Friday, September 25, 2026
Home Blog Page 196

MEERUT : ट्रोलिंग से टूटीं मेरठ की प्रणिता, रिटायर्ड जज पिता बोले- तलाक के बाद बेटी को सदमे से निकालने के लिए बजाए थे ढोल

0

Pranita Meerut Divorce Case: मेरठ की प्रणिता और उनके पिता रिटायर्ड जज ज्ञानेंद्र शर्मा का मामला अब एक कानूनी और सामाजिक विवाद में बदल गया है. तलाक के बाद ‘ढोल-नगाड़ों’ के साथ बेटी का स्वागत करने वाले वीडियो के वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर प्रणिता को काफी ट्रोल किया जा रहा है, जिससे उनका मानसिक तनाव और बढ़ गया है.

मेरठ में तलाक के बाद एक अनोखा मामला आया था, जब एक बेटी का तलाक हुआ और रिटायर्ड जज पिता ने ढोल-नगाड़ों के साथ उसका वापस घर में स्वागत किया. तलाक के बाद ढोल-नगाड़े बजवाने को लेकर सोशल मीडिया पर बेटी को ट्रोल किया जा रहा है. लड़की के पिता रिटायर्ड जज ने भी अपने ऊपर हमले का अंदेशा जाहिर किया है.

प्रणिता और उनके पूर्व पति मेजर गौरव अग्निहोत्री के बीच अब आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला शुरू हो गया है. प्रणिता के पिता ने गौरव के इंटरनेट मीडिया पर जारी बयान को मानहानि का मामला बताया है. बेटी प्रणिता ने भी पूर्व पति मेजर अग्निहोत्री पर गंभीर आरोप लगाए हैं. प्रणिता के अनुसार, मेजर गौरव ने उसे जान से मारने का प्रयास किया था.

दरअसल, मेरठ की रहने वाले रिटायर्ड जज ज्ञानेंद्र शर्मा की बेटी प्रणिता की शादी साल 2018 शाहजहांपुर के रहने वाले मेजर गौरव अग्निहोत्री से हुई थी. उनका एक बेटा भी हुआ. आरोप है कि शादी के बाद से ही दोनों में अनबन रहने लगी. मामला कोर्ट तक पहुंचा. जिसके बाद हाल ही में दोनों का तलाक हो गया. तलाक होने के बाद रिटायर्ड जज पिता ज्ञानेंद्र शर्मा ने अपनी बेटी का स्वागत ढोल नगाड़ों से किया और कहा कि बेटा-बेटी सब बराबर हैं. यह पूरा मामला सोशल मीडिया पर जबरदस्त तरीके से वायरल हुआ. देखें VIDEO:-

वहीं, अब इसके बाद प्रणिता और पूर्व ससुराल पक्ष की ओर से आरोप प्रत्यारोप शुरू हो गए हैं. प्रणिता के परिवार ने आरोप लगाया कि पूर्व पति गौरव समेत ससुर श्याम किशोर अग्निहोत्री सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक शब्दों का प्रयोग कर रहे हैं. प्रणिता के चरित्र पर टिप्पणी की जा रही है.वहीं, ससुराल वालों ने रिटायर्ड जज ज्ञानेंद्र शर्मा और प्रणिता पर गंभीर आरोप लगाए हैं, जिनके कई वीडियो भी ससुराल वालों की ओर से जारी किए गए.

वहीं, प्रणिता के पिता ज्ञानेंद्र शर्मा ने कहा कि तलाक के बाद बेटी को ढोल नगाड़े से लाने का और लड्डू बांटने का उद्देश्य प्रणिता को ट्रॉमा से बाहर निकलना था. हालांकि, तलाक किस आधार हुआ? इसकी सूचना प्रणिता ने किसी भी मीडिया प्लेटफॉर्म को नहीं दी. पति-पत्नी में नहीं बनने को तलाक की वजह बताया गया.

बताया जा रहा है कि सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मेजर गौरव अग्निहोत्री भी मीडिया के सामने आए और उन्होंने प्रणिता के परिवार पर आरोप लगाए. इसके बाद ही प्रणिता को सोशल मीडिया पर ट्रोल किया जा रहा है.

प्रणिता का कहना है, ”मम्मी पापा मुझे जिस चीज से निकलना चाहते थे, वह एंजायटी और डिप्रेशन वापस आ चुका है. कहीं मन नहीं लग रहा है. मुझे ऐसा लगता है कि मैं मुंह दिखाने लायक नहीं रही हूं.”वहीं, पिता ज्ञानेंद्र शर्मा ने कहा कि मेजर गौरव उनकी बेटी की समाज में छवि धूमल कर रहे हैं. पिता ज्ञानेंद्र शर्मा ने मेजर गौरव के खिलाफ सैन्य अधिकारियों, जालंधर आर्मी कैंट थाने में की गई कार्रवाई और फैमिली कोर्ट के समझौते नामे की कॉपी व साक्ष्य भी पेश किया.

पिता ने कहा कि उन्होंने न्यायालय में सभी आवश्यक दस्तावेज पेश कर दिए हैं. उन्होंने यह भी दोहराया कि वह अपनी बेटी के अधिकारों के लिए और रक्षा के लिए हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट तक जाएंगे.

NATIONAL : 85 मिनट में दिल्ली पहुंचा धड़कता दिल… युवक को मिली जिंदगी, 98 KM के ग्रीन कॉरिडोर की कहानी

0

कभी-कभी सड़कें सिर्फ रास्ता नहीं होतीं, बल्कि जिंदगी और मौत के बीच की सबसे तेज दौड़ बन जाती हैं. 9 अप्रैल की दोपहर भी कुछ ऐसी ही थी. हरियाणा के रोहतक से राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली तक एक डोनर हार्ट को महज 85 मिनट में ग्रीन कॉरिडोर से पहुंचाया गया. यह स्पेशल कॉरिडोर 9 अप्रैल को दिल्ली पुलिस और रोहतक पुलिस के सहयोग से बना था. यह दूरी करीब 98 किलोमीटर की थी.

यह कहानी सिर्फ एक खबर नहीं, बल्कि समय के खिलाफ दौड़ती जिंदगी की एक सांस रोक देने वाली यात्रा है… जहां हर सेकंड की कीमत किसी की धड़कन तय कर रही थी. 9 अप्रैल की दोपहर हरियाणा के रोहतक स्थित पीजीआईएमएस में 37 वर्षीय व्यक्ति ब्रेन हेमरेज के बाद भर्ती हुआ था. उसने होश खो दिया था. डॉक्टरों ने तमाम कोशिशों के बाद उसे ब्रेन डेड घोषित कर दिया था. उसी दुख की घड़ी में एक उम्मीद जन्म ले रही थी.

एक ऐसा निर्णय, जो कई जिंदगियों को बचाने वाला था. परिवार ने गहरा दर्द सहते हुए ऑर्गन डोनेट के लिए सहमति दे दी. यह फैसला आसान नहीं था, लेकिन इंसानियत की मिसाल बन गया. कुछ ही घंटों में अस्पताल में सर्जिकल टीम एक्टिव हो गई. शरीर से अंगों को निकालने का काम शुरू हुआ- हार्ट, फेफड़े, लीवर, किडनी और कॉर्निया… हर ऑर्गन किसी न किसी अजनबी के लिए जीवन की नई किरण बनने वाला था.

एजेंसी के अनुसार, दिल्ली के ओखला स्थित फोर्टिस एस्कॉर्ट्स हार्ट इंस्टीट्यूट में एक 26 साल का युवक भर्ती था, उसे गंभीर डाइलेटेड कार्डियोमायोपैथी थी- एक ऐसी बीमारी जिसमें दिल धीरे-धीरे कमजोर होकर शरीर का साथ छोड़ देता है. डॉक्टरों ने पहले ही बता दिया था कि बिना ट्रांसप्लांट के जीवन ज्यादा लंबा नहीं है. उस दिन जैसे ही उसे मैचिंग हार्ट मिलने की सूचना मिली, अस्पताल में हलचल तेज हो गई.

दिल को रोहतक से दिल्ली तक पहुंचाने के लिए ग्रीन कॉरिडोर बनाया गया. दिल्ली पुलिस और रोहतक पुलिस ने मिलकर सड़कों को इस तरह खाली कराया जैसे समय खुद रास्ता दे रहा हो. एम्बुलेंस में सुरक्षित रखा गया वह दिल, जो अभी कुछ समय पहले तक किसी और शरीर में धड़क रहा था, अब एक नए जीवन की ओर बढ़ रहा था.

सायरन की आवाज के साथ एम्बुलेंस ने 2:50 बजे रोहतक से सफर शुरू किया. हर चौराहा पहले से खाली था, हर ट्रैफिक सिग्नल हरा. यह सिर्फ एक यात्रा नहीं थी, यह एक मानवीय कोशिश थी- जहां सिस्टम, डॉक्टर, पुलिस और आम लोग सभी एक साथ थे.

98 किलोमीटर की यह दूरी सामान्य दिनों में डेढ़ से दो घंटे लेती है, लेकिन उस दिन समय भी हार मान चुका था. मात्र 85 मिनट में एंबुलेंस दिल्ली के फोर्टिस एस्कॉर्ट्स अस्पताल पहुंच गई. जैसे ही हार्ट सर्जरी थिएटर में पहुंचा, डॉक्टरों की टीम तुरंत एक्टिव हो गई. हर सेकंड कीमती था. मशीनों की बीप, सर्जिकल उपकरणों की हल्की आवाज और डॉक्टरों की एकाग्रता- सब मिलकर उस कोशिश में थे, जहां दिल फिर से धड़कने वाला था. ऑपरेशन सफल रहा.

26 वर्षीय मरीज, जो कुछ समय पहले तक जिंदगी और मौत के बीच झूल रहा था, अब धीरे-धीरे नए दिल की धड़कन महसूस कर रहा था. ICU में उसकी हालत स्थिर बताई गई और डॉक्टरों की निगरानी जारी रही.

एक डोनर से कई जिंदगियां बचाई गईं. फेफड़े गुरुग्राम के अस्पताल भेजे गए, लीवर और पैंक्रियास एम्स दिल्ली को मिले, जबकि किडनी और कॉर्निया रोहतक में ही इस्तेमाल किए गए. यह मानवता की कहानी है. यह बताती है कि जब सिस्टम, तकनीक और इंसानियत साथ आते हैं, तो असंभव भी संभव हो जाता है.

सबसे महत्वपूर्ण उस परिवार का साहस है, जिसने अपने दर्द को दूसरों की उम्मीद में बदल दिया. 98 किलोमीटर की वह सड़क शायद आम दिनों में सिर्फ एक मार्ग है, लेकिन उस दिन वह जीवन की सबसे तेज दौड़ बन गई, जहां एक दिल ने हार मानने से इनकार कर दिया, और कई दिलों को जीने का मौका दे दिया.

ENTERTAINMENT : ‘आज एक आसमान ने जमीन छोड़ दी’, आशा भोसले को सिनेमा जगत का नमन

आशा भोसले के निधन से संगीत जगत को बड़ा झटका लगा है. 92 साल की उम्र में उन्होंने दुनिया को अलविदा कह दिया. ब्रीच कैंडी अस्पताल में भर्ती आशा जी को कार्डियक अरेस्ट आया था. बेटे आनंद भोसले ने उनके निधन की पुष्टि की. सेलेब्स उन्हें याद कर श्रद्धांजलि दे रहे हैं.

बॉलीवुड की लेजेंड्री सिंगर आशा भोसले ने 92 की उम्र में हमेशा के लिए अपनी आंखें मूंद ली हैं. वो अपने पीछे एक लंबी विरासत छोड़ गई हैं. उनके साथ जैसे सुरों का एक पूरा युग खामोश हो गया. वो आवाज, जिसने दशकों तक हर एहसास को शब्द दिए- चाहे वो प्यार हो, दर्द हो, शरारत हो या जश्न, आज हमेशा के लिए थम गई है. हिंदी सिनेमा के अनगिनत गानों में बस चुकी आशा भोसले की आवाज सिर्फ एक गायकी नहीं, बल्कि करोड़ों दिलों की धड़कन थी.

आशा को 11 अप्रैल को ब्रीच कैंडी अस्पताल में भर्ती कराया गया था. पोती जनाई ने बताया था कि उन्हें कार्डियक अरेस्ट आया है. वो ICU में थीं, इसके अगले दिन 12 अप्रैल को खबर आई कि दिग्गज सिंगर ने इस दुनिया को अलविदा कह दिया है.

अमित शाह ने दी श्रद्धांजलि

आशा ताई सबकी चहेती थीं. उनके निधन पर गृह मंत्री अमित शाह ने भी अपनी संवेदनाएं जाहिर की. उन्होंने लिखा- आज हर भारतीय और विशेषकर मेरे जैसे हर संगीत प्रेमी के लिए दुखद दिन है, जब हम सबकी प्रिय आशा भोसले जी हमारे बीच नहीं रहीं. आशा ताई ने न सिर्फ अपनी मधुर आवाज और अद्वितीय प्रतिभा से एक अलग पहचान बनाई, बल्कि अपने सुरों से भारतीय संगीत को भी और अधिक समृद्ध किया. हर तरह के संगीत में ढल जाने की उनकी अनोखी प्रतिभा हर व्यक्ति का दिल जीत लेती थी. अपनी आवाज से करोड़ों दिलों को छूने वालीं आशा जी ने हिंदी, मराठी, बांग्ला, तमिल, गुजराती सहित अनेक भाषाओं के साथ-साथ लोकगीतों में भी अमिट छाप छोड़ी.

‘आशा ताई की आवाज में जितनी कोमलता थी, उनके व्यवहार में भी उतनी ही सादगी और आत्मीयता थी. उनसे जब भी मुलाकात होती थी, संगीत और कला जैसे अनेक विषयों पर लंबी बातें होती थीं. आज वे भले ही हमारे बीच नहीं हैं, पर अपनी आवाज से वे सदैव हमारे दिलों में रहेंगी. ईश्वर आशा जी को अपने श्रीचरणों में स्थान दें। उनके परिजनों और असंख्य प्रशंसकों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करता हूं. ओम शांति शांति शांति.’

बेटे ने किया कंफर्म- कब होगा अंतिम संस्कार

हर दौर की हीरोइन को अपनी आवाज देने वाली आशा जी ने संगीत को एक नई पहचान दी. उनकी आवाज में वो जादू था, जो पीढ़ियों को जोड़ता रहा और शायद हमेशा जोड़ता रहेगा.

इस दुखद खबर की पुष्टि उनके बेटे आनंद भोसले ने की. उन्होंने कहा- मेरी मां का आज निधन हो गया. लोग कल सुबह 11 बजे लोअर परेल स्थित कासा ग्रांडे में उन्हें अंतिम श्रद्धांजलि दे सकते हैं, जहां वो रहती थीं. उनका अंतिम संस्कार कल शाम 4 बजे शिवाजी पार्क में किया जाएगा.

सेलेब्स ने दी श्रद्धांजलि

आशा ताई का जाना देशभर के लिए बड़ी क्षति है. बॉलीवुड जगत से तमाम लोग उन्हें श्रद्धांजलि दे रहे हैं और उनके साथ बिताए आखिरी पल याद कर रहे हैं.

अक्षय कुमार ने आशा के साथ एक थ्रोबैक तस्वीर शेयर की और लिखा कि उनकी सुरीली आवाज हमेशा अमर रहेगी.

जॉनी लीवर की बेटी कॉमेडियन जेमी लीवर जो आशा भोसले की नकल के लिए जानी जाती हैं, उन्होंने दुख जाहिर किया. सोशल मीडिया पोस्ट कर लिखा- मेरा दिल बहुत भारी है ये लिखते हुए. मैं हमेशा से उनकी कला की बहुत बड़ी प्रशंसक रही हूं. अपने सफर के दौरान मैं उनकी आवाज और अंदाज से बहुत प्रेरित हुई. उनकी गायकी से मैं इतनी प्रभावित थी कि मैं खुद-ब-खुद उनकी तरह गाने की कोशिश करने लगी. लोग मेरी आवाज की समानता (इमिटेशन) को पसंद करते हैं, लेकिन सच तो यही है कि आशा जी जैसी सिर्फ एक ही हो सकती हैं.

‘उन्हें शन्मुखानंद हॉल में लाइव देखना मेरे लिए कभी न भूलने वाला पल था. उस समय भी उनकी आवाज, उनका आकर्षण और उनकी ऊर्जा ने पूरे मंच को रोशन कर दिया था और मैं उनकी और भी बड़ी फैन बन गई. मैं हमेशा उनसे मिलना चाहती थी, लेकिन अब वो संभव नहीं हो पाएगा. वो शायद मेरे गाल खींचतीं, एक थप्पड़ भी मार देतीं या प्यार से ‘पागल लड़की’ कहतीं… और मैं ये सब खुशी-खुशी स्वीकार करती. जैसा कि मैं पहले भी कह चुकी हूं- “आप हैं तो हम हैं.” मैं जो भी हूं, उसमें एक हिस्सा “छोटी आशा जी” का है, जो उन्हीं की वजह से है.’

मनोज मुंतशिर ने एक कविता के जरिए आशा भोसले को ट्रिब्यूट दिया. उन्होंने लिखा- कुछ लोग यूं बुलंद थे कि दास्तान हो गए…पैदा हुए जमीन पर और आसमान हो गए.” आज एक आसमान ने ये जमीन छोड़ दी. आप बहुत याद आयेंगी ताई. ओम शांति!

फिल्म मेकर करण जौहर ने लिखा- ये कहना कि हमने आज एक लेजेंड को खो दिया, बहुत छोटा होगा. आशा जी जैसी कोई दूसरी नहीं थी- उनकी आवाज सिर्फ एक पीढ़ी ही नहीं, बल्कि पूरे सिनेमा के दौर को परिभाषित करती थी. मैं हमेशा से उनकी आवाज, उनकी कला और उनकी शख्सियत का बहुत बड़ा फैन रहा हूं. आशा जी, आपका संगीत हमेशा जिंदा रहेगा और हम खुद को खुशकिस्मत मानते हैं कि हमें आपका जादू महसूस करने का मौका मिला.

टंडन ने भी आशा भोसले को याद किया और कहा कि ये क्षति कभी भर नहीं सकती.

बॉलीवुड की दिग्गज अदाकारा हेमा मालिनी आशा ताई को याद किया और लिखा कि उन्हें विश्वास नहीं हो रहा कि दिग्गज सिंगर नहीं रहीं.

काजोल ने सिंगर को याद करते हुए कहा कि वो हमेशा से लेजेंड थीं.

वहीं सुशांत दिवगीकर ने लिखा- शांति से अपनी ताकत में आराम कीजिए मेरी क्वीन.

सुधांशु पांडे ने दिग्गज सिंगर के साथ एक पुरानी तस्वीर पोस्ट की और उन्हें नम आंखों से याद किया.

एक कलाकार नहीं, बल्कि एक एहसास हमसे दूर चला गया है. लेकिन उनकी आवाज, उनके गाने हमेशा हमारे साथ रहेंगे.

NATIONAL : आशा भोसले के निधन पर भावुक हुए CM फडणवीस, कहा- मंगेशकर परिवार का एक और सितारा टूट गया

0

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने आशा भोसले निधन पर कहा कि ऐसी बहुमुखी प्रतिभा की धनी गायिका, जिन्होंने बदलाव को इतनी सहजता से अपनाया, अब दोबारा नहीं आएंगी.

मशहूर गायिका आशा भोसले का 92 साल की उम्र में निधन हो गया है. आशा भोसले को कार्डियक अरेस्ट के बाद शनिवार को ब्रीच कैंडी हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था. आज रविवार (12 अप्रैल) को दिग्गज सिंगर आशा भोसले का निधन हो गया. वहीं उनके निधन की खबर को सुनकर हर कोई हैरान है. इसी क्रम में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने आशा भोसले के निधन पर भावुक होते हुए एक लंबा-चौड़ा पोस्ट किया है. उन्होंने कहा कि मंगेशकर परिवार का एक और सितारा टूट गया.

सीएम देवेंद्र फडणवीस ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा-“पद्म विभूषण और महाराष्ट्र भूषण से सम्मानित गायिका आशाताई भोसले के निधन की खबर बेहद हृदयविदारक है. उन्होंने अभी तीन साल पहले ही अपना 90वां जन्मदिन बड़े धूमधाम से मनाया था. उनके निधन के साथ ही, लता दीदी के बाद मंगेशकर परिवार का एक और सितारा टूट गया है. सुरों का वह खूबसूरत चमन आज वीरान हो गया है.”

मुख्यमंत्री ने आगे लिखा-“आशाताई की आवाज संगीत की आत्मा थी, गायन के क्षेत्र में आशाताई एक शाश्वत वसंत थीं और मधुर भावनाओं का एक विशाल सागर थीं. ‘तोरा मन दर्पण कहलाए’ जैसे रूह को छू लेने वाले गीतों से लेकर ‘खल्लास’ जैसे गानों तक, उन्होंने अनगिनत भावों वाले गीत बड़ी सहजता से गाए. उन्होंने भक्ति गीत, भावपूर्ण धुनें, नाट्य संगीत, गजल, शास्त्रीय संगीत, रवींद्र संगीत, लोकगीत और पॉप जैसे विभिन्न शैलियों पर अपनी एक अनोखी छाप छोड़ी. मराठी, हिंदी, बंगाली के साथ-साथ 20 अन्य भारतीय भाषाओं और विदेशी भाषाओं में 12,000 से अधिक गीत गाने वाली आशाताई को ‘महाराष्ट्र भूषण’ की तर्ज पर ‘बांग्ला विभूषण’ जैसे पुरस्कारों से भी सम्मानित किया गया था.”

उन्होंने आगे लिखा-“ऐसी बहुमुखी प्रतिभा की धनी गायिका, जिन्होंने बदलाव को इतनी सहजता से अपनाया, अब दोबारा नहीं आएंगी. अभी हाल ही में, ‘विश्व रेडियो दिवस’ के एक कार्यक्रम में जब हम साथ थे, तो उन्होंने मुझसे जिद करके अपने लिए ‘अभी न जाओ छोड़कर…’ गीत गवाया था और मजाकिया अंदाज में कहा भी था, “देखो, मैंने मुख्यमंत्री से अपने लिए गाना गवा लिया. यह विचार ही असहनीय है कि अब हमें आशाताई का साथ नहीं मिलेगा. मैं उन्हें अपनी भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करता हूँ. हम उनके परिवार और देश भर में फैले उनके असंख्य प्रशंसकों के दुख में उनके साथ हैं. ॐ शांति”

ENTERTAINMENT : प्रणाली राठौड़ और आशय मिश्रा का क्लोज मोमेंट हुआ सोशल मीडिया पर वायरल, फैंस में मची हलचल

स्टार प्लस के पॉपुलर शो ये रिश्ता क्या कहलाता है में अक्षु की भूमिका निभाकर पॉपुलैरिटी हासिल करने वाली प्रणाली राठौड़ इन दिनों अपनी पर्सनल लाइफ को लेकर सुर्खियां बटोरती हुई नजर आ रही हैं.

प्रणाली राठौड़ एक बार फिर से लाइमलाइट में छा गई हैं, इसके पीछे की वजह है उनका लेटेस्ट सोशल मीडिया पोस्ट.उनके लेटेस्ट पोस्ट को देखने के बाद फैंस ने ये कयास लगाना शुरू कर दिया है कि एक्ट्रेस अपने शो दुर्गा-अटूट प्रेम कहानी के को-एक्टर आशय मिश्रा को डेट कर रही हैं.बता दें प्रणाली राठौड़ की गिनती टीवी की टॉप एक्ट्रेस में होती है.ऐसे में उनके लेटेस्ट पोस्ट ने सोशल मीडिया पर नई हलचल पैदा कर दी है,उन्होंने अपने पोस्ट में बिना कुछ कहे ही काफी कुछ कह दिया है.

दरअसल, आशय मिश्रा के संग प्रणाली के रिलेशनशिप की चर्चा तब शुरू हुई, जब उन्होंने सोशल मीडिया पर वीडियो कॉल का एक स्क्रीनशॉट शेयर किया. इस पोस्ट को शेयर कर एक्ट्रेस ने ज्यादा कुछ तो नहीं लिखा है. लेकिन, एक छोटी सी इमोजी जोड़ दी है, जिसने फैंस का ध्यान अपनी तरफ खींच लिया है.उनके इस पोस्ट को देखने के बाद लोगों ने तरह-तरह की चर्चाएं शुरू कर दी है. भले ही प्रणाली ने ऑफिशियल तौर पर कुछ भी नहीं कहा है. लेकिन, इशारों ही इशारों में उन्होंने आशय मिश्रा के संग अपने खास बॉन्डिंग की तरफ इशारा कर दिया है.

इसके बाद शेयर की गई एक और तस्वीर, जिसमें दोनों साथ नजर आए. उस तस्वीर ने इन अफवाहों को और हवा दे दी है.दोनों का ये मोमेंट काफी पर्सनल लगा, जिससे फैंस को उनके रिश्ते को लेकर यकीन होने लगा.इसके साथ ही प्रणाली ने कैप्शन में रेड हार्ट इमोजी भी शेयर की है,जिसने इन अफवाहों को और भी ज्यादा बढ़ावा दे दिया है.के फैंस उनके इस पोस्ट को देख काफी खुश नजर आ रहे हैं. बता दें इससे पहले प्रणाली राठौड़ का नाम उनके शो ये रिश्ता क्या कहलाता है के को-स्टार हर्षद चोपड़ा के साथ जुड़ा था.शो में प्रणाली ने अक्षरा की भूमिका निभाई थी और हर्षद चोपड़ा ने अभिमन्यू की भूमिका निभाई थी.दोनों की ऑन-स्क्रीन केमिस्ट्री लोगों को काफी पसंद आई.

NATIONAL : सालगिरह के दो दिन बाद मातम… वृंदावन नाव हादसे में महिला की मौत, परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़

0

वृंदावन के नाव हादसे में पंजाब के मोगा के हंस परिवार की खुशियां मातम में बदल गईं. हादसे में सपना हंस की मौत हो गई, जबकि रीमा हंस और सरोज रानी गंभीर रूप से घायल हैं और अस्पताल में भर्ती हैं. शादी की सालगिरह के दो दिन बाद हुए हादसे से परिजन सदमे में हैं.

वृंदावन में शुक्रवार (10 अप्रैल) को हुए नाव हादसे ने पंजाब के मोगा जिले के एक परिवार की खुशियां मातम में बदल गया. जानकारी के अनुसार, जगराओं से मोगा का हंस परिवार अपने रिश्तेदारों के साथ 9 अप्रैल को घूमने के लिए वृंदावन आया था और 10 अप्रैल को दोपहर करीब 12 बजे यहां पहुंचा. हादसे के समय परिवार के सदस्य दो अलग-अलग नावों में सवार थे.

एक नाव में सपना हंस, रीमा हंस और सरोज रानी सवार थीं, जबकि दूसरी नाव में अनिल हंस और उनकी भतीजी नेहा हंस अन्य लोगों के साथ मौजूद थे. अचानक हुए इस हादसे में एक नाव हादसे का शिकार हो गई, जिससे परिवार में अफरा-तफरी मच गई.इस हादसे में नाव में सवार सपना हंस (करीब 50-55 वर्ष) की मौत हो गई. वहीं, रीमा हंस और सरोज रानी को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है. दूसरी नाव में सवार अनिल हंस और नेहा हंस पूरी तरह सुरक्षित हैं.

परिवार के लिए यह हादसा इसलिए और भी दर्दनाक बन गया क्योंकि 8 अप्रैल को ही सपना हंस और अनिल हंस की शादी की सालगिरह थी. खुशियों के माहौल के बीच महज दो दिन बाद ही यह दुखद घटना हो गई, जिससे पूरे परिवार में शोक की लहर फैल गई.मृतक सपना हंस के देवर ट्विंकल हंस ने बताया कि उनके बड़े भाई अनिल हंस और भाभी की 8 अप्रैल को शादी की सालगिरह थी. उन्होंने कहा कि किसी को अंदाजा नहीं था कि परिवार के साथ इतनी बड़ी अनहोनी हो जाएगी.

ट्विंकल हंस ने बताया कि वह भी वृंदावन जाने वाले थे, लेकिन किसी कारणवश समय पर नहीं जा सके. वहीं उनकी पत्नी और भतीजी इस यात्रा में शामिल थीं.मृतक सपना हंस के दो बेटे हैं, जिनमें एक विदेश में रहता है और दूसरा दिल्ली में रहता है. घटना की जानकारी मिलते ही दिल्ली में रह रहा उनका बेटा तुरंत वृंदावन के लिए रवाना हो गया.हादसे के समय उनकी भतीजी नेहा और उनका भाई दूसरी नाव में सवार थे, जिससे वे सुरक्षित बच गए. घटना की सूचना मिलते ही परिवार के अन्य सदस्य मोगा से वृंदावन के लिए रवाना हो चुके हैं. इस हादसे ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है.

बता दें कि वृंदावन के केशी घाट के पास यमुना नदी में पर्यटकों से भरी नाव पोंटून पुल से टकराकर पलट गई थी. नाव में 30 से अधिक लोग सवार थे जो नदी में गिर गए, जिनमें से 10 की मौत हो गई, जबकि 22 को बचा लिया गया है. वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने घोषणा की है कि वृंदावन हादसे में प्रत्येक मृतक के परिजनों को पीएमएनआरएफ से 2 लाख रुपये की अनुग्रह राशि दी जाएगी और घायलों को 50 हजार रुपये दिए जाएंगे.

WORLD : पाकिस्तान में अमेरिका-ईरान बातचीत फेल: 21 घंटे की मीटिंग बेनतीजा, जानिए 10 बड़े अपडेट्स

0

ईरान ने बातचीत में 10 बिंदुओं की योजना पेश की थी. इसमें मिडिल ईस्ट से अमेरिकी सेना हटाने, प्रतिबंध खत्म करने, युद्ध की भरपाई और होर्मुज स्ट्रेट पर अपना नियंत्रण बनाए रखने की मांग थी.

इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान के बीच हुई बहुप्रतीक्षित बातचीत आखिरकार किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सकी. करीब 21 घंटे तक चली इस लंबी और अहम मीटिंग से उम्मीद थी कि पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव को कम करने का रास्ता निकलेगा और जंग पर विराम लग सकेगा. लेकिन रविवार को अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने साफ कर दिया कि उनकी टीम बिना किसी समझौते के पाकिस्तान से लौट रही है. इससे यह साफ हो गया है कि दोनों देशों के बीच मतभेद अभी भी काफी गहरे हैं और हालात जल्दी सुधरते नजर नहीं आ रहे.

दोनों देशों के प्रतिनिधि लगातार 21 घंटे तक आमने-सामने बैठकर बातचीत करते रहे. इस दौरान कई दौर की चर्चा हुई और अलग-अलग मुद्दों पर विस्तार से विचार किया गया. लिखित प्रस्ताव भी एक-दूसरे को दिए गए, लेकिन कोई ऐसा रास्ता नहीं निकल पाया जिस पर दोनों सहमत हो सकें.

अमेरिका चाहता था कि ईरान कुछ अहम मुद्दों पर साफ और मजबूत वादा करे. लेकिन ईरान ने इन शर्तों को मानने से इनकार कर दिया. जेडी वेंस ने कहा कि अमेरिका ने अपनी सीमाएं साफ कर दी थीं, लेकिन ईरान उस पर सहमत नहीं हुआ.

सबसे बड़ा विवाद ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर रहा. अमेरिका चाहता है कि ईरान यह गारंटी दे कि वह परमाणु हथियार नहीं बनाएगा और न ही ऐसी तकनीक विकसित करेगा जिससे वह जल्दी हथियार बना सके. लेकिन इस पर भरोसा नहीं बन पाया.

होर्मुज स्ट्रेट भी इस बातचीत का बड़ा मुद्दा रहा. यह दुनिया का बहुत महत्वपूर्ण समुद्री रास्ता है, जहां से लगभग 20% कच्चा तेल गुजरता है. ईरान इस पर अपना नियंत्रण बनाए रखना चाहता है, जबकि अमेरिका चाहता है कि यह रास्ता सभी देशों के लिए खुला रहे.

ईरान की मांग है कि उस पर लगे आर्थिक प्रतिबंध हटाए जाएं और उसकी विदेशों में फंसी संपत्तियों को वापस किया जाए. अमेरिका इस पर सख्त रुख अपनाए हुए है, जिससे बातचीत और मुश्किल हो गई.

इसी बीच इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि उनका देश ईरान और उसके सहयोगियों के खिलाफ कार्रवाई जारी रखेगा. लेबनान में हो रहे हमलों से क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है, जिससे बातचीत का माहौल भी प्रभावित हुआ.

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अगर समझौता नहीं भी होता है तो अमेरिका को कोई फर्क नहीं पड़ेगा. उनका यह बयान दिखाता है कि अमेरिका दबाव में आकर समझौता करने के मूड में नहीं है.

इस पूरी बातचीत में पाकिस्तान ने अहम भूमिका निभाई. उसने दोनों देशों को बातचीत के लिए एक मंच पर लाया. जेडी वेंस ने भी पाकिस्तान की कोशिशों की तारीफ की, लेकिन कहा कि मतभेद इतने गहरे थे कि समझौता नहीं हो पाया.

ईरान ने बातचीत में 10 बिंदुओं की योजना पेश की थी. इसमें मिडिल ईस्ट से अमेरिकी सेना हटाने, प्रतिबंध खत्म करने, युद्ध की भरपाई और होर्मुज स्ट्रेट पर अपना नियंत्रण बनाए रखने की मांग शामिल थी. ये मांगें अमेरिका के लिए स्वीकार करना मुश्किल थीं.

अब जब बातचीत फेल हो गई है, तो स्थिति और जटिल हो गई है. होर्मुज स्ट्रेट, परमाणु कार्यक्रम, प्रतिबंध और क्षेत्रीय संघर्ष जैसे मुद्दे अभी भी हल नहीं हुए हैं. अगर जल्द कोई समझौता नहीं हुआ, तो इसका असर पूरी दुनिया पर पड़ सकता है. तेल की कीमतें बढ़ सकती हैं, व्यापार प्रभावित हो सकता है और मिडिल ईस्ट में तनाव और बढ़ सकता है. आने वाले समय में यह संकट और गंभीर रूप ले सकता है, जिससे वैश्विक स्थिरता पर भी असर पड़ेगा.

MP : महाकुंभ की वायरल गर्ल केस में MP सरकार का बड़ा एक्शन, फर्जी बर्थ सर्टिफिकेट जारी करने वाले CMO को हटाया

0

‘महाकुंभ की वायरल गर्ल’ के फर्जी जन्म प्रमाण पत्र मामले में MP सरकार ने पहली बड़ी गाज गिराई है. नगर परिषद महेश्वर के सीएमओ का तबादला कर दिया गया है, जबकि इस मामले के तार अब ‘लव जिहाद’ और अंतरराष्ट्रीय संगठनों तक जुड़ते नजर आ रहे हैं.महाकुंभ की वायरल गर्ल मामले ने तूल पकड़ लिया है. केरल में मुस्लिम युवक फरमान से शादी रचाने वाली लड़की नाबालिग निकली. अब उसका फर्जी जन्म प्रमाण पत्र जारी करने वाले नगर परिषद महेश्वर के सीएमओ का तबादला कर दिया है.

सीएमओ प्रियंक पंड्या का तबादला अब धार जिले की धामनोद नगर परिषद किया गया है. नगर परिषद ने जारी किए जन्म प्रमाण पत्र को निरस्त कर दिया है. मामले को राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग ने जांच में लिया है. दरअसल, खरगोन जिले का महेश्वर इन दिनों देशभर में सुर्खियों में बना है. महाकुंभ की वायरल गर्ल का जन्म प्रमाण पत्र जो नगर परिषद महेश्वर द्वारा जारी किया गया था, जांच में फर्जी निकला.

मामला संवेदनशील होने के कारण मध्य प्रदेश शासन के उपसचिव प्रमोद शुक्ला ने स्थानांतरण आदेश जारी करते हुए तत्काल प्रभाव से सीएमओ प्रियंक पंड्या का ताबदला किया है.बता दें कि नगर परिषद महेश्वर ने मोनालिसा का जन्म प्रमाण पत्र 5 जून 2025 को जारी किया गया था. इसमें मोनालिसा का जन्म 2008 में बताया गया था. इसी जन्म प्रमाण पत्र को आधार बनाकर बागपत (उत्तर प्रदेश) के रहने वाले फरमान खान ने उसके साथ केरल में शादी रचाई है, जबकि जांच में उक्त जन्म प्रमाण पत्र फर्जी पाया गया.

दरअसल, वायरल गर्ल की मां ने बताया कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र महेश्वर में 30 दिसंबर 2009 को बेटी को जन्म दिया था. अस्पताल के पंजीयक रजिस्टर में बाकायदा मां का और पिता का नाम दर्ज है.साथ ही 30 दिसंबर 2009 को शाम 5:50 बजे पुत्री का जन्म बताया गया है. जिसका वजन 2 किलो 100 ग्राम था और ये नॉर्मल डिलीवरी हुई थी. मां ने दावा किया कि वह अनपढ़ हैं और एक अनजान शख्स ने उनकी अज्ञानता का फायदा उठाकर कागजों पर दस्तखत ले लिए थे.

खरगोन-बड़वानी सांसद गजेंद्र पटेल ने इस मामले को लेकर सनसनीखेज दावे किए हैं. उन्होंने कहा कि यह केवल एक शादी नहीं, बल्कि लव जिहाद का एक बड़ा षड्यंत्र है. उनके अनुसार, केरल में जाकर शादी करना और फर्जी दस्तावेज तैयार करना PFI जैसे संगठनों की कार्यप्रणाली का हिस्सा हो सकता है.

मामले की गंभीरता को देखते हुए राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग (NCST) ने संज्ञान लिया है. आयोग के निर्देश पर एक उच्च-स्तरीय जांच समिति का गठन किया गया है. नगर परिषद ने फिलहाल विवादित जन्म प्रमाण पत्र को निरस्त कर दिया है.

ENTERTAINMENT : मशहूर गायिका आशा भोसले का निधन, 92 साल की उम्र में ली आखिरी सांस

आशा भोसले को 11 अप्रैल को मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में भर्ती कराया गया था. 12 अप्रैल को उनका निधन हो गया है. सिंगर की पोती ने बताया था कि चेस्ट इंफेक्शन और थकान के कारण उनकी तबीयत बिगड़ी है.

बॉलीवुड की लेजेंडरी सिंगर्स में से एक आशा भोसले ने दुनिया को अलविदा कह दिया है. वो 92 साल की थीं. आशा भोसले को 11 अप्रैल को मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में भर्ती करवाया गया था. अस्पताल के डॉक्टर प्रति समदानी ने कन्फर्म किया था कि सिंगर उनकी केयर भी हैं. सिंगर की पोती ने बताया था कि चेस्ट इंफेक्शन और थकान के कारण उनकी तबीयत बिगड़ी है. मगर अब खबर आई है कि आशा भोसले का निधन हो गया है.

आशा भोसले ने 40 के दशक में अपने करियर की शुरुआत की थी. उन्होंने लेजेंडरी डायरेक्टर बिमल रॉय, राज कपूर के साथ-साथ लेजेंडरी म्यूजिक कम्पोजर ओ पी नय्यर, सरदार मलिक, सज्जाद हुसैन, एस मोहिंदर, ए आर रहमान संग काम किया था. उनकी बड़ी बहन लता मंगेशकर 40 और 50 के दशक की सबसे बड़ी गायिकाओं में से एक थीं. मंगेशकर परिवार से आईं आशा भी अपनी बहन की ही तरह सुरीली आवाज वाली थीं. आशा ने अपनी आवाज का जादू बॉलीवुड में 1950 के दशक में चलाया. हालांकि उन्होंने बड़ी फिल्मों में अपनी आवाज देने से पहले कई लो बजट फिल्मों में गाना गाकर पहचान पाई. 1952 में आई फिल्म ‘संगदिल’ में उन्होंने गाने गाए थे. म्यूजिक कम्पोजर सज्जाद हुसैन की इस एल्बम ने आशा को फेम दिलाया.

उस जमाने के जाने माने डायरेक्टर बिमल रॉय ने 1953 में आई फिल्म ‘परिणीता’ में आशा भोसले को साइन किया था. इसके बाद राज कपूर ने उनकी अपनी 1954 की फिल्म ‘बूट पोलिश’ में काम दिया. लेजेंडरी म्यूजिक कम्पोजर ओ पी नय्यर के साथ आशा ने 1952 से लेकर 1956 तक कई गानों पर काम किया था. मगर 1957 में आई बी आर चोपड़ा की फिल्म ‘नया दौर’ के साथ आशा भोसले ने सफलता का असली स्वाद चखा. इस फिल्म के गाने भी नय्यर ने ही कम्पोज किए थे.

मोहम्मद रफी के साथ आशा भोसले की जोड़ी उस जमाने में सुपरहिट थी. दोनों ने मिलकर ‘मांग के साथ तुम्हारा’, ‘साथी हाथ बढ़ाना’ और ‘उड़ें जब जब जुल्फें तेरी’ को गाया था. साहिर लुधियानवी के बोल और रफी संग आशा की आवाज का जादू सभी के सिर चढ़कर बोलता था. उन्होंने 60 के दशक की फिल्म ‘गुमराह’, ‘हमराज’, ‘आदमी और इंसान’ संग कई और में अपनी आवाज दी. 1966 में उन्होंने आर डी बर्मन के साथ फिल्म ‘तीसरी मंजिल’ के लिए गाने गाए थे, जिन्हें खूब सराहा गया.

इसके बाद वो दौर आया जब आशा भोसले ने बॉलीवुड के हिट डांस नंबर गाने शुरू किए. कहा जाता है कि जब उन्होंने पहली बार ‘आजा आजा’ गाने को सुना था तो उन्हें लगा था कि वो वेस्टर्न म्यूजिक ट्यून पर नहीं गा पाएंगी. बर्मन ने इसे बदलने का ऑफर दिया, मगर आशा ने मना कर दिया. बाद में उन्होंने इसे एक चैलेंज की तरह लिया और 10 दिन रिहर्सल करने के बाद इसे रिकॉर्ड किया था. आज भी ये गाना लोगों की जुबान पर है. ‘आजा आजा’ के बाद आशा ने ‘ओ हसीना जुल्फों वाली’, ‘ओ मेरे सनम रे’, ‘पिया तू अब तो आजा’ और ‘ये मेरा दिल’ जैसे बढ़िया गाने गाए, जो हर पार्टी की जान बन गए थे.

1981 में आशा भोसले ने गजल गायिकी में अपना हाथ आजमाया. उन्होंने फिल्म ‘उमराव जान’ में ‘दिल चीज क्या है’, ‘इन आंखों की मस्ती के’, ‘ये क्या जगह है दोस्तों’ और ‘जुस्तजू जिसकी थी’ जैसी गजलों को गाकर सभी का दिल खुश कर दिया था. इस फिल्म के म्यूजिक डायरेक्टर खय्याम थे, जिन्होंने आशा की आवाज को लो पिच पर ला दिया था. इन्हीं गजलों ने उन्हें उनका पहला नेशनल अवॉर्ड दिलवाया. इसके बाद उन्हें फिल्म ‘इजाजत’ के अपने गाने ‘मेरा कुछ सामान’ के लिए अपना दूसरा नेशनल अवॉर्ड मिला.

1995 में आशा भोसले ने 62 साल की उम्र में एक्ट्रेस उर्मिला मतोंडकर को अपनी आवाज दी. उर्मिला की फिल्म ‘रंगीला’ के गाने ‘तन्हा तन्हा’ और ‘रंगीला रे’ उन्होंने गाए. 2000 में दशक में आई ‘लगान’ के गाने ‘राधा कैसे न जले’, फिल्म ‘प्यार तूने क्या किया’ के गाने ‘कमबख्त इश्क’, फिल्म ‘लकी’ के गाने ‘लकी लिप्स’ को आशा भोसले ने ही गाया था. ये सभी गाने आगे चलकर सुपरहिट हुए.

साल 2013 में आशा भोसले ने अपना एक्टिंग डेब्यू किया था. 79 साल की आशा को फिल्म ‘माई’ में एक 65 साल की महिला के रोल में देखा गया था, जो अल्जाइमर की मरीज है. महिला को उसके बच्चे छोड़ जाते हैं. अपने काम के लिए क्रिटिक्स से आशा भोसले को तारीफ मिली थी. मई 2020 में आशा ने आशा भोसले ऑफिशियल के नाम से अपना यूट्यूब चैनल लॉन्च किया था. हिंदी, बंगाली, मराठी समेत आशा भोसले ने अपने करियर में 20 भाषाओं में गाने गाए. इसके चलते उनका नाम गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज किया गया था.

जनवरी 2025 में आशा भोसले को दुबई में एक कॉन्सर्ट करते देखा गया था. 91 साल की आशा, जिन्हें प्यार से आशा ताई बुलाया जाता था, दमदार अंदाज में परफॉर्म करती दिखीं. उन्होंने इस कॉन्सर्ट में पंजाबी सिंगर करण औजला के हिट गाने ‘तौबा तौबा’ को गाया था. ये गाना विक्की कौशल की फिल्म ‘बैड न्यूज’ का था. ऐसे में विक्की के अतरंगी स्टेप्स को आशा भोसले ने भी कॉपी किया और स्टेज पर धूम मचाई थी.

NATIONAL : जयपुर में मनचले की शर्मनाक हरकत, बीच सड़क की गर्भवती से छेड़खानी

0

जयपुर की एक कॉलोनी में बीच सड़क एक महिला से छेड़खानी का मामला सामने आया है. इस घटना का एक सीसीटीवी भी सामने आया है. जिसमें यह शर्मनाक करतूत कैद भी हुई है.

जयपुर में गर्भवती महिला के साथ अश्लील हरकत ने शर्मिंदा कर दिया है. जहां बीच कॉलोनी में दिनदहाड़े राह चलती महिला को एक मनचले ने पकड़ लिया. इसके बाद उसके साथ अश्लील हरकतें की लेकिन जब पीड़िता जोर-जोर से चिल्लाई तो बदमाश भाग गया. घटना का CCTV वीडियो सामने आने के बाद पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया है.

मामला जयपुर के मालवीय नगर इलाके का बताया जा रहा है. जहां 25 मार्च की शाम करीब 6 बजे एक गर्भवती महिला कॉलोनी में फोन पर बात करते हुए पैदल जा रही थी. इसी दौरान पीछे से आए एक मनचले युवक ने अचानक महिला को पकड़ लिया और उसके साथ अश्लील हरकत करने की कोशिश की. अचानक हुए इस हमले से महिला घबरा गई, लेकिन उसने हिम्मत दिखाते हुए जोर-जोर से चिल्लाना शुरू कर दिया.

महिला की आवाज सुनकर आसपास के लोग सतर्क होते, उससे पहले ही आरोपी मौके से फरार हो गया. पूरी घटना पास लगे CCTV कैमरे में कैद हो गई, जो अब सामने आई है. खास बात यह है कि घटना 25 मार्च की होने के बावजूद पुलिस ने इस मामले में तत्काल कोई रिपोर्ट दर्ज नहीं की, जिससे पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं.

घटना का सीसीटीवी सामने आने के बाद अब जयपुर पूर्व की DCP रंजीता शर्मा ने संज्ञान लिया है. उन्होंने बताया कि CCTV फुटेज के आधार पर आरोपी की पहचान करने की कोशिश की जा रही है और जल्द ही उसे गिरफ्तार किया जाएगा. साथ ही रिपोर्ट दर्ज नहीं करने जैसी शिकायत पर भी जांच के आदेश दिए हैं.

- Advertisement -

News of the Day