भारत लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस (एलपीजी) की सप्लाई को मजबूत कर लेना चाहता है। इसके तहत देश की सबसे बड़ी रिफाइनर कंपनी इंडियन ऑयल कॉर्प ने 2027 में एलपीजी इम्पोर्ट के लिए अल्जीरिया की सोनाट्रैक के साथ एक डील फाइनल की है। इस मामले की जानकारी रखने वाले तीन ट्रेड सूत्रों ने यह जानकारी दी।
भारत एलपीजी के लिए अपने सोर्स में विविधता ला रहा है। इसका मकसद मिडिल ईस्ट पर अपनी निर्भरता कम करना है। एलपीजी मुख्य रूप से खाना पकाने वाली गैस के तौर पर इस्तेमाल होती है। हाल ही में होर्मुज स्ट्रेट में नाकेबंदी से एनर्जी सप्लाई पर असर पड़ा था। इससे इस दक्षिण एशियाई देश को एलपीजी सप्लाई को सीमित करना पड़ा था।हर महीने आएगा एक विशाल गैस टैंकर
इस डील के तहत IOC हर महीने एक बहुत बड़ा गैस कैरियर (जहाज) मंगाएगी। इसमें 45,000 से 55,000 टन एलपीजी होगी। यह प्रोपेन और ब्यूटेन का मिश्रण होगी।
एक सूत्र ने बताया कि कुछ साल पहले तक IOC की सोनाट्रैक के साथ एक टर्म डील थी। लेकिन, बाद में कंपनी ने मिडिल ईस्ट से खरीदारी शुरू कर दी थी।

कॉन्ट्रैक्ट की कीमत सऊदी अरामको से कम
दूसरे सूत्र ने बताया कि अल्जीरिया की एलपीजी की कीमतें सऊदी अरामको की कॉन्ट्रैक्ट कीमत से कम हैं। उन्होंने यह भी कहा कि सोनाट्रैक के साथ आईओसी की डील ‘फ्री-ऑन-बोर्ड’ (FOB) आधार पर कार्गो उठाने के लिए है।अमेरिका से बढ़ी है एलपीजी की खरीद
शुरुआती LSEG ट्रेड फ्लो के आंकड़ों के मुताबिक, भारत ने जून में अल्जीरिया से एलपीजी इम्पोर्ट करना शुरू किया था। अगस्त में लगभग 110,000 टन LPG मिलने की उम्मीद है।
भारत ने मिडिल ईस्ट से सप्लाई में कमी की भरपाई के लिए अमेरिका से एलपीजी की खरीदारी बढ़ा दी है। साथ ही ग्राहकों को पाइप्ड गैस अपनाने के लिए प्रोत्साहित कर रहा है। सूत्रों ने पिछले महीने बताया था कि भारत 2027 में अपने कुल एलपीजी इम्पोर्ट का एक-चौथाई हिस्सा अमेरिका से खरीदने की योजना बना रहा है।
सूत्रों के मुताबिक, तीन सरकारी रिटेलर – इंडियन ऑयल कॉर्प, हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्प और भारत पेट्रोलियम कॉर्प अमेरिका से एलपीजी इम्पोर्ट करने के लिए एक जॉइंट टेंडर जारी कर सकते हैं।


