Thursday, September 24, 2026
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KANPUR : कार से नाबालिग साली को भगाकर ले जा रहा था जीजा, रिश्तेदारों ने बाइक से दौड़ाया तो मार दी टक्कर, 3 की मौत

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कानपुर के कोरवा गांव के पास एक खौफनाक वारदात सामने आई है. अपनी नाबालिग साली को भगाकर ले जा रहे एक युवक ने पीछा कर रहे अपने ही रिश्तेदारों और उनके दोस्त पर कार चढ़ा दी. इस जानलेवा टक्कर में तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई.

कानपुर के बिंदकी थाना क्षेत्र में बांदा-कानपुर रोड पर रविवार रात दीपक सोनी नामक शख्स ने अपनी कार से मोटरसाइकिल सवार रिश्तेदारों को जानबूझकर टक्कर मार दी. आरोपी युवक अपनी नाबालिग साली को भगाकर ले जा रहा था, जिसका उसके परिजन विरोध कर रहे थे. जब परिजनों ने मोटरसाइकिल से पीछा कर कार को ओवरटेक किया, तो दीपक ने उन पर गाड़ी चढ़ा दी.

न्यूज एजेंसी के मुताबिक, इस हादसे में सत्यवान सोनी (26), मनोज सोनी (18) और उनके दोस्त अन्नू सोनकर (40) की मौत हो गई. घटना में एक अन्य राहगीर परिवार के चार सदस्य भी गंभीर रूप से घायल हुए हैं.

पुलिस के अनुसार, यह पूरी घटना एक पारिवारिक विवाद का नतीजा थी. दीपक सोनी का अपने परिजनों से झगड़ा हुआ था, जिसके बाद वह अपनी नाबालिग साली को लेकर भागने लगा. जब रिश्तेदारों ने उसे रोकने की कोशिश की, तो उसने आव देखा न ताव और पीछा कर रहे लोगों को मौत के घाट उतार दिया. टक्कर इतनी भीषण थी कि तीनों मृतक सड़क से दूर जा गिरे. फिलहाल आरोपी कार चालक दीपक सोनी मौके से फरार है और पुलिस उसकी तलाश में जुटी है.

दीपक की तेज रफ्तार कार ने न सिर्फ पीछा कर रहे लोगों को रौंदा, बल्कि रास्ते से गुजर रही एक अन्य मोटरसाइकिल को भी अपनी चपेट में ले लिया. इस दूसरी बाइक पर सवार सुरेंद्र कुमार (30), उनकी बहन ममता देवी (35) और उनके दो बच्चे पल्लवी (8) और अर्पित (10) गंभीर रूप से घायल हो गए. पुलिस ने घायलों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया है. सीओ प्रगति यादव ने बताया कि प्राथमिक जांच में यह जानबूझकर किया गया हमला मालूम हो रहा है.

ENTERTAINMENT : ‘ये आवाज नहीं चलेगी’, आशा भोसले और किशोर कुमार को झेलना पड़ा था रिजेक्शन, बासी वड़ा-चाय से मिटाई भूख, स्टेशन पर बिताया दिन

आशा भोसले बॉलीवुड की महान सिंगर थी. फिलहाल अब वो हमारे बीच नहीं हैं. उनका कल निधन हो गया. एक दौर एसा भी था, जब उन्हें अपने करियर के शुरुआती समय में रिजेक्शन का सामना करना पड़ा था.

दिग्गज सिंगर आशा भोसले अब हमारे बीच नहीं हैं. आशा भोसले का निधन हिंदी सिनेमा और संगीत जगत के लिए भारी क्षति है. करीब सात दशक में अपनी आवाज से देश दुनिया में एक अलग पहचान बनाने वाली आशा भोसले को करियर के शुरुआती समय में रिजेक्शन का सामना करना पड़ा था.

रोमांटिक से लेकर इमोशनल गानों से दर्शकों को रोने पर मजबूर कर देने वाली आशा भोसले को करियर में शुरुआत और खासकर मुंबई आने के बाद काफी कुछ झेलना पड़ता था. सिंगर ने रिजेक्शन वाले दिन बासी बटाटा वड़ा और चाय पीकर पूरा दिन निकाला था.

दरअसल आशा भोसले ने मुंबई के ‘फेमस महालक्ष्मी स्टूडियो’ से 15 साल की उम्र में गाना गाना शुरू किया था. इस स्टूडियो में आशा और किशोर कुमार एक गाने की रिकॉर्डिंग करने पहुंचे थे, जहां गुलशन कुमार ने गाने की रिकॉर्डिंग में पहले ही देर कर दी थी और माइक इतने ऊंचे लगे थे कि दोनों को गाने में मुश्किल आ रही थी. ऐसे में स्टूडियो में दोनों सिंगर्स के लिए रिकॉर्ड करना मुश्किल हो रहा था.

अमृता राव के साथ एक पोडकास्ट में आशा भोसले ने बताया था कि रॉबिन चटर्जी रिकॉर्डिस्ट ने हमें गाते हुए देखा और चिल्लाने लगा. ये कैसी आवाज है, नहीं चलेगी, गीता को बुलाओ और उन्हें बाहर भेजो. यह सुनकर हम दोनों चुपचाप निकल गए. दोनों को बहुत बुरा लगा था, लेकिन उम्मीद नहीं छोड़ी. मन के अंदर दुख भी था.

मैं और किशोर कुमार महालक्ष्मी रेलवे स्टेशन पर आ पहुंचे और वहां बैठकर समय बिताया. भूख भी लगी थी, क्योंकि पूरा दिन कुछ खाया नहीं था तभी किशोर दा ने पास की दुकान से बासी बटाटा वड़ा और चाय ली और वो दिन का हमारा पहला खाना था.

आशा भोसले ने बताया कि गाने की रिकॉर्डिंग देर से शुरू हुई तो कुछ खाने का समय नहीं मिला और पूरा दिन ऐसे ही गुजर गया, लेकिन 4 साल बाद हम दोनों फेमस हो गए. किशोर कुमार अभिनेता और मैं सिंगर बन चुकी थी. हमें गाना रिकॉर्ड करने उसी स्टूडियो में आना था और रिकॉर्डिस्ट थे वही रॉबिन चटर्जी. किशोर कुमार ने साफ कर दिया कि वो इसके साथ गाना रिकॉर्ड नहीं करेंगे, लेकिन फिर हमने समझाया कि जो उसने किया, वो हम नहीं कर सकते. इस रिजेक्शन से पहले आशा और किशोर कुमार तीन गाने साथ में गा चुके थे और चौथा गाना गाने की तैयारी में थे.

NATIONAL : दिनदहाड़े काट दिया कॉलेज जाती लड़की का गला, बाइक पर आए थे हमलावर

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मंडी में कॉलेज जा रही 19 साल की छात्रा की दिनदहाड़े गला काटकर हत्या से सनसनी फैल गई है. गोपालपुर में हुई इस वारदात के बाद इलाके में दहशत का माहौल है. पुलिस ने जांच शुरू कर दी है और दो बाइक सवार युवकों पर शक जताया जा रहा है. जल्द खुलासे की उम्मीद है.

हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है, जहां दिनदहाड़े एक 19 साल की छात्रा की बेरहमी से हत्या कर दी गई. घटना सरकाघाट थाना क्षेत्र के गोपालपुर इलाके की है, जहां मंगलवार सुबह करीब 9:15 बजे कॉलेज जा रही युवती पर अज्ञात हमलावरों ने बीच .

सड़क हमला कर दिया. बताया जा रहा है कि हमलावरों ने छात्रा का गला काटकर उसकी हत्या कर दी और मौके से फरार हो गए.

इस वारदात के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है. स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद सरकाघाट थाना की टीम मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी. पुलिस ने घटनास्थल का मुआयना कर आसपास के लोगों से पूछताछ भी की है.

प्राथमिक जानकारी के अनुसार, इस हत्याकांड को दो बाइक सवार युवकों द्वारा अंजाम दिए जाने की आशंका जताई जा रही है. हालांकि, हत्या के पीछे की वजह अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाई है. पुलिस का कहना है कि आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद ही पूरे मामले का खुलासा हो सकेगा.

घटना की गंभीरता को देखते हुए एसपी मंडी विनोद कुमार भी मौके के लिए रवाना हो गए. उन्होंने अधिकारियों को जल्द से जल्द आरोपियों की पहचान कर उन्हें पकड़ने के निर्देश दिए हैं. पुलिस की कई टीमें संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं और आसपास के क्षेत्रों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है.

इस बीच, घटना के बाद इलाके में डर और आक्रोश का माहौल है. लोग दिनदहाड़े हुई इस वारदात से सहमे हुए हैं और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठा रहे हैं. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है और जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा. फिलहाल, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी.

UP : नोएडा बवाल के बीच हाई अलर्ट पर दिल्ली पुलिस, गाड़ियों की हो रही तलाशी

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उत्तर प्रदेश स्थित नोएडा में फैक्टरी श्रमिकों के विरोध प्रदर्शन के हिंसक हो जाने के बाद दिल्ली पुलिस को हाई अलर्ट पर रखा गया है और राष्ट्रीय राजधानी में प्रवेश के प्रमुख स्थानों पर सुरक्षा कड़ी कर दी गई है. अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी. अधिकारियों ने बताया कि वेतन संशोधन की अपनी लंबे समय से लंबित मांग को लेकर विभिन्न औद्योगिक इकाइयों के श्रमिक बड़ी संख्या में इकट्ठा हुए और प्रदर्शन के दौरान नारेबाजी की गई. हालांकि, विरोध प्रदर्शन हिंसा में बदल गया और नोएडा के फेज-2 तथा सेक्टर 60 इलाकों से आगजनी, तोड़फोड़ और पत्थरव की घटनाएं सामने आईं.

पुलिस सूत्रों के अनुसार, हिंसा फैलने से रोकने के लिए नोएडा से दिल्ली को जोड़ने वाले विभिन्न हिस्सों में सभी सड़कों पर कई टीम तैनात की गई हैं. इसमें खासकर उत्तर प्रदेश के साथ प्रमुख सीमावर्ती बिंदुओं पर भी टीम तैनात है. वरिष्ठ अधिकारियों ने कहा कि कड़ी निगरानी रखी जा रही है और वाहनों की गहन जांच की जा रही है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि कोई भी असामाजिक तत्व विरोध प्रदर्शन की आड़ में राष्ट्रीय राजधानी में प्रवेश न कर सके.

पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘दिल्ली पुलिस पूरी तरह सतर्क और चौकस है. सभी महत्वपूर्ण स्थानों पर पर्याप्त बल तैनात किया गया है और किसी को भी कानून-व्यवस्था भंग करने की अनुमति नहीं दी जाएगी.’ प्रमुख सीमा चौकियों पर अवरोधक लगा दिए गए हैं और किसी भी अप्रिय घटना पर तुरंत प्रतिक्रिया देने के लिए त्वरित प्रतिक्रिया दल, अर्धसैनिक बलों सहित अतिरिक्त कर्मियों को तैनात किया गया है.

पुलिस अधिकारियों ने कहा कि वे स्थिति पर नजर रख रहे हैं और उत्तर प्रदेश के अपने समकक्षों के संपर्क में हैं.राजधानी में प्रवेश करने वाली विभिन्न सड़कों पर हजारों यात्री यातायात अवरुद्ध होने से फंस गए.

SPORTS : आशा भोसले को नम आंखों से सचिन तेंदुलकर ने दी अंतिम श्रद्धांजलि, वीडियो देख हो जाएंगे इमोशनल

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सचिन तेंदुलकर और आशा भोसले के बीच बेहद भावनात्मक रिश्ता था. आखिरी बार वो 5 मार्च, 2026 को सचिन के घर उनके बेटे अर्जुन तेंदुलकर की शादी में गई थीं.रविवार, 12 अप्रैल को मुंबई में 90s की मशहूर गायिका आशा भोसले का देहांत 92 वर्ष की उम्र में हो गया. उनके जाने से पूरे देश में शोक का लहर छा गया है. कई सेलिब्रिटी उन्हे अंतिम विदाई देने उनके आवास पहुंचे.

क्रिकेट जगत के महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर आशा ताई को अंतिम विदाई देने पहुंचे. प्लेबैक क्वीन आशा भोसले के साथ गहरा पारिवारिक संबंध रखने वाले ‘मास्टर ब्लास्टर’ सचिन तेंदुलकर उनके पार्थिव शरीर के अंतिम दर्शन के दौरान बेहद भावुक नजर आए. सचिन अपनी पत्नी अंजली के साथ अंतिम विदाई में शामिल हुए. वो आशा भोसले को मां समान मानते थे.

राजकीय सम्मान: उनके शव को राष्ट्रीय तिरंगे में लपेटा गया. मुंबई पुलिस के औपचारिक बैंड ने अंतिम सलामी दी, जो उनके आठ दशक लंबे अद्वितीय करियर के अंत का प्रतीक था.

अंतिम पोशाक: अपने करियर में लगभग 11,000 से अधिक गाना गाने वाली, आशा ताई को चमकीले नीले रंग की साड़ी पहनाई गई. यह रंग उन्हें बेहद प्रिय था और वे अक्सर सार्वजनिक कार्यक्रमों में इसे पहनती थीं.

सचिन तेंदुलकर और आशा भोसले के बीच गहरा आपसी सम्मान और पारिवारिक स्नेह का रिश्ता था. आखिरी बार आशा 5 मार्च, 2026 को सचिन के घर उनके बेटे अर्जुन तेंदुलकर की शादी में गई थी. आशा भोसले अक्सर साक्षात्कारों में कहती थीं कि सचिन की विनम्रता और मूल्यों ने उन्हें बहुत प्रभावित किया.

आशा, सचिन को किसी सेलिब्रिटी मेहमान की तरह नहीं, बल्कि परिवार के सदस्य की तरह मानती थीं. अनोखी बात यह है कि सचिन का नाम दिग्गज संगीतकार सचिन देव बर्मन (उनके पिता के पसंदीदा कलाकार) के नाम पर रखा गया था, जो आशा भोसले के ससुर भी थे.

ENTERTAINMENT : ‘धुरंधर’ फ्रेंचाइजी ने वर्ल्डवाइड पार किया 3 हजार करोड़ का आंकड़ा, खुशी से झूमी ‘यालिना’, पोस्ट में लिख दी ऐसी बात

‘धुरंधर’ फ्रैंचाइजी ने वर्ल्डवाइड बड़ा रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है. वहीं यालिना यानी सारा अर्जुन ने इसके लिए पोस्ट कर फैंस को थैंक्यू भी कहा है.
आदित्य धर निर्देशित ‘धुरंधर’ और अब ‘धुरंधर 2’ ने बॉक्स ऑफिस पर ऐतिहासिक परफॉर्म किया है. इनस फिल्मों ने इतनी ज्यादा कमाई की है कि सारी बॉलीवुड फिल्मों के रिकॉर्ड टूट चुके हैं. यहां तक कि पुष्पा 2 को छोड़कर सभी पैन इंडिया फिल्मों के गुरूर भी मिट्टी में मिल गए हैं. वहीं धुरंधर फ्रेंचाइजी को मिली इस सक्सेस पर फिल्म की एक्ट्रेस सारा अर्जुन भी खुशी से फूली नहीं समा रही हैं. सारा ने इस सक्सेस के लिए दर्शकों के प्रति आभार भी जताया है.

बता दें कि सारा ने अपने हीरो रणवीर सिंह के साथ फिल्म के स्क्रीनशॉट शेयर करते हुए, पिछले कुछ महीनों में फिल्म को मिले अपार प्यार के लिए फैंस को धन्यवाद दिया. सारा अर्जुन ने अपनी पोस्ट को कैप्शन दिया, “यालिना की ओर से, मैं आप सभी को प्यार के लिए धन्यवाद देती हूं.”

सारा अर्जुन ने धुरंधर में यालीना का किरदार निभाया है और उनकी एक्टिंग की काफी सराहना की गई है, दर्शकों ने एक्शन से भरपूर कहानी में उनकी इमोशनल डेप्थ और स्क्रीन प्रेजेंस की तारीफ की है.

रणवीर सिंह अभिनीत और आदित्य धर द्वारा निर्देशित फिल्म ‘धुरंधर 2’ ने वर्ल्डवाइड 1,700 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार कर लिया है. यह फिल्म हाल के समय की सबसे बड़ी बॉक्स ऑफिस सफलताओं में से एक बनकर उभरी है. महज 25 दिनों में, ‘धुरंधर 2’ ने दुनियाभर में 1,700 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार कर लिया, और इतने कम समय में यह उपलब्धि हासिल करने वाली पहली हिंदी फिल्म बन गई है.

गौरतलब है कि सीक्वल के 1700 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार करने के साथ ही, दो भागों वाली इस फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर आधिकारिक तौर पर 3,000 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार कर लिया है, ‘धुरंधर’ फ्रैंचाइज़ी अब सिर्फ 2 फिल्मों के साथ 3,000 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार करने वाली पहली भारतीय फिल्म फ्रैंचाइज़ी बन गई है. घरेलू स्तर पर, फिल्म ने अपने रिकॉर्ड तोड़ ओपनिंग वीक के बाद धीरे-धीरे मंदी के बावजूद अपना दबदबा बनाए रखा है. इसने भारत में 1,000 करोड़ रुपये से ज्यादा की नेट कमाई की है.

NATIONAL : ’15 हजार देते हैं, 25 बताते हैं और 250 बढ़ाते हैं…’, कर्मचारियों ने खोली नोएडा में कंपनियों की पोल

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नोएडा में प्राइवेट कर्मचारियों का प्रदर्शन सोमवार को उग्र हो गया. कर्मचारियों ने कंपनियों की पोल खोलते हुए आरोप लगाया कि उन्हें कम सैलरी दी जाती है, जबकि रिकॉर्ड में ज्यादा दिखाया जाता है. कर्मचारियों के मुताबिक 10-15 हजार रुपये सैलरी देकर कागजों में 25 हजार दिखाए जाते हैं. वहीं प्रशासन ने नए श्रम नियम लागू करने का भरोसा दिया, लेकिन कर्मचारियों में अब भी भारी आक्रोश बना हुआ है.

नोएडा में पिछले तीन दिनों से सुलग रहा प्राइवेट कंपनियों के कर्मचारियों का असंतोष सोमवार को अचानक भड़क उठा. कल तक जो नारेबाजी और शांतिपूर्ण विरोध तक सीमित था, सोमवार को उग्र रूप ले बैठा. सैकड़ों की संख्या में कर्मचारी सड़कों पर उतर आए, कई जगहों पर जाम लगा दिया, और कुछ स्थानों पर गाड़ियों में तोड़फोड़ व आगजनी की घटनाएं भी सामने आईं. हालात बिगड़ते देख पुलिस को तुरंत मोर्चा संभालना पड़ा और कई रूटों पर यातायात डायवर्ट करना पड़ा.

यह पूरा विवाद सिर्फ सैलरी बढ़ाने की मांग तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे कर्मचारियों की लंबे समय से जमा हो रही नाराजगी, असंतोष और कथित शोषण की कहानी भी छिपी हुई है. प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने खुलकर कंपनियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए और कई चौंकाने वाले आरोप लगाए.

प्रदर्शन कर रही एक महिला कर्मचारी ने आजतक को बताया, हमें 9 से 11 हजार रुपये के बीच सैलरी मिलती है. सालों तक मेहनत करने के बाद भी इसमें कोई खास बढ़ोतरी नहीं होती. अगर ज्यादा आवाज उठाओ तो 200-300 रुपये बढ़ा देते हैं, जैसे कोई बहुत बड़ा एहसान कर दिया हो. एक अन्य महिला कर्मचारी ने कहा, हमसे 10-12 घंटे काम कराया जाता है, लेकिन वेतन सिर्फ 15 हजार मिलता है. ऊपर से जब कोई जांच करने आता है, तो कंपनी वाले रिकॉर्ड में दिखाते हैं कि हमें 25 हजार रुपये मिलते हैं. कर्मचारियों का आरोप है कि कागजों पर सब कुछ सही दिखाया जाता है, लेकिन हकीकत इससे बिल्कुल अलग है. एक कर्मचारी ने नाराजगी जताते हुए कहा कि अगर हम विरोध करें तो मामूली बढ़ोतरी कर दी जाती है, लेकिन असल समस्या जस की तस रहती है.

कई कर्मचारियों ने बताया कि उनसे तय समय से ज्यादा काम लिया जाता है, लेकिन उसके बदले उचित भुगतान नहीं किया जाता. ओवरटाइम का पैसा या तो दिया ही नहीं जाता, या फिर उसमें कटौती कर दी जाती है. एक कर्मचारी ने कहा, हम सुबह से रात तक काम करते हैं. छुट्टी भी मुश्किल से मिलती है. कोई मेडिकल सुविधा नहीं, कोई सुरक्षा नहीं… बस काम लो और पैसा कम से कम दो, यही चल रहा है. महिला कर्मचारियों ने भी सुरक्षा को लेकर चिंता जताई. उनका कहना है कि कई जगहों पर बुनियादी सुविधाएं तक उपलब्ध नहीं हैं, जिससे काम करना और भी मुश्किल हो जाता है.

इस आंदोलन की गूंज सिर्फ नोएडा तक ही सीमित नहीं रही. फरीदाबाद के सेक्टर-37 में भी बड़ी संख्या में कामगार सड़कों पर उतर आए. कई कंपनियों के कर्मचारियों ने काम बंद कर दिया और अपनी मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया. बताया जा रहा है कि मदरसन कंपनी के हजारों कर्मचारी हड़ताल पर चले गए हैं. इसके अलावा अन्य औद्योगिक इकाइयों के श्रमिक भी काम छोड़कर बाहर निकल आए, जिससे उत्पादन पर भी असर पड़ने लगा है.

नोएडा में स्थिति को देखते हुए पुलिस ने कई इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी है. नोएडा के सेक्टर-62 स्थित फोर्टिस हॉस्पिटल के पास कर्मचारियों के धरना-प्रदर्शन के चलते यातायात प्रभावित हुआ, जिसके बाद सेक्टर-59 मेट्रो के नीचे से ट्रैफिक डायवर्ट किया गया. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि हालात पर नजर रखी जा रही है और किसी भी तरह की कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश पर सख्त कार्रवाई की जाएगी.

जिलाधिकारी ने सभी कर्मचारियों से शांति बनाए रखने की अपील की है. उन्होंने कहा कि श्रमिक भाई-बहन अपने कार्यस्थल पर शांतिपूर्वक लौटें और जिले में कानून-व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करें. साथ ही अफवाहों से बचने की भी सलाह दी गई है. कर्मचारियों की मदद के लिए कंट्रोल रूम भी सक्रिय किया गया है, जहां वे अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं. प्रशासन का कहना है कि हर शिकायत का त्वरित समाधान करने की कोशिश की जाएगी.

बता दें कि रविवार को ही प्रशासन और औद्योगिक इकाइयों के प्रतिनिधियों के बीच बैठक हुई थी, जिसमें कई अहम फैसले लिए गए थे. अधिकारियों के अनुसार, ओवरटाइम करने वाले कर्मचारियों को दोगुना भुगतान देना अनिवार्य होगा और इसमें किसी तरह की कटौती नहीं की जा सकेगी. साप्ताहिक अवकाश को लेकर भी निर्देश जारी किए गए हैं. हर कर्मचारी को सप्ताह में एक दिन की छुट्टी देना जरूरी होगा. अगर किसी से रविवार को काम लिया जाता है, तो उसे दोगुनी मजदूरी देनी होगी. इसके अलावा वेतन भुगतान को लेकर भी सख्त नियम बनाए गए हैं. कंपनियों को हर महीने की 10 तारीख तक कर्मचारियों के खाते में पूरी सैलरी एक साथ भेजनी होगी और वेतन पर्ची देना भी अनिवार्य किया गया है. बोनस भुगतान की समयसीमा भी तय कर दी गई है, जिसके तहत 30 नवंबर तक कर्मचारियों के खातों में बोनस भेजना होगा.

कार्यस्थल पर महिलाओं की सुरक्षा को लेकर भी प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है. सभी कंपनियों को आंतरिक शिकायत समिति बनाने के निर्देश दिए गए हैं, जिसकी अध्यक्षता महिला सदस्य करेंगी. इसके अलावा कार्यस्थल पर शिकायत पेटियां लगाने और हेल्पलाइन के जरिए शिकायत दर्ज करने की सुविधा भी दी गई है. अधिकारियों का कहना है कि नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए नियमित निगरानी की जाएगी.

सबसे बड़ा सवाल यही है कि जब प्रशासन ने कई मांगें मान ली थीं, तो फिर कर्मचारियों का गुस्सा इतना क्यों भड़क गया? दरअसल, कर्मचारियों का कहना है कि कागजों पर नियम बन जाने से कुछ नहीं होता, जब तक उनका जमीनी स्तर पर पालन न हो. एक कर्मचारी ने बताया कि हमने पहले भी कई बार ऐसे वादे सुने हैं, लेकिन हकीकत नहीं बदली. उनका मानना है कि जब तक कंपनियों की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता नहीं आएगी और नियमों का सख्ती से पालन नहीं होगा, तब तक स्थिति में सुधार मुश्किल है.

NATIONAL : गर्लफ्रेंड के लिए दोस्त के मर्डर की कोशिश, पहले शराब पिलाई फिर चला दी गोली

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बलिया में गर्लफ्रेंड के विवाद ने दोस्ती को खून में बदल दिया. दो दोस्तों ने अपने ही साथी को गोली मारकर मरा समझ छोड़ दिया. गंभीर हालत में घायल युवक अस्पताल में भर्ती है. पुलिस इसे प्रेम प्रसंग का मामला मान रही है और फरार आरोपियों की तलाश में जुटी है.

उत्तर प्रदेश के बलिया से दोस्ती को तार- तार करने वाली खबर सामने आई है. यहां गर्लफ्रेंड के चक्कर में कुछ युवकों ने दोस्त को ही गोली मार दी. युवक का गंभीर हालत में जिला अस्पताल में इलाज चल रहा है. पुलिस का कहना है कि मामले में वैधानिक कार्रवाई की जा रही है.दरअसल, बलिया के नरही थाना क्षेत्र के सोहांव में देर शाम बिहार राज्य के बक्सर जिले के रहने वाले आर्यन यादव को उसके ही दो दोस्तों ने गोली मार दी और फरार हो गए. पुलिस उसे अपनी 112 की गाड़ी से जिला अस्पताल लेकर आयी.

आर्यन का कहना है कि उसके के दो दोस्त बम और बबलू यादव बक्सर के ही रहने वाले हैं. वे उसे बुलाकर यूपी के बलिया में सोहांव लेकर आये. दोनों में से एक की अपनी गर्लफ्रेंड से लड़ाई हो गई थी और मैं उससे बात करता था और इसी बात पर वो लोग नाराज थे. वे लोग मुझे बहाने से सोहांव लेकर आये और आने के बाद यहां साथ में शराब री और फिर मुझपर गोली चला दी. इसके बाद वे मुझे मरा हुआ समझकर वहां से चले गए. कुछ देर बाद मैं उठा और लोगों से मदद मांगी तो मुझे अस्पताल पहुंचाया गया.

वहीं इस पुरे मामले में पुलिस का कहना है कि आर्यन यादव को उसके दो दोस्त बम और बबलू ने गोली मार दी है. घटना में प्रथम दृष्टतया मामला प्रेम प्रसंग का लग रहा है. इस मामले में वैधानिक कार्यवाई की जा रही है.

ENTERTAINMENT : आशा भोसले के निधन से सदमे में सलमान खान, शाहरुख खान ने भी जताया दुख, पोस्ट में लिखा-‘सदियों तक गूंजती रहेगी उनकी आवाज’

आशा भोसले से निधन से पूरा बॉलीवुड सदमे में हैं. वहीं शाहरुख खान और सलमान खान ने भी सोशल मीडिया पर पोस्टर कर दिग्गज गायिका को श्रद्धांजलि दी है.लेजेंडरी सिंगर आशा भोसले ने 12 अप्रैल को 92 साल की उम्र में इस दुनिया को अलविदा कह दिया. उनके निधन से संगीत जगत से लेकर बॉलीवुड तक में शोक की लहर दौड़ गई है. तमाम सेलेब्स दिग्गज गायिका के निधन पर शोक जता रहे हैं. वहीं बॉलीवुड से सुपरस्टार्स सलमान खान और शाहरुख खान ने भी आशा भोसले की मौत पर दुख जताया है.

बता दें कि सोशल मीडिया पर सलमान खान ने लेजेंडरी सिंगर के निधन पर शोक जाहिर करते हुए लिखा, “भारतीय संगीत जगत के लिए एक बड़ा नुकसान… आशा जी के निधन की खबर सुनकर दिल टूट गया. एक अतुलनीय आवाज, आपके गीत पीढ़ियों को प्रेरित करते रहेंगे.”

इस बीच, शाहरुख खान ने भी आशा भोसले के निधन पर दुख जाहिर किया. किंग खान ने अपनी पोस्ट में लिखा, “आशा ताई के निधन के बारे में जानकर बहुत दुख हुआ… उनकी आवाज भारतीय सिनेमा के स्तंभों में से एक रही है और सदियों तक दुनिया भर में गूंजती रहेगी. एक ऐसी प्रतिभा जो कई लोगों से कहीं अधिक समय तक अमर रहेगी, उन्होंने हमेशा मुझ पर आशीर्वाद और प्यार बरसाया और मैं उन्हें बहुत याद करूंगा. आशा ताई, आपकी आत्मा को शांति मिले… लव यू.”

आशा भोसले का पार्थिव शरीर बीते दिन भारी सुरक्षा के बीच उनके निवास पर पहुंचा था. अनंत अंबानी और देवेंद्र फडणवीस समेत कई जानी-मानी हस्तियां दिग्गज गायिका को अंतिम श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए पहुंचे थे.

आशा भोसले के अंतिम संस्कार की डिटेल्स भी आ गई हैं. उनका पार्थिव शरीर सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक उनके निवास पर रखा जाएगा, ताकि परिवार, मित्र,कलिग्स और फैंस उन्हें श्रद्धांजलि दे सकें. वहीं उनका अंतिम संस्कार शिवाजी पार्क में शाम 4 बजे होगा, जिसमें फिल्म और संगीत जगत की कई हस्तियों के शामिल होने की उम्मीद है.

आशा भोसले के बेटे आनंद भोसले ने भी अस्पताल के बाहर मीडिया को संबोधित करते हुए कहा, “मेरी माताजी श्रीमती आशा भोसले इनका आज निधन हो चुका है. वो जहां रहती थी, कासा ग्रैंड लोअर परेल सुबह 11 बजे, वहां उनके अंतिम दर्शन होंगे, वहां आएं और कल दोपहर को 4 बजे शिवाजी पार्क उनका अंतिम संस्कार होगा.”

BIHAR : जिंदा जल गए पति- पत्नी और तीन माह का मासूम, दरभंगा में सिलेंडर फटने से दर्दनाक हादसा

दरभंगा के सुंदरपुर में गैस सिलेंडर में आग लगने के बाद हुए धमाके ने तीन जिंदगियां छीन लीं, जिसमें एक मासूम भी शामिल है. खाना बनाते वक्त हुई इस भयावह घटना से इलाके में सनसनी फैल गई. फायर ब्रिगेड ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया, जबकि दो लोग गंभीर रूप से घायल हैं.

बिहार में दरभंगा के सुंदरपुर मुहल्ले में एक घर में भीषण आग और फिर सिलेंडर फटने से तीन लोगों की मौत हो गई. यहां शाम का खाना बनाते हुए किचन के सिलेंडर में आग लग गई और फिर तेज धमाके के साथ सिलेंडर बलास्ट हो गया. सिलेंडर की वजह से आग पूरे घर में फैल गई. इस आग में एक मासूम समेत घर के तीन सदस्यों की जिन्दा जल जाने से दुखद मौत हो गयी है.

मृतकों में पति गोविन्द पत्नी ऋषि कुमारी के आलावा उनका तीन माह का एक दुधमुहा बच्चा भी शामिल हैं. जानकारी के अनुसार आग की चपेट में आने की वजह से दो अन्य लोगों की हालत बेहद चिंताजनक है जिन्हें तत्काल इलाज के लिए निजी अस्पताल में भेज दिया गया है. घटना की सूचना मिलने के साथ ही मौके पर फायर बिग्रेड की कई गाड़ियों के साथ दरभंगा जिला थानों की पुलिस भी घटनास्थल पहुंच गई. जिला आपदा पदाधिकारी सलीम अख्तर भी खुद घटनास्थल पहुंचे और स्थिति को देखा और मीडिया के कैमरे पर तीन लोगों की मौत की पुष्टि भी की.

मालूम हुआ कि आग लगने पर चीख पुकार मच गयी थी. आनन फानन में फायर बिग्रेड की तकरीबन आधा दर्जन गाड़ियां मौके पर पहुंची तब जाकर काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया. इस घटना के बाद पुरे इलाके में जहां मातम पसर गया वहीं जिसने भी इस घटना को देखा या सुना उसकी रूह कांप गयी. फिलहाल मौके पर जिला से कई अधिकारी पहुंच राहत और मदद का काम भी शुरु कर दिया गया है .

बताया जाता है कि घटना के दिन ही घर में नए किचन की स्थापना की गयी थी और उसी दिन यह घटना हो गयी. स्थानीय निवासी व वार्ड दो के वार्ड पार्षद प्रतिनिधि भगवान लाल ठाकुर ने बताया की खाना बनाने के दौरान गैस सिलेंडर में न जाने कैसे आग लग गयी और एक बम की तरह से बड़ा धमाका हुआ . इसमें परिवार के तीन लोगों की मौत हो गई.

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