NATIONAL : 25 दिन की शादी, 5 दिन का साथ और 48 घंटे में दो मौतें… दूल्हा-दुल्हन को था किस बात का गम? ग्वालियर में साइलेंट सुसाइड मिस्ट्री की पॉइंट टू पॉइंट

0
54

ग्वालियर से सामने आया नवविवाहित जोड़े का दोहरा सुसाइड केस अब एक ऐसी मिस्ट्री बन चुका है, जिसने पुलिस प्रशासन के भी होश उड़ा दिए हैं. हुरावली लिंक रोड की मेघा उर्फ ज्योति और पिंटो पार्क के सिद्धार्थ कांदिल की मौत ने कई ऐसे सुलगते सवाल पीछे छोड़ दिए हैं, जिनका जवाब फिलहाल किसी के पास नहीं है. 25 दिन पहले जिस घर से धूमधाम से बारात निकली थी, वहां से अब दो अर्थियां उठ चुकी हैं. सात जन्मों का सफर महज पांच दिन के साथ के बाद श्मशान घाट पर जाकर खत्म हो गया.

25 दिन की शादी, 5 दिन का साथ और 48 घंटे में दो मौतें… दूल्हा-दुल्हन को था किस बात का गम? ग्वालियर में साइलेंट सुसाइड मिस्ट्री की पॉइंट टू पॉइंट जो शादियां धूमधाम से शुरू होती हैं, अमूमन उनके पीछे खुशियों की एक लंबी दास्तान होती है. लेकिन मध्य प्रदेश में ग्वालियर के हुरावली लिंक रोड और पिंटो पार्क इलाके की यह कहानी किसी खौफनाक सस्पेंस थ्रिलर से कम नहीं है. महज 25 दिन पहले जिस घर से शहनाइयां गूंजी थीं, वहां आज दोनों परिवारों में ऐसा सन्नाटा है कि कोई रोने की भी हिम्मत नहीं जुटा पा रहा. सात जन्मों का वादा सिर्फ 5 दिन के साथ में ही दम तोड़ गया. पहले 23 साल की नई नवेली दुल्हन मेघा उर्फ ज्योति ने अपने मायके में फांसी लगाई, और ठीक 48 घंटे बाद 26 वर्षीय पति सिद्धार्थ कांदिल ने उसी दूल्हे के साफे से बाथरूम में फंदा बनाकर अपनी जान दे दी.

इस दोहरे सुसाइड ने पुलिस महकमे से लेकर आम जनता तक को हैरान कर दिया है. सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर उन 5 दिनों में बंद कमरे के भीतर ऐसा क्या हुआ था, जिसने दो हंसते-खेलते युवाओं को मौत के रास्ते पर धकेल दिया.इस पूरे दर्दनाक घटनाक्रम को समझने के लिए इन तारीखों को देखना जरूरी है, जो किसी भी हंसते-खेलते परिवार को उजाड़ने के लिए काफी हैं.

25 अप्रैल 2026 : हुरावली के रहने वाले गुरुवीर सिंह ने अपनी बेटी मेघा की शादी पिंटो पार्क निवासी ठेकेदार सिद्धार्थ कांदिल से बड़े ही धूमधाम से की. शादी में पानी की तरह पैसा बहाया गया, दोनों तरफ खुशियां थीं.

1 मई 2026 : शादी के महज 5 दिन बाद रस्मों के मुताबिक मेघा अपने मायके लौट आई. ऊपरी तौर पर वह बेहद खुश दिख रही थी.

20 मई 2026 : दोपहर मेघा के पिता एक रिश्तेदार की गमी में गए थे. घर पर मां गीता ने जब पहली मंजिल के कमरे में जाकर देखा, तो पैरों तले जमीन खिसक गई. मेघा का शव दुपट्टे के फंदे पर लटका हुआ था. अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया.

22 मई 2026 : सुबह पत्नी की मौत के सदमे में डूबा सिद्धार्थ दो दिनों से गुमसुम था. शुक्रवार सुबह जब पिता परमाल सिंह ने उसे बेड पर नहीं देखा, तो बाथरूम की तरफ गए तो देखा अंदर से दरवाजा बंद था. भतीजे श्यामवीर ने दरवाजा तोड़ा तो अंदर सिद्धार्थ दूल्हे के साफे के फंदे से लटका हुआ था.

कहते हैं कि शादी की मेहंदी का रंग जितनी देर से छूटता है, रिश्ता उतना ही गहरा होता है. मेघा के हाथों में रची वो मेहंदी अभी पूरी तरह से फीकी भी नहीं पड़ी थी कि उसे कफन में लपेट दिया गया. पिता गुरुवीर सिंह ने अपनी लाडली को विदा करते वक्त जो सपने देखे थे वे 20 मई की दोपहर को एक झटके में टूट गए. वहीं दूसरी तरफ, सिद्धार्थ का अपनी पत्नी के जाने के गम को बर्दाश्त न कर पाना इस कहानी को और ज्यादा मार्मिक और पेचीदा बनाता है. जिस साफे को सिर पर बांधकर वह मेघा को ब्याहने गया था, उसी पवित्र कपड़े को उसने मौत का फंदा बना लिया. महज 48 घंटे के भीतर एक ही मंडप के नीचे बंधा जोड़ा, अलग-अलग श्मशान घाटों पर पंचतत्व में विलीन हो गया.

इस पूरी घटना में सबसे चौंकाने वाला मोड़ दोनों परिवारों का रवैया है. आम तौर पर ऐसे मामलों में मायके और ससुराल पक्ष एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगाने लगते हैं, लेकिन यहां कहानी बिल्कुल उलट है. हादसे के बाद से दोनों ही परिवारों ने मीडिया और जांच से बनाई दूरी बना ली है. सिद्धार्थ के परिजन इस कदर टूट चुके हैं कि वे शुरुआत में बेटे के शव का पोस्टमॉर्टम तक नहीं कराना चाहते थे. वहीं, मेघा के मायके वालों ने भी इस पूरे मामले पर रहस्यमयी चुप्पी साध रखी है.

पुलिस के सामने सबसे बड़ा यक्ष प्रश्न यही है कि शादी के बाद मेघा सिर्फ 5 दिन ही ससुराल में रही. अगर कोई बड़ा विवाद था, तो मेघा ने मायके आने के तुरंत बाद कदम क्यों नहीं उठाया, वह 1 मई से 20 मई तक मायके में सामान्य रही, फिर अचानक 20 तारीख को ऐसा क्या हुआ जिसने उसे उकसाया. आत्महत्या से पहले दोनों में से किसी ने भी मरने से पहले कोई खत या संदेश नहीं छोड़ा, जो कई सवाल खड़े कर रहे हैं.

वहीं, पूरे मामले में सीएसपी अतुल सोनी का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस हर पहलू पर बारीकी से काम कर रही है. दोनों मृतकों के स्मार्टफोन जब्त कर लिए गए हैं. उनके डिलीटेड चैट्स, कॉल रिकॉर्डिंग्स CDR, और आखिरी 24 घंटों की सोशल मीडिया एक्टिविटी की जांच की जा रही है. मोबाइल का डेटा रिकवर होते ही यह साफ हो जाएगा कि दोनों के बीच आखिरी बातचीत क्या हुई थी. इसके साथ ही दोनों पक्षों के विस्तृत बयान भी दर्ज किए जाएंगे.

मामला हाई-प्रोफाइल और नवविवाहित जोड़े की संदिग्ध मौत से जुड़ा है. इसलिए पुलिस प्रशासन फूंक-फूंक कर कदम रख रहा है. मुरार और गोला का मंदिर थाना पुलिस के साथ-साथ अब साइबर एक्सपर्ट्स को इस केस में लगाया गया है. सबूतों से छेड़छाड़ न हो, इसके लिए दोनों घटनास्थलों कमरों को पूरी तरह सीज कर दिया गया है. क्या यह मामला किसी पुराने रिश्ते का था या शादी के बाद उपजा कोई ऐसा गंभीर विवाद जिसे दोनों बर्दाश्त नहीं कर पाए इन तमाम सवालों का जवाब अब सिर्फ फॉरेंसिक लैब में बंद उन दो मोबाइल फोनों के लॉक खुलने के बाद ही सामने आ पाएगा.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here