अमेरिका और ईरान 60 दिन के युद्धविराम विस्तार के करीब पहुंच गए हैं। रिपोर्ट के अनुसार समझौते में होर्मुज जलडमरूमध्य खोलने, ईरान के यूरेनियम भंडार को कम करने और अमेरिकी प्रतिबंधों में ढील जैसे मुद्दे शामिल हैं। ईरान और पाकिस्तान ने अमेरिका को नया प्रस्ताव भेजा है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भी बातचीत में प्रगति होने के संकेत दिए हैं।
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम करने को लेकर बड़ी कूटनीतिक हलचल तेज हो गई है। रिपोर्ट के अनुसार दोनों देश 60 दिन के लिए युद्धविराम बढ़ाने के करीब पहुंच गए हैं। इस समझौते में होर्मुज जलडमरूमध्य को धीरे-धीरे दोबारा खोलने और ईरान के उच्च स्तर पर संवर्धित यूरेनियम भंडार को कम करने या सौंपने जैसे मुद्दे शामिल हैं। इसके बदले अमेरिका ईरानी बंदरगाहों पर लगी पाबंदियों में ढील देने और कुछ प्रतिबंध हटाने पर सहमत हो सकता है। इस पूरे घटनाक्रम को पश्चिम एशिया में तनाव कम करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
पाकिस्तान में ईरान के राजदूत रजा अमीरी ने कहा कि युद्धविराम वार्ता में सम्मानजनक आधार पर सकारात्मक प्रगति हो रही है। उन्होंने उम्मीद जताई कि कूटनीतिक प्रयास क्षेत्र में स्थायी शांति का रास्ता खोल सकते हैं। मोगहदम ने बताया कि पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नकवी ने तेहरान वार्ता के बाद उन्हें बातचीत में हुई प्रगति पर बधाई दी। रिपोर्ट के अनुसार ईरान और पाकिस्तान ने मिलकर अमेरिका को नया प्रस्ताव भेजा है, जिसमें युद्ध खत्म करने और होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने की योजना शामिल है। अब वॉशिंगटन की प्रतिक्रिया का इंतजार किया जा रहा है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि प्रस्तावित समझौते के तहत ईरान अपने उच्च संवर्धित यूरेनियम भंडार को कम करने या अंतरराष्ट्रीय निगरानी में सौंपने पर विचार कर सकता है। इसके बदले अमेरिका ईरान पर लगे आर्थिक प्रतिबंधों में राहत देगा और विदेशों में फंसी तेहरान की संपत्तियों को जारी करने पर सहमति दे सकता है। इस समझौते का एक अहम हिस्सा होर्मुज जलडमरूमध्य को धीरे-धीरे खोलना भी है। यह समुद्री मार्ग दुनिया में तेल आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है।
रुबियो ने कहा कि बातचीत में कुछ प्रगति हुई है। भारत यात्रा पर आए रुबियो ने पत्रकारों से कहा कि जल्द ही इस मुद्दे पर कोई बड़ा बयान सामने आ सकता है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप पहले ही साफ कर चुके हैं कि इस मुद्दे का समाधान हर हाल में निकाला जाएगा। रिपोर्ट के अनुसार अमेरिकी दूत स्टीव विटकॉफ लगातार मध्यस्थों के संपर्क में हैं। वहीं ईरानी प्रतिनिधिमंडल की अगुवाई संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर गालिबाफ और विदेश मंत्री अब्बास अराघची कर रहे हैं।

