डोनाल्ड ट्रंप ने भारत को ‘नरक का द्वार’ बताने वाले अपने पिछले बयान से किनारा कर लिया है। अब अमेरिकी राष्ट्रपति ने भारत की जमकर तारीफ की है। उन्होंने भारत को एक महान देश और उसके नेतृत्व के साथ अपनी निजी दोस्ती को सर्वोपरि बताया है। इसके साथ ही पिछले 24 घंटों से जारी कूटनीतिक तनाव पर फिलहाल विराम लग गया है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अक्सर अपने बयानों के कारण चर्चा में रहते हैं, लेकिन इस बार मामला कुछ अलग है। महज 24 घंटे के भीतर ट्रंप ने भारत को लेकर जो यूटर्न लिया है, उसने पूरी दुनिया के कूटनीतिक हलकों में हलचल पैदा कर दी है। जिस देश को कल तक उन्होंने ‘नरक का द्वार’ कहा था, आज उसी भारत को उन्होंने एक महान राष्ट्र बताया है। इतना ही नहीं, ये भी कहा कि शीर्ष पर मेरा सबसे अच्छा दोस्त है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर एक रेडियो होस्ट माइकल सैवेज के पॉडकास्ट का अंश साझा किया। इस पोस्ट में जन्मसिद्ध नागरिकता के कानून की आलोचना की गई थी। इस दौरान भारत और चीन जैसे देशों के लिए अत्यंत आपत्तिजनक शब्दों का प्रयोग किया गया। ये भी कहा गया था कि भारत और चीन के लोग अमेरिका में सिर्फ इसलिए आते हैं ताकि उनके बच्चे वहां पैदा हों और उन्हें तुरंत अमेरिकी नागरिकता मिल जाए।

हैरान करने वाली बात यह थी कि इस पोस्ट में भारत को ‘हेल-होल’ यानी नरक की संज्ञा दी गई थी। ट्रंप के पत्र में दावा किया गया कि कैलिफोर्निया के तकनीकी क्षेत्र में भारतीयों का वर्चस्व है और वे अमेरिकी संसाधनों का दुरुपयोग कर रहे हैं। इस पोस्ट के बाद न केवल अमेरिका में रह रहे भारतीय समुदाय में रोष फैला, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी इसकी आलोचना हुई।
चौतरफा दबाव और शायद कूटनीतिक परिणामों को भांपते हुए ट्रंप ने अगले 24 घंटों में अपनी भाषा पूरी तरह बदल ली। नई दिल्ली में अमेरिकी दूतावास के प्रवक्ता क्रिस्टोफर एल्म्स ने स्पष्ट किया कि रिपब्लिकन नेता ने अब भारत के बारे में बहुत गर्मजोशी से बात की है। ट्रंप ने अपने नए बयान में कहा, ‘भारत एक महान राष्ट्र है और इस देश के शीर्ष पर बैठा व्यक्ति मेरा बहुत अच्छा दोस्त है।’
इस बीच कांग्रेस ने वीडियो जारी कर पीएम मोदी पर निशाना साधा है। कांग्रेस ने ट्रंप की इस टिप्पणी को बेहद आपत्तिजनक करार दिया है। पार्टी ने आरोप लगाया कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चुप्पी साधे हुए हैं और ट्रंप ने भारत को नरक का द्वार बता दिया। यह 140 करोड़ भारतीय का अपमान है। सरकार को इस अपमानजनक टिप्पणी के खिलाफ अमेरिका के सामने सख्त विरोध दर्ज कराना चाहिए।

