारखंड के पूर्वी सिंहभूम जिले में जादू-टोना करने के संदेह में दो महिलाओं की दर्दनाक हत्या कर दी गई. मामले में मंगलवार को पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया है. एसपी (ग्रामीण) रिषर्भ गर्ग ने बताया कि पुरुलिया गांव के श्रीमतडीह टोला के कुछ लोगों ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी कि दोनों महिलाओं का अपहरण कर उनकी हत्या कर दी गई है. उन्होंने बताया कि पूछताछ के लिए पांच लोगों को हिरासत में लिया गया और पूछताछ के दौरान वे टूट गए तथा अपना अपराध कबूल कर लिया.

उन्होंने बताया कि दोनों महिलाओं की पहचान पिंगला पुरती और चोको बोदरा के रूप में हुई है. दोनों विधवा थीं. दोनों के शव एक गड्ढे से बरामद किए गए. आरोपियों ने पुलिस को बताया कि 26 अप्रैल को गांव में 10 साल की एक लड़की की मौत हो गई थी, जिसके कारण उन्हें संदेह हुआ कि दोनों महिलाओं ने उस पर काला जादू किया है.

एसपी ने बताया कि लड़की के पिता ने अन्य आरोपियों के साथ मिलकर साजिश रची और 14 मई की शाम को दोनों महिलाओं की गला घोंटकर हत्या कर दी. उन्होंने बताया कि हत्या के बाद उन्होंने शवों को एक गड्ढे में फेंक दिया और उन्हें मिट्टी और पत्थरों से दबा दिया. एसपी ने बताया कि इस अपराध में कुछ और लोगों के शामिल होने का संदेह है और उनकी तलाश की जा रही है.

MP : सांप के काटने से रानी 29 तो राजू 28 बार मरे! MP के एक ही जिले में 47 लोगों को 280 बार मृत दिखाकर ₹11 करोड़ पचाए

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MP में कुल 47 लोगों को 280 बार मृत दिखाकर सरकार की ओर से दी जाने वाली 4-4 लाख रुपए की प्राकृतिक आपदा राहत राशि ट्रांसफर की गई, जिससे कुल 11 करोड़ 26 लाख रुपए का घोटाला हुआ.

क्या सांप के काटने से किसी महिला की 29 बार या फिर किसी पुरुष की 28 बार मृत्यु हो सकती है? हैरान करने वाला यह मामला मध्य प्रदेश के सिवनी जिले में सामने आया है, जहां रानी बाई नाम की एक महिला को सांप के काटने से 29 बार मृत दिखाया गया और हर बार शासन की ओर से 4 लाख रुपये की राहत राशि दी गई. इस तरह द्वारका बाई के नाम पर 1 करोड़ 16 लाख रुपये का मुआवजा दे दिया गया. वहीं, राजू नाम के एक व्यक्ति को भी सांप काटने से 28 बार मृत दिखाया गया और हर बार उसे भी 4 लाख रुपये की राहत राशि दी गई. इस तरह कुल 47 लोगों को 280 बार मृत दिखाकर सरकार की ओर से दी जाने वाली 4-4 लाख रुपये की प्राकृतिक आपदा राहत राशि ट्रांसफर की गई, जिससे कुल 11 करोड़ 26 लाख रुपये का घोटाला हुआ.

कोष एवं लेखा विभाग के जांच अधिकारी रोहित सिंह कौशल ने बताया, सिवनी की केवलारी तहसील में प्राकृतिक आपदा के तहत दी जाने वाली राहत राशि के मामलों की जांच की गई है. सर्पदंश और पानी में डूबने जैसे मामलों में शासन की ओर से राशि दी जाती है. जांच में पाया गया कि 11 करोड़ 26 लाख रुपये का गबन हुआ है. यह राशि 47 लोगों के खातों में ट्रांसफर की गई. इसके अलावा, जिनके लॉगिन पासवर्ड से यह गबन हुआ, उनके नाम भी कार्रवाई के लिए प्रस्तावित किए गए हैं. सर्पदंश से मृत्यु पर शासन 4 लाख रुपये की राशि देता है. द्वारका बाई के नाम से 29 बार और श्रीराम के नाम से 28 बार राशि निकाली गई. फर्जी देयक तैयार करके जिनके नाम से राशि निकाली गई, यह स्पष्ट नहीं हो सका कि वे जीवित हैं या मृत, क्योंकि बार-बार मांगने पर भी पोस्टमार्टम रिपोर्ट और मृत्यु प्रमाण पत्र उपलब्ध नहीं कराए गए. हमने जांच प्रतिवेदन शासन और सिवनी कलेक्टर को प्रेषित कर दिया है.

यह पूरा मामला 2019 से 2022 के बीच का है, जिसका खुलासा नवंबर 2022 में राजस्व विभाग के ऑडिट में हुआ. केवलारी तहसील कार्यालय के क्लर्क सचिन दहायत ने 279 लोगों को सर्पदंश, पानी में डूबने और आकाशीय बिजली से मृत दिखाकर प्रत्येक के नाम पर 4-4 लाख रुपये की राहत राशि स्वीकृत कराई और अपने रिश्तेदारों व परिचितों के बैंक खातों में यह राशि डलवाई. राजस्व विभाग के पोर्टल पर अपलोड किए गए आदेश पत्र, लेटर पैड, सील और हस्ताक्षर सभी फर्जी पाए गए. केवलारी पुलिस ने इस मामले में 37 लोगों को नामजद आरोपी बनाया, जिनमें मुख्य आरोपी क्लर्क सचिन दहायत सहित 21 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है.

कलेक्टर संस्कृति जैन ने कहा, 2019 से 2022 के बीच केवलारी तहसील में क्लर्क सचिन दहायत ने कई RBC 6-4 प्रकरणों में राशि अन्य खातों में ट्रांसफर की. यह 11 करोड़ 26 लाख रुपये का घोटाला था, जिसकी विधिवत जांच कराई गई. वित्त विभाग ने जांच रिपोर्ट सौंप दी है. सचिन दहायत को विभागीय जांच के बाद बर्खास्त कर दिया गया. उस समय 37 आरोपी बनाए गए थे, जिनमें से 21 पहले ही गिरफ्तार हो चुके हैं. वित्त विभाग के जांच प्रतिवेदन पर नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है.

वित्त विभाग के जांच प्रतिवेदन में तत्कालीन एसडीएम अमित सिंह बम्हरोलिया सहित 2019 से 2022 के दौरान केवलारी में तैनात चार तहसीलदारों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की अनुशंसा की गई है. जांच प्रतिवेदन सामने आने के बाद कांग्रेस ने प्रदेश सरकार पर हमला बोला है.

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा, “कई प्रकार के घोटाले सुने और देखे. मोहन यादव के राज में सांप ने एक व्यक्ति को 38 बार काटा और हर बार 4-4 लाख रुपये निकाल लिए. एक जिले में सांप के काटने पर सरकार ने 11 करोड़ दे दिए, तो सोचिए 55 जिलों का कितना होगा. ये आस्तीन के सांप, जिन्हें आपने वोट देकर पाला, घोटाला कर रहे हैं.”

इस मामले में आरोपी क्लर्क को बर्खास्त कर दिया गया और जिनके खातों में पैसे आए, उन पर भी FIR दर्ज की गई. लेकिन बड़ा सवाल यह है कि उन अधिकारियों पर कार्रवाई कब होगी, जिनके लॉगिन पासवर्ड का दुरुपयोग कर एक क्लर्क ने इस घोटाले को अंजाम दिया.

PUNE : शामियाने में जाकर पूरी हुई विवाह की रस्में, हिंदू की बेटी की शादी में मदद को आया मुस्लिम परिवार

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आपने अपने जीवन में बहुत शादियां देखी होगी लेकिन वलीमा (रिसेप्शन) के लिए तैयार शामियाने में विवाह समारोह का आयोजन कभी नहीं देखा होगा. पुणे में मंगलवार को कुछ ऐसा ही देखने को मिला.

पुणे की बारिश ने ऐसा हाल किया कि शादी के मंडप तक पहुंचने से पहले सब कुछ भीगकर बर्बाद हो गया. ऐसे में मुस्लिम समाज की तरफ से पास में ही निकाह हो रहा था तो उन्होंने इनकी परेशानियों को देखते हुए अपने मंडप को हिंदू समाज की शादी के लिए साझा कर दिया.

कहते हैं कि इंसानियत धर्म से बड़ी होती है. इसका एक बड़ा उदाहरण पुणे में एक शादी समारोह में देखने को मिला. पुणे में कावड़े और गलांडे का परिवार विवाह समारोह बड़े धूमधाम से चल रहा था. हालांकि, मंगलवार को हुई बारिश ने शादी समारोह के रंग में भंग डाल दिया. आयोजन की तैयारियों पर पानी फेर दिया. लेकिन पड़ोसी मुस्लिम परिवार ने उनका साथ दिया. दुल्हन के हताश पिता को अपनी बेटी के रिसेप्शन का मंडप प्रदान किया और शादी मुबारक के मंडप से सीधे मंगलाष्टक की धुन सुनाई देने लगी.

कावड़े और गलांडे परिवारों की शादी मंगलवार शाम को पुणे के घोरपडी स्थित एसआरपीएफ के अलंकार लॉन में हुई. संक्रांति कावड़े और नरेंद्र गलांडे दोनों शादी के लिए तैयार हो गए. आलीशान मंडप सजाया गया था. चेतन कवाडे अपनी बेटी की शादी को भव्य बनाने की पूरी कोशिश कर रहे थे. हालांकि, उसी दिन पुणे में भारी बारिश ने भव्य शादी का मंडप और इकलौती बेटी की भव्य शादी का सपना बहा दिया. शादी का तम्बू पानी से भर गया था. मेहमान, रिश्तेदार और दूल्हा-दुल्हन खुद भीग गए थे.

पूरा परिवार चिंतित हो उठा. कठिन समय में एक हताश पिता की मदद के लिए एक अन्य पिता ने हाथ बढ़ाया. मोहसिन और माहिन का रिसेप्शन पास के ही एक अन्य मंडप में शुरू हो रहा था. यह देखकर पिता सीधे मुस्लिम परिवार के पास गये और उन्हें अपनी बेटी की शादी में घटी घटना के बारे में बताया. उस समय बिना एक पल सोचे, मुस्लिम परिवार ने सीधे संक्रांति और नरेंद्र को लाने के लिए कहा और उन्हें शादी के लिए अपने बेटे के रिसेप्शन हॉल का उपयोग करने की अनुमति दी.

संक्रांति और नरेंद्र का विवाह उसी हॉल में हुआ था, जैसे ही समारोह समाप्त हुआ, काजी परिवार का कार्यक्रम फिर से शुरू हो गया. यह तथ्य कि दो अलग-अलग धर्मों के लोगों का विवाह एक ही मंच पर हुआ, महज संयोग नहीं था, बल्कि एकता का जीवंत उदाहरण था. संक्रांति की मां ने कहा कि अब हम सीधे मोहसिन के पिता फारूक काजी के घर जाएंगे और उन्हें धन्यवाद देंगे.

NATIONAL : अजमेर शरीफ दरगाह को लेकर हाई कोर्ट का बड़ा आदेश, ऑडिट पर लगाई रोक, यह है वजह

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दिल्ली हाई कोर्ट ने अजमेर शरीफ दरगाह के CAG ऑडिट पर रोक लगा दी है. दरगाह कमेटी ने CAG अधिनियम की शर्तों का पालन न होने और अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री के पत्र पर CAG की सहमति न होने का तर्क दिया.

दिल्ली हाई कोर्ट ने अजमेर शरीफ दरगाह के CAG ऑडिट के आदेश पर अगली सुनवाई तक के लिए रोक लगा दी है. हाई कोर्ट ने दरगाह की इस दलील पर रोक लगाने का निर्देश दिया कि सीएजी अधिनियम की धारा 20 के तहत जरूरी शर्तें पूरी नहीं की गई हैं.

दरगाह कमेटी द्वारा यह भी तर्क दिया गया कि जब अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री द्वारा ऑडिट करने के लिए पत्र जारी किया गया था, तो सीएजी ने उस पर सहमति नहीं जताई थी. दिल्ली हाईकोर्ट अब इस मामले की सुनवाई 28 जुलाई को करेगा.

लाइव लॉ की रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली हाई कोर्ट के जज ने दरगाह की ओर से दी गई इस दलील को सही माना कि CAG अधिनियम की धारा 20 के तहत जरूरी शर्तें पूरी नहीं की गई थीं. यह मामला अंजुमन मोइनिया फखरिया चिश्तिया खुद्दाम ख्वाजा साहिब सैयदज़ादगान दरगाह शरीफ अजमेर द्वारा दायर दो याचिकाओं के संदर्भ में था.

पहली याचिका में अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय द्वारा मार्च 2024 में जारी एक पत्र को चुनौती दी गई थी, जिसमें दोनों अंजुमनों सैयदज़ादगान और शेखज़ादगान की आय और व्यय की ऑडिट कराने का प्रस्ताव CAG को भेजा गया था.

दूसरी याचिका में CAG द्वारा याचिकाकर्ता संस्था के खातों की ऑडिट प्रक्रिया को चुनौती दी गई थी. यह कहा गया था कि CAG अधिनियम की धारा 20(1) के अनुसार राष्ट्रपति की सहमति नहीं ली गई. जब अल्पसंख्यक मंत्रालय ने पत्र जारी किया, तब तक CAG ने ऑडिट के लिए सहमति ही नहीं दी थी. इसलिए यह प्रक्रिया कानूनी प्रावधानों का उल्लंघन है.

इसके अलावा, इसके बाद कोर्ट ने CAG के वकील से दो सवाल पूछे. पहला यह कि क्या मार्च 2024 में पत्र जारी होने के समय CAG ने याचिकाकर्ता संस्था की ऑडिट के लिए सहमति दी थी? दूसरा यह कि क्या वित्त मंत्रालय द्वारा 13 जनवरी को CAG को भेजे गए पत्र में ऑडिट से संबंधित शर्तों पर सहमति बनी थी? दोनों का जवाब वकील ने ना में दिया. ऐसे में कोर्ट ने ऑडिट पर अंतरिम रोक लगा दी.

ENTERTAINMENT : अंकिता लोखंडे और विक्की जैन कब बनेंगे पेरेंट्स? हो गया खुलासा, लेकिन करना पड़ेगा ये काम

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अंकिता लोखंडे और विक्की जैन आए दिन किसी ना किसी वजह से सुर्खियों में छाए रहते हैं. फिर चाहे वो पर्सनल लाइफ को लेकर हो या प्रोफेशनल लाइफ को लेकर हो. एक बार फिर ऐसा ही कुछ देखने को मिल रहा है.

टीवी के पॉपुलर कपल में से एक माने जाते हैं अंकिता लोखंडे और विक्की जैन. इस कपल ने शादी से पहले काफी वक्त तक एक-दूसरे को डेट किया था, उसके बाद 14 दिसंबर 2021 में शादी के बंधन में बंधे थे. अंकिता और विक्की की शादी को 3 साल से ज्यादा हो चुके हैं, ऐसे में फैंस ये जानना चाहते हैं कि आखिर ये गुड न्यूज कब सुनाएंगे.

अंकिता और विक्की जब बिग बॉस के घर में थे, उस दौरान एक्ट्रेस ने कई बार कहा था कि कहीं वो प्रेग्नेंट तो नहीं हैं. हालांकि, उस दौरान वो प्रेग्नेंट नहीं थीं, लेकिन उन्होंने मां बनने की इच्छा जाहिर की थी. इतना ही नहीं बल्कि कई बार विक्की और अंकिता ने कहा है कि वो जल्द से जल्द पेरेंट्स बनना चाहते हैं.

ऐसे में इस आर्टिकल के जरिए हम आपको बताने जा रहे हैं कि ये कपल कब पेरेंट्स बन सकते हैं. दरअसल, टैरो कार्ड रीडर गीतांजलि सक्सेना ने अंकिता और विक्की के बेबी को लेकर बड़ा खुलासा किया है. गीतांजलि सक्सेना ने कहा कि अंकिता और विक्की के पेरेंट्स बनने के चांसेस 50 पर्सेंट हैं.गीतांजलि सक्सेना के अनुसार शनि की दशा है इस वजह से अंकिता को बेबी नहीं हो पा रहा है. टैरो कार्ड रीडर ने बताया कि अगस्त के बाद चांसेस है कि अंकिता मां बनें. उन्होंने ये भी कहा कि इनको इलाज करवाना पड़ेगा. क्योंकि, अंकिता को नॉर्मल से बेबी नहीं होने वाला है.

गीतांजलि सक्सेना के अनुसार अंकिता को आईवीएफ, आईयूआई या फिर सरोगेसी का ही सहारा लेना पड़ेगा और इलाज के बाद ही इनको बच्चा होगा. गीतांजलि ने कहा कि अंकिता को प्रेग्नेंसी की प्रक्रिया भी जल्द ही शुरू करनी चाहिए क्योंकि उनकी कंसीव करने की क्षमता अब धीरे-धीरे खत्म हो रही है.टैरो कार्ड रीडर ने कहा कि इतने बीच और घर में भी बच्चे की वजह से ही समस्या रहती है जो आने वाले छह महीने में खत्म हो जाएगी. साथ ही उन्होंने ये भी बताया कि अंकिता और विक्की का रिश्ता लंबे समय तक बरकरार रहने वाला है, ब्रेकअप जैसा कुछ भी नहीं है.

MP: बंदूक से निशाना लगाकर सांभर का किया शिकार, पुलिस टीम को हथियार दिखाकर भागे

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पुलिस ने मौके पर पहुंचकर देखा कि एक सांभर मृत अवस्था में पड़ा था, जिसे गोली मारकर शिकार किया गया था. शिकारियों ने सांभर के गले को धारदार हथियार से काटा भी था. मौके पर दो चाकू खून से सने मिले.

नर्मदापुरम जिले के जंगल में शिकारियों ने बंदूक से गोली मारकर एक सांभर का शिकार कर डाला. इस दौरान शिकारियों और पुलिस जवानों के दल का आमना-सामना भी हुआ, लेकिन हथियारों से लैस शिकारी जंगल के रास्तों से भागने में सफल रहे. वन विभाग की टीम शिकारियों की तलाश में जुट गई है. हाइवे पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच की जा रही है.

इटारसी वन परिक्षेत्र के तहत आने वाले तवानगर जंगल का यह मामला है. आयुध निर्माणी फैक्ट्री में पानी की टंकी के पास कुछ शिकारी हथियारों के साथ घूम रहे थे. पुलिस ने मौके पर पहुंचकर देखा कि एक सांभर मृत अवस्था में पड़ा था, जिसे गोली मारकर शिकार किया गया था. शिकारियों ने सांभर के गले को धारदार हथियार से काटा भी था. मौके पर दो चाकू खून से सने मिले.

सामान्य वन मंडल नर्मदापुरम के एसडीओ मयंक गुर्जर ने बताया कि यह घटना मंगलवार सुबह 5 बजे की है. पुलिसकर्मी मौके पर गश्त कर रहे थे. उन्होंने कुछ लोगों को वन क्षेत्र में टॉर्च की रोशनी से तलाशी करते देखा. पुलिस ने उनसे पूछताछ की, जिस पर कुछ विवाद हुआ.

इसके बाद पुलिस ने वन विभाग को सूचना दी. हमारे अधिकारी मौके पर पहुंचे. शिकारी वन अधिकारियों की उपस्थिति देखकर वहां से भाग गए. क्षेत्र में तलाशी के दौरान एक सांभर का मृत शरीर मिला. उसका पोस्टमार्टम किया जा रहा है. अपराधियों की खोजबीन जारी है.पुलिस ने अज्ञात शिकारियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है और उनकी तलाश के लिए नेशनल हाइवे पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच कर रही है. मृत सांभर का पोस्टमार्टम किया जाएगा और इसके बाद उसका अंतिम संस्कार अधिकारियों की मौजूदगी में होगा.

NATIONAL : Ayodhya में Corona को लेकर अलर्ट जारी, मॉक ड्रिल की तैयारी, स्वास्थ्य विभाग सतर्क

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श्रद्धालुओं की भीड़ और धार्मिक आयोजनों के चलते यूपी के अयोध्या को फोकस पॉइंट बनाया गया है, जहां अब मॉक ड्रिल की तैयारी भी शुरू हो चुकी है. रामनगरी में सतर्कता बढ़ाई गई है और मेडिकल टीमें तैयार कर दी गई हैं. ताकि, किसी भी स्थिति से निपटा जा सके.

भारत में कोरोना एक बार फिर पैर पसारता दिख रहा है. हाल के हफ्तों में केरल, महाराष्ट्र, गुजरात, तमिलनाडु आदि प्रदेशों से 250 से अधिक नए मामले सामने आए हैं. ऐसे में रामनगरी अयोध्या में कोरोना को लेकर अलर्ट जारी कर दिया गया है. हालात की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग हरकत में आ गया है.

आपको बता दें कि श्रद्धालुओं की भीड़ और धार्मिक आयोजनों के चलते यूपी के अयोध्या को फोकस पॉइंट बनाया गया है, जहां अब मॉक ड्रिल की तैयारी भी शुरू हो चुकी है. रामनगरी में सतर्कता बढ़ाई गई है और मेडिकल टीमें तैयार कर दी गई हैं. ताकि, किसी भी स्थिति से निपटा जा सके.

कोरोना को लेकर अयोध्या के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुनील कुमार बनियान ने डॉक्टरों और अधिकारियों के साथ आपात बैठक की. इस बैठक में यह फैसला लिया गया कि अयोध्या में जल्द ही कोविड मॉक ड्रिल करवाई जाएगी. इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी संभावित विषम परिस्थिति से फौरन और प्रभावी ढंग से निपटा जा सके.

डॉ. बनियान ने कहा कि फिलहाल हालात नियंत्रण में हैं, लेकिन कोरोना को हल्के में नहीं लिया जा सकता. हम अयोध्या में लोगों को जागरूक करेंगे और हर स्तर पर सतर्कता बरतेंगे. इसके लिए टीमों को सतर्क कर दिया गया है.

विशेषज्ञों के मुताबिक, कोविड का नया वेरिएंट JN.1 दुनिया के कई देशों में तेज़ी से फैल रहा है. भारत में फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन चूक की कोई गुंजाइश नहीं है. गौरतलब है कि अयोध्या जैसे धार्मिक पर्यटन स्थलों पर देशभर से लाखों श्रद्धालु आते हैं, ऐसे में यहां संक्रमण फैलने की ज़रा सी चूक भी बड़ी चुनौती बन सकती है. यही वजह है कि प्रशासन अलर्ट मोड पर है.

NATIONAL : प्रयागराज नैनी के प्राइवेट स्कूल में पिटाई से नर्सरी के छात्र की हुई मौत, 2 शिक्षिकाएं गिरफ्तार

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प्रयागराज नैनी के एक प्राइवेट स्कूल में 2 शिक्षकों की पिटाई से नर्सरी के छात्र की मौत हो गई. बच्चे के परिजनों ने दोनों शिक्षकों के खिलाफ केस दर्ज कर पुलिस ने उन्हें हिरासत में लिया है.

प्रयागराज-नैनी के एक प्राइवेट स्कूल में नर्सरी के छात्र की मौत का मामला सामने आया है. 15 मई को डीडीएस कॉन्वेंट स्कूल में नर्सरी कक्षा में पढ़ने वाले 4 साल के मासूम बच्चे की स्कूल में मौत हो गई थी. पिता वीरेंद्र कुमार जायसवाल की ओर से स्कूल प्रशासन पर एफआईआर दर्ज कराई गई थी. उन्होंने पुलिस से शिकायत करते हुए कॉन्वेंट स्कूल की 2 शिक्षकों पर पिटाई का आरोप लगाया था.

प्रयागराज नैनी में स्थित डीडीएस कान्वेंट स्कूल में 4 साल के बच्चे को शिक्षिका द्वारा पीटे जाने का आरोप लगा था. बताया जा रहा है कि जब टीचर ने उसको पीटा तो बच्चा बेहोश हो गया था. इसके बाद स्कूल वालों ने बच्चे के परिवार वालों को सूचना दी और बच्चे को अस्पताल ले गए, जहां पर डॉक्टर ने उसको मृत घोषित कर दिया.

पुलिस ने बच्चे का पोस्टमार्टम कराया तो उसके सिर पर चोट लगने से मौत की बात सामने आई थी. डॉक्टर ने कहा बच्चे के शरीर पर तीन जगह चोट हैं. पहले उसकी आंख के ऊपर कटे का निशान है. दूसरा बच्चे की जीभ भी कटी हुई थी और तीसरा बच्चे के प्राइवेट पार्ट पर भी चोट के निशान पाए गए थे. इसी चोट की वजह से डॉक्टर ने आशंका है की बच्चे के साथ सेक्सुअल हैरासमेंट की भी घटना हुई हो.

डीसीपी यमुनानगर विवेक चंद्र यादव का कहना है की, ‘दोनों शिक्षकों को गिरफ्तार कर लिया गया है. पुलिस की कड़ी पूछताछ में शिवांगी जयसवाल टीचर ने अपने बयान में बताया कि (शिवाय मृतक बच्चे का नाम) मेरे थप्पड़ मारने से जोर-जोर चिल्लाने लगा और वह मुझे गाली भी बकने लगा. उसके बगल वाली क्लास में दूसरी टीचर आरती जायसवाल भी क्लास में आ गई. उसने भी शिवाय को चुप रहने के लिए कहा लेकिन शिवाय ने उनको भी गाली दिया. जिससे कि मैडम को गुस्सा आ गया और उन्होंने शिवाय को थप्पड़ मार दिया. इसके बाद रोते हुए बच्चा गिर पड़ा. वह रोते रोते पानी की मांग करने लगा और उसकी सांसे काफी तेज चलने लगी, तब स्कूल प्रशासन ने जाकर बच्चे के घर वालों को इसकी सूचना दी.

खंड शिक्षा अधिकारी नरेंद्र देव पांडे ने स्कूल में आरोपी टीचर आरती और शिवांगी का बयान दर्ज किया. शिवांगी जायसवाल और आरती ने बताया बच्चों की सांसे तेज चल रही थी, उसके बाद वह बेहोश हो गया. हम लोगों ने उसको बेंच पर बैठाया लेकिन उसकी सांसे बहुत तेज चल रही थी और फिर वह बेंच से गिरकर बेहोश हो गया.

 

MAHARASHTRA : महाराष्ट्र के इस जिले में बाघ का आतंक, 13 दिनों में 9 लोगों को बनाया अपना निवाला

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महाराष्ट्र के चंद्रपुर में एक दर्दनाक घटना में बाघ ने हमला कर एक बुज़ुर्ग किसान की जान ले ली, जबकि उसे बचाने की कोशिश में उसका भतीजा गंभीर रूप से घायल हो गया. इलाके में बाघ के हमले में 13 दिनों में ये 9वीं मौत है.

महाराष्ट्र के चंद्रपुर जिले में बाघ के हमलों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है. ताजा मामला मुल तहसील के करवन गांव से सामने आया है, जहां एक दर्दनाक घटना में बाघ ने हमला कर एक बुज़ुर्ग किसान की जान ले ली, जबकि उसे बचाने की कोशिश में उसका भतीजा गंभीर रूप से घायल हो गया.

मंगलवार सुबह करवन गांव के 5 लोग रोज की तरह गांव के पास के खेतों में गाय-भैंस चराने के लिए गए थे. इसी दौरान खेत के पास झाड़ियों में छिपे एक बाघ ने अचानक हमला कर दिया. बाघ ने सबसे पहले 55 साल के बंडू परशुराम उराडे पर हमला किया, उन्हें बचाने की कोशिश में उनका भतीजा 35 साल का किशोर मधुकर उराडे भी बाघ के पंजों की चपेट में आ गया और गंभीर रूप से घायल हो गया. घायल किशोर को तुरंत मूल उपजिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसका इलाज चल रहा है. वहीं बंडू उराडे की मौके पर ही मौत हो गई.

घटना के बाद गांव में भारी तनाव का माहौल बन गया है. गांववालों ने मृतक का शव उठाने से इनकार कर दिया है और वन विभाग के खिलाफ नाराजगी जताई है. मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई है और लोग वन विभाग से तत्काल मुआवजे और बाघ को पकड़े जाने की मांग कर रहे हैं. अब तक तेन्दु पत्ता दौड़ने जंगल में गए लोगों के हमले हो रहे थे लेकिन अब खेत में मवेशियों को चराने ले गए दोनों पर बाघ ने हमला किया है. पिछले 13 दिनों में बाघों के हमलों में 9 लोगों की मौत हो चुकी है. 2 लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं.

10 मई को हुई घटना में 65 साल की कांता बुधाजी चौधरी, 28 साल की शुभांगी मनोज चौधरी और 50 साल की रेखा शालिक शेंडे की मौत हुई थी. ये सभी मृतक सिंदेवाहि तहसील के मेंढा-माल गांव की ही निवासी थीं और इनमें सास-बहू भी शामिल हैं. 11 मई की घटना में 65 साल की विमला बुधा डोंडे की दर्दनाक मौत हुई है, जो की मूल तहसील के महादवाड़ी गांव की रहने वाली थी , तो 12 मई को 28 साल की भूमिका दीपक भेंदारे जो की मूल तहसील के भादूरणा गांव की निवासी थी की मौत हुई है. वही बुधवार 14 मई को कचराबाई अरुण भरणडे जो की चिमूर तहसील के करबड़ा गांव की है. फिर 18 मई को दो लोगों को बाघ ने अपना निवाला बनाया जिसमें नागभीड़ और दूसरे 63 साल के मारुति शेंडे थे. मूल तहसील के भादूर्णी गांव के 70 वर्षीय ऋषी पेंदोर की भी बाघ के हमले में मौत हो गई, और आज 22 मई बाघ के हमले में एक और की जान गई है.

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