NATIONAL : ब्रह्मोस का बढ़ता जलवा, फिलीपींस से लेकर वियतनाम तक, कई देश भारत की सुपरसोनिक मिसाइल के दीवाने

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ब्रह्मोस मिसाइल की वैश्विक मांग तेजी से बढ़ रही है, फिलीपींस के बाद वियतनाम समेत कई देश इसे खरीदने की दौड़ में हैं। भारत की यह सुपरसोनिक मिसाइल अब रक्षा निर्यात में बड़ा गेमचेंजर बनकर उभर रही है।

नई दिल्ली: भारत की सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल ‘ब्रह्मोस’ अब वैश्विक हथियार बाजार में तेजी से अपनी पहचान मजबूत कर रही है। फिलीपींस के साथ ऐतिहासिक डील के बाद कई देश इस घातक मिसाइल को खरीदने में दिलचस्पी दिखा रहे हैं, जिससे भारत की रक्षा कूटनीति को भी नई मजबूती मिल रही है। पिछले महीने ही इंडोनेशिया ने भी भारत के साथ ब्रह्मोस खरीदने की डील की है। अब वियतनाम भी इस मिसाइल को खरीदना चाहता है।

वियतनाम के राष्ट्रपति तो लाम अगले सप्ताह भारत दौरे पर आ रहे हैं। उनकी यात्रा का मुख्य फोकस दोनों देशों के बीच सामरिक और सैन्य साझेदारी को और मजबूत करना होगा। सूत्रों के मुताबिक, इस दौरे का सबसे अहम एजेंडा करीब ₹5,800 करोड़ की ब्रह्मोस मिसाइल डील को अंतिम रूप देना हो सकता है, जिसे भारत-वियतनाम रक्षा सहयोग में बड़ा कदम माना जा रहा है।

रिपोर्ट्स के अनुसार, इस प्रस्तावित समझौते में ब्रह्मोस के एंटी-शिप वर्जन शामिल हो सकते हैं, जो वियतनाम की समुद्री सुरक्षा को नई मजबूती देंगे। इसके अलावा, वियतनाम भारत से अन्य रक्षा उपकरणों और हथियारों की खरीद पर भी चर्चा आगे बढ़ा सकता है, जिससे इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में उसकी सैन्य क्षमता और संतुलन दोनों मजबूत होने की संभावना है।

ब्रह्मोस का पहला खरीदार है फिलीपींस
फिलीपींस ब्रह्मोस मिसाइल का पहला आधिकारिक विदेशी खरीदार बन चुका है। साल 2022 में करीब 375 मिलियन डॉलर की इस डील के तहत फिलीपींस अपनी तटीय सुरक्षा को मजबूत करने के लिए ब्रह्मोस को तैनात कर रहा है। दक्षिण चीन सागर में बढ़ते तनाव के बीच यह कदम रणनीतिक रूप से बेहद अहम माना जा रहा है।

यूएई-सऊदी अरब भी ब्रह्मोस के जबरा फैन
ब्रह्मोस की मारक क्षमता और तेज रफ्तार ने अन्य देशों का भी ध्यान खींचा है। वियतनाम और इंडोनेशिया जैसे दक्षिण-पूर्व एशियाई देश इस मिसाइल को अपनी समुद्री सुरक्षा के लिए अहम विकल्प मान रहे हैं। मध्य-पूर्व में भी ब्रह्मोस की मांग बढ़ती नजर आ रही है। संयुक्त अरब अमीरात (UAE) और सऊदी अरब जैसे देश अपनी रक्षा क्षमता को आधुनिक बनाने के लिए इस सुपरसोनिक मिसाइल में रुचि दिखा रहे हैं।

कतार में खड़े ब्राजील और दक्षिण अफ्रीका
सिर्फ एशिया ही नहीं, बल्कि ब्राजील और दक्षिण अफ्रीका जैसे देश भी ब्रह्मोस को लेकर संभावनाएं तलाश रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में यह मिसाइल भारत के रक्षा निर्यात का सबसे बड़ा हथियार साबित हो सकती है। ब्रह्मोस दुनिया की सबसे तेज सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल है, जो आवाज की गति से लगभग 3 गुना तेज चलती है। यह मिसाइल सतह से 10 मीटर की कम ऊंचाई पर उड़ सकती है, जिससे यह रडार की पकड़ में नहीं आती और अचूक निशाना लगाती है।

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