Friday, June 26, 2026
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MP : सरकारी दफ्तर से जारी हुआ भिंड का मृत्यु प्रमाण पत्र, तहसीलदार पर एक्शन

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तहसीलदार कार्यालय की ओर से मृत्यु प्रमाण पत्र के सभी कॉलम में ‘भिंड’ लिखा हुआ था. जब इस संबंध में तहसीलदार से संपर्क किया गया तो उन्होंने इसे ‘टाइपिंग की गलती’ बताया और लोक सेवा केंद्र को दोषी ठहराया.

मध्य प्रदेश के भिंड जिले में एक तहसीलदार को लापरवाही के आरोप में पद से हटा दिया गया, क्योंकि तहसीलदार कार्यालय की ओर से जारी किए गए मृत्यु प्रमाण-पत्रों के सभी कॉलम में ‘भिंड’ लिखा पाया गया.

यह कार्रवाई तब की गई, जब सोशल मीडिया पर एक ऐसे प्रमाण-पत्र को पोस्ट किया गया, जिसमें आवेदक और मृतक के नाम व मृत्यु के स्थान के कॉलम में ‘भिंड’ लिखा हुआ था. यह पोस्ट ‘भिंड का मृत्यु प्रमाण-पत्र’ के रूप में ट्रेंड करने लगा.

भिंड के अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट एल के पांडे ने पुष्टि की कि तहसीलदार मोहन लाल शर्मा को लापरवाही के आरोप में पद से हटा दिया गया है. भिंड के चतुर्वेदी नगर कॉलोनी निवासी गोविंद ने लोक सेवा केंद्र में अपने पिता रामहेत के मृत्यु प्रमाण-पत्र के लिए आवेदन किया था. यह प्रमाण पत्र 5 मई को तहसीलदार कार्यालय की ओर से जारी किया गया था.

जब इस संबंध में तहसीलदार से संपर्क किया गया तो उन्होंने इसे ‘टाइपिंग की गलती’ बताया और लोक सेवा केंद्र को दोषी ठहराया.

COVID-19 cases: कोविड के बढ़ते केस के बीच अलर्ट पर योगी सरकार, अधिकारियों के लिए जारी हुए आदेश

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कोविड-19 के नए उपवेरिएंट JN.1 के बढ़ते मामलों के बीच योगी सरकार ने भी सतर्कता बरतनी शुरू कर दी है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक उच्च स्तरीय बैठक कर राज्य में कोविड संक्रमण की स्थिति की समीक्षा की. मुख्यमंत्री ने बैठक में स्पष्ट किया कि भले ही वर्तमान में उत्तर प्रदेश में कोविड संक्रमण को लेकर कोई विशेष चिंता की बात नहीं है, लेकिन विदेशों में बढ़ते मामलों को देखते हुए पूरी सतर्कता और सावधानी बेहद आवश्यक है.

COVID-19 new sub-variant JN.1 : देश और विदेश में कोविड-19 के नए उपवेरिएंट JN.1 के बढ़ते मामलों के बीच योगी सरकार ने भी सतर्कता बरतनी शुरू कर दी है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक उच्च स्तरीय बैठक कर राज्य में कोविड संक्रमण की स्थिति की समीक्षा की. उन्होंने स्वास्थ्य विभाग, चिकित्सा शिक्षा विभाग, जिला प्रशासन और अन्य संबंधित अधिकारियों को अलर्ट मोड में काम करने के निर्देश दिए.

मुख्यमंत्री ने बैठक में स्पष्ट किया कि भले ही वर्तमान में उत्तर प्रदेश में कोविड संक्रमण को लेकर कोई विशेष चिंता की बात नहीं है, लेकिन विदेशों में बढ़ते मामलों को देखते हुए पूरी सतर्कता और सावधानी बेहद आवश्यक है. मुख्यमंत्री ने कहा कि सावधानी ही सुरक्षा है, इसलिए किसी भी तरह की लापरवाही राज्य हित में नहीं होगी.

न्यूज एजेंसी के खबर के मुताबिक सीएम योगी ने बताया कि भारत सरकार ने अभी तक कोविड को लेकर कोई नई एडवाइजरी जारी नहीं की है, लेकिन कुछ एशियाई देशों जैसे थाईलैंड, सिंगापुर और हांगकांग में कोविड-19 के JN.1 वैरिएंट के मामले तेजी से सामने आ रहे हैं. ऐसे में यह आवश्यक हो जाता है कि प्रदेश में भी निगरानी तंत्र को मजबूत किया जाए. मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश का स्वास्थ्य ढांचा बीते वर्षों में काफी मजबूत हुआ है. विशेषकर कोविड की पिछली लहरों के दौरान जो व्यवस्थाएं तैयार की गई थीं, वे आज भी बड़ी उपयोगी साबित हो सकती हैं. उन्होंने निर्देश दिया कि राज्य के सभी मेडिकल कॉलेज, जिला अस्पताल और स्वास्थ्य इकाइयां पूरी तरह से अलर्ट मोड में रहें.

मुख्यमंत्री ने कोविड प्रबंधन के लिए पूर्व में की गई व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए कहा कि कोविड की पिछली लहरों के दौरान जिला अस्पतालों में बनाए गए 10-10 बेड के आईसीयू, वेंटिलेटर और ऑक्सीजन प्लांट को किसी भी सूरत में निष्क्रिय न होने दिया जाए. उन्होंने निर्देश दिए कि इन सभी व्यवस्थाओं की नियमित जांच, परीक्षण और आवश्यक रखरखाव किया जाए, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत काम लिया जा सके. इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि जिन अस्पतालों में अतिरिक्त मानव संसाधन की जरूरत है, वहां स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को मल्टी-टास्किंग के लिए प्रशिक्षित किया जाए, ताकि वे केवल कोविड ही नहीं बल्कि अन्य स्वास्थ्य सेवाओं में भी सहयोग कर सकें. मुख्यमंत्री ने उनकी भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि “कोविड-19 के दौरान इन कर्मियों ने जिस सेवा भाव से काम किया, वह प्रेरणास्पद है.

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बैठक में केवल कोविड-19 ही नहीं, बल्कि संचारी रोगों के प्रति भी प्रशासन को सतर्क किया. उन्होंने निर्देश दिया कि डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया, कालाजार आदि मौसमी बीमारियों से निपटने के लिए भी अभी से तैयारी शुरू कर दी जाए. उन्होंने स्पष्ट कहा कि समय से पूर्व तैयारी ही आपदा प्रबंधन की सबसे बड़ी कुंजी होती है. मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य विभाग, चिकित्सा शिक्षा विभाग, नगर निगम, पंचायत विभाग और अन्य सभी विभागों को आपसी समन्वय से कार्य करने का निर्देश दिया ताकि किसी भी रोग के फैलाव को शुरुआती चरण में ही नियंत्रित किया जा सके.

मुख्यमंत्री ने कोविड के संभावित संक्रमण पर कड़ी निगरानी बनाए रखने के निर्देश दिए हैं. उन्होंने कहा कि एयरपोर्ट्स, रेलवे स्टेशनों और बस अड्डों जैसे सार्वजनिक स्थलों पर भी सैंपलिंग, स्क्रीनिंग और निगरानी का कार्य जरूरत के अनुसार फिर से शुरू किया जा सकता है. उन्होंने सभी जिलाधिकारियों और सीएमओ को निर्देश दिए कि कोविड टेस्टिंग की क्षमता को घटने न दिया जाए, और जितने भी सैंपल लिए जाएं, उनकी रिपोर्टिंग में पारदर्शिता और गति दोनों बनी रहे.

बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जोर देकर कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार कोविड या किसी भी स्वास्थ्य आपदा से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है. उन्होंने कहा कि हमारी प्राथमिकता जीवन की रक्षा है और इसके लिए सरकार का स्वास्थ्य तंत्र सजग, सक्षम और प्रतिबद्ध है. मुख्यमंत्री ने जनता से भी अपील की कि वह सतर्क रहें, अफवाहों पर ध्यान न दें और अगर किसी को फ्लू जैसे लक्षण दिखें तो नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जांच जरूर कराएं.

UP : शादीशुदा प्रेमिका के घर में मिला युवक का शव, पुलिस के आने तक ताला लगाकर हो गई थी फरार

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लखनऊ के सरोजनी नगर इलाके में मंगलवार रात एक युवक का शव उसकी शादीशुदा प्रेमिका के घर में मिला. युवक की पहचान 21 साल के अर्पित के रूप में हुई, जो सरोजनी नगर के फर्रुखाबाद चिल्लावां का रहने वाला था. बताया जा रहा है कि अर्पित और महिला के बीच दो साल से प्रेम संबंध चल रहा था.

उत्तर प्रदेश में लखनऊ के सरोजनी नगर इलाके में मंगलवार रात एक युवक का शव उसकी शादीशुदा प्रेमिका के घर में मिला. युवक की पहचान 21 साल के अर्पित के रूप में हुई, जो सरोजनी नगर के फर्रुखाबाद चिल्लावां का रहने वाला था. बताया जा रहा है कि अर्पित और महिला के बीच दो साल से प्रेम संबंध चल रहा था. मृतक का एक प्लॉट प्रेमिका के घर के पास तपोवन नगर, आजादनगर में है, जहां वह गाय पालता था. वह रोजाना गाय को चारा देने आता और प्रेमिका से मिलने भी जाता था.

जानकारी के मुताबिक अर्पित रोज की तरह गाय को चारा देने गया था. देर शाम उसके फूफा ने सूचना दी कि अर्पित पास के ही घर में बेहोश पड़ा है. जब परिजन मौके पर पहुंचे तो अर्पित चारपाई पर अचेत अवस्था में मिला. उसे तुरंत लोकबंधु अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया.

अस्पताल से लौटने पर परिजनों ने देखा कि जहां लाश मिली उसे घर के लोग ताला लगाकर फरार हो चुके थे. मृतक के भाई ने बताया कि अर्पित की हत्या का शक पड़ोसी छोटू मौर्य उर्फ राजकुमार, उसकी पत्नी सुमन और उनके परिवार पर है. परिजनों की शिकायत पर सरोजनी नगर थाने में रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है. पुलिस ने आरोपी महिला सुमन को हिरासत में लेकर पूछताछ की है.

पुलिस की शुरुआती जांच में प्रेम-प्रसंग की बात सामने आई है. पहले दोनों के जहर खाने की बात सामने आई थी, लेकिन बाद में महिला सुमन मौर्य के होश में आने पर यह साफ हो गया कि ऐसा कुछ नहीं हुआ था.

रिपोर्ट दर्ज न होने से नाराज परिजनों और ग्रामीणों ने बुधवार शाम अमौसी मेट्रो स्टेशन के पास कानपुर रोड जाम कर दिया. पुलिस के आश्वासन और रिपोर्ट दर्ज होने के बाद ही लोगों ने रास्ता खोला. जाम करीब 20 मिनट तक रहा.अर्पित के गले पर निशान मिले हैं, जिससे आशंका जताई जा रही है कि या तो उसने आत्महत्या की या उसकी गला घोंटकर हत्या की गई

मृतक की प्रेमिका सुमन मौर्य ने पूछताछ में बताया कि अर्पित बार-बार उसे साथ भाग चलने को कहता था. मंगलवार रात को भी उसने ऐसा ही कहा, लेकिन मना करने पर उसने गुस्से में आकर फांसी लगा ली. सुमन ने पड़ोस के एक युवक को बुलाकर अर्पित को नीचे उतारा, लेकिन इसी दौरान वह खुद भी बेहोश होकर गिर गई. होश में आने पर उसने पति को सूचना दी और फिर दोनों घर में ताला लगाकर फरार हो गए. जेसीपी अमित वर्मा के मुताबिक मामले की जांच जारी है पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के आने के बाद ही मौत के सही कारण का पता चल पाएगा.

WORLD : अमेरिका में इजरायली दूतावास के 2 अफसरों की गोली मारकर हत्या, हमलावर अरेस्ट………..

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यह गोलीबारी जिस Jewish म्यूजियम के बाहर हुई है, वहां एक कार्यक्रम हो रहा था, जिसका आयोजन अमेरिकी Jewish समिति ने किया था. एफबीआई की ज्वॉइंट टेररिज्म टास्कफोर्स इस घटना की जांच कर रही है.

अमेरिका की राजधानी वॉशिंगटन में यहूदी म्यूजियम के बाहर इजरायली दूतावास के दो कर्मचारियों की गोली मारकर हत्या कर दी गई. यह घटना वॉशिंगटन में Capital Jewish Museum के बाहर हुई. इस म्यूजियम में अमेरिकन जुइश कमेटी की ओर से एक कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा था.

वॉशिंगटन पुलिस चीफ पामेला स्मिथ ने बताया कि शुरुआती जांच में पता चला है कि दोनों पीड़ित म्यूजियम में हो रहा कार्यक्रम अटैंड कर बाहर निकल रहे थे कि तभी यह घटना हुई. हमें लगता है कि हमले को एक ही शख्स ने अंजाम दिया, जो अब कस्टडी में है. शूटिंग से पहले इस शख्स को म्यूजियम के बाहर चहलकदमी करते देखा गया था. म्यूजियम से कुछ लोग जैसे ही बाहर निकले. उसने हैंडगन निकालकर दो पर गोली चला दी. वह शूटिंग के बाद म्यूजियम के भीतर गया, जहां सुरक्षाकर्मियों ने उसे डिटेन कर लिया.

इस घटना पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि यहूदी विरोध में वॉशिंगटन डीसी में हुई इन हत्याओं को अब थम जाना चाहिए. अमेरिका में नफरत और कट्टरपंथ की कोई जगह नहीं है. पीड़ितों के परिवारों के प्रति संवेदनाएं. बुरा है कि इस तरह की चीजें अब भी होती है. आप सभी पर ईश्वर की कृपा रहे.

अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने इजरायली कर्मचारियों पर हुए हमले की कड़ी निंदा की. उन्होंने कहा कि हम वॉशिंगटन डीसी में इजरायली दूतावास के दो कर्मचारियों की हत्या की कड़े शब्दों में निंदा करते हैं. हमारी दुआएं पीड़ितों के साथ हैं. यह कायराना यहूदी विरोधी हिंसा है. हम इस हमले के जिम्मेदार लोगों को कटघरे में लेकर आएंगे.

वॉशिंगटन में इजरायली दूतावास के प्रवक्ता टैल नइम कोहेन ने कहा कि इजरायली दूतावास के दो कर्मचारियों को बेहद करीब से गोली मारी गई. ये दोनों कमचारी एक यहूदी कार्यक्रम में हिस्सा ले रहे थे. हमें स्थानीय और संघीय दोनों स्तर पर प्रशासन पर पूरा भरोसा है कि वे हमलावरों को पकड़ेंगे और इजरायल के प्रतिनिधियों और यहूदी समुदाय की रक्षा करेंगे.

यह गोलीबारी जिस यहूदी म्यूजियम के बाहर हुई है, वहां एक कार्यक्रम हो रहा था, जिसका आयोजन अमेरिकी Jewish समिति ने किया था. एफबीआई की ज्वॉइंट टेररिज्म टास्कफोर्स इस घटना की जांच कर रही है.

होमलैंड सिक्योरिटी विभाग की मंत्री क्रिस्टी नोएम ने बताया कि वॉशिंगटन डीसी में Jewish म्यूजियम के पास इजरायली दूतावास के दो कर्मचारियों की मौत हो गई. हम सक्रियता से इसकी जांच कर रहे हैं और इस संबंध में और जानकारी मिलने पर शेयर करेंगे. पीड़ितों के परिवारों के लिए दुआ करे. हम हत्यारों को कटघरे में लाकर खड़ा करेंगे.

एफबीआई निदेशक काश पटेल ने कहा कि मुझे और मेरी टीम को वॉशिंगटन में Jewish म्यूजियम के बाहर शूटिंग की जानकारी दी गई. हम एमपीडी के साथ मिलकर काम कर रहे हैं. पीड़ितों और उनके परिवार वालों के लिए दुआ करें. हम आपको जल्द ही इस बारे में और जानकारी देंगे.

UP : बदायूं में आंधी-तूफान का कहर… मिंट ऑयल फैक्ट्री में लगी भीषण आग, 250 वर्कर थे मौजूद, कई KM दूर तक दिखीं लपटें

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बदायूं जिले में बीती रात एक मेंथा फैक्ट्री में आग लग गई. देखते-देखते इस आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और फैक्ट्री में काम कर रहे लगभग 250 वर्कर्स को चपेट में ले लिया. कई घंटे से राहत-बचाव कार्य चल रहा है.

उत्तर प्रदेश के बदायूं में बीती रात आए तेज आंधी-तूफान के कारण भारत मिंट ऑयल फैक्ट्री का एक हिस्सा गिर गया, जिसके चलते मेंथा फैक्ट्री में आग लग गई. देखते-देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और फैक्ट्री में काम कर रहे लगभग 250 वर्कर्स को चपेट में ले लिया. अचानक लगी इस आग के बाद फैक्ट्री में भगदड़ मच गई और जिस वर्कर को जहां जगह मिली वहीं से वह बाहर की ओर भागा.

प्रत्यक्षदर्शी वर्कर्स के मुताबिक, इस हादसे में काफी लोग फैक्ट्री के मलबे में दब गए और आग में झुलस गए. कई लोग घायल हुए हैं, जिन्हें राजकीय मेडिकल कॉलेज और उझानी के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया है. हालांकि, बदायूं के जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने किसी भी वर्कर की मौत होने से इनकार किया है. घटना के 6 घंटे बाद तक आग पर काबू नहीं पाया जा सका था. आग इतनी विकराल थी कि कई किलोमीटर दूर तक लपटें देखी जा सकती थीं.

जिला प्रशासन का कहना है कि आग बुझाने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी कि इस दुर्घटना में कितने लोग हताहत हुए हैं. सबसे बड़ी बात यह रही कि इतने विकराल अग्निकांड के बाद भी प्रशासन के अधिकारी 3 घंटे बाद मौके पर पहुंचे. फैक्ट्री के अंदर फंसे वर्कर्स के परिजनों ने प्रशासन पर अनदेखी और लापरवाही के आरोप लगाए हैं.

कूड़ा नरसिंहपुर गांव के रहने वाले प्रेम पाल सिंह के तीन पुत्र भारत मेंथा आयल फैक्ट्री में काम करते थे, जिनमें से पुष्पेंद्र कुमार और जोगिंदर कुमार तो आग लगने के बाद किसी तरह से बाहर निकल आए किंतु उनका छोटा भाई मुनेंद्र कुमार(24) फैक्ट्री के मलबे में दब गया. प्रत्यक्षदर्शी पुष्पेंद्र और जोगिंदर ने बताया कि तेज आंधी और तूफान के चलते जब फैक्ट्री का एक हिस्सा गिरा तो उसके नीचे उनका भाई मुनेंद्र दब गया. उन्होंने बताया कि फैक्ट्री का एक हिस्सा गिरने के बाद वहां रखे मेंथा आयल के ड्रम में आग लग गई, जिससे आग ने और विकराल रूप ले लिया.

दोनों ने अपने भाई मुनेंद्र को बचाने का काफी प्रयास किया किंतु तब तक आग पूरी फैक्ट्री में फैल चुकी थी और वे भाई को नहीं बचा सके. उन्होंने बताया कि 11:30 बजे तक मनिंदर के मोबाइल पर घंटी जाती रही उसके बाद उसका मोबाइल बंद हो गया. उधर, फैक्ट्री में काम करने वाले सुल्तान ने बताया कि इस फैक्ट्री में लगभग ढाई सौ वर्कर काम करते हैं और यह फैक्ट्री 24 घंटे लगातार चलती है, इसमें मेंथा आयल से क्रिस्टल, बोल्ड, डीएमओ, एक्सपरमेंट कार्बन एवं मेंथा आयल के अन्य उत्पाद बनाये जाते हैं.

प्रत्यक्षदर्शी सुल्तान के मुताबिक, घटना के समय लगभग 250 लोग फैक्ट्री में मौजूद थे. फैक्ट्री का एक हिस्सा आंधी तूफान से गिरने के बाद 10 मिनट में फैक्ट्री में भीषण आग लग गई और वे लोग किसी तरह जान बचाकर बाहर निकले.

वहीं, हाइड्रोजन गैस के सिलेंडर लेकर ट्रक से फैक्ट्री में पहुंचे हरियाणा निवासी ड्राइवर राजकुमार ने बताया कि वह ट्रक अनलोड करवा रहा था तभी अचानक फैक्ट्री का एक हिस्सा टूटकर गिरा और उसके बाद भीषण आग लग गई. वह किसी तरह फैक्ट्री की दीवार फांदकर बाहर कूद गया जिससे उसका पैर टूट गया. राजकीय मेडिकल कॉलेज में उसका इलाज चल रहा है.

इस पूरे मामले में जिलाधिकारी अवनीश कुमार राय ने बताया है कि उझानी क्षेत्र में स्थित भारत मिंट ऑयल में रात को आग लगने के बाद आसपास के गांव को खाली कराया गया है. खतरे की संभावना को देखते हुए जनपद के साथ-साथ बरेली से फायर ब्रिगेड की गाड़ियां और एंबुलेंस मंगवाई गई हैं. उन्होंने आगे बताया कि अभी तक इस अग्निकांड में किसी के मरने की कोई जानकारी नहीं है. एक ड्राइवर का पैर टूटा है जिसको राजकीय मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है.

जिलाधिकारी ने बताया कि फायर ब्रिगेड की 20 गाड़ियां आग बुझाने में लगाई गईं. आग बुझने के बाद ही इस दुर्घटना में हताहत हुए लोगों के बारे में तथा आग लगने के कारणों के बारे में कुछ कहा जा सकेगा. जब जिलाधिकारी से पूछा गया कि मुनेंद्र के भाई पुष्पेंद्र और जोगिंदर ने अपनी आंखों के सामने अपने भाई मुनेंद्र को मरते हुए देखा है, तो जिलाधिकारी ने कहा कि उनको ऐसी कोई जानकारी नहीं है, जब तक आग नहीं बुझेगी तब तक कुछ भी नहीं कहा जा सकता है.

वहीं, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बृजेश सिंह ने बताया कि भारत मिंट ऑयल में लगी विकराल आज को बुझाने के लिए फायर ब्रिगेड की गाड़ियां और कई थानों की पुलिस प्रयास कर रही हैं. उन्होंने कहा कि सुबह तक आग बुझाई जा सकेगी, उसके बाद फैक्ट्री में हुए जान माल के नुकसान का आकलन किया जाएगा. फिलहाल, इस अग्निकांड के पीड़ित लोगों के परिजनों को प्रशासन से बहुत शिकायत है. अभी तक प्रशासन का कोई भी प्रतिनिधि उनको सांत्वना देने नहीं आया है.

 

NATIONAL : कोरोना के नए वैरिएंट में दिख रहे हैं ये लक्षण, इग्नोर करना हो सकता है खतरनाक

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भारत सहित दुनिया के कई देशों में कोविड-19 के नए वैरिएंट का इंफेक्शन लगातार फैल रहा है. दरअसल, कोविड-19 के नए वैरिएंट JN.1 और इसके सब-वैरिएंट्स जैसे LF.7 और NB.1.8 के कारण एशिया में खासकर सिंगापुर और हॉन्गकॉन्ग में कोविड-19 के मामले काफी तेजी से बढ़े हैं. स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय (MoHFW) के अनुसार, भारत में भी 19 मई 2025 तक 257 एक्टिव मामले दर्ज िए गए हैं, जो पिछले एक साल में सबसे ज्यादा हैं.आइए जानते हैं कि कोरोना के नए वैरिएंट में कैसे लक्षण नजर आते हैं और इन्हें इग्नोर करना कितना खतरनाक हो सकता है?

 

कितना खतरनाक है कोरोना का JN.1 वैरिएंट?

JN.1 वैरिएंट ओमिक्रॉन BA.2.86 का सब-वैरिएंट है. यह पहली बार अगस्त 2023 में सामने आया था. जॉन्स हॉपकिन्स मेडिसिन के अनुसार, इस वैरिएंट में एक या दो एक्स्ट्रा म्यूटेशंस हैं, जो इसे अन्य वैरिएंट्स की तुलना में ज्यादा संक्रामक बनाते हैं. यह वेरिएंट हवा में मौजूद बूंदों यानी एयरबोर्न ड्रॉपलेट्स, भीड़-भाड़ वाली जगहों में निकट संपर्क और दूषित सतहों के माध्यम से फैलता है. भारत में अभी तक JN.1 फैलने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन केरल, महाराष्ट्र, और तमिलनाडु में अधिकांश नए मामले दर्ज किए गए हैं.

किन लोगों के लिए खतरनाक है नया वैरिएंट?

JN.1 वैरिएंट के लक्षण कोविड-19 के डेल्टा और ओमिक्रॉन वैरिएंट से मिलते-जुलते हैं, लेकिन कुछ नए लक्षण भी सामने आए हैं. एक्सपर्ट्स के मुताबिक, इन लक्षणों को अनदेखा करना खतरनाक हो सकता है. ऐसे में कमजोर इम्युनिटी वाले लोगों, बुजुर्गों और पुरानी बीमारियों जैसे डायबिटीज, हार्ट डिजीज से जूझ रहे लोगों को खास ध्यान रखने की जरूरत है.

कैसे हैं नए वैरिएंट के लक्षण?

कोरोना के नए वैरिएंट JN.1 में लगातार सूखी खांसी की दिक्कत होती है, जो कई दिन तक बनी रहती है. इसके अलावा खाने का स्वाद और गंध महसूस नहीं होता है. संक्रमित लोगों को तेज सिरदर्द होता है, जो नॉर्मल दवाओं से ठीक नहीं होता है. इसके अलावा नाक बहना से लेकर नाक बंद होना, थकान, गले में खराश भी कोविड के नए वैरिएंट के लक्षण हैं.

इन चीजों का रखें ध्यान

एक्सपर्ट्स के मुताबिक, कोरोना वैक्सीन और बूस्टर डोज JN.1 और इसके सब-वैरिएंट्स के खिलाफ गंभीर बीमारी और अस्पताल में भर्ती होने से बचाव के लिए असरदार हैं. जो लोग ज्यादा संक्रमित हैं, उन्हें तुरंत बूस्टर डोज लगवानी चाहिए. इस दौरान भीड़-भाड़ वाली जगहों पर मास्क पहनकर जाएं. वहीं, सोशल डिस्टेंसिंग का पालन जरूर करें. नियमित रूप से हाथ धोएं और सैनिटाइजर इस्तेमाल करें.

NATIONAL : अखिलेश यादव का योगी सरकार पर हमला, बोले– यूपी की स्वास्थ्य व्यवस्था ICU में है

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समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश की योगी सरकार पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने कहा कि प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा चुकी है, सरकारी अस्पतालों में इलाज की जगह अब दुर्व्यवहार और लापरवाही की खबरें सामने आ रही हैं.

अखिलेश यादव ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग भ्रष्टाचार में डूबा हुआ है और जिम्मेदार मंत्री अस्पताल सुधारने के बजाय दूसरे कामों में व्यस्त हैं. मरीजों और उनके परिजनों की समस्याओं से सरकार को कोई सरोकार नहीं है.

न्याय मांगने वालों पर लाठीचार्ज कर रही सरकार

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि आज सरकारी और निजी अस्पतालों में मनमानी चरम पर है. गरीब लोग इलाज के लिए सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों के बीच भटकते रहते हैं. कई जगह अस्पतालों में डॉक्टर नहीं हैं, कहीं बेड और स्ट्रेचर नहीं मिलते तो कहीं जांचें ही नहीं हो रही हैं. हालत ये हो गई है कि मरीज इलाज न मिलने की वजह से दम तोड़ रहे हैं.

कन्नौज की बेटी की मौत पर उठाए सवाल

अखिलेश यादव ने कन्नौज के छिबरामऊ में हुई एक दर्दनाक घटना का जिक्र करते हुए कहा कि वहां एक निजी अस्पताल की लापरवाही से रूचि गुप्ता नाम की एक बेटी की मौत हो गई, लेकिन न्याय की मांग करने वालों पर सरकार ने लाठीचार्ज कर दिया. उन्होंने आरोप लगाया कि इस मामले में भाजपा सांसद सुब्रत पाठक, विधायक अर्चना पांडेय और सरकार खुद दोषियों को बचा रही है.

स्वास्थ्य मंत्री पर साधा निशाना

सपा अध्यक्ष ने कहा कि प्रदेश के चिकित्सा मंत्री अपने विभाग की जिम्मेदारी निभाने में नाकाम रहे हैं. अब वे ध्यान भटकाने के लिए दूसरों पर कीचड़ उछालने का काम कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश की जनता 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव में ऐसे बड़बोले नेताओं को सबक जरूर सिखाएगी.

समाजवादी सरकार के कामों को बताया मिसाल

अखिलेश यादव ने कहा कि समाजवादी सरकार ने आजमगढ़, जौनपुर, जालौन और कन्नौज में मेडिकल कॉलेज बनवाए थे. लखनऊ में वर्ल्ड क्लास कैंसर संस्थान भी समाजवादी सरकार की देन है. लेकिन मौजूदा सरकार ने इन संस्थानों को सुविधाएं और बजट तक नहीं दिया, जिससे उनकी स्थिति बदहाल हो गई है.

सरकार पर लगातार निशाना

गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर विपक्ष लगातार सरकार पर निशाना साधता रहा है. राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन और मेडिकल कॉलेजों की व्यवस्थाओं को लेकर भी कई बार सरकार को जवाब देना पड़ा है. अब कन्नौज की बेटी की मौत और उस पर हुई सख्ती को लेकर यह मुद्दा फिर गरमा गया है.

SPORTS : विराट कोहली और अनुष्का शर्मा ने एक ही टीम से खेला ये खेल, सामने थी ये जोड़ी

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रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु इस सीजन खिताब जीतने की प्रबल दावेदार है. रजत पाटीदार की कप्तानी वाली ये टीम प्लेऑफ में क्वालीफाई कर चुकी है. अब टीम की निगाहें लीग स्टेज के सफर को टॉप 2 में रहकर खत्म करने पर है. इस बीच टीम ने ‘पिकलबॉल’ खेला. विराट कोहली और अनुष्का शर्मा एक ही टीम में थे. आरसीबी ने इसकी फोटो सोशल मीडिया पर शेयर की.

विराट और अनुष्का ने इस खेल को खूब एन्जॉय किया. फोटो में आप दोनों को जीतने पर खुश होते हुए देख सकते हो. उनके सामने शायद दिनेश कार्तिक और उनकी पत्नी दीपिका खेल रही थी. आरसीबी ने उनकी फोटो भी शेयर की. दिनेश की पत्नी दीपिका पल्लीकल एक प्रोफेशनल स्क्वाश प्लेयर हैं. दिनेश अभी आरसीबी टीम में बल्लेबाजी कोच हैं. आरसीबी टीम के अन्य प्लेयर्स ने भी ये खेल खेला. टेस्ट क्रिकेट से रिटायरमेंट के बाद विराट कोहली का पहला मैच 17 मई को आयोजित था, लेकिन बारिश के कारण एक गेंद का खेल भी नहीं हो पाया. आरसीबी ने अभी तक खेले 12 मैचों में से 8 में जीत दर्ज की है और सिर्फ 3 में उसे हार मिली है. 17 अंकों के साथ आरसीबी अंक तालिका में दूसरे स्थान पर है.

NATIONAL : मध्य प्रदेश में सांप घोटाला: एक शख्स को 30 बार मृत बताया और करोड़ों का हो गया गबन

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मध्य प्रदेश के सिवनी जिले में सर्पदंश घोटाला सामने आया है, जिसने प्रशासनिक व्यवस्था की लापरवाही और भ्रष्टाचार की पोल खोल दी है. इस घोटाले में 47 मृत व्यक्तियों के नाम पर बार-बार फर्जी मृत्यु दावा दर्ज कर शासन की राशि का गबन किया गया. इस गबन की कुल राशि 11 करोड़ 26 लाख रुपये बताई जा रही है. MP सरकार सांप काटने से मृत्यु होने पर 4 लाख रुपये का मुआवजा देती है.

रमेश नाम के शख्स को 30 बार अलग-अलग दस्तावेजों में मृत बताया गया, वह भी हर बार सांप के काटने से. ऐसा करके भ्रष्ट अधिकारियों ने 1 करोड़ 20 लाख रुपये का गबन किया. इतना ही नहीं, रामकुमार को भी 19 बार मरा दिखाकर 38 फर्जी रिकॉर्ड के जरिए लगभग 81 लाख रुपये गबन किए गए.

एक ही रिकॉर्ड बार-बार संशोधित कर बिल तैयार किए गए
इन नामों पर मृत्यु दावा और फसल क्षतिपूर्ति के आधार पर एक ही रिकॉर्ड को बार-बार संशोधित कर नए बिल तैयार किए गए और शासन की राशि को कई खातों में ट्रांसफर किया गया.

यह घोटाला वर्ष 2019 से शुरू हुआ और 2022 तक जारी रहा. यानी कमलनाथ सरकार में शुरू हुआ भ्रष्टाचार का सिलसिला शिवराज सरकार तक चला. द रॉयल सोसाइटी ऑफ ट्रॉपिकल मेडिसिन एंड हाइजीन जनरल की रिपोर्ट के मुताबिक, साल 2020 से 2022 के बीच यानी दो साल में मध्यप्रदेश सरकार ने सांप के काटने पर 231 करोड़ रुपए का मुआवजा बांटा था. इन दो वर्षों में 5 हजार से ज्यादा लोगों की मौत हुई थी.

जान-पहचान वालों के खातों में राशि ट्रांसफर की
इस घोटाले को एक नहीं बल्कि कई कर्मचारी और अधिकारियों ने मिलकर किया . आरोपी सहायक ग्रेड 3 सचिन दहायक ने तहसील और जिला स्तर पर मौजूद अन्य अधिकारियों की मिलीभगत से शासन के वित्तीय प्रबंधन प्रणाली (IFMS) को गुमराह किया.

जांच में सामने आया है कि मृत व्यक्तियों के नाम पर बिना मृत्यु प्रमाण पत्र, पुलिस वेरिफिकेशन और पीएम रिपोर्ट के भी बिल पास किए जाते रहे. इस पूरे मामले में सबसे खास बात यह है कि इस मामले में सहायक ग्रेड 3 सचिन दहायक के साथ 46 अन्य लोगों के नाम सामने आए हैं, जिनमें तत्कालीन एसडीएम अमित सिंह और पांच तहसीलदारों की भी भूमिका संदिग्ध पाई गई है.

जांच के दौरान यह भी सामने आया कि इन अधिकारियों की आईडी और अधिकारों का दुरुपयोग कर फर्जी दस्तावेज तैयार किए गए और उसी आधार पर कोषालय स्तर से भुगतान भी पास हुआ. जांच अधिकारी के मुताबिक मुख्य आरोपी ने अपने परिवार, दोस्तों और जान-पहचान वालों के खातों में राशि ट्रांसफर की. जांच रिपोर्ट में यह साफ हुआ कि शासन की राशि सीधे लाभार्थी खातों में न जाकर, निजी खातों में पहुंचाई गई. इससे साफ है कि यह गबन सुनियोजित और संगठित तरीके से किया गया.

वित्त विभाग की विशेष टीम की जांच में हुआ खुलासा
जबलपुर संभाग के वित्त विभाग की विशेष टीम द्वारा की गई जांच में यह खुलासा हुआ. जांच अधिकारी संयुक्त संचालक रोहित सिंह कौशल ने बताया कि यह रिपोर्ट अब सिवनी कलेक्टर को भेज दी गई है, जो आगे की कार्रवाई करेंगे. अभी तक इस पूरे मामले में सिर्फ एक ही गिरफ्तारी सहायक ग्रेड 3 सचिन दहायक की गई है. जबकि अन्य आरोपियों पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है.

इस घोटाले ने शासन की IFMS प्रणाली, तहसील प्रशासन और जिला कोषालय की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं. एक ही व्यक्ति को बार-बार मरा हुआ दिखाकर फर्जी बिल पास होते रहे, और तीन स्तरों पर होने वाले बिल वेरीफिकेशन के बावजूद किसी को संदेह तक नहीं हुआ.

पूरे मामले में जांच अधिकारी एवं जबलपुर संभाग के कोस एवं लेखा विभाग के संयुक्त संचालक रोहित कौशल ने बताया कि जांच में साफ है कि कई बार एक ही व्यक्ति के नाम पर फर्जी मृत्यु दावा बनाकर शासन की राशि निजी खातों में डाली गई. जांच रिपोर्ट कलेक्टर सिवनी को सौंप दी गई है. आगे की कार्रवाई उनके द्वारा की जाएगी.

कांग्रेस ने बीजेपी सरकार को घेरा
अब इस मामले में राजनीति भी शुरू हो गई है कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा मध्य प्रदेश में ऐसे मामले सामने आ रहे हैं जो कभी किसी ने ना देखे हैं ना सुने हैं, सिवनी जिले में एक आदमी को 38 बार सांप ने काट लिया और सांप काटने पर मिलने वाली चार लाख रुपये की राशि का घोटाला हो गया, सिवनी जिले में ऐसे मामलों में 11 करोड़ रुपये का घोटाला हो चुका है तो पूरे राज्य में क्या हाल होगा?

वहीं दूसरी ओर बीजेपी कह रही है कि हमारी सरकार में करप्शन के लिए कोई जगह नहीं है, जैसे ही मामला सामने आया जांच हो रही है और किसी आरोपी को छोड़ा नहीं जाएगा.

NATIONAL : दिल्ली में बिकने जा रहे 7500 फ्लैट, पहले आओ-पहले पाओ के तहत करें बुक, जानें प्रोसेस

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अगर दिल्ली में घर की तलाश में हैं तो ये खबर आपके लिए है. दिल्ली के उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने मंगलवार (20 मई) को दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) की नई आवास योजना ‘अपना घर आवास योजना 2025’ का शुभारंभ किया. इसके तहत कुल 7,500 फ्लैट्स की बिक्री की जानी है. ये फ्लैट्स लोकनायकपुरम, सिरसपुर और नरेला में बेचे जाएंगे.

EWS (आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग), LIG (निम्न आय वर्ग), MIG (मध्यम आय वर्ग) और HIG (उच्च आय वर्ग) जैसी श्रेणियों के लिए फ्लैट उपलब्ध हैं. यह योजना सभी भारतीय नागरिकों के लिए खुली है और ‘पहले आओ, पहले पाओ’ के आधार पर फ्लैटों का आवंटन किया जाएगा.

सिंगल-विंडो पूछताछ और ऑनलाइन दस्तावेजों की सुविधा है शामिल
यह नई योजना DDA की पूर्व सफल योजनाओं ‘सबका घर आवास योजना 2025’ और ‘श्रमिक आवास योजना 2025’ के अनुभवों पर आधारित है. DDA की ओर से जारी एक आधिकारिक बयान में बताया गया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के डिजिटल इंडिया विजन को ध्यान में रखते हुए इस योजना को पूरी तरह डिजिटल रूप से सक्षम किया गया है.

डीडीए ने घर खरीदारों की सहायता के लिए कई नवाचार किए हैं, जिनमें सिंगल-विंडो पूछताछ प्रणाली और ऑनलाइन सभी आवश्यक दस्तावेजों की सुविधा शामिल है, जिससे पारदर्शिता और सूचना के प्रवाह में सुधार हुआ है.

DDA की चैट-बॉट सेवा 24 घंटे करेगी मदद
DDA ने पहली बार एक समर्पित चैट-बॉट सेवा भी शुरू की है, जो 24 घंटे नागरिकों को सहायता प्रदान करेगी. यह चैट-बॉट न केवल फ्लैट से संबंधित जानकारी देगा, बल्कि आवेदन प्रक्रिया और आवंटन से जुड़ी शंकाओं का समाधान भी करेगा. इन डिजिटल पहलों ने खरीदारों का अनुभव बेहतर बनाने के साथ-साथ जनता में DDA के प्रति विश्वास भी मजबूत किया है. एलजी सक्सेना ने इन प्रयासों को ‘DDA के नवाचार की दिशा में बड़ा कदम’ बताया.

दिल्ली में लंबे समय से घाटे में चल रही DDA ने इस वर्ष बड़ी उपलब्धि हासिल की है. वित्तीय वर्ष 2024-25 के अंत तक DDA ने 1,371 करोड़ रुपये का मुनाफा दर्ज किया है, जो आवास इकाइयों की रिकॉर्ड बिक्री का परिणाम है. नरेला उपनगर में शिक्षा, खेल और न्यायिक संस्थानों की स्थापना, बेहतर पुलिस व्यवस्था और रिठाला-नरेला-कुंडली मेट्रो कॉरिडोर जैसी परियोजनाओं ने क्षेत्र को निवेश के लिए आकर्षक बनाया है. उपराज्यपाल ने कहा कि इन सब विकास कार्यों ने नरेला को दिल्लीवासियों के लिए नया ‘हॉटस्पॉट’ बना दिया है.

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