Friday, June 26, 2026
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NATIONAL : कोरोना वायरस से दो लोगों की हुई मौत, भारत में तेजी से बढ़ रहे हैं केस

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शहर की गलियों में फिर से डर का सन्नाटा पसर रहा है, अस्पतालों के बाहर लंबी कतारें और लोगों की आंखों में चिंता की लकीरें साफ झलकने लगी हैं. कई लोगों ने सोचा था कि कोरोना अब इतिहास बन चुका है, लेकिन अब लगता है कि वो खतरा फिर से हमारे दरवाजे पर दस्तक दे रहा है. दो लोगों की हाल ही में हुई मौत ने एक बार फिर हमें यह याद दिला दिया है कि, यह वायरस अब भी खत्म नहीं हुआ है.

बता दें, भारत में कोरोना वायरस के मामलों में एक बार फिर तेजी देखी जा रही है. हाल ही में दो लोगों की इस संक्रमण से मौत की खबर ने पूरे देश को चौकन्ना कर दिया है. जहां कुछ समय पहले तक लोग बिना मास्क के सड़कों पर बेझिझक घूमते नज़र आ रहे थे, वहीं अब फिर से सावधानी बरतने की जरूरत महसूस हो रही है. कोरोना की यह नई लहर पहले जैसी नहीं है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि खतरा टल गया है. वायरस के नए वैरिएंट्स सामने आ रहे हैं, जो ज्यादा तेजी से फैलते हैं और कमजोर इम्यूनिटी वाले लोगों को जल्दी अपनी चपेट में ले सकते हैं. किन लक्षणों को नजरअंदाज न करें?

हल्का बुखार या गले में खराश

नाक बंद हो जाना या बहना

सिरदर्द और बदन में दर्द

थकान महसूस होना

सूखी खांसी या सांस लेने में तकलीफ होना

सावधानी आपको कोरोना से बचा सकती है

भीड़भाड़ वाली जगहों, अस्पतालों, और सार्वजनिक परिवहन में मास्क जरूर लगाएं.

साबुन और पानी से बार-बार हाथ धोना या सैनिटाइज़र का इस्तेमाल करना संक्रमण से बचा सकता है.

शादियों, मेलों या अन्य भीड़भाड़ वाली जगहों से फिलहाल बचना ही समझदारी है.

बूस्टर डोज लेना न भूलें, खासकर अगर आपकी उम्र 60 वर्ष से अधिक है या पहले कोई बीमारी रही है.

इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाए रखने के लिए अच्छी नींद, पौष्टिक आहार और योग को दिनचर्या में शामिल करें.

कोरोना ने हमें पहले भी बहुत कुछ सिखाया था. सहनशीलता, संयम और सतर्कता बनाए रखना होगा. आज फिर वही समय लौट आया है, जब हमें जिम्मेदारी से खुद को और बाकी लोगों को संभालना होगा. यह वायरस अब भी हमारे बीच है, लेकिन यदि हम समय रहते जागरूक हो जाएं, तो खुद को और अपनों को सुरक्षित रख सकते हैं.

BUSINESS : सोना हुआ सस्ता, चांदी की चमक भी पड़ी फीकी, जानें 20 मई को आपके शहर के लेटेस्ट रेट्स

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सोना हमेशा से निवेशकों की पहली पसंद रहा है और ये सबसे सुरक्षित निवेश माना जाता है. अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक तनाव में कमी आने से इसके दाम में खरीदारों को राहत मिलती हुई दिखा दे रही है. सोने की कीमत में सोमवार को उछाल के बाद मंगलवार को इसमें मामूली गिरावट आयी है. मुंबई में 22 कैरेट सोना 87,100 रुपये प्रति 10 ग्राम बिक रहा है, जबकि 24 कैरेट सोना 95,020 रुपये पर कारोबार कर रहा है. हालांकि, चांदी शुरुआती कारोबार में 1000 रुपये गिरकर मुंबई में 97,000 रुपये प्रति किलो बिक रही है.

एमसीएक्स पर सोना प्रति 10 ग्राम 0.19 प्रतिशत ज्यादा महंगा होकर 93,117 रुपये पर बिक रहा है, जबकि चांदी 0.26 प्रतिशत गिरकर 95,250 रुपये प्रति किलो की दर से कारोबार कर रही है. 22 कैरेट सोना आज प्रति 10 ग्राम 87,560 रुपये की दर पर बिक कर रहा है. गुड रिटर्न्स वेबसाइट के अनुसार, 24 कैरेट का भाव बढ़कर 95,520 रुपये हो गया है. चांदी की कीमत भी ऊपर चढ़ी है और ये 98,100 रुपये प्रति किलो के हिसाब से बिक रही है.

आपके शहर के भाव

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में 24 कैरेट सोना 95,670 रुपये के हिसाब से बिक रहा है. मुंबई में 22 कैरेट सोना 87,560 रुपये पर कारोबार कर रहा है, जबकि कोलकाता, बेंगलुरू, चेन्नई और हैदराबाद में भी यही भाव चल रहा है. राजधानी दिल्ली में 22 कैरेट सोना 87,710 रुपये मिल रहा है.

नोएडा में 22 कैरेट सोना 87,710 रुपये जबकि 24 कैरेट सोना 95,670 रुपये प्रति 10 ग्राम पर मिल रहा है. इसी तरह पुणे में 22 कैरेट सोना 87,560 रुपये जबकि 24 कैरेट सोना 95,520 रुपये पर कारोबार कर रहा है. अहमदाबाद में 22 कैरेट सोना 87,610 रुपये जबकि 24 कैरेट सोना 95,570 रुपये की दर से बिक रहा है.

अगर चांदी की बात करें तो दिल्ली, मुंबई और कोलकाता में 98,100 रुपये प्रति किलो के हिसाब से बिक रही है. जबकि, चेन्नई और हैदराबाद में चांदी 1,09,100 रुपये प्रति किलो की दर से बिक रही है. एक दिन पहले सोमवार को सोना मुंबई में 1000 रुपये सस्ता होकर 97,000 रुपये प्रति किलो बिक रही थी. पिछले हफ्ते सोने की कीमत में करीब 4 फीसदी की गिरावट देखने को मिली है.

नवंबर 2024 के बाद ये सबसे बड़ी गिरावट थी, जब सोना 3,180 डॉलर प्रति औंस से भी नीचे आ गया था. 23 अप्रैल को सोना 3,500 डॉलर प्रति औंस के पार करने के बाद इसकी कीमत में लगाकार गिरावट आयी है. यानी इसमें करीब 300 डॉलर प्रति औंस की कमी आयी है. सोने की फीकी चमक की वजह निवेशकों का इसकी तरफ कम होता रुझान माना जा रहा है.

SPORTS : नवजोत सिंह सिद्धू की बड़ी भविष्यवाणी, बताया कौन जीतेगा IPL 2025 का खिताब

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इंडियन प्रीमियर लीग सीजन 18 के प्लेऑफ के लिए 3 टीमें कन्फर्म हो चुकी है. इनमें गुजरात टाइटंस ही है, जिसने आईपीएल खिताब जीता हुआ है. जबकि रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और पंजाब किंग्स ने अभी तक खिताब नहीं जीता है. चौथे स्पॉट के लिए दिल्ली कैपिटल्स और मुंबई इंडियंस के बीच लड़ाई है. अब दिग्गज भविष्यवाणी करने लगे हैं कि इस बार आईपीएल कौन जीतेगा?

 

भारत के पूर्व क्रिकेटर और वर्तमान में आईपीएल 2025 में कमेंटरी कर रहे नवजोत सिंह सिद्धू ने भविष्यवाणी करते हुए बताया है कि आईपीएल 2025 का टाइटल कौन जीतेगा. उन्होंने श्रेयस अय्यर की कप्तानी वाली पंजाब किंग्स की तारीफ़ करते हुए उन्हें खिताब का प्रबल दावेदार बताया.

नवजोत सिंह सिद्धू ने कहा कि श्रेयस अय्यर और रिकी पोंटिंग की इस टीम ने वो कर के दिखा दिया जिसकी किसी को उनसे उम्मीद नहीं थी. उनका मानना है कि इस टीम को कम आंका जा रहा था लेकिन उन्होंने शानदार प्रदर्शन किया.

उन्होंने कहा, “टीम में वही प्लेयर्स हैं, प्रभसिमरन सिंह, अर्शदीप सिंह, नेहाल वढेरा. प्रियांश आर्य तो अभी लीग से आ रहा है. तो उन्हें विश्वास देकर ऐसा बना दिया है कि वो मैच विनर बन गए हैं. आज आप देखिए नेहाल वढेरा की 70 रनों की कमाल की पारी, 180 की स्ट्राइक रेट से और साथ में शशांक सिंह की पारी. अलग-अलग मैचों में अलग-अलग प्लेयर को मैन ऑफ़ द मैच बनना. मतलब इससे बेहतर कुछ हो ही नहीं सकता.” वढेरा ने राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ 37 गेंदों में 5 छक्के और इतने ही चौकों की मदद से 70 रन बनाए थे. शशांक ने 30 गेंदों में 59 रन बनाए थे.

पंजाब किंग्स ट्रॉफी जीतने की दावेदार

नवजोत सिंह सिद्धू ने आगे कहा, “पंजाब किंग्स ना सिर्फ आगे आई है बल्कि खिताब जीतने की प्रबल दावेदार भी है. मुझे दावे के साथ लग रहा है कि पंजाब किंग्स टॉप 2 में जाएगी, उनके साथ दूसरी टीम आरसीबी या गुजरात होगी. और टॉप 2 में जो पहुंचता है, उनमें से ही कोई खिताब जीतता है. 2011 से जो भी टीम खिताब जीती है, वो टॉप 2 में से ही जीती है. सिर्फ 1 बार 2016 में हैदराबाद जीती थी, जो टॉप 2 में नहीं थी. क्योंकि 3 मैच आपको लगातार जीतने होंगे, लगातार ट्रेवल करना होगा.”

2014 के बाद पहली बार प्लेऑफ में पंजाब किंग्स

श्रेयस अय्यर की कप्तानी में इस बार पंजाब की टीम शानदार फॉर्म में नजर आ रही है. इससे पहले आखिरी बार टीम ने 2014 में प्लेऑफ में जगह बनाई थी, उसके बाद से लगातार टीम लीग स्टेज से ही बाहर होती आई है. 2014 में टीम फाइनल तक पहुंची थी लेकिन खिताबी मुकाबला केकेआर से हार गई थी. आईपीएल इतिहास में सिर्फ 2 बार ही पंजाब किंग्स प्लेऑफ तक पहुंची है. 2014 से पहले टीम 2008 में सेमीफाइनल तक गई थी.

BOLLYWOOD : पाकिस्तान पर भड़के सुरेश ओबेरॉय, बोले- ‘आप उसे पड़ोसी देश कहते हैं लेकिन मैं उसे दुश्मन.

पहलगाम आतंकी हमले का बदला लेते हुए भारतीय सशस्त्रबलों ने ऑपरेशन सिन्दूर के तहत पाकिस्तान और पीओके में घुसकर कई आतंकी ठिकाने तबाह कर दिए थे. भारतीय सेना की इस कार्रवाई की देशभर में सराहना हुई. अब बॉलीवुड सेलेब्स इस पर खुलकर बात कर रहे हैं और पाकिस्तान के खिलाफ ऑपरेशन सिन्दूर की सराहना कर रहे हैं. हाल ही में एक इंटरव्यू में दिग्गज अभिनेता सुरेश ओबेरॉय ने भी पाकिस्तान के खिलाफ गुस्सा जाहिर किया.

सुरेश ओबेरॉय ने पाकिस्तान के खिलाफ जाहिर किया गुस्सा
वरिष्ठ अभिनेता सुरेश ओबेरॉय ने एएनआई को दिए एक इंटरव्यू में पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू एवं कश्मीर (पीओजेके) में आतंकवादी ठिकानों के खिलाफ भारत के हालिया सैन्य हमले, ऑपरेशन सिंदूर की सराहना की है. इस दौरान सुरेश ओबेरॉय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ की और पाकिस्तान के खिलाफ गुस्सा जाहिर किया. दिग्गज अभिनेता ने कहा, “आप देश (पाकिस्तान) को हमारा पड़ोसी कह रहे हैं, लेकिन मैं इसे अपना दुश्मन देश कहूंगा. क्या हमें इसे आतंकवादी देश कहना चाहिए? मोदी जी को उनके वादे को पूरा करने के लिए सलाम. (पहलगाम) हमले में अपने पतियों को खोने वाली महिलाओं को इस देश के लिए उनके बलिदान के लिए बहुत सम्मान दिया जाना चाहिए. यह युद्धविराम नहीं है, बल्कि बस एक विराम है.”

पाकिस्तान का कोई कलाकार भारत ना आए
अभिनेता ने ये भी शेयर किया कि वह नहीं चाहते कि देश में किसी भी पाकिस्तानी कलाकार या खेल मैच की अनुमति दी जाए. उन्होंने कहा, “मैं नहीं चाहता कि कोई भी सिंगर, एक्टर या कोई भी पाकिस्तानी यहां आए, यहां तक ​​कि क्रिकेट मैच के लिए भी. हमें उन्हें बुलाने में शर्म आनी चाहिए.”

फवाद खान की अबीर गुलाल भारत में नहीं हुई रिलीज
इस बीच, भारत-पाक तनाव को देखते हुए बॉलीवुड एक्ट्रेस वाणी कपूर और पाकिस्तानी अभिनेता फवाद खान स्टारर फिल्म अबीर गुलाल को 9 मई, 2025 को तय समय पर भारत में रिलीज़ नहीं किया गया. इस फिल्म से लगभग नौ साल के ब्रेक के बाद फवाद बॉलीवुड में कमबैक कर रहे थे. फवाद खान, एक पाकिस्तानी नागरिक हैं, जिन्हें 2016 के उरी हमले के बाद भारत में काम करने से बैन कर दिया गया था. उनकी आखिरी बॉलीवुड फिल्म करण जौहर की 2016 की रोमांटिक ड्रामा ऐ दिल है मुश्किल थी, जिसमें रणबीर कपूर, अनुष्का शर्मा और ऐश्वर्या राय बच्चन भी थे।

NATIONAL : UP विधानसभा चुनाव के लिए BJP की तैयारी शुरू, लिया बड़ा फैसला

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भारतीय जनता पार्टी (BJP) उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियों में जुट गई है. पार्टी संगठन को चुस्त-दुरुस्त करने के लिए व्यापक रणनीति पर काम कर रही है. प्रदेश में BJP के 1918 मंडलों में संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करने के लिए मंडल कार्य समितियों का गठन शुरू हो गया है. प्रत्येक मंडल में 61 सदस्यों की कार्य समिति बनाई जाएगी, जिसमें सभी वर्गों का प्रतिनिधित्व सुनिश्चित किया जाएगा.

BJP की मंडल कार्य समिति में 15 पदाधिकारी होंगे, जिनमें 6 उपाध्यक्ष, 2 महामंत्री, 6 मंत्री और 1 कोषाध्यक्ष शामिल होंगे. कार्य समिति में अनुसूचित जाति, पिछड़ा वर्ग, महिलाओं और अन्य समुदायों को उचित प्रतिनिधित्व दिया जाएगा. मंडल अध्यक्षों का चुनाव तीन महीने पहले पूरा हो चुका है, और अब प्रदेश महामंत्री (संगठन) धर्मपाल सिंह विभिन्न क्षेत्रों में जाकर नवनिर्वाचित मंडल अध्यक्षों से संवाद कर रहे हैं. वे मंडल इकाई की संगठनात्मक उपयोगिता समझाने के साथ-साथ कार्य समिति गठन में तेजी लाने के निर्देश दे रहे हैं.

शक्ति केंद्रों पर विशेष फोकस

BJP संगठन को जमीनी स्तर तक मजबूत करने के लिए शक्ति केंद्रों पर भी ध्यान दे रही है. हर 5 से 7 बूथों को मिलाकर एक शक्ति केंद्र बनाया जाता है. शक्ति केंद्रों के प्रभारी मंडल स्तर के पदाधिकारी होंगे, जो वार्ड, मंडल और नगर इकाइयों के बीच समन्वय स्थापित करेंगे. कार्य समितियों के गठन के बाद प्रत्येक शक्ति केंद्र के लिए प्रभारी नियुक्त किए जाएंगे. पार्टी का मूल मंत्र है- “हर कार्यकर्ता को काम और हर काम के लिए कार्यकर्ता”.

प्रदेश महामंत्री संगठन की सक्रियता

प्रदेश महामंत्री (संगठन) धर्मपाल सिंह मंडलों को मजबूत करने के लिए लगातार दौरा कर रहे हैं. वे मंडल अध्यक्षों को संगठन की रीति-नीति और जिम्मेदारियों से अवगत करा रहे हैं. साथ ही, कार्य समितियों के गठन में तेजी लाने के लिए दिशा-निर्देश दे रहे हैं. उनका लक्ष्य है कि मंडल स्तर पर संगठन इतना मजबूत हो कि जन-जन तक BJP की पहुंच सुनिश्चित हो सके.

2027 चुनाव के लिए रणनीति

BJP की यह संगठनात्मक रणनीति 2027 के विधानसभा चुनाव में पार्टी को मजबूत स्थिति में लाने के लिए तैयार की गई है. मंडल कार्य समितियों और शक्ति केंद्रों के माध्यम से पार्टी हर बूथ तक अपनी पैठ बढ़ाने की कोशिश कर रही है. संगठन के इस ढांचे से कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा का संचार होगा और मतदाताओं से सीधा संवाद स्थापित करना आसान होगा.

NATIONAL : अखिलेश यादव के पोस्ट का यूपी के डिप्टी CM ब्रजेश पाठक ने दिया जवाब

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उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक और समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव के बीच डीएनए को लेकर जुबानी जंग थमने का नाम नहीं ले रही है. दोनों और से वार-पलटवार हो रहा है. इस बीच ब्रजेश पाठक ने एक बार फिर से अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने कहा कि ‘मैंने तो आपकी पार्टी के डीएनए पर सवाल किया था, अगर आपके पास कोई जवाब नहीं था तो माफी मांग लीजिए, बात खत्म करिए.’

ब्रजेश पाठक ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक लंबी पोस्ट लिखी और कहा, “अखिलेश यादव जी,आपने मेरे सवाल के जवाब में अपनी टीम से लंबी चौड़ी थीसिस लिखवा दी और सोशल मीडिया पर पोस्ट भी कर दी. पर मेरी आपको सलाह है कि बच्चों से लिखवाई इस तरह की थीसिस को पोस्ट करने से पहले एक बार पढ़ जरूर लिया करें. उन्होंने ध्यान नहीं दिया होगा और आपने आदतन पढ़ा नहीं होगा. इस चक्कर में आपसे गलती ये हो गई कि पर्चा राजनीतिक विज्ञान का था और आपने जवाब होम साइंस वाली कुंजी से टीप दिया.”

DNA को लेकर फिर कही ये बात 
उन्होंने आगे लिखा, “मैं तो आपसे आपकी पार्टी के डीएनए के बारे में पूछ रहा हूं अखिलेश जी. अगर निरूत्तर हो गए हों तो क्षमा मांग लीजिए और बात खत्म करिए. जवाब नहीं होने पर गलती मान लेना एक स्वस्थ परंपरा की निशानी है. बार-बार गोल पोस्ट बदलकर समाजवादी पार्टी के डीएनए वाले मेरे सवाल से बचने की इस छटपटाहट में तो आप और भी एक्सपोज हुए जा रहे हैं. आखिर समाजवादी पार्टी के डीएनए वाले सवाल से इतने डरे-सहमे क्यों हुए हैं आप?”

पोस्ट में उन्होंने लिखा, “क्या इसलिए कि इस मुद्दे पर बात होते ही आपकी समाजवादी पार्टी के डीएनए वाला दरवाजा किसी आटोमैटिक सेंसर से खुद ही खुल जाएगा. फिर एक एक कर आपके दौर के माफियाओं की तस्वीरें सामने आएंगी. फिर समाजवादी पार्टी के डीएनए में फलते फूलते आए अतीक और मुख्तार जैसे माफियाओं की छाया उभरने लगेंगी. फिर मुजफ्फरनगर का दंगा फन फुंफकारते हुए आस्तीन से बाहर निकल आएगा, फिर राममंदिर की कारसेवा में हिंदुओं पर चली गोलियों की तड़तड़ाहट की यादें प्रदेश को सन्न कर देगी.”

उन्होंने कहा, “कोई अतीक अपनी कब्र से निकलकर ये दावा करने लगेगा कि वो आपके और आपके पिता के बीच सुलह सफाई करवाएगा. फिर गोमती रिवर फ्रंट से करप्शन की बजबजाती गंदगी की बास आने लगेगी. फिर खनन घोटाले की फाइलें अलमारियों से निकलकर घर घर के चक्कर लगाने लगें.ब्रजेश पाठक ने लिखा, “आपको मैं समाजवादी पार्टी के इन डीएनए की कितनी याद दिलवाऊं. आप कहेंगे तो मैं इस पर एक थीसिस लिखवाकर आपके घर भिजवा दूंगा. उसे प्रिंट करवाकर अपने पास रखिएगा और समय समय पर पढ़ते रहिएगा. इससे आप भटकाव से बचेंगे और हकीकत के आइने में अपनी सही पहचान कर सकेंगें. ये आपको रास्ता दिखाएगा, अखिलेश जी. मेरी बात को अन्यथा मत लीजिएगा. मैं आपका शुभचिंतक हूं, इसलिए बिल्कुल सही और खरी सलाह दे रहा हूं.”

उन्होंने लिखा, “आप मुझसे मेरे डिपार्टमेंट का हाल जानने के इच्छुक हैं तो आइए किसी रोज सुबह के जनता दर्शन कार्यक्रम में. मैं रोज ही सैकड़ों लोगों से मिलता हूं और उनकी समस्याओं का समाधान करता हूं. आपको अपने दौर के भी दर्शन करा दूंगा और आपके दौर की समाजवादी एंबुलेंस की सैर भी करा दूंगा, जिसका रोना खुद आपके दौर में आपके ही कैबिनेट मंत्री रोया करते थे.”

डिप्टी सीएम ने लिखा, “उम्मीद है कि आप मेरे जवाब से संतुष्ट होंगे. अगर इसके बाद भी समाजवादी पार्टी के डीएनए से जुड़ी कोई भी जिज्ञासा शेष रह गई हो तो आप निसंकोच पूछ सकते हैं. मैं आपके भ्रम दूर करने के लिए सदैव तैयार हूं.” डिप्टी सीएम ने इसके बाद एक बार फिर से डीएनए की बात को दोहराते हुए कहा, “समाजवादी पार्टी के डीएनए का मतलब उसके राजनीतिक इतिहास और अब तक के क्रियाकलाप से है और इसीलिए डीएनए का ये सवाल बेहद प्रासंगिक हो जाता है.”

WORLD : डोनाल्ड ट्रंप को मिला 3400 करोड़ का बोइंग जेट, क्या अब यह होगा उनका निजी विमान?

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अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प इस हफ्ते 14 मई को कतर दौरे पर जा रहे हैं। खबर है कि कतर सरकार उन्हें एक लग्जरी बोइंग 747-8 जंबो जेट गिफ्ट में दे सकती है। इस खास विमान की कीमत करीब 400 मिलियन डॉलर यानी लगभग 3400 करोड़ रुपए है।अमरीका की दूसरी बार कमान संभालने वाले डॉनल्ड ट्रंप को कतर के शाही परिवार से मिला उपहार सुर्खियों में है। ‘पैलेस इन द स्काइ’ या ‘आकाश महल’ के नाम से मशहूर यह आलीशान बोइंग 747-8 विमान संभवतः किसी अमरीकी राष्ट्रपति को मिलने वाला सबसे महंगा उपहार है। यह सिर्फ अपनी भव्यता की वजह से चर्चा में नहीं है, बल्कि अमरीकी संविधान और विदेश नीति पर संभावित प्रभाव को लेकर विवाद भी इसकी चर्चा की बड़ी वजह है। क्या ट्रंप इस उपहार को निजी विमान के तौर पर इस्तेमाल कर पाएंगे या अमरीकी कानून इसमें बाधा बनेगा, आइए जानते हैं…

क्या कहता है अमरीकी संविधान?

अमरीकी संविधान के अनुसार, राष्ट्रपति सहित कोई भी संघीय अधिकारी कांग्रेस की अनुमति के बिना किसी विदेशी सरकार से उपहार, पारिश्रमिक, पद या उपाधि स्वीकार नहीं कर सकता। ‘इमोल्यूमेंट्स क्लॉज’ नामक प्रावधान विदेशी प्रभाव और भ्रष्टाचार से सुरक्षा के लिए बनाया गया था। यह प्रावधान संघीय अधिकारियों को 480 डॉलर से अधिक के विदेशी उपहारों को व्यक्तिगत रूप से रखने से रोकता है।

क्या पहले कांग्रेस दे चुकी है मंजूरी?

अमरीकी इतिहास की बात करें तो पहले भी इस तरह के उपहार को मंजूरी दी जा चुकी है। साल 1877 में अमरीकी कांग्रेस ने फ्रांस से मिलने वाले ‘स्टेच्यू ऑफ लिबर्टी’ को स्वीकार किया था। ट्रंप को कतर से मिलने वाले उपहार को लेकर राज्य सरकारें और यहां तक कि कुछ निजी व्यवसाय मुकदमा चला सकते हैं। ऐसे में ट्रंप को कानूनी चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। अमरीका में ट्रंप के पहले कार्यकाल से पहले इस तरह के कोई खास मुकदमे देखने को नहीं मिले थे, लेकिन साल 2017 में उन पर इस तरह का एक मुकदमा दायर किया गया था। हालांकि वह खारिज हो गया था।

भारत में क्या हैं नियम?

भारत में प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति जैसे शीर्ष पदों पर आसीन व्यक्तियों को जो महंगे उपहार मिलते हैं। उनके लिए विशेष नियम हैं। इनको जो उपहार मिलते हैं वे दौरे से लौटने के 30 दिन के अंदर तोशाखाना में जमा किए जाते हैं। अधिकारी उपहार के मूल्य का आकलन करते हैं। उपहार की कीमत 5,000 रुपए से कम है तो उसे अपने पास रखा जा सकता है। यदि यह सीमा पार हो जाती है, तो प्राप्तकर्ता को उपहार को सरकार को सौंपना होता है? या वह सीमा और उपहार के मूल्यांकन मूल्य के बीच के अंतर का भुगतान कर सकता है। कीमती उपहार आमतौर पर सरकारी संग्रहालयों, प्रदर्शनियों या कार्यालयों की शोभा बढ़ाने के लिए काम में ली जाती हैं। कुछ उपहारों की नीलामी भी की जाती है।

NATIONAL : ब्रजेश पाठक ने लिखी शायरी तो अखिलेश यादव ने कसा तंज, सीएम का नाम लिए बिना कहा

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Samajwadi Party के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने राज्य के उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक को खास सलाह दी है. तंजिया लहजे में दी गई सलाह में अखिलेश ने इशारों में मुख्मयंत्री योगी आदित्यनाथ का भी जिक्र किया है.

दरसअल, सपा प्रमुख और ब्रजेश के बीच जारी तू-तू-मैं-मैं के दौरान डिप्टी सीएम ने एक पोस्ट में शायरी लिखी. अखिलेश ने इसी पर तंज कसा है.

सपा चीफ ने लिखा कि उर्दू की शायरी करके जो भाजपाई लोग अपने ही दल में जिसका अप्रत्यक्ष विरोध कर रहे हैं, उन्हें बुरा लग गया तो आप पर राजनीतिक बुलडोज़र चलते देर नहीं लगेगी. उनकी सियासी सेहत के लिए एक सलाह: उप रहे, चुप रहें.

बता दें सोमवार, 19 मई की सुबह ही ब्रजेश ने अखिलेश को संबोधित एक पोस्ट लिखी. इसके आखिरी में डिप्टी सीएम ने लिखा था- उम्र भर ग़ालिब यही भूल करता रहा, धूल चेहरे पे थी आइना साफ़ करता रहा. अखिलेश ने इसी शायरी की ओर इशारा करते हुए डिप्टी सीएम पर तंज कसा.

ब्रजेश ने क्या लिखा था?
अपनी पोस्ट में उन्होंने कहा था कि अखिलेश यादव, आप डीएनए के सवाल पर बहुत भड़के हुए हैं. मैने ये कह क्या दिया कि समाजवादी पार्टी के डीएनए में ख़राबी है, आप आपे से उसी तरह बाहर हो गए जैसे दस साल पहले यूपी की सत्ता से बाहर हो गए थे. आप इस बात को समझिए कि डीएनए में खराबी से हमारा मतलब किसी व्यक्ति विशेष से नहीं, बल्कि आपकी पार्टी की राजनीतिक सोच से है. डीएनए में खराबी का मतलब ये है कि आपकी पार्टी की राजनीति की बुनियाद ही जातिवाद और तुष्टीकरण पर टिकी रही है और आज भी टिकी हुई है.

उन्होंने लिखा था कि समाजवादी पार्टी ने कभी सबका साथ-सबका विकास की बात की ही नहीं. आपकी प्राथमिकता ही हमेशा वोटबैंक की राजनीति रही है, नीतियों और आदर्शों से आपका दूर दूर तक का लेना देना नहीं रहा है.

ENTERTAINMENT : जब ब्रेकअप के बाद इशिता ने कर दी थी हदें पार, लेने लगी थी काले जादू का सहारा

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ये है मोहब्बतें फेम इशिता उर्फ दिव्यांका त्रिपाठी ने टीवी एक्टर विवेक दहिया के संग शादी की है.एक्ट्रेस अपनी मैरिड लाइफ में बेहद खुश हैं और अपने पति से बेइंतहा मोहब्बत भी कहती हैं. लेकिन, एक दौर ऐसा था जब दिव्यांका का दिल किसी और के लिए धड़का करता था.

उस शख्स के प्यार में दिव्यांका इस कदर पागल हो गई थीं कि धोखा खाने के बाद भी उसे अपनी जिंदगी में वापस लाने के लिए काले जादू का सहारा लेने लग गई थीं.ये बात खुद दिव्यांका ने एक टॉक शो के दौरान बताई थी.जी हां, एक दौर था जब दिव्यांका को विवेक से नहीं बल्कि टीवी के पॉपुलर एक्टर शरद मल्होत्रा से बेशुमार प्यार था.

बनूं मैं तेरी दुल्हन के सेट पर हुई थी मुलाकात

दोनों की मुलाकात बनूं मैं तेरी दुल्हन के सेट पर हुई थी. पहले दोनों में दोस्ती हुई, फिर धीरे-धीरे प्यार हो गया.ऑन स्क्रीन और ऑफ स्क्रीन दोनों की जोड़ी फैंस को बेहद पसंद आया करती थी.दोनों ने करीब एक दूसरे को 8 साल तक डेट किया, फैंस तो इनकी शादी के सपने संजोने लगे थे.

8 साल डेट करने के बाद हुआ ब्रेकअप
लेकिन, किस्मत को कुछ और ही मंजूर था. 8 साल बाद जब दोनों का ब्रेकअप हुआ तो इनके फैंस के लिए किसी सदमे से कम नहीं था. ब्रेकअप के बाद दिव्यांका का बुरा हाल हो गया था, वो बुरी तरह से टूट चुकी थीं. राजीव खंडेलवाल के टॉक शो में दिव्यांका ने बताया था कि वो शरद को अपनी जिंदगी में दोबारा वापस लाना चाहती थीं.

शरद को पाने के लिए किया काला जादू
ऐसे में उन्होंने सारी हदें पार कर दी थीं. दिव्यांका के लिए ये यकीन कर पाना मुश्किल हो रहा था कि उनका शरद से ब्रेकअप हो गया है. शरद को वापस अपनी जिंदगी में लाने और अपने रिश्ते को बचाने के लिए काला जादू का सहारा लेने लगी थीं.

2016 में विवेक दहिया संग की शादी

वैसे, इन सब से दिव्यांका को दुख के बदले कुछ भी हासिल नहीं हुआ, लंबे वक्त तक बुरे वक्त से गुजरने के बाद उन्होंने कुछ को संभाला और मूवऑन किया. शरद संग रिश्ता टूटने के बाद दिव्यांका की लाइफ में विवेक दहिया की एंट्री हुई और फिर इस कपल ने 2016 में सात फेरे ले लिए.

HEALTH : औषधीय गुणों से भरपूर, क्या गर्मियों में खाने के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं लौंग?

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लौंग एक ऐसा मसाला है, जो न केवल रसोई में स्वाद बढ़ाने के लिए उपयोग होता है, बल्कि इसके कई आयुर्वेदिक और औषधीय गुण भी हैं. इसमें एंटी-बैक्टीरियल, एंटी-ऑक्सीडेंट और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण पाए जाते हैं, जो इम्यून सिस्टम को मजबूत करने, पाचन को सुधारने और दांतों की समस्याओं से राहत दिलाने में सहायक होते हैं. लेकिन सवाल यह है कि क्या लौंग का सेवन गर्मियों में भी उतना ही लाभकारी है?

लौंग गर्मियों के लिए फायदेमंद

नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन की अक्टूबर 2022 की एक शोध अध्ययन के अनुसार, लौंग का सीमित मात्रा में सेवन गर्मियों में भी फायदेमंद हो सकता है, लेकिन इसके अत्यधिक उपयोग से शरीर में गर्मी बढ़ सकती है. दरअसल, लौंग की प्रकृति “उष्ण” यानी गर्म होती है, और गर्मी के मौसम में अत्यधिक गर्म तासीर वाले खाद्य पदार्थों का सेवन पाचन तंत्र को प्रभावित कर सकता है.

शोध के अनुसार, लौंग में मौजूद युजेनॉल नामक तत्व संक्रमण से लड़ने में सक्षम होता है, लेकिन यह शरीर का तापमान भी थोड़ा बढ़ा सकता है. ऐसे में गर्मी के मौसम में यदि किसी व्यक्ति को पहले से एसिडिटी, गैस या पित्त से जुड़ी समस्या हो तो लौंग का अधिक सेवन उसके लिए नुकसानदायक हो सकता है.

गले की खराश और पाचन के लिए लाभदायक

हालांकि, विशेषज्ञों का यह भी मानना है कि यदि लौंग का उपयोग सही मात्रा में किया जाए (जैसे कि चाय में एक-दो लौंग या भोजन में मसाले के रूप में सीमित मात्रा में) तो यह गर्मियों में भी लाभदायक सिद्ध हो सकती है. लौंग गर्मियों में गले की खराश, सांस की बदबू और पाचन संबंधी परेशानियों में राहत पहुंचा सकती है. आयुर्वेदाचार्यों का सुझाव है कि गर्मियों में लौंग को शीतल प्रकृति वाले खाद्य पदार्थों जैसे सौंफ, मिश्री या गुलकंद के साथ संयोजन करके लिया जाए, जिससे इसकी उष्णता संतुलित हो सके. लौंग अपने औषधीय गुणों के कारण सालभर फायदेमंद है, लेकिन गर्मियों में इसका सेवन संतुलित मात्रा में और सही तरीके से करना चाहिए.

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