Thursday, October 1, 2026
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MP : एमपी के चर्चित IAS अवि प्रसाद ने की तीसरी शादी, दो पत्नियां हैं कलेक्टर और तीसरी डिप्टी सेक्रेटरी

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मध्य प्रदेश के चर्चित आईएएस अधिकारी अवि प्रसाद ने तीसरी शादी कर ली है. 2014 बैच के इस अफसर की पहली पत्नी रिजु बाफना शाजापुर कलेक्टर और दूसरी पत्नी मिशा सिंह रतलाम कलेक्टर हैं. दोनों से उनका तलाक पहले ही हो चुका है. अब उन्होंने 2017 बैच की आईएएस अंकिता धाकरे से विवाह किया, जो राज्य मंत्रालय में डिप्टी सेक्रेटरी हैं. शादी के बाद वे फिर चर्चाओं में हैं.

मध्य प्रदेश की प्रशासनिक गलियारों में इन दिनों एक नाम फिर चर्चा के केंद्र में है अवि प्रसाद. वजह इस बार कोई तबादला, सख्त कार्रवाई या विकास मॉडल नहीं, बल्कि उनकी निजी जिंदगी है. अवि प्रसाद ने तीसरी शादी कर ली है, हालांकि दोनों से उनका तलाक हो चुका है और खास बात यह है दोनों भी भारतीय प्रशासनिक सेवा की अधिकारी है और वर्तमान में जिले की कलेक्टर के रूप में काम कर रही हैं. तीसरी पत्नी राज्य मंत्रालय में डिप्टी सेक्रेटरी हैं.

अवि प्रसाद का प्रशासनिक करियर शुरुआत से ही उल्लेखनीय रहा है. वर्ष 2013 में उनका चयन भारतीय पुलिस सेवा (IPS) में हुआ था, लेकिन उन्होंने दोबारा प्रयास किया और वर्ष 2014 की यूपीएससी परीक्षा में 13वीं रैंक हासिल कर भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) में स्थान बनाया. उनकी यह उपलब्धि उन्हें अपने बैच के प्रतिभाशाली अधिकारियों में शुमार करती है. वे मूलतः उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले से ताल्लुक रखते हैं. राजनीति और सार्वजनिक जीवन का माहौल उन्होंने बचपन से देखा. उनके दादा टम्बेश्वर प्रसाद उर्फ बच्चा बाबू चौधरी चरण सिंह की सरकार में मंत्री रहे थे. ऐसे में शासन-प्रशासन की समझ उन्हें विरासत में मिली, ऐसा उनके करीबी बताते हैं.

दिल्ली में सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी के दौरान उनकी मुलाकात रिजु बाफना से हुई थी. दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं और बाद में विवाह हुआ. रिजु बाफना वर्तमान में मध्य प्रदेश के शाजापुर जिले की कलेक्टर हैं और राज्य में एक सक्षम व सख्त प्रशासक के रूप में जानी जाती हैं. हालांकि यह रिश्ता लंबा नहीं चला. कुछ वर्षों बाद दोनों ने आपसी सहमति से अलग होने का निर्णय लिया और तलाक हो गया.

पहले रिश्ते के समाप्त होने के बाद अवि प्रसाद ने दूसरी शादी आंध्र प्रदेश की 2016 बैच की आईएएस अधिकारी मिशा सिंह से की. विवाह के बाद मिशा सिंह ने मध्य प्रदेश कैडर ले लिया. वर्तमान में वे रतलाम की कलेक्टर हैं और 2025 में उन्होंने जिले का कार्यभार संभाला. रतलाम में उनका कार्यकाल सक्रिय प्रशासनिक शैली के लिए जाना जा रहा है. विकास कार्यों के औचक निरीक्षण और योजनाओं की समीक्षा को लेकर वे अक्सर चर्चा में रहती हैं. हालांकि अवि प्रसाद और मिशा सिंह का यह रिश्ता भी ज्यादा समय तक नहीं चल पाया. करीब चार वर्षों बाद दोनों ने अलग होने का निर्णय लिया.

अब अवि प्रसाद ने 2017 बैच की आईएएस अधिकारी अंकिता धाकरे से विवाह किया है. अंकिता धाकरे वर्तमान में राज्य मंत्रालय में डिप्टी सेक्रेटरी के पद पर काम कर रही हैं. जानकारी के अनुसार, 11 फरवरी को दोनों ने कूनो राष्ट्रीय उद्यान में सादगीपूर्ण समारोह में विवाह किया. कूनो, जो हाल के वर्षों में अपने वन्यजीव संरक्षण प्रयासों के कारण राष्ट्रीय स्तर पर चर्चित रहा है, इस निजी आयोजन का साक्षी बना. शादी की तस्वीरें सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई. कुछ लोगों ने इसे निजी निर्णय बताते हुए सम्मान की बात कही, तो कुछ ने लगातार वैवाहिक बदलावों पर सवाल उठाए.

अवि प्रसाद की पहचान केवल उनकी निजी जिंदगी तक सीमित नहीं है. वे मध्य प्रदेश शासन में एक भरोसेमंद और तेजतर्रार अधिकारी माने जाते हैं. फिलहाल वे मध्य प्रदेश रोजगार गारंटी परिषद के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं. इससे पहले वे कई जिलों में जिला पंचायत सीईओ और कलेक्टर रह चुके हैं. कटनी में कलेक्टर रहते हुए उन्होंने कुपोषण के खिलाफ विशेष अभियान चलाया था. उस समय जिले में बढ़ते कुपोषण के आंकड़ों ने सरकार की चिंता बढ़ा दी थी.

अवि प्रसाद ने आंगनवाड़ी नेटवर्क की समीक्षा, स्वास्थ्य विभाग के समन्वय और जमीनी स्तर पर निगरानी को मजबूत करने जैसे कदम उठाए. उनके इस अभियान की राज्य स्तर पर सराहना हुई थी. कई बार उन्हें प्रशासनिक नवाचार और प्रभावी क्रियान्वयन के लिए सम्मानित भी किया जा चुका है. उनके समर्थक कहते हैं कि वे निर्णय लेने में देरी नहीं करते और फील्ड विजिट को प्राथमिकता देते हैं. तीसरी शादी को लेकर अवि प्रसाद की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है. न ही उन्होंने सोशल मीडिया पर कोई प्रतिक्रिया दी है.

NATIONAL : ‘दोनों बहनों ने जेवर चुराए हैं…’, तांत्रिक की ‘भविष्यवाणी’ पर महिलाओं को उठा लाई पुलिस, तोड़ा हाथ

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नागौर के सुरपालिया थाना क्षेत्र में गहना चोरी के मामले में तांत्रिक की कथित भविष्यवाणी के आधार पर दो महिलाओं से मारपीट के आरोप लगे हैं. परिजनों ने एसपी को ज्ञापन सौंपकर निष्पक्ष जांच की मांग की है. सांसद हनुमान बेनीवाल ने भी हस्तक्षेप कर दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग की. पुलिस ने जांच अधिकारी बदले और 24 घंटे में प्राथमिक जांच पूरी करने का आश्वासन दिया.

राजस्थान के नागौर जिले के सुरपालिया थाना क्षेत्र में गहना चोरी के एक मामले ने तूल पकड़ लिया है. आरोप है कि कथित तांत्रिक की भविष्यवाणी के आधार पर संदेह जताते हुए पुलिस ने दो महिलाओं को थाने बुलाकर मारपीट की. घटना के बाद परिजन जिला पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे और निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा. मामला अब राजनीतिक रंग भी ले चुका है.

बुडिया की ढाणी, डेह के निवासी भंवरलाल बुडिया के अनुसार 4 – 5 फरवरी 2026 को परिवार में शादी समारोह था. 6 फरवरी को रिश्तेदार जेठी देवी ने फोन कर लाखों रुपये के जेवरात चोरी होने की सूचना दी. 11 फरवरी को सुरपालिया थाने में प्रकरण दर्ज कराया गया. परिजनों का आरोप है कि 12 और 13 फरवरी को पूछताछ के नाम पर भंवरलाल और उनकी बहनों मैना व सुगना को थाने बुलाया गया, जहां उनके साथ मारपीट की गई और शांति भंग के आरोप में बैठा लिया गया. बाद में जायल ले जाकर कागजातों पर हस्ताक्षर करवाने का भी आरोप है.

परिवार का दावा है कि सामने वाले पक्ष ने एक तांत्रिक से सलाह ली थी, जिसने कथित तौर पर दोनों बहनों पर जेवर छिपाने का शक जताया. इसी के बाद पुलिस का रुख बदला. आरोप है कि महिला कांस्टेबल की मौजूदगी के बिना पुरुष पुलिसकर्मियों ने पूछताछ की. मारपीट में एक महिला के हाथ में फ्रैक्चर होने का दावा किया गया है. दोनों महिलाओं का उपचार नागौर के पंडित जवाहरलाल नेहरू राजकीय चिकित्सालय में चल रहा है.

जाट महासभा के प्रदेश उपाध्यक्ष डूंगरसिंह बाना के नेतृत्व में परिजन एसपी कार्यालय पहुंचे और एएसआई गुमाना राम विश्नोई पर पैसे लेकर कार्रवाई करने का आरोप लगाया. करीब दो घंटे चली वार्ता के बाद जांच अधिकारी बदलने के निर्देश दिए गए. परिजनों ने मांगें नहीं माने जाने पर थाने के घेराव की चेतावनी दी है.

नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने सोशल मीडिया पर मामले को गंभीर बताते हुए सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का हवाला दिया और डीजीपी से दोषी पुलिसकर्मियों के निलंबन व मुकदमा दर्ज करने की मांग की. उधर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक परवेंद्र महेला ने मारपीट की जांच मूंडवा सीओ को और चोरी प्रकरण की जांच जायल एसएचओ को सौंपी है. एएसआई को पुलिस लाइन बुला लिया गया है. अब देखना है कि जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं.

UP : कौन हैं संभल की तमन्ना मलिक जो बुर्का पहनकर हरिद्वार से लाईं कांवड़? शिव मंदिर में किया जलाभिषेक; भड़के सपा सांसद

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उत्तर प्रदेश के संभल में एक अनोखी कांवड़ यात्रा चर्चा का विषय बनी हुई है. मुस्लिम महिला तमन्ना मलिक ने बुर्का पहनकर हरिद्वार से 170 किलोमीटर की पैदल यात्रा पूरी की और भगवान शिव का जलाभिषेक किया. अपनी मन्नत पूरी करने के लिए उठाए इस कदम पर अब सियासत और विरोध भी शुरू हो गया है.

संभल के बदनपुर बसई गांव की रहने वाली तमन्ना मलिक ने अपने हिंदू पति अमन त्यागी के साथ हरिद्वार से गंगाजल लाकर शिव मंदिर में जलाभिषेक किया. उन्होंने साढ़े तीन साल पहले प्रेम विवाह की बाधाएं दूर होने पर यह मन्नत मांगी थी. रविवार को महाशिवरात्रि के अवसर पर बुर्का पहने तमन्ना ने क्षेम नाथ मंदिर में ‘हर-हर महादेव’ के नारों के बीच पूजा-अर्चना की.10 फरवरी को शुरू हुई इस 170 किमी लंबी यात्रा के दौरान सनातन धर्म के लोगों ने उनका स्वागत किया. हालांकि, सपा सांसद जियाउर्रहमान बर्क सहित कुछ लोग इस कदम की तीखी आलोचना कर रहे हैं.

तमन्ना और अमन त्यागी ने साढ़े तीन साल पहले अलग-अलग धर्मों की दीवारों को तोड़कर शादी की थी. उस समय तमन्ना ने मन्नत मांगी थी कि यदि उनकी शादी सफल रही, तो वह जलाभिषेक करेंगी. शादी के बाद यह जोड़ा गांव छोड़कर चला गया था और एक साल पहले ही वापस लौटा है. तमन्ना के दो बेटे, आर्यन और दक्ष भी हैं. अपने पति के समर्थन से उन्होंने इस कठिन यात्रा को पूरा किया और अपनी आस्था को धर्म की सीमाओं से ऊपर रखा.

यात्रा के दौरान तमन्ना के बुर्का पहनने और कांवड़ लाने पर विवाद छिड़ गया है. इस पर प्रतिक्रिया देते हुए तमन्ना ने कहा कि वह पहले भी बुर्का पहनती थीं, तो अब किसी को दिक्कत क्यों है. उन्होंने विरोध करने वालों को ‘अनजान’ बताते हुए उन पर ध्यान न देने की बात कही.वहीं, उनके पति अमन का कहना है कि विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल जैसे संगठनों ने यात्रा में उनकी पूरी मदद की. हालांकि, सपा सांसद द्वारा आलोचना किए जाने से मामला अब राजनीतिक तूल पकड़ चुका है.

जियाउर्रहमान बर्क ने कहा कि तमन्ना दूसरे धर्म में शादी कर चुकी हैं, इसलिए इस मामले को तूल नहीं देना चाहिए. उन्होंने नसीहत दी कि व्यक्ति जिस समाज में है, उसी के त्योहार मनाए पर दूसरों के अधिकारों का उल्लंघन न करे. बर्क ने तंज कसते हुए कहा कि तमन्ना हमारी धर्मगुरु नहीं हैं और कम ज्ञान के कारण उन्होंने गलत कदम उठाया है, जिससे लोगों का उन पर से विश्वास उठ चुका है. सांसद ने ‘मोहम्मद दीपक’ का उदाहरण देते हुए कहा कि उसने मस्जिद में नमाज नहीं पढ़ी थी, बल्कि जुल्म के खिलाफ आवाज उठाई थी, इसलिए दोनों की तुलना नहीं की जा सकती.

UP : आगरा में चौकी इंचार्ज के घर चोरी, भरी दोपहरी में चोरों ने उड़ाया लाखों का सामान

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आगरा में एक दारोगा के किराए के घर से चोरी का मामला सामने आया है. जिससे इलाके में सनसनी फैल गई है. बताया जाता है कि चोरी की घटना तब हुई, जब दारोगा ड्यूटी पर थे और पत्नी मायके गई हुई थी.

उत्तर प्रदेश में आगरा के ट्रांसयमुना फेस-2 स्थित डी-ब्लॉक में रहने वाले दारोगा रॉबिन सिंह के घर लाखों रुपये की चोरी का मामला सामने आया है. रॉबिन सिंह थाना छत्ता की डिविजन चौकी इंचार्ज हैं और यहां किराए के मकान में रहते हैं. बताया गया है कि शनिवार दोपहर ड्यूटी पर जाने के बाद दारोगा ने घर पर बाहर से ताला लगा दिया था. जबकि उनकी पत्नी मायके गई हुई हैं.

रविवार तड़के नकाबपोश चोरों ने सरिये की मदद से घर के मुख्य गेट का ताला तोड़ा और घर में घुस गए. चोरों ने सबसे पहले मकान में लगे सीसीटीवी कैमरे बंद किए. इसके बाद मकान मालिक के बेटे सूरज को कोई नशीला पदार्थ सुंघाकर बेहोश कर दिया गया. फिर पहली मंजिल पर जाकर दारोगा के घर का ताला तोड़ा. ताला तोड़ने के बाद घर में घुसे चोरों ने अलमारी में रखा सोना, चांदी और लगभग 20 हजार रुपये नकदी चोरी कर कर लिए.

घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया. प्रारंभिक जानकारी के अनुसार कुल नुकसान लाखों रुपये का बताया जा रहा है. हालांकि सही आकलन दारोगा की पत्नी के लौटने के बाद ही हो सकेगा. यह मामला थाना एत्मादुद्दौला क्षेत्र का है. घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी है.
इस संबंध में मोबाइल फोन पर एसीपी छत्ता शेषमणि उपाध्याय से बातचीत करने पर बताया कि मामले में चोरी का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है. पुलिस की टीमें आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही हैं और घटना को अंजाम देने वालों की तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है.

ENTERTAINMENT : 10 साल बाद टूट रही शादी? ‘TV के सुपरस्टार’ ने तोड़ी चुप्पी, कहा- मेरी पत्नी…

लंबे समय से ऐसी चर्चा है कि गौरव खन्ना और आकांक्षा चमोला के रिश्ते में दरार आ गई है. अब इन अफवाहों पर गौरव ने रिएक्ट किया है और उन्होंने पत्नी संग अपने रिश्ते की सच्चाई भी बताई है.’टीवी के सुपरस्टार’ और ‘बिग बॉस 19’ के विनर गौरव खन्ना अपनी मैरिड लाइफ को लेकर चर्चा में बने हुए हैं. कुछ वक्त पहले गौरव की पत्नी आकांक्षा चमोला ने इंस्टाग्राम हैंडल पर क्रिप्टिक पोस्ट शेयर किया था, जिसके बाद से दोनों के तलाक की खबरें खूब वायरल हुईं. अब गौरव ने खुद पत्नी संग अलग होने की अफवाहों पर रिएक्ट किया है और सच बताया है.

टाइम्स ऑफ इंडिया संग खास बातचीत में तलाक की अफवाहों पर गौरव ने कहा- मुझे समझ नहीं आता कि इस तरह की खबरें कहां से आती हैं. मुझे लगता है कि यह उन कीबोर्ड वॉरियर्स का काम है, जो उस इंसान से पता करने की भी कोशिश नहीं करते, जिनके बारे में वो लिखते हैं.

गौरव ने आगे बताया कि उनकी पत्नी ने जो पोस्ट शेयर की थी, वो उनके प्रोजेक्ट के लिए प्रमोशनल पोस्ट थी. उससे उनके तलाक का कुछ लेना-देना नहीं था. गौरव बोले- आकांक्षा की क्रिप्टिक पोस्ट उनकी वेब सीरीज के प्रमोशन का हिस्सा थी. मगर लोगों ने इसे इस तरह समझा जैसे हम अलग होने वाले हैं. एक कपल के तौर पर हम साथ में काफी ज्यादा खुश हैं.

‘आकांक्षा एक्टिंग में वापसी कर रही हैं और मैं उनके हर कदम में उनको पूरा सपोर्ट करता हूं. हम एक-दूसरे की फीलिंग्स की इज्जत करते हैं और हमेशा करते रहेंगे. किसी भी तरह की अटकलों में कोई सच्चाई नहीं है.’

बता दें कि इससे पहले आकांक्षा चमोला ने भी बॉम्बे टाइम्स को दिए इंटरव्यू में तलाक की खबरों को गलत और बेबुनियाद बताया था. उन्होंने कहा था- हमारी शादी में कोई खटपट नहीं चल रही है. मेरी पोस्ट का गौरव से कुछ लेना-देना नहीं था. मैं पर्सनल मैटर्स को सोशल मीडिया पर डिस्कस नहीं करती हूं. मेरी पोस्ट मेरी अपकमिंग सीरीज को प्रमोट करने के लिए थी.

गौरव खन्ना ने साल 2016 में आकांक्षा चमोला संग शादी रचाई थी. दोनों की शादी को करीब 10 साल हो गए हैं. मगर आज भी उनका रिश्ता काफी गहरा है.

NATIONAL : कार चला रहे नाबालिग ने स्कूटी सवार कपल को मारी टक्कर, पति की मौत… पत्नी की हालत गंभीर

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मुंबई में कार चला रहे एक नाबालिग ने स्कूटी सवार कपल को टक्कर मार दी थी. जिससे दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए थे. वहीं इलाज के दौरान पति की मौत हो गई. जबकि पत्नी अभी भी गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती है.मुंबई के विद्याविहार इलाके में बीते दिनों एक तेज़ रफ़्तार एसयूवी (SUV) ने स्कूटर सवार पति-पत्नी को टक्कर मार दी थी. जिससे दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए थे. जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था. लेकिन 9 दिनों बाद पति की मौत हो गई, जबकि पत्नी का इलाज अभी जारी है. जिस एसयूवी ने टक्कर मारी थी, उसे एक 17 वर्षीय लड़का चला रहा था. कपल घाटकोपर का रहने वाला था.

मृतक की पहचान ध्रुमिल पटेल के रूप में हुई है. हादसे के बाद से वह वेंटिलेटर सपोर्ट पर थे. पुलिस के मुताबिक हादसे में गंभीर रूप से घायल उनकी पत्नी की हालत अभी भी नाजुक बनी हुई है. उनके हाथ और पैर की पेल्विक बोन की कई सर्जरी हुई हैं. तिलक नगर पुलिस ने 43 साल के वलजी राजा भूषण के खिलाफ मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 184 और 199 के साथ-साथ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 125, 125(a), 125(b), और 281 के तहत मामला दर्ज किया है. क्योंकि कार उसका 17 साल का बेटा चला रहा था.

एक सीनियर पुलिस अधिकारी ने कहा कि कानून के नियमों के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी. मामले में और धाराएं भी लगाई जाएंगी. यह घटना 5 फरवरी की रात को तानसा पाइपलाइन रोड पर सोमैया कॉलेज के पास हुई. पुलिस के मुताबिक ध्रुमिल प्रेमजी पटेल (33) और उनकी पत्नी मीनल पटेल (32) अपने स्कूटर से घर लौट रहे थे, तभी दूसरी तरफ से तेज स्पीड में आ रही एक एसयूवी ने उन्हें टक्कर मार दी.

टक्कर इतनी जोरदार थी कि दोनों पीड़ित सड़क पर गिर गए और उन्हें गंभीर चोटें आईं. उन्हें तुरंत प्राइमरी इलाज के लिए राजावाड़ी हॉस्पिटल ले जाया गया और बाद में उनकी हालत गंभीर होने की वजह से घाटकोपर के एक प्राइवेट हॉस्पिटल में शिफ्ट कर दिया गया. ध्रुमिल पटेल ज़िनोवा शाल्बी हॉस्पिटल में वेंटिलेटर सपोर्ट पर थे. जबकि उनकी पत्नी मीनल की कई सर्जरी हो चुकी हैं और उनकी हालत अभी भी क्रिटिकल है.

AHMEDABAD : अहमदाबाद के कई स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी… इलाके में मचा हड़कंप

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अहमदाबाद के तीन नामचीन स्कूलों को एक धमकी भरा ईमेल मिला है, जिसमें परिसर को बम से उड़ाने की बात कही गई है. पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तुरंत जांच शुरू कर दी है और एहतियातन बच्चों की छुट्टी कर दी गई है और बच्चे सुरक्षित घर भेजे जा रहे हैं.

अहमदाबाद के तीन स्कूलों को एक धमकी भरा ईमेल मिला है, जिसमें परिसर को बम से उड़ाने की बात कही गई है. स्कूल को प्राप्त हुए ईमेल में स्कूल को 1:11 बजे बम से उड़ाने की चेतावनी दी गई है. पुलिस ने मामला गंभीरता से लेते हुए तुरंत कार्रवाई शुरू कर दी है और स्कूलों में डॉग स्क्वाड, बॉम्ब डिस्पोजल स्क्वाड (बॉम्ब स्क्वाड) की टीमों के साथ व्यापक जांच शुरू की गई है.

पुलिस-प्रशासन ने बताया कि कुछ स्कूलों ने धमकी भरे ईमेल मिलने की शिकायत मिली है. इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए तुरंत एक्शन शुरू कर दिया गया है और सतर्कता बरतते हुए स्कूल प्रशासन ने स्कूलों की छुट्टी कर दी है और बच्चों को सुरक्षित घर भेजना शुरू कर दिया है.

पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां पूरे परिसर की तलाशी ले रही हैं. अभी तक किसी भी स्कूल से कोई संदिग्ध वस्तु या विस्फोटक सामग्री नहीं मिली है, लेकिन जांच जारी है. अधिकारी ये पता लगाने में जुटे हैं कि ईमेल किसने और कहां से भेजा गया. विशेषज्ञों का मानना है कि ये धमकी होक्स (झूठी) हो सकती है, जैसा कि पिछले कुछ महीनों में दिल्ली-एनसीआर, नोएडा और अहमदाबाद में कई बार हुआ है, लेकिन सुरक्षा के मद्देनजर कोई रिस्क नहीं लिया जा रहा.

Surya Grahan 2026 kab lgega: कल लगेगा साल का पहला सूर्य ग्रहण, जानें भारत में इसका सूतक काल मान्य होगा या नहीं

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17 फरवरी 2026 को साल का पहला वलयाकार सूर्य ग्रहण लगने जा रहा है, जिसे ‘Ring of Fire’ कहा जाता है. यह ग्रहण कुंभ राशि और धनिष्ठा नक्षत्र में होगा. जानें क्या यह सूर्य ग्रहण भारत में दिखाई देगा, इसका समय क्या है और क्या सूतक काल मान्य होगा.

साल का पहला सूर्य ग्रहण 17 फरवरी, मंगलवार को लगने जा रहा है. यह सूर्य ग्रहण कुंभ राशि और धनिष्ठा नक्षत्र में लगने जा रहा है. यह वलयाकार सूर्य ग्रहण होगा और इसे विज्ञान की भाषा में रिंग ऑफ फायर (Ring of Fire) कहा जाता है. तो आइए जानते हैं कि 17 फरवरी को लगने जा रहा सूर्य ग्रहण क्या भारत में दिखाई और क्या इसका सूतक काल मान्य होगा. आइए जानते हैं इन सभी प्रश्नों के जवाब.

साल का पहला सूर्य ग्रहण कल लगेगा. लेकिन यह सूर्य ग्रहण भारत में दृश्यमान नहीं होगा. भारत में दृश्यमान न होने की वजह से इसका सूतक काल भी मान्य नहीं होगा. इसलिए न तो इस दिन किसी मंदिर के कपाट बंद होंगे और न ही पूजा-पाठ पर कोई रोक-टोक रहेगी.

भारतीय समयानुसार, यह सूर्य ग्रहण दोपहर 3 बजकर 26 मिनट पर शुरू होगा और शाम 7 बजकर 57 मिनट इसका समापन होगा. यानी इस सूर्य ग्रहण की कुल अवधि करीब 4 घंटे 32 मिनट की रहने वाली है. इस ग्रहण का चरण समय शाम 5 बजकर 42 मिनट पर होगा, जिस समय सूर्य रिंग ऑफ फायर जैसा भी दिखाई देगा.

यह वलयाकार या कहें कंकड़ाकृति सूर्य ग्रहण होगा, जो कि भारत में दिखाई नहीं देना वाला. यह सूर्य ग्रहण अंटार्कटिका के अधिकांश भागों में दिखायी देगा. दक्षिणी महासागर के आसपास के क्षेत्र में दिखाई देगा. इनके अलावा, यह सूर्य ग्रहण साउथ अफ्रीका, तंजानिया, जाम्बिया और जिम्बाब्वे जैसे देशों में साफ साफ देखा जा सकेगा.

NASA के अनुसार, जब चंद्रमा पृथ्वी से सबसे ज्यादा दूर होता है और उसी समय सूर्य ग्रहण लगता है, तो चंद्रमा सूर्य को पूरी तरह ढक नहीं पाता. क्योंकि वह दूर होता है, इसलिए आकार में छोटा दिखाई देता है. ऐसे में सूर्य का बीच वाला हिस्सा काला दिखता है और उसके चारों तरफ रोशनी की पतली चमकदार गोलाई बन जाती है. यह चमकदार घेरा आग की अंगूठी जैसा दिखता है, इसलिए इसे ”रिंग ऑफ फायर” कहा जाता है.

दूसरा, वलयाकार या कुंडलाकार सूर्य ग्रहण के दौरान सूर्य, चंद्रमा और पृथ्वी एक सीध में होते हैं. और चंद्रमा सूर्य का मध्य भाग ढक लेता है. इस स्थिति में सूर्य एक रिंग की तरह दिखाई देने लगता है.

साल 2026 का सूर्य ग्रहण इसलिए खास माना जा रहा है क्योंकि यह सूर्य ग्रहण कुंभ राशि में और धनिष्ठा नक्षत्र में लगेगा. सूर्य के साथ-साथ राहु, बुध, शुक्र और चंद्रमा भी कुंभ राशि में मौजूद रहेंगे. ज्योतिष के अनुसार, जब राहु और सूर्य एक साथ किसी राशि में आते हैं, तो ग्रहण योग बनता है. कुंभ राशि में राहु और सूर्य की यह युति पारंपरिक रूप से अशुभ मानी जाती है.

NATIONAL : सड़क पर रुके, शादी वाले घर में पहुंचकर खाए मठा के आलू… इटावा में अखिलेश यादव का अनोखा अंदाज

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सैफई से लौटते समय समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव अचानक सड़क किनारे रुके और एक शादी समारोह में पहुंच गए. वहां घर के लोगों के साथ मठा के आलू का आनंद लिया. इस सहज और सरल अंदाज का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया. स्थानीय लोग इसे नेताजी मुलायम सिंह यादव की याद दिलाने वाला व्यवहार मान रहे हैं.

यूपी के इटावा में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव का सहज और सरल अंदाज देखने को मिला. सैफई से लौटते समय अखिलेश अचानक सड़क किनारे रुके और एक शादी वाले घर में पहुंच गए. वहां उन्होंने मट्ठा के आलू की सब्जी चखते हुए लोगों के साथ फोटो खिंचवाए. उनका यह अंदाज देखकर स्थानीय लोग नेताजी मुलायम सिंह यादव की यादों में खो गए.

लखनऊ से सैफई आते समय एक्सप्रेस-वे से जैसे ही काफिला नीचे आया तो सड़क पर कुछ युवा उनके स्वागत में खड़े हुए थे, तभी उन्होंने गाड़ी रुकवाई और देखा कि सड़क के किनारे एक टेंट लगा हुआ है और वहां शादी का कार्यक्रम है और दावत चल रही है तो रुक गए. उस घर में अचानक पहुंच गए तो वहां खुशी की लहर दौड़ गई.

लोग हक्के-बक्के रह गए कि अखिलेश यादव उनके बीच आए हैं. यह आदत तो नेताजी मुलायम सिंह यादव की थी कि वह अपने क्षेत्र में किसी के घर में भी जाकर भोजन करने लगते थे. वहां घर में पहुंचने पर अखिलेश यादव ने प्लास्टिक के गिलास में मठा के आलू की सब्जी का आनंद लिया.दरअसल, 13 फरवरी को सैफई तहसील क्षेत्र के अंतर्गत हवाई पट्टी के निकट नगला कहरी गांव के रहने वाले किसान राजेंद्र सिंह के बेटे की हल्दी और मंडप का कार्यक्रम चल रहा था. उनके बेटे की बारात जा रही है.

गांव के लोग निमंत्रण में आए हुए थे पूरी व मट्ठा के आलू की सब्जी का आनंद ले रहे थे. तभी अखिलेश यादव वहां रुक गए और शादी में शामिल पुरुषों व महिलाओं से बात करने लगे. उनके साथ फोटो भी खिंचवाई. इस बीच अखिलेश ने मट्ठा के आलू खाने की बात कही. लोगों ने तुरंत उन्हें गिलास में मट्ठा के आलू लाकर दिए, जिन्हें अखिलेश ने बड़े प्रेम और सहजता से खाया.

स्थानीय लोग और कार्यकर्ता उनकी इस सहजता को नेताजी मुलायम सिंह यादव की यादों से जोड़ने लगे. लोगों ने अखिलेश यादव का स्वागत किया. कई लोग उनसे फोटो खिंचवाने और हाथ मिलाने के लिए आगे बढ़े.

स्थानीय शिक्षक अरविंद उर्फ गुड्डू यादव ने बताया कि अखिलेश यादव ने न केवल शादी वाले परिवार से बातचीत की, बल्कि समारोह में मौजूद लोगों और बच्चों के साथ क्रिकेट की चर्चा भी की. इसी दिन अखिलेश यादव इटावा में मीरा पुरवार नाम की एक वृद्ध महिला के घर भी पहुंचे. मीरा पुरवार मोतियों और अन्य सामान का हस्तनिर्माण करती हैं. उन्होंने उन्हें शाल ओढ़ाकर सम्मानित किया.

NATIONAL : ‘श्मशान घाट वाले तालाब में मिलूंगी…’ 11वीं की छात्रा की मौत और सुसाइड नोट की क्या है कहानी?

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गुरुग्राम के मोकालवास गांव में 11वीं की छात्रा की मौत की घटना सामने आई है. घर से निकली छात्रा का शव शमशान घाट के तालाब में मिला, जबकि उसके कमरे से सुसाइड नोट बरामद हुआ है. नोट में उसने अपने माता-पिता से माफी मांगी और कहा कि अगर तलाश करना है तो उसे श्मशान घाट वाले जोहड़ (तालाब) में ढूंढें. पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को शव सौंप दिया है.

गुरुग्राम के मोकालवास गांव में 11वीं की छात्रा घर से लापता हो गई. अगले दिन पता चला कि उसके कमरे में एक सुसाइड नोट है, जिसमें उसने लिखा- श्मशान घाट वाले तालाब में तलाश करना, वहीं मिलूंगी. पढ़ाई में होशियार और घरवालों से बेहद प्यार करने वाली बेटी ने आखिर ऐसा कदम क्यों उठाया, यह सवाल हर किसी के दिमाग में गूंज रहा है. परिजनों और पुलिस ने उसी रात तालाब की तलाशी ली और छात्रा का शव वहां मिला.

मामला गुरुग्राम के मोकालवास गांव का है. 11 फरवरी की देर रात 11वीं क्लास की छात्रा स्कूल ड्रेस पहनकर घर से निकली और फिर लापता हो गई. मामले की सूचना पुलिस को दी गई. पुलिस ने सीसीटीवी खंगाले, जिसमें 16 वर्षीय छात्रा स्कूल ड्रेस में अकेले जाते हुए दिखाई दे रही है. लेकिन फिर उसके बाद वह लापता हो गई. परिजनों में चिंता थी.

पिता ने ऐलान किया कि बेटी का सुराग देने वाले को 1 लाख का इनाम दूंगा, लेकिन फिर तफ्तीश के दौरान पुलिस को छात्रा के कमरे से सुसाइड नोट मिला, जिसमें लिखा था- ‘मम्मी पापा मुझे माफ कर देना, मैं दादा जी के पास जा रही हूं. मुझे तलाश न करना और अगर तलाश ही करनी है तो श्मशान वाले जोहड़ (तालाब) में कर लेना, मैं वहीं मिलूंगी.’

छात्रा की डायरी से मिले सुसाइड नोट से परिजनों के होश उड़ गए. इसके बाद पुलिस और परिजन सीधे श्मशान में जोहड़ के पास पहुंचे. तालाब को खंगाला गया, इसी दौरान छात्रा का शव पुलिस ने बरामद कर लिया. पुलिस का कहना है कि छात्रा की डूबने से मौत हो गई थी.

शुरुआती जानकारी में सामने आया कि छात्रा 11वीं क्लास में थी, वह पढ़ाई में होशियार थी. उसका एक बड़ा भाई है. पिता कोर्ट की लाइब्रेरी में जॉब करते हैं. 11 फरवरी की देर शाम सभी परिजनों ने एक साथ डिनर किया, फिर छात्रा ‘पढ़ाई करने जा रही हूं’ कहकर अपने कमरे में गई और उसी रात स्कूल ड्रेस पहनकर घर से निकली और लापता हो गई थी. हालांकि छात्रा ने आत्महत्या क्यों की, इसका खुलासा नहीं हो पाया है. पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया है. सुसाइड नोट को लेकर मामले की जांच हो रही है.

(नोट:- अगर आपके या आपके किसी परिचित के मन में आता है खुदकुशी का ख्याल तो ये बेहद गंभीर मेडिकल इमरजेंसी है. तुरंत भारत सरकार की जीवनसाथी हेल्पलाइन 18002333330 पर संपर्क करें. आप टेलिमानस हेल्पलाइन नंबर 1800914416 पर भी कॉल कर सकते हैं. यहां आपकी पहचान पूरी तरह से गोपनीय रखी जाएगी और विशेषज्ञ आपको इस स्थिति से उबरने के लिए जरूरी परामर्श देंगे. याद रखिए जान है तो जहान है.)

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