सीतापुर में सड़क चौडीकरण के दौरान मंदिर के चबूतरे हटाने पर बवाल हो गया.इस दौरान बीजेपी कार्यकर्त्ता को पुलिस गिरफ्तार कर लायी, जिसके बाद मंत्री राकेश राठौर कोतवाली पहुंचे.
उत्तर प्रदेश के सीतापुर में सड़क चौड़ीकरण और अतिक्रमण हटाने के दौरान मंदिर के चबूतरे को तोड़े जाने के बाद भाजपा कार्यकर्ता और पुलिस के बीच हुई झड़प और फिर हिरासत में लेने के बाद मामला इतना गरमा गया कि राज्य सरकार में मंत्री राकेश राठौर कोतवाली जा पहुंची पहुंचे. उन्होंने कार्यकर्ता को छोड़ने की मांग की इस दौरान वे भावुक होकर रोने लगे.
राज्य मंत्री का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया. अंत में पुलिस से नोकझोंक के बाद राज्यमंत्री ने कार्यकर्त्ता को छुडवा लिया. इस दौरान कोतवाली में काफी गहमा-गहमी रही.
क्या है पूरा मामला ?
जानकारी के मुताबिक, नगर के बाल्दा कालोनी सड़क चौड़ीकरण का निर्माण कार्य सीतापुर नगर पालिका करा रही हैं. इस दौरान अतिक्रमण भी हटाया जा रहा हैं. ईओ प्रभारी सीमा सिंह की देखरेख में गुरूवार को काम हो रहा था. इसी दौरान रम्पा टॉकिज के सामने स्थित मंदिर के चबूतरे को तोड़ा गया, जिसका भाजपा कार्यकर्ता जितेन्द्र मिश्र और उनके बेटे शुभम ने विरोध किया. विरोध के दौरान झड़प हो गई. इसी दौरान इस दृश्य को एक पत्रकार ताज मोबाइल में कैद कर रहा था तभी विवाद खड़ा हो गया.

पत्रकार की शिकायत पर गिरफ्तार हुए कार्यकर्त्ता
पत्रकार की शिकायत के बाद भाजपा कार्यकर्ता जितेन्द्र और उनके बेटे शुभम को पुलिस ने टांग लिया और फिर कोतवाली लॉकअप में बंद कर दिया. जितेन्द्र नगर विकास राज्यमंत्री राकेश राठौर ‘गुरू’ के खास हैं. मंत्री ने तत्काल कोतवाल से लेकर कप्तान से छोड़ने की सिफारिश की, पुलिस अधिकारियों ने आश्वासन तो दिया लेकिन शाम 4 बजे से रात 10 बजे तक जब नही छोड़ा तब मंत्री समर्थकों के साथ कोतवाली पैदल ही पहुंच गए. एएसपी आलोक सिंह भी आ गये. मंत्री तभी माने जब कोतवाली से पिता-पुत्र को छोड़ाकर अपने साथ लेकर चले गये. इस दौरान वह बेहद भावुक भी हुए और आरोप भी जड़े.
ईओ ने बताया आपसी विवाद
जबकि ईओ प्रभारी सीमा सिंह का कहना हैं कि अतिक्रमण में आने वाले चबूतरे को हटवाया जा रहा था. इसी दौरान आपस में विवाद के चलते दो पक्षों में झड़प हुई थी. सरकारी कार्य में बाधा उत्पन्न करने के चलते पिता-पुत्र को पुलिस पकड़ कर ले गई थी.

