Saturday, October 31, 2026
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Home Decor Ideas: बिना ज्यादा खर्च किए अपने घर को दें नया और खूबसूरत लुक

घर को सुंदर और आरामदायक बनाने के लिए हमेशा बड़े बदलाव या महंगे फर्नीचर की जरूरत नहीं होती। कुछ छोटे बदलाव घर के माहौल को नया रूप दे सकते हैं।

हल्के रंगों से बढ़ाएं खूबसूरती

क्रीम, ऑफ-व्हाइट और हल्के बेज रंग दीवारों को साफ और आकर्षक लुक दे सकते हैं। किसी एक दीवार पर गहरा रंग इस्तेमाल करके कमरे को अलग अंदाज दिया जा सकता है।

पौधों से सजाएं घर

इनडोर पौधे घर की सजावट को प्राकृतिक रूप देते हैं। पौधे चुनते समय कमरे में आने वाली रोशनी और उनकी देखभाल की जरूरतों का ध्यान रखें।

रोशनी का रखें खास ध्यान

गर्म रोशनी वाले लैम्प और सही जगह पर लगाए गए लाइट्स कमरे को आरामदायक बना सकते हैं।

कम सामान, ज्यादा खूबसूरती

अनावश्यक सामान हटाकर कमरे को व्यवस्थित रखें। छोटे सजावटी आइटम, कुशन और पर्दों के रंगों का तालमेल भी घर का लुक बदल सकता है।

घर की खूबसूरती केवल महंगी सजावट में नहीं, बल्कि साफ-सफाई, सही रंगों और व्यवस्थित जगह में भी छिपी होती है।

BUSINESS : कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट से भारतीय शेयर बाजार को सहारा

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भारतीय शेयर बाजार में सोमवार को कारोबार की शुरुआत तेजी के साथ हुई। वैश्विक बाजारों से मिले सकारात्मक संकेतों और कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट से निवेशकों के बीच उम्मीद बढ़ी। बाजार की दिशा पर वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों और भारतीय रिजर्व बैंक के हालिया कदमों का भी असर देखने को मिला।

सेंसेक्स और निफ्टी में तेजी

12 अक्टूबर को शुरुआती कारोबार में बीएसई सेंसेक्स और एनएसई निफ्टी में बढ़त दर्ज की गई। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स लगभग 72,630 अंक और निफ्टी 22,576 अंक के आसपास कारोबार कर रहे थे।

कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट का असर

अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड की कीमतों में गिरावट से भारत जैसे तेल आयात करने वाले देशों को राहत मिलने की उम्मीद बढ़ी है। कच्चे तेल की कीमतों में कमी से आयात खर्च और महंगाई पर दबाव कम हो सकता है। हालांकि, इसका वास्तविक असर कई आर्थिक परिस्थितियों पर निर्भर करेगा।

निवेशकों के लिए क्या है संकेत?

शेयर बाजार में निवेश करने वालों को वैश्विक घटनाक्रम, कंपनियों के तिमाही नतीजों और आर्थिक आंकड़ों पर नजर रखनी चाहिए। बाजार में तेजी के बावजूद बिना जानकारी के निवेश करना जोखिम भरा हो सकता है।

निष्कर्ष: सोमवार को भारतीय शेयर बाजार में शुरुआती तेजी और कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट कारोबार जगत की प्रमुख खबरों में शामिल रही। आने वाले दिनों में बाजार की दिशा वैश्विक संकेतों और आर्थिक आंकड़ों से प्रभावित हो सकती है।

स्रोत: रॉयटर्स की 12 अक्टूबर 2026 की बाजार रिपोर्ट।
[15:51, 12/10/2026] hina chauhan24: Latest News Today: दिल्ली में विरोध प्रदर्शन से बढ़ी हलचल, कई मेट्रो स्टेशन बंद

नई दिल्ली | 12 अक्टूबर 2026 | नेशनल न्यूज़ डेस्क

देश की राजधानी दिल्ली में सोमवार को विरोध प्रदर्शन के कारण राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गईं। चुनाव आयोग से जुड़े मुद्दों को लेकर विपक्षी दलों ने सुप्रीम कोर्ट तक मार्च शुरू किया। इस दौरान दिल्ली के कई इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई और यातायात को नियंत्रित करने के लिए विशेष इंतजाम किए गए।

कई मेट्रो स्टेशन बंद, लोगों को परेशानी

NATIONAL : दिल्ली में विरोध प्रदर्शन से बढ़ी हलचल, कई मेट्रो स्टेशन बंद

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देश की राजधानी दिल्ली में सोमवार को विरोध प्रदर्शन के कारण राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गईं। चुनाव आयोग से जुड़े मुद्दों को लेकर विपक्षी दलों ने सुप्रीम कोर्ट तक मार्च शुरू किया। इस दौरान दिल्ली के कई इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई और यातायात को नियंत्रित करने के लिए विशेष इंतजाम किए गए।

कई मेट्रो स्टेशन बंद, लोगों को परेशानी

प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली में सुरक्षा बढ़ाई गई। समाचार एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार, सुरक्षा कारणों से छह मेट्रो स्टेशन बंद किए गए और कई प्रमुख सड़कों पर यातायात प्रतिबंध लगाए गए। इससे यात्रियों को अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए वैकल्पिक रास्तों का इस्तेमाल करना पड़ सकता है।

सुप्रीम कोर्ट तक मार्च क्यों निकाला गया?

विपक्षी दलों ने मतदाता सूची में संशोधन और कथित अनियमितताओं को लेकर सवाल उठाए हैं। विपक्ष का आरोप है कि मतदाता सूची में बदलाव से कुछ मतदाताओं के अधिकार प्रभावित हो सकते हैं। वहीं, चुनाव आयोग ने पक्षपात के आरोपों को खारिज किया है और कहा है कि गलत तरीके से नाम हटाए जाने की स्थिति में मतदाता दोबारा पंजीकरण करा सकते हैं।

आगे क्या होगा?

दिल्ली में विरोध प्रदर्शन और राजनीतिक गतिविधियों को देखते हुए प्रशासन की नजर कानून-व्यवस्था और यातायात व्यवस्था पर बनी हुई है। इस मामले में आगे होने वाली कानूनी और राजनीतिक कार्रवाई महत्वपूर्ण रहेगी।

दिल्ली में जारी विरोध प्रदर्शन ने एक बार फिर मतदाता सूची, चुनावी प्रक्रिया और लोकतांत्रिक अधिकारों से जुड़े सवालों को चर्चा के केंद्र में ला दिया है।

Amitabh Bachchan Birthday: अमिताभ बच्चन के जन्मदिन पर ऐश्वर्या राय ने शेयर की आराध्या के साथ खास तस्वीर, सोशल मीडिया पर चर्चा

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बॉलीवुड के महानायक अमिताभ बच्चन ने 11 अक्टूबर को अपना 84वां जन्मदिन मनाया। इस खास मौके पर फिल्म इंडस्ट्री के कई सितारों और प्रशंसकों ने उन्हें शुभकामनाएं दीं। वहीं, उनकी बहू और अभिनेत्री ऐश्वर्या राय बच्चन ने भी सोशल मीडिया पर एक खास तस्वीर साझा कर सबका ध्यान आकर्षित किया।

ऐश्वर्या राय की पोस्ट ने खींचा ध्यान

अमिताभ बच्चन के जन्मदिन के अवसर पर ऐश्वर्या राय ने अपनी बेटी आराध्या बच्चन के साथ उनकी एक तस्वीर साझा की। इस पोस्ट में आराध्या अपने दादाजी के साथ नजर आईं। तस्वीर के साथ ऐश्वर्या ने जन्मदिन की शुभकामनाएं भी दीं।

ऐश्वर्या की इस पोस्ट को लेकर सोशल मीडिया पर प्रशंसकों के बीच चर्चा देखने को मिली। बच्चन परिवार की निजी जिंदगी से जुड़ी ऐसी तस्वीरें अक्सर प्रशंसकों का ध्यान खींचती हैं।

बॉलीवुड सितारों ने दी जन्मदिन की बधाई

अमिताभ बच्चन के जन्मदिन पर फिल्म जगत की कई हस्तियों ने उन्हें शुभकामनाएं दीं। अभिनेता चिरंजीवी, सुनील शेट्टी और संगीतकार हिमेश रेशमिया सहित कई कलाकारों ने महानायक के प्रति अपना सम्मान व्यक्त किया।

अमिताभ बच्चन ने अपने लंबे करियर में कई यादगार फिल्में दी हैं। उनकी दमदार आवाज, अभिनय और शानदार स्क्रीन प्रेजेंस ने उन्हें भारतीय सिनेमा के सबसे चर्चित कलाकारों में शामिल किया है।

दशकों से दर्शकों के दिलों पर राज कर रहे हैं अमिताभ

अमिताभ बच्चन ने अपने करियर में एक्शन, रोमांस, ड्रामा और कॉमेडी जैसी विभिन्न शैलियों में काम किया है। उनकी फिल्मों ने कई पीढ़ियों के दर्शकों पर अपनी छाप छोड़ी है।

Delhi Protest News: दिल्ली में विरोध प्रदर्शन तेज, 6 मेट्रो स्टेशन बंद, चुनाव आयोग के खिलाफ सड़कों पर उतरे प्रदर्शनकारी

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दिल्ली में चुनाव आयोग के खिलाफ विरोध प्रदर्शन लगातार तेज हो रहा है। मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं को लेकर युवा आंदोलन और विपक्षी दलों ने विरोध जताया है। सोमवार, 12 अक्टूबर को प्रस्तावित मार्च को देखते हुए दिल्ली के कई इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई। प्रशासन ने सुरक्षा कारणों से छह मेट्रो स्टेशनों के प्रवेश और निकास द्वार अस्थायी रूप से बंद करने का फैसला लिया।

मतदाता सूची में बदलाव को लेकर विवाद

इस विरोध प्रदर्शन का मुख्य मुद्दा मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर उठ रहे सवाल हैं। रिपोर्टों के अनुसार, पिछले वर्ष से मतदाता सूची में 13 करोड़ से अधिक नाम हटाए गए हैं। अधिकारियों के मुताबिक, इनमें मृत मतदाताओं, दूसरी जगह चले गए लोगों और जिनका पता नहीं चल पाया, ऐसे लोगों के नाम भी शामिल हैं।

हालांकि, विपक्षी दलों और प्रदर्शनकारियों ने इस प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि मतदाता सूची में बदलाव की प्रक्रिया पारदर्शी होनी चाहिए और किसी भी पात्र मतदाता का नाम गलत तरीके से नहीं हटना चाहिए। वहीं, चुनाव आयोग ने मतदाता सूची में हेरफेर के आरोपों को खारिज किया है।

प्रदर्शनकारियों की क्या है मांग?

दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे युवा आंदोलनकारी और विपक्षी दल मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। प्रदर्शनकारियों ने मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच और चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग भी उठाई है।

Lifestyle News 2026: हेल्दी रहने के लिए महंगे सप्लीमेंट्स नहीं, इन 5 आदतों पर दें ध्यान; बदल सकती है आपकी लाइफस्टाइल

नई दिल्ली | 12 अक्टूबर 2026 | लाइफस्टाइल डेस्क

आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में खुद को स्वस्थ रखना एक बड़ी चुनौती बन गया है। बेहतर सेहत के लिए लोग महंगे सप्लीमेंट्स, फिटनेस प्रोडक्ट्स और सोशल मीडिया पर वायरल होने वाले हेल्थ ट्रेंड्स की ओर आकर्षित हो रहे हैं। लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि अच्छी सेहत के लिए रोजमर्रा की बुनियादी आदतों पर ध्यान देना बेहद जरूरी है।

हाल ही में प्रकाशित स्वास्थ्य संबंधी रिपोर्टों में भी पर्याप्त नींद, संतुलित आहार, नियमित शारीरिक गतिविधि और तनाव प्रबंधन को स्वस्थ जीवनशैली के महत्वपूर्ण हिस्से के रूप में बताया गया है।

  1. अच्छी सेहत के लिए पूरी नींद लेना जरूरी

अगर आप सुबह उठने के बाद थकान महसूस करते हैं, तो अपनी नींद की आदतों पर ध्यान देना जरूरी है। पर्याप्त और नियमित नींद शरीर को आराम देने के साथ-साथ एकाग्रता और रोजमर्रा के काम करने की क्षमता को भी बेहतर बनाने में मदद करती है।

रोजाना सोने और जागने का समय लगभग एक जैसा रखने की कोशिश करें। सोने से पहले मोबाइल का इस्तेमाल कम करना भी फायदेमंद हो सकता है।

  1. रोजाना पैदल चलने की डालें आदत

फिट रहने के लिए हमेशा जिम जाना जरूरी नहीं है। पैदल चलना, साइकिल चलाना, योग करना और हल्की एक्सरसाइज करना भी शारीरिक गतिविधि बढ़ाने के अच्छे तरीके हैं।

अगर आप लंबे समय तक बैठकर काम करते हैं, तो बीच-बीच में उठकर चलें। अपनी उम्र और शारीरिक क्षमता के अनुसार नियमित गतिविधि को दिनचर्या में शामिल करें।

  1. डाइट में शामिल करें पौष्टिक चीजें

अच्छी सेहत के लिए संतुलित आहार महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। अपने भोजन में दालें, हरी सब्जियां, मौसमी फल, साबुत अनाज और प्रोटीन के अच्छे स्रोत शामिल करें।

Navratri Special 2026: गरबा से लेकर फैशन तक, देशभर में छाया नवरात्रि का रंग, गुजरात में दिख रहा खास उत्साह

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देशभर में शारदीय नवरात्रि का उत्साह देखने को मिल रहा है। मंदिरों में पूजा-अर्चना, बाजारों में पारंपरिक कपड़ों की खरीदारी और गरबा पंडालों में संगीत की धूम के बीच त्योहार का रंग लोगों पर चढ़ने लगा है। खासकर गुजरात में नवरात्रि का उत्सव धार्मिक आस्था के साथ-साथ संस्कृति, संगीत और फैशन का भी बड़ा आकर्षण बना हुआ है।

इस साल शारदीय नवरात्रि 11 अक्टूबर से शुरू हुई है और 19 अक्टूबर तक चलेगी। इसके बाद 20 अक्टूबर को विजयादशमी यानी दशहरा मनाया जाएगा।

गुजरात में गरबा नाइट्स का आकर्षण

गुजरात में नवरात्रि का नाम आते ही गरबा और डांडिया की तस्वीर सामने आती है। अहमदाबाद के GMDC ग्राउंड में आयोजित वाइब्रेंट नवरात्रि फेस्टिवल में पारंपरिक गरबा, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और संगीत का विशेष आकर्षण देखने को मिल रहा है।

गुजरात टूरिज्म के अनुसार, इस वर्ष उत्सव में पारंपरिक और आधुनिक गरबा प्रस्तुतियों के साथ स्थानीय कलाकारों को भी अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिल रहा है। कार्यक्रम में हस्तशिल्प बाजार और खानपान के स्टॉल भी उत्सव का हिस्सा हैं।

Gen-Z में भी बढ़ रहा गरबा का क्रेज

नवरात्रि अब केवल धार्मिक उत्सव तक सीमित नहीं है। युवा पीढ़ी के लिए यह दोस्तों के साथ समय बिताने, पारंपरिक संस्कृति से जुड़ने और अपनी प्रतिभा दिखाने का भी अवसर बन गया है।

युवा पारंपरिक गरबा के साथ नए डांस स्टेप्स, आकर्षक परिधानों और सोशल मीडिया रील्स के जरिए त्योहार को खास बना रहे हैं। हालांकि, पारंपरिक गरबा और भक्ति संगीत का आकर्षण आज भी बरकरार है।

NATIONAL : सुप्रीम कोर्ट सख्त: ‘अवैध हिरासत नहीं, कानून के दायरे में काम करें’, दिल्ली पुलिस को नोटिस

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दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन को लेकर लगाई गई पाबंदियों पर रविवार 11 अक्टूबर 2026 को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई. कोर्ट ने साफ किया कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन की जिम्मेदारी है, लेकिन इस दौरान आम लोगों की आवाजाही और जरूरी सेवाएं बिना वजह बाधित नहीं होनी चाहिए. कोर्ट ने इंटरनेट सेवाएं बंद नहीं करने, बैरिकेडिंग की समीक्षा करने और अवैध हिरासत से बचने जैसे निर्देश दिए.

CJP ने 10 अक्टूबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन का ऐलान किया था. इससे पहले राजधानी के कई इलाकों में सुरक्षा बढ़ाई गई थी. मेट्रो स्टेशनों और रेल सेवाओं पर पाबंदियां लगाई गईं, जबकि कई लोगों को हिरासत में लिया गया. इन कदमों को लेकर सुप्रीम कोर्ट में सवाल उठाए गए.सुप्रीम कोर्ट ने क्या निर्देश दिए?

सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि मेट्रो, रेलवे और इंटरनेट सेवाएं चालू रहनी चाहिए. सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कोर्ट को बताया कि मेट्रो, रेलवे और इंटरनेट सेवाएं चालू हैं. कोर्ट ने यह भी कहा कि वकीलों और पत्रकारों को उनके पेशे से जुड़े काम करने से नहीं रोका जाना चाहिए.कोर्ट ने अधिकारियों को ट्रैफिक नियमों के तहत लोगों की आवाजाही सुचारू रखने और बैरिकेडिंग की समीक्षा करने का निर्देश दिया. अदालत ने कहा कि कानून-व्यवस्था के नाम पर लोगों की आवाजाही पर जरूरत से ज्यादा रोक नहीं लगनी चाहिए.

इंटरनेट बंद करने पर कोर्ट की टिप्पणी

सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि इंटरनेट सेवाओं को बाधित नहीं किया जाना चाहिए. इस पर सॉलिसिटर जनरल ने कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए कुछ स्थितियों में पाबंदियों की जरूरत पड़ सकती है. कोर्ट ने जवाब में स्पष्ट किया कि वह प्रशासन के अधिकार नहीं छीन रहा है. हालांकि, अधिकारियों को कानून के दायरे में रहकर ही कार्रवाई करनी होगी. अदालत का जोर इस बात पर था कि सुरक्षा व्यवस्था के नाम पर आम लोगों को अनावश्यक परेशानी न हो.

अवैध हिरासत और शांतिपूर्ण प्रदर्शन पर क्या कहा?

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि किसी व्यक्ति को हिरासत में लेने की कार्रवाई कानून के मुताबिक ही होनी चाहिए. अदालत ने यह भी कहा कि भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 के तहत लागू प्रतिबंधों की सीमा से बाहर शांतिपूर्ण और निहत्थे लोगों के जुटने पर कार्रवाई नहीं की जानी चाहिए. कोर्ट ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट या किसी दूसरी अदालत के बाहर धारा 163 के तहत लगे प्रतिबंधों की समीक्षा होनी चाहिए. न्याय तक लोगों की पहुंच नहीं रुकनी चाहिए. अदालत ने कोर्ट परिसर के बाहर धारा 163 से जुड़ा बोर्ड हटाने का निर्देश भी दिया.

प्रदर्शनकारियों से शांति बनाए रखने की अपील

सुनवाई के दौरान जस्टिस वी. मोहना ने कहा कि अगर प्रदर्शनकारी जनहित के लिए आंदोलन कर रहे हैं, तो उन्हें यह भरोसा देना चाहिए कि प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहेगा और किसी को उकसाने वाली कार्रवाई नहीं की जाएगी.

मंगलवार को फिर होगी सुनवाई

सुप्रीम कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई मंगलवार, 13 अक्टूबर को तय की है. अब इस पर नजर रहेगी कि केंद्र सरकार और संबंधित अधिकारी पाबंदियों को लेकर अदालत के सामने क्या जानकारी रखते हैं और सार्वजनिक परिवहन व आम लोगों की आवाजाही को लेकर आगे क्या कदम उठाए जाते हैं.

SPORTS : IND vs NZ: नए लुक में नजर आएगी न्यूजीलैंड की टीम, भारत के खिलाफ लॉन्च हुई कीवी खिलाड़ियों की नई ODI जर्सी

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भारत के खिलाफ वनडे सीरीज में न्यूजीलैंड की टीम एक जर्सी पहनकर खेलेगी. न्यूजीलैंड ने हाल ही में 4 नवंबर से शुरू होने वाली वनडे सीरीज के लिए अपनी टीम का ऐलान किया है. अब भारत और न्यूजीलैंड के खेल संबंधों के 100 साल पूरे होने पर कीवी टीम की नई वनडे जर्सी लॉन्च हुई है. यह नई जर्सी मंडाला आर्ट से बनाई गई है और इसपर कमल का फूल भी है.

इस जर्सी को बनाते वक्त भारत और न्यूजीलैंड, दोनों के सांस्कृतिक इतिहास का ख्याल रखा गया है. कीवी टीम कोटाहितांगा जर्सी पहनेगी, जिसका मतलब एकता या फिर एकजुटता से होता है. न्यूजीलैंड क्रिकेट बोर्ड ने अपने स्टेटमेंट में बताया कि बेन थोमासन, जय पंच और शिव नरनद्रास ने मिलकर इस जर्सी को डिजाइन किया है.

थोमासन ने ट्रेडिशनल माओरी का एब्स्ट्रेक्ट पेंटिंग स्क्रॉल डिजाइन और मोटिफ को बुना है, जो आज जीवित लोगों को गुजर चुके लोगों से जोड़ने की थीम को प्रदर्शित करता है. दूसरी ओर भारतीय कलाकार जय पंच और शिव नरनद्रास ने मिलकर जर्सी में भारतीय संस्कृति और अन्य आर्किटेक्चरल संरचनाओं को शामिल किया है.

क्या टीम इंडिया को भी मिलेगी नई जर्सी?

अभी तक BCCI ने टीम इंडिया को नई जर्सी दिए जाने पर कोई घोषणा नहीं की है. इस तरह के कोई संकेत भी नहीं मिले हैं, इसलिए टीम इंडिया अपनी रेगुलर जर्सी पहनकर खेलते हुई नजर आ सकती है. टीम इंडिया की जर्सी पर एडिडास और BCCI का लोगो, तीन स्ट्राइप्स और टाइटल स्पान्सर ‘apollo tyres’ का नाम लिखा होता है.

4 नवंबर से शुरू होगी वनडे सीरीज

1 नवंबर को भारत और न्यूजीलैंड की टी20 सीरीज समाप्त होने के बाद 4 नवंबर से पांच मैचों की वनडे सीरीज शुरू होगी. पहला मैच 4 नवंबर को ऑकलैंड, दूसरा 7 नवंबर को वेलिंगटन, तीसरा 10 नवंबर को हैमिल्टन में खेला जाएगा. वहीं चौथा और पांचवां मैच क्रमशः 13 नवंबर और 15 नवंबर को खेला जाएगा. ये दोनों मैच माउंट मौनगुआनी में खेले जाएंगे.

BUSINESS : सोना-चांदी खरीदने वालों को झटका! सरकार ने खत्म की टैक्स छूट, अब आपकी जेब पर कितना पड़ेगा असर?

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अगर आप सोना, चांदी या प्लैटिनम खरीदने की तैयारी कर रहे हैं तो ये खबर आपके लिए काफी ज्यादा जरूरी है. केंद्र सरकार ने इन कीमती धातुओं के आयात पर बैंकों और अधिकृत एजेंसियों को मिलने वाली एक खास टैक्स छूट आगे नहीं बढ़ाई है.

इसके बाद अब आयात के समय 3% इंटीग्रेटेड गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (IGST) देना पड़ रहा है. ऐसे में सवाल उठता है कि क्या आने वाले दिनों में सोने-चांदी के दाम और बढ़ेंगे और क्या इसका सीधा असर आम ग्राहकों की जेब पर पड़ेगा?

सोना-चांदी के आयात पर क्या बदला?
अब तक बैंकों और कुछ अधिकृत एजेंसियों को विदेश से सोना, चांदी और प्लैटिनम मंगाने पर IGST का भुगतान पहले नहीं करना पड़ता था. सरकार ने इस छूट को आगे नहीं बढ़ाया. नतीजतन, 1 अप्रैल 2026 से इन आयातों पर 3% IGST लागू है.

राजस्व सचिव अरविंद श्रीवास्तव के मुताबिक, सरकार ने 8 अक्टूबर को जीएसटी काउंसिल को इस बदलाव की जानकारी दी. सरकार का कहना है कि इसका उद्देश्य अलग-अलग रास्तों से होने वाले कीमती धातुओं के आयात पर टैक्स के नियमों में समानता लाना है. यानी किसी एक आयात माध्यम को सिर्फ टैक्स व्यवस्था के कारण फायदा नहीं मिलना चाहिए.

क्या सोना-चांदी 3% महंगा हो जाएगा?
इस खबर के सामने आने के बाद ग्राहकों के मन में सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या अब सोना और चांदी खरीदने के लिए ज्यादा पैसे खर्च करने होंगे? इसका जवाब है कि जरूरी नहीं है. बैंकों को आयात के समय 3% IGST देना पड़ने का ये मतलब नहीं है कि बाजार में सोने और चांदी की कीमतें अपने आप 3% बढ़ जाएंगी. इसकी वजह ये है कि कारोबारियों को नियमों के अनुसार इनपुट टैक्स क्रेडिट के जरिए चुकाए गए टैक्स को समायोजित करने की सुविधा मिल सकती है.

हालांकि, आयात के समय टैक्स का भुगतान करने के लिए बैंकों और आयातकों को पहले से ज्यादा रकम की व्यवस्था करनी पड़ती है. इससे उनकी नकदी पर दबाव पड़ सकता है और वित्तीय लागत बढ़ सकती है. अगर कारोबारियों का खर्च बढ़ता है तो उसका कुछ असर सप्लाई चेन और ज्वेलर्स तक पहुंच सकता है. लेकिन कीमत कितनी बदलेगी ये कई बातों पर निर्भर करेगा.

सोने की कीमत किन बातों पर निर्भर करेगी?

  1. अंतरराष्ट्रीय बाजार- दुनिया में सोने और चांदी की कीमत बढ़ने या घटने का असर भारतीय बाजार पर भी पड़ता है.
  2. डॉलर के मुकाबले रुपया- रुपये में कमजोरी आने पर विदेश से धातुएं खरीदना महंगा हो सकता है.
  3. आयात शुल्क: कस्टम ड्यूटी और दूसरे लागू कर भी कीमतों को प्रभावित करते हैं.
  4. कारोबार की लागत: आयात, वित्तीय व्यवस्था, परिवहन और ज्वेलरी बनाने का खर्च भी आखिरी कीमत में जुड़ सकता है.

लोगों को अभी क्या करना चाहिए?
अगर आप शादी, त्योहार या निवेश के लिए सोना-चांदी खरीदना चाहते हैं, तो खरीदारी से पहले अपने शहर के ताजा भाव जरूर जांचें. अलग-अलग ज्वेलर्स के मेकिंग चार्ज और दूसरे शुल्कों की तुलना करना भी फायदेमंद हो सकता है.

साथ ही खरीदारी के समय पक्का बिल जरूर लें. बिल में धातु की शुद्धता, वजन, कीमत और लागू टैक्स की जानकारी जांचें.

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