Friday, September 25, 2026
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ENTERTAINMENT : एक्ट्रेस जरीन खान की मां का निधन, लंबे समय से थीं बीमार

बॉलीवुड एक्ट्रेस जरीन खान की मां परवीन खान का 8 अप्रैल को निधन हो गया है. परवीन खान उम्र संबंधी बीमारियों से जूझ रही थीं और अक्टूबर 2025 से दो बार अस्पताल में भर्ती हो चुकी थीं.बॉलीवुड एक्ट्रेस जरीन खान पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है. 8 अप्रैल को एक्ट्रेस की मां परवीन खान का निधन हो गया है. निधन को लेकर परिवार की ओर से ऑफिशियल स्टेटमेंट सामने आया है. इसमें बताया गया कि बुधवार सुबह 10 बजे परवीन खान का अंतिम संस्कार किया जाएगा.

जरीन खान की मां उम्र संबंधित बीमारियों से जूझ रही थीं. तबीयत बिगड़ने की वजह से अक्टूबर 2025 में उन्हें अस्पताल में एडमिट कराया गया था. जरीन ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए फैन्स को मां की बिगड़ी तबीयत की जानकारी दी थी. अस्पताल से लौटने के बाद वो थोड़े वक्त तक ठीक रहीं. लेकिन 2026 में उन्हें अस्पताल में एडमिट करा दिया गया.

जरीन ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए फैन्स से मां के लिए दुआ करने को कहा था. उन्होंने ये भी कहा था कि उनकी मां उनका सबसे बड़ा सहारा हैं. मां के निधन से जरीन खान पूरी तरह टूट गई हैं. मां के निधन के बारे में उन्होंने अब तक सामने आकर कुछ नहीं कहा है. पर हां उनकी मां का दुनिया से जाना उनके लिए सबसे बड़ा लॉस है.

जरीन खान 38 साल की हैं और उन्होंने अब तक शादी नहीं की है. ऐसे में वो अपनी मां हर छोटी-बड़ी बात शेयर करती थीं. सोशल मीडिया पर उनके साथ तस्वीरें भी पोस्ट करती थीं. जब-जब उनकी मां अस्पताल में एडमिट हुईं, उन्हें यही चिंता लगी रहती थी कि वो घर लौटेंगी या नहीं. अब एक्ट्रेस का डर हकीकत में बदल चुका है.

JAIPUR : कांग्रेस MLA की शादी का जाम पुलिस के लिए बना आफत, पहली बार अधिकारियों पर होगा एक्शन!

मुकेश भाकर के शादी समारोह के दौरान सिक्का रोड पर लगे जाम में कई VIP फंस गए थे. VIP को जाम से निकालना मुश्किल हो गया था. इस मामले में स्पेशल कमिश्नर ने मुख्यालय को रिपोर्ट सौंपी.

राजस्थान की राजधानी जयपुर में ट्रैफिक जाम की समस्या आम बात हो गई है. ट्रैफिक जाम से आम जनता परेशान होता ही है लेकिन इस बार जयपुर में एक खास शादी की वजह से पुलिस अधिकारी भी परेशानी में पड़ गए. दरअसल, पिछले दिनों लाडनूं से कांग्रेस विधायक मुकेश भाकर की शादी समारोह में लगे जाम पर पुलिस मुख्यालय सख्त नजर आ रहा है.

मुख्यालय की ओर से जयपुर के स्पेशल कमिश्नर से मामले में रिपोर्ट मांगी गई थी जिसमें एक IPS और एक RPS सहित 6 अधिकारियों से जवाब तलब किया गया. माना जा रहा है कि इन अधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जा सकती है.

ऐसा पहली बार होता दिख रहा है जहां जाम की स्थिति बनने पर पुलिस के उच्च अधिकारियों पर एक्शन होगा. हालांकि, अभी जांच जारी है. बता दें 9 मार्च को जयपुर के सीकर रोड स्थित एक रिसॉर्ट में विधायक मुकेश भाकर की शादी समारोह था. इस कार्यक्रम में सत्ता और विपक्ष के कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए. साथ ही पुलिस के कुछ आल अधिकारी भी समारोह में पहुंचे थे.

समारोह के दौरान सिक्का रोड पर जाम लग गया जिसमें कई VIP फंस गए. मैसेज के बाद भी VIP को जाम से निकालना मुश्किल हो गया, जिसके बाद जांच शुरू की गई. स्पेशल कमिश्नर ओमप्रकाश ने जांच की और मुख्यालयों को इस मामले में अपनी रिपोर्ट सौंपी. इसके बाद अब अधिकारियों पर विभागीय कार्रवाई हो सकती है.

जयपुर शहर में जाम की स्थिति अब आम बात हो गई है. शहर में सुबह से शाम तक अक्सर जाम की स्थिति बनी रहती है, लेकिन ऐसा पहली बार है कि जब जिम्मेदार अधिकारियों पर ट्रैफिक जाम के कारण कार्रवाई हो रही है. जिम्मेदार अधिकारियों में एसीपी चौमूं IPS उषा यादव, एसीपी ट्रैफिक किशोर सिंह भदौरिया, TI मंजू चौधरी, TI संपत राज, TI नवरत्न धौलिया और हरमाडा थानाधिकारी उदयसिंह शामिल हैं.

NATIONAL : CCTV खंगाले, हर कड़ी जोड़ी, पुलिस को सबूत सौंपे, 2 साल से बेटे के लिए लड़ रही मां

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देहरादून में 2024 में हुए सड़क हादसे में बेटे को खोने के बाद मां ललिता चौधरी पिछले दो साल से न्याय के लिए संघर्ष कर रही हैं. पुलिस ने केस बंद कर दिया था, लेकिन अब एसएसपी के आश्वासन के बाद दोबारा जांच की उम्मीद जगी है. मां ने खुद सबूत जुटाकर आरोपी तक पहुंचने की कोशिश की है.

उत्तराखंड की राजधानी देहरादून के प्रेमनगर थाना क्षेत्र में 16 फरवरी 2024 को हुए एक सड़क हादसे ने एक परिवार की जिंदगी पूरी तरह बदल दी. 18 वर्षीय क्षितिज की मौत अब सिर्फ एक हादसा नहीं रही, बल्कि यह एक ऐसी कहानी बन चुकी है जो एक मां के संघर्ष और पुलिस जांच व्यवस्था पर उठते सवालों को सामने लाती है.

क्षितिज एक होनहार छात्र था. वह ग्रेजुएशन कर रहा था और साथ ही उत्तर प्रदेश पुलिस में भर्ती की तैयारी भी कर रहा था. 16 फरवरी की रात वह सड़क पार कर रहा था, तभी एक डंपर ने उसे कुचल दिया और मौके से फरार हो गया. इस हादसे में उसकी मौके पर ही मौत हो गई.इस घटना की सबसे दर्दनाक बात यह थी कि अगले ही दिन यानी 17 फरवरी को उसकी परीक्षा थी. जिस दिन उसे परीक्षा देने जाना था, उसी दिन वह जिंदगी की जंग हार गया. परिवार में उसकी मां ललिता चौधरी और एक बहन हैं, जिनका सहारा अचानक छिन गया.

19 फरवरी को पुलिस ने इस मामले में मुकदमा दर्ज किया, लेकिन शुरुआत में जांच आगे बढ़ती नजर नहीं आई. पीड़ित मां का आरोप है कि 21 फरवरी को जांच अधिकारी ने उनसे बदतमीजी से कहा कि उनके पास कोई जादू की छड़ी नहीं है. इस बात ने ललिता चौधरी को अंदर तक झकझोर दिया और उन्होंने खुद अपने बेटे के लिए न्याय की लड़ाई लड़ने का फैसला किया.

27 फरवरी से एक मां का संघर्ष शुरू हुआ. ललिता चौधरी ने खुद ही जांच की जिम्मेदारी उठाई और करीब दो महीनों तक लगातार मेहनत करती रहीं. वह रात-रात भर जागकर घटनास्थल और आसपास के इलाकों में जाती रहीं और सीसीटीवी फुटेज इकट्ठा करती रहीं.उन्होंने हर छोटी-बड़ी जानकारी को जोड़ते हुए करीब 10 संदिग्ध वाहनों के नंबर चिन्हित किए. उनकी मेहनत इतनी गहरी थी कि उन्होंने एक संदिग्ध वाहन तक पहुंच बनाकर उसकी जानकारी पुलिस को भी दी. यह काम किसी पेशेवर जांच एजेंसी से कम नहीं था, लेकिन इसके बावजूद पुलिस ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की.

इस मामले में सबसे चौंकाने वाली बात तब सामने आई जब पुलिस ने बिना परिवार को सूचित किए ही सितंबर 2025 में सुराग न मिलने का हवाला देते हुए फाइनल रिपोर्ट लगा दी. इसका मतलब यह हुआ कि आरोपी आज भी पुलिस की पकड़ से बाहर है और केस कागजों में बंद कर दिया गया.

ललिता चौधरी का आरोप है कि अगर उनके द्वारा जुटाए गए सबूतों पर गंभीरता से काम किया जाता, तो आरोपी तक पहुंचा जा सकता था. पिछले दो सालों से वह लगातार न्याय के लिए संघर्ष कर रही हैं. वह थानों से लेकर वरिष्ठ अधिकारियों तक अपनी बात रख चुकी हैं, लेकिन अब तक उन्हें न्याय नहीं मिला.

हाल ही में देहरादून में हुए दिव्यांशु केस के दौरान किसान नेता राकेश टिकैत की अगुवाई में आयोजित सभा में ललिता चौधरी भी शामिल हुईं. इस दौरान उनकी मध्यस्थता से उनकी मुलाकात देहरादून के एसएसपी परमेन्द्र डोभाल से हुई. एसएसपी परमेन्द्र डोभाल ने फोन पर बातचीत में बताया कि मामला संज्ञान में आने के बाद न्यायालय में पुनः जांच के लिए आवेदन किया गया है. उन्होंने कहा कि अदालत से अनुमति मिलने के बाद इस मामले की दोबारा जांच शुरू की जाएगी.

इस आश्वासन के बाद ललिता चौधरी को एक बार फिर उम्मीद जगी है कि उनके बेटे को न्याय मिलेगा और आरोपी सलाखों के पीछे जाएगा. यह मामला सिर्फ एक सड़क हादसे का नहीं है, बल्कि यह दिखाता है कि जब सिस्टम जवाब देने में विफल हो जाता है, तो एक साधारण मां भी असाधारण हिम्मत दिखाकर सच की तलाश में जुट जाती है. अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या इस बार जांच सही दिशा में आगे बढ़ेगी और दोषी तक पहुंचा जाएगा, या यह मामला भी फाइलों में दबकर रह जाएगा.

ENTERTAINMENT : ‘तूने बच्चे मारे हैं शक्त‍िमान’ मुकेश खन्ना पर समय रैना का तंज, बोले- वाइल्ड शो करना चाहता हूं

समय रैना का शो इंडियाज गॉट लेटेंट अश्लील जोक के कारण बैन किया गया था. उस दौरान कई सेलेब्स ने समय को निशाने पर लिया था. इनमें सुनील पाल, बी प्राक और मुकेश खन्ना शामिल थे. अब समय ने सबको करारा जवाब दिया है.

यूट्यूबर और स्टैंडअप कॉमेडियन समय रैना के लिए साल 2025 भयानक रहा था. उनके शो इंडियाज गॉट लेटेंट पर यूट्यूबर रणवीर इलाहाबादिया ने ऐसा अश्लील जोक मारा कि पूरे इंडिया में बवाल मच गया. समय का शो बैन हुआ. उनके खिलाफ केस हुआ. ये वक्त उनके लिए बुरे सपने जैसा था. महीनों बाद वो इस दुख से उभर चुके हैं. अब समय ने अपने नए शो स्टिल अलाइव में दिल की बात कही. उन लोगों को भी ट्रोल किया जिन्होंने बुरे वक्त में समय को नीचा दिखाने में कोई कसर नहीं छोड़ी थी.

इंडियाज गॉट लेटेंट विवाद के वक्त कॉमेडियन सुनील पाल, सिंगर बी प्राक और एक्टर मुकेश खन्ना ने समय पर तीखे हमले किए थे. उन पर देश के युवाओं को बिगाड़ने का आरोप लगाया था. अपने नए शो में समय ने इन्हें जवाब दिया है. वो कहते हैं- सब आ गए थे हमको खाने- नेता, सेलेब्रिटीज, सुनील पाल. समय ने सुनील को ट्रोल करते हुए कहा- वो मुझे कह रहा था कि इनको बोलो कपिल शर्मा से कुछ सीखें, लेकिन क्या बताऊं कपिल तो खुद हमारे शो के अगले एपिसोड में आने वाले थे. कपिल मुझे मैसेज कर रहे थे, लव यॉर शो, आपके शो का बड़ा फैन हूं, क्या टाइमिंग थी. ये सुनील पाल बीच में आ रहा था. पता नहीं, क्या ही चल रहा था.

समय ने सिंगर बी प्राक पर भी निशाना साधा. वो कहते हैं- बी प्राक भी बीच में आ गया. उनके गाने मुझे पसंद थे. लेकिन दो मिनट नहीं हुआ लेटेंट का विवाद शुरू हुए और वो बीच में कूद पड़ा. कहता है- ये कैसी बातें हुई हैं शो में. मैं तो कभी नहीं जाऊंगा उस पॉडकास्ट में. भाई तुझे बुलाया किसने है? मुकेश खन्ना पर भी समय ने अटैक किया. वो कहते हैं- उस वक्त सब आ गए थे. शक्तिमान आ गया था, शक्तिमान? अब शक्तिमान से भला कौन लड़ेगा? सॉरी शक्तिमान. वो कह रहा था- ऐसे कंटेंट का बच्चों पर क्या असर होगा. मैं नहीं जानता आपने कितना शक्तिमान देखा. तब न्यूज आती थी कोई बच्चा शक्तिमान देखकर कूद गया. तूने बच्चे मारे हैं भाई, तू क्या बोल रहा है मुझे.

NATIONAL : आसाराम के बेटे नारायण साईं का हुआ तलाक, पत्नी जानकी हरपालानी को देने होंगे इतने करोड़ रुपए

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इंदौर की फैमिली कोर्ट ने नारायण साईं और जानकी देवी के तलाक को मंजूरी देते हुए 2 करोड़ रुपये एलुमनी का आदेश दिया. 2008 में शादी के बाद 2013 से दोनों अलग थे. पत्नी ने परित्याग और अन्य संबंधों के आरोप लगाए. धारा 125 के तहत 50 हजार मासिक भरण-पोषण और करीब 50 लाख बकाया की वसूली भी जारी है. मामले में आगे हाई कोर्ट जाने की संभावना है.

मध्य प्रदेश के इंदौर स्थित फैमिली कोर्ट ने लंबे समय से चल रहे वैवाहिक विवाद में अहम फैसला सुनाते हुए स्वयंभू धर्मगुरु आसाराम के पुत्र नारायण साईं और उनकी पत्नी जानकी हरपालानी के विवाह को समाप्त घोषित कर दिया है. अदालत ने तलाक की याचिका मंजूर करते हुए नारायण साईं को पत्नी को स्थायी गुजारा भत्ता के रूप में 2 करोड़ रुपये अदा करने का निर्देश दिया है. नारायण साईं फिलहाल दुष्कर्म मामले में दोषी ठहराए जाने के बाद सूरत जेल में सजा काट रहा है.

जानकारी के अनुसार, यह मामला करीब आठ वर्षों से अदालत में लंबित था. सभी पक्षों की सुनवाई पूरी होने के बाद 2 अप्रैल को निर्णय सुरक्षित रखा गया था, जिसकी जानकारी बाद में जानकी के वकील अनुराग गोयल ने साझा की.

याचिका में बताया गया कि दोनों की शादी वर्ष 2008 में हुई थी, लेकिन 2013 से ही दोनों अलग-अलग रह रहे हैं. पत्नी ने आरोप लगाया कि उन्हें उपेक्षा का सामना करना पड़ा और उन्हें परित्यक्त जीवन जीने के लिए मजबूर होना पड़ा. मौजूदा समय में वह अपनी मां के साथ रह रही हैं. याचिका में यह भी कहा गया कि नारायण साईं के अन्य महिलाओं से संबंध थे और उनके खिलाफ दुष्कर्म मामले में सजा का भी जिक्र किया गया.

भरण-पोषण को लेकर पत्नी ने 5 करोड़ रुपये की मांग की थी, हालांकि अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलों पर विचार करने के बाद 2 करोड़ रुपये देने का आदेश दिया. वहीं, वकील अनुराग गोयल के मुताबिक, पहले से ही अदालत ने प्रति माह 50 हजार रुपये भरण-पोषण देने का आदेश दिया था, लेकिन इसका नियमित भुगतान नहीं हुआ. इस कारण करीब 50 लाख रुपये की बकाया राशि हो गई है, जिसकी वसूली की प्रक्रिया अब शुरू की जाएगी.

सूत्रों की मानें तो इस फैसले को हाई कोर्ट में चुनौती दी जा सकती है. साथ ही, संपत्तियों के सत्यापन से जुड़ी जानकारी अब तक पूरी तरह प्रस्तुत नहीं होने के कारण आगे भी विवाद की स्थिति बनी रह सकती है.

NATIONAL : बच्चे के रोने-धोने से तंग थी…मां ने 11 माह के नवजात को मारकर कुएं में फेंका, पीछा छुड़ाकर रचानी थी दूसरी शादी

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पुणे के रंजनगांव इलाके में दिल दहला देने वाली घटना सामने आई, जहां एक मां ने अपने ही 11 महीने के बेटे की हत्या कर शव को कुएं में फेंक दिया. शुरुआती कहानी झूठी निकली तो पुलिस पूछताछ में सच सामने आया. आरोपी महिला को गिरफ्तार कर मामले की जांच जारी है.

महाराष्ट्र में पुणे जिले के रंजनगांव एमआईडीसी इलाके से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां पुलिस ने एक 22 साल की महिला को अपने 11 महीने के मासूम बेटे की हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया है. यह घटना 8 मार्च की बताई जा रही है, जबकि आरोपी महिला को पुलिस ने 7 अप्रैल को हिरासत में लिया.

पुलिस के अनुसार, महिला के पति ने पिछले महीने शिकायत दर्ज कराई थी कि उसकी पत्नी अपने बेटे को लेकर घर से कहीं चली गई है. जांच के दौरान पुलिस ने महिला को जिले के जांबुत गांव में 5 अप्रैल को तलाश लिया. शुरुआती पूछताछ में महिला ने दावा किया कि बच्चा घर में गिर गया था, जिससे उसकी मौत हो गई. उसने डर के कारण शव को एक बैग में रखकर खेत के कुएं में फेंक देने की बात कही.

महिला के इस बयान के आधार पर पहले आकस्मिक मौत का मामला दर्ज किया गया था, लेकिन पुलिस को उसके बयान में कई विरोधाभास नजर आए. इसके बाद सख्ती से पूछताछ की गई, जिसमें महिला ने अपना जुर्म कबूल कर लिया.पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, आरोपी महिला ने बताया कि वह अपने बच्चे के रोने धोने के व्यवहार से परेशान थी और अपने पति को छोड़कर किसी अन्य व्यक्ति के साथ नई जिंदगी शुरू करना चाहती थी. उसे लग रहा था कि बच्चा उसके रास्ते में बाधा बन रहा है. इसी मानसिक स्थिति में उसने इस वारदात को अंजाम दिया.

जांच के दौरान पुलिस ने कुएं से शव बरामद किया, जिसके बाद उसका अंतिम संस्कार कराया गया. फिलहाल पुलिस ने आरोपी महिला को गिरफ्तार कर लिया है और मामले की आगे की जांच जारी है. अधिकारियों का कहना है कि घटना से जुड़े सभी पहलुओं की गंभीरता से जांच की जा रही है ताकि पूरी सच्चाई सामने आ सके.

ENTERTAINMENT : स्मृति मंधाना-पलाश मुच्छल का हुआ पैचअप, करेंगे शादी? साथ दिखा परिवार, फैंस शॉक्ड

स्मृति मंधाना और पलाश मुच्छल की पिछले साल शादी टूटी थी. पलाश पर चीटिंग के आरोप लगे थे. लेकिन ये क्या… इंटरनेट पर एक वीडियो सामने आया है जिसमें पलाश की बहन पलक को स्मृति के पिता संग देखा गया है. फैंस ये देखकर शॉक्ड हैं.

पिछले साल नवंबर 2025 में इंडियन क्रिकेटर स्मृति मंधाना और म्यूजिक कंपोजर पलाश मुच्छल की शादी होने वाली थी. सारी तैयारियां हो चुकी थीं. प्री-वेडिंग फंक्शन पूरे हो गए थे. लेकिन शादी से एक रात पहले रिश्ता टूट गया. स्मृति के पिता श्रीनिवास मंधाना की तबीयत बिगड़ने की बात सामने आई. बाद में मालूम पड़ा कि पलाश को शादी से पहले स्मृति ने चीट करते हुए पकड़ा था. अब लगता है दोनों परिवारों के बीच सब ठीक हो गया है.

ऐसा इसलिए कहा जा रहा है क्योंकि इंटरनेट पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है. इसमें स्मृति मंधाना के पिता को पलाश की बहन पलक मुच्छल और उनके पति मिथुन संग देखा गया. वीडियो देखकर लोगों को यकीन नहीं हो रहा है. इसमें स्मृति के पिता और पलक मुंबई के एक रेस्टोरेंट के बाहर दिखे. पलक उनके पैर छूती हैं. वो सिंगर को आशीर्वाद देकर निकल जाते हैं. वीडियो देख सभी सरप्राइज हो रहे हैं. यूजर्स का मानना है दोनों परिवारों के बीच सब ठीक हो गया है. किसी ने कहा कि पलाश और स्मृति फिर से साथ आने वाले हैं. कई चौंकते हुए पूछ रहे हैं- क्या है ये सब, ये कैसे हुआ?

कुछ यूजर्स ने इसे फेक तो किसी ने पुराना वीडियो बताया. अब पलक और स्मृति के पिता का ये वीडियो पुराना है या नया.. इसकी ऑधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है. पर इतना जरूर है ये वीडियो इंटरनेट पर सनसनी मचा रहा है. स्मृति और पलाश को साथ देखने वालों को ये वीडियो सेलिब्रेशन का मौका दे गया है. एक यूजर ने स्मृति से कहा- पलाश को एक और मौका देने के लिए शुक्रिया. किसी ने लिखा- इसका मतलब दोनों की शादी अब होकर रहेगी. हालांकि पलाश को नापंसद करने वालों ने स्मृति से कहा कि वो फिर से ये गलती ना दोहराएं.

पलाश और स्मृति 25 नवंबर 2025 को शादी करने वाले थे. वे आइडल कपल बन चुके थे. शादी टूटने सामने आया कि सिंगर को किसी दूसरी महिला संग देखा गया था. स्मृति संग रहते हुए वो कई महिलाओं संग रिलेशन में थे. हालांकि पलाश ने धोखेबाजी के इन आरोपों को हमेशा ही नकारा है. तब पलाश को बेहद ट्रोल किया गया था. यूजर्स ने स्मृति को दिल खोलकर प्यार और सहानुभूति दी थी. इस मैटर पर स्मृति ने आज तक अपनी चुप्पी नहीं तोड़ी है.

NATIONAL : मुजफ्फरपुर में 20 लाख की लूट, ज्वेलरी कारोबारी से आभूषण से भरा बैग लूटकर फरार हुए बदमाश

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मुजफ्फरपुर में बेखौफ बदमाशों ने एक आभूषण व्यापारी से 20 लाख रुपये लूट लिए. इस घटना से स्थानीय लोग भी दहशत में आ गए हैं. लोगों का कहना है कि इस तरह की लूट पुलिस की बेरुखी से हो रही है.बिहार के मुजफ्फरपुर में अपराधियों ने एक बार फिर पुलिस को खुली चुनौती दी है. जिले के पानापुर इलाके में मंगलवार रात बाइक सवार बदमाशों ने एक आभूषण कारोबारी से करीब 20 लाख रुपये के जेवर लूट लिए और मौके से फरार हो गए.

जानकारी के अनुसार काटी थाना क्षेत्र के वीरपुर निवासी आभूषण कारोबारी सुरेंद्र प्रसाद की पानापुर बड़ा बाजार में ज्वेलरी की दुकान है. मंगलवार रात करीब 8 बजे वह दुकान बंद कर अकेले बाइक से अपने घर लौट रहे थे. इसी दौरान पानापुर ओवरब्रिज के नीचे पहले से घात लगाए दो बाइक सवार अपराधियों ने उन्हें घेर लिया और बाइक की टंकी पर रखे झोले को छीनकर फरार हो गए. झोले में करीब 250 ग्राम सोना और 2 किलो चांदी के आभूषण रखे थे.

पीड़ित कारोबारी सुरेंद्र प्रसाद ने बताया कि घटना के बाद उन्होंने कुछ दूर तक बदमाशों का पीछा भी किया, लेकिन वे भागने में सफल रहे. इसके बाद उन्होंने तुरंत डायल 112 पर कॉल कर पुलिस को सूचना दी. घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी है.मामले में डीएसपी पूर्वी अलय वत्स ने बताया कि बदमाश बाइक की टंकी पर रखा आभूषण से भरा झोला लूटकर फरार हो गए हैं. पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है और पीड़ित से पूछताछ के आधार पर अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है.

फिलहाल, इस घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है और पुलिस जल्द ही अपराधियों को पकड़ने का दावा कर रही है. स्थानीय लोगों का कहना है कि पुलिस की बेरुखी से चोरों के हौसले बुलंद हैं. पुलिस को सुनसान वाली जगहों पर अतिरिक्त पेट्रोलिंग करना चाहिए.

NATIONAL : शारीरिक संबंध बनाते समय दबाया गला, बिस्तर पर बिना कपड़ों के पत्नी का शव वैसे ही छोड़कर भागा पति

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रामपुर में एक शिक्षिका की हत्या के मामले में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है. पुलिस के मुताबिक, शारीरिक संबंध के दौरान हुए विवाद में पति ने पत्नी का गला दबाकर हत्या कर दी. वारदात के बाद वह शव को उसी हालत में बिस्तर पर छोड़कर फरार हो गया. बंद घर में शव मिलने से हड़कंप मच गया. परिजनों ने दहेज प्रताड़ना का आरोप लगाया है. पुलिस ने आरोपी पति को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है और आगे की जांच जारी है.

रामपुर में एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है, जहां पति ने शारीरिक संबंध के दौरान ही पत्नी का गला दबा दिया. मौत के बाद वह पत्नी का शव उसी हालत में बिस्तर पर छोड़कर मौके से फरार हो गया. बाद में जब बंद घर के भीतर शव मिला तो पूरे इलाके में हड़कंप मच गया.

कोतवाली सिविल लाइन क्षेत्र में एक बंद घर के अंदर जब एक शिक्षिका का शव मिलने की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और किसी तरह घर का दरवाजा खुलवाया. अंदर का दृश्य देखकर हर कोई सन्न रह गया. बिस्तर पर महिला का शव पड़ा था और आसपास कोई नहीं था. शुरुआती जांच में यह साफ हो गया कि मामला सामान्य मौत का नहीं है. पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा और पूरे मामले की गहन जांच शुरू की. घटना की सूचना मिलते ही मृतका के परिजन मौके पर पहुंचे. उनका आरोप था कि उनकी बेटी को लंबे समय से दहेज के लिए प्रताड़ित किया जा रहा था. उन्होंने महिला के पति और देवर को नामजद करते हुए हत्या का आरोप लगाया. परिजनों का कहना था कि शादी के बाद से ही उनकी बेटी को मानसिक और शारीरिक रूप से परेशान किया जाता था. कई बार शिकायतें भी सामने आई थीं, लेकिन हर बार मामला किसी तरह दबा दिया गया. इन आरोपों के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच को तेज कर दिया.

रामपुर में नए पुलिस अधीक्षक के कार्यभार संभालने के बाद यह दूसरा बड़ा मामला है, जिसका पुलिस ने कम समय में खुलासा किया. कोतवाली सिविल लाइन पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मृतका के पति को हिरासत में लिया और उससे पूछताछ शुरू की. शुरुआत में आरोपी ने मामले को घुमाने की कोशिश की, लेकिन सख्ती से पूछताछ करने पर वह टूट गया. आखिरकार उसने जो बताया, वह चौंकाने वाला था.

पुलिस के मुताबिक, आरोपी पति ने स्वीकार किया कि घटना के समय वह अपनी पत्नी के साथ शारीरिक संबंध बना रहा था. इसी दौरान किसी बात को लेकर दोनों के बीच विवाद हो गया. विवाद इतना बढ़ गया कि आरोपी को गुस्सा आ गया और उसने पत्नी का गला दबा दिया. कुछ ही पलों में महिला की सांसें थम गईं. हत्या के बाद आरोपी घबरा गया और बिना किसी को सूचना दिए मौके से फरार हो गया. उसने शव को उसी हालत में बिस्तर पर छोड़ दिया.

मामले पर जानकारी देते हुए रामपुर के अपर पुलिस अधीक्षक अनुराग सिंह ने बताया कि थाना सिविल लाइन क्षेत्र में एक शिक्षिका का शव मिलने की सूचना मिली थी. पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी कराई. मृतका के परिजनों की तहरीर के आधार पर पति और देवर के खिलाफ दहेज मृत्यु का मामला दर्ज किया गया. पूछताछ के दौरान पति ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया और बताया कि उसने गुस्से में आकर पत्नी की गला दबाकर हत्या कर दी. पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया है. मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है.

UP : बंदरों ने ऐसा दौड़ाया कि तीसरी मंजिल से गिर पड़ी लड़की, अस्पताल पहुंचने से पहले तोड़ा दम

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हाथरस में बंदरों के आतंक के बीच एक दर्दनाक हादसा सामने आया, जहां उनसे बचने की कोशिश में एक युवती तीसरी मंजिल से गिर गई और उसकी मौत हो गई. घटना के बाद इलाके में आक्रोश है और लोग प्रशासन से बंदरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं.

उत्तर प्रदेश के हाथरस शहर के जलेसर रोड स्थित अक्रूर कॉलोनी में एक दर्दनाक हादसा हुआ है. यहां बंदरों से बचने के लिए एक युवती मकान की तीसरी मंजिल से नीचे गिर गयी और उसकी दर्दनाक मौत हो गयी.आपको बता दें कि हाथरस शहर में बंदरों के आतंक है.इसी के चलते खूंखार बंदरों ने युवती पर हमला बोला. बंदरों से बचने के चक्कर में युवती तीसरी मंजिल से नीचे गिर गयी.

खुद को बचाने के प्रयास में युवती घबरा गई और पीछे हटते हुए संतुलन खो बैठी. इससे पहले कि वह संभल पाती, वह सीधे तीसरी मंजिल से नीचे गिर गई. गिरने के बाद आसपास के लोग तुरंत मौके पर पहुंचे और उसे अस्पताल ले जाने की कोशिश की, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया.युवती की मौत से परिजन में कोहराम मच गया है. पुलिस ने युवती के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है.आसपड़ोस के लोग इस वाकये से गुस्साए हुए है.उन्होंने बंदरों के न पकड़े जाने पर और इस हादसे पर नाराजगी व्यक्त की है.

लोगों का आरोप है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद बंदरों को पकड़ने या उन्हें हटाने के लिए कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई. इस घटना के बाद लोगों ने प्रशासन से तुरंत कार्रवाई की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाएं दोबारा न हों.

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