Tuesday, May 12, 2026
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NATIONAL : वन विभाग में पौधरोपण का ‘भ्रष्टाचारी’ खेल, 10 रुपये का पौधा 100 रुपये में खरीदा

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झाझरा प्रोजेक्ट में सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि 18,333 पौधों के लिए ₹100 प्रति पौधा की दर से ₹18.33 लाख खर्च दिखाया गया है. जबकि 2020 में कालसी प्रोजेक्ट में यही पौधे ₹10 प्रति पौधा की दर से लगाए गए थे.

उत्तराखंड जैसे पहाड़ी राज्य में जहां हरियाली जीवन का आधार है, वहां वन विभाग खुद ही सवालों के घेरे में आ गया है. यहां वन विभाग ने 10 रुपये का पौधा 100 रुपये में खरीदा. यह भारी अंतर तब उजागर हुआ जब मुख्य वन संरक्षक (कार्ययोजना) संजीव चतुर्वेदी ने प्रमुख वन संरक्षक को एक पत्र भेजा. यह पत्र इंडिया टुडे/आजतक के हाथ लगा और उसके बाद इस गड़बड़ी की परतें खुलनी शुरू हुईं.

चतुर्वेदी ने अपने पत्र में इस पूरे मामले की तत्काल जांच और कार्रवाई की सिफारिश की है. देहरादून जिले के झाझरा क्षेत्र में मियावाकी पद्धति से पौधरोपण के लिए तीन साल की अवधि में ₹52.40 लाख प्रति हेक्टेयर की दर से खर्च का प्रस्ताव तैयार किया गया. यह वही तकनीक है जिससे साल 2020 में कालसी क्षेत्र में पौधरोपण किया गया था, और उस समय कुल खर्च सिर्फ ₹11.86 लाख प्रति हेक्टेयर आया था.

झाझरा प्रोजेक्ट में सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि 18,333 पौधों के लिए ₹100 प्रति पौधा की दर से ₹18.33 लाख खर्च दिखाया गया है. जबकि 2020 में कालसी प्रोजेक्ट में यही पौधे ₹10 प्रति पौधा की दर से लगाए गए थे. यानी एक ही काम, एक ही विभाग- लेकिन खर्च 10 गुना! इसके अलावा भी कई ऐसे मदों में खर्च दिखाया गया है, जो निर्धारित दरों की तुलना में अत्यधिक और संदेहास्पद हैं.

मियावाकी तकनीक जापान के पर्यावरणविद प्रोफेसर अकीरा मियावाकी द्वारा विकसित की गई है. इसका उद्देश्य कम समय में घना, जैव विविधता से भरपूर और स्वाभाविक जंगल तैयार करना होता है. इसमें स्थानीय प्रजातियों के पौधों को बहुत पास-पास लगाया जाता है, जिससे वे तेजी से बढ़ते हैं और कुछ ही वर्षों में जंगल जैसा रूप ले लेते हैं.

उत्तराखंड वन विभाग के अनुसार, इस पद्धति में देशज प्रजातियों का चयन, पौधों की विविधता, क्षेत्र की जलवायु और मिट्टी के अनुसार पौधों का चयन और उनकी नियमित देखभाल जरूरी होती है. साथ ही, विभाग का ज़ोर सामुदायिक सहभागिता और प्राकृतिक पुनर्जीवन पर भी है.कालसी क्षेत्र में वर्ष 2020 में इसी पद्धति से सफलतापूर्वक पौधरोपण किया गया था, जिसकी लागत सिर्फ ₹11.86 लाख प्रति हेक्टेयर आई थी. उस समय के डीजी फॉरेस्ट सीपी गोयल ने इस काम की हस्तलिखित सराहना की थी और कहा था कि यह मियावाकी तकनीक का एक उत्कृष्ट प्रयोग है, जिससे लैंटाना जैसी आक्रामक प्रजातियों को हटाने और भूमि की उत्पादकता बढ़ाने में मदद मिली.

मसूरी वन प्रभाग ने भी मियावाकी तकनीक से 5 वर्षों के लिए पौधारोपण का प्रस्ताव तैयार किया है, जिसकी लागत ₹4.26 करोड़ बताई गई है. यह काम 6 रेंजों में कुल 6 हेक्टेयर भूमि पर होना है. जबकि तय मानकों के अनुसार करीब 84 लाख रुपये ही पर्याप्त माने जाते हैं. इतना ही नहीं, मसूरी के प्रस्ताव में यह तक नहीं बताया गया कि कौन-कौन सी स्थानीय प्रजातियाँ लगाई जाएंगी, जो इस पद्धति की मूलभूत शर्त है.

संजीव चतुर्वेदी ने अपने पत्र में स्पष्ट किया है कि नियमों के अनुसार किसी भी प्रभाग में पहले 1 हेक्टेयर का पायलट प्रोजेक्ट करके ही शासन को बड़ा प्रस्ताव भेजा जा सकता है. लेकिन इस मामले में ऐसा नहीं किया गया, जिससे यह संदेह होता है कि बिना अनुमति के ही बड़े प्रोजेक्ट बना लिए गए.चतुर्वेदी ने सवाल उठाया है कि जब विभाग के पास खुद की तकनीकी रूप से सक्षम पौधशालाएं मौजूद हैं, तो फिर इतनी ऊंची दरों पर बाहर से पौधे बनवाने का प्रस्ताव क्यों दिया गया? यह बात पूरे मामले को और भी संदेहास्पद और जांच योग्य बनाती है. इसी तरह, मैदानी क्षेत्र के लिए भेजे गए एक अन्य प्रस्ताव में फेंसिंग के लिए ₹1.57 लाख प्रति हेक्टेयर खर्च दिखाया गया है, जो तकनीकी मानकों से कहीं अधिक है.

मसूरी और देहरादून वन प्रभाग की योजना में यह दिखाया गया है कि आने वाले 8-10 सालों में प्रति वर्ग मीटर सिर्फ 4 से 6 पौधे लगाए जाएंगे, यानी एक हेक्टेयर में करीब 100 से 400 पौधे ही लगेंगे. जबकि यह आंकड़ा मियावाकी तकनीक के हिसाब से बहुत कम है और इसलिए इस पर सवाल उठाए जा रहे हैं.इसके अलावा, योजना में यह भी कहा गया है कि यह पौधारोपण हर मौसम में होने वाली प्रक्रिया के लिए अनुमानित है, ना कि नियावली (मियावाकी) पौधारोपण के लिए. इससे यह संदेह और गहराता है कि प्रस्ताव में जो खर्च और पौधे दिखाए गए हैं, वे तकनीकी मानकों के अनुरूप नहीं हैं.

देहरादून वन प्रभाग के झाझरा रेंज 2023 के प्रस्ताव में गड्ढा भराई की दर ₹9.00 से 12.00 प्रति पौधा बताई गई है, जबकि जबकि इसी प्रभाग के कालसी रेंज में 2020 के प्रस्ताव में मात्र ₹0.90 प्रति पौधा थी. इसका अर्थ है कि पहले प्रस्ताव में यह दर 10 गुना अधिक रखी गई है, जो वित्तीय दृष्टि से अत्यधिक और अनुपयुक्त प्रतीत होती है. ऐसे में यह स्पष्ट है कि पहले प्रस्ताव में लागत को अनावश्यक रूप से बढ़ाया गया है, जिसकी जांच और पुनरीक्षण आवश्यक है.

इन सभी मामलों से यह साफ हो जाता है कि उत्तराखंड वन विभाग में पारदर्शिता और जवाबदेही की भारी कमी है. पौधारोपण जैसे गंभीर पर्यावरणीय कार्यों को भी भ्रष्टाचार से अछूता नहीं छोड़ा गया है. यह न सिर्फ प्रशासनिक लापरवाही का मामला है, बल्कि इसमें गहरे स्तर पर संभावित भ्रष्टाचार की बू आती है.

सामाजिक कार्यकर्ता अनूप नौटियाल ने ट्वीट करते हुए कहा है की, ‘इस प्रस्ताव में भारी लागत अंतर को देखते हुए एक तथ्यात्मक समीक्षा और पारदर्शी जांच आवश्यक है. यदि इसमें कोई अनियमितताएं पाई जाती हैं, तो उन पर सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए. साथ ही, उत्तराखंड की जनता को यह स्पष्ट आश्वासन दिया जाना चाहिए कि भविष्य की परियोजनाओं में एक ही कार्य के लिए प्रकार की लागत में भारी भिन्नता दोहराई नहीं जाएगी.’

इस मामले में वन विभाग के मुखिया धनंजय मोहन का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और दोषी पाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी
विस्तृत बयान जारी करेगी. अब एयरलाइन ने बताया कि ये फ्लाइट तकनीकी गड़बड़ी की वजह से दिल्ली लौटी थी.

वहीं, विमान का परिचालन शुरू होने से पहले आवश्यक रखरखाव किया जा रहा है. यात्रियों को लेह ले जाने के लिए एक वैकल्पिक विमान की व्यवस्था की गई है. हम ग्राहकों को हुई असुविधा के लिए खेद व्यक्त करते हैं.

NATIONAL : अमरनाथ यात्रा की तैयारियां तेज, श्रद्धालुओं की सुविधाओं का रखा जा रहा ध्यान, खुफिया एजेंसियों से भी संपर्क

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जम्मू पुलिस यात्रियों की सुरक्षा और सुगम यात्रा सुनिश्चित करने के लिए रामबन और अन्य क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था, बुनियादी ढांचे और अंतर-एजेंसी समन्वय का निरीक्षण कर रही है.अमरनाथ यात्रा से पहले जम्मू में तैयारियां तेज हैं. जम्मू जोन के आईजीपी ने अमरनाथ यात्रा की तैयारियों की समीक्षा की. रामबन में लांबर ग्राउंड और राष्ट्रीय राजमार्ग क्षेत्र का दौरा किया. अमरनाथ यात्रा की चल रही तैयारियों के हिस्से के रूप में, जम्मू जोन के पुलिस महानिरीक्षक भीम सेन टूटी ने रामबन जिले के लांबर ग्राउंड का विस्तृत निरीक्षण किया, जो यात्रा मार्ग पर एक प्रमुख पड़ाव और पारगमन बिंदु है.

इस यात्रा का उद्देश्य इस महत्वपूर्ण क्षेत्र से यात्रियों की सुरक्षित और सुचारू यात्रा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक सुरक्षा तंत्र, नागरिक बुनियादी ढांचे और अंतर-एजेंसी समन्वय की तैयारियों का आकलन करना था.

निरीक्षण के दौरान, आईजीपी ने लांबर ग्राउंड में महत्वपूर्ण नागरिक बुनियादी ढांचे की उपलब्धता की भी समीक्षा की, जिसमें तीर्थयात्रियों के लिए आरामदायक ठहराव सुनिश्चित करने के लिए टेंट, पेयजल, स्वच्छता और बिजली बैकअप सुविधाएं शामिल हैं. उन्होंने तीर्थयात्रियों का विश्वास बढ़ाने के लिए संयुक्त अभ्यास, खुफिया-आधारित योजना और जनता के अनुकूल पुलिसिंग के महत्व पर जोर दिया.

अधिकारियों को समय पर निरीक्षण और अंतर-एजेंसी समन्वय के माध्यम से सक्रिय रूप से कमियों की पहचान करने और उन्हें दूर करने तथा यात्रा अवधि के दौरान तैयारियों का उच्च स्तर बनाए रखने का निर्देश दिया गया.

आईजीपी ने पीसीआर रामबन में एक व्यापक समीक्षा बैठक की अध्यक्षता भी की, जिसमें डीआईजी डीकेआर रेंज, श्रीधर पाटिल एसएसपी रामबन, कुलबीर सिंह, जम्मू-कश्मीर पुलिस के अन्य अधिकारी और अन्य सुरक्षा बलों के प्रतिनिधि शामिल हुए. चर्चा सुरक्षा तैनाती पैटर्न, काफिले विनियमन, आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं और आपदा प्रतिक्रिया तंत्र के आसपास केंद्रित थी. यात्रा के दौरान निर्बाध समन्वय बनाए रखने के लिए निगरानी प्रणाली, संवेदनशील क्षेत्रों में बल की तैनाती और संचार नेटवर्क की कार्यक्षमता पर विशेष ध्यान दिया गया.

इसके अलावा, आईजीपी ने यात्रा से पहले मार्ग की तैयारी सुनिश्चित करने के लिए चल रहे निर्माण और मरम्मत कार्य का जायजा लेते हुए राष्ट्रीय राजमार्ग क्षेत्र का भी निरीक्षण किया. यात्रा के इस खंड के दौरान उनके साथ एसएसपी राष्ट्रीय राजमार्ग रामबन आदिल हामिद भी शामिल थे. आईजीपी ने उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों में समय पर काफिले की आवाजाही को सुगम बनाने के लिए यातायात प्रबंधन योजनाओं का गहन मूल्यांकन किया और अधिकारियों को चौबीसों घंटे परिचालन तत्परता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए.

इसके बाद, जम्मू-सांबा-कठुआ रेंज के डीआईजी ने अमरनाथ यात्रा की तैयारियों का जायजा लेने के मकसद से कठुआ और सांबा का दौरा किया. यात्रा को सुचारू रूप से चलने और यात्रियों की सुरक्षा के संबंध में उन्होंने जरूरी निर्देश भी दिए. आगामी अमरनाथ यात्रा 2025 की तैयारी के संबंध में जिला जम्मू, सांबा और कठुआ, (डीआईजी) जम्मू-सांबा-कठुआ रेंज ने श्री अमर नाथ जी यात्रा-2025 की व्यवस्था के लिए एक उच्च स्तरीय सुरक्षा समीक्षा बुलाई. समीक्षा में पुलिस और सुरक्षा बलों के वरिष्ठ अधिकारी, जेएसके रेंज के एसएचओ शामिल थे.

समीक्षा जांच के दौरान डीआईजी शिव कुमार शर्मा ने जिला जम्मू, सांबा और कठुआ के ठहरने के केंद्रों और लंगर स्थलों का दौरा किया. उन्होंने तीर्थयात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी हितधारकों के बीच समन्वित प्रयासों के महत्व पर बल दिया. उन्होंने किसी भी संभावित खतरे और चुनौतियों से निपटने के लिए सुरक्षा उपायों की सावधानीपूर्वक योजना और निष्पादन की आवश्यकता पर प्रकाश डाला.

उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देश दिया कि रास्ते में तीर्थयात्रियों को दी जा रही सुरक्षा, ठहरने के स्थानों विशेषकर बेस कैंप, भगवती नगर जम्मू और सभी ठहरने के केंद्रों और लंगर स्थलों पर विशेष ध्यान दिया जाए. उन्होंने सभी अधिकारियों को यात्रियों की पूर्ण सुरक्षा के लिए अन्य हितधारकों के साथ समन्वय करके अपने-अपने अधिकार क्षेत्र में ऑपरेशन थर्ड आई को लागू करने के आदेश भी दिए.

इसके अलावा, सभी अधिकारियों को विशेष रूप से सीमावर्ती क्षेत्रों के साथ-साथ रात के समय शहर में सभी नाकों को मजबूत करने के निर्देश दिए गए. उन्हें उन स्थानों की पहचान करने के भी निर्देश दिए गए जहां यात्रियों की सुरक्षा के लिए और अधिक नाके स्थापित किए जाने हैं.

डीआईजी जेएसके रेंज ने यात्रा की पूरी अवधि के दौरान उच्च स्तर की सतर्कता और तैयारियों को बनाए रखने के महत्व पर बल दिया. उन्होंने अधिकारियों को नियमित समीक्षा और मॉक ड्रिल आयोजित करने का निर्देश दिया ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि सभी योजनाएं प्रभावी रूप से लागू की गई हैं और सड़क पर चलने वाले वाहनों की उचित जांच विशेष रूप से तड़के और देर रात को की जानी चाहिए, विक्रेताओं की उचित जांच की जानी चाहिए और किसी भी संदिग्ध गतिविधि को पाए जाने पर तत्काल आवश्यक कार्रवाई की जानी चाहिए.

अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा जांच के दौरान डीआईजी शर्मा ने अधिकारियों को अपने-अपने अधिकार क्षेत्र में सभी खुफिया एजेंसियों सेना, अर्धसैनिक बलों और अन्य केंद्र एजेंसियों के साथ उचित संपर्क बनाए रखने और वास्तविक समय के आधार पर इसे साझा करने और बेहतर परिणामों के लिए संयुक्त नाके स्थापित करने का निर्देश दिया.

 

NATIONAL : कमल कौर भाभी हत्याकांड… मास्टरमाइंड अमृतपाल सिंह के लगे पोस्टर, ‘इज्जत का राखा’ बताकर हो रहे वायरल

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कमल कौर भाभी हत्याकांड में मास्टरमाइंड अमृतपाल सिंह मेहरो के समर्थन में लगाए गए पोस्टर्स ने पुलिस और आम लोगों को चौंका दिया है. ये पोस्टर पंजाब के लुधियाना-मालेरकोटला रोड पर गुरुद्वारा आलमगीर साहिब के पास दिखाई दिए, जिनमें हत्या के एक आरोपी को ‘इज्जत का रखवाला’ बताया गया है.

पंजाब के बहुचर्चित कमल कौर उर्फ कंचन कुमारी हत्याकांड (Kamal Kaur murder case) में नया मोड़ सामने आया है. इस मामले के मुख्य आरोपी और कथित मास्टरमाइंड अमृतपाल सिंह मेहरो के समर्थन में अब पोस्टर लगाए गए हैं, जिनमें उसे ‘इज्ज़त का राखा’ बताया गया है. ये पोस्टर लुधियाना-मालेरकोटला रोड स्थित प्रसिद्ध गुरुद्वारा आलमगीर साहिब के पास देखे गए, जिनकी तस्वीरें अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं.

पोस्टरों में अमृतपाल सिंह मेहरो को एक धार्मिक व्यक्ति के रूप में पेश किया गया है और उसके खिलाफ चल रही जांच को साजिश बताया गया है. पोस्टर में लिखा गया है कि ‘महिरो ने जो किया वह इज्ज़त की रक्षा के लिए किया’, जो जांच एजेंसियों और पुलिस के लिए चिंता का विषय बन गया है.बता दें कि अमृतपाल मेहरो पर आरोप है कि उसने कंचन कुमारी उर्फ कमल कौर की रेकी करवाई, फिर अपने साथियों के साथ मिलकर साजिश रची. इसके बाद गला दबाकर हत्या करवा दी. इस मामले में पुलिस ने अब तक पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है.

हत्या का मास्टरमाइंड अमृतपाल घटना के बाद विदेश फरार हो चुका है. उसके खिलाफ लुकआउट नोटिस भी जारी किया गया है. अब पोस्टर सामने आने के बाद पुलिस को शक है कि आरोपी को बचाने या उसके पक्ष में माहौल बनाने की कोशिश की जा रही है. पुलिस का कहना है कि इस घटनाक्रम पर नजर रखी जा रही है और जिन लोगों ने ये पोस्टर लगाए हैं, उनकी पहचान कर कार्रवाई की जाएगी.

NATIOANL : फर्जी लाश की थ्योरी और संजय वर्मा की पहचान… कितनी शातिर प्लानिंग करके बैठे थे राज और सोनम

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सोनम और राज का शातिरपना देख और सुनकर पुलिस भी हैरान है. दोनों ने मिलकर राजा को मारने से लेकर खुद को बचाने तक की इस तरह से प्लानिंग कर रखी थी कि ऐसी कहानी शायद ही किसी फिल्म में दिखी होगी. शिलांग से बुर्का पहनकर भागना हो या किसी और लड़की को मारकर उसे सोनम साबित करने का षड्यंत्र, हर कदम पर एक नई साजिश तैयार थी.

सोनम और राज का शातिरपना देख और सुनकर पुलिस भी हैरान है. दोनों ने मिलकर राजा को मारने से लेकर खुद को बचाने तक की इस तरह से प्लानिंग कर रखी थी कि ऐसी कहानी शायद ही किसी फिल्म में एक साथ देखी होगी. शिलांग से बुर्का पहनकर भागने की रणनीति हो या किसी और लड़की को मारकर उसे सोनम साबित करने का षड्यंत्र, हर कदम पर एक नई साजिश तैयार थी. अब संजय वर्मा नाम से फोन कर रहे शख्स की पहचान जब राज कुशवाहा के रूप में हुई तो यह सुनकर भी हर कोई दंग रह गया.

सोशल मीडिया पर भी सोनम और राजा की सगाई और शादी के कई वीडियो सामने आए हैं. इनमें सोनम हंसती-खिलखिलाती दिखाई देती है. कभी राजा को अंगूठी पहनाती है तो कहीं उसके साथ शादी के रस्में निभाती दिख रही है. सगाई के दौरान एक दूसरे का हाथ पकड़े भी दोनों दिख रहे हैं. इस दौरान एंकर के कई सवालों के जवाब भी सोनम शरमाते हुए ही दे रही है. लेकिन इन सबके बीच अगर कोई चीज नहीं दिखती तो वह है उस भयानक योजना का कोई भी संकेत, जो उसके दिल और दिमाग में चल रही थी.

शिलांग पुलिस की जांच में जो खुलासा हुआ, वह चौंकाने वाला था. सोनम ने अपनी शादी के तीन महीने पहले से ही किसी संजय वर्मा नाम के शख्स से फोन पर घंटों बात करती थी. 1 मार्च से 25 मार्च के बीच में सोनम ने संजय से 112 बार से भी अधिक बार बात की थी. लेकिन जब पुलिस ने उस नंबर को ट्रैक किया, तो हैरान रह गया. फोन इस्तेमाल करने वाला कोई संजय नहीं बल्कि खुद सोनम का प्रेमी राज कुशवाहा था. अब पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि आखिर किसके आधार कार्ड पर यह नंबर लिया गया था. इस नंबर पर क्या-क्या चैट हुई. इस नंबर का इस्तेमाल क्या किसी बैंक अकाउंट को खोलने में भी किया गया या सिर्फ बात करने में ही किया जाता रहा. वैसे पुलिस अब यह भी मानकर बैठी है कि यह प्लानिंग मार्च से ही की जा रही थी.

शिलांग के पुलिस अधीक्षक विवेक सिएम ने बताया था कि राजा की हत्या अचानक नहीं हुई. इसे अंजाम देने के लिए कम से कम तीन नाकाम कोशिशें की गई थीं. पहले गुवाहाटी, फिर नोंग्रियाट और बाद में वेसॉडॉन्ग फॉल्स के पास भी हत्या की योजना बनाई गई थी, लेकिन किसी न किसी वजह से ये असफल हो गईं. आखिरकार, 23 मई को मेघालय के सोहरा में राज के दोस्त विशाल, आकाश, और आनंद ने सोनम के साथ मिलकर राजा की हत्या कर दी.

मेघालय के राजा रघुवंशी हत्याकांड की जांच में सोनम रघुवंशी के शातिर दिमाग की एक और नई परत खुली थी. मेघालय पुलिस ने दावा किया है कि सोनम किसी और महिला की हत्या कर उसका शव अपना बताकर हमेशा के लिए गायब होने की साजिश रची थी. लेकिन वह उसमें कामयाब नहीं हो सकी. राजा की हत्या के बाद सोनम ने पुलिस की आंखों में धूल झोंकने के लिए बुर्का पहना और शिलांग से फरार हो गई. वह शिलांग से असम वहां से पश्चिम बंगाल होते हुए बिहार और यूपी के कई शहरों से होते हुए आखिरकार इंदौर लौट गई थी. यहां राज ने एक फ्लैट किराए पर लिया था. यहीं वह कई दिनों तक रही और उसके बाद गाजीपुर में जाकर सरेंडर कर दिया.

शिलांग पुलिस ने इंदौर में सोनम के उस किराए वाले फ्लैट की भी तलाशी ली जहां वह रूकी थी. यहां पुलिस उस ब्लैक बैग की तलाश कर रही थी जिसे सोनम राजा की हत्या के बाद अपने साथ लेकर आई थी. पुलिस को शक है कि उसी बैग में हत्या से जुड़े कोई अहम सबूत हो सकते हैं.

NATIONAL : हिंदी अनिवार्य होगी या वैकल्पिक? विवाद के बीच महाराष्ट्र के शिक्षा मंत्री ने कर दिया क्लियर

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महाराष्ट्र के शिक्षा मंत्री दादाजी भुसे ने स्पष्ट कर दिया कि स्कूलों में हिंदी भाषा अनिवार्य नहीं, बल्कि वैकल्पिक होगी. तीसरी भाषा के रूप में कोई और भाषा चुनी जा सकती है.महाराष्ट्र में मराठी और अंग्रेजी माध्यम के स्कूलों में पांचवीं क्लास तक हिंदी सामान्यतः तीसरी भाषा के रूप में पढ़ाई जाएगी, लेकिन जिन बच्चों की इच्छा हिंदी के बजाय अन्य भारतीय भाषाएं पढ़ने की है, उन्हें तीसरी भाषा बदले की अनुमति होगी. महाराष्ट्र के शिक्षा मंत्री दादाजी भुसे ने इस मामले में स्पष्टता से बयान दिया.

मंत्री दादाजी भुसे ने कहा कि हिंदी की जगह पर अन्य कोई भाषा पढ़ने की इच्छा वाले बच्चों की संख्या हर कक्षा में कम से कम 20 होनी चाहिए. अगर न्यूनतम 20 विद्यार्थी ऐसी इच्छा जताते हैं, तो उस भाषा को पढ़ाने के लिए शिक्षक की व्यवस्था की जाएगी, वरना वह भाषा ऑनलाइन पढ़ाई जाएगी.

सभी माध्यमों के स्कूलों में मराठी भाषा अनिवार्य होगी. जो स्कूल मराठी भाषा नहीं पढ़ाएंगे, उन पर कार्रवाई की जाएगी. इस संबंध में सभी योजनाएं स्कूल शिक्षा आयुक्त स्तर से तुरंत की जाएंगी. मराठी और अंग्रेजी माध्यम के स्कूलों के अलावा, अन्य माध्यम की स्कूलों में पांचवीं कक्षा तक माध्यम भाषा, मराठी और अंग्रेजी– ये तीन भाषाएं पढ़ाई जाएंगी.

छठी से दसवीं कक्षा के लिए भाषा नीति राज्य पाठ्यक्रम आराखड़ा स्कूल शिक्षा के अनुसार ही लागू होगी. ऐसा भी मंत्री दादाजी भुसे ने स्पष्ट किया. पांचवीं कक्षा के लिए मराठी और अंग्रेजी माध्यम के स्कूलों में हिंदी के संदर्भ में 16 अप्रैल 2025 के शासकीय निर्णय में उपरोक्तानुसार बदलाव किया गया है, यह जानकारी स्कूल शिक्षा विभाग ने दी है.

मनसे प्रमुख राज ठाकरे ने कहा, “मैंने दो पत्र लिखकर हिंदी को अनिवार्य भाषा बनाने का विरोध किया था. मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने आश्वासन दिया था कि हिंदी को अनिवार्य नहीं किया जाएगा, या कम से कम तृतीय भाषा के रूप में भी नहीं थोपा जाएगा. तीन भाषा की जो नीति लाई जा रही है, वह किस आधार पर लागू हो रही है? अन्य गैर-हिंदी भाषी राज्यों में यह लागू नहीं हो रहा. जैसे गुजरात में तीन भाषाओं में गणित, अंग्रेज़ी और गुजराती का विकल्प दिया गया है.”

राज ठाकरे ने कहा था कि वे हिंदी के विरोध में नहीं हैं. यह एक बहुत अच्छी भाषा है और वह इसका सम्मान करते हैं, लेकिन उनका सवाल है: महाराष्ट्र में ही हिंदी क्यों थोपी जा रही है? इससे स्कूलों की मराठी शिक्षा का महत्व धीरे-धीरे खत्म हो जाएगा. ऐसे में उन्होंने माता-पिता से अपील की कि हिंदी भाषा नीति का विरोध करें.

 

ENTERTAINMENT : संजय कपूर का अंतिम संस्कार आज, करिश्मा कपूर के बच्चे भी देंगे पिता को अंतिम विदाई

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करिश्मा कपूर के एक्स पति संजय कपूर का 8 दिन बाद आज दिल्ली में अंतिम संस्कार किया जाएगा. परिवार द्वारा जारी किए गए प्रेयर मीट नोट में करिश्मा के बच्चों का भी नाम शामिल है.

करिश्मा कपूर के एक्स पति और बिजनेसमैन संजय कपूर का 12 जून को इंग्लैंड में पोलो खेलते समय हार्ट अटैक से निधन हो गया था. वहीं संजय कपूर की मौत के 8 दिन बाद आज यानी गुरुवार को उनका दिल्ली में अंतिम संस्कार किया जाएगा. 22 जून को संजय कपूर की प्रेयर मीट रखी जाएगी. संजय कपूर के अंतिम संस्कार में उनकी एक्स वाइफ करिश्मा कपूर के बच्चे भी शामिल होंगे.

बता दें कि एनडीटीवी की रिपोर्ट के मुताबिक, बुधवार को संजय के परिवार ने एक प्रेस नोट जारी कर उनके अंतिम संस्कार के बारे में डिटेल में जानकारी दी. बताया जा रहा है कि बिजनेसमैन का अंतिम संस्कार गुरुवार को शाम 5 बजे लोधी रोड श्मशान घाट, नई दिल्ली में किया जाएगा.

वहीं सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक नोट के मुताबिक 22 जून को दिल्ली के ताज पैलेस होटल में शाम 4 से 5 बजे के बीच संजय कपूर की प्रार्थना सभा आयोजित की जाएगी. प्रेयर मीट नोट में संजय कपूर की तस्वीर और श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी से गुरुमुखी में लिखा एक कोट शामिल है. लास्ट में संजय की मां का नाम और उनकी तीसरी पत्नी प्रिया सचदेव का नाम लिखा है. इसमें उनके सभी बच्चों के नाम भी थे, जिनमें समायरा और कियान (करिश्मा कपूर के बच्चे), उनकी सौतेली बेटी सैफरा और उनके बेटे अजारियास (उनकी तीसरी पत्नी का बेटा) शामिल थे.

बता दें कि संजय कपूर का निधन 12 जून को हुआ था. बिजनेसमैन के पास अमेरिकी नागरिकता है. इस कारण भारत में उनका पार्थिव शरीर लाने में कई कानूनी अड़चने आ रही थी. इस वजह से उनके अंतिम संस्कार में देरी हुई. वहीं अब सारी कानूनी औपचारिकताएं पूरी हो जाने के बाद आज संजय कपूर पंचतत्व में विलीन हो जाएगे.

करीबी सूत्रों के अनुसार, संजय कपूर गार्ड्स पोलो क्लब में पोलो खेल रहे थे. इसी दौरान उन्हें सांस लेने में दिक्कत महसूस हुई और खेल के बीच में ही उनका दम घुटने लगा, उन्होंने खेल रोकने की रिक्वेस्ट की और फिर मैदान से बाहर चले गए. जल्द ही उन्हें दिल का दौरा पड़ा और उनकी मौत हो गई.एक अंदरूनी सूत्र ने यह भी खुलासा किया कि संजय कपूर ने कथित तौर पर एक मधुमक्खी निगल ली थी, और हो सकता है कि मधुमक्खी ने उनके गले में डंक मारा हो, जिससे उन्हें दिल का दौरा पड़ा.

 

ENTERTAINMENT : आमिर खान ने ठुकराई 120 करोड़ की OTT डील, ‘सितारे जमीन पर’ की शो टाइमिंग-टिकट रेट्स किए फिक्स

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आमिर खान ने अमेजन प्राइम वीडियो से मिले ₹120 करोड़ के डिजिटल राइट्स ऑफर को ठुकरा दिया. कई लोग मान सकते हैं कि ये सिर्फ एक तरीका था दूसरे ओटीटी प्लेटफॉर्म्स से और बेहतर डील पाने का, लेकिन ट्रेड एनालिस्ट कोमल नाहटा ने साफ किया कि आमिर ने ये फैसला इसलिए लिया ताकि वो इस सिस्टम को बदलने की कोशिश कर सकें.

बड़ी-बजट की एक्शन फिल्मों के इस दौर में भी आमिर खान की फिल्म ‘सितारे जमीन पर’ ने अपने पैर जमाए हुए हैं. फैंस के बीच इसका खूब क्रेज है. जबकि ये कोई भारी-भरकम एक्शन फिल्म नहीं बल्कि इमोशनल ड्रामा है. तारे जमीन पर की स्पीरिचुअल सीक्वल मानी जा रही सितारे जमीन पर की रिलीज नजदीक आते ही, आमिर खान ने इसके थिएटर और ओटीटी रिलीज को लेकर कुछ बड़े फैसले लिए हैं. उन्होंने फर्स्ट डे फर्स्ट शो के टाइमिंग से लेकर ओटीटी पर रिलीज में देरी तक के कई अहम निर्णय लिए हैं.

रिपोर्ट्स कहती हैं कि, आमिर खान ने अमेजन प्राइम वीडियो से मिले ₹120 करोड़ के डिजिटल राइट्स ऑफर को ठुकरा दिया. कई लोग मान सकते हैं कि ये सिर्फ एक तरीका था दूसरे ओटीटी प्लेटफॉर्म्स से और बेहतर डील पाने का, लेकिन ट्रेड एनालिस्ट कोमल नाहटा ने फिल्म इंफॉरमेशन में साफ किया कि आमिर ने ये फैसला इसलिए लिया ताकि वो इस सिस्टम को बदलने की कोशिश कर सकें. हाल के इंटरव्यूज में आमिर इस बात को कई बार कह चुके हैं कि थिएटर और ओटीटी रिलीज के बीच का 8 हफ्तों का गैप एक गलत बिजनेस मॉडल है.

इस फैसले के साथ आमिर ने एक बार फिर साबित किया है कि वो सिर्फ बातें नहीं करते, बल्कि खुद आगे बढ़कर उदाहरण पेश करते हैं. अगर उनकी ये रणनीति सफल होती है और ओटीटी पर रिलीज न होने से फिल्म की बॉक्स ऑफिस कमाई बढ़ती है, तो ये पूरे फिल्म इंडस्ट्री के लिए एक बड़ी सीख हो सकती है. लेकिन अगर ये दांव उल्टा पड़ा, तो सितारे जमीन पर को ₹120 करोड़ की आसान कमाई का नुकसान हो सकता है.

 

NATIONAL : जहां गिरा विमान, वहां शख्स को मिली 70 तोले सोने की ज्वेलरी, 50 हजार नकद, किया ये फैसला

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अहमदाबाद विमान दुर्घटना के बाद राहत बचाव कार्य में लगे लोगों में शामिल राजेश पटेल ने कहा कि उन्होंने घातक विमान दुर्घटना स्थल से लगभग 70 तोले सोने के आभूषण और समान पुलिस को सौंप दिए.अहमदाबाद में 12 जून को हुई विमान दुर्घटना के बाद राहत बचाव कार्य में लगे शुरुआती लोगों में शामिल राजेश पटेल यहां से शवों और कई घायलों को एम्बुलेंस तक छोड़ने के तुरंत बाद घटनास्थल पर वापस आए और सुलगते हुए मलबे में खोजबीन शुरू करने लगे.

57 साल के राजेश पटेल ने बताया कि उन्होंने घातक विमान दुर्घटना स्थल से लगभग 70 तोले सोने के आभूषण, 50 हजार रुपये और कुछ अमेरिकी डॉलर एकत्र किए और पुलिस को सौंप दिए. दुर्घटनास्थल से मात्र 300 मीटर की दूरी पर रहने वाले पटेल ने जब जोरदार धमाका सुना और आग का गोला आसमान में उठता देखा तो वे शहर के शाहीबाग क्षेत्र में अपने रिश्तेदार द्वारा संचालित निजी अस्पताल की एक एंबुलेंस में सवार हो गए.

निर्माण व्यवसाय से जुड़े पटेल ने बताया, ‘‘बीजे मेडिकल कॉलेज के छात्रावास परिसर में विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने की जानकारी मिलने पर मैं ज्यादा से ज्यादा लोगों को बचाने की उम्मीद में वहां पहुंचा. हालांकि हम पहले 15 से 20 मिनट तक घटनास्थल के करीब नहीं पहुंच सके. आग पर काबू पाने के बाद हमने बचाव कार्य शुरू किया.’’

पटेल और अन्य स्वयंसेवकों के पास कोई ‘स्ट्रेचर’ नहीं था, इसलिए उन्होंने शवों और घायलों को एंबुलेंस तक ले जाने के लिए पुरानी साड़ियों, चादरों और बोरों का इस्तेमाल किया. बचाव अभियान पूरा होने के बाद पटेल ने एअर इंडिया विमान में सवार लोगों के सामान और अन्य सामग्री को बचाने का काम शुरू कर दिया.पटेल ने बताया, ‘‘जले हुए और बिखरे पड़े 10 से 15 हैंडबैग से हमने 70 तोले सोने के आभूषण, आठ से 10 चांदी के सामान, कुछ पासपोर्ट, भगवद्गीता की एक प्रति, 50 हजार रुपये नकद और 20 डॉलर बरामद किए. हमने उन्हें बचाव अभियान की निगरानी कर रहे पुलिस के एक अधिकारी को सौंप दिया.’’

मेघाणी नगर थाने के निरीक्षक डीबी बसिया के मुताबिक, उनकी एक टीम को दुर्घटना स्थल से बरामद हर मूल्यवान वस्तु और सामान की विस्तृत सूची तैयार करने का काम सौंपा गया है. बसिया ने बताया, ‘‘सूची तैयार हो जाने के बाद हम एअर इंडिया के साथ समन्वय करेंगे और सत्यापन के बाद यात्रियों के परिजनों को कीमती सामान और अन्य सामग्री सौंपने की प्रक्रिया शुरू करेंगे. अभी तक हमारे पास सामान की कोई निश्चित संख्या या उनका मूल्य नहीं है.’’

गुजरात के गृह राज्य मंत्री हर्ष सांघवी ने 16 जून को घोषणा की थी कि विमान के मलबे से मिली हर वस्तु वापस कर दी जाएगी. मंत्री ने कहा, ‘‘वीनाबेन अघेडा के शव से बरामद चार से पांच तोला सोने के आभूषण को सावधानीपूर्वक ढूंढ़कर उनके परिवार को लौटा दिया गया. इसकी कीमत करीब साढ़े चार लाख रुपये थी.’’

UP : प्रेमी से शादी की जिद पर अड़ी बेटी का गला घोंटा, रातोरात जला दिया शव, अस्थियां यमुना में बहाई

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बागपत जिले में ऑनर किलिंग की वारदात सामने आई है, जहां दूसरी जाति के प्रेमी से शादी की जिद पर अड़ी युवती की घरवालों ने गला घोंटकर हत्या कर दी. फिर शव को जलाकर सबूत मिटाने की कोशिश की.

यूपी के बागपत जिले में ऑनर किलिंग की वारदात सामने आई है, जहां दूसरी जाति के प्रेमी से शादी की जिद पर अड़ी युवती की घरवालों ने गला घोंटकर हत्या कर दी. फिर शव को जलाकर सबूत मिटाने की कोशिश की. हत्या का आरोप मृतक युवती के मां-बाप, भाई व फुफेरी बहन पर लगा है. पुलिस ने दो आरोपियों को हिरासत में लिया है. वहीं, मृतका के प्रेमी ने अब खुद की जान को खतरा बताया है. उसने पुलिस से सुरक्षा की मांग की है.

दरअसल, पूरा मामला बागपत के बड़ौत कोतवाली के एक गांव का है. यहां शिवानी और अंकित के बीच कब दोस्ती इश्क में बदल गई, किसी को खबर नहीं लगी. जब घरवालों को पता चला तो दोनों ने खुलकर अपने रिश्ते की बात रखी. बोले- “हमें शादी करनी है, अपनी मर्जी से जीना है.” पर अफसोस… गांव, समाज, जाति-बिरादरी के ठेकेदारों को ये प्यार हजम नहीं हुआ.

आखिर में शिवानी के घरवालों ने ही उसकी सांसें छीन लीं. आधी रात को जब सब सो रहे थे तभी पिता और बाकी परिवार जन ने गला दबाकर शिवानी को मार डाला. इतना ही नहीं उसी रात उसकी चिता भी जला दी गई और अस्थियां व राख को यमुना नदी में बहा दिया गया. इस पूरी साजिश की खबर प्रेमी अंकित तक पहुंची तो वह घबरा गया. डरते-डरते उसने डायल 112 पुलिस को फोन पर सारी सच्चाई बताई. अंकित ने बताया कि उन्होंने मेरी शिवानी को मार डाला है… और अब मेरे परिवार की और मेरी जान भी खतरे में है.

प्रेमी अंकित ने बताया कि मरने से पहले शिवानी ने एक पत्र लिखा था और अपनी जान को खतरा बताया था, जिसमें उसने पिता-भाई सहित कई लोगो का जिक्र किया था. अंकित के मुताबिक, शिवानी और उसके बीच काफी समय से प्रेम प्रसंग था, लेकिन वो कश्यप और मैं प्रजापति बिरादरी से हूं, इसलिए शिवानी के घरवाले हमारे रिश्ते के खिलाफ थे. मगर शिवानी मेरे साथ ही रहना चाहती थी.

बकौल, अंकित कुमार- मैं पड़ोस की शिवानी से प्यार करता था. हम शादी करना चाहते थे. उसके परिवार वालों को पता चल गया और उन्होंने उसे मारकर जला दिया. अब मेरी जान भी खतरे में है. बुधवार की सुबह शिवानी का मोबाइल फोन बंद मिलने पर अंकित ने पुलिस को घटना की जानकारी दी, जिसके बाद पुलिस ने गांव जाकर जांच पड़ताल की तो हत्याकांड का खुलासा हुआ. पुलिस ने मृतका के पिता और मां से पूछताछ की तो उन्होंने हत्या कर शव जलाने की जानकारी दी.

फिलहाल, इस वारदात से गांव में सनसनी फैल गई. पुलिस ने सोशल मीडिया के माध्यम से जानकारी दी है कि इस हत्याकांड में दो लोगों को हिरासत में लिया गया है. मामले की बारीकी से जांच की जा रही है. इलाके में शांति-व्यवस्था कायम है.

UP : प्रेमी के घर पर बैठी थी पत्नी तभी आ धमका पति, दांत से काटकर अलग कर दी नाक

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हरदोई में पत्नी के अवैध संबंधों से नाराज पति ने उस पर भयंकर हमला बोल दिया. दरअसल, महिला अपने प्रेमी के घर बैठी हुई थी जब पति आ धमका और उसे समझाकर ले जाने लगा लेकिन जब वह नहीं मानी तो पति ने दांत से काटकर उसकी नाक अलग कर दी.

उत्तर प्रदेश के हरदोई में पत्नी के अवैध संबंधों से नाराज पति ने पत्नी के साथ जो किया वह डरा देने वाला है. पति ने प्रेमी के घर गई महिला की नाक अपने दांतों से काटकर अलग कर दी. दरअसल, महिला का गांव के एक युवक के साथ प्रेम प्रसंग था. महिला अपने प्रेमी से मिलने उसके घर गई थी. इस दौरान जानकारी होने पर महिला का पति उसे लेने प्रेमी के घर पहुंच गया. पति ने महिला को समझाने की कोशिश की लेकिन महिला के इनकार पर नाराज पति ने दांतों से उसकी नाक काट ली.

घटना के बाद महिला का प्रेमी महिला की कटी हुई नाक डिब्बी में लेकर थाने पहुंचा और पूरे मामले की शिकायत की. शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर महिला के पति को गिरफ्तार किया है. साथ ही महिला को उपचार के लिए लखनऊ मेडिकल कॉलेज भेजा गया है.

मामला जिले में थाना हरियावा के देवरिया प्रसिद्ध नगर गांव का है. यहां के रहने वाले रामखेलावन की पत्नी पूजा देवी का गांव के ही रहने वाले सुशील कुमार के साथ पिछले 10 महीने से प्रेम प्रसंग चल रहा था. बताया जा रहा है कि पत्नी के अवैध संबंधों से नाराज पति रामखेलावन पूजा देवी को उसके प्रेमी सुशील कुमार से बातचीत करने से मना करता था. पति के टोकने से नाराज पत्नी बुधवार सुबह गांव में अपने प्रेमी से मिलने उसके घर पहुंच गई. कुछ देर बाद जब पति को पता चला तो वह पीछे से पहुंच गया. पति रामखेलावन ने महिला को काफी समझाने की कोशिश की और घर चलने के लिए कहा लेकिन महिला ने वापस लौटने से मना कर दिया.

महिला के इनकार पर नाराज पति ने सबके सामने ही अपने दांतों से महिला की नाक काट ली. गंभीर हालत में महिला का प्रेमी सुशील कुमार महिला की कटी हुई नाक लेकर थाने पहुंचा. महिला को सीएचसी से प्राथमिक उपचार के बाद हरदोई मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया जहां से उसे लखनऊ मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है. पुलिस ने महिला की शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज कर आरोपी पति को गिरफ्तार कर लिया है. महिला के मुताबिक उसकी शादी 10 साल पहले हुई थी, उसके दो बच्चे हैं जिनमें एक की उम्र 7 साल और दूसरे की 9 साल है. करीब 10 महीने पहले उसका गांव के ही सुशील कुमार के साथ प्रेम संबंध हो गया था. उसका पति उसे जान से मारने की धमकी देता था इसी बात से नाराज होकर वह प्रेमी के घर चली गई थी जहां पति ने पहुंचकर उसपर हमला कर दिया.

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