Friday, September 25, 2026
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MP : शानदार ऑफिस, 210 से ज्यादा युवक-युवतियां: लोगों को अट्रैक्ट करने पर मिलता था हाई इंसेंटिव, फिर करते थे फ्रॉड

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मध्य प्रदेश के इंदौर में शेयर मार्केट में मोटा मुनाफा दिलाने का झांसा देकर निवेशकों से ठगी करने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश हुआ है. आईटी कंपनी की आड़ में चल रही इस फर्जी एडवाइजरी फर्म पर पुलिस ने छापा मारकर भारी मात्रा में डिजिटल उपकरण जब्त किए हैं. इसी के साथ तीन लोगों को हिरासत में लिया है.

इंदौर शहर में निवेशकों को शेयर मार्केट में भारी मुनाफे का लालच देकर ठगी करने वाले गिरोह का पुलिस ने खुलासा किया है. यह गिरोह एक आईटी कंपनी की आड़ में फर्जी एडवाइजरी फर्म चला रहा था और देशभर के लोगों को निशाना बना रहा था. जांच में सामने आया कि कंपनी में 200 से अधिक कर्मचारियों को नियुक्त किया गया था, जिन्हें सॉफ्टवेयर और स्क्रिप्ट के जरिए लोगों को निवेश के लिए आकर्षित करने का काम दिया जाता था.

जानकारी के अनुसार, इन कर्मचारियों को टारगेट पूरा करने पर मोटा इंसेंटिव भी दिया जाता था. इस मामले में थाना तुकोगंज पुलिस ने अन्य थानों की टीम के साथ कार्रवाई करते हुए बास्केटबॉल कॉम्प्लेक्स के सामने स्थित इंफिनिक्स इन्फोटेक प्राइवेट लिमिटेड के ऑफिस पर छापा मारा. छापेमारी के दौरान ऑफिस में अफरा-तफरी मच गई, जहां बड़ी संख्या में युवक-युवतियां काम करते पाए गए.

पुलिस के मुताबिक, कंपनी के कई संचालक मिलकर इस पूरे रैकेट को संचालित कर रहे थे. आरोपियों में मनीष पांडे, अनिमेष चौहान, संदीप त्यागी, अनुराग सैंडलानी और नेहा जैन के नाम सामने आए हैं, जिनके खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है.शिकायतकर्ता नीतीश भगत ने बताया कि उसे शेयर मार्केट में निवेश के नाम पर कॉल किया गया था. जब उसने जानकारी न होने की बात कही, तो उसे एक महिला के जरिए भरोसे में लिया गया. इसके बाद उसे एक मोबाइल ऐप और सॉफ्टवेयर के माध्यम से फर्जी तरीके से मुनाफा दिखाया गया.

धीरे-धीरे उसे ज्यादा निवेश के लिए उकसाया गया और टर्मिनल खरीदने के नाम पर उससे करीब 4 लाख 80 हजार रुपये ठग लिए गए. जब उसने पैसे निकालने की कोशिश की, तो उसे ठगी का एहसास हुआ और उसने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई.छापेमारी के दौरान पुलिस ने मौके से 23 CPU, 14 लैपटॉप, DVR, मॉनिटर, 66 मोबाइल फोन, 28 सिम कार्ड, चेकबुक सहित बड़ी मात्रा में डिजिटल उपकरण जब्त किए हैं. इनका इस्तेमाल देशभर के लोगों को कॉल और मैसेज के जरिए फंसाने में किया जा रहा था.

थाना प्रभारी जितेंद्र सिंह यादव के अनुसार, यह गिरोह केवल इंदौर ही नहीं, बल्कि अन्य राज्यों के निवेशकों को भी निशाना बना रहा था. शुरुआती जांच में ठगी की रकम लाखों में सामने आई है, लेकिन आशंका है कि यह आंकड़ा करोड़ों तक पहुंच सकता है.

फिलहाल पुलिस इस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है और अन्य आरोपियों की तलाश जारी है. साथ ही जब्त किए गए इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की फॉरेंसिक जांच कर और भी अहम खुलासे होने की उम्मीद जताई जा रही है. पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान कॉल या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए निवेश करने से पहले पूरी जांच-पड़ताल जरूर करें.

MP : एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर और साजिश: पत्नी ने रोड पर रुकवाकर करवा दिया पति का कत्ल, फिर करने लगी गुमराह

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मध्य प्रदेश के भिंड में एक महिला का एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर चल रहा था. उसने अपने पति को रास्ते से हटाने की साजिश बॉयफ्रेंड संग मिलकर रच डाली. इसके बाद बाइक से जाते समय रास्ते में हत्या करवा दी. वारदात को लूट की घटना बताकर पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की गई, लेकिन जांच में पूरी कहानी सामने आ गई.

मध्य प्रदेश के भिंड में झकझोर देने वाली कहानी सामने आई है. यहां 23 साल की महिला ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर पति की हत्या करा दी. इसके बाद महिला ने इसे लूट की घटना बताने की कोशिश की. मगर जब पुलिस ने इस पूरे मामले की गहराई से जांच-पड़ताल की तो पूरी कहानी से पर्दा उठ गया.

एजेंसी के अनुसार, यह पूरा मामला अटेर थाना क्षेत्र का है. पुलिस के अनुसार, 8 अप्रैल को सूचना मिली थी कि कुछ बदमाशों ने एक युवक की गोली मारकर हत्या कर दी है. मृतक की पहचान 27 वर्षीय निलेश जाटव के रूप में हुई, जो अपनी पत्नी रूबी और बच्चे के साथ बाइक से जा रहा था.

घटना के बाद रूबी ने पुलिस को बताया कि वे लोग जमना गांव से खरिका जा रहे थे. रास्ते में अचानक उसका बैग सड़क पर गिर गया. उसने अपने पति से बाइक रोकने को कहा. जैसे ही निलेश ने बाइक रोकी और रूबी बैग उठाने के लिए उतरी, तभी पीछे से दो अज्ञात बदमाश आए और उसके पति को गोली मार दी. इसके बाद आरोपी मौके से फरार हो गए.

रूबी की इस कहानी के आधार पर पुलिस ने अज्ञात हमलावरों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू की. शुरुआती तौर पर मामला लूट और हत्या का लग रहा था, लेकिन जांच के दौरान पुलिस को कुछ बातें खटकने लगीं.भिंड के पुलिस अधीक्षक असीत यादव ने बताया कि पूछताछ के दौरान महिला के बयान बार-बार बदल रहे थे और उसमें कई विरोधाभास सामने आए. इसके बाद पुलिस ने पूछताछ की, जिससे धीरे-धीरे सच्चाई सामने आने लगी.

जांच में खुलासा हुआ कि रूबी का अपने ही एक रिश्तेदार विशाल विमल के साथ पिछले सात वर्षों से अफेयर चल रहा था. शादी के बाद भी दोनों के बीच बातचीत लगातार जारी थी. वे वॉट्सएप कॉल और चैट के जरिए संपर्क में रहते थे.समय के साथ रूबी को लगने लगा कि उसका पति निलेश उनके रिश्ते में बाधा बन रहा है. इसके बाद उसने अपने प्रेमी के साथ मिलकर उसे रास्ते से हटाने की साजिश रची.

प्लानिंग के तहत वारदात वाले दिन रूबी ने जानबूझकर एक तय जगह पर अपना बैग गिराया. जैसे ही उसने अपने पति से बाइक रोकने को कहा, पहले से घात लगाए बैठे उसका प्रेमी विशाल विमल और उसका साथी राजेश वहां पहुंच गए. मौका मिलते ही दोनों ने निलेश पर गोली चला दी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई.

हत्या के बाद रूबी ने पूरे घटनाक्रम को इस तरह पेश किया, जैसे यह एक लूट की वारदात हो. लेकिन पुलिस की जांच और तकनीकी साक्ष्यों ने उसकी साजिश को उजागर कर दिया.पुलिस ने रूबी और उसके प्रेमी विशाल विमल को गिरफ्तार कर लिया है. वहीं, इस हत्या में शामिल तीसरा आरोपी राजेश अभी फरार है, जिसकी तलाश में पुलिस लगातार दबिश दे रही है. पुलिस ने आरोपियों के पास से 12 बोर का देसी कट्टा, खाली कारतूस, बिना नंबर की बाइक और मोबाइल फोन बरामद किए हैं. पुलिस अधीक्षक असीत यादव ने बताया कि मामले की जांच हर पहलू से की जा रही है और फरार आरोपी को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा.

हाल ही में मध्य प्रदेश के धार जिले में भी इसी तरह का एक मामला सामने आया था, जहां एक महिला ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर सुपारी देकर अपने पति की हत्या करवा दी थी. वहां भी शुरुआत में इसे लूट की वारदात बताने की कोशिश की गई थी, लेकिन बाद में सच्चाई सामने आ गई.

UP : चैट में मिले सुराग, लेकिन नहीं मिला पता… आखिर कहां गायब हुईं दोनों छात्राएं?

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उत्तर प्रदेश के बांदा में स्कूल के लिए घर से निकली दो छात्राएं दिनदहाड़े लापता हो गईं. भाई के साथ निकली दोनों लड़कियां शाम तक घर नहीं पहुंचीं तो परिवार ने पुलिस को सूचना दी. पुलिस ने केस दर्ज कर नाकेबंदी, सर्विलांस और CCTV जांच शुरू की. पुलिस का कहना है कि दोनों के मोबाइल नंबर बंद मिले हैं. मगर, चैट में कुछ संदिग्ध बातचीत मिली है.

उत्तर प्रदेश के बांदा में दिनदहाड़े दो छात्राओं के अचानक लापता होने से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया. घटना सामने आते ही पुलिस ने तत्काल सक्रियता दिखाते हुए अलग-अलग टीमें गठित कीं और इलाके में नाकेबंदी कर दी. सर्विलांस टीम को भी अलर्ट किया गया है और आने-जाने वाले रास्तों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं. हालांकि देर शाम तक दोनों छात्राओं का कोई सुराग नहीं मिल सका है.

बताया जा रहा है कि दोनों छात्राएं घर से अपने भाई के साथ स्कूल जाने के लिए निकली थीं. लेकिन स्कूल से लौटकर घर नहीं पहुंचीं, जिसके बाद परिजनों की चिंता बढ़ गई. परिवार ने पहले अपने स्तर पर खोजबीन की और स्कूल में भी जानकारी जुटाई, मगर कोई ठोस जानकारी सामने नहीं आई. अंततः परिजनों ने पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई.

पुलिस का कहना है कि शिकायत के आधार पर केस दर्ज कर लिया गया है और हर एंगल से जांच की जा रही है. फिलहाल पुलिस टीमों को अलग-अलग दिशाओं में भेजकर तलाश अभियान चलाया जा रहा है.दरअसल, यह मामला मर्का थाना क्षेत्र के चरका गांव का बताया जा रहा है. दोनों छात्राएं पड़ोसी हैं और रोज की तरह स्कूल जाने के लिए घर से निकली थीं. देर शाम तक घर नहीं लौटने पर परिवार वालों ने आसपास और रिश्तेदारों के यहां भी जानकारी ली, लेकिन कोई पता नहीं चल सका.

पुलिस के मुताबिक परिजनों द्वारा दिए गए मोबाइल नंबर फिलहाल बंद आ रहे हैं. जांच के दौरान मोबाइल से कुछ चैट और बातचीत के संकेत मिले हैं, जिनमें किसी अन्य व्यक्ति से संपर्क के साक्ष्य सामने आए हैं. शुरुआती जांच में कुछ प्रेम प्रसंग से जुड़ी बातें भी सामने आई हैं, लेकिन पुलिस का कहना है कि बरामदगी से पहले किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी.

मर्का थाना के इंस्पेक्टर और एसएचओ मिथलेश कुमार ने बताया कि सूचना मिलते ही तत्काल मुकदमा दर्ज कर लिया गया. पुलिस टीमें लगातार तलाश में जुटी हैं और सर्विलांस व सीसीटीवी फुटेज की मदद से लोकेशन ट्रेस करने का प्रयास किया जा रहा है.उन्होंने बताया कि मोबाइल नंबर बंद हैं, लेकिन व्हाट्सएप चैट के आधार पर सुराग जुटाने की कोशिश की जा रही है. पुलिस का दावा है कि जल्द ही दोनों छात्राओं को बरामद कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी. फिलहाल पूरे मामले की गहन जांच जारी है.

SURAT : गैस नहीं, तो गुज़ारा नहीं… सूरत छोड़ गांव लौट रहे मजदूर, रेलवे स्टेशन पर भीड़ ही भीड़

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मिडिल ईस्ट में चल रहे संघर्ष के कारण सप्लाई प्रभावित होने से घरेलू गैस सिलेंडर के किल्लत का मामला गहरा गया है. जिससे अब सूरत से बड़ी संख्या में मजदूरों का पलायन शुरू हो गया. आलम यह है कि स्टेशनों पर मजदूरों की बड़ी भीड़ देखने को मिल रही है. साथ ही बड़ी संख्या में लोग स्टेशन के बाहर भी खुले मैदान में परिवार के साथ बैठकर ट्रेन का इंतजार कर रहे हैं.

गुजरात के सूरत में इन दिनों घरेलू गैस सिलेंडर की किल्लत ने गंभीर सामाजिक संकट खड़ा कर दिया है. मिडिल ईस्ट में चल रहे संघर्ष के कारण सप्लाई प्रभावित होने और स्थानीय स्तर पर कालाबाज़ारी बढ़ने से आम लोगों, खासकर प्रवासी श्रमिकों के लिए हालात बेहद मुश्किल हो गए हैं. स्थिति इतनी बिगड़ चुकी है कि बड़ी संख्या में मजदूर शहर छोड़ने को मजबूर हो रहे हैं.

शनिवार रात और रविवार सुबह उधना रेलवे स्टेशन पर हजारों श्रमिकों की भीड़ देखने को मिली. रेलवे स्टेशन के वेटिंग एरिया से लेकर खुले मैदान तक लोग अपने परिवारों के साथ बैठे नजर आए. ट्रेनों में सफर करने के लिए लंबी कतारें लगी हुई थीं, जिससे साफ है कि पलायन का सिलसिला पिछले एक महीने से लगातार जारी है.

मजदूरों ने बताया कि उन्हें सामान्य कीमत पर गैस सिलेंडर नहीं मिल रहा है. कई लोगों का कहना है कि सिलेंडर या तो उपलब्ध नहीं है या फिर ब्लैक में कई गुना ज्यादा कीमत पर बेचा जा रहा है. सीमित आय वाले इन श्रमिकों के लिए इतना महंगा सिलेंडर खरीद पाना संभव नहीं है. ऐसे में खाना बनाना और रोजमर्रा का जीवन चलाना कठिन हो गया है.

एक श्रमिक ने बताया कि “काम तो मिल रहा है, लेकिन खाना बनाने के लिए गैस नहीं है. महंगे सिलेंडर खरीदना हमारे बस की बात नहीं है, इसलिए गांव लौटना ही बेहतर विकल्प है.” कई परिवारों ने भी यही कारण बताते हुए शहर छोड़ने का निर्णय लिया है. आपको बता दें कि सूरत देश का एक प्रमुख औद्योगिक केंद्र है, जहां टेक्सटाइल और डायमंड इंडस्ट्री में लाखों प्रवासी मजदूर काम करते हैं. ऐसे में श्रमिकों का यह पलायन उद्योगों के लिए भी चिंता का विषय बनता जा रहा है. यदि यही स्थिति बनी रही, तो उत्पादन पर भी असर पड़ सकता है.

फिलहाल प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती गैस की आपूर्ति को सामान्य करना और कालाबाज़ारी पर सख्ती से रोक लगाना है. जब तक यह समस्या हल नहीं होती, तब तक सूरत से श्रमिकों का पलायन जारी रहने की आशंका बनी हुई है.

VASTU TIPS : सोई किस्मत भी जाग जाएगी! सुबह उठते ही करें ये वास्तु उपाय

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जिस तरह घर में वेंटिलेशन न हो तो घुटन होती है, वैसे ही वास्तु खराब होने पर नकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है. सुबह के ये वास्तु नियम इस ऊर्जा को बाहर निकाल कर घर में सकारात्मकता बढ़ाते हैं.

हम अक्सर सोचते हैं कि हमारा दिन कैसा बीतेगा, यह हमारी किस्मत पर निर्भर है. लेकिन वास्तु शास्त्र यह मानता है कि हमारे दिन की सफलता इस बात पर टिकी होती है कि हम अपनी सुबह की शुरुआत कैसे करते हैं. सुबह का समय पॉजिटिव एनर्जी से भरा होता है. यदि हम सुबह उठते ही कुछ छोटी-छोटी लेकिन प्रभावशाली आदतों को अपना लें, तो न केवल हमारा मन शांत रहता है, बल्कि घर में धन-धान्य और खुशहाली भी बढ़ती है.

  1. अपनी हथेलियों को देखें
    नींद खुलते ही सबसे पहले किसी भी अन्य वस्तु या व्यक्ति को देखने के बजाय अपनी दोनों हथेलियों को एक साथ जोड़कर देखना चाहिए. शास्त्रों में कहा गया है कि हथेलियों के अग्र भाग में लक्ष्मी, मध्य में सरस्वती और मूल भाग में भगवान गोविंद (विष्णु) का वास होता है. सुबह-सुबह अपने हाथों को देखकर चेहरे पर फेरने शुभ होता है. सुबह-सुबह तेल के बर्तन, या सूई धागा ना देखें.

  1. धरती को नमन
    बिस्तर से पैर नीचे उतारने से पहले धरती माता को हाथ से छूकर प्रणाम करना चाहिए. अपने कुलदेवता का नाम लेना भी बहुत शुभ होता है. किसी भी ऐसे जानवर का नाम ना लें जो अपशकुन हो, जैसे बंदर, कुत्ता, या सूअर.
  1. सूर्योदय से पहले उठने का लाभ
    वास्तु के अनुसार, सूर्योदय के बाद देर तक सोए रहने से घर में दरिद्रता आती है और स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ता है. सूरज की पहली किरण निकलने से पहले उठने वाले व्यक्ति को प्राकृतिक रूप से वाइटल एनर्जी (प्राण शक्ति) मिलती है. इससे आलस्य दूर होता है. बुद्धि तेज होती है.

  1. मुख्य द्वार की पवित्रता
    घर की महिलाएं या बड़े बुजुर्ग यदि सुबह उठकर घर के मुख्य द्वार पर थोड़ा सा जल छिड़कते हैं, तो यह बहुत शुभ माना जाता है. साफ-सुथरा मुख्य द्वार देवी लक्ष्मी को आमंत्रित करता है. ध्यान रहे कि घर की दहलीज के पास कचरा या गंदगी बिल्कुल न हो.

  1. सूर्य देव को जल और योग
    स्नान के बाद तांबे के पात्र से सूर्य को अर्घ्य देना आपके आत्मविश्वास को बढ़ाता है. इसके साथ ही 10-15 मिनट का ध्यान या योग आपके शरीर को स्फूर्ति देता है.

  1. तुलसी को जल
    तुलसी के पौधे में जल चढ़ाना और उसकी परिक्रमा करना घर के कलह-क्लेश को शांत करता है. सुबह के समय कभी भी किसी की बुराई न करें और न ही क्रोध करें. अपनी वाणी में मधुरता रखें ताकि पूरा दिन खुशनुमा बना रहे.

ENTERTAINMENT : ‘धागों से सिलवाया और…’, जब सेट पर हादसे का शिकार हो गई थीं शिल्पा शेट्टी, जल गई थी एक्ट्रेस की पीठ

बॉलीवुड एक्ट्रेस शिल्पा शेट्टी ने हाल ही में उस समय के बारे में बात की जब एक बार सेट पर उनकी पीठ जल गई थी, लेकिन इसके बावजूद वो अगले ही दिन शूट पर वापस लौट आईं थी. आइए जानते हैं एक्ट्रसे ने क्या कहा.शिल्पा शेट्टी बॉलीवुड की खूबसूरत और टैलेंटेड एक्ट्रेस में से एक हैं उन्होंने साल 1993 में फिल्म ‘बाजीगर’ से बॉलीवुड में डेब्यू किया था, जिसमें शाहरूख खान और काजोल भी नजर आए थे. इसके बाद वह जल्द ही इंडस्ट्री का जाना-पहचाना चेहरा बन गईं.

अपने 32 साल लंबे करियर में उन्होंने कई आइकॉनिक फिल्मों में काम किया. वहीं अब हाल ही में एक बातचीत में शिल्पा शेट्टी ने कहा कि सफलता उन्हें आसानी से नहीं मिली, बल्कि इसके लिए उन्हें लगातार मेहनत करनी पड़ी.

शिल्पा शेट्टी ने यूट्यूब चैनल टुमारो, टुडे शो में बातचीत के दौरान बताया कि उन्हें फिल्ममेकर्स से काम इसलिए मिलता था क्योंकि वे उनके काम के लिए डेडिकेशन को पहचानते थे. उन्होंने एक उदाहरण देते हुए कहा कि एक बार शूटिंग के दौरान उनकी पीठ पर जल गया था, लेकिन इसके बावजूद वह अगले ही दिन शूट पर लौट आईं, क्योंकि वह नहीं चाहती थीं कि उनके प्रोड्यूसर्स को किसी तरह का नुकसान हो.

शिल्पा ने कहा, ‘मुझे काम इसलिए मिला क्योंकि लोगों ने मेरी मेहनत देखी. मैं हमेशा अपना काम पूरा करती थी और हर सिचुएशन में शूट पर मौजूद रहती थी.’ एक्ट्रेस ने अपना एक्सपीरियंस शेयर करते हुए बताया कि एक शूट के दौरान उनकी पीठ पर HMI लाइट से जलने की घटना हुई थी.

उन्होंने कहा कि शॉट में उन्हें फ्रेम से बाहर जाना था, लेकिन पीछे रखी बेबी लाइट से उनका बैक टच हो गया और बाद में उन्हें जलन महसूस हुई. इसके बावजूद वह अगले ही दिन शूट पर पहुंच गईं. उन्होंने बताया कि चोट के कारण वह फिक्स आउटफिट ठीक से नहीं पहन पा रही थीं, इसलिए उन्होंने उसे आगे से पहनकर धागों से सिलवाया ताकि जिप की जरूरत न पड़े.

वहीं वर्क फ्रंट की बात करें तो शिल्पा शेट्टी आखिरी बार इंडियन पुलिस फोर्स में नजर आई थीं, जिसे रोहित शेट्टी ने डायरेक्ट किया है. इसके अलावा वह जल्द ही कन्नड़ फिल्म ‘KD: The Devil’ में दिखाई देंगी.

BUSINESS : बैंकों ने नहीं घटाई EMI, लेकिन होम लोन वालों को हो रहा लाखों का फायदा, क्या है बचत का सीक्रेट?

भारतीय रिजर्व बैंक यानी RBI ने रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया है. लेकिन इससे होम लोन की ईएमआई और इंटरेस्ट रेट्स पर कोई असल नहीं पड़ा है.

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) वाणिज्य बैंकों को शॉर्ट टर्म ऋण देती है, जिसे रेपो रेट कहा जाता है. लेटेस्ट मौद्रिक नीति (MPC) अप्रैल 2026 के मुताबिक RBI ने रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया है. इसे पहले की तरह ही 5.25 प्रतिशत पर ही रखा है. जिससे होम लोन लेने वालों को लाखों रुपये का फायदा हो रहा है. यही उम्मीद भी बाजारों को थी और RBI इन उम्मीदों पर खरा उतरा है.

इस बढ़ती हुई महंगाई में जब RBI ने रेपो रेट नहीं बदला है, तो ये लोन लेने वालों के लिए खुशखबरी ही है. यूएस ईरान युद्ध के बीच वैसे भी कई परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. गैस सिलेंडर की किल्लत, यातायात में महंगाई, ऐसे में RBI ने बदलाव की जगह पर राहत देने पर फोकस किया है. जिससे लोगों को समस्याओं का सामना ना करना पड़े और पहले के कट का असर पूरी तरह दिख.

RBI के रेपो रेट में कोई बदलाव ना करने से होम लोन की EMI में तुरंत कोई फर्क नहीं पड़ेगा. लेकिन 2025 में बेसि पॉइंट की कटौती की वजह से उधार लेने वालों को पहले ही बड़ा फायदा मिला हुआ है. होम लोन के इंटरेस्ट रेट पहले की तरह ही रहेंगे. लॉन्ग टर्म की प्लानिंग है तो उसके लिए बजट बनाना आपके लिए आसान रहेगा. एक्सपर्ट्स की मानें तो रेपो रेट में बदला ना होने का सबसे ज्यादा फायदा उन लोगों को होगा जो पहली बार घर लेने की प्लानिंग कर रहे हैं.

रियल एस्टेट का कारोबार लोन इंटरेस्ट पर ही डिपेंड करता है. ऐसे में रेपो रेट के कम या ज्यादा होने पर मार्केट पर ज्यादा असर पड़ता है. जब लोन रेट पहले से ही पता होता है तो ज्यादा से ज्यादा लोग प्रॉपर्टी खरीदने की प्लानिंग करने लगते हैं. डेवलपर्स भी अपने प्रोजेक्ट को और ज्यादा बेहतर बनाने की प्लानिंग कर सकते हैं. ऐसे में ये रिएस्टेट के लिए एक अच्छी डील है.

MAHARASHTRA : रेप के बाद टूटी हिम्मत! जहर खाकर दी जान… दरिंदगी की शिकार नाबालिग की इलाज के दौरान मौत

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महाराष्ट्र के बीड जिले में एक नाबालिग लड़की के साथ जबरदस्ती उसके चचेरे चाचा ने बलात्कार किया, जिसके बाद पीड़िता ने जहर खाकर आत्महत्या का प्रयास किया और इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई.

महाराष्ट्र के बीड जिले के केज तालुका गांव से एक बेहद शर्मनाक और चौंका देने वाली घटना सामने आई है, जहां एक नाबालिग लड़की के साथ उसके चचेरे चाचा ने बलात्कार किए जाने का मामला सामने आया है. बलात्कार के बाद पीड़िता ने जहर खाकर अपनी जान लेने की कोशिश की, जिसके बाद उसकी हालत गंभीर हो गई थी.

पिछले दो दिनों से पीड़िता का इलाज छत्रपति संभाजीनगर के एक निजी अस्पताल में चल रहा था, जहां उसे आईसीयू में भर्ती किया गया था. लेकिन कल यानी शुक्रवार 10 तारीख को इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई. इस मामले ने बीड जिले को एक बार फिर हिलाकर रख दिया है.

जानकारी के मुताबिक, यह घटना 5 अप्रैल को शाम 5 बजे के आसपास की है. केज तालुका के एक गांव में नाबालिग लड़की गोशाला से घर लौट रही थी, तभी रास्ते में उसके चचेरे चाचा ने उसके साथ बलात्कार किया. इस घटना ने पीड़िता को मानसिक रूप से बुरी तरह प्रभावित किया.

घटना के तुरंत बाद लड़की ने जहर खाकर अपनी जान लेने की कोशिश की. जहर खाने के बाद उसकी तबीयत बिगड़ने पर परिवार वालों ने उसे तुरंत छत्रपति संभाजीनगर के घाटी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उसे गहन चिकित्सा इकाई (ICU) में रखा गया था. पुलिस उप-निरीक्षक उमेश निकम ने जानकारी देते हुए बताया कि शुक्रवार को इलाज के दौरान पीड़िता ने दम तोड़ दिया. इस घटना के बाद परिवार में मातम का शोक फैला हुआ है.

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने तुरंत कारवाई की और आरोपी चचेरे चाचा को गिरफ्तार कर लिया है. फिलहाल पुलिस इस मामले की आगे की जांच कर रही है. स्थानीय लोगों और परिवार वालों ने पुलिस प्रशासन से आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाने की मांग की है.

KERALA : वंदेभारत ट्रेन पर पथराव, टूटे कोच के शीशे… दहशत में यात्री

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पलक्कड़ के एर्नाकुलम से बेंगलुरु जा रही वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन पर पत्थरबाजी का मामला सामने आया है. इस पत्थरबाजी से ट्रेन के कोच के शीशे टूट गए और यात्रियों में दहशत फैल गई.पलक्कड़ के एर्नाकुलम से बेंगलुरु जा रही वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन पर शुक्रवार को अज्ञात व्यक्ति द्वारा पत्थर फेंके जाने की घटना सामने आई है. इस घटना में ट्रेन को मामूली नुकसान पहुंचा है, हालांकि किसी यात्री के घायल होने की सूचना नहीं है. पुलिस ने इस बात की जानकारी एक न्यूज एजेंसी को दी.

सरकारी रेलवे पुलिस (GRP) के एक अधिकारी के अनुसार यह घटना शुक्रवार शाम करीब 4:30 बजे पलक्कड़ जिले के पराली इलाके के पास हुई. उस समय ट्रेन अपनी नियमित गति से बेंगलुरु की ओर बढ़ रही थी. अचानक किसी ने ट्रेन पर पत्थर फेंक दिया. जिससे एक खिड़की का शीशा क्षतिग्रस्त हो गया.

अधिकारी ने बताया कि घटना के तुरंत बाद स्थिति पर काबू पा लिया गया. रेलवे कर्मचारियों ने भी तत्परता दिखाते हुए सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की. रेलवे सुरक्षा बल (RPF) ने इस संबंध में मामला दर्ज कर लिया है और जांच शुरू कर दी है. GRP और RPF की संयुक्त टीमें घटनास्थल पर पहुंचकर आसपास के इलाकों में पूछताछ कर रही हैं. पुलिस ने कुछ स्थानीय लोगों से भी जानकारी जुटाई है, ताकि घटना के पीछे के कारणों का पता लगाया जा सके.

पुलिस ने दावा किया है कि यह कृत्य किसी मानसिक रूप से अस्वस्थ व्यक्ति या नशे की हालत में किसी व्यक्ति द्वारा किया गया हो सकता है. हालांकि, अधिकारियों ने कहा है कि सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच की जा रही है. यात्रियों ने बताया कि वे वंदेभारत में सफर कर रहे थे. तभी अचानक ट्रेन पर हमला हो गया. जिससे एक कोच का कांच भी छतिग्रस्त हो गया. ऐसे में यात्रियों में दहशत फैल गई.

AGRA : कनाडा से फंडिंग, आगरा में धर्मांतरण… दाऊद अहमद पर पुलिस का बड़ा एक्शन, भोपाल का घर कुर्क करने की तैयारी

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आगरा के बहुचर्चित धर्मांतरण सिंडिकेट मामले में पुलिस ने अपनी कार्रवाई को और अधिक आक्रामक बना दिया है. इस इंटरनेशनल नेटवर्क को विदेशों से आर्थिक रसद पहुंचाने वाले मुख्य आरोपी दाऊद अहमद के खिलाफ पुलिस ने शिकंजा कस दिया है. भोपाल से लेकर कनाडा तक फैले इस सिंडिकेट की कड़ियाँ अब कुर्की और जब्ती की कार्रवाई तक पहुंच गई हैं.

आगरा में चर्चित धर्मांतरण सिंडिकेट मामले में पुलिस ने एक बार फिर बड़ी कार्रवाई की है. इस गिरोह को फंडिंग करने के आरोप में दाऊद अहमद के खिलाफ नया मुकदमा दर्ज किया गया है. साथ ही भोपाल स्थित उसके घर पर कुर्की का नोटिस भी चस्पा कर दिया गया है. माना जा रहा है कि आगरा पुलिस जल्द ही उसकी संपत्तियों को जब्त करने की कार्रवाई कर सकती है.

दरअसल, जुलाई 2025 में आगरा के सदर क्षेत्र से दो सगी बहनों के लापता होने के बाद इस पूरे मामले का खुलासा हुआ था. जांच के दौरान पता चला कि दोनों बहनें एक संगठित धर्मांतरण गिरोह के संपर्क में आ गई थीं. पुलिस ने उन्हें कोलकाता से बरामद किया, जिसके बाद इस बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ.इस मामले में अब तक 14 से अधिक आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है. गिरोह का मास्टरमाइंड अब्दुल रहमान दिल्ली में सक्रिय था, जबकि उसकी सहयोगी आयशा गोवा में रहकर नेटवर्क को संचालित कर रही थी.

पुलिस रिमांड के दौरान आरोपियों ने खुलासा किया कि इस सिंडिकेट को विदेशों से फंडिंग मिल रही थी. कनाडा और यूएई सहित कई देशों से आर्थिक मदद भेजी जाती थी. जांच में सामने आया कि कनाडा में रह रहा दाऊद अहमद इस फंडिंग का अहम स्रोत था, जो मूल रूप से भोपाल का निवासी है.

पुलिस ने दाऊद की गिरफ्तारी के प्रयास में भोपाल में भी दबिश दी, लेकिन वह हाथ नहीं आया. अदालत के आदेश के बावजूद पेश न होने पर अब पुलिस ने सख्ती बढ़ा दी है. भोपाल स्थित उसके आवास पर कुर्की का नोटिस चस्पा किया गया है.इसके अलावा, थाना सदर बाजार में दाऊद अहमद के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 209 के तहत एक और मुकदमा दर्ज किया गया है.

इस पूरे ऑपरेशन के दौरान पुलिस ने कई लड़कियों को भी इस गिरोह के चंगुल से मुक्त कराया था. अब आगरा पुलिस इस नेटवर्क को पूरी तरह खत्म करने के लिए आगे भी बड़ी कार्रवाई की तैयारी में है.

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