Tuesday, September 15, 2026
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NATIONAL : पीएम मोदी ने थामा ईरानी राष्ट्रपति का हाथ, पुतिन-रामाफोसा दिखे साथ; तस्वीर में नजर आई गर्मजोशी

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नई दिल्ली में ब्रिक्स बिजनेस समिट के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन की एक तस्वीर सामने आई, जिसमें दोनों नेता हाथ थामे नजर आए। तस्वीर में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा भी मौजूद थे।

नई दिल्ली में आयोजित ब्रिक्स बिजनेस समिट के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन के साथ एक तस्वीर चर्चा में रही। तस्वीर में पीएम मोदी ईरानी राष्ट्रपति का हाथ थामे नजर आए। उनके साथ रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा भी दिखाई दिए।

यह तस्वीर ऐसे समय सामने आई है, जब दुनिया बड़े भू-राजनीतिक उलटफेरों के दौर से गुजर रही है। ईरान उस संघर्ष के केंद्र में है, जिससे ऊर्जा आपूर्ति और समुद्री व्यापार प्रभावित हुआ है। वहीं, यूक्रेन युद्ध को लेकर रूस पर पश्चिमी देशों ने व्यापक प्रतिबंध लगाए हैं।

ईरान और रूस से बनाए रखे भारत ने संबंध
भारत ने दोनों देशों के साथ अपने संपर्क बनाए रखे हैं। साथ ही अमेरिका और अन्य पश्चिमी देशों के साथ अपनी रणनीतिक साझेदारी भी जारी रखी है। ईरानी राष्ट्रपति पेजेशकियन के साथ द्विपक्षीय बैठक में भी भारत का यही रुख दिखाई दिया। प्रधानमंत्री मोदी ने बातचीत और कूटनीति के जरिए संघर्ष खत्म करने की अपील की।

ईरान-रूस के राष्ट्राध्यक्षों के साथ की द्विपक्षीय बैठकें
उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि आम नागरिकों, वाणिज्यिक जहाजों और नाविकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए। साथ ही नौवहन और व्यापार की स्वतंत्रता बाधित नहीं होनी चाहिए। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ अलग बैठक में भी प्रधानमंत्री मोदी ने इसी तरह का रुख अपनाया। दोनों नेताओं के बीच रक्षा, ऊर्जा, व्यापार और रणनीतिक सहयोग पर चर्चा हुई। पीएम मोदी ने यूक्रेन संघर्ष के शांतिपूर्ण समाधान की भारत की अपील दोहराई।

तस्वीर में नेताओं के बीच दिखी गर्मजोशी
नई दिल्ली लगातार यह रुख रखता रहा है कि वह निष्क्रिय रूप से तटस्थ नहीं है, बल्कि शांति के पक्ष में है। साथ ही भारत ने खुद को प्रतिद्वंद्वी भू-राजनीतिक खेमों में शामिल होने से बचाया है और अलग-अलग पक्षों वाले देशों के साथ संवाद जारी रखा है।

ब्रिक्स सम्मेलन में भारत की भूमिका पर भी इस संतुलन का असर दिखाई दिया। सम्मेलन के प्रमुख विषयों में सहयोग शामिल है। पेजेशकियन का हाथ थामे प्रधानमंत्री मोदी की तस्वीर इसी रुख को सामने रखती है। इसमें भारत को केंद्र में रखते हुए ईरान और रूस के साथ संपर्क और संवाद के लिए जगह बनाए रखने की कोशिश दिखाई देती है।

NATIONAL : ‘पता नहीं अपने आप को G7 क्यों कहते हैं?’: पुतिन ने पश्चिमी देशों पर कसा तंज, समझाया ब्रिक्स कैसे बना ताकतवर

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नई दिल्ली में ब्रिक्स बिजनेस फोरम के मंच से रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने पश्चिमी देशों और जी-7 समूह पर जोरदार हमला बोला। पुतिन ने आधिकारिक आंकड़े पेश करते हुए समझाया कि कैसे वैश्विक जीडीपी और आर्थिक वृद्धि में ब्रिक्स समूह जी-7 से बहुत आगे निकल चुका है। क्या पश्चिमी प्रतिबंधों के बीच ब्रिक्स समूह दुनिया की सबसे बड़ी आर्थिक ताकत बनने की राह पर है? आइए, सबकुछ विस्तार से जानते हैं साथ ही ये भी जानेंगे कि पुतिन ने और क्या कुछ कहा…

नई दिल्ली में आयोजित ब्रिक्स बिजनेस फोरम में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने पश्चिमी देशों के आर्थिक दबदबे को खुली चुनौती दी। जी-7 समूह पर तीखा प्रहार किया। पुतिन ने कहा कि वर्तमान में पूरी दुनिया गहरे संरचनात्मक और व्यापक बदलावों के दौर से गुजर रही है। उन्होंने दो टूक शब्दों में स्पष्ट किया कि पश्चिमी देश निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा करने से बुरी तरह डरते हैं और इसी वजह से रूस पर मनमाने और गलत प्रतिबंध थोपे गए हैं। हालांकि इन प्रतिबंधों के बावजूद रूस न केवल आगे बढ़ा है, बल्कि ब्रिक्स देश आपसी सहयोग और मजबूत रिश्तों के दम पर वैश्विक चुनौतियों का डटकर मुकाबला कर रहे हैं।

पुतिन ने जीडीपी और वैश्विक विकास का कौन सा गणित समझाया?
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने ठोस तथ्यों का हवाला देते हुए बताया कि पिछले पांच वर्षों में दुनिया की कुल जीडीपी का 40 प्रतिशत से अधिक उत्पादन अकेले ब्रिक्स देशों ने किया है।
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इसके उलट तथाकथित जी-7 समूह का योगदान सिमटकर केवल 29 प्रतिशत रह गया है। पुतिन ने तंज कसते हुए कहा कि वे समझ नहीं पाते कि उसे जी-7 या ग्रेट-7 क्यों कहा जाता है, जबकि हकीकत इसके उलट है।
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उन्होंने विश्व अर्थव्यवस्था के विकास का आंकड़ा समझाते हुए कहा कि समान अवधि में वैश्विक आर्थिक विकास की आधी से अधिक यानी 50 प्रतिशत से ज्यादा वृद्धि ब्रिक्स देशों की वजह से हुई है, जबकि जी-7 समूह का योगदान इसमें केवल 18 प्रतिशत रहा है।
पुतिन ने इस भारी अंतर की सीधी वजह बताते हुए कहा कि ब्रिक्स देशों में दुनिया की आधी से अधिक आबादी बसती है, जिससे उनके पास बेहद गतिशील, विशाल और जीवंत घरेलू बाजार मौजूद हैं।

भारत की तकनीकी प्रगति पर क्या बोले पुतिन?
पुतिन ने भारत की तकनीकी प्रगति को विशेष रूप से रेखांकित करते हुए कहा कि भारत की आईटी कंपनियां बहुत तेज गति से आगे बढ़ रही हैं। उन्होंने बताया कि ब्रिक्स देशों के बीच आज दुनिया का करीब 40 फीसदी व्यापार संचालित होता है। राष्ट्रपति पुतिन ने कहा कि भरोसेमंद बिजनेस-टू-बिजनेस संबंध और मजबूत आर्थिक साझेदारियां ही अंतरराष्ट्रीय आर्थिक व्यवस्था की रीढ़ हैं। ये साझेदारियां दुनिया के सामने मौजूद संकटों को हल करने में मदद करती हैं। उन्होंने साफ किया कि रूस पूरी दुनिया में केवल विश्वसनीय और उम्मीदों पर पूरी तरह खरे उतरने वाले साझेदारों के साथ अपने संबंध लगातार मजबूत कर रहा है।

वो आंकड़े, जिस आधार पर पुतिन ने ब्रिक्स को बताया आगे

वैश्विक जीडीपी हिस्सेदारी
पिछले 5 वर्षों में ब्रिक्स देशों ने विश्व की 40% से अधिक जीडीपी बनाई, जबकि जी-7 का हिस्सा केवल 29% रहा।

वैश्विक विकास दर में योगदान
दुनिया की आर्थिक वृद्धि में ब्रिक्स की हिस्सेदारी 50% से अधिक रही, जबकि जी-7 केवल 18% का योगदान दे सका।

जनसंख्या और बाजार
ब्रिक्स देशों के पास दुनिया की आधी से अधिक आबादी और अत्यंत जीवंत घरेलू बाजार मौजूद हैं।

वैश्विक व्यापार
वर्तमान में विश्व का लगभग 40 प्रतिशत व्यापार ब्रिक्स देशों के बीच हो रहा है।

भारतीय आईटी की भूमिका
मंच से पुतिन ने भारत की आईटी कंपनियों की तेज विकास दर की जमकर सराहना की।
वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा और व्यापार पर पुतिन का क्या रुख?
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने जोर देकर कहा कि रूस पर्यटन, उद्योग और व्यापार के क्षेत्रों में दिलचस्प और आशाजनक पहलों के लिए पूरी तरह खुला है। उन्होंने स्पष्ट किया कि रूस अपने साझेदार देशों के साथ मिलकर वैश्विक ऊर्जा और खाद्य सुरक्षा को मजबूत करने के लिए पूरी तरह तैयार है। इसके साथ ही उन्होंने दुनिया भर में विश्वसनीय लॉजिस्टिक और परिवहन मार्ग तैयार करने पर विशेष बल दिया। पुतिन ने कहा कि रूस अपने सहयोगियों के साथ मिलकर आर्कटिक ट्रांसपोर्ट कॉरिडोर और ‘नॉर्थ-साउथ ट्रांसपोर्ट कॉरिडोर’ जैसे अहम और रणनीतिक व्यापारिक रास्तों के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान देने के लिए प्रतिबद्ध है।

पश्चिमी प्रतिबंधों और प्रतिस्पर्धा के बदसूरत रूप पर क्या बोले पुतिन?
रूस-यूक्रेन संघर्ष और पश्चिम एशिया संकट की पृष्ठभूमि के बीच राष्ट्रपति पुतिन ने अमेरिका या किसी अन्य देश का सीधा नाम लिए बिना पश्चिमी देशों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने पश्चिमी प्रतिबंधों की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि कई बार अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा बेहद बदसूरत रूप अख्तियार कर लेती है। पुतिन ने रेखांकित किया कि यह बदसूरत रूप अब केवल निजी स्तर पर नहीं, बल्कि सरकारी और राज्य स्तर पर भी साफ देखा जा रहा है। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि कभी-कभी प्रतिस्पर्धा को दबाने के लिए ऐसे उपाय अपनाए जाते हैं जो भौतिक प्रकृति के यानी सीधे नुकसान पहुंचाने वाले होते हैं।

NATIONAL : मोदी के मंच पर होंगे पुतिन व जिनपिंग, दिल्ली में दिखेगी नई विश्व व्यवस्था की तस्वीर?

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ब्रिक्स सम्मेलन में पीएम नरेंद्र मोदी, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और उनके चीनी समकक्ष शी जिनपिंग की मुलाकात पर दुनिया की नजर रहेगी। भारत रूस और चीन के साथ रणनीतिक रिश्ते रखते हुए अमेरिका से भी संतुलन बनाए रख रहा है। क्या स्थानीय मुद्राओं में व्यापार बढ़ाने के मुद्दे पर ब्रिक्स आगे बढ़ेगा?

राजधानी के भारत मंडपम में 12 व 13 सितंबर की सुनहरी धूप में दुनिया की निगाहें वैश्विक कूटनीति के एक अनूठे नजारे पर होंगी। प्रधानमंत्री मोदी, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग साथ खड़े दिखाई देंगे। यह नजारा उस बदलती वैश्विक व्यवस्था की तस्वीर पेश करेगा, जिसमें भारत, रूस और चीन के साथ अपने रणनीतिक हित साधते हुए अमेरिका के साथ रिश्तों का संतुलन भी कायम रख रहा है।

यह ब्रिक्स सम्मेलन इसलिए खास होगा क्योंकि दुनिया की नजर संगठन के एजेंडे के साथ ही इन तीनों नेताओं के बीच होने वाली बातचीत पर होगी। मंच पर इन तीनों नेताओं की मौजूदगी पश्चिम को यह संदेश देगी कि भारत बहुध्रुवीय विश्व व्यवस्था का पैरोकार है। रूस की ओर से पुतिन के आने की घोषणा हो चुकी है, जबकि जिनपिंग लगभग 400 लोगों के प्रतिनिधिमंडल के साथ भारत आने की तैयारी कर रहे हैं। हालांकि चीन की ओर से उनकी यात्रा पर आधिकारिक बयान जारी होना बाकी है।

कूटनीतिक यथार्थवाद
चीन के साथ सीमावर्ती क्षेत्रों में गतिरोध के बावजूद आर्थिक व बहुपक्षीय मंचों पर संवाद जारी रखना और अमेरिका के कड़े रुख के बावजूद रूस के साथ ऊर्जा संबंध बनाए रखना भारत का कूटनीतिक यथार्थवाद दर्शाता है।

भविष्य का ब्लूप्रिंट
ब्रिक्स 2026 का महाकुंभ इस बात का प्रमाण होने जा रहा है कि 21वीं सदी की भू-राजनीति केवल श्वेत और श्याम/ ब्लैक एंड व्हाइट नहीं रह गई है, बल्कि यह ग्रे शेड्स की दुनिया है, जहां देश अपने राष्ट्रीय हितों को साधते हुए एक साथ कई नावों में सवार हो सकते हैं। भारत ने इस सम्मेलन की मेजबानी कर यह साबित कर दिया है कि वह भविष्य की वैश्विक व्यवस्था की दिशा तय करने वाला प्रमुख ध्रुव बन गया है।

BRICS 2026: पीएम मोदी ने ब्रिक्स बिजनेस फोरम में गिनाई समूह की ताकत, बोले- भारत में हुआ अब तक का सबसे बड़ा फोरम

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ब्रिक्स बिजनेस फोरम में पीएम मोदी ने समूह की बढ़ती आर्थिक ताकत का जिक्र किया। पुतिन ने ब्रिक्स को दुनिया का ग्रोथ इंजन बताया। दिल्ली में समिट को लेकर सुरक्षा कड़ी है।

नई दिल्ली में आयोजित ब्रिक्स बिजनेस फोरम को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने समूह के बढ़ते प्रभाव और आर्थिक ताकत का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि ब्रिक्स की शुरुआत चार देशों के साथ हुई थी, लेकिन आज यह 21 देशों का परिवार बन चुका है। पीएम मोदी के मुताबिक, ब्रिक्स देश दुनिया की करीब 50 फीसदी आबादी और 40 फीसदी जीडीपी का प्रतिनिधित्व करते हैं। पीएम मोदी ने कहा कि पिछले वर्षों में दुनिया की जीडीपी करीब ढाई गुना बढ़ी है, जबकि ब्रिक्स देशों की कुल जीडीपी में करीब साढ़े चार गुना का इजाफा हुआ है। उन्होंने कहा कि इसका मतलब है कि ब्रिक्स की आर्थिक ताकत बाकी दुनिया की तुलना में लगभग दोगुनी रफ्तार से बढ़ी है।

इनोवेशन और टेक्नोलॉजी पर भी पीएम मोदी का जोर
प्रधानमंत्री ने कहा कि ब्रिक्स देश अब ग्लोबल इनोवेशन और नए समाधान तैयार करने के अहम केंद्र के तौर पर उभर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सदस्य देशों में इनोवेशन के लिए नए अवसर बन रहे हैं। इसमें जमीनी स्तर पर किए जा रहे प्रयासों से लेकर फ्रंटियर टेक्नोलॉजी तक शामिल हैं। पीएम मोदी ने ब्रिक्स के बढ़ते दायरे और उसकी तेजी का जिक्र करते हुए कहा कि समूह से जुड़ी उम्मीदें भी लगातार बढ़ रही हैं। उन्होंने कहा कि भारत में आयोजित यह फोरम अब तक का सबसे बड़ा ब्रिक्स बिजनेस फोरम है।

पुतिन बोले- ब्रिक्स दुनिया का ग्रोथ इंजन बन रहा
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने भी ब्रिक्स बिजनेस फोरम को संबोधित किया। उन्होंने दावा किया कि जीडीपी के मामले में ब्रिक्स समूह जी7 से आगे निकल चुका है। पुतिन ने कहा कि ब्रिक्स देश अब वैश्विक आर्थिक विकास के इंजन के तौर पर उभर रहे हैं।

दिल्ली में ब्रिक्स समिट को लेकर सुरक्षा के कड़े इंतजाम
दिल्ली में 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन को लेकर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। राजधानी में 13 सितंबर तक सुरक्षा के साथ-साथ ट्रैफिक व्यवस्था में भी बदलाव किए गए हैं। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन शुक्रवार सुबह दिल्ली पहुंचे हैं और उनका तीन दिवसीय भारत दौरा है। चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग भी करीब सात साल बाद भारत आने वाले हैं। ब्रिक्स शिखर सम्मेलन का आयोजन भारत मंडपम में 13 और 14 सितंबर को होना है। सुरक्षा व्यवस्था के लिए करीब 15 हजार दिल्ली पुलिसकर्मियों के साथ पैरामिलिट्री की 200 कंपनियां तैनात की गई हैं। इसके अलावा 500 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जा रही है।

NATIONAL : तो इसलिए नाराज हैं उज्जैन में बजरंगबली! नए मंदिर में जाते ही हो जाएंगे उत्तरमुखी

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उज्जैन के खड़े हनुमान मंदिर में विराजमान बजरंगबली को नए मंदिर में स्थापित करने की तैयारी हो चुकी है, लेकिन प्रतिमा अब तक अपनी जगह से नहीं हटी. नए मंदिर में हनुमान जी उत्तरमुखी हो जाएंगे, जबकि अभी उनका मुख दक्षिण दिशा में है. श्रद्धालुओं का कहना है कि शायद इसी वजह से बजरंगबली नाराज हैं और अपनी जगह छोड़ने को तैयार नहीं. भक्त प्रशासन से मंदिर यहीं रखने की मांग कर रहे हैं.

महाकाल की नगरी उज्जैन में इन दिनों का एक खड़े हनुमान जी के मंदिर की चर्चा देशभर में हो रही है. पिछले कुछ दिनों से लगातार यहां श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ती जा रही है. मंगलवार या शनिवार ही नहीं, बल्कि सामान्य दिनों में भी यहां सुबह से शाम तक लोग दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं. आजतक उस जगह पहुंचा जहां खड़े हनुमान को स्थापित करने की तैयारी है. श्रद्धालुओं ने बताया कि मौजूदा स्थान पर हनुमान जी दक्षिणमुखी हैं, जबकि टंकी चौक पर जिस नए मंदिर का ढांचा तैयार किया जा रहा है, वहां प्रतिमा की स्थापना होने पर उनका मुख उत्तर दिशा की ओर हो जाएगा. शायद यही वजह है कि हनुमान जी नाराज चल रहे हैं.

सिंहस्थ-2028 की तैयारियों के बीच उज्जैन में कई सड़कों और प्रमुख मार्गों के विस्तार का काम प्रस्तावित है. इसी क्रम में कंठाल से छत्री चौक तक सड़क चौड़ीकरण की योजना है. खड़े हनुमान जी का मंदिर इसी प्रस्तावित मार्ग में आ रहा है.


प्रशासन की योजना के मुताबिक प्रतिमा को वर्तमान स्थान से हटाकर टंकी चौक के पास नए स्थान पर स्थापित किया जाना है. इसके लिए नए मंदिर का ढांचा भी तैयार कर दिया गया है. यहां तैयारियां लगभग पूरी नजर आ रही हैं. बताया जा रहा है कि जन्माष्टमी के आसपास प्रतिमा को नए मंदिर में स्थापित करने की तैयारी थी. मंदिर को फूलों से सजाया भी गया था. लेकिन जिस प्रतिमा को नई जगह ले जाने की तैयारी थी, वह अपनी जगह से हिली ही नहीं.

श्रद्धालुओं के बीच अब सबसे ज्यादा चर्चा इसी बात की है कि नई जगह पर हनुमान जी की दिशा बदल जाएगी. मौजूदा मंदिर में प्रतिमा का मुख दक्षिण दिशा की ओर है. प्रस्तावित नए मंदिर में जिस तरह से स्थान और स्थापना की तैयारी है, उसके मुताबिक प्रतिमा का मुख उत्तर दिशा की ओर हो जाएगा. श्रद्धालुओं का एक वर्ग इसे स्वीकार करने को तैयार नहीं है. मंदिर पहुंचे लोगों का कहना है कि जब भगवान को उसी रूप और उसी दिशा में यहां पूजा जाता रहा है तो स्थान बदलने के साथ उनकी दिशा क्यों बदली जाए?

खड़े हनुमान मंदिर के स्थानीय श्रद्धालु इसे सामान्य मंदिर नहीं मानते. उनके बीच इस मंदिर को लेकर कई तरह की मान्यताएं हैं. लोगों का कहना है कि यहां हनुमान जी की पूजा करने से मनोकामनाएं पूरी होती हैं. मंदिर से मिलने वाले ताबीज और झड़नी को लेकर भी श्रद्धालुओं में अलग-अलग मान्यताएं हैं. कई लोग दावा करते हैं कि इनके इस्तेमाल से उन्हें अलग-अलग परेशानियों और बीमारियों में राहत मिली. गुरुवार को भी मंदिर के आसपास श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी रही. कोई हाथ जोड़कर खड़ा था तो कोई हनुमान चालीसा का पाठ कर रहा था. कई लोग मोबाइल से मंदिर की तस्वीरें और वीडियो बना रहे थे. स्थानीय लोगों के मुताबिक पिछले कुछ दिनों में यहां आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या तेजी से बढ़ी है.

खड़े हनुमान मंदिर को लेकर सोशल मीडिया पर लगातार वीडियो और रील सामने आ रही हैं. कोई प्रतिमा के न हटने को भगवान का चमत्कार बता रहा है तो कोई इसे प्रशासनिक व्यवस्था से जोड़कर देख रहा है. इन वीडियो के बाद ऐसे श्रद्धालु भी यहां पहुंच रहे हैं जो पहले इस मंदिर के बारे में नहीं जानते थे. प्रशासन को भी बढ़ती भीड़ को देखते हुए यहां बैरिकेडिंग करनी पड़ी है.

गुरुवार को ‘आजतक’ ने मंदिर परिसर में मंदिर चौपाल लगाई और स्थानीय लोगों के साथ-साथ बाहर से आए श्रद्धालुओं से बातचीत की. अधिकांश श्रद्धालुओं की राय यही थी कि मंदिर को इसी स्थान पर रहने दिया जाना चाहिए. लोगों का कहना था कि शहर के विकास के लिए कई मंदिरों को पहले भी स्थानांतरित किया जा चुका है. बताया गया कि अब तक 60 से ज्यादा मंदिरों को अलग-अलग विकास कार्यों के चलते स्थानांतरित किया गया है. श्रद्धालुओं का कहना था कि अगर एक मंदिर को उसकी मौजूदा जगह पर छोड़ दिया जाए तो इससे शहर का विकास रुकने वाला नहीं है. उनका कहना था कि सड़क चौड़ीकरण और सिंहस्थ की तैयारियां जरूरी हैं, लेकिन प्रशासन को जनभावनाओं का भी ध्यान रखना चाहिए. एक श्रद्धालु ने कहा कि यहां लाखों लोगों की श्रद्धा जुड़ी है. ऐसे में अगर भगवान के स्थान या स्वरूप को लेकर कोई बदलाव होता है तो लोगों की भावनाएं आहत हो सकती हैं.

मंदिर के पुजारी महेश बैरागी का कहना है कि पूरे मामले को जिस तरह आगे बढ़ाया गया, उससे स्थिति जटिल हुई है. उन्होंने बताया कि मंदिर को स्थानांतरित करने को लेकर प्रशासनिक अधिकारियों से सशर्त बातचीत भी हुई थी. उनका कहना है कि अगर पहले सभी पक्षों से सहमति बनाकर और धार्मिक परंपराओं का ध्यान रखते हुए काम किया जाता तो विवाद की स्थिति पैदा नहीं होती. पुजारी के मुताबिक सोशल मीडिया पर मंदिर को लेकर चर्चा बढ़ने के बाद देशभर से श्रद्धालु आने लगे हैं. जो लोग महाकाल के दर्शन के लिए उज्जैन पहुंच रहे हैं, उनमें से भी बड़ी संख्या अब खड़े हनुमान जी के दर्शन के लिए मंदिर आ रही है. उनका कहना है कि पिछले चार दिनों में भीड़ लगातार बढ़ी है.

इस पूरे मामले में अब प्रशासन तकनीकी रास्ता भी तलाश रहा है. पुजारी महेश बैरागी के मुताबिक प्रशासन की ओर से आईआईटी के जरिए मंदिर और प्रतिमा की स्कैनिंग कराए जाने की तैयारी है. इसका मकसद यह पता लगाना है कि प्रतिमा और उसके आसपास की संरचना की वास्तविक स्थिति क्या है और उसे बिना नुकसान पहुंचाए स्थानांतरित करने की कोई संभावना है या नहीं. दूसरी तरफ जिला प्रशासन का कहना है कि सोशल मीडिया पर इस मामले को लेकर कई तरह की भ्रामक बातें चल रही हैं. प्रशासन का स्पष्ट कहना है कि अब तक प्रतिमा को हटाने के लिए किसी मशीन या बल का इस्तेमाल नहीं किया गया है.

NATIONAL : लेडी शराब तस्कर नेहा के ‘किलर लुक’ ने मचाई थी सनसनी, अब बेल पर टिकी नजर; जीजा ईशान संग कोर्ट में अर्जी

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समस्तीपुर में 75 लीटर शराब के साथ गिरफ्तार हुई मॉडल लुक वाली नेहा झा और उसके जीजा ईशान की जमानत अर्जी कोर्ट में दाखिल हो गई है. दोनों फिलहाल जेल में हैं. सोशल मीडिया पर नेहा के जेल से बाहर आने की कई पोस्ट वायरल हो रही हैं, लेकिन अभी उसे बेल नहीं मिली है. दोनों की जमानत अर्जी पर 19 सितंबर को विशेष उत्पाद न्यायालय-2 में सुनवाई होगी.

शराब तस्करी के मामले में जेल में बंद मॉडल लुक वाली शराब तस्कर नेहा झा और उसके जीजा ईशान ने जमानत के लिए कोर्ट में अर्जी दाखिल की है. दोनों की बेल अर्जी पर 19 सितंबर को समस्तीपुर के विशेष उत्पाद न्यायालय-2 में सुनवाई होगी. फिलहाल दोनों जेल में हैं.

मामला 4 सितंबर का है. 12562 स्वतंत्रता सेनानी एक्सप्रेस के एसी फर्स्ट कोच में आरपीएफ और सीआईबी की टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी की थी. कार्रवाई के दौरान नेहा झा और उसके जीजा ईशान को 75 लीटर शराब के साथ गिरफ्तार किया गया था. गिरफ्तारी के बाद दोनों के खिलाफ संबंधित धाराओं में कार्रवाई की गई और उन्हें जेल भेज दिया गया. गिरफ्तारी के बाद कार्रवाई का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ. वीडियो में आरपीएफ की टीम ट्रेन में जांच करती दिखाई दे रही थी. इसी दौरान नेहा के व्यवहार और उसके चेहरे के हावभाव को लेकर सोशल मीडिया पर काफी चर्चा शुरू हो गई. कुछ लोगों ने उसके वीडियो और तस्वीरों पर मीम्स बनाए. इसके बाद नेहा से जुड़ी कई पोस्ट सोशल मीडिया पर तेजी से शेयर होने लगीं. इसी दौरान नेहा के जेल से बाहर आने को लेकर भी कई पोस्ट और वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आए. हालांकि, नेहा अभी जेल से बाहर नहीं आई है.

नेहा के मामले में सोशल मीडिया पर कई ऐसी पोस्ट भी शेयर की गईं, जिनकी पुष्टि नहीं हुई है. इनमें कुछ तस्वीरें और वीडियो AI की मदद से तैयार किए जाने की बात सामने आई है. वर्तमान स्थिति यह है कि नेहा और ईशान दोनों जेल में हैं और दोनों ने अपने अधिवक्ता के जरिए जमानत के लिए कोर्ट में आवेदन किया है. नेहा और ईशान की बेल अर्जी पर 19 सितंबर को विशेष उत्पाद न्यायालय-2 में सुनवाई निर्धारित की गई है. सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से भी अपना पक्ष रखा जाएगा. इसके बाद अदालत मामले में उपलब्ध साक्ष्यों और अन्य परिस्थितियों के आधार पर जमानत अर्जी पर फैसला करेगी.

उधर, शराब तस्करी के इस मामले में जांच भी जारी है. एसआईटी टीम कथित शराब तस्करी के नेटवर्क की जानकारी जुटा रही है. जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि शराब कहां से लाई गई थी, इसे कहां ले जाया जा रहा था और इस पूरे मामले में और कौन-कौन लोग शामिल हैं. पुलिस सूत्रों के मुताबिक, जांच अभी जारी है और फिलहाल किसी अंतिम निष्कर्ष पर नहीं पहुंची है.

नेहा की गिरफ्तारी के बाद सोशल मीडिया पर लगातार अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं. लेकिन आधिकारिक तौर पर अभी उसकी जमानत नहीं हुई है. नेहा और ईशान ने बेल अर्जी दाखिल की है और 19 सितंबर को कोर्ट में इसकी सुनवाई होगी. सुनवाई के बाद ही स्पष्ट होगा कि दोनों को जमानत मिलती है या उन्हें जेल में ही रहना होगा.

WORLD : BRICS रवाना होते ही ईरान ने ट्रंप को चिढ़ाया, भारत की तारीफ कर बोला- ‘डॉलर पर…’

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ईरान के राष्ट्रपति पेजेशकियान ब्रिक्स सम्मेलन में शामिल होने के लिए भारत के लिए रवाना हो गए हैं. उन्होंने भारत आने से पहले ट्रंप को अपने बयान से चिढ़ाया है.

राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिए शुक्रवार को तेहरान से नई दिल्ली के लिए रवाना हुए. उन्होंने कहा कि इस समूह में एकतरफापन का मुकाबला करने और आर्थिक, व्यापारिक, औद्योगिक और वैज्ञानिक सहयोग को बढ़ाने की क्षमता है. उन्होंने कहा कि ब्रिक्स (BRICS) सदस्य देशों में दुनिया की 45 प्रतिशत से ज़्यादा आबादी और लगभग 35 प्रतिशत जमीन का हिस्सा है, और इन देशों में कई क्षेत्रों में बड़ी क्षमता है.

”एकतरफा रवैये का मुकाबला करना”

पेजेश्कियान ने कहा, “ब्रिक्स का मुख्य मकसद एकतरफा रवैये का मुकाबला करना है, और कोशिशें इस बात पर केंद्रित हैं कि देश अपनी आजादी बनाए रखते हुए अपने आर्थिक और व्यापारिक संबंध विकसित कर सकें.” इस साल के शिखर सम्मेलन का नारा एकजुटता, स्थिरता, प्रतिरोध और इनोवेशन पर आधारित है.

ट्रंप पर साधा निशाना

फाइनेंस के मामले में, पेजेश्कियान ने सदस्यों के बीच जॉइंट इन्वेस्टमेंट और गतिविधियों को आसान बनाने के लिए ब्रिक्स बैंक बनाने का जिक्र किया और आर्थिक लेन-देन में डॉलर पर निर्भरता कम करने की अहमियत पर जोर दिया. उन्होंने कहा, “कोशिश यह है कि देश डॉलर पर निर्भर हुए बिना आर्थिक और क्षेत्रीय रूप से विकास करें, और एकतरफा फैसलों और बड़ी ताकतों की हद से ज़्यादा मांगों का विरोध करें.”

उन्होंने कहा कि समिट में चीन, रूस, ब्राजील, भारत और दूसरे क्षेत्रीय देशों की मौजूदगी से द्विपक्षीय और बहुपक्षीय सहयोग और बातचीत को बढ़ाने की अच्छी गुंजाइश बनती है. उन्होंने ईरान और भारत के पुराने रिश्तों, साझा सांस्कृतिक विरासत और सांस्कृतिक, आर्थिक व सामाजिक क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की काफी क्षमता का भी जिक्र किया.

जब उनसे पूछा गया कि एकतरफा रवैये के खिलाफ ब्रिक्स कितना असरदार हो सकता है, तो पेजेश्कियान ने कहा कि ”इस गुट का गठन इसी मकसद से किया गया था. उन्होंने कहा कि ग्लोबल इकॉनमी बहुत जटिल है और हाल के सालों में कुछ ताक़तों ने अंतरराष्ट्रीय संबंधों पर जो दबदबा बनाया है, उससे निपटने के लिए नए तरीकों की जरूरत है. उन्होंने कहा, “सदस्य देशों के बीच इनोवेशन और सहयोग बढ़ाने से ब्रिक्स को मजबूत करने और अंतरराष्ट्रीय सिस्टम में एकतरफा रवैये को कम करने में मदद मिल सकती है.”

NATIONAL : जयपुर में पत्नी और तीन बेटियों की हत्या से सनसनी! फरार पति पर शक

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जयपुर में 4 महिलाओं के कत्ल की खबर से इलाके में सनसनी फैल गई है. इस वारदात को अंजाम देकर परिवार का मुखिया पति फरार है. फिलहाल पुलिस उसकी तलाश में जुट गई है.

राजस्थान की राजधानी जयपुर में शुक्रवार (11 सितंबर) को हुई एक सनसनीखेज वारदात में एक ही परिवार की चार महिलाओं को बेरहमी से कत्ल कर दिया गया. चारों को उनके ही घर में सीमेंट की ईंट से सिर पर वार कर मौत के घाट उतारा गया. मरने वालों में ब्यूटी पार्लर चलाने वाली गीता देवी नाम की 45 साल की महिला और उसकी तीन बेटियां शामिल है.

वारदात के बाद से महिला का पति राहुल झा फरार है. आशंका जताई जा रही है कि राहुल ने ही पत्नी और तीन बेटियों का कत्ल कर उन्हें मौत के घाट उतारा हैं. पूरे परिवार को मौत के घाट उतारे जाने की वजह अभी तक साफ नहीं हो सकी है. इस सनसनीखेज वारदात में एक एंगल यह भी सामने आया है कि परिवार का मुखिया राहुल झा को शेयर मार्केट में काफी नुकसान हुआ था. उसने तमाम लोगों से कर्ज भी ले रखा था.

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मामले पर जयपुर पुलिस ने क्या कहा?
जयपुर पुलिस का कहना है कि वह इस मामले में पारिवारिक विवाद और आर्थिक नुकसान समेत तमाम एंगल पर छानबीन कर रही है. जयपुर में शहर से करीब 25 किलोमीटर दूर करधनी इलाके की गोविंद वाटिका कॉलोनी में आज सुबह करीब 10:30 बजे उस वक्त हड़कंप मच गया, जब एक ही परिवार के चार लोगों के कत्ल की सूचना पर पुलिस और एफएसएल की टीमें टाइल्स का कारोबार करने वाले राहुल झा के घर पहुंची.

राहुल की पत्नी 45 साल की गीता देवी का शव घर की दूसरी मंजिल पर खून से लथपथ पड़ा हुआ था, जबकि 21 साल की सबसे बड़ी बेटी नंदिनी, मझली बेटी 18 साल की राधिका और 15 साल की गौरी पहली मंजिल के बेडरूम में मौत की नींद सोई हुई थी. परिवार में मुखिया राहुल झा, पत्नी और तीन बेटियों के साथ ही राहुल के बुजुर्ग पिता लक्ष्मीकांत झा भी रहते थे.

आरोपी के पिता ने किया ये खुलासा
पिता लक्ष्मीकांत के मुताबिक राहुल ने सुबह 8:00 बजे के करीब उन्हें चाय बना कर दी. इससे पहले सुबह 7:00 उसने दूध वाले से दूध भी लिया था. उन्हें हत्या की जानकारी राहुल के जाने के बाद बच्चों के कमरे में दाखिल होने पर हुई. ऐसे में अनुमान यह लगाया जा रहा है कि चारों की हत्या सुबह 8:00 बजे के करीब ही की गई है.

वारदात के बाद से घर का मुखिया राहुल झा फरार है. उसका मोबाइल फोन भी बंद है. मोबाइल घर से ही बंद होने की वजह से उसकी लोकेशन भी ट्रेस नहीं हो पा रही है. पुलिस फिलहाल यही मानकर चल रही है कि राहुल ने ही किसी वजह से पत्नी गीता देवी और तीनों बेटियों के सिर पर सीमेंट की ईंट से वार कर उन्हें मौत के घाट उतारा है. हालांकि पारिवारिक विवाद, पति पत्नी के रिश्तों के साथ ही आर्थिक तंगी, कर्ज और कारोबारी नुकसान जैसे एंगल पर भी पड़ताल की जा रही है.

‘पति-पत्नी के आपस में अच्छे थे रिश्ते’
करीबी रिश्तेदारों और पड़ोसियों के मुताबिक पति-पत्नी के रिश्ते बहुत अच्छे थे. इनमें आपस में कभी विवाद नहीं होता था. पूरा परिवार बेहद मिलनसार था. राहुल झा भी धार्मिक किस्म का व्यक्ति था. वह रोज सुबह पड़ोस के मंदिर जाता था. रिश्तेदारों और पड़ोसियों को यकीन नहीं हो रहा है कि राहुल इतना बेरहम हो सकता है कि वह पूरे परिवार को मौत के घाट उतार सकता है.

यही वजह है कि परिवार और पड़ोस के लोग पूरे मामले का पारदर्शी तरीके से खुलासा किए जाने और दोषी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं. उनका कहना है कि अगर राहुल ने पूरे परिवार को मौत के घाट उतारा है तो उसे भी सजा मिलनी ही चाहिए.

पड़ोसी महिला से 3 दिन पहले उधार लिए थे पैसे
जानकारी के मुताबिक राहुल झा टाइल्स सप्लाई करने का काम करता था. लेकिन कोई शोरूम या दुकान नहीं होने की वजह से उसका काम ज्यादा नहीं चलता था. कुछ साल पहले उसने शेयर बाजार में निवेश शुरू कर दिया था. वह देर रात तक छत पर मोबाइल पर काम करता रहता था. राहुल ने पड़ोस की एक महिला से तीन दिन पहले 25 हजार रुपए उधार भी लिए थे और उसे दो महीने में वापस करने को कहा था.

बहरहाल घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस कमिश्नर सचिन मित्तल समेत दूसरे अधिकारी मौके पर पहुंचे. पुलिस का कहना है कि उनका शक फिलहाल परिवार के मुखिया राहुल झा पर ही जा रहा हैं. लेकिन वजह अभी तक साफ नहीं हो सकी है. हर एंगल पर छानबीन की जा रही है. राहुल के सामने आने पर ही गुत्थी सुलझ सकती है.

पुलिस ने चारों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है. इस मामले में शक यह भी है कि सभी मृतकों को पहले खाने में कुछ मिलाकर उन्हें बेहोश कर दिया गया था. यही वजह है कि उनकी चीख ना तो परिवार के बुजुर्ग लक्ष्मीकांत सुन सके और ना ही पड़ोस के कोई लोग. पुलिस का कहना है कि इस मामले की भी पड़ताल की जा रही है.

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BUSINESS : Zepto Blinkit से घर का राशन मंगाते हैं? इस नए कार्ड से हर महीने बचेंगे 1000

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अगर आप भी Blinkit, Zepto जैसे प्लेटफॉर्म से हर महीने राशन मंगाते हैं, तो यह खबर आपके काम की है. Federal Bank और Paisabazaar के नए क्रेडिट कार्ड पर चुनिंदा ग्रॉसरी खरीदारी पर 7.5% तक कैशबैक मिलेगा.

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अगर आप हर महीने घर का राशन ऑनलाइन मंगाते हैं और इसके लिए Blinkit, Zepto या दूसरे क्विक-कॉमर्स जैसे प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करते हैं, तो अब आपके लिए एक नया क्रेडिट कार्ड काम की है. Federal Bank और Paisabazaar ने एक ऐसा क्रेडिट कार्ड लॉन्च किया है, जिसमें चुनिंदा किराने की खरीदारी पर 7.5% तक कैशबैक दिया जा रहा है.

Paisabazaar Paisaback Credit Card नाम से लॉन्च यह कार्ड RuPay नेटवर्क पर उपलब्ध है. इस कार्ड की सबसे खास बात यह है कि इसका फायदा सिर्फ ऑनलाइन ग्रॉसरी ऑर्डर तक ही सीमित नहीं है, बल्कि दूसरे खर्चों पर भी कैशबैक का फायदा मिलता है.

किराने के सामान पर मिलेगा 7.5% कैशबैक

इस कार्ड का सबसे बड़ा फायदा रोजमर्रा की ग्रॉसरी खरीदारी पर मिलने वाला कैशबैक है. इस कार्ड से ऑनलाइन या ऑफलाइन योग्य ट्रांजैक्शन पर 7.5% कैशबैक मिल सकता है. कैशबैक के लिए शामिल कुछ चुनिंदा प्लेटफॉर्म और स्टोर हैं.

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ब्लिंकइट (Blinkit)

ज़ेप्टो (Zepto)
स्विगी इंस्टामार्ट (Swiggy Instamart)
बिगबास्केट (BigBasket)
डीमार्ट (DMart)
रिलायंस फ्रेश (Reliance Fresh)
स्टार बाजार (Star Bazaar)
प्रकृति की टोकरी (Nature’s Basket)
हालांकि, इस किराने की खरीदारी पर अधिकतम 1,000 रुपये प्रति महीने तक कैशबैक मिल सकता है. यानी 7.5% कैशबैक की दर होने के बावजूद आप हर महीने इससे ज्यादा कैशबैक नहीं कमा पाएंगे.

सिर्फ ग्रॉसरी ही नहीं, इन खर्चों पर भी मिलेगा फायदा

योग्य POS और ई-कॉमर्स ट्रांजैक्शन पर 1% कैशबैक मिल सकता है.
2,000 रुपये से अधिक के कुछ योग्य UPI ट्रांजैक्शन पर 0.5% कैशबैक दिया जाता है.
UPI कैशबैक में ग्रॉसरी, फ्यूल और ट्रैवल जैसी कुछ कैटेगरी शामिल नहीं हैं.
हर बिलिंग साइकिल में 100 रुपये तक के फ्यूल सरचार्ज की छूट मिल सकती है.
कैशबैक ग्राहक के खाते में Cash Points के रूप में जमा होगा.
कार्ड लेने पर कितना लगेगा चार्ज?

Paisabazaar Paisaback Credit Card के लिए जॉइनिंग फीस और सालाना फीस दोनों 500-500 रुपये हैं. हालांकि, अगर आप एक साल में कम से कम 1.5 लाख रुपये या उससे ज्यादा खर्च करता है, तो ऐसे में आपका सालाना फीस माफ की जा सकती है.

सबसे जारूरी बात यह कि कार्ड लेने से पहले यह जरूर ध्यान दें कि आपका सालाना खर्च इस सीमा तक पहुंचता है या नहीं और उस खर्च में कौन-कौन से ट्रांजैक्शन गिने जाएंगे.

उदहराण के तौर पर अगर आप हर महीने करीब 10,000 रुपये की योग्य किराना खरीदते हैं, तो 7.5% कैशबैक की दर के हिसाब से आपको करीब 750 रुपये का कैशबैक मिल सकता है. वहीं, अगर आप 13,333 रुपये की योग्य खरीदारी करते हैं तो इसपर 1,000 रुपये की अधिकतम मासिक कैशबैक सीमा पूरी हो सकती है.

SPORTS : प्रैक्टिस के बाद अभिषेक ने उड़ाई तिरंगे वाली पतंग, दुबे ने भी अजमाया हाथ

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अफगानिस्तान के खिलाफ टी20 सीरीज से पहले अभिषेक शर्मा ने दिल्ली में जमकर बल्लेबाजी अभ्यास किया. प्रैक्टिस के बाद वह तिरंगे वाली पतंग उड़ाते नजर आए, जिससे उनका अलग और हल्का-फुल्का अंदाज देखने को मिला.

अफगानिस्तान के खिलाफ टी20 सीरीज से पहले भारतीय टीम ने गुरुवार को दिल्ली में जमकर अभ्यास किया. तेज धूप के बीच टीम इंडिया के विस्फोटक बल्लेबाज अभिषेक शर्मा ने नेट्स में करीब आधे घंटे तक बल्लेबाजी की. हालांकि, प्रैक्टिस सेशन खत्म होने के बाद अभिषेक का एक अलग ही अंदाज देखने को मिला. बल्ला छोड़ने के बाद वह हाथ में डोर थामकर तिरंगे वाली पतंग उड़ाते नजर आए. इसका वीडियो BCCI ने शेयर किया. आधे घंटे तक अभिषेक ने रेंज हिटिंग की.

अरुण जेटली क्रिकेट स्टेडियम में हुए प्रैक्टिस सेशन के दौरान अभिषेक शर्मा ने अपनी पावर-हिटिंग पर खास ध्यान दिया. उन्होंने करीब आधे घंटे तक बल्लेबाजी का अभ्यास किया और इस दौरान स्पिन और तेज गेंदबाजी दोनों के खिलाफ खुद को परखा. अभिषेक का खास फोकस रेंज हिटिंग पर रहा. उन्होंने नेट्स में स्पिनर्स के खिलाफ कई लंबे-लंबे छक्के लगाए. इसके अलावा तेज गेंदबाजों के सामने भी उन्होंने आक्रामक शॉट खेलने का जमकर अभ्यास किया.

टीम इंडिया का प्रैक्टिस सेशन खत्म होने के बाद मैदान पर दिलचस्प नजारा देखने को मिला. अभिषेक शर्मा मैदान के एक किनारे गए और वहां पतंग उड़ाने लगे. उनके साथ शिवम दुबे भी नजर आए. खास बात यह रही कि अभिषेक जिस पतंग को उड़ा रहे थे, वह तिरंगे के रंग में थी. अभिषेक ने करीब 10 से 15 मिनट तक पतंगबाजी का लुत्फ उठाया. इस दौरान वह काफी सहज नजर आए. अभिषेक को यह पतंग कहां से मिली, इसकी जानकारी सामने नहीं आई है.

जिस अंदाज में अभिषेक शर्मा पतंग की डोर संभाल रहे थे, उसे देखकर ऐसा लग रहा था कि पतंगबाजी उनके लिए बिल्कुल नई चीज नहीं है. वह काफी सहजता के साथ पतंग को हवा में नियंत्रित करते नजर आए. उनके अंदाज से यह भी लगा कि उन्हें पतंग उड़ाना पसंद है और वह पहले भी पतंगबाजी करते रहे होंगे. नेट्स में लंबे-लंबे छक्के लगाने के बाद अभिषेक का यह हल्का-फुल्का अंदाज प्रैक्टिस सेशन का दिलचस्प पल रहा. पहले उन्होंने बल्ले से गेंदों को हवा में उड़ाया और अभ्यास खत्म होने के बाद दिल्ली के आसमान में तिरंगे वाली पतंग उड़ाते दिखाई दिए.

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