Friday, June 26, 2026
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NATIONAL : राजस्थान में कम हो जाएगी BJP विधायक की संख्या? कांग्रेस ने चल दिया बड़ा दांव

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राजस्थान की राजनीति में एक बार फिर गरमाहट आ गई है. कांग्रेस ने विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के इशारे पर काम करने का गंभीर आरोप लगाया है. आरोप यह है कि बीजेपी विधायक कंवरलाल मीणा, जिन्हें हाल ही में 3 साल की सजा सुनाई गई है, उनकी अब तक अयोग्यता की घोषणा नहीं की गई है.

अब इस मुद्दे को लेकर सोमवार (19 मई) को विपक्ष के नेता टीकाराम जूली (Tikaram Jully) और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा (Govind Singh Dotasra) के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल कलराज मिश्र से मुलाकात कर इस मामले में हस्तक्षेप की मांग की.

देश में दो नहीं एक कानून होना चाहिए- टीकाराम जूली
टीकाराम जूली ने मीडिया से बातचीत में कहा कि देश में एक कानून होना चाहिए, दो नहीं. उन्होंने राहुल गांधी का उदाहरण देते हुए कहा कि उनकी लोकसभा सदस्यता 24 घंटे में खत्म कर दी गई थी, जबकि कंवरलाल मीणा को सजा हुए 19 दिन बीत चुके हैं और अब तक कोई फैसला नहीं हुआ है. सुप्रीम कोर्ट की बेंच द्वारा राहत न मिलने के बावजूद विधानसभा अध्यक्ष की ओर से कोई कदम नहीं उठाया गया है.

बीजेपी और संघ के इशारों पर काम कर रहे हैं स्पीकर- गोविंद सिंह डोटासरा
डोटासरा ने कहा कि सरकार उनकी रिहाई के रास्ते तलाश रही है और स्पीकर बीजेपी और संघ के इशारों पर काम कर रहे हैं. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कंवरलाल मीणा को अब भी पुलिस सुरक्षा दी जा रही है, जबकि उनके खिलाफ 27 मामले लंबित हैं, जिनमें लोकसेवकों पर हमला भी शामिल है. कांग्रेस नेताओं ने यह भी दावा किया कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा दो सप्ताह में आत्मसमर्पण का जो आदेश दिया गया था, उसकी समयसीमा भी बीत चुकी है, फिर भी कोई कार्रवाई नहीं हुई.कांग्रेस ने यह साफ कर दिया है कि यदि जल्द ही इस मामले में कोई निर्णय नहीं लिया गया, तो वह अपना अगला कदम सार्वजनिक करेगी. इस पूरे घटनाक्रम से राजस्थान की सियासत में खलबली मच गई है और यह देखना दिलचस्प होगा कि विधानसभा अध्यक्ष और राज्यपाल इस पर क्या रुख अपनाते हैं

SPORTS : UAE vs BAN : यूएई ने बांग्लादेश को चटाई धूल, आखिरी ओवर में जीता रोमांचक T20 मुकाबला

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संयुक्त अरब अमीरात की क्रिकेट टीम ने सोमवार को इतिहास रच दिया, उन्होंने बांग्लादेश के खिलाफ टी20 मुकाबले में 206 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए जीत दर्ज की. अंतिम 12 गेंदों में यूएई को जीत के लिए 29 रन चाहिए थे, 19वें ओवर में पासा पलट गया जिसने यूएई के लिए जीत की उम्मीद जगाई.

अंतिम ओवर तक चले रोमांचक मुकाबले में यूएई को जीत के लिए 12 गेंदों में 29 रन चाहिए थे. 19वां ओवर शरीफुल इस्माल ने डाला, उन्होंने पहली ही गेंद पर आलिशान शराफु (13) को आउट किया लेकिन इसके बाद ओवर में 17 रन लुटा दिए. हैदर अली ने एक छक्का और एक चौका मारा, इससे पहले ध्रुव पाराशर ने एक चौका जड़ा था.

अंतिम ओवर में जीत के लिए 12 रन चाहिए थे, ध्रुव ने दूसरी गेंद पर छक्का मारकर टीम का स्कोर 200 के पार पहुंचा दिया. लेकिन तीसरी गेंद पर तंजीम हसन शाकिब ने उन्हें बोल्ड कर मैच का रोमांच बढ़ा दिया. चौथी गेंद पर सिंगल के बाद शाकिब ने एक नो बॉल फेंक दी, जिसने काम बिगाड़ दिया. पांचवी गेंद पर 2 रन लेकर यूएई ने जीत सुनिश्चित की और सीरीज को 1-1 से बराबर किया.

मुहम्मद वसीम बने प्लेयर ऑफ़ द मैच

शारजाह में खेले गए दूसरे टी20 मुकाबले में बांग्लादेश ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 205 रनों का विशाल स्कोर बनाया था. तंजिद हसन ने 33 गेंदों में 59, कप्तान लिटन दास ने 32 गेंदों में 40 और तौहीद हृदोय ने 45 रनों की अच्छी पारी खेली थी.

लक्ष्य का पीछा करते हुए कप्तान मुहम्मद वसीम ने कप्तानी पारी खेली, उन्होंने 42 गेंदों में 5 छक्के और 9 चौकों की मदद से 82 रनों की शानदार पारी खेली. इस पारी के लिए उन्हें मैच का सर्वश्रेष्ठ प्लेयर चुना गया. उन्होंने ज़ोहाइब खान के साथ मिलकर पहले विकेट के लिए 107 रनों की साझेदारी की, जिसने टीम को अच्छी शुरुआत मिली.

यूएई ने रचा इतिहास

ये यूएई क्रिकेट टीम की बांग्लादेश के खिलाफ पहली टी20 जीत है. इससे पहले खेले गए तीनों मैचों में बांग्लादेश ने जीत दर्ज की थी. यूएई बनाम बांग्लादेश 3 मैचों की टी20 सीरीज का आखिरी और निर्णायक मैच 21 मई को शारजाह में शाम 8:30 बजे से खेला जाएगा.

BHAKTI : युद्ध को लेकर गीता में क्या कहा गया है, कब युद्ध करना हो जाता है जरूरी

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ये पंक्ति तो आपने जरूरी सुनी होगी, जिसमें कहा गया है- विश्व की पुकार है ये भागवत का सार है कि युद्ध ही तो वीर का प्रमाण है. कौरवों की भीड़ हो या पांडवों का नीर हो जो लड़ सका है वही तो महान है.

आज दुनियाभर के कई देशों में युद्ध जैसी स्थिति बनी हुई है, तो वहीं कुछ देशों में युद्ध चल भी रहे हैं. हाल ही भारत और पाकिस्तान (India-Pakistan Tension) के बीच युद्ध जैसी स्थिति देखने को मिली. जब पहलगाम (pahalgam attack) में भारतीयों पर आतंकी हमला किया गया और 26 लोगों की मौत हो गई, जिसका बदला भारतीय सैनिकों ने ऑपरेशन सिंदूर (Operation Sindoor) से लिया.

हम सभी जानते हैं कि, युद्ध किसी भी स्थिति में सुखद नहीं होता. लेकिन न्याय, आत्मरक्षा, प्रतिशोध आदि कई ऐसे कारण हैं जब युद्ध करना जरूरी भी हो जाता है. अगर युद्ध को धार्मिक दृष्टिकोण से देखें तो स्वंय श्रीकृष्ण न्याय युद्ध के बारे में बताते हैं.

द्वापर युग में भी धर्म रक्षा के लिए महाभारत युद्ध हुआ था, जोकि पूरे 18 दिनों तक चला था. लेकिन महाभारत (Mahabharat) केवल युद्ध नहीं था, बल्कि यह ऐसा युद्ध था जिसमें घटित हुई घटनाएं आज भी लोगों को शिक्षा प्रदान करती है. महाभारत युद्ध के दौरान ही कुरुक्षेत्र की रणभूमि में गीता उपदेश की उत्पत्ति हुई. महाभारत युद्ध होने के कई कारण थे, जैसे दुर्योधन का अहंकार, द्रौपदी का दुर्योधन को अंधे का पुत्र कहना, द्रौपदी का चीरहरण, कौरवों का राजपाट हड़पने की लालसा और पुत्र मोह में डूबे धृतराष्ट का अर्थ-अनर्थ का भेद भूल जाना.

युद्ध का कारण चाहे कुछ भी हो लेकिन श्रीकृष्ण ने न्याय युद्ध को सर्वोपरि रखा है. इसलिए न्याययुद्ध को धर्मयुद्ध की श्रेणी में रखा जाता है. श्रीकृष्ण कहते हैं कि जब अन्याय चरम पर पहुंच जाए और सभी तरीके अपना लेने के बाद भी समस्या का हल न हो तो इस पर काबू पाने का एकमात्र विकल्प बस युद्ध ही है, जिसे अवश्य करना चाहिए. अगर युद्ध की आवश्यकता है और आप इससे भागते हैं तो आप पाप के भागीदार बन जाते हैं.

“हतो वा प्राप्यसि स्वर्गम्, जित्वा वा भोक्ष्यसे महिम्।
तस्मात् उत्तिष्ठ कौन्तेय युद्धाय कृतनिश्चय:॥”

इस श्लोक के माध्यम से श्रीकृष्ण अर्जुन को कहते हैं कि, युद्ध में अगर तुम वीरगति को प्राप्त होते हो तो स्वर्ग जाओगे और अगर युद्ध के बाद बच जाते हो तो धरती का सुख भोगोगे. इसलिए उठो अर्जुन और निश्चय करते युद्ध करो.

युद्ध टल सके तो टाल देना चाहिए

श्रीकृष्ण ने गीता में यह भी कहा है कि, युद्ध के सृजन से पहले विनाश होता है. इसलिए किसी भी परिस्थिति को बदलने के लिए युद्ध को कभी भी पहला विकल्प नहीं मानना चाहिए. सबसे पहले परिस्थिति को अहिंसापूर्वक सुलझाने का प्रयास करें और अगर आवश्यकता न हो तो युद्ध को टालने में ही भलाई है.

हाल ही में पहलगाम हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनातनी काफी बढ़ गई, जिसके बाद युद्ध जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई. जबकि यह सभी को पता था कि अगर युद्ध होता है तो नुकसान दोनों देशों का होगा. ऐसे में सीजफायर का विकल्प ढूंढा गया, जिसके बाद दोनों देशों ने अपने पैर पीछे कर लिए.

NATIONAL : चमोली जनपद में भारी बारिश ने मचाई तबाही, बद्रीनाथ धाम हाईवे पर घंटों फंसी रही गाड़ियां

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उत्तराखंड में बीते दिन सोमवार को चमोली जनपद के विभिन्न क्षेत्रों में भारी बारिश हुई. दोपहर करीब तीन बजे पागल नाला के उफान पर आने से पुलिस की ओर से बद्रीनाथ धाम जा रहे रहे करीब 1500 श्रद्धालुओं के वाहनों को पाखी, पीपलकोटी और चमोली में रोक लिया गया है, जबकि बद्रीनाथ धाम की तीर्थ यात्रा से लौट रहे करीब 1000 श्रद्धालुओं के वाहनों को ज्योतिर्मठ, हेलंग और सेलंग में रोका गया.

तेज बारिश आने से पागल नाला उफान पर आ गया, जिसके कारण बद्रीनाथ हाइवे पर यात्री काफी देर तक फंसे रहे. करीब 5 घंटे तक हाईवे पर वाहनों की आवाजाही ठप रही, जिससे बद्रीनाथ जा रहे तीर्थ यात्री और लौटकर आने वाले हजारों यात्री फंसे रहे. अनुमान के अनुसार लगभग 2500 तीर्थ यात्री लगभग 5 घंटों तक इस जगह फंसे रहे.

5 घंटे तक हाईवे फंसे रहे श्रद्धालु
सोमवार से शाम भारी बारिश होने के चलते बदरीनाथ हाईवे पर पागल नाला तूफान पर आ गया, जिससे कई वाहन फंस गए और हजारों की संख्या में यात्री कई घंटे तक फंसे रहे. इनमें कई यात्री ऐसे थे जो चारधाम यात्रा के लिए जा रहे थे और कई यात्री ऐसे थे जो चारधाम यात्रा करके वापस लौट रहे थे. लगातार बरसाती नाले के उफान पर आने के चलते पुलिस ने सभी तीर्थ यात्रियों को चमोली, पीपलकोटी पाखी हेलंग और ज्योर्तिमठ में ही रोक लिया. जिससे काफी फायदा हुआ और किसी प्रकार की कोई दुर्घटना नहीं घटी.

लगभग 5 घंटे तक हाईवे जाम रहा इस दौरान लगभग 2500 श्रद्धालु फंसे रहे. तकरीबन रात 8 बजे तक इस रास्ते को खोला गया, जिसके बाद तमाम यात्री अपने आगे के रास्ते के लिए रवाना हुए. मौसम विभाग ने जो चेतावनी जारी की थी वह पहाड़ी इलाकों में सटीक साबित हुई और कई इलाकों में भारी वर्षा देखने को मिली. रात करीब आठ बजे तक हाईवे के ठीक होने के बाद श्रद्धालुओं को उनके गंतव्य के लिए रवाना किया गया. पीपलकोटी चौकी इंचार्ज लक्ष्मी प्रसाद बिजल्वाण ने बताया कि पागल नाला में मलबा और बोल्डर आने से वाहनों की आवाजाही बाधित हो गई थी.

बारिश के बाद मशीनों से हटाया गया मलबा
एनएचआईडीसीएल की मशीनों से मलबा हटाया गया. कहा कि कुछ वाहनों को अपराह्न तीन बजे एक-एक कर छोड़ा गया, लेकिन बाद में मलबा अधिक आने से वाहनों को जगह-जगह रोका गया. हाईवे सुचारु होने पर श्रद्धालुओं को उनके गंतव्य को भेज दिया गया.

NATIONAL : यूपी में योगी सरकार ने लिया बड़ा ‘संकल्प’, 2027 तक राज्य को इस चीज से कर दिया जाएगा मुक्त!

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उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली सरकार ने बाल श्रम के खिलाफ निर्णायक अभियान शुरू कर 2027 तक राज्य को बाल श्रम से पूरी तरह मुक्त करने का संकल्प लिया है. सोमवार को जारी एक आधिकारिक बयान के अनुसार यह लक्ष्य तय करते हुए सरकार ने बहुआयामी योजनाओं को जमीन पर उतार दिया है. जागरूकता से लेकर शिक्षा और पुनर्वास तक, हर स्तर पर ठोस प्रयास किये जा रहे हैं, ताकि बचपन को मजबूरी नहीं, अवसर मिल सके.

बयान के मुताबिक, राज्य सरकार ने बाल श्रम की रोकथाम के लिए 12 जून को अंतरराष्ट्रीय बाल श्रम निषेध दिवस के माध्यम से विशेष जागरूकता कार्यक्रम चलाने का निर्णय लिया है. इन कार्यक्रमों के माध्यम से समाज को यह संदेश दिया जाएगा कि बच्चों का स्थान केवल स्कूल में है, श्रम में नहीं. इसके लिए विभिन्न विभागों के माध्यम से समन्वय बनाकर जागरुकता अभियान को धार दी जाएगी.

12,426 बाल श्रमिकों का कराया गया शैक्षिक पुनर्वास
राज्य सरकार के प्रयासों से 2017-18 से 2024-25 तक 12,426 बाल श्रमिकों का शैक्षिक पुनर्वास कराया गया है, ताकि ये बच्चे फिर से विद्यालय में जाकर एक नई शुरुआत कर सकें. यही नहीं, इन बच्चों के परिवारों को भी सरकार ने अकेला नहीं छोड़ा. ऐसे 1,089 परिवारों को आर्थिक पुनर्वास के जरिए सहायता दी गई है, ताकि वे मजबूरीवश अपने बच्चों से काम न करवाएं.

सरकार द्वारा संचालित ‘बाल श्रमिक विद्या योजना’ के अंतर्गत 2,000 कामकाजी बच्चों को स्कूल में दाखिला दिलाया गया है और उन्हें आर्थिक सहायता भी प्रदान की गई, जिससे उनके पढ़ाई के रास्ते में कोई बाधा न आए. यह योजना न केवल शिक्षा को बढ़ावा देती है, बल्कि सामाजिक दृष्टिकोण को भी बदलने का काम कर रही है.

श्रम कल्याण परिषद के माध्यम से संगठित क्षेत्र के श्रमिकों के लिए आठ कल्याणकारी योजनाएं चलायी जा रही हैं. इनके संचालन के लिए सरकार ने 40 करोड़ रुपये की निधि उपलब्ध कराई है. वर्ष 2024-25 में अब तक 309 श्रमिकों को 1.32 करोड़ रुपये की सहायता देकर राहत पहुंचाई जा चुकी है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के स्पष्ट निर्देश हैं कि बचपन से बड़ा कोई भविष्य नहीं होता और बच्चों से बड़ा कोई निवेश नहीं. इसी सोच के तहत सरकार हर बच्चे को बाल श्रम से मुक्त कर शिक्षा, सुरक्षा और सम्मान की दिशा में अग्रसर कर रही है.

HEALTH : जवानी में की गई इस गलती की वजह से घुटने हो जाते हैं खराब, तुरंत बरतें ये सावधानी

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जब हम जवान होते हैं, तो शरीर को मशीन की तरह इस्तेमाल करते हैं. भागदौड़, कसरत, खेल और कभी-कभी जरूरत से ज्यादा लापरवाही. उस वक्त लगता है, घुटनों की ताकत कभी खत्म नहीं होगी. लेकिन सच्चाई ये है कि, जवानी में की गई छोटी-छोटी गलतियां उम्र बढ़ने पर बड़ा दर्द बन जाती हैं. खासतौर पर घुटनों को लेकर की गई लापरवाही, जिसे हम नजरअंदाज करते हैं.

आपको बता दें, घुटने हमारे शरीर की नींव हैं. हम चलते हैं, दौड़ते हैं, चढ़ते-उतरते हैं, हर बार घुटने हमारे शरीर का पूरा भार उठाते हैं. लेकिन दुर्भाग्य से, यही घुटने सबसे ज्यादा अनदेखी का शिकार होते हैं, खासकर तब जब हम जवान होते हैं. उस उम्र में दर्द, अकड़न या थकान को हम हल्के में ले लेते हैं.

घुटनों को नुकसान पहुंचाने वाली आम गलतियां 

जिम में बिना ट्रेनर के भारी वेट उठाना या स्क्वाट्स जैसी एक्सरसाइज गलत तरीके से करना घुटनों पर सीधा असर डालता है.

घंटों कंप्यूटर के सामने बैठे रहना या पैर मोड़कर लगातार बैठना घुटनों की मूवमेंट को कम कर देता है.

कैल्शियम और विटामिन D की कमी हड्डियों और जोड़ों को कमजोर बना देती है, जिससे समय से पहले घुटनों में दर्द शुरू हो सकता है.

शरीर  घुटनों पर अतिरिक्त दबाव डालता है. समय रहते वजन कंट्रोल न किया जाए तो जोड़ों की उम्र कम हो जाती है.

अगर खेलते समय या चलते वक्त घुटने में हल्की मोच आई हो, तो उसे नजरअंदाज करना खतरनाक हो सकता है.

कैसे बचाएं अपने घुटनों को?

योग, स्ट्रेचिंग, साइकलिंग, तैराकी घुटनों के लिए फायदेमंद हैं.

जमीन पर बैठते वक्त ज्यादा देर तक घुटने मोड़े रखने से बचें. उठते वक्त धीरे-धीरे उठें, झटका न दें.

दूध, दही, हरी पत्तेदार सब्जियां, बादाम और अंडे का सेवन करें.

मोटापा घटाकर घुटनों का बोझ कम किया जा सकता है. यह घुटनों की सेहत के लिए सबसे जरूरी कदमों में से एक है.

घरेलू नुस्खे या दर्द की दबा लेने से बचें.  किसी भी तरह की तकलीफ हो तो विशेषज्ञ से संपर्क करें.

जवानी में की गई लापरवाही आगे चलकर पछतावे में बदल सकती है. घुटनों की सेहत एक दिन की नहीं, बल्कि रोजमर्रा की देखभाल मांगती है. इसलिए अब भी समय है, थोड़ा रुकें, सोचें और अपने घुटनों को वो सम्मान दें, जिसके वे हकदार हैं. क्योंकि अगर घुटने साथ छोड़ दें, तो जिंदगी की रफ्तार रुक जाती है.

LIFE STYLE : गर्मी में राहत नहीं खतरा बन सकता है AC! इन 6 बातों का रखें ध्यान वरना हो सकता है बड़ा हादसा

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गर्मी का मौसम आते ही एयर कंडीशनर (AC) हमारी राहत का सबसे बड़ा साधन बन जाता है. घर, दफ्तर, दुकानें और यहां तक कि स्कूल-कॉलेजों में भी एसी अब आम हो चुका है. लेकिन इस तेज गर्मी में, जहां तापमान 40 डिग्री से भी ऊपर जा सकता है, एसी के सही इस्तेमाल का ध्यान रखना बेहद जरूरी है.

गलत तरीके से इस्तेमाल करने पर एसी न सिर्फ खराब हो सकता है, बल्कि इससे बडी दुर्घटनाएं भी हो सकती हैं. एसी के फटने के मामले आम हो गए हैं, और इसका मुख्य कारण ज्यादातर गलत इस्तेमाल ही है.

तो अगर आप चाहते हैं कि आपका एसी लंबे समय तक अच्छे तरीके से काम करे और आपको कोई परेशानी न हो, तो इन 6 बातों का ध्यान रखें:

1. फिल्टर की सफाई न करें तो नुकसान हो सकता है: एसी का फिल्टर समय-समय पर साफ करना बेहद जरूरी है. गंदे फिल्टर के कारण एसी की कूलिंग कम हो जाती है और एसी को ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है. इस ओवरहीटिंग के कारण कंप्रेशर तक फट सकता है. इसलिए, एसी का फिल्टर हर दो सप्ताह में एक बार जरूर साफ करें.

2. ठंडक को सही तरीके से सेट करें: आपको यह समझने की जरूरत है कि एसी को जितना ठंडा करने की कोशिश करेंगे, उतना ही वह ज्यादा मेहनत करेगा और बिजली का बिल भी बढ़ेगा. एसी का सही तापमान 24-26 डिग्री सेल्सियस होना चाहिए. इससे एसी को कम दबाव पड़ेगा, और इसकी लाइफ भी लंबी होगी. हमेशा 24 डिग्री से कम तापमान पर एसी न चलाएं.

3. एसी की सर्विसिंग कराना न भूलें: इस गर्मी में एसी दिन-रात चल रहा होता है, ऐसे में उसकी सर्विसिंग पर खास ध्यान देना चाहिए. समय-समय पर सर्विसिंग से एसी के अंदर की तकनीकी खराबियों को पहचान कर ठीक किया जा सकता है, जो दुर्घटनाओं से बचने में मदद करता है. नियमित सर्विसिंग से एसी हमेशा बेहतर तरीके से काम करता है और आग लगने का खतरा भी कम हो जाता है.

4. कमरे में वेंटिलेशन का ध्यान रखें: एसी के साथ-साथ कमरे में उचित वेंटिलेशन भी बेहद जरूरी है. हालांकि, अगर आप पूरी खिड़की खोल देंगे तो कमरे में ठंडी हवा नहीं ठहरेगी, लेकिन खिड़कियों को पूरी तरह बंद करना भी सही नहीं है. कमरे में थोड़ा वेंटिलेशन छोड़ें ताकि एसी पर ज्यादा दबाव न पड़े और कमरे में ठंडक जल्दी फैल सके. पंखा भी चलाना अच्छा रहेगा, इससे एसी पर कम दबाव पड़ेगा.

5. एसी को सीधी धूप से बचाएं: अगर आपके एसी पर सीधी धूप आती है तो इससे उसका कूलिंग सिस्टम पर असर पड़ता है. धूप के कारण एसी को ज्यादा समय लगता है ठंडा होने में, और ओवरहीटिंग भी हो सकती है. इसलिए कोशिश करें कि एसी को धूप से बचाकर रखें या फिर उसे किसी शेड या पर्दे के नीचे रखें, ताकि वह सही से काम कर सके.

6. इलेक्ट्रिकल वायरिंग का ध्यान रखें: एसी की इंस्टॉलेशन के दौरान इलेक्ट्रिकल वायरिंग की सही जांच करें. अगर वायरिंग में कोई समस्या है या वह पुरानी हो चुकी है, तो उसमें शॉर्ट सर्किट का खतरा हो सकता है, जिससे एसी में आग लग सकती है. एसी के सेटअप से पहले उसकी पूरी वायरिंग की जांच जरूर कराएं.

इन छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखकर आप अपने एसी को सुरक्षित रख सकते हैं और गर्मी के मौसम में अपनी राहत भी कायम रख सकते हैं. तो, अगली बार जब एसी का इस्तेमाल करें, तो इन बातों को याद रखें और सुरक्षित रहें!

WORLD : भारत से विदेश पैसे भेजने से पहले जरूर जान लें ये जरूरी बातें, नहीं तो हो सकता है नुकसान

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अब वो जमाना नहीं रहा जब विदेश पैसे भेजना एक मुश्किल और टाइम लेने वाला काम होता था. आज टेक्नोलॉजी की बदौलत यह काम आपके मोबाइल से ही कुछ मिनटों में किया जा सकता है. अगर आपको पढ़ाई के लिए, परिवार को सपोर्ट देने के लिए या बिजनेस डील के तहत किसी को इंटरनेशनल पेमेंट भेजना है, तो कुछ भरोसेमंद ऐप्स आपकी मदद के लिए तैयार हैं.

यहां हम आपको ऐसे ऐप्स के बारे में बता रहे हैं जो भारत से विदेश पैसे भेजने के लिए आसान, सुरक्षित और किफायती ऑप्शन बन चुके हैं.

1. Wise- सस्ता और ट्रांसपेरेंट ऑप्शन

अगर आप चाहते हैं कि पैसे भेजते समय एक्सचेंज रेट में ज्यादा कटौती न हो और फीस भी कम लगे, तो Wise एक अच्छा विकल्प है. यह ऐप रियल टाइम एक्सचेंज रेट पर पैसे ट्रांसफर करने की सुविधा देता है और इसमें छिपे हुए चार्जेज नहीं होते. अमेरिका, यूरोप, ऑस्ट्रेलिया जैसे कई देशों में पैसे भेजना आसान है.

इस ऐप की सबसे बड़ी खासियत है कि इसमें सर्विस चार्ज बहुत कम लगता है, जिससे आपको पैसे भेजने पर ज्यादा खर्च नहीं करना पड़ता. साथ ही, यह रियल एक्सचेंज रेट पर ट्रांजेक्शन की सुविधा देता है, यानी आपको मार्केट के मुताबिक ही रेट मिलता है, न कि कम या मनमाफिक रेट. इसके अलावा, पैसे भेजने के बाद आप ट्रांसफर की पूरी ट्रैकिंग कर सकते हैं, जिससे यह सुनिश्चित हो जाता है कि पैसा कब और कहां पहुंचा.

2. Remitly- परिवार को सपोर्ट भेजना हुआ आसान

अगर आप अपने किसी करीबी को, जैसे माता-पिता या बहन-भाई को पैसे भेजना चाहते हैं, तो Remitly एक शानदार ऐप है. इसमें फास्ट ट्रांसफर का ऑप्शन है और रिसीवर को कैश पिकअप या डायरेक्ट बैंक में पैसा पाने का विकल्प मिलता है.

इस ऐप की सबसे बड़ी खासियत इसकी तेज सर्विस है, जिससे पैसे कुछ ही मिनटों में विदेश पहुंच सकते हैं. साथ ही इसमें रिसीवर को कैश पिकअप या डायरेक्ट बैंक ट्रांसफर का विकल्प मिलता है, जिससे पैसे लेने में आसानी होती है. इसके अलावा, यह ऐप सिक्योरिटी के मामले में भी भरोसेमंद है और सुरक्षित लेन-देन की सुविधा देता है, जिससे यूज़र्स को धोखाधड़ी का खतरा नहीं रहता.

3. Western Union- पुराना नाम, नई सुविधा

Western Union पहले सिर्फ ऑफलाइन पैसे भेजने के लिए जाना जाता था, लेकिन अब इसका डिजिटल वर्जन भी आ गया है. आप अपने मोबाइल से ही किसी को दुनिया के 200+ देशों में पैसा भेज सकते हैं.

इस सर्विस की खास बात यह है कि अब आप मोबाइल ऐप के जरिए ही पैसे भेजने जैसे काम आसानी से कर सकते हैं, जिससे समय और मेहनत दोनों की बचत होती है. इसमें कैश पिकअप और डायरेक्ट बैंक ट्रांसफर, दोनों विकल्प मौजूद हैं, जिससे रिसीवर अपनी सुविधा के अनुसार पैसे प्राप्त कर सकता है. साथ ही, यह सेवा 200 से ज्यादा देशों में उपलब्ध है, जिससे दुनिया के लगभग हर कोने में पैसे भेजना संभव हो जाता है.

4. PayPal- छोटे पेमेंट के लिए बेहतर विकल्प

अगर आप किसी को छोटा अमाउंट भेजना चाहते हैं या किसी फ्रीलांसर को पेमेंट करना है, तो PayPal एक आसान और भरोसेमंद तरीका है. इस ऐप की मदद से ईमेल के जरिए भी पैसा भेजा जा सकता है. हालांकि इसकी फीस बाकी ऐप्स की तुलना में थोड़ी ज्यादा हो सकती है.

यह ऐप खासतौर पर उन लोगों के लिए फायदेमंद है जो फ्रीलांस काम करते हैं या उन्हें छोटे अमाउंट इंटरनेशनल लेवल पर भेजने होते हैं. इसकी सबसे बड़ी सुविधा यह है कि आप ईमेल के जरिए सीधे पेमेंट कर सकते हैं, जिससे प्रोसेस काफी आसान हो जाता है. इसके अलावा, यह ऐप इंटरनेशनल शॉपिंग और ऑनलाइन सब्सक्रिप्शन सर्विसेज के लिए भी खूब इस्तेमाल होता है, जिससे इसे एक ऑल-इन-वन पेमेंट सॉल्यूशन माना जा सकता है.

पैसे भेजने से पहले इन बातों का रखें ध्यान:

विदेश पैसे भेजने से पहले कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है, ताकि आपका ट्रांजेक्शन सुरक्षित और फायदेमंद रहे. सबसे पहले तो यह समझना जरूरी है कि हर ऐप की फीस और करेंसी एक्सचेंज रेट अलग-अलग होती है, इसलिए पैसे भेजने से पहले अलग-अलग ऐप्स की तुलना जरूर करें.

इसके अलावा, यह भी तय कर लें कि रिसीवर को पैसे किस फॉर्म में चाहिए, क्या वह सीधे बैंक अकाउंट में पैसा चाहता है, कैश पिकअप करना आसान रहेगा या किसी वॉलेट में ट्रांसफर सुविधाजनक होगा और सबसे अहम बात सिक्योरिटी! हमेशा किसी भी ऐप की रेटिंग, रिव्यू और उसकी विश्वसनीयता जांचने के बाद ही पैसे ट्रांसफर करें, ताकि आपका पैसा सुरक्षित हाथों में पहुंचे.

आज के डिजिटल दौर में विदेश पैसे भेजना पहले से कहीं ज्यादा आसान और सुरक्षित हो गया है. ऊपर बताए गए ऐप्स की मदद से आप न सिर्फ पैसे भेज सकते हैं, बल्कि ट्रांसफर को ट्रैक भी कर सकते हैं और यह भी सुनिश्चित कर सकते हैं कि पैसे सही समय पर सही व्यक्ति तक पहुंच जाएं. जरूरत है तो बस सही ऐप चुनने की.

NATIONAL : उत्तराखंड में साइबर अपराधियों का आतंक, महिला IFS अधिकारी को बनाया निशाना

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उत्तराखंड में इन दिनों साइबर अपराधियों  का आतंक साफ देखा जा सकता है. अपराधी लगातार उत्तरखंड को अपना निशान बना रहे है. ताजा मामला उत्तरखंड क एक सीनियर आईएफएस महिला अधिकारी से जुड़ा है जिसे साइबर अपराधियों ने अपना निशान बनाया है. इन अपराधियों ने IFS अधिकारी के क्रेडिट कार्ड से लगभग 98 हजार रुपये की खरीदारी कर डाली. जब तक उन्हें कुछ पता चल पाता तब तक ठगी का शिकार हो चुकीं थी. इस मामले में देहरादून कैंट थाना में शिकायत दर्ज की गई है.

महिला अधिकारी ने पुलिस को दी गई जानकारी में बताया कि उन्हें 25 फरवरी को आईसीआईसीआई बैंक से क्रेडिट कार्ड मिला था. इसके ठीक एक महीने बाद 25 मार्च को एक कॉल आई. कॉल करने वाले ने खुद को बैंक के कस्टमर केयर का अधिकारी बताया और कहा कि एक महीने में सर्विस चार्ज लगा है, जिसे उन्हें देना होगा.

महिला अधिकारी ने पुलिस को दी शिकायत
इस पर अफसर ने कहा कि इस कार्ड पर किसी तरह का चार्ज नहीं है, लेकिन कथित कस्टमर केयर अधिकारी ने उनसे कहा कि यह चार्ज क्रेडिट लिमिट प्रबंधन के बाद नहीं लगता. लिहाजा, लिमिट प्रबंधन करना होगा. इस पर अफसर को संदेह हुआ, लेकिन इसी पल कथित कस्टमर केयर अधिकारी ने उनसे कहा कि बैंक आपसे ओटीपी, पिन आदि नहीं पूछता. ऐसे में किसी को भी ओटीपी और पिन न बताएं. यह बात सुनकर अफसर को विश्वास हो गया. इसके बाद साइबर ठग ने उन्हें आई-मोबाइल ऐप खोलने के लिए कहा.

उनके आई-मोबाइल एप में 98 हजार रुपये क्रेडिट कार्ड से खर्च होने का मैसेज आया. यह देखकर वह घबरा गईं और उस नंबर पर कॉल की. कथित कस्टमर केयर अधिकारी को अफसर ने कहा कि यह पैसे खर्च कैसे हो गए? इस पर उसने अफसर को बताया कि फिलहाल यह ट्रांजेक्शन दिखा रहा है, जबकि ऐसा नहीं है. यह केवल लिमिट बदली गई है. अफसर को विश्वास हो गया और उन्होंने फोन काट दिया. कुछ समय बाद बैंक से इस रकम को जमा करने के लिए फोन आने लगे. तब उन्हें पता चला कि यह उनके साथ धोखाधड़ी हुई है.

एसएचओ कैंट कैलाश चंद भट्ट ने बताया कि साइबर थाने की जांच के बाद मुकदमा दर्ज कर लिया गया है. मामले में जांच की जा रही है. उत्तराखंड में पिछले कुछ समय में इस तरह की कई घटनाएं देखने को मिली है जो लगातार साइबर पुलिस के लिए मुश्किलें खड़ी कर रही हैं. साइबर अपराधी कानून को आंखे दिखा रहे है क्या आम इंसान ओर क्या खास सभी को लगातार निशाना बनाया जा रहा है.

BHAKTI : गुरु पूर्णिमा कब है, जानिए तिथि, पूजा की विधि, शुभ मुहूर्त और महत्व

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हर माह पूर्णिमा तिथि पड़ती है, जोकि महीने का अंतिम दिन होता है. हिंदू धर्म में पूर्णिमा तिथि को बहुत ही शुभ माना गया है. लेकिन आषाढ़ महीने की पूर्णिमा धार्मिक दृष्टिकोण से काफी महत्व रखती है. इसे गुरु पूर्णिमा कहा जाता है. इसके अलावा इसे व्यास पूर्णिमा, वेद पूर्णिमा जैसे नामों से भी जाना जाता है.

गुरु पूर्णिमा का दिन गुरु-शिष्य पवित्र संबंध को दर्शाता है. इस दिन लोग अपने शिष्य या गुरु से मिले ज्ञान और मार्गदर्शन में उनके प्रति सम्मान प्रकट करते हैं और कृतज्ञता व्यक्त करते हैं. आइये जानते है इस साल कब मनाई जाएगी गुरु पूर्णिमा.

गुरु पूर्णिमा 2025 कब (Guru Purnima 2025 Date)

गुरु पूर्णिमा की तिथि – गुरुवार, 10 जुलाई 2025

पूर्णिमा तिथि का आरंभ- 10 जुलाई रात 01 बजकर 36 मिनट

पूर्णिमा तिथि का समापन- 11 जुलाई देर रात 02 बजकर 06 मिनट

गुरु पूर्णिमा 2025 शुभ मुहूर्त (Guru Purnima 2025 Shubh Muhurat)  

ब्रह्म मुहूर्त- सुबह 04:10 से 04:50

अभिजीत मुहूर्त- सुबह 11:59 से 12:54

विजय मुहूर्त- दोपहर 12:45 से 03:40

गोधूलि मुहूर्त- शाम 07:21 से 07:41

गुरु पूर्णिमा पूजा विधि (Guru Purnima Puja Vidhi)

आषाढ़ पूर्णिमा के दिन सुबह जल्दी उठकर सबसे पहले स्नान कर साफ कपड़े पहन लें. वैसे तो इस दिन नदी स्नान करना शुभ होता है. लेकिन संभव न हो तो गंगाजल मिलाकर भी स्नान कर सकते हैं.

पूजा की जरूरी सामग्री जैसे फल, फूल, धूप, दीप, नैवेद्य, जल आदि इकट्ठा कर लें. फिर पूजाघर में दीप जलाएं.

आषाढ़ पूर्णिमा के दिन विशेषकर भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी (Maa laxmi) की पूजा का महत्व होता है. आप अपने गुरु या ईष्ट देव की भी पूजा कर सकते हैं. साथ ही गुरु पूर्णिमा पर वेद व्यास (Ved Vyas) की भी पूजा की जाती है.

पूजा में सबसे पहले भगवान को चंदन का तिलक लगाएं और देवी लक्ष्मी को सिंदूर अर्पित करें. इसके बाद फल, फूल पूजा सामग्री, नैवैद्य आदि अर्पित करें.

पूजा मे भगवान विष्णु को तुलसी के पत्ते जरूर चढ़ाएं. इसके बगैर भगवान विष्णु की पूजा अधूरी है. आखिर में लक्ष्मी-नारायण की आरती करें.

रात्रि में चंद्रोदय होने के बाद चंद्रमा के दर्शन और पूजन करें. चंद्र को अर्घ्य देकर धूप-दीप जलाएं.

गुरु पूर्णिमा का धार्मिक महत्व (Guru Purnima 2025 Significance)

आषाढ़ पूर्णिमा को गुरु पूर्णिमा मनाए जाने का कारण वेद व्यास जी से जुड़ा है. पौराणिक कथा के अनुसार, इस तिथि पर ऋषि वेद व्यास का जन्म हुआ था. वेद व्यास को महाभारत और पुराणों का रचयिता कहा जाता है. इन्होंने वेदों को चार भागों में विभाजित और संपादित किया. वेद व्यास जिन्हें महागुरु माना जाता है का आशीर्वाद पाने के लिए यह दिन अत्यंत शुभ होता है. वेद व्यास जी के आशीर्वाद से अज्ञानता का अंधकार दूर होता है और जीवन में ज्ञान के प्रकाश का आमगम होता है.

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