Sunday, June 28, 2026
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NATIONAL : जब भी भय और भ्रष्टाचार चरम पर पहुंचते हैं, लोग भाजपा पर करते है भरोसा: पीएम मोदी

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को पश्चिम बंगाल के पुरुलिया में विजय संकल्प सभा को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि मैं आमतौर पर चुनाव में क्या नतीजे आएंगे, यह बोलता नहीं हूं लेकिन इस बार जो भी मिलता है, वो कहता है कि इस बार भाजपा सरकार पक्की है। यह सब सुनने के बाद मैं कह रहा हूं कि इस बार भाजपा भारी बहुमत से सरकार बनाने जा रही है।

उन्होंने कहा कि पड़ोसी राज्य त्रिपुरा में दशकों तक वामपंथी दलों का शासन रहा। वहां के लोगों ने भाजपा पर भरोसा जताया। असम में कांग्रेस ने वर्षों तक शासन किया, फिर भी लोगों ने भाजपा पर भरोसा किया। इसका मतलब यह है कि जब भी भय और भ्रष्टाचार चरम पर पहुंचते हैं, लोग भाजपा पर भरोसा करते हैं और उसे चुनते हैं। हम बंगाल में भी यही देख रहे हैं। बंगाल के लोगों ने अपना मन बना लिया है, इसलिए मैं कहता हूं कि भय को त्यागें, विश्वास को अपनाएं।

उन्होंने कहा कि टीएमसी के महाजंगलराज में आदिवासी जिले पिछड़ रहे हैं। सड़क, बिजली, पानी, स्कूल, अस्पताल… सब कुछ बेहाल है। आदिवासियों की जमीन पर आदिवासियों का कब्जा नहीं है। आदिवासियों की जमीन पर टीएमसी का सिंडिकेट कब्जा करके बैठ गया है। टीएमसी ने बंगाल के किसानों को कदम-कदम पर धोखा दिया है। आलू किसानों की क्या स्थिति है, यह हम सब देख रहे हैं। मंडियों पर, कोल्ड स्टोरेज पर टीएमसी के सिंडिकेट का कब्जा है। भाजपा, सिंडिकेट के इस कब्जे को जमीन से उखाड़कर फेंक देगी और उन्हें चुन-चुन कर खाली करवाएगी।

प्रधानमंत्री ने कहा कि किसानों को डबल इंजन सरकार का डबल फायदा मिलेगा, यह मोदी की गारंटी है। बंगाल भाजपा ने धान का समर्थन मूल्य 3,100 रुपए करने की घोषणा की है। साथ ही बंगाल में भाजपा सरकार बनने पर पीएम किसान के तहत मिलने वाले 6,000 की जगह 9,000 रुपए दिए जाएंगे। मैं आपको भरोसा देता हूं कि यहां भाजपा सरकार बनने के बाद किसान हित में केंद्र सरकार की हर योजना तेजी से लागू की जाएगी।

उन्होंने कहा कि जब ओडिशा में पहली बार हमारी सरकार बनी, तो हमारे पहले मुख्यमंत्री आदिवासी समुदाय से थे। असम में भी ऐसा ही हुआ। भाजपा को एक आदिवासी बेटी को देश का राष्ट्रपति बनाने का अवसर मिला। भाजपा आदिवासी समुदायों के लिए बहुत काम कर रही है। हालांकि, टीएमसी के महाजंगल राज में आदिवासी जिले पिछड़ रहे हैं। टीएमसी सिंडिकेट ने आदिवासियों की जमीनों पर कब्जा कर लिया है। टीएमसी ने बंगाल के किसानों को हर कदम पर धोखा दिया है। हम आलू किसानों की दुर्दशा देख रहे हैं।

टीएमसी सिंडिकेट का बाजारों और कोल्ड स्टोरेज पर नियंत्रण है। भाजपा इस सिंडिकेट के नियंत्रण को जड़ से उखाड़ फेंकेगी और चुनिंदा रूप से इन बाजारों को खाली कराएगी। टीएमसी के मंत्रियों ने शिक्षकों की भर्ती लूट ली, हजारों युवाओं के साथ धोखा किया। टीएमसी के महाजंगलराज में बिना कटमनी कोई काम होता ही नहीं है। और जब कटमनी लगेगी तो इंडस्ट्री कहां से लगेगी? इसलिए यहां इंडस्ट्री भी बेहाल है। फैक्ट्रियां भय से नहीं आती हैं। फैक्ट्रियां भरोसे से आती हैं, फैक्ट्रियां भरोसे से चलती हैं। निवेश भरोसे से आता है।

पीएम मोदी ने कहा कि पूरा देश चाहता था कि महिलाओं को संसद और विधानसभा में 33 प्रतिशत आरक्षण का कानून लागू हो। इस पर संसद में बहस हुई लेकिन टीएमसी नहीं चाहती थी कि अगली बार विधानसभा में ज्यादा महिला विधायक चुनकर आएं, क्योंकि ऐसा होने पर वो महिलाओं के हक में आवाज उठाएंगी। इसलिए टीएमसी ने महिलाओं के आरक्षण का विरोध किया है। मतदान के समय आपको टीएमसी को इस अपराध की भी सजा देनी है।

उन्होंने कहा कि अपने राजनीतिक अनुभव के आधार पर, मुझे पूरा विश्वास है कि 4 मई के बाद भाजपा के मुख्यमंत्री शपथ लेंगे। मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री दोनों के भाजपा से होने पर पुरुलिया का विकास वर्तमान गति से दोगुनी रफ्तार से होगा। टीएमसी की निर्दयी सरकार महिलाओं के सपनों को कुचल रही है। स्कूलों और कॉलेजों में बलात्कार और हत्याएं हो रही हैं और टीएमसी सरकार दोषियों को बचा रही है।

WORLD : ‘हम युद्ध नहीं चाहते, पर न्यूक्लियर हमारा अधिकार’ ट्रंप की दनादन धमकियों पर ईरानी राष्ट्रपति की दहाड़

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ईरान-अमेरिका के बीच युद्ध के बीच जो बड़ा अपडेट है, वो ये कि एक बार फिर दोनों देश पाकिस्तान के इस्लामाबाद में वार्ता के लिए बैठ सकते हैं. हालांकि इससे पहले डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को धमकियां दी हैं और अब इस पर ईरानी राष्ट्रपति ने कहा है कि युद्ध वो भी नहीं चाहते लेकिन आत्मरक्षा उनका अधिकार है.

तेहरान: ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने स्पष्ट किया है कि उनका देश किसी भी तरह के युद्ध का पक्षधर नहीं है और मौजूदा हालात में केवल आत्मरक्षा के तहत कदम उठा रहा है. ईरानी स्टूडेंट न्यूज एजेंसी के मुताबिक पेजेश्कियन ने कहा कि ईरान ने कभी किसी देश पर हमला नहीं किया है और न ही उसका ऐसा कोई इरादा है. उन्होंने जोर देकर कहा कि क्षेत्र में शांति और स्थिरता बनाए रखना तेहरान की प्राथमिकता है.


राष्ट्रपति पेजेश्कियन ने अमेरिका और इजरायल पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि दोनों देशों ने नागरिक ढांचे को निशाना बनाया है, जो अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन है. उन्होंने इसे मानवाधिकारों पर दोहरे मापदंड का उदाहरण बताया. पेजेश्कियन ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की टिप्पणियों की कड़ी आलोचना की, उन्होंने कहा कि ट्रंप के पास ईरान को उसके परमाणु अधिकारों से वंचित करने का कोई ठोस कारण नहीं है.


‘न्यूक्लियर हमारा अधिकार है, कोई नहीं छीन सकता’

मसूद पेजेश्कियन सवाल उठाते हुए कहा –

‘ट्रंप कहते हैं कि ईरान अपने न्यूक्लियर अधिकारों का इस्तेमाल नहीं कर सकता, लेकिन वह यह नहीं बताते कि किस जुर्म के लिए. वह कौन होते हैं किसी देश को उसके अधिकारों से वंचित करने वाले?
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रिपोर्ट के मुताबिक वाशिंगटन और तेहरान के बीच परमाणु मुद्दे को लेकर तनाव बना हुआ है. इसी बीच ईरान के शीर्ष नेतृत्व ने अपने रुख को दोहराते हुए कहा है कि देश अंतरराष्ट्रीय नियमों के दायरे में रहकर अपने अधिकारों की रक्षा करेगा.
वार्ता के प्रतिनिध कालिबाफ ने कहा- स्थायी शांति दो

वहीं ईरान के मुख्य वार्ताकार और संसद अध्यक्ष मोहम्मद बघेर कालिबफ ने भी कहा कि उनका देश स्थायी शांति चाहता है. एक टीवी इंटरव्यू में उन्होंने अमेरिका पर अविश्वास जताते हुए कहा कि ईरान की नीयत स्पष्ट है और वह ऐसी स्थिति चाहता है, जहां भविष्य में युद्ध की आशंका न रहे. उन्होंने कहा कि हमारे लिए सबसे बड़ी चुनौती अमेरिका पर भरोसे की कमी है, लेकिन हम स्थायी शांति के लिए प्रतिबद्ध हैं. आपको बता दें कि इस्लामाबाद में पहले दौर की वार्ता के वक्त भी ऐसा ही हुआ था और ईरान ने कहा था कि उसे अमेरिका की बातों पर विश्वास नहीं है.

WORLD : ट्रंप की आखिरी चेतावनी: राष्ट्रपति बोले- डील मानो, वरना अंधेरे में डूबेगा ईरान; पाकिस्तान में कल फिर वार्ता

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राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान पर सीजफायर उल्लंघन और अंतरराष्ट्रीय जहाजों पर हमले का आरोप लगाते हुए कड़ी चेतावनी दी है। ट्रंप ने इस्लाबाद में होने वाली बातचीत को अंतिम अवसर बताते हुए कहा है कि यदि ईरान ने समझौता स्वीकार नहीं किया, तो अमेरिका उसके पावर ग्रिड और पुलों को निशाना बनाएगा।ट्रंप ने दावा किया कि ईरान ने होर्मुज में गोलीबारी कर मौजूदा सीजफायर समझौते की धज्जियां उड़ा दी हैं। उन्होंने बताया कि ईरानी हमलों का निशाना फ्रांस और ब्रिटेन के जहाज बने हैं। ट्रंप के मुताबिक, ईरान का यह कदम उसकी हताशा को दर्शाता है।

इस तनाव के बीच ट्रंप ने कूटनीतिक रास्ते का आखिरी विकल्प भी खुला रखा है। अमेरिकी प्रतिनिधियों का एक दल कल शाम पाकिस्तान की राजधानी इस्लाबाद पहुंच रहा है। वहां ईरान के साथ निर्णायक बातचीत होनी है। ट्रंप ने कहा कि यह ईरान के पास आखिरी मौका है।ईरान की ओर से होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने की घोषणा पर तंज कसते हुए ट्रंप ने कहा कि अमेरिकी नाकेबंदी ने उसे पहले ही बंद कर रखा है। इससे ईरान को रोजाना 50 करोड़ डॉलर का भारी नुकसान हो रहा है। उन्होंने कहा कि दुनिया भर के जहाज अब तेल और माल लोडिंग के लिए अमेरिका के टेक्सास, लुइसियाना और अलास्का के बंदरगाहों का रुख कर रहे हैं, जिससे अमेरिका को कोई नुकसान नहीं है।

ट्रंप ने अपने चिर-परिचित अंदाज में कहा कि पिछले 47 वर्षों से जो काम किसी राष्ट्रपति ने नहीं किया, उसे अब वो अंजाम देंगे। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर डील नहीं हुई, तो ईरान के बुनियादी ढांचे को पूरी तरह तबाह कर दिया जाएगा।

इस बीच समाचार एजेंसी तसनीम की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, तेहरान ने पाकिस्तान में होने वाली आगामी राजनयिक वार्ता में अपना प्रतिनिधिमंडल भेजने से साफ इनकार कर दिया है। ईरानी अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जब तक डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन की ओर से ईरान के बंदरगाहों पर लगाई गई नौसैनिक नाकेबंदी प्रभावी रहेगी, तब तक बातचीत की कोई मेज नहीं सजेगी।

28 फरवरी को इस्राइल-यूएस की संयुक्त एयर स्ट्राइक शुरू हुई थी। 8 अप्रैल को दो हफ्ते की अस्थायी संघर्ष विराम की घोषणा की गई। इसके बाद स्थायी समाधान ढूंढने के लिए इस्लामाबाद में वार्ता का आयोजन किया गया जो बेनतीजा रही। इसके बाद से दूसरे दौर के संवाद की चर्चा थी। आधिकारिक घोषणा तो नहीं हुई थी, लेकिन डॉन मीडिया आउटलेट ने पुलिस के हवाले से रविवार को बताया कि विदेशी डेलीगेशन के राजधानी आगमन को देखते हुए इस्लामाबाद का रेड जोन ट्रैफिक बंद कर दिया गया है। अब ट्रंप की पोस्ट ने इस्लामाबाद शांति वार्ता 2.O की तस्दीक कर दी है।

RASHIFAL : आज का राशिफल

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मेष
आज का दिन आपके लिए ऊर्जा और जोश से भरपूर रहेगा। आप नए कामों की शुरुआत करने के लिए प्रेरित होंगे और आपके प्रयासों से सफलता के संकेत भी मिलेंगे। कार्यस्थल पर आपकी नेतृत्व क्षमता और निर्णय लेने की शक्ति लोगों को प्रभावित करेगी। परिवार में माहौल सुखद रहेगा और पुरानी गलतफहमियाँ दूर हो सकती हैं। स्वास्थ्य मजबूत रहेगा, लेकिन अनावश्यक तनाव से बचें।

वृषभ
आज आर्थिक मामलों में सावधानी बरतना आवश्यक है। कोई बड़ा निर्णय लेने की जल्दी न करें, क्योंकि जल्दबाज़ी में उठाया गया कदम नुकसान पहुँचा सकता है। परिवार में किसी वरिष्ठ सदस्य की सलाह उपयोगी सिद्ध होगी। कार्यक्षेत्र में गति धीमी रहेगी, लेकिन स्थिरता बनी रहेगी। रिश्तों में मिठास बढ़ेगी, और शाम का समय शांति प्रदान करेगा। सेहत सामान्य रहेगी, पर आहार संतुलित रखें।

मिथुन
आज आपकी बातचीत और तर्कशक्ति आपको कई नए अवसर दिला सकती है। आप अपनी बातों से लोगों को प्रभावित करेंगे और कोई महत्वपूर्ण व्यक्ति आपसे जुड़ सकता है। कार्यक्षेत्र में प्रगति के संकेत हैं, और नई योजनाओं पर काम शुरू हो सकता है। मानसिक रूप से आप सक्रिय रहेंगे, लेकिन अत्यधिक सोच के कारण हल्का तनाव संभव है। यात्रा लाभदायक हो सकती है।

कर्क
आज आप भावनात्मक रूप से थोड़ा संवेदनशील महसूस कर सकते हैं, लेकिन परिवार की गर्माहट और सहयोग आपकी ताकत बनेगा। पुराने विवादों में सुधार और रिश्तों में मधुरता की संभावना है। कार्यक्षेत्र में स्थिरता रहेगी और कोई नया विचार आपको सफलता के मार्ग पर ले जा सकता है। स्वास्थ्य में सुधार होगा और आप मानसिक रूप से हल्का महसूस करेंगे। दिन के अंत में शांति मिलेगी।

सिंह
आज आपका आत्मविश्वास और नेतृत्व कौशल अपने चरम पर रहेगा। आप कार्यस्थल पर महत्वपूर्ण निर्णय लेंगे, जिनका सकारात्मक परिणाम मिलेगा। किसी नए प्रोजेक्ट या जिम्मेदारी का भार आप पर आ सकता है, जिससे आपकी प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। आर्थिक स्थिति मजबूत रहेगी। परिवार में खुशी का माहौल बनेगा। सेहत अच्छी रहेगी, बस अत्यधिक काम से बचें।

कन्या
आज आपके विश्लेषण और निर्णय लेने की क्षमता शानदार रहेगी। अटके हुए काम पूरे होने के योग हैं, और पुराने प्रोजेक्ट्स में भी गति आएगी। आर्थिक मामलों में लाभ मिलने की संभावना है। परिवार के साथ समय बिताने से मन को शांति मिलेगी। स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहें, खासकर पेट से जुड़े मामलों में सावधानी बरतें। दिन सकारात्मक रहेगा।

तुला
आज काम और परिवार के बीच अच्छा संतुलन बनाना आपके लिए जरूरी होगा। खर्चों में बढ़ोतरी हो सकती है, लेकिन निवेश के अवसर भी मिल सकते हैं। रिश्तों में मधुर संवाद की आवश्यकता है। कार्यक्षेत्र में कोई नया अवसर आपके सामने आ सकता है, लेकिन उसे समझदारी से पकड़ना होगा। स्वास्थ्य में हल्की थकान संभव है, इसलिए आराम जरूरी है।

वृश्चिक
आज आपकी गहरी सोच और विश्लेषणात्मक क्षमता किसी महत्वपूर्ण समस्या का समाधान दे सकती है। धनलाभ के अवसर मिलेंगे, और कार्यक्षेत्र में आपकी दृढ़ता आपको आगे बढ़ाएगी। रिश्तों में भरोसा और समझ बढ़ेगी। आज मानसिक रूप से शांति बनी रहेगी, और आप सकारात्मक महसूस करेंगे। ध्यान और योग से लाभ मिलेगा।

धनु
आज यात्रा के योग प्रबल हैं, चाहे वह काम से हो या निजी कारणों से। नई जगह से कुछ महत्वपूर्ण सीख या अनुभव मिलेगा। कार्यक्षेत्र में प्रगति होगी और आपको सहयोग भी मिलेगा। परिवार और मित्रों के साथ समय बिताने से मन खुश रहेगा। स्वास्थ्य बहुत अच्छा रहेगा और आपका उत्साह बढ़ा रहेगा।

मकर
आज मेहनत का पूरा फल मिलने वाला है। आपकी जिम्मेदारियाँ बढ़ेंगी, लेकिन आप उन्हें पूरी कुशलता से निभाएंगे। अचानक धन लाभ या नया अवसर मिल सकता है। कार्यस्थल पर आपकी प्रतिष्ठा बढ़ेगी और लोग आप पर भरोसा करेंगे। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा, लेकिन आराम भी जरूरी है।

कुंभ
आज आपके नए विचार और क्रिएटिव सोच लाभदायक साबित हो सकती है। तकनीक, ऑनलाइन काम, और इनोवेशन से जुड़े क्षेत्रों में विशेष सफलता मिलेगी। परिवार में खुशहाली रहेगी और दोस्तों का साथ आपके दिन को बेहतर बनाएगा। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा, पर दिमाग पर अधिक भार न डालें।

मीन
आज आपकी कल्पनाशक्ति और रचनात्मकता उभरकर सामने आएगी। किसी शुभ समाचार की संभावना है, जिससे मन प्रसन्न होगा। कार्यक्षेत्र में नई दिशा या अवसर मिल सकता है। भावनात्मक रूप से आप मजबूत रहेंगे, लेकिन संवेदनशीलता भी बनी रहेगी। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा और ऊर्जा संतुलित रहेगी।

NATIONAL : उनके पास 12 सालों में दिखाने के लिए कुछ खास नहीं…’, PM मोदी के आरोपों पर कांग्रेस का पलटवार

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि कांग्रेस और उसके सहयोगी पार्टियों ने देश की नारी शक्ति से उनके अधिकारों को हासिल करने का मौका छीन लिया है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार (18 अप्रैल, 2026) को देश के नाम दिए संबोधन में महिला आरक्षण बिल के पारित न होने को लेकर विपक्ष पर निशाना साधा. उन्होंने लोकसभा में 131वें संविधान संशोधन बिल के पारित न होने का ढिकरा कांग्रेस, टीएमसी, समाजवादी पार्टी और डीएमके समेत पूरे विपक्षी गठबंधन पर फोड़ दिया. पीएम मोदी ने कहा कि कांग्रेस और उसके सहयोगी पार्टियों ने देश की नारी शक्ति से उनके अधिकारों को हासिल करने का मौका छीन लिया है. आज पूरे देश के लोगों के सामने विपक्ष का असली चेहरा आ गया है. वहीं, पीएम मोदी के संबोधन पर प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस पार्टी ने कहा कि प्रधानमंत्री पूरी तरह से बौखला गए हैं और घबरा गए हैं.

कांग्रेस पार्टी की प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, ‘नरेंद्र मोदी ने अपने 29 मिनट के भाषण में कांग्रेस का नाम 58 बार लिया, यानी हर मिनट में दो बार. इसी से पता चलता है कि वे कितने बौखलाए और घबराए हुए हैं, क्योंकि उनकी विभाजनकारी और अलोकतांत्रिक डेलिमिटेशन की साजिश को विपक्ष ने हरा दिया.’

उन्होंने एक अन्य पोस्ट में कहा, ‘कितना झूठ बोलते हैं आप मोदी जी. 29 मिनट का भाषण, 58 बार कांग्रेस का नाम. यह डर अच्छा है. अगर आपके अंदर जरा सा भी सच्चाई है तो सोमवार (20 अप्रैल) को 543 लोकसभा सीटों पर महिला आरक्षण कीजिए, समूचा विपक्ष साथ देगा. देश की हर महिला आरक्षण के पीछे छिपकर परिसीमन करने की आपकी साजिश समझती है.’

वहीं, कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने X पोस्ट में कहा, ‘निराश और हताश नरेंद्र मोदी, जिनके पास पिछले 12 सालों में दिखाने के लिए कुछ खास नहीं है, उन्होंने राष्ट्र के नाम अपने आधिकारिक संबोधन को एक राजनीतिक भाषण में बदल दिया, जो कि सिर्फ आरोप-प्रत्यारोप और झूठी बातों से भरा हुआ था. आदर्श आचार संहिता पहले से लागू है और यह साफ दिखा कि पीएम मोदी ने अपने विरोधियों पर हमला करने के लिए सरकारी तंत्र का दुरुपयोग किया. यह लोकतंत्र और भारत के संविधान दोनों पर एक गंभीर हमला है.’

उन्होंने कहा, ‘मोदी जी ने कांग्रेस का नाम 59 बार लिया, जबकि महिलाओं का उल्लेख बहुत कम किया. इससे देश को उनकी प्राथमिकताओं के बारे में सब कुछ पता चलता है. महिलाएं भाजपा की प्राथमिकता नहीं है, बल्कि कांग्रेस है, क्योंकि कांग्रेस इतिहास के सही पक्ष में खड़ी है.’

NATIONAL : महिलाओं से अधिकार छीनकर मेज थपथपा रहा था विपक्ष… लोकसभा में संशोधन बिल गिरने पर PM मोदी ने साधा निशाना

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पीएम मोदी ने कहा कि महिलाओं के आरक्षण का विरोध करके कांग्रेस ने फिर एक बात सिद्ध कर दी है कि कांग्रेस, एक एंटी रिफॉर्म पार्टी है. कांग्रेस के एंटी रिफॉर्म रवैये ने हमेशा देश का बहुत बड़ा नुकसान किया है. कांग्रेस के हर विरोध, हर अनिर्णय, हर छल-प्रपंच का खामियाजा देश ने भुगता है.

पीएम मोदी ने महिला आरक्षण बिल के विरोध पर कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, डीएमके और तृणमूल पर कड़ी आलोचना कीउन्होंने कहा कि परिवारवादी पार्टियां महिलाओं के राजनीतिक अधिकार छीनकर उनके स्वाभिमान पर चोट पहुँचा रही हैंमोदी ने कहा कि यह संशोधन बिल 2029 से महिला आरक्षण का अधिकार सुनिश्चित करने के लिए था, जो 40 वर्षों से लंबित था

लोकसभा में महिला आरक्षण बिल से जुड़ा संशोधन विधेयक गिरने के बाद शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्र को संबोधित किया. इस दौरान उन्होंने बिल का विरोध करने के लिए कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, डीएमके और तृणमूल समेत विपक्षी पार्टियों पर हमला बोला. पीएम ने कहा कि कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों ने अपनी संकीर्ण और स्वार्थ की राजनीति के चलते देश की आधी आबादी का हक छीन लिया. ये परिवारवादी पार्टियां खुशी से तालियां बजा रही थी. महिलाओं से उनके अधिकार छीनकर ये लोग मेजें थपथपा रहे थे. उन्होंने जो किया, वो केवल टेबल पर थाप नहीं थी, वो नारी के स्वाभिमान पर, उसके आत्मसम्मान पर चोट थी.

मोदी ने कहा कि ये परिवारवादी पार्टियां नहीं चाहतीं कि उनके परिवार से बाहर की कोई महिला राजनीति में आगे बढ़े. उन्होंने कहा कि नारी सब भूल जाती है, लेकिन अपना अपमान कभी नहीं भूलती. इसलिए संसद में कांग्रेस और उसके सहयोगियों के व्यवहार की कसक हर नारी के मन में हमेशा रहेगी. संसद में नारीशक्ति वंदन संशोधन का जिन भी दलों ने विरोध किया है, वे लोग नारी शक्ति को फॉर ग्रांटेड ले रहे हैं.

उन्होंने कहा कि वो ये भूल रहे हैं कि 21वीं सदी की नारी देश की हर घटना पर नजर रख रही है. वो उनकी मंशा भाप रही हैं और सच्चाई भी भलीभांति जान चुकी है. इसलिए महिला आरक्षण का विरोध करके जो पाप विपक्ष ने किया है, इसकी उन्हें सजा जरूर मिलेगी. इन दलों ने संविधान निर्माताओं की भावनाओं का भी अपमान किया है.

पीएम ने कहा कि ये 40 साल से लटके हुए नारी के हक को, 2029 से अगले लोकसभा चुनाव से उसका हक देने का संशोधन था. नारी शक्ति वंदन संशोधन 21वीं सदी के भारत की नारी को नए अवसर देने, नई उड़ान देने और उसके सामने से बाधाएं हटाने का महायज्ञ था. देश की 50 प्रतिशत यानी, आधी आबादी को उसका अधिकार देने का साफ नीयत के साथ, ईमानदारी के साथ किया गया एक पवित्र पर्व था.

मोदी ने कहा कि इस ईमानदार प्रयास की कांग्रेस और उसके सहयोगियों ने सदन में पूरे देश के सामने भ्रूण हत्या कर दी है. कांग्रेस, डीएमके, टीएमसी और सपा जैसे दल इस भ्रूण हत्या के गुनहगार हैं. ये देश के संविधान के अपराधी हैं, देश की नारी शक्ति के अपराधी हैं. कांग्रेस महिला आरक्षण के विषय से ही नफरत करती है. उन्होंने कहा कि नारीशक्ति वंदन अधिनियम के विरोध की एक बड़ी वजह है- इन परिवारवादी पार्टियों का डर. अगर महिलाएं सशक्त हो गईं, तो इन परिवारवादी पार्टियों का नेतृत्व खतरे में पड़ जाएगा. ये कभी नहीं चाहेंगे कि उनके परिवार के बाहर की महिलाएं आगे बढ़ें.
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मोदी ने कहा कि महिलाओं के आरक्षण का विरोध करके कांग्रेस ने फिर एक बात सिद्ध कर दी है कि कांग्रेस, एक एंटी रिफॉर्म पार्टी है. कांग्रेस के एंटी रिफॉर्म रवैये ने हमेशा देश का बहुत बड़ा नुकसान किया है. कांग्रेस के हर विरोध, हर अनिर्णय, हर छल-प्रपंच का खामियाजा देश ने भुगता है, देश की पीढ़ियों ने भुगता है. कांग्रेस ये पॉलिटिक्स अंग्रेजों से विरासत में सीख कर आई है और कांग्रेस आज भी उसी के सहारे चल रही है. कांग्रेस ने हमेशा देश में दरार पैदा करने वाली भावनाओं को हवा दी है. इसलिए ये झूठ फैलाया गया कि डी-लिमिटेशन या परिसीमन से कुछ राज्यों को नुकसान होगा. जबकि सरकार ने पहले दिन से स्पष्ट किया है कि न किसी राज्य की भागीदारी का अनुपात बदलेगा, न किसी का री-प्रेजेंटेशन कम होगा, बल्कि सभी राज्यों की सीटें समान अनुपात में बढ़ेंगी.

उन्होंने कहा कि बिल पास कराने के लिए जरूरी 66 परसेंट वोट हमें नहीं मिला हो, लेकिन मैं जानता हूं, देश की 100 परसेंट नारीशक्ति का आशीर्वाद हमारे साथ है. मैं देश की हर नारी को विश्वास दिलाता हूं, हम महिला आरक्षण के रास्ते में आने वाले हर रुकावट को खत्म करेंगे. महिला आरक्षण का विरोध करने वाली पार्टियां, ये देश की नारी शक्ति को संसद और विधानसभाओं में उनकी भागीदारी बढ़ाने से रोक नहीं पाएंगी.

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि कांग्रेस हमेशा से हर रिफॉर्म को रोककर बैठी रही. लटकाना, भटकाना, अटकाना… यही कांग्रेस का सिद्धांत रहा है, वर्क कल्चर रहा है. मैंने संसद में भी कहा था कि आधी आबादी को उनका हक मिल जाने दीजिए, मैं इसका क्रेडिट विज्ञापन छपवाकर विपक्ष के सभी लोगों को दे दूंगा. लेकिन महिलाओं को दकियानूसी सोच से देखने वाले फिर भी अपने झूठ पर अड़े रहे.

उन्होंने कहा कि मैं जानता हूं कि आज मेरे देश की माताएं, बहनें, बेटियां… आप सभी दुखी हैं. मैं भी आपके इस दुख में दुखी हूं. लेकिन हमारा प्रयास रुकेगा नहीं, हमारा प्रयास थमेगा नहीं, हमारा आत्मबल अजेय है. हमारे पास आगे भी और मौके आएंगे. हमें आधी आबादी के सपनों के लिए, देश के भविष्य के लिए इस संकल्प को पूरा करना ही है.

NATIONAL : ‘बस वक्त का इंतजार’: महिला आरक्षण पर पीएम मोदी ने आगे की रणनीति पर कर दिया इशारा, कहा- कल संख्याबल नहीं था

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को राष्ट्र के नाम संबोधन में नारी शक्ति वंदन विधेयक, 2026 के पारित न हो पाने के लिए विपक्षी दलों को जिम्मेदार ठहराते हुए सरकार के कम संख्याबल का भी जिक्र किया। हालांकि, उन्होंने कहा कि सरकार का संकल्प अडिग है और वह इस प्रस्ताव पर आगे काम जारी रखेंगे।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को राष्ट्र के नाम संबोधन में नारी शक्ति वंदन विधेयक 2026 पारित न हो पाने के मुद्दे पर देशवासियों से बात की। पीएम ने इस दौरान विधेयक का विरोध करने के लिए विपक्ष को घेरा और साथ ही सरकार के प्रयासों के बारे में भी बताया। इस बीच पीएम मोदी ने इशारों में 2024 के लोकसभा चुनाव में भाजपा को पिछले दो चुनाव से मिली कम सीटों का भी जिक्र किया और कहा कि इस बार भले ही हमारे पास संख्याबल नहीं था, लेकिन महिलाओं को संसद-विधानसभाओं में आरक्षण दिलाने का भाजपा-एनडीए का संकल्प अडिग रहेगा।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि महिला आरक्षण का विरोध करने वाली पार्टियां देश की नारी शक्ति को संसद और विधानसभा में उनकी भागीदारी बढ़ाने से रोक नहीं पाएंगी। सिर्फ वक्त का इंतजार है। नारी शक्ति के सशक्तीकरण पर भाजपा, एनडीए का संकल्प अडिग है। कल हमारे पास संख्या बल नहीं था, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि हम हार गए। हमारा आत्मबल अजेय है। हमारा प्रयास रुकेगा नहीं। हमारा प्रयास थमेगा नहीं। हमारे पास आगे भी और मौके आएंगे। हमें आधी आबादी के सपनों के लिए देश के भविष्य के लिए इस संकल्प को पूरा करना ही है।

प्रधानमंत्री ने इससे पहले गुरुवार को लोकसभा में नारी शक्ति वंदन विधेयक पेश होने के बाद विपक्ष से इसे पारित कराने के लिए सहयोग की अपील की थी। पीएम मोदी ने कहा था कि राजनीतिक जीवन में जो लोग सफलतापूर्वक आगे बढ़ना चाहते हैं, उन्हें यह मानकर चलना पड़ेगा कि पिछले 25 से 30 वर्ष में ग्रासरूट लेवल यानी जमीनी स्तर पर महिलाएं लीडर बन चुकी हैं। अब उनके अंदर सिर्फ यहां 33 फीसदी का सामर्थ्य नहीं है, बल्कि वे आपके फैसलों को भी प्रभावित करने वाली हैं। इसलिए जो आज विरोध करेंगे, उन्हें लंबे समय तक इसकी कीमत चुकानी पड़ेगी। राजनीतिक समझदारी इसी में है कि हम जमीनी स्तर पर महिलाओं की जो राजनीतिक लीडरशिप खड़ी हुई है, उसे संदर्भ में लें।

लोकसभा में अगर एनडीए का संख्याबल देखें तो सामने आता है कि उसके पास फिलहाल 293 सांसद हैं। इनमें अकेले भाजपा के पास 240 सांसद हैं। इसके बाद दो और पार्टियों- तेदेपा और जदयू के पास क्रमशः 16 और 12 सीटें हैं। वहीं, शिवसेना के पास सात और लोजपा के पास पांच सांसद हैं। इन पांच पार्टियों को ही मिला दें तो एनडीए बहुमत के आंकड़े के पार पहुंच जाता है। वहीं, छोटी-बड़ी सभी पार्टियों का साथ रहने पर 293 वोट एनडीए को मिलना तय हैं। शुक्रवार को जब नारी शक्ति वंदन विधेयक पर मतदान हुआ तो इसे पांच ज्यादा सांसदों का समर्थन मिला। यानी विधेयक के समर्थन में कुल 298 वोट मिले।

विपक्षी इंडिया गठबंधन के पास 235 सीटें हैं, जो कि भाजपा से भी पांच सीट कम हैं। इनमें कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी है, जिसके पास 98 सीटें हैं। दूसरी तरफ समाजवादी पार्टी के पास 37, तृणमूल कांग्रेस के पास 28 और डीएमके के पास 22 सीटें हैं। गठबंधन की बाकी पार्टियों के पास 10 से कम सीटें हैं। कल विधेयक पर वोटिंग के दौरान 230 सांसदों ने इसके विरोध में वोट किया। यानी इंडिया गठबंधन भी लगभग एकसाथ ही रहा।

चूंकि किसी भी संविधान संशोधन विधेयक, जैसे- संविधान 131वां संशोधन विधेयक (नारी शक्ति वंदन विधेयक, 2026) को संसद के दोनों सदनों- लोकसभा और राज्यसभा में विशेष बहुमत से पारित होना अनिवार्य था। विशेष बहुमत का मतलब है…

ऐसे में नारी शक्ति वंदन विधेयक पर कुल 528 सांसदों ने मतदान किया, जिनमें 298 ने समर्थन और 230 ने विरोध में वोट डाला। हालांकि, दो-तिहाई बहुमत यानी 352 वोट न मिलने के कारण यह विधेयक पारित नहीं हो सका।

विधेयक के अनुसार, 2011 की जनगणना के आधार पर परिसीमन अभ्यास के बाद 2029 के संसदीय चुनावों से पहले महिला आरक्षण कानून को संचालित करने के लिए लोकसभा की सीटों को वर्तमान 543 से बढ़ाकर अधिकतम 850 किया जाना था। महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण को समायोजित करने के लिए राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की विधानसभाओं में भी सीटों में वृद्धि की जानी थी।

NATIONAL : PM बोले-महिला आरक्षण बिल पास नहीं हुआ, माफी मांगता हूं:विपक्ष ने आधी आबादी का अधिकार छीना, उन्हें इस पाप की सजा मिलेगी

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार रात 8.30 से 9 बजे, 30 मिनट तक देश को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कहा, ‘महिला आरक्षण बिल में संशोाधन नहीं हो पाया। मैं सभी माताओं-बहनों से माफी मांगता हूं।’

PM ने विपक्ष की आलोचना करते हुए कहा, ‘मेरे लिए देशहित सर्वोपरि है। जब कुछ लोगों के लिए दलहित देशहित से बड़ा हो जाता है तो नारी शक्ति को ही इसका खामियाजा उठाना पड़ता है।’

PM ने आगे कहा- कांग्रेस, टीएमसी, डीएमके जैसे विपक्षी दल इस भ्रूणहत्या के गुनहगार हैं। ये देश के संविधान के अपराधी हैं। नारी शक्ति के अपराधी हैं। जिन लोगों ने आधी आबादी का अधिकार छीना, उन्हें इस पाप की सजा मिलेगी।

लोकसभा में शुक्रवार को महिला आरक्षण से जुड़ा संविधान (131वां संशोधन) बिल पास नहीं हो सका था। बिल में लोकसभा सीटें 543 से बढ़ाकर 816 करने और महिलाओं को 33% आरक्षण देने का प्रस्ताव था। बिल के पक्ष में 298 और विरोध में 230 वोट पड़े, जबकि इसे पास करने के लिए 352 वोटों की जरूरत थी।

महिलाओं के सपने को कुचला: आज भारत का हर नागरिक देख रहा है कि कैसे भारत की नारी शक्ति की उड़ान को रोक दिया गया। उनके सपनों को बेरहमी से कुचल दिया गया।
विपक्ष ने खुशी से मेजें थपथपाईं : कल देश की करोड़ों महिलाओं की नजर संसद पर थी। जब ये नारी हित का प्रस्ताव गिरा तो कांग्रेस, डीएमके, टीएमसी, सपा जैसी परिवारवादी पार्टियां खुशी से तालियां बजा रही थीं। महिलाओं से उनके अधिकार छीनकर ये लोग मेजें थपथपा रहे थे।
नारी अपमान कभी नहीं भूलती: कल विपक्ष ने जो भी किया वह केवल टेबल पर थाप नहीं थी। वह नारी के स्वाभिमान पर चोट थी। नारी सब भूल जाती है, अपना अपमान कभी नहीं भूलती। इसलिए संसद में कांग्रेस के उसके सहयोगियों के व्यवहार की कसक, हर नारी के मन में हमेशा रहेगी।

परिवारवादी पार्टियां डर गईं: परिवारवादी पार्टियों के भीतर महिलाओं के लिए असुरक्षा की भावना है। परिसीमन के बाद महिलाओं का कद बढ़ता इसलिए उन्होंने बिल का विरोध किया। देश की नारी शक्ति कांग्रेस और उसके साथी दलों के लिए पाप के लिए माफ नहीं करेगी।
विपक्ष हमेशा से कुतर्क गढ़ता है: कांग्रेस, सपा, डीएमके और टीएमसी हर बार वही बहाने, वही कुतर्क गढ़ते आए हैं। कोई न कोई तकनीकी पेच फंसाकर ये महिलाओं के अधिकारों पर डाका डालते रहे हैं। देश राजनीति का यह भद्दा पैटर्न बराबर समझ चुका है।
विपक्ष को पाप की सजा मिलेगी: कल जिन लोगों ने बिल का विरोध किया है, उनसे मैं दो-टूक कहूंगा कि ये लोग नारी शक्ति को हल्के में ले रहे हैं। वे भूल रहे हैं कि 21वीं सदी की नारी देश की हर घटना पर नजर रख रही है। जिन लोगों ने आधी आबादी का अधिकार छीना, उन्हें इस पाप की सजा मिलेगी।

हमारे साथ आजाद हुए देश हमसे आगे निकल गए: हमारे साथ कई देश आजाद हुए। कई देश हमसे आगे निकल गए लेकिन कांग्रेस कई रिफॉर्म को रोककर बैठे रही। कांग्रेस ने पड़ोसी देशों के साथ पानी बंटवारे, सीमा विवाद को लटकाए रखा। कांग्रेस का हर छल-प्रपंच का खामियाजा देश ने भुगता है।
कांग्रेस परिसीमन के बहाने विभाजन की आग को सुलगाना चाहती है: परिसीमन पर झूठ फैलाया कि कुछ राज्यों को नुकसान होगा। हमने स्पष्ट किया कि किसी राज्य का रिप्रेंजेंटशन कम नहीं होगा। फिर भी कांग्रेस, डीएमके, टीमएसी जैसे दल मानने को तैयार नहीं हुए। कांग्रेस और उसके साथी दल परिसीमन के बहाने विभाजन की आग को सुलगाना चाहते हैं।

हम हारे नहीं हैं, बस वक्त का इंतजार: हम महिला आरक्षण के रास्ते आने वाली हर रुकावट को हटाकर रहेंगे। हमारी हिम्मत अटूट है। बस वक्त का इंतजार है। कल हमारे पास संख्याबल नहीं था। इसका मतलब यह नहीं कि हम हार गए। हमारा प्रयास रुकेगा नहीं। हमारे पास आगे और मौके आएंगे।
PM के संबोधन के पल-पल के अपडेट्स के लिए नीचे लाइव ब्लॉग से गुजर जाइए…

काग्रेस नेता जयराम रमेश ने PM के भाषण को ‘डिस्ट्रेस एड्रेस’ (तनाव में दिया गया भाषण) बताया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री का संबोधन गैर-राजनीतिक होना चाहिए था, लेकिन इसमें विपक्ष पर हमला किया गया।

रमेश ने आरोप लगाया कि महिला आरक्षण के नाम पर परिसीमन से जुड़े प्रस्ताव लाए जा रहे थे, जिससे लोकतंत्र और राज्यों के अधिकार कमजोर होते। उन्होंने कहा कि लोकसभा में बिल का गिरना संविधान और लोकतंत्र की जीत है।

PM के संबोधन के बाद सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने X पर कहा कि अब कल ‘पीडीए’ (पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक) प्रेस कॉन्फ्रेंस होगी। इसमें महिला आरक्षण की आड़ में परिसीमन बिल की भाजपाई साजिश का खुलासा होगा।

प्रधानमंत्री मोदी के संबोधन पर कांग्रेस नेता नाना पटोले ने नागपुर में कहा कि सरकार 2014 से झूठ को बार-बार दोहराने की राजनीति अपनाई जा रही है।

पटोले ने दावा किया कि प्रधानमंत्री ने अपने करीब आधे घंटे के भाषण में कांग्रेस का लगभग 150 बार जिक्र किया। उन्होंने सवाल उठाया कि कांग्रेस के प्रति इतनी नाराजगी क्यों है।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस हमेशा बाबासाहेब आंबेडकर के संविधान को मानती आई है और मनुस्मृति जैसी व्यवस्थाओं का विरोध करती रही है।

PM ने कहा- ये लड़ाई सिर्फ एक कानून की नहीं है। उनकी हमेशा निगेटिविटी सामने आ जाती है। देश की बहनें-बेटियां कांग्रेस की मानिसिकता का करार जवाब देकर रहेंगी। कुछ लोग महिलाओं के सपने टूटने को सरकार की नाकामयबी बता रहे हैं। ये क्रेडिट का सवाल नहीं था। मैंने संसद में भी कहा था कि आप क्रेडिट ले लो। लेकिन महिलाओं को दकियानूसी सोच से देखने वानले अपने झूठ पर अड़े रहे।

PM ने कहा- नारी शक्ति को अधिकारी दिलाने की लड़ाई दशकों से चल रही है। कितनी बहनों ने पत्र के जरिए मुझे सारी बातें बताई है। मैं जानता हूं महिलाएं दुखी हैं। मैं भी आपके दुख में दुखी हूं। आज भले ही बिल पास कराने के लिए जरूरी 66% वोट न मिला हो लेकिन मैं जानता हूं देश की 100% नारी शक्ति का आशीर्वाद हमारे साथ है

PM ने कहा- कांग्रेस ने आर्टिकल 370 हटाने का विरोध किया। UCC को जरूरी बताकर उसका भी विरोध करती है। रिफॉर्म का नाम सुनकर कांग्रेस विरोध की तख्ती लेकर दौड़ पड़ती है। कांग्रेस ‘वन नेशन-वन इलेक्शन’, देश में SIR का विरोध करती है। इन्होंने शरणार्थियों को सुरक्षा देने वाले CAA कानून का विरोध किया।

मोदी ने कहा- कांग्रेस का एक ही पैटर्न रहा है। कोई भी रिफॉर्म आए तो झूठ बोलो-भ्रम फैलाओ। जो भी काम देश के लिए जरूरी होता है कांग्रेस उसे कारपेट के नीचे डाल देती है। उनकी इसी वजह से भारत विकास की उस ऊंचाई पर नहीं पहूंच पाया, जिसका वो हकदार है।

प्रधानमंत्री ने कहा- ये बिल सभी दलों और राज्यों के लिए एक मौका था। एक अवसर था ये बिल पास होता तो बंगाल, यूपी, केरल सभी राज्य की सीटें बढ़तीं। इन लोगों ने अपने राज्यों को धोखा दिया। डीएमके के पास मौका था और ज्यादा लोागें को सांसद विधायक बना सकती थी लेकिन उसने मौका खो दिया।

मोदी ने कहा- टीएमसी के पास भी बंगाल के लोगों को आगे बढ़ाने का मौका था लेकिन गंवा दिया। सपा भी महिला विरोध होने के छवि के दाग को कम करने के मौके से चूक गई। सपा ने बिल का विरोध करके लोहिया जी के सपनों को पैरों तले रौंद दिया।

प्रधानमंत्री ने कहा- ये महिलाएं देश की सेवा करना चाहती हैं लेकिन परिवारवादियों के भीतर असुरक्षा की भावना बैठी है। परिसीमन के बाद महिलाओं का कद बढ़ता इसलिए उन्होंने बिल का विरोध किया। देश की नारी शक्ति कांग्रेस और उसके साथी दलों के लिए पाप के लिए माफ नहीं करेगी।

PM ने कहा- कांग्रेस और उसके साथी दल परिसीमन पर लगातार झूठ बोल रहे हैं। ये इस बहाने विभाजन की आग को सुलगाना चाहते हैं। ये ‘बांटों और राज करो’ की पॉलिटिक्स अंग्रेजों से विरासत में लेकर आई है।

PM ने कहा- कांग्रेस ने हमेशा देश में दरार पैदा करने वाली भावनाओं को हवा दी है। परिसीमन पर झूठ फैलाया कि कुछ राज्यों को नुकसान होगा। हमने स्पष्ट किया कि किसी राज्य का रिप्रेंजेंटशन कम नहीं होगा। फिर भी कांग्रेस, डीएमके, टीमएसी जैसे दल मानने को तैयार नहीं हुए।

PM ने कहा- कांग्रेस खुद ही कई राज्यों में अपना वजूद खो चुकी है। वह परजीवी की तरह दूसरे दलों के सहारे जिंदा है। वे यह भी नहीं चाहते कि क्षेत्रीय दलों की ताकत बढ़े। इस बिल को रोककर उन्हें राजनीतिक षडयंत्र किया है। सभी विपक्ष इतने सालों से हर बार वही बहाने बनाते आए हैं। कोई न कोई पेंच फंसाकर महिलाओं के अधिकारों पर डाका डालते हैं।

मोदी ने कहा- देश उनका पैटर्न समझ चुका है। इस बिल के विरोध की बड़ी वजह है कि इन परिवारवादी पार्टियों का डर। इन्हें डर है कि महिला सशक्त हुई तो उनकी पार्टी खतरे में आ जाएगी। ये नहीं चाहेंगे कि उनके परिवार के बाहर की महिलाएं आगे बढ़ें।

PM ने कहा- पूरा विपक्ष इस भ्रूणहत्या के गुनहगार हैं। ये देश के संविधान के अपराधी है। नारी शक्ति के अपराधी हैं। कांग्रेस महिला आरक्षण से ही नफरत करती है। उन्होंने हमेशा इसे रोका है। इस बार भी कांग्रेस और साथी दलों ने महिला आरक्षण को रोकने के एक के बाद एक नए झूठ का सहारा लिया।

PM मोदी ने कहा- कभी नंबरर्स को लेकर तो कभी किसी और तरह से, कांग्रेस और उसके साथियों ने देश को गुमराह किया। इन दलों ने भारत की नारी के सामने अपना असली चेहरा सामने ला दिया है। अपना मुखैटा उतार दिया है। मुझे पर्सनली आशा थी कि कांग्रेस दशकों पुरानी गलती सुधारेगी लेकिन कांग्रेस ने महिलाओं के पक्ष में खड़े होने का अवसर खो दिया।

PM ने कहा- यह कानून 40 साल से लटके हुए नारी के हक को 2029 के अगले लोकसभा चुनाव से उसका हक देने का संशोधन था। यह बिल नए अवसर, नई उड़ान देने, उसके सामने से बाधाएं हटाने का महायज्ञ था। देश की 50% यानी आधी आबादी को अधिकार देने का ईमानदारी से किया प्रयास था।

मोदी ने कहा- यह बिल समय की मांग है। यह उत्तर, दक्षिण, पूर्व, पश्चिम, सभी राज्यों की महिला शक्ति में समान बढ़ोतरी का प्रयास था। राज्य की आबादी कैसी भी हो सबकी समान अनुपात में शक्ति बढ़ाने की कोशिश थी। इस ईमानदार प्रयास की कांग्रेस और उसके सहयोगियों ने सदन में पूरे देश के सामने भ्रूणहत्या कर दी है।

PM ने कहा- जिन दलों ने बिल का विरोध किया, उनसे मैं दो टूक कहूंगा कि ये लोग नारी शक्ति को हल्के में ले रहे हैं। वे भूल रहे हैं कि 21वीं सदी की नारी सब पर नजर रख रही है। वो उनकी मंशा देख रही है।

प्रधानमंत्री ने कहा- महिला आरक्षण को रोककर जो पाप विपक्ष ने किया है, इसकी उन्हें सजा जरूर मिलेगी। इन दलों ने संविधान निर्माताओं की भावनाओं का अपमान किया है। जनता की सजा से वे बच नहीं पाएंगे। सदन में यह कानून किसे से कुछ छीन नहीं रहा था। कुछ न कुछ देने का था।

PM मोदी ने कहा- विपक्ष महिलाओं से उनका अधिकार छीनकर मेज थपथपा रहा था। उन्होंने जो किया वह टेबल पर सिर्फ थाप नहीं थी वो नारी के स्वाभिमान पर चोट थी। नारी सब भूल जाती है मगर अपमान नहीं भूलती।

PM मोदी ने कहा- संसद में कांग्रेस और उसके सहयोगियों के व्यवहार की कसक नारी के मन में रहेगी। देश की नारी जब भी अपने क्षेत्र में इन नेताओं को देखेगी तो याद करेगी कि इन्होंने ही महिला आरक्षण रोकने का जश्न मनाया था।

PM ने कहा- कांग्रेस, डीएमके, सपा जैसे दलों की स्वार्थी राजनीति का नुकसान देश की नारी को उठाना पड़ा। देश की करोड़ों नारी की नजर संसद में थी। देश की नारी देख रही थी। मुझे भी देखकर दुख हुआ नारी हित का प्रस्ताव गिरा। उस समय कांग्रेस, डीएमके, टीमएसी, सपा जैसी परिवारवादी पार्टियां खुशी से तालियां बजा रही थीं।

PM के राष्ट्र के नाम संबोधन से पहले पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने उन पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि पीएम एक बार फिर झूठ का जाल बुनेंगे।

रैली में ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि महिला आरक्षण से जुड़ा बिल देश को बांटने के उद्देश्य से लाया गया था। उन्होंने कहा कि परिसीमन के जरिए लोकसभा सीटों की संख्या बढ़ाकर भाजपा राजनीतिक फायदा लेना चाहती थी।

ममता ने कहा कि यह कदम गैर-बीजेपी शासित राज्यों को नुकसान पहुंचाने की कोशिश है और विपक्ष ने देश की एकता बनाए रखने के लिए इसका विरोध किया।

12 साल के शासन में यह पहला मौका था, जब मोदी सरकार सदन में कोई बिल पास नहीं करा पाई। अब लोकसभा और विधानसभा में महिलाओं को 33% आरक्षण नई जनगणना के नतीजे आने से पहले लागू नहीं होगा, यानी 2029 के लोकसभा चुनाव में इसका फायदा नहीं मिलेगा।

सरकार जो 3 नए बिल लेकर आई थी, उनमें 2029 के आम चुनाव से पहले महिलाओं के आरक्षण कानून को लागू करने का प्रस्ताव था। इसके लिए 2011 की जनगणना के आधार पर परिसीमन भी किया जाना था।

सरकार ने इन पर वोटिंग कराने से इनकार कर दिया। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि दोनों पहले बिल से जुड़े हुए हैं, इसलिए इन पर अलग से वोटिंग कराने की जरूरत नहीं है।

BHAKTI : अक्षय तृतीया आज, जानें पूजा-खरीदारी का शुभ मुहूर्त, पूजा विधि, मंत्र, कथा सहित सबकुछ

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इस साल अक्षय तृतीया पर कई शुभ योगों का निर्माण हो रहा है। ऐसे में मां लक्ष्मी, कुबेर जी की पूजा करने के साथ खरीदारी करना शुभ माना जा रहा है। आइए जानते हैं अक्षय तृतीया का शुभ मुहूर्त, पूजा विधि, व्रत कथा, मंत्र, कथा सोना-चांदी खरीदने का समय सहित सबकुछ

हिंदू धर्म में अक्षय तृतीया का अत्यंत विशेष महत्व माना जाता है। इस दिन किसी भी प्रकार के मांगलिक कार्य के लिए पंचांग या मुहूर्त देखने की आवश्यकता नहीं पड़ती, इसलिए इसे अबूझ मुहूर्तों में शामिल किया जाता है। हर वर्ष यह पर्व वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मनाया जाता है और इसे नई शुरुआत, समृद्धि और शुभ फल देने वाला दिन माना जाता है। इस वर्ष की अक्षय तृतीया और भी खास मानी जा रही है, क्योंकि ग्रहों की स्थिति के अनुसार कई शुभ योगों का निर्माण हो रहा है। इस दिन त्रिपुष्कर योग से लेकर गजकेसरी योग, मालव्य योग, लक्ष्मी नारायण योग, रवि योग, अक्षय योग आदि बन रहे हैं। इन सभी योगों के कारण इस दिन का महत्व कई गुना बढ़ जाता है। मान्यता है कि इस शुभ अवसर पर मां लक्ष्मी और भगवान कुबेर की पूजा करने से विशेष कृपा प्राप्त होती है, जिससे घर में सुख-शांति आती है और धन-समृद्धि में वृद्धि होती है।

इस दिन सोना-चांदी या अन्य कीमती वस्तुएं खरीदना भी अत्यंत शुभ माना जाता है, क्योंकि इसे स्थायी समृद्धि का प्रतीक माना जाता है। ऐसे में अक्षय तृतीया पर क्या खरीदें, पूजा कैसे करें, कौन से मंत्रों का जाप करें और किन बातों का ध्यान रखें। आइए जानते हैं अक्षय तृतीया का शुभ मुहूर्त, पूजा विधि, व्रत कथा, लक्ष्मी आरती, कुबेर जी आरती सहित अन्य जानकारी…

19 अप्रैल को सुबह 10 बजकर 49 मिनट से दोपहर 12 बजकर 20 मिनट तक पूजा का सबसे शुभ मुहूर्त है। इसकी कुछ अवधि 1 घंटे 32 मिनट की होगी।

शास्त्रों में अक्षय तृतीया के दिन किए जाने वाले 14 महादानों के बारे में बताया गया है। इन्हें करने से सुख-समृद्धि के साथ अक्षय पुण्य की प्राप्ति हो सकती है।

अन्न दान, जल दान, वस्त्र दान, स्वर्ण दान, चांदी दान, भूमि दान, गौ दान, विद्या दान, औषधि दान, कन्या जान, गृह निर्माण में मदद, दीप दान और पु

NATIONAL : डराने लगी गर्मी! यूपी और छत्तीसगढ़ में 45 के पार पहुंचा पारा; IMD ने जारी कर दिया अलर्ट

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अप्रैल के अंत में देश के कई राज्यों में पारा 45 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच गया है.ओडिशा के बोलांगीर जिले का टिटलागढ़ 42.7 डिग्री सेल्सियस तापमान के साथ सबसे गर्म स्थान बना हुआ है.महाराष्ट्र के वर्धा और छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है.
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अप्रैल के जाते-जाते सूरज के तेवर तीखे होने लगे हैं और अब भीषण गर्मी लोगों को डराने लगी है. आलम यह है कि देश के कई राज्यों में पारा 40°C के पार पहुंच चुका है, जिससे दोपहर के समय सड़कें सूनी होने लगी हैं. लू के थपेड़ों और बढ़ते तापमान ने अभी से ही मई-जून जैसी तपिश का अहसास कराना शुरू कर दिया है.

ओडिशा में शनिवार को भीषण गर्मी का प्रकोप रहा और करीब 15 स्थानों पर पारा 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया. मौसम विभाग के मुताबिक बोलांगीर जिले का टिटलागढ़ 42.7 डिग्री सेल्सियस के साथ सबसे गर्म स्थान रहा, इसके बाद झारसुगुड़ा में 42.6 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया. विभाग के अनुसार भवानीपटना में 42 डिग्री सेल्सियस, जबकि संबलपुर और नुआपड़ा में 41.6 डिग्री सेल्सियस तापमान रहा. विभाग के अनुसार इसी प्रकार हीराकुड में 41.4 डिग्री सेल्सियस, बोलांगीर और तालचर में 41 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया.

मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार 18 अप्रैल 2026 को देश के कई शहरों में अधिकतम तापमान 42.5 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक दर्ज किया गया। छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव और महाराष्ट्र के वर्धा में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया. उत्तर प्रदेश के बांदा, प्रयागराज, झांसी, वाराणसी और सुल्तानपुर समेत कई जिलों में भी पारा 43 डिग्री के आसपास दर्ज किया गया. मध्य प्रदेश, तेलंगाना, ओडिशा, राजस्थान और विदर्भ क्षेत्र में भी तेज गर्मी का असर दिखा. कई इलाकों में तापमान सामान्य से 3 से 5 डिग्री तक अधिक रहा, जिससे लू चलने की स्थिति बनी हुई है. मौसम विभाग ने लोगों को दिन के समय बाहर निकलने से बचने और पर्याप्त सावधानी बरतने की सलाह दी है.

वहीं, राजस्थान में गर्मी ने जोर पकड़ लिया है जहां शनिवार को कई जगह दिन का तापमान सामान्य से अधिक दर्ज किया गया. भारत आईएमडी के जयपुर केंद्र के अनुसार शनिवार दिन में चूरू राज्य का सबसे गर्म स्थान रहा जहां अधिकतम तापमान सामान्य से 3.1 डिग्री अधिक 42.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. वहीं अधिकतम तापमान चित्तौड़गढ़ में 42.6 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया. इसी तरह यह बाड़मेर और कोटा में 42.2 डिग्री सेल्सियस रहा. टोंक के वनस्थली में 42.1 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया जबकि अलवर में 41.6 डिग्री सेल्सियस रहा.

भारत मौसम विभाग के मुताबिक इस सप्ताह भारत के पूर्वी तट पर गर्म और उमस भरा मौसम रहने की संभावना है. पूर्वी उत्तर प्रदेश के कुछ इलाकों में 18 से 20 अप्रैल तक, पूर्वी राजस्थान और ओडिशा में 19 से 22 अप्रैल तक, पश्चिमी राजस्थान में 21 और 22 अप्रैल को, पूर्वी मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और विदर्भ में 18 और 19 अप्रैल को, और झारखंड में 20 और 21 अप्रैल को लू चलने की प्रबल संभावना है.

अगले एक हफ्ते के दौरान 18 से 24 अप्रैल के बीच पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में भी अधिकतम तापमान में धीरे-धीरे 3-5 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि होने की संभावना है, जबकि 18 से 21 अप्रैल के दौरान पूर्वी भारत में अधिकतम तापमान में धीरे-धीरे 2-3 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि होने की संभावना है.

मौसम विभाग के मुताबिक, पिछले 24 घंटे के दौरान, विदर्भ के अधिकांश हिस्सों और मध्य प्रदेश, राजस्थान, तेलंगाना, छत्तीसगढ़ और उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में अधिकतम/दिन का तापमान 40℃-44℃ के बीच रहा. पश्चिमी हिमालय क्षेत्र और पूर्वोत्तर भारत को छोड़कर देश के बाकी हिस्सों में उच्चतम अधिकतम तापमान 36℃-40℃ की सीमा में था. सबसे अधिक गर्मी उत्तर प्रदेश के बांदा जिले में रिकॉर्ड की गयी, जहां अधिकतम तापमान 45.4°C दर्ज किया गया.

हालांकि, भारत मौसम विभाग के अनुसार, 19 से 21 तारीख के दौरान अरुणाचल प्रदेश में, 19 और 21 तारीख को असम और मेघालय में, और 19 अप्रैल को उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में बिजली और गरज के साथ छिटपुट भारी वर्षा की बहुत संभावना है.

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