Friday, May 1, 2026
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NATIONAL : ‘सीमापार आतंकवाद पर दोहरा मापदंड बर्दाश्त नहीं’, राजनाथ सिंह ने चीन के सामने पाकिस्तान को जमकर लताड़ा

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पश्चिम एशिया संकट के बीच शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) देशों के रक्षा मंत्रियों की बैठक में पाकिस्तान आतंकवाद को पनाह देने को लेकर भारत के निशाने पर रहा। रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने आतंकी समूहों को पाकिस्तान की ओर से दिए जाने वाले समर्थन की ओर स्पष्ट इशारा करते हुए कहा कि एससीओ को राष्ट्र की संप्रभुता पर हमला करने वाले सरकार-प्रायोजित सीमा पार आतंकवाद को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए क्योंकि इस पर दोहरे मापदंड के लिए कोई जगह नहीं है।

ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र करते हुए रक्षामंत्री ने कहा कि इस आपरेशन ने भारत के इस दृढसंकल्प को प्रदर्शित किया है कि आतंकवाद के पनाहगार अब न्यायसंगत दंड से अछूते नहीं रहेंगे। किर्गिस्तान के बिश्केक में मंगलवार को एससीओ रक्षा मंत्रियों की बैठक को संबोधित करते राजनाथ सिंह ने कहा कि आतंकवादियों को उकसाने, आश्रय देने और सुरक्षित ठिकाने मुहैया कराने वालों के खिलाफ उचित कार्रवाई करने में संगठन को हिचकिचाना नहीं चाहिए।

साथ ही कहा कि आतंकवाद, अलगाववाद और उग्रवाद से बिना किसी अपवाद के निपटकर हम क्षेत्रीय सुरक्षा को एक चुनौती से शांति और समृद्धि की आधारशिला में बदल सकते हैं। आतंकवाद विरोधी उपायों को सर्वोपरि बताते हुए रक्षामंत्री ने कहा कि संगठन आतंकवाद के खिलाफ इस खतरे से लड़ने के लिए ऐसे कृत्यों और विचारधाराओं की निंदा करता है। पिछले वर्ष के तियानजिन घोषणापत्र का जिक्र किया जिसमें आतंकवाद के खिलाफ भारत का दृढ और सामूहिक रुख स्पष्ट हुआ था।

उन्होंने इसे आतंकवाद और इसके अपराधियों के प्रति भारत के जीरो टालरेंस दृष्टिकोण का प्रमाण बताते हुए कहा कि सामूहिक विश्वसनीयता की असली कसौटी निरंतरता में निहित है। हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि आतंकवाद की कोई राष्ट्रीयता या विचारधारा नहीं होती।

एससीओ की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण: राजनाथ
राष्ट्रों को आतंकवाद के खिलाफ दृश और सामूहिक रुख अपनाना चाहिए। वर्तमान वैश्विक अनिश्चितताओं को देखते हुए एससीओ की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए रक्षामंत्री ने कहा कि आज वैश्विक दृष्टि खंडित होती दिख रही तो देश खुद को तेजी से अपने में समेटते जा रहे हैं। इस संदर्भ में सवाल उठाते हुए कहा कि क्या हमें एक नई विश्व व्यवस्था की आवश्यकता है या एक अधिक व्यवस्थित दुनिया की।

हमें एक ऐसी व्यवस्था चाहिए, जहां मतभेद विवाद न बनें और विवाद आपदाओं का कारण न बनें। क्षेत्रीय और वैश्विक शांति एवं स्थिरता सुनिश्चित में एससीओ की जिम्मेदारी की चर्चा करते हुए राजनाथ ने कहा कि हमें संवाद और कूटनीति का मार्ग अपनाना चाहिए न कि बल प्रयोग का। यह हिंसा और युद्ध का युग नहीं, बल्कि शांति और समृद्धि का युग बनाना चाहिए। रक्षामंत्री ने इस दौरान राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के इस संदेश ‘आंख के बदले आंख’ सबको अंधा कर देती है की याद दिलाते हुए कहा कि रक्षा एवं सुरक्षा के लिए जिम्मेदार होने के नाते, भाईचारे और सद्भाव की भावना को बनाए रखना हमारा कर्तव्य है।

रक्षामंत्री ने एससीओ के कार्यक्रम कार्यान्वयन में रचनात्मक योगदान देने के लिए भारत की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए कहा कि समानता, पारस्परिक सम्मान और गहरी समझ पर आधारित सहयोग तथा आपसी विश्वास इस संगठन को आशा और शांति का प्रतीक बना सकता है। रक्षा मंत्री ने बैठक में सदस्य देशों के साथ मिलकर क्षेत्र को प्रभावित करने वाले सुरक्षा, आतंकवाद और कट्टरपंथ से संबंधित पहलुओं तथा वैश्विक शांति तथा स्थिरता पर इसके व्यापक प्रभावों को लेकर चर्चा की।

NATIONAL : महंगे ATF के कारण फ्लाइट ऑपरेशन मुश्किल… विमानन कंपनियों ने सरकार को लिखी चिट्ठी

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महंगे ATF और बढ़ती लागत से एयरलाइंस संकट में हैं. एयर इंडिया, इंडिगो और स्पाइसजेट ने सरकार से राहत और टैक्स में कटौती की मांग की है, चेतावनी दी कि हालात नहीं सुधरे तो उड़ानें प्रभावित हो सकती हैं.देश की प्रमुख एयरलाइंस एयर इंडिया, इंडिगो और स्पाइसजेट ने सरकार को चेतावनी दी है कि मौजूदा हालात में एयरलाइन इंडस्ट्री बेहद दबाव में है और ऑपरेशन बंद करने की कगार पर पहुंच सकती है. कंपनियों ने एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) की कीमतों में राहत और वित्तीय मदद की मांग की है.

पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और युद्ध के चलते कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल आया है. इसके साथ ही कई देशों के एयरस्पेस में पाबंदियों के कारण उड़ानों के रूट लंबे हो गए हैं, जिससे एयरलाइंस का खर्च और बढ़ गया है. खासकर लंबी दूरी की अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर इसका ज्यादा असर पड़ा है.एयरलाइंस के कुल ऑपरेशन खर्च में ATF का हिस्सा करीब 40% तक होता है, इसलिए इसकी कीमत बढ़ते ही कंपनियों की लागत तेजी से बढ़ जाती है.

एयरलाइंस की संस्था भारतीय एयरलाइंस महासंघ (FIA) ने नागरिक उड्डयन मंत्रालय को पत्र लिखकर कई अहम मांगें रखी हैं. इसमें घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए एक समान फ्यूल प्राइसिंग सिस्टम लागू करने की मांग शामिल है, जैसा पहले क्रैक बैंड मैकेनिज्म में किया गया था.इसके अलावा, एयरलाइंस ने ATF पर लगने वाली 11% एक्साइज ड्यूटी को अस्थायी तौर पर हटाने की भी अपील की है, ताकि मौजूदा संकट से उबरने में मदद मिल सके.

हाल ही में सरकार ने घरेलू उड़ानों के लिए ATF की कीमत में बढ़ोतरी को 15 रुपए प्रति लीटर तक सीमित रखा था, लेकिन अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए यह बढ़ोतरी 73 रुपए प्रति लीटर तक पहुंच गई. एयरलाइंस का कहना है कि इससे अंतरराष्ट्रीय ऑपरेशन लगभग घाटे का सौदा बन गया है.FIA के मुताबिक, अगर ATF की कीमतों में इस तरह का अंतर बना रहा, तो कंपनियों को भारी नुकसान होगा और कई विमानों को ग्राउंड करना पड़ सकता है, जिससे फ्लाइट कैंसिलेशन भी बढ़ेंगे.

एयरलाइंस ने जेट फ्यूल पर लगने वाले भारी टैक्स को भी समस्या बताया है. FIA के अनुसार, दिल्ली में ATF पर 25% VAT लगता है, जबकि तमिलनाडु में यह 29% तक है. मुंबई, बेंगलुरु, हैदराबाद और कोलकाता जैसे बड़े शहरों में यह 16% से 20% के बीच है.ये छह बड़े शहर देश की कुल एयरलाइन ऑपरेशंस का आधे से ज्यादा हिस्सा संभालते हैं, इसलिए टैक्स का असर पूरे सेक्टर पर पड़ता है.

एयरलाइंस ने सरकार से तुरंत हस्तक्षेप की मांग की है, ताकि फ्यूल प्राइसिंग को संतुलित किया जा सके और इंडस्ट्री को राहत मिल सके. कंपनियों का कहना है कि अगर जल्द कदम नहीं उठाए गए, तो एयरलाइन नेटवर्क अस्थिर हो सकता है और सेवाएं प्रभावित होंगी. महंगे ATF, बढ़ते टैक्स और वैश्विक तनाव ने भारतीय एविएशन सेक्टर को मुश्किल दौर में ला खड़ा किया है. अब नजर सरकार के फैसलों पर है, जो तय करेंगे कि इंडस्ट्री को राहत मिलती है या संकट और गहराता है.

NATIONAL : काशी में पीएम मोदी ने दी 6350 करोड़ की सौगात, बोले- मैं नारी शक्ति का आशीर्वाद लेने आया, दिलाकर रहूंगा आरक्षण का हक

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अपने वाराणसी दौरे के दौरान पीएम मोदी ने नारी शक्ति वंदन सम्मेलन को संबोधित किया। इस दौरान वे विपक्षियों पर जमकर बरसे। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि सपा और कांग्रेस जैसे दलों की वजह से हमारा यह प्रयास संसद में सफल नहीं हो पाया लेकिन मैं आप सभी बहनों को फिर से भरोसा देता हूं कि आपके आरक्षण का हक लागू हो,इसमें कोई कोर कसर बाकी नहीं छोडूंगा।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वाराणसी में अपने दो दिवसीय दौरे के दौरान करीब 6300 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं की सौगात दी। साथ ही उन्होंने दो नई अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनों (बनारस-पुणे (हडपसर) और अयोध्या-मुंबई (लोकमान्य तिलक टर्मिनस)) को हरी झंडी दिखाई। इस दौरान वे नारी शक्ति वंदन कार्यक्रम में भी शामिल हुए। यहां अपने संबोधन के दौरान पीएम मोदी ने कहा कि मैं यहां नारी शक्ति का आशीर्वाद लेने आया हूं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि हमारी काशी माता श्रृंगार गौरी, माता अन्नपूर्णा, माता विशालाक्षी, माता संकठा और मां गंगा, ऐसी दिव्य शक्तियों की भूमि है। ऐसे में आप सभी बहन-बेटियों के इस समागम ने इस अवसर को बहुत दिव्य बना दिया है। हम काशी की भूमि पर आप सब मां-बहनों को प्रणाम करते हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि आज का अवसर नारी शक्ति वंदन और विकास का उत्सव है। कुछ ही समय पहले, यहां आधारशिला रखी गई और हजारों करोड़ रुपये की परियोजनाओं का उद्घाटन किया गया। इनमें काशी में सभी प्रकार के विकास से संबंधित परियोजनाएं शामिल हैं। काशी और अयोध्या के बीच संपर्क को बेहतर बनाने के लिए भी काम चल रहा है। कुछ समय पहले, दो अमृत भारत ट्रेनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। एक काशी से पुणे और दूसरी अयोध्या से मुंबई। ये दोनों अमृत भारत ट्रेनें उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र के बीच संपर्क को और बेहतर बनाएंगी। अब मुंबई, पुणे और पूरे महाराष्ट्र के लोगों के पास अयोध्या धाम और काशी विश्वनाथ धाम पहुंचने का एक और आधुनिक विकल्प है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत को विकसित बनाने का मिशन अनवरत चल रहा है और जब मैं विकसित भारत की बात करता हूं,तो उसका सबसे मजबूत स्तंभ भारत की नारी शक्ति है। काशी के सांसद के तौर पर देश के प्रधानमंत्री के तौर पर मुझे देशहित के एक बड़े लक्ष्य की प्राप्ति के लिए आपका आशीर्वाद चाहिए और यह बड़ा लक्ष्य है-लोकसभा-विधानसभा में महिलाओं के लिए आरक्षण को लागू करना। अभी कुछ दिन पहले सपा और कांग्रेस जैसे दलों की वजह से हमारा यह प्रयास संसद में सफल नहीं हो पाया लेकिन मैं आप सभी बहनों को फिर से भरोसा देता हूं कि आपके आरक्षण का हक लागू हो,इसमें कोई कोर कसर बाकी नहीं छोडूंगा।

अपनी सरकार की उपलब्धियों को गिनाते हुए उन्होंने कहा कि हमारी सरकार की नीतियों में निरंतर महिला कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। 2014 में आपने हमें सेवा का अवसर दिया तो देश में 12 करोड़ से ज्यादा शौचालय बने। 30 करोड़ से ज्यादा बहनों के बैंक खाते खुले। 2.5 करोड़ से ज्यादा घरों में बिजली का कनेक्शन दिया गया।12 करोड़ से ज्यादा घरों में नल से जल पहुंचाया। यानी अनेक बड़ी योजनाओं के केंद्र में बहनों-बेटियों को रखा गया।

पीएम मोदी ने कहा कि सुविधा और सुरक्षा का विश्वास देने के साथ-साथ हमने बहनों की आर्थिक भागीदारी बढ़ाने पर बल दिया है। बीते 11 वर्षों में देश की करीब 10 करोड़ बहनें स्वयं सहायता समूह से जुड़ी हैं, इन समूहों को लाखों रुपये की मदद मिल रही है, जिससे बहनें अपना काम कर रही हैं। ऐसे ही प्रयासों से 3 करोड़ बहनें लखपति दीदी बन चुकी हैं।

UP : महिला आरक्षण वाला वार, निशाने पर कांग्रेस-समाजवादी पार्टी; बंगाल चुनाव का संदेश बताया

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वाराणसी: उत्तर प्रदेश के वाराणसी से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विपक्ष पर जोरदार हमला बोला। उन्होंने महिला आरक्षण बिल का लोकसभा में विरोध किए जाने के मसले पर कांग्रेस और समाजवादी पार्टी समेत तमाम विपक्षी दलों को घेरा। लोकसभा में महिला आरक्षण बिल विपक्ष के विरोध के कारण गिर गया था। इस कारण महिलाओं को 2029 के लोकसभा चुनाव से 33 फीसदी आरक्षण देने का मसला फिलहाल लटकता दिख रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महिलाओं के आरक्षण के मुद्दे पर विपक्ष को घेरते हुए उनके आक्रोश का सामना करने के लिए तैयार रहने की बात कही है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम बंगाल में भारी वोटिंग और उसमें महिलाओं की भागीदारी का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि महिलाएं घरों से निकलकर आ रही हैं और अपने आक्रोश का प्रदर्शन अपने वोट के जरिए कर रही हैं। चुनाव परिणाम में यह विपक्षी दलों को दिखेगा। साथ ही, उन्होंने केरल, तमिलनाडु, पुडुचेरी और असम विधानसभा चुनाव में भी महिलाओं के आक्रोश को वोटों के जरिए दिखने की बात कही।

पश्चिम बंगाल में अंतिम चरण की वोटिंग बुधवार 29 अप्रैल को होने वाली है। ऐसे में वाराणसी की धरती से पीएम नरेंद्र मोदी बंगाल चुनाव के मैदान में बड़ा संदेश देते दिखाई दिए। उन्होंने सीधे तौर पर महिलाओं के आक्रोश को वोटो के जरिए भारतीय जनता पार्टी के पक्ष में पड़ने की बात कही। साथ ही, महिलाओं के विकास और उत्थान को लेकर गुजरात के मुख्यमंत्री से लेकर देश के प्रधानमंत्री बनने तक किए गए कार्यों का भी जिक्र किया।

पीएम नरेंद्र मोदी ने विपक्षी दलों पर महिला आरक्षण के मुद्दे पर जोरदार हमला बोला। प्रधानमंत्री ने कहा कि नई संसद बनी तो पहला काम हमने बहनों को 33 प्रतिशत आरक्षण देने का ही किया। 40 वर्षों से बहनों का यह अधिकार लटका हुआ था। इसलिए, वर्ष 2023 में संसद में नारी शक्ति अधिनियम पारित करवाया। पीएम ने कहा कि कानून बनने के बाद उसका लागू होना आवश्यक होता है, इसलिए पिछले दिनों संसद में इसको लेकर चर्चा की गई।

पीएम मोदी ने कहा कि संविधान में संशोधन को लेकर हम कानून लेकर आए। यह संशोधन ऐसा था जिसके बाद ज्यादा संख्या में बहनें विधानसभा और लोकसभा में पहुंच पातीं, लेकिन कांग्रेस, सपा, टीएमसी और डीएमके जैसी पार्टियों ने एक बार फिर देश की महिलाओं को धोखा दिया। ऐसे दलों ने 40 सालों से रोक लगाई हुई थी और फिर इसे लाल झंडी दिखा दी।

पीएम मोदी ने विपक्ष पर परिवारवादी दलों वाला हमला बोला। उन्होंने कहा कि असल में सारे परिवारवादी और तुष्टिकरण में डूबे दल नारी शक्ति से डरे हुए हैं। ये परिवारवादी दल देश की उन बेटियों को विधानसभा और संसद नहीं आने देना चाहते हैं, जो कॉलेज कैंपस से लेकर पंचायतों और स्थानीय निकायों तक अपने दम पर नेतृत्व दे रही हैं। ये जानते हैं कि अगर धरातल पर काम करने वाली बेटियां ऊपर आ गईं तो इनका नियंत्रण खत्म हो जाएगा। इनकी सत्ता पर सवाल खड़े हो जाएंगे।

पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि यही कारण है कि जो परिवारवादी दल हैं, वह संसद में हुए विरोध में सबसे आगे रहे हैं। पीएम ने दावा किया कि ऐसे तमाम दलों को माताएं और बहनें उनकी जगह दिखाने का कार्य करेंगी। पीएम मोदी के वाराणसी में किए गए हमले पर राजनीति गरमाने लगी है।

BUSINESS : शुरुआती कारोबार में शेयर बाजार में तेजी का रुख, सेंसेक्स और निफ्टी उछले

नई दिल्ली, 29 अप्रैल (हि.स.)। घरेलू शेयर बाजार में आज शुरुआती कारोबार के दौरान मजबूती का रुख बना हुआ नजर आ रहा है। आज के कारोबार की शुरुआत भी बढ़त के साथ हुई थी। बाजार खुलने के बाद कुछ देर तक लिवालों और बिकवालों के बीच मामूली खींचतान भी हुई, जिसके कारण सेंसेक्स और निफ्टी दोनों सूचकांकों की चाल में मामूली उतार-चढ़ाव भी होता रहा। हालांकि पहले 20 मिनट के कारोबार के बाद ही खरीदारों ने लिवाली का जोर बना दिया, जिससे इन दोनों सूचकांकों की मजबूती लगातार बढ़ने लगी। सुबह 10 बजे तक का कारोबार होने के बाद सेंसेक्स और निफ्टी 0.76 प्रतिशत की मजबूती के साथ कारोबार कर रहे थे।

आज प्रातः 10 बजे तक का कारोबार होने के बाद स्टॉक मार्केट के दिग्गज शेयरों में से मारुति सुजुकी, आईटीसी, आयशर मोटर्स, मैक्स हेल्थकेयर और टेक महिंद्रा के शेयर 4.14 प्रतिशत से लेकर 1.73 प्रतिशत की मजबूती के साथ कारोबार कर रहे थे। दूसरी ओर, जेएसडब्ल्यू स्टील, हिंडाल्को इंडस्ट्रीज, टाटा स्टील, एशियन पेंट्स और आईसीआईसीआई बैंक के शेयर 1.89 प्रतिशत से लेकर 0.75 प्रतिशत की कमजोरी के साथ कारोबार करते हुए नजर आ रहे थे।

अभी तक के कारोबार में स्टॉक मार्केट में 2,617 शेयरों में एक्टिव ट्रेडिंग हो रही थी। इनमें से 1,942 शेयर मुनाफा कमा कर हरे निशान में कारोबार कर रहे थे, जबकि 675 शेयर नुकसान उठा कर लाल निशान में कारोबार कर रहे थे। इसी तरह सेंसेक्स में शामिल 30 शेयरों में से 20 शेयर लिवाली के सपोर्ट से हरे निशान में बने हुए थे। दूसरी ओर 10 शेयर बिकवाली के दबाव में लाल निशान में कारोबार कर रहे थे। जबकि निफ्टी में शामिल 50 शेयरों में से 35 शेयर हरे निशान में और 15 शेयर लाल निशान में कारोबार करते नजर आ रहे थे।

बीएसई का सेंसेक्स आज 358.92 अंक की मजबूती के साथ 77,245.83 अंक के स्तर पर खुला। कारोबार की शुरुआत होने के बाद कुछ देर तक इस सूचकांक की चाल में उतार-चढ़ाव होता रहा। बिकवाली के दबाव में यह सूचकांक 77,136.20 के स्तर तक भी आया, लेकिन लाल निशान तक पहुंचने के पहले ही खरीदारों ने मोर्चा संभाल लिया। पहले 20 मिनट के कारोबार के बाद ही लिवाली का जोर बन जाने से इस सूचकांक की चाल में तेजी आ गई। बाजार में लगातार जारी खरीद बिक्री के बीच सुबह 10 बजे तक का कारोबार होने के बाद सेंसेक्स 583.26 अंक की बढ़त के साथ 77,470.17 अंक के स्तर पर कारोबार कर रहा था।

सेंसेक्स की तरह ही एनएसई के निफ्टी में आज 101.20 अंक की छलांग लगा कर 24,096.90 अंक के स्तर से कारोबार की शुरुआत की। बाजार खुलने के बाद बिकवाली का दबाव बनने पर यह सूचकांक 24,059.95 अंक के स्तर तक गिर गया। इसके बाद खरीदारों ने लिवाली शुरू कर दी, जिससे इस सूचकांक की चाल में दोबारा तेजी आ गई। बाजार में लगातार जारी लिवाली और बिकवाली के बीच सुबह 10 बजे तक का कारोबार होने के बाद निफ्टी 181.55 अंक की मजबूती के साथ 24,177.25 अंक के स्तर पर कारोबार कर रहा था।

इसके पहले पिछले कारोबारी दिन मंगलवार को सेंसेक्स 416.72 अंक यानी 0.54 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 76,886.91 अंक के स्तर पर बंद हुआ था। वहीं निफ्टी ने 97 अंक यानी 0.40 प्रतिशत की गिरावट के साथ 23,995.70 अंक के स्तर पर मंगलवार के कारोबार का अंत किया था।

NATIONAL : पश्चिमी विक्षोभ से बदला मौसम: 15 जिलों में आंधी-बारिश अलर्ट, पारा गिरा, गर्मी से मिली राहत

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जयपुर, 29 अप्रैल (हि.स.)। राजस्थान में सक्रिय हुए पश्चिमी विक्षोभ के असर से प्रदेश के मौसम में बड़ा बदलाव आ गया है। मंगलवार सुबह से ही जयपुर, दौसा, अलवर सहित कई जिलों में रुक-रुक कर हल्की बारिश हुई, जबकि दौसा में चने के आकार के ओले भी गिरे। मौसम विभाग ने आज प्रदेश के 15 जिलों में आंधी और बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है।

बदले मौसम के कारण कई शहरों में तापमान में पांच डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आ गई है, जिससे लोगों को भीषण गर्मी और हीटवेव से आंशिक राहत मिली है।

राजधानी जयपुर में सुबह से बादल छाए रहे और बूंदाबांदी का दौर जारी रहा। तेज हवाओं और बादलों की वजह से गर्मी का असर कुछ कम हुआ। जयपुर में अधिकतम तापमान 40.9 डिग्री सेल्सियस मापा गया, जो पिछले दिन की तुलना में 2.6 डिग्री कम रहा। न्यूनतम तापमान में भी 3.7 डिग्री की गिरावट हुई।

दौसा और अलवर में भी मौसम ने करवट ली।

दौसा में सुबह बारिश के साथ ओलावृष्टि हुई, जबकि अलवर में शाम के समय घने बादल छा गए और हल्की बारिश ने गर्मी से राहत पहुंचाई। अलवर में तापमान 42 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहा, लेकिन बादलों के कारण तपिश में कमी आई।

मंगलवार को जैसलमेर, चूरू, नागौर, हनुमानगढ़, बाड़मेर, पिलानी, फतेहपुर और दौसा जैसे जिलों में तापमान में उल्लेखनीय गिरावट हुई। पश्चिमी हवाओं के कमजोर पड़ने और पूर्वी हवाओं के प्रभाव के चलते अधिकतर शहरों में पारा 40 डिग्री सेल्सियस से नीचे पहुंच गया। हालांकि फलोदी प्रदेश का सबसे गर्म शहर रहा।

उदयपुर में भी तापमान में दो डिग्री की गिरावट हुई, लेकिन मौसम विभाग ने दक्षिण-पश्चिमी राजस्थान में हीटवेव जारी रहने की संभावना जताई है। कोटा में गर्मी का असर अभी भी बना हुआ है, जहां तापमान 43.5 डिग्री सेल्सियस मापा गया। तेज गर्मी के चलते एक स्कूटी में आग लगने की घटना भी सामने आई।

सीकर और अजमेर में भी तापमान में गिरावट हुई है। सीकर के फतेहपुर में अधिकतम तापमान 40.5 डिग्री सेल्सियस रहा, जबकि अजमेर में अधिकतम तापमान 40.5 और न्यूनतम 24.5 डिग्री मापा गया।

अजमेर में सोमवार का तापमान पिछले तीन वर्षों का रिकॉर्ड तोड़ चुका था, लेकिन अब मौसम में कुछ नरमी आई है।

जोधपुर में अधिकतम तापमान 41 डिग्री सेल्सियस मापा गया। यहां भीषण गर्मी से राहत के लिए अस्पतालों और सार्वजनिक स्थलों पर विशेष इंतजाम किए गए हैं। मौसम विभाग के अनुसार आगामी तीन से चार दिनों तक प्रदेश के कई हिस्सों में मेघगर्जन, 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी और कहीं-कहीं हल्की बारिश की संभावना बनी रहेगी।

मई के पहले सप्ताह में भी तेज गर्मी और हीटवेव के साथ मौसम में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है।

प्रदेशवासियों को सलाह दी गई है कि तेज धूप, गर्म हवाओं और बदलते मौसम को देखते हुए सतर्क रहें तथा आवश्यक सावधानियां बरतें।


TECH : अब आम नागरिक भी बन सकेंगे ISRO के एस्ट्रानॉट्स:गगनयान मिशन के दूसरे बैच में शामिल हो सकेंगे , 4 साल की होगी ट्रेनिंग

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन यानी ISRO ने पहली बार अपने एस्ट्रोनॉट कैडर को आम नागरिकों के लिए खोलने का फैसला किया है। इसरो की एस्ट्रोनॉट सिलेक्शन कमेटी ने इसकी सिफारिश की है। हालांकि इसका क्राइटेरिया अभी जारी नहीं किया गया है।कमेटी की सिफारिश में कहा गया है कि गगनयान मिशन के अंतरिक्ष यात्रियों के दूसरे बैच में वायुसेना के 6 पायलट के साथ 4 सिविलियन स्पेशलिस्ट शामिल किए जाएं। ये सिविलियन साइंस, टेक्नोलॉजी, इंजीनियरिंग और मैथ (STEM) बैकग्राउंड से होंगे।

एक एस्ट्रोनॉट को चुनने से लेकर उसकी ट्रेनिंग और मिशन की तैयारी में करीब साढ़े 4 साल (54 महीने) का समय लगता है। कमेटी ने लक्ष्य रखा है कि दूसरे बैच को अगले 72 महीनों में और तीसरे बैच को 96 महीनों में पूरी तरह तैयार कर लिया जाए।

भले ही दूसरे बैच में सिविलियंस को शामिल किया जा रहा है, लेकिन वे तुरंत अंतरिक्ष में नहीं जाएंगे। कमेटी की योजना के अनुसार, सिविलियन एस्ट्रोनॉट्स को चौथे मानव मिशन से चालक दल का हिस्सा बनाया जाएगा। दुनिया भर में यह परंपरा रही है कि तकनीक के परिपक्व होने से पहले मिलिट्री बैकग्राउंड वाले पायलटों को ही भेजा जाता है, इसके बाद ही नागरिकों की बारी आती है।मिशन गगनयान ISRO का पहला क्रू वाला स्पेस फ्लाइट प्रोग्राम है, जो 2027 तक लॉन्च होगा। ये 3 दिन का एक मिशन होगा। इसमें 3 एस्ट्रोनॉट्स 400 किमी की यात्रा कर अंतरिक्ष में जाएंगे। उन्हें सुरक्षित पृथ्वी पर वापस लाने के लिए डिजाइन किया गया है।

पहले बैच में चार एस्ट्रोनॉट्स शामिल हैं। ISRO के पहले बैच में इंडियन एयरफोर्स (IAF) के टेस्ट पायलट शामिल थे। इसमें चार एस्ट्रोनॉट्स को सिलेक्ट किया गया था। इन एस्ट्रोनॉट्स को सिलेक्ट करने का उद्देशय पहले क्रू मिशन को सुरक्षित पहुंचाना है।पहले बैच में फाइटर प्लेन के एयर कमांडर प्रशांत बी नायर, जीपी कैप्टन शुभांशु शुक्ला, जीपी कैप्टन अजीत कृष्णन, जीपी कैप्टन अंगद प्रताप शामिल हुए थे। दूसरे बैच में इंडियन आर्मी के फाइटर जेट के लड़ाकू हेलीकॉप्टर पायलट भी शामिल हो सकते हैं।

सातवें मिशन के बाद इसरो अपने मिशन की क्षमता को बढ़ाएगा, जिससे एक साथ 3 एस्ट्रोनॉट्स अंतरिक्ष में जा सकेंगे। इसके लिए तीसरे बैच में 12 एस्ट्रोनॉट्स की जरूरत होगी। इस बैच में रेशियो पूरी तरह बदल जाएगा, जिसमें केवल 2 मिशन पायलट और 10 सिविलियन स्पेशलिस्ट शामिल किए जाएंगे।इसरो अब एक स्थायी एस्ट्रोनॉट कैडर बनाने की दिशा में काम कर रहा है। इसके तहत साल में दो मानव मिशन भेजने की योजना है। कमेटी ने अनुमान लगाया है कि लंबे समय की जरूरतों और अंतरराष्ट्रीय अवसरों को देखते हुए भारत को कुल 40 एस्ट्रोनॉट्स का एक मजबूत पूल तैयार करना चाहिए।

मिशन की तैयारियों के बीच इसरो के सामने इन्फ्रास्ट्रक्चर की चुनौती भी है। फिलहाल देश में एस्ट्रोनॉट्स के लिए केवल एक अस्थायी ट्रेनिंग सेंटर है, स्थायी सुविधा बनाने की प्रक्रिया अभी शुरू होनी बाकी है।इसके अलावा, पहले मानवरहित मिशन के लिए ‘पर्यावरण नियंत्रण और जीवन रक्षक प्रणाली’ (ECLSS) जैसी महत्वपूर्ण टेक्नोलॉजी का विकास भी अभी पीछे चल रहा है, जिसके बिना अंतरिक्ष में मानव जीवन संभव नहीं है।

NATIONAL : बंगाल में चुनाव प्रचार थमा, BJP ने किया धुआंधार प्रचार, 21 रैलियों में PM मोदी ने जनता को साधा और विपक्ष को घेरा

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम बंगाल में भाजपा की जीत सुनिश्चित करने के लिए 21 चुनावी रैलियां और तीन रोड शो किए. उन्होंने बंगाल की जनता को साधने के साथ विपक्ष पर भी हमला किया.

पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के लिए दूसरे चरण का मतदान बुधवार (29 अप्रैल, 2026) को होना है. नियमों के मुताबिक, मतदान के दो दिन पहले ही राज्य में राजनीतिक पार्टियों की तरफ से दिए जाने वाले भाषणों, जनसभाओं, रैलियों और रोड शो पर विराम लग चुके हैं. जहां बंगाल में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (TMC) केंद्र की भाजपा सरकार के साथ पीएम मोदी, गृह मंत्री अमित शाह पर निशाना साध रही है, वहीं भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सभी बड़े नेताओं ने पश्चिम बंगाल में धुआंधार प्रचार अभियान को अंजाम दिया है.

भाजपा ने इस चुनाव में अपनी जीत को सुनिश्चित करने के लिए अपनी पूरी ताकत लगा दी है. पार्टी नेताओं की ओर से प्रचार में अलग-अलग रंग भी दिखाई दिए, कभी झालमुडी खाकर प्रचार हुआ, तो कभी नाव की यात्रा हुई. मंदिरों में दर्शन के जरिए हिंदू मतदाताओं को संदेश देने की बड़ी कोशिश की गई. ऐसे में भाजपा की ये मेहनत और कोशिश बंगाल में कितनी सफल होती है, ये 4 मई, 2026 को चुनाव के नतीजों के सामने आने पर ही पता चलेगा.

चुनाव आयोग की तरफ से 15 मार्च, 2026 को राज्य में चुनावी बिगुल बजा और बंगाल सियासी अखाड़े में बदल गया. इस दौरान बंगाल की जनता को साधने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 21 रैलियां और तीन रोड शो किए. इसके अलावा, उन्होंने हुगली नदी में नौका विहार कर बता दिया कि सत्ता की राह अब सड़क से ही नहीं, बल्कि नदी के रास्ते भी तलाश की जा रही है.

भाजपा को बंगाल की सत्ता में काबिज करने की मंशा के साथ केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी 20 जनसभाएं, 11 रोड शो और संगठनात्मक बैठकों से चुनावी इंजन को फुल स्पीड पर रखा. वहीं, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने भी बंगाल में तीन सभाओं और 12 रोड शो के जरिए मोर्चा संभाला. बीजेपी ने इस चुनाव में आस्था को भी पूरी राजनीतिक आस्था के साथ अपनाया.

इसके अलावा, BJP की ओर से सुवेंदु अधिकारी ने 60 से ज्यादा सभाएं कीं, दिलीप घोष ने 35 से 40 कार्यक्रम किए और समिक भट्टाचार्य ने 30 से अधिक सभाओं से मोर्चा संभाला. कुल मिलाकर बीजेपी के स्थानीय नेताओं ने 500 से ज्यादा छोटे-बड़े कार्यक्रम कर राज्य में कमल खिलाने के लिए पूरी बागवानी की.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने थंथानिया कालीबाड़ी, मतुआ ठाकुरबाड़ी, दक्षिणेश्वर काली मंदिर और बेलूर मठ में मत्था टेका. वहीं, गृह मंत्री अमित शाह ने इस्कॉन मंदिर, रामकृष्ण मिशन केंद्रों में दर्शन किए और गंगासागर में स्नान कर आध्यात्मिक संदेश भी दिया और राजनीतिक तापमान भी बढ़ाया. जबकि नितिन नवीन ने नैहाटी की बड़ी मां काली के दरबार में पूजा की और बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय के आवास पर श्रद्धांजलि दी.

बंगाल का चुनाव इस बार सिर्फ भाषणों का नहीं, स्वाद का भी रहा. झाड़ग्राम में प्रधानमंत्री मोदी अचानक एक दुकान पर रुके, झालमुड़ी खाई और खुद पैसे भी चुकाए. संदेश साफ था राजनीति में मसाला भी जरूरी है और कभी-कभी मुरमुरे भी. उन्होंने कहा कि बंगाल की झालमुड़ी का स्वाद, बंगाल की मिट्टी की तरह ही अनोखा है. मोदी के भाषणों में विकास भी था और विपक्ष पर तगड़ा तड़का भी.

पश्चिम बंगाल में प्रधानमंत्री का धुआंधार प्रचार और गृह मंत्री अमित शाह की रणनीति ने बीजेपी कार्यकर्ताओं के मन में उत्साह भर दिया. बीजेपी शीर्ष नेतृत्व के चौतरफा वार की रणनीति ने पश्चिम बंगाल चुनाव को दिलचस्प बना दिया है. ऐसे में अब 29 अप्रैल, 2026 को होने वाले दूसरे चरण के चुनाव और 4 मई को जारी होने वाले नतीजों को इंतजार रहेगा.

NATIONAL : ‘बंगाल में पहली बार बनेगी बीजेपी की सरकार’, नितिन नवीन का बड़ा दावा

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बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने पश्चिम बंगाल चुनाव को लेकर बड़ा दावा करते हुए कहा है कि राज्य में भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनने जा रही है. उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं को अग्रिम बधाई देते हुए कहा कि 4 मई का दिन पश्चिम बंगाल के लिए बेहद ऐतिहासिक साबित होगा. उनके अनुसार यह दिन राज्य में नई आज़ादी, नई उमंग और नई उड़ान का प्रतीक बनेगा.

जयपुर दौरे पर पहुंचे नितिन नवीन ने कहा कि बंगाल में बदलाव के लिए वहां की जनता जिस तरह से सड़कों पर उतरकर सामने आई है, वह अपने आप में बड़ा संकेत है. उन्होंने कहा कि भाजपा कार्यकर्ताओं ने लंबे समय तक संघर्ष किया है और उसी मेहनत का परिणाम 4 मई को देखने को मिलेगा. उन्होंने भरोसा जताया कि उस दिन निश्चित रूप से भाजपा का भगवा लहराएगा और राज्य में पार्टी की सरकार बनेगी.उन्होंने कहा कि भाजपा की जीत का पूरा श्रेय कार्यकर्ताओं को जाएगा, जिन्होंने जमीनी स्तर पर लगातार काम किया है. नितिन नवीन ने यह भी कहा कि पार्टी का संकल्प पंचायत से लेकर पार्लियामेंट तक हर स्तर पर भगवा लहराने का है और इसके लिए संगठन लगातार काम कर रहा है.

राजस्थान के कार्यकर्ताओं को संदेश देते हुए उन्होंने कहा कि वे अभी से पंचायत और नगर निकाय चुनाव की तैयारियों में जुट जाएं. उन्होंने इन चुनावों को संगठन के लिए बेहद महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि यह चुनाव पार्टी को नई दिशा देने वाले साबित होंगे. उन्होंने कहा कि संगठन की मजबूती कार्यकर्ताओं की मेहनत से ही संभव है और यही ताकत भाजपा को लगातार आगे बढ़ा रही है.

नितिन नवीन ने बंगाल से लेकर राजस्थान तक के सभी कार्यकर्ताओं को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि पार्टी हर राज्य में अपनी स्थिति मजबूत कर रही है. उन्होंने कहा कि कार्यकर्ताओं का समर्पण और मेहनत ही भाजपा की सबसे बड़ी पूंजी है.

अपने एक दिवसीय राजस्थान दौरे के दौरान नितिन नवीन टोंक जिले पहुंचे, जहां उन्होंने विभिन्न कार्यक्रमों में हिस्सा लिया. इस दौरान उन्होंने राज्य में पार्टी के सात जिला कार्यालयों का शुभारंभ किया, जबकि नागौर जिले में नए कार्यालय का शिलान्यास भी किया. टोंक में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कांग्रेस पर भी निशाना साधा. यह क्षेत्र कांग्रेस नेता सचिन पायलट का गढ़ माना जाता है. उन्होंने कहा कि भाजपा लगातार अपने संगठन को मजबूत कर रही है, जबकि कांग्रेस कमजोर होती जा रही है.

राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद नितिन नवीन का यह पहला राजस्थान दौरा है, जिसे संगठन के लिहाज से काफी अहम माना जा रहा है. उनके दौरे के दौरान मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ पूरे समय उनके साथ मौजूद रहे.

शाम करीब 4 बजे नितिन नवीन टोंक से जयपुर एयरपोर्ट पहुंचे, जहां पार्टी के चुनिंदा नेताओं ने उनका स्वागत किया. एयरपोर्ट के बाहर भी उन्होंने कार्यकर्ताओं को संबोधित किया और उनकी पीठ थपथपाते हुए कहा कि राजस्थान में पार्टी की सत्ता कार्यकर्ताओं की बदौलत ही संभव हो पाई है. उन्होंने कहा कि अब इसी तरह की मेहनत बंगाल में भी जीत दिलाएगी.

NATIONAL : पश्चिम बंगाल चुनाव: 142 सीटों पर प्रचार थमा, हिंसा के बीच दिग्गजों ने झोंकी ताकत

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पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण के तहत 142 निर्वाचन क्षेत्रों के लिए सोमवार को शाम छह बजे आधिकारिक रूप से प्रचार अभियान समाप्त हो गया। आजतक की रिपोर्ट के अनुसार, प्रचार के अंतिम दिन भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) और तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के शीर्ष नेताओं ने मतदाताओं को लुभाने के लिए पूरी ताकत झोंक दी।

सोमवार को प्रचार की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बैरकपुर जनसभा से हुई, जहाँ उन्होंने जनता के साथ भावनात्मक जुड़ाव बनाने पर ध्यान केंद्रित किया। इस दौरान प्रधानमंत्री ने संकेत दिया कि बीजेपी की जीत के बाद वह जल्द ही कोलकाता का दौरा करेंगे।

प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन के दौरान रैली में उपस्थित लोगों से सीधा संवाद करते हुए उन्हें पत्र लिखने के लिए भी प्रोत्साहित किया। प्रधानमंत्री के अलावा गृहमंत्री अमित शाह ने कोलकाता के बेहाला पश्चिम इलाके में एक भव्य रोड शो के जरिए बीजेपी के लिए समर्थन मांगा, जिसे पिछले 15 वर्षों से टीएमसी का मजबूत गढ़ माना जाता है।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी बंगाल के चुनावी दंगल में हिस्सा लिया और अंतिम चरण के लिए कई रैलियों को संबोधित किया। दूसरी ओर, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अपनी पारंपरिक सीट भवानीपुर सहित कोलकाता के विभिन्न हिस्सों में लगभग 14 किलोमीटर लंबी पदयात्रा की और 200 रैलियों के साथ अपने अभियान का समापन किया।

टीएमसी के वरिष्ठ नेता अभिषेक बनर्जी ने भी राज्य के विभिन्न हिस्सों में चुनावी मोर्चा संभाला और लगभग 100 रैलियों के साथ अपना प्रचार अभियान पूरा किया। भवानीपुर विधानसभा क्षेत्र में मुकाबला काफी रोचक हो गया है, जहाँ बीजेपी उम्मीदवार शुभेंदु अधिकारी ने भी ममता बनर्जी के खिलाफ पदयात्रा कर प्रचार किया।

प्रचार के अंतिम दिन चुनावी सरगर्मी के बीच राज्य के कई हिस्सों से हिंसक झड़पों की सूचना मिली है। हुगली, वर्धमान, दक्षिण 24 परगना और उत्तर 24 परगना जिलों में छिटपुट हिंसा की घटनाओं के बावजूद सभी राजनीतिक दलों ने तय समय पर अपनी गतिविधियां समाप्त कर दीं।

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