Friday, June 26, 2026
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BUSINESS : सोलर पैनल लगाने पर मिलेगी 1.08 लाख रुपये की सब्सिडी, हर महीने बिजली बिल में होगी भारी बचत

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दिल्ली सरकार ने 3KW के सोलर पैनल पर 1.08 लाख रुपये की सब्सिडी का ऐलान किया है, जिससे बिजली बिल में 4200 रुपये की मासिक बचत होगी. छात्रवृत्ति योजना और प्रदूषण नियंत्रण उपाय भी लागू होंगे.

दिल्ली सरकार ने राजधानी को प्रदूषण मुक्त और हरित ऊर्जा अपनाने के रास्ते पर ले जाते हुए एक बड़ा फैसला लिया है. अब 3 किलोवाट तक के आवासीय सोलर पैनल सिस्टम पर उपभोक्ताओं को कुल 1.08 लाख रुपये तक की सब्सिडी मिलेगी. इसमें केंद्र सरकार की 78,000 रुपये की सब्सिडी के अलावा दिल्ली सरकार की ओर से 30,000 रुपये की अतिरिक्त सहायता दी जाएगी.

दिल्ली सरकार ने सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने और प्रदूषण में कमी लाने के उद्देश्य से यह बड़ा फैसला लिया है. मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में इस फैसले को मंजूरी दी गई. यह योजना 3 किलोवाट तक के रूफटॉप सोलर पैनलों के लिए लागू होगी. वहीं एक किलोवॉट के सोलर पैनल पर 10,000 रुपये की सीधी सब्सिडी मिलेगी.

सरकार का लक्ष्य है कि अगले 3 सालो में 2.3 लाख घरों की छतों पर रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाए जाएं.

हर महीने 4200 रुपये तक कि होगी उपभोक्ताओं की बचत

“पीएम सोलर फ्री इलेक्ट्रिसिटी – स्टेट टॉप-अप योजना” से न केवल लोगों के बिजली बिल में औसतन 4,200 रुपये प्रति माह तक की बचत होगी, बल्कि दिल्ली में स्वच्छ ऊर्जा को भी बढ़ावा मिलेगा. इस योजना के लिए 50 करोड़ का बजट आवंटित किया गया है.

मुख्यमंत्री ने बताया कि, दिल्ली सरकार वित्तीय संस्थानों के साथ साझेदारी कर रही है ताकि शेष 90,000 रुपये के लिए आसान ऋण विकल्प उपलब्ध कराए जा सके. इससे लोग बिना कोई अग्रिम भुगतान किए सोलर पैनल लगवा सकेंगे. उन्होंने कहा कि यह कदम दिल्ली को “ग्रीन और क्लीन सिटी” बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा.

मुख्यमंत्री ने कहा, सरकार की योजनाएं सिर्फ आर्थिक सहायता नहीं हैं, बल्कि दिल्ली के भविष्य को सुरक्षित और स्वच्छ बनाने की दिशा में एक सामूहिक प्रयास हैं. उन्होंने जनता से अपील की कि वे आगे आकर सौर ऊर्जा अपनाएं और दिल्ली को ग्रीन राजधानी बनाने में भागीदार बनें.बैठक में दूसरा अहम फैसला राजधानी की सड़कों पर धूल को नियंत्रित करने को लेकर लिया गया. PWD विभाग को 250 वाटर स्प्रिंकलर, 70 मिस्ट गन मशीन और 210 हाई प्रेशर वाटर जेट मशीनें खरीदने की अनुमति दी गई है. इससे दिल्ली की सड़कों की सफाई और वायु प्रदूषण में कमी आने की उम्मीद है.

कैबिनेट ने एक और ऐतिहासिक निर्णय में ‘मुख्यमंत्री छात्रवृत्ति योजना’ का नाम बदलकर अब ‘लाल बहादुर शास्त्री छात्रवृत्ति योजना’ कर दिया है. यह योजना सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले मेधावी छात्रों को लाभ पहुंचाएगी. योजना के तहत मानक अनुसार 80% या उससे अधिक अंक लाने वाले छात्रों को 2,500 रुपये प्रति साल की छात्रवृत्ति दी जाएगी.

BUSINESS : IndusInd Bank में 172.58 करोड़ का घोटाला, तीन तिमाहियों तक चलती रही गड़बड़ी

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बैंक ने एक्सचेंज फाइलिंग में बताया कि IAD ने 20 मई को अपनी रिपोर्ट सौंपी, जिसमें यह पाया गया कि 31 दिसंबर 2024 तक की तीन तिमाहियों में गलत तरीके से 172.58 करोड़ को फीस इनकम के रूप में दर्ज किया गया.

IndusInd Bank ने हाल ही में अपने माइक्रोफाइनेंस ऑपरेशन्स में एक बड़े आंतरिक धोखाधड़ी के मामले का खुलासा किया है. बैंक के मुताबिक, 172.58 करोड़ की रकम को गलत तरीके से “फीस इनकम” के तौर पर दिखाया गया, जो कि वित्त वर्ष 2024-25 की तीन तिमाहियों में दर्ज किया गया था. इस धोखाधड़ी की परतें तब खुलीं जब बैंक की इंटरनल ऑडिट टीम (IAD) और एक बाहरी प्रोफेशनल एजेंसी ने मिलकर जांच की.

बैंक ने एक्सचेंज फाइलिंग में बताया कि IAD ने 20 मई, 2025 को अपनी रिपोर्ट सौंपी, जिसमें यह पाया गया कि 31 दिसंबर 2024 तक की तीन तिमाहियों में गलत तरीके से 172.58 करोड़ को फीस इनकम के रूप में दर्ज किया गया. इस राशि को FY 24-25 की चौथी तिमाही में वापस किया गया.

इतना ही नहीं, बैंक ने यह भी बताया कि इस घोटाले के चलते उसे 18 वर्षों में पहली बार तिमाही घाटे का सामना करना पड़ा है. बैंक को संदेह है कि इस धोखाधड़ी में कुछ कर्मचारियों की सीधी संलिप्तता है, जिन्होंने जानबूझकर अकाउंटिंग में गड़बड़ियां कीं.

मार्च 2025 में भी IndusInd Bank ने अपने डेरिवेटिव पोर्टफोलियो में अकाउंटिंग लैप्स की बात मानी थी. उस समय इसका असर बैंक की नेटवर्थ पर 2.35 फीसदी तक बताया गया था. इसके बाद बैंक ने PricewaterhouseCoopers (PwC) को नियुक्त किया था ताकि वो इन गड़बड़ियों का गहराई से विश्लेषण कर सके. PwC की रिपोर्ट के मुताबिक, 30 जून 2024 तक इन गड़बड़ियों का कुल असर 1,979 करोड़ का था.

इस वित्तीय संकट के बाद, 29 अप्रैल को बैंक के CEO सुमंत कथपालिया और डिप्टी CEO अरुण खुराना ने इस्तीफा दे दिया. इसके बाद बैंक बोर्ड ने एक एक्ज़ीक्यूटिव कमेटी का गठन किया है जो तब तक बैंक के ऑपरेशन्स को संभालेगी, जब तक नया MD & CEO पदभार नहीं संभाल लेता.

इंटरनल ऑडिट टीम ने सिर्फ फीस इनकम ही नहीं, बल्कि 595 करोड़ की संदिग्ध राशि “अन्य परिसंपत्तियों (Other Assets)” में भी पाई है, जिनका कोई ठोस हिसाब नहीं है. यही नहीं, बैंक के माइक्रोफाइनेंस पोर्टफोलियो की जांच में यह भी सामने आया कि 674 करोड़ का ब्याज भी गलत तरीके से तीन तिमाहियों में दर्ज किया गया.

NATIONAL : मनचले ने बोला – I love You, लड़कियों ने सड़क पर गिराकर चप्पलों से उतारा आशिकी का भूत……

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हाल में उत्तर प्रदेश के हाथरस में एक मनचले को लड़कियों से छेड़छाड़ इतनी भारी पड़ी कि वह सरेआम चप्पलों से पिट गया. पूरी घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया है.

स्कूल कॉलेज या पब्लिक प्लेस पर अकसर ही मनचले महिलाओं के साथ छेड़छाड़ या अश्लीलता करते दिखते हैं. लड़कियों द्वारा ऐसी चीजें नजरअंदाज कर देने के चलते कई बार इनका मनोबल बहुत अधिक बढ़ जाता है. लेकिन हाल में उत्तर प्रदेश के हाथरस में एक मनचले को लड़कियों से छेड़छाड़ इतनी भारी पड़ी कि वह सरेआम चप्पलों से पिट गया.

दरअसल यहां के कस्बा सादाबाद में दो युवतियों ने आईलवयू बोलने पर एक मनचले युवक को मार- मारकर उसका आशिकी का भूत उतार दिया. इस मार पिटाई का एक वीडियो भी सामने आया है. इसमें देखा जा सकता है कि लड़कियां उसे सड़क पर गिराकर चप्पलों और लात घूसों से जमकर कूट रही हैं. वे उसके बाल पकड़- पकड़कर, उंगली दिखाकर उससे बात भी कर रही हैं और मार भी रही हैं. आसपास लोगों की भीड़ है. लोग कह रहे हैं पीटो इनको- आई लव यू बोलता है लड़कियों को?. हालांकि मामले में किसी कानूनी कार्रवाई की कोई जानकारी नहीं है.

बीते साल यूपी के ही हरदोई से भी ऐसा ही मामला सामने आया था. यहां एक मनचले को महिला से छेड़खानी करना भारी पड़ गया. महिला और उसके घर वालों ने मनचले को उसके घर के बाहर ही पकड़ लिया और जमकर पिटाई कर दी. महिला सड़क के किनारे फुटपाथ पर जूते-चप्पल बेचती था और एक युवक रोजाना उसके साथ अश्लील हरकत करता था. महिला के घर वालों ने कई बार उसे समझाया लेकिन वह नहीं माना.
इसी तरह एक युवक रास्ते से निकला और महिला को नमस्ते के साथ ‘आई लव यू’ बोलकर चला गया. ऐसे में मनचले युवक की हरकत से परेशान महिला ने अपने भाई और पति को मौके पर बुला लिया, जिसके बाद बीच सड़क पर उसकी जमकर पिटाई की गई. घटना का वीडियो भी वायरल हुआ था.

ENTERTAINMENT : बेटे की मां बनीं दीपिका कक्कड़ की ननद सबा इब्राहिम, पति सनी ने शेयर की गुड न्यूज

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एक्ट्रेस दीपिका कक्कड़ की ननद सबा इब्राहिम मां बन चुकी हैं. उन्होंने बेटे को जन्म दिया है. ये न्यूज उनके पति ने फैंस को दी है. टीवी एक्ट्रेस दीपिका कक्कड़ इन दिनों लिवर के ट्यूमर से जूझ रही हैं. इसी बीच उनके घर खुशियों ने दस्तर दी है. एक्ट्रेस की ननद और यूट्बर सबा इब्राहिम ने हाल ही में बेटे को जन्म दिया है. ये जानकारी उनके पति सनी ने अपने लेटेस्ट व्लॉग में फैंस को दी है.

टीवी एक्टर शोएब इब्राहिम की बहन सबा इब्राहिम एक पॉपुलर यूट्यूबर हैं. जिनके सोशल मीडिया पर लाखों फॉलोवर्स हैं. हर दिन वहां अपनी लाइफ की हर अपडेट शेयर करते हैं. वहीं लेटेस्ट व्लॉग में सनी ने फैंस के साथ गुड न्यूज शेयर की और बताया कि सबा ने एक बेटे को जन्म दिया है. इसी के साथ उन्होंने बताया कि सबा की तबीयत बिल्कुल ठीक है और बेटे भी ठीक है. उन्होंने बताया कि वो भी डिलीवरी के वक्त सबा के साथ ओटी में ही थे. ये उनके लिए बहुत नया एक्सपीरियंस है. लेकिन बेटे के आने से सभी खुश है. हालांकि सबा को बेटी चाहिए थी. वो हमेशा से बेटी के लिए दुआ करती थी.

सनी ने इस व्लॉग में ये भी कहा कि, हमारे घर में खुशियां आई है. सारे घरवाले भी बहुत खुश है. लेकिन इस खुशी में भी सबका ध्यान बस भाभी दीपिका की तरफ ही है. क्योंकि हर किसी के मन में उनके लिए डर बना हुआ है. फैंस और पूरा परिवार उनके लिए दुआ कर रहा है. उन्होंने सबा से वीडियो कॉल पर बात भी की है. वो ठीक है, लेकिन चिंता तो बनी ही हुई है. व्लॉग के आखिर में सनी ने दीपिका के लिए बहुत सारी दुआ करने के लिए भी कहा. बता दें कि दीपिका कक्कड़ इस वक्त अस्पताल में भर्ती हैं. उनके लिविर में ट्यूमर है. जिसकी सर्जरी होनी है.

 

MP: इंदौर में चीनी और बांग्लादेशी कपड़े बेचने पर लगेगा ₹1.11 लाख का जुर्माना, व्यापारी संगठन का फैसला

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चीन और बांग्लादेश में बने कपड़े बेचने वाले दुकानदारों पर इंदौर में सख्त कार्रवाई होगी. व्यापारी संगठन ने फैसला किया है कि यदि कोई सदस्य दुकानदार इन देशों के कपड़े बेचता पाया गया, तो उस पर 1.11 लाख रुपए का जुर्माना लगाया जाएगा.

मध्य प्रदेश के इंदौर में खुदरा वस्त्र संघ ने चीन और बांग्लादेश में बने कपड़े बेचने वाले दुकानदारों पर सख्त कार्रवाई का ऐलान किया है. संगठन ने फैसला किया है कि यदि कोई सदस्य दुकानदार इन देशों के कपड़े बेचता पाया गया, तो उस पर 1.11 लाख रुपए का जुर्माना लगाया जाएगा.

इंदौर खुदरा वस्त्र संघ के अध्यक्ष अक्षय जैन ने मीडिया से बातचीत में कहा, “हमारा संगठन मानता है कि चीन और बांग्लादेश में बने कपड़ों का कारोबार भारतीय हितों के खिलाफ है. इसलिए, हमने निर्णय लिया है कि हमारे किसी भी सदस्य दुकानदार को इन देशों के कपड़े बेचते हुए पकड़ा गया, तो उस पर 1.11 लाख रुपए का जुर्माना लगेगा.”

जैन ने बताया कि जुर्माने की राशि भारतीय सेना के लिए केंद्र सरकार के कोष में जमा की जाएगी. उन्होंने दावा किया कि इंदौर के 600 व्यापारियों ने अब तक इस प्रस्ताव का समर्थन किया है और चीन व बांग्लादेश में बने कपड़े न बेचने की प्रतिबद्धता जताई है.
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MAHARASHTRA : बॉम्बे हाईकोर्ट का अहम फैसला, बेटियां संभालेंगी पिता की जिम्मेदारी, कहा- ‘सिर्फ संपत्ती…’

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बॉम्बे हाईकोर्ट ने एक फैसले में बेटियों को 73 वर्षीय मानसिक रूप से अक्षम पिता का संरक्षक नियुक्त किया. अदालत ने कहा कि ऐसे मामलों में संपत्ति नहीं, देखभाल प्राथमिकता होनी चाहिए.

बॉम्बे हाईकोर्ट ने एक अहम फैसला सुनाया है. कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में 2 बेटियों को उनके 73 वर्षीय वृद्ध पिता का देख-भाल के लिए जिम्मेदारी दी है. यह फैसला उस समय आया, जब पिता को मानसिक रूप से अक्षम घोषित किए जाने के बाद उनके भरण-पोषण और देखभाल की जिम्मेदारी तय करने का मामला अदालत के सामने आया.

जस्टिस गौतम पटेल और जस्टिस कमल खाता की पीठ ने कहा कि ऐसे मामलों में संपत्ति का स्वामित्व प्रमुख नहीं होता, बल्कि बुजुर्ग की देखभाल और सम्मानजनक जीवन सुनिश्चित करना अधिक जरूरी होता है.

मामले के अनुसार, वृद्ध व्यक्ति को सिर में गंभीर चोट लगी थी, जिसके बाद वे बेहोशी की हालत में आ गए थे. इस घटना के बाद बेटियों ने अदालत का रुख किया और अपने पिता के कानूनी संरक्षक के रूप में नियुक्त किए जाने की मांग की. कोर्ट ने पाया कि बुजुर्ग व्यक्ति अब अपने निर्णय खुद नहीं ले सकते और उनके भरण-पोषण व देखभाल के लिए संरक्षक की आवश्यकता है. अदालत ने कहा कि मानसिक अक्षमता से जुड़े मामलों में संपत्ति के अधिकार की लड़ाई से अधिक महत्वपूर्ण है देखभाल की जिम्मेदारी.

अदालत ने यह भी कहा कि समाज में संरक्षक नियुक्ति को अक्सर संपत्ति विवाद से जोड़कर देखा जाता है, लेकिन यह सोच गलत है. कोर्ट ने 2 बेटियों को पिता के स्वास्थ्य और व्यक्तिगत फैसलों से जुड़े मामलों में अधिकार सौंपे, ताकि उनकी देख-रेख ठीक ढंग से हो सके. कोर्ट ने इस बात पर संतोष जताया कि बेटियों ने अपने पिता के जीवन की गरिमा बनाए रखने के लिए पहल की और उन्हें अकेलेपन या लापरवाही का शिकार नहीं होने दिया.

गौरतलब है कि बेटियों की इस याचिका में यह भी कहा था कि उनके पिता को अपने जीवन में कई चिकित्सकीय निर्णय लेने की आवश्यकता होगी और इसके लिए किसी विश्वसनीय संरक्षक का होना जरूरी है. अदालत ने यह कहते हुए याचिका को मंजूर कर लिया कि ‘वृद्धजन किसी वस्तु की तरह नहीं हैं, जिन्हें उनकी उपयोगिता के अनुसार महत्व दिया जाए. उनके अधिकार और गरिमा का संरक्षण हर हाल में किया जाना चाहिए.’ कोर्ट के इस फैसले को सामाजिक दृष्टिकोण से भी एक सकारात्मक संदेश माना जा रहा है.

 

ENTERTAINMENT : परेश रावल के Hera Pheri 3 छोड़ने की खबर सुन रोने लगे थे अक्षय कुमार, डायरेक्टर से बोले- ये हमारे साथ ऐसा क्यों कर रहे हैं

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हेरा फेरी 3 को लेकर इन दिनों काफी चर्चा है. फिल्म में परेश रावल, अक्षय कुमार और सुनील शेट्टी नजर आने वाले थे. लेकिन अचानक से परेश रावल ने फिल्म छोड़ दी है. परेश के इस डिसिजन ने सभी को शॉक्ड कर दिया है. अब फिल्म के डायरेक्टर प्रियदर्शन ने इस पर रिएक्ट किया है.

प्रियदर्शन ने कहा, ‘मैं बहुत दुखी और शॉक्ड हूं. परेश ने हममें से किसी को भी नहीं बताया था. वो मुझे कॉल कर सकते थे और मीडिया में जाने से पहले हमें बता सकते थे. हम लंबे समय से दोस्त हैं. सभी एक्टर्स ने 10 दिन तक शूट किया. आगे बढ़ने के निर्णय के बाद ही अक्षय ने फ्रेंचाइजी के राइट्स खरीदे थे.’

प्रियदर्शन ने कहा, ‘अक्षय रो रहा था और उसने मुझसे पूछा प्रिय परेश हमारे साथ ऐसा क्यों कर रहे हैं? उसे कोई झटका नहीं लगना चाहिए क्योंकि परेश को अचानक से ये सनक आ गई है. अक्षय ने मेरे साथ में जब काम किया है उन्होंने किसी का रोल कट नहीं किया. वो डायरेक्टर के काम में नहीं घुसते हैं. पेमेंट का भी कोई सीन नहीं लग रहा है. कॉन्ट्रैक्ट साइन हो गए थे. परेश ने कभी नहीं कहा कि वो छोड़ रहे हैं. जब मैंने उन्हें कॉल करने की कोशिश तो उन्होंने मुझे मैसेज किया कि कॉल मत करो. ये मेरा डिसिजन है और तुम्हारा लेना देना नहीं है.’

बता दें कि हेरा फेरी 3, 2000 में आई हेरा फेरी की तीसरी इंस्टॉलमेंट है. हेरा फेरी की दूसरी इंस्टॉलमेंट फिर हेरा फेरी 2006 में आई थी. दोनों ही फिल्मों को फैंस ने खूब प्यार दिया था. अब हेरा फेरी 3 आने वाली थी. फिल्म को लेकर काफी बज था. लेकिन परेश के फिल्म छोड़ने के बाद से सभी शॉक्ड हैं.

 

MUMBAI : बोरीवली में छात्रा से छेड़छाड़ करता था कॉलेज प्रिंसिपल, परेशान होकर पुलिस के पास पहुंची लड़की

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मुंबई के बोरीवली में 17 साल की छात्रा से छेड़छाड़ के आरोप में 37 साल का कॉलेज प्रिंसिपल गिरफ्तार. आरोपी महीनों से कर रहा था नाबालिग को परेशान, छात्रा की शिकायत.

मुंबई के बोरीवली इलाके में यौन उत्पीड़न का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक 37 साल के कॉलेज प्रिंसिपल को उसी कॉलेज में पढ़ने वाली 17 साल की छात्रा से छेड़छाड़ करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है. मुंबई की MHB पुलिस ने कॉलेज के प्रिंसिपल के खिलाफ BNS की धारा 74,75 और पोक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया.

नाबालिग पीड़िता मुंबई के नागपाड़ा इलाके की रहने वाली है और अपने परिवार के साथ रहती है. वह बोरीवली के एक कॉलेज में पढ़ाई कर रही है, जहां आरोपी प्रिंसिपल के पद पर कार्यरत था. शिकायत के अनुसार, प्रिंसिपल कई महीनों से लड़की के करीब आने की कोशिश कर रहा था, गलत व्यवहार कर रहा था और बार बार उसे परेशान कर रहा था.

आरोपी ने कथित तौर पर लड़की के साथ संबंध बनाने की कोशिश की और नाबालिग के साथ छेड़छाड़ करता था. लड़की ने परेशान होकर मुंबई के MHB पुलिस से संपर्क किया और घटना की सूचना दी, जिसके बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेकर तुरंत मामला दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया. अधिकारियों ने पुष्टि की है कि वह फिलहाल पुलिस हिरासत में है.

आरोपी ने बार-बार यौन संबंध बनाने की कोशिश की, लड़की से छेड़छाड़ की और उसके साथ उससे अवैध संबंध बनाने का दबाव डाला. शुरू में तो लड़की सामाजिक कलंक और अपमान के डर से चुप रही. लेकिन, मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना सहन न कर पाने के कारण उसने आखिरकार MHB पुलिस को घटना की सूचना दी.

MHB थाने की पुलिस ने शिकायत को गंभीर मानते हुए छेड़खानी और POCSO एक्ट की धाराओं में FIR दर्ज की है. मामले की जांच जारी है. वहीं अब तक स्कुल से भी किसी प्रकार का कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है.

 

NATIONAL : जयपुर में मुस्लिमों का बड़ा प्रदर्शन, महिलाएं भी हुईं शामिल, क्या की जा रही मांग?

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जयपुर में मुस्लिम संगठनों ने शहीद स्मारक पार्क में प्रदर्शन किया, जिसमें बुर्कानशीन महिलाओं समेत सैकड़ों लोग शामिल हुए. प्रदर्शनकारियों ने कानून में बदलाव वापस लेने की मांग की.

सुप्रीम कोर्ट में मामला पेंडिंग होने के बावजूद वक्फ कानून में बदलाव के विरोध में मुस्लिम संगठनों का विरोध प्रदर्शन लगातार जारी है. इसी कड़ी में ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड की अपील पर आज (गुरुवार, 22 मई) देश में कई जगहों पर विरोध प्रदर्शन कर कानून में बदलाव के खिलाफ हुंकार भरी जा रही है और फैसले को वापस लिए जाने की मांग की जा रही है. इसी कड़ी में राजस्थान की राजधानी जयपुर में भी आज एक बड़ा प्रदर्शन किया गया.

इस प्रदर्शन में कई मुस्लिम संगठनों से जुड़े हुए कार्यकर्ताओं के साथ बड़ी संख्या में आम मुस्लिम भी शामिल हुए. इस प्रदर्शन में सैकड़ों की तादाद में बुर्कानशी मुस्लिम महिलाएं भी शामिल हुईं और कानून में बदलाव के खिलाफ जमकर हुंकार भरी.

मुस्लिम संगठनों का यह विरोध प्रदर्शन शहीद स्मारक पार्क में हुआ. इस प्रदर्शन में भारी भीड़ जुटाकर मुस्लिम समुदाय के लोगों ने वक़्फ़ कानून को लेकर अपना रुख भी साफ किया. प्रदर्शन के दौरान लोगों ने कहा कि वक़्फ़ कानून में बदलाव उन्हें किसी कीमत पर मंजूर नहीं है और सरकार को इसे फौरन वापस ले लेना चाहिए. यह कानून सिर्फ मुसलमानो ही नहीं, बल्कि देश के संविधान के भी खिलाफ है और यह हमारी धार्मिक आजादी पर हमला है. इसे कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.

इस प्रदर्शन की अगुवाई मुख्य रूप से राजस्थान बोर्ड के चेयरमैन डॉ. खानू खान बुधवाली, ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड की सदस्य यास्मीन फारूकी, जमीयत इस्लामी हिंद के प्रदेश अध्यक्ष सैयद मोहम्मद नाजिम, वेलफेयर पार्टी ऑफ़ इंडिया के प्रदेश अध्यक्ष वक़ार अहमद, जमीयत के प्रेस सेक्रेट्री डाक्टर नासिर, फिरोज अहमद और वेलफेयर पार्टी की पदाधिकारी नासिरा जुबैरी ने की.

प्रदर्शन में कहा गया कि वक़्फ़ कानून में बदलाव के विरोध में कोर्ट में दलीलें पेश की जा रही हैं और साथ ही सड़कों पर भी लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन किया जा रहा है. इसके साथ ही जगह-जगह कार्यक्रम आयोजित कर लोगों को जागरूक भी किया जा रहा है.

 

NATIONAL : ‘कानून अपना काम करेगा,’ सोनिया और राहुल के खिलाफ ED के आरोपों पर बोले केंद्रीय मंत्री रेड्डी

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कांग्रेस नेता सोनिया गांधी और राहुल गांधी के बारे में प्रवर्तन निदेशालय के दावों पर प्रतिक्रिया देते हुए रेड्डी ने इंदौर में मीडिया से कहा कि कानून के सामने सभी समान हैं. कानून अपना काम करेगा.नेशनल हेराल्ड मामले में कांग्रेस नेता सोनिया गांधी और राहुल गांधी के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय के आरोपों के बीच केंद्रीय मंत्री जी. किशन रेड्डी ने कहा कि कानून अपना काम करेगा.

माना जा रहा है कि प्रवर्तन निदेशालय ने नेशनल हेराल्ड मामले में दायर अपने आरोपपत्र में आरोप लगाया है कि कांग्रेस नेता सोनिया गांधी ने यंग इंडियन (YI) कंपनी के माध्यम से सार्वजनिक धन को अपने उपयोग में लाकर अपने और अपने बेटे राहुल गांधी के निजी लाभ के लिए तत्कालीन एआईसीसी अध्यक्ष के रूप में अपने पद का दुरुपयोग किया.

दोनों नेताओं के बारे में प्रवर्तन निदेशालय के दावों पर प्रतिक्रिया देते हुए रेड्डी ने इंदौर में मीडिया से कहा, “कानून के सामने सभी समान हैं. कानून अपना काम करेगा.”दोनों कांग्रेस नेताओं का नाम लिए बिना केंद्रीय मंत्री ने कहा, “अगर किसी व्यक्ति ने गलत काम किया है या भ्रष्टाचार में शामिल है या सार्वजनिक धन लूटा है, तो उसके खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी. इस कार्रवाई का किसी पार्टी या सरकार से कोई लेना-देना नहीं है. जांच एजेंसियां ​​अपना काम करेंगी.”

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