NATIONAL : इंश्योरेंस नहीं तो न दें पेट्रोल’, SC का केन्द्र को निर्देश- तैयार करें पायलट प्रोजेक्ट

0
75

सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार समेत इंश्योरेंस रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी ऑफ इंडिया को लेकर मंगलवार (4 अगस्त 2026) को पायलट प्रोजेक्ट तैयार करने का निर्देश दिया. इसके तहत बिना इंश्योरेंस वाले वाहनों को पेट्रोल पंपो पर ईंधन देने से मना किया जा सके.

कोर्ट ने ऐसी गाड़ियों की पहचान करने और उन पर जुर्माना लगाने के लिए टेक्नोलॉजी पर अधारित सिस्टम बनाने का भी आदेश दिया. जस्टिस संजय करोल और जस्टिस प्रशांस कुमार मिश्रा की बेंच ने कई निर्देश जारी किए हैं. 

निर्देशों में क्या-क्या शामिल है? 

इन निर्देशों में बिना इंश्योरेंस वाली गाड़ियों के लिए ऑटोमैटिक ई-चालान जारी करने के लिए ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन कैमरों को इंश्योरेंस डेटाबेस से जोड़ना, ट्रैफिक पुलिस को इंश्योरेंस स्टेटस की तुरंत जांच के लिए हैंडहेल्ड डिवाइस देना, नई गाड़ियों के लिए अनिवार्य थर्ड पार्टी इंश्योरेंस की अवधि बढ़ाना, पुराने मोटर दुर्घटना मुआवजा मामलों को तेजी से निपटारा करना. शामिल हैं. भारत में चलने वाली 56 प्रतिशत गाड़ियां बिना इंश्योरेंस के हैं. 

कोर्ट ने कहा, ‘मोटर वाहन अधिनियम की धारा 146 के तहत अनिवार्य इंश्योरेंस का मकसद सिर्फ सड़क दुर्घटना पीड़ितों को मुआवजा दिलाना ही नहीं है. बल्कि यह भी है कि उन्हें लंबे समय तक चलने वाली कानूनी लड़ाई में न पड़ना पड़े. इसके अलावा कोर्ट ने सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) और IRDAI को एक ऐसे पायलट प्रोजेक्ट की जांच करने का निर्देश दिया है. इसके तहत ईंधन की सप्लाई को गाड़ी के इंश्योरेंस स्टेटस से जोड़ा जाएगा.’

बेंच ने अपने आदेश में क्या कहा है? 

बेंच ने आदेश देते हुए कहा कि अगर ऐसा नहीं होता है, तो संबंधित गाड़ी को पेट्रोल पंपों पर तबतक ईंधन नहीं दिया जाएगा, जबतक कि वैध इंश्योरेंस न ले लिया जाए. बेंच ने जोर देते हुए कहा कि ऐसा सिस्टम बिना इंश्योरेंस और बिना रजिस्ट्रेशन वाली गाड़ियों की पहचान करने में मदद करेगा. मालिकों को वैध इंश्योरेंस बनाए रखने के लिए प्रेरित करेगा. कोर्ट ने सुझाव दिया है कि इस प्रोजेक्ट के ANPR कैमरों का इस्तेमाल करके लागू किया जा सकता है. 

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here