Sunday, November 1, 2026
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NATIONAL : ‘उफनते समुद्र में तैरना पसंद’: राहुल गांधी की रहस्यमयी पोस्ट; क्या एसआईआर विवाद की ओर इशारा?

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राहुल गांधी ने रविवार को समुद्र की उफनती लहरों का उदाहरण देते हुए कहा कि उथल-पुथल भी एक तरह की शांति है। उनकी यह पोस्ट एसआईआर को लेकर चल रही राजनीतिक बहस के बीच आई है। दरअसल, मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया है कि चुनाव आयुक्तों ने पिछले 10 महीनों में कम से कम 14 बार एसआईआर से जुड़े फैसलों पर आपत्ति जताई थी। हालांकि राहुल गांधी ने अपनी पोस्ट में इस विवाद का सीधे तौर पर कोई जिक्र नहीं किया है।

कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने रविवार को सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक रहस्यमयी पोस्ट की। उन्होंने लिखा, ‘मुझे समुद्र में तब तैरना पसंद है, जब वह उफान पर हो। यह आपको सिखाता है कि उथल-पुथल भी एक तरह की शांति है।’ राहुल गांधी ने इस पोस्ट में इसके पीछे की वजह या संदर्भ के बारे में कोई जानकारी नहीं दी। इसलिए उनके इस संदेश को लेकर अलग-अलग तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं।

एसआईआर विवाद से क्यों जोड़ा जा रहा है पोस्ट?
राहुल गांधी की यह पोस्ट ऐसे समय आई है, जब विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर को लेकर चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर राजनीतिक बहस चल रही है। इसकी वजह 23 सितंबर को प्रकाशित एक मीडिया रिपोर्ट है, जिसमें चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी की ओर से एसआईआर से जुड़े मुद्दों पर सवाल उठाए जाने की बात कही गई थी। हालांकि, राहुल गांधी ने अपनी पोस्ट में न तो एसआईआर का नाम लिया और न ही चुनाव आयोग का कोई सीधा जिक्र किया।

दो चुनाव आयुक्तों ने कितनी बार आपत्ति जताई?
रिपोर्ट के मुताबिक, चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों में कम से कम 14 बार रिकॉर्ड पर औपचारिक आपत्ति दर्ज की। रिपोर्ट में कहा गया कि ये आपत्तियां उन फैसलों और आदेशों को लेकर थीं, जिन्हें दोनों चुनाव आयुक्तों ने अपनी जानकारी के बिना लिए जाने की बात कही थी। इसी रिपोर्ट ने चुनाव आयोग के भीतर मतभेद की चर्चा को राजनीतिक बहस के केंद्र में ला दिया।

राहुल गांधी ने अपनी सोशल मीडिया पोस्ट में चुनाव आयोग, एसआईआर या किसी चुनावी विवाद का सीधे तौर पर नाम नहीं लिया। उन्होंने केवल समुद्र की उफनती लहरों और उससे मिलने वाली सीख की बात कही। उनकी पोस्ट में कोई अतिरिक्त संदर्भ या स्पष्टीकरण नहीं था। इसलिए यह कहना कि उन्होंने निश्चित रूप से एसआईआर विवाद को लेकर ही यह पोस्ट की, मूल बयान से साबित नहीं होता। राजनीतिक पंडित राहुल गांधी की पोस्ट को डिकोड करने में जुटे हुए हैं।

NATIONAL : CEC विवाद के बीच राहुल गांधी का सामने आया नया बयान, बोले- जब लहरें तेज हों, मुझे तब समुद्र में तैरना पसंद

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CEC Row: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने रविवार को सोशल मीडिया पर एक रहस्यमयी पोस्ट में कहा कि उन्हें समुद्र की उफनती लहरों में तैरना पसंद है, क्योंकि यह आपको सिखाता है कि उथल-पुथल भी एक अलग तरह की शांति ही है।

‘उथल-पुथल भी शांति का ही एक रूप’
राहुल गांधी ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में बिना कोई संदर्भ या विवरण दिए हुए लिखा, “मुझे समुद्र में तब तैरना पसंद है, जब लहरें तेज हों। इससे यह सीख मिलती है कि उथल-पुथल भी शांति का ही एक रूप है।”

क्या है पूरा मामला?
राहुल गांधी का पोस्ट ‘इंडियन एक्सप्रेस’ में 23 सितंबर को छपी उस खबर को लेकर मचे सियासी हंगामे के बीच आया है, जिसमें कहा गया है कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) से जुड़े मुद्दों पर बार-बार सवाल उठाए थे।

एसआईआर के देशव्यापी कार्यान्वयन का काम तीन-सदस्यीय निर्वाचन आयोग की निगरानी में हो रहा है। ‘इंडियन एक्सप्रेस’ की खबर में कहा गया है कि संधू और जोशी ने पिछले 10 महीने में एसआईआर को लेकर 14 बार उन फैसलों और आदेशों पर औपचारिक रूप से आपत्ति दर्ज कराई थी, जिनके बारे में उनका कहना है कि ये उनकी जानकारी या सिफारिश के बिना लिये या जारी किए गए थे।

इससे पहले, राहुल गांधी ने एक खबर का हवाला देते हुए दावा किया था कि केरल के पूर्व मुख्य सचिव जीजी थॉमसन का कहना है कि ज्ञानेश कुमार ने उनसे संपर्क कर उन्हें भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ने के लिए कहा था और मंत्री पद दिलाने की पेशकश भी की थी। सनद रहे कि राहुल गांधी ने पिछले साल ‘वोट चोरी’ का मुद्दा उठाया था और चुनावों में गड़बड़ी का आरोप लगाया था। उन्होंने कहा है कि मीडिया रिपोर्ट ने इन आरोपों की पुष्टि कर दी है।

GUJARAT : देश की पहली LNG ट्रेन शुरू… गृह मंत्री अमित शाह ने दिखाई हरी झंडी, गुजरात को ₹15 सौ करोड़ के रेलवे प्रोजेक्ट्स की सौगात

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देश की पहली LNG ट्रेन शुरू हो गई है. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को साबरमती रेलवे स्टेशन से देश की पहली LNG से चलने वाली ट्रेन को हरी झंडी दिखाई.

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अहमदाबाद के साबरमती रेलवे स्टेशन से देश की पहली LNG से चलने वाली ट्रेन को हरी झंडी दिखाई. इस कार्यक्रम के दौरान, साबरमती डिवीजन के लिए कई रेलवे प्रोजेक्ट्स का उद्घाटन किया गया और कुछ अन्य प्रोजेक्ट्स की आधारशिला भी रखी गई। गुजरात को ₹1,542 करोड़ से ज्यादा के रेलवे प्रोजेक्ट्स की सौगात दी गई.

करीब ₹411 करोड़ की लागत से 404 किलोमीटर लंबे रेल सेक्शन पर ‘कवच’ सिस्टम लागू किया गया. 122.57 किलोमीटर लंबे रेल सेक्शन पर ऑटोमैटिक ब्लॉक सिग्नलिंग शुरू की गई. ₹700 करोड़ की लागत से बने WAG-12 लोकोमोटिव मेंटेनेंस शेड का उद्घाटन किया गया. ₹313.27 करोड़ की लागत से 21 किलोमीटर लंबे साबरमती-सरखेज रेल सेक्शन को डबल करने का काम किया जाएगा.

इस अवसर पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि लगभग₹1,542 करोड़ से ज्यादा की लागत से किए गए ये विकास कार्य यात्रियों और इस इलाके के रेलवे नेटवर्क, दोनों के लिए बहुत महत्वपूर्ण साबित होंगे. इन प्रोजेक्ट्स में लोकोमोटिव मेंटेनेंस हब, ‘कवच’ सुरक्षा प्रणाली और ट्रैक को दोगुना करने का काम शामिल है.

साबरमती स्टेशन के नए रूप में देखना खास
अमित शाह ने बताया कि दिल्ली से यात्रा करते समय वे कई बार साबरमती रेलवे स्टेशन पर उतरे हैं. स्टेशन में पिछले कुछ सालों में आए बदलाव को देखते हुए उन्होंने रेलवे अधिकारियों और पूरी टीम को बधाई दी. शाह ने कहा, “साबरमती रेलवे डिवीजन से लेकर रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव तक, पूरी टीम को मेरी हार्दिक बधाई. इतने लंबे समय बाद साबरमती स्टेशन को इस नए रूप में देखना वाकई बहुत खास है.”

WAG-12 लोकोमोटिव मेंटेनेंस डिपो की स्थापना
अमित शाह ने बताया कि WAG-12 लोकोमोटिव मेंटेनेंस डिपो लगभग ₹700 करोड़ की लागत से बनाया गया है. इसके अलावा, साबरमती-कलोल-साबरमती रेल सेक्शन पर ‘कवच’ सिस्टम लगाने में लगभग ₹48 करोड़ का खर्च आया. उन्होंने बताया कि कराचिया-पालनपुर और कराचिया-समखियाली रेल सेक्शन पर भी कवच ​​सिस्टम से जुड़ा काम चल रहा है.उन्होंने कहा कि आज इन प्रोजेक्ट्स की तेजी बढ़ाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है.

600 ट्रकों के बराबर माल ढोने की क्षमता
अमित शाह ने WAG-12 लोकोमोटिव को रेलवे के लिए एक बड़ी उपलब्धि बताया. उन्होंने कहा कि 12,000 हॉर्सपावर वाला यह ट्विन-सेक्शन इंजन भारी मात्रा में माल ढोने में सक्षम है. उनके अनुसार, एक अकेला WAG-12 लोकोमोटिव लगभग 600 ट्रकों के बराबर माल ढोने की क्षमता रखता है. उन्होंने इसे भारतीय रेलवे के इतिहास में एक अहम पड़ाव बताया.

NATIONAL : ‘आतंकवादी हमले का देश अब सर्जिकल स्ट्राइक कर देता है जवाब’, PM मोदी ने भारत को बताया ‘अनस्टॉपेबल’

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पीएम मोदी ने अपने एक सम्बोधन में कहा कि भारत अब आतंकवादी हमलों के बाद चुप नहीं रहता, बल्कि सर्जिकल और हवाई हमलों के जरिये जवाब देता है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार (17 अक्टूबर, 2025) को कहा कि जहां पूर्व की सरकारें मजबूरी में सुधार करती थीं, वहीं उनकी सरकार इसे पूरी दृढ़ता के साथ करती है और हर जोखिम को सुधार में बदल दिया है. पीएम मोदी ने एक कार्यक्रम के दौरान कहा कि भारत अब आतंकवादी हमलों के बाद चुप नहीं रहता, बल्कि सर्जिकल और हवाई हमलों के जरिये जवाब देता है.

उन्होंने कहा, ‘पूर्व की सरकारें मजबूरी में सुधार करती थीं, अब हम उन्हें दृढ़ विश्वास के साथ करते हैं. अनजान दौर दुनिया के लिए अनिश्चित हो सकता है, लेकिन भारत के लिए यह अवसर है, क्योंकि भारत हमेशा जोखिमों को सुधारों में बदलता रहा है. हमने हर सुधार को दृढ़ता में और हर दृढ़ता को क्रांति में बदल दिया है.’

प्रधानमंत्री ने कहा, ‘भारत अब आतंकवादी हमलों के बाद चुप नहीं रहता, बल्कि हवाई हमलों, सर्जिकल स्ट्राइक और ऑपरेशन सिंदूर के जरिए मुंहतोड़ जवाब देता है. जब युद्ध विश्व स्तर पर सुर्खियां बन गए, तब भारत ने सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था के रूप में आगे बढ़ते हुए आलोचकों को गलत साबित कर दिया.’

उन्होंने कहा कि भारत रुकने के मूड में नहीं है. आज जब दुनिया में भांति-भांति के ‘रोड ब्लॉक’ हैं, ‘स्पीड ब्रेकर’ हैं, तब ‘अनस्टॉपेबल’ भारत की चर्चा बहुत स्वाभाविक है. हम न रुकेंगे और न ही थमेंगे. एक सौ चालीस करोड़ भारतीय पूरी गति के साथ एक साथ आगे बढ़ेंगे.’

दुनिया की शीर्ष पांच अर्थव्यवस्थाओं में भारत शामिल

PM मोदी ने कहा, ‘आज भारत कमजोर पांच अर्थव्यवस्थाओं (फ्रेजाइल फाइव) से निकलकर दुनिया की शीर्ष पांच अर्थव्यवस्थाओं में शामिल हो गया है. चिप से लेकर शिप तक, भारत हर क्षेत्र में आत्मनिर्भर और आत्मविश्वास से भरा हुआ है.’

कांग्रेस शासन के दौरान बैंकों के राष्ट्रीयकरण से बैंकों के लिए गैर-निष्पादित परिसंपत्तियों का पहाड़ बनने का उल्लेख करते हुए मोदी ने कहा कि वित्तीय और अन्य संस्थानों का लोकतंत्रीकरण ‘अनस्टॉपेबल’ भारत के पीछे प्रमुख ताकत है.

‘भारत ने सबको गलत साबित किया’

उन्होंने कहा, ‘लोग भारत की सबसे बड़ी ताकत हैं और जब सरकार का कोई दबाव या हस्तक्षेप नहीं होता तो वे बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं.’ मोदी ने कहा, ‘भारत ने डिजिटल वित्तीय बुनियादी ढांचे के मामले में सबको गलत साबित कर दिया है. दुनिया भारत को भरोसेमंद, जिम्मेदार, मजबूत सहयोगी और अवसरों की धरती के तौर पर देखती है.’

BUSINESS : क्यों टली 3 दिन की बैंक हड़ताल, 5-डे बैंकिंग पर आधी रात आया फैसला; जानिए नया अपडेट

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बैंक हड़ताल टल गई है, जिससे देशभर के बैंक कस्टमर्स को राहत मिली है. 5-डे बैंकिंग समेत अन्य मांगों पर सहमति बनी है. जानिए महीने के आखिरी तीन दिन बैंक खुले रहेंगे या बंद?

देशभर के बैंक ग्राहकों के लिए बड़ी राहत की खबर है. 28 से 30 सितंबर तक होने वाली 3 दिन की बैंक हड़ताल फिलहाल टाल दी गई है. यह हड़ताल रविवार देर रात करीब 9:30 बजे बैंक यूनियनों (UFBU) और इंडियन बैंक एसोसिएशन (IBA) की बैठक के बाद टली. बैठक में बैंक यूनियनों की मांगों पर सहमति बनी और भरोसा दिया गया.

आखिरी वक्त में क्यों टली हड़ताल?
यूनियनों की सबसे बड़ी और पुरानी मांग है ‘5-डे बैंकिंग’, यानी हर शनिवार को बैंकों में छुट्टी दी जाए. अभी बैंकों में सिर्फ दूसरे और चौथे शनिवार को ही छुट्टी रहती है.

बैठक में तय हुआ कि बाकी बचे शनिवारों को भी छुट्टी घोषित करने के लिए IBA और यूनियनों की एक कमेटी बनेगी. यह कमेटी ग्राहकों और बैंकों दोनों का ध्यान रखते हुए सही हल निकालेगी. बता दें कि 5-डे बैंकिंग की मांग मार्च 2024 के समझौते में भी शामिल थी, जिस पर फैसला अटका हुआ था.

बाकी मांगों पर भी होगी बात
स्केल-IV और उससे ऊपर के अफसरों के लिए ‘परफॉर्मेंस लिंक्ड इंसेंटिव’ (PLI) स्कीम पर भी बातचीत शुरू होगी. यूनियनें चाहती हैं कि सरकार को भेजने से पहले उनकी आपत्तियां दूर की जाएं. इसके अलावा पुराने पेंडिंग मुद्दों पर भी आगे बातचीत जारी रहेगी.

क्या आज 28 सितंबर को खुलेंगे बैंक?
हाँ, आज सोमवार 28 सितंबर से बैंक पूरी तरह खुले रहेंगे और सामान्य दिनों की तरह कामकाज होगा. यह हड़ताल छमाही क्लोजिंग के समय हो रही थी, जिससे लोगों के पैसों के लेन-देन में भारी दिक्कत आ सकती थी. हड़ताल की वजह से कई बैंकों ने रविवार को भी शाखाएं खोली थीं ताकि लोग जरूरी काम निपटा सकें. अब हड़ताल टलने के बाद 28 से 30 सितंबर तक सारे काम सामान्य रूप से चलेंगे.

WORLD : होर्मुज खोलने के लिए ईरान ने अमेरिका को दिया 7 दिन वाला प्रस्ताव, क्या दोनों देशों में बन पाएगी बात?

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दोनों देश अब इस स्थिति को समझ रहे हैं इस मसले का हल युद्ध से तो नहीं निकलने वाला. मगर बात सिर्फ इस पर अटकी हुई है कि कौन सा पक्ष युद्ध को समाप्त करने के लिए अपने मुद्दे पर कितना समझौता करना चाहता है.

होर्मुज खोलने के लिए ईरान ने अमेरिका को दिया 7 दिन वाला प्रस्ताव, क्या दोनों देशों में बन पाएगी बात?अगर होर्मुज खुल जाता है तो न सिर्फ ईरान और अमेरिका के लिए बल्कि दुनिया के लिए ये राहत की बात होगी.

फटाफट पढ़ेंहाइलाइट्स
ईरान ने अमेरिका के सामने होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने और लगभग सात महीने से चल रहे युद्ध के अंतिम समाधान के लिए बातचीत शुरू करने का एक नया “7 दिनों वाला” प्रस्ताव रखा है. ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने वाशिंगटन में पत्रकारों को बताया कि तेहरान की नई योजना अमेरिका और ईरान के बीच जून में हुए तथाकथित समझौता ज्ञापन में किए गए वादों के समान है. हालांकि, वो फेल हो गया था.

प्रस्ताव में क्या है
ईरान के मध्यस्थों ने व्हाइट हाउस को अपना प्रस्ताव सौंपा है, जिससे फारस की खाड़ी और ओमान की खाड़ी के बीच रणनीतिक संपर्क एक सप्ताह के भीतर खुल सकता है. ये दुनिया की लगभग पांचवीं ऊर्जा आपूर्ति का मार्ग है. न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा की बैठक के दौरान एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में अराघची ने कहा, “हमने मध्यस्थों के माध्यम से अमेरिका के सामने एक योजना रखी है कि यदि कुछ शर्तें पूरी होती हैं, तो सातवें दिन के अंत में होर्मुज जलडमरूमध्य खुल जाएगा और बातचीत फिर से शुरू हो जाएगी.”

अराघची ने जोर देकर कहा कि तेहरान अपने नए प्रस्ताव के आधार पर युद्धविराम समझौता करने की जल्दबाजी में नहीं है. हालांकि, उन्होंने कहा कि अगर अमेरिका के मध्यावधि चुनाव से पहले समझौता हो जाता है तो यह बहुत बेहतर होगा, लेकिन यह तय करना अमेरिकी प्रशासन पर निर्भर करता है. हमें समय की परवाह नहीं है, लेकिन योजना बहुत स्पष्ट है… जिस क्षण वे इस योजना को स्वीकार करते हैं, अगले दिन से यह समय-सारणी शुरू हो सकती है, और सात दिनों के बाद जलडमरूमध्य खुल जाएगा.”

अराघची ने यह खुलासा नहीं किया कि क्या नया प्रस्ताव परमाणु मुद्दों को भी संबोधित करता है कि नहीं. ईरान की परमाणु गतिविधियों को लेकर विवाद समझौते में मुख्य बाधाओं में से एक बना हुआ है. वाशिंगटन ने यह सुनिश्चित करने के लिए सुरक्षा उपायों की मांग की है कि तेहरान हथियार विकसित न कर सके, जबकि ईरानी अधिकारियों ने जोर दिया है कि देश को नागरिक परमाणु कार्यक्रम बनाए रखने की अनुमति दी जानी चाहिए.

बातचीत की जानकारी रखने वाले एक अमेरिकी अधिकारी ने ‘द फाइनेंशियल टाइम्स’ को बताया कि डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन मध्यस्थों के जरिए सकारात्मक और रचनात्मक बातचीत कर रहा है, लेकिन अमेरिका किसी समझौते के लिए जल्दबाजी नहीं करेगा. अधिकारी ने FT को दिए एक बयान में कहा, “स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर नियंत्रण के कारण अमेरिका बहुत मजबूत स्थिति में है, इसलिए हमें कोई जल्दबाजी नहीं है. कल रात ही इस जलडमरूमध्य से लगभग 22 मिलियन बैरल तेल गुजरा है.”

ईरानी राष्ट्रपति का बड़ा बयान
जब ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान से पूछा गया कि क्या यह टकराव साल के आखिर तक खत्म हो सकता है, तो उन्होंने कहा कि यह तय करना अमेरिका के हाथ में है कि ईरान युद्ध कब खत्म होगा. पेजेश्कियान ने बृहस्पतिवार को फॉक्स न्यूज के शो “स्पेशल रिपोर्ट विद ब्रेट बेयर” में दिखाए गए एक इंटरव्यू में इस सवाल का जवाब देते हुए कहा, “लेकिन हम इसे जारी नहीं रखना चाहते. यह अमेरिका को तय करना है कि वह इसे खत्म करना चाहता है या नहीं.” ईरान के राष्ट्रपति ने बुधवार को UN जनरल असेंबली में कहा कि तेहरान कभी भी अमेरिका के दबाव के आगे नहीं झुकेगा, क्योंकि युद्ध खत्म करने के तरीके को लेकर दोनों पक्षों के बीच काफी मतभेद हैं.

ट्रंप का नरम-गरम बयान
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को कहा कि अगर युद्ध खत्म करने के लिए कोई समझौता नहीं होता है, तो वह ईरान को “पूरी तरह खत्म” कर सकते हैं, लेकिन उन्होंने यह भी संकेत दिया कि जल्द ही कोई समझौता हो सकता है. इससे पहले जून में हुई युद्ध-विराम की कोशिश नाकाम हो गई थी, क्योंकि तेहरान ने इसे होर्मुज पर ईरानी नियंत्रण को मान्यता देने के तौर पर देखा. अमेरिका और उसके क्षेत्रीय सहयोगियों ने इस नज़रिए को खारिज कर दिया है.

UP : पहाड़ों पर बारिश से उफनाईं यूपी में नदियां, बाढ़ की चपेट में कछार; कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट

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उत्तर प्रदेश और पहाड़ों पर जारी बारिश के कारण गंगा, सरयू, यमुना और घाघरा समेत कई नदियों का जलस्तर बढ़ा हुआ है। खासकर, गंगा और सरयू किनारे बसे गांव बाढ़ की चपेट में हैं, जिससे बड़ी संख्या में लोग पलायन कर रहे हैं।
पहाड़ी इलाकों में भारी बारिश और प्रमुख बैराजों से नदियों में बड़ी मात्रा में पानी छोड़े जाने के बाद उत्तर प्रदेश की कई नदियों का जलस्तर बढ़ गया है, जिससे कटरी क्षेत्र का बड़ा हिस्सा बाढ़ की चपेट में है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश से लेकर कानपुर, प्रयागराज और वाराणसी में बढ़ा हिस्सा डूब गया है, जिससे लोग पलायन कर रहे हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर आपदा प्रबंधन विभाग, जिला प्रशासन और बाढ़ नियंत्रण विभाग के अधिकारियों को सतर्क कर दिया गया है। वहीं, आईएमडी ने राज्य के कई हिस्सों में मूसलाधार बारिश का अलर्ट जारी रखा है।

बिजनौर में हरिद्वार बैराज से गंगा में 1.80 लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद जिलाधिकारी और उपजिलाधिकारी स्थिति पर लगातार नजर रख रहे हैं। जिला आपातकालीन नियंत्रण कक्ष सक्रिय कर दिया गया है। आपदा प्रबंधक प्रशांत सक्सेना ने बताया कि ’सचेत’ ऐप के जरिए अग्रिम चेतावनी मिल रही है और मौसम विभाग की चेतावनी के बाद संबंधित अधिकारियों, ग्राम प्रधानों तथा आपदा मित्रों को हर दो घंटे में मौसम और जलस्तर की जानकारी दी जा रही है।

बाढ़ से निपटने का बड़ा प्लान
ग्रामीणों को चौपालों के माध्यम से जागरूक किया जा रहा है। बाढ़ से निपटने के उपकरण तहसील स्तर पर पहुंचा दिए गए हैं तथा नौकाओं, नाविकों और गोताखोरों की पहचान कर ली गई है। जिले में 24 संवेदनशील और पांच अति संवेदनशील स्थान चिह्नित किए गए हैं। गंगा और खो नदी के जलस्तर की चौबीसों घंटे निगरानी की जा रही है।

जलीलपुर विकासखंड के दतियाना, रायपुर खादर और मीरापुर सीकरी समेत कुछ गांवों के संपर्क मार्गों पर पानी भरने के बाद 10 और 25 यात्रियों की क्षमता वाली दो नौकाएं तैनात की गई हैं। चार बाढ़ राहत चौकियां और जिलेभर में 32 बाढ़ चौकियां तथा 35 आश्रय केंद्र सक्रिय किए गए हैं। 11 प्रभावित गांवों में करीब 300 राशन किट बांटी जा चुकी हैं और अतिरिक्त राहत सामग्री सुरक्षित रखी गई है।

खतरे के निशान से पार सरयू नदी
बाराबंकी में सरयू नदी खतरे के निशान से करीब 50 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है और उसका अधिकतम बहाव 4.35 लाख क्यूसेक से अधिक है। इसके बावजूद कई संवेदनशील गांव कटाव से सुरक्षित हैं। बाढ़ नियंत्रण विभाग के कार्यपालक अभियंता शशिकांत सिंह ने बताया कि बाढ़ के मौसम से पहले नदी किनारे ’जियोबैग स्टड’, ’पोरपाइन’, ’स्पर’ और ’रिवेटमेंट’ जैसे सुरक्षात्मक उपाय किए गए थे। इनसे नदी की मुख्य धारा को एक किनारे से दूसरे किनारे की ओर मोड़ने में मदद मिली और कटाव सीमित रहा। प्रशासन के अनुसार, फिलहाल बाढ़ की स्थिति सामान्य और नियंत्रण में है तथा आबादी वाले इलाके सुरक्षित हैं। एहतियात के तौर पर बाढ़ राहत पीएसी कर्मियों को भी तैनात किया गया है।

IND vs WI: विराट कोहली तोड़ेंगे महान सचिन तेंदुलकर का ये बड़ा रिकॉर्ड

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भारत और वेस्टइंडीज के बीच तीन मैचों की वनडे सीरीज आज से शुरू हो रही है. इस सीरीज में भारत के दो दिग्गज खिलाड़ी विराट कोहली और रोहित शर्मा अपना दमखम दिखाने के लिए तैयार है. क्योंकि दोनों ही महान खिलाड़ी अपना आखिरी वर्ल्ड कप खेलने के लिए काफी ज्यादा मेहनत कर रहे हैं. सीरीज का पहला मैच केरलम में खेला जाएगा, जो दोपहर 2 बजे शुरू होगा.

इस मैच में टीम इंडिया के स्टार बल्लेबाज विराट कोहली कई बड़ी उपलब्धियां हासिल करने वाले हैं. कोहली 15,000 वनडे रन बनाने वाले दूसरे खिलाड़ी बनने से केवल 59 रन दूर हैं. इसके अलावा वो घरेलू वनडे मैच में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले सचिन तेंदुलकर का रिकॉर्ड तोड़ने से 110 रन दूर हैं.

सबसे तेज 15000 वनडे रन
विराट कोहली इस मैच में 314 वनडे मैचों की 302 पारियों में 14,941 रनों के साथ उतरेंगे. अगर वो मैच में 59 रन बनाने में सफल होते हैं तो वो सबसे तेज 15,000 वनडे रन बनाने वाले बल्लेबाज बनने के साथ ये आंकड़ा छोने वाले दूसरे बल्लेबाज भी बन जाएंगे.

पुरुषों के वनडे क्रिकेट में अब तक केवल सचिन तेंदुलकर ही इस आंकड़े तक पहुंच पाए हैं. उन्होंने 1989 से 2012 के बीच भारत के लिए 463 मैचों में 18,426 रन बनाकर अपना इंटरनेशनल करियर खत्म किया.

क्या टूटेगा सचिन का रिकॉर्ड?
इस मैच में विराट कोहली एक और बड़ा रिकॉर्ड तोड़ सकते हैं. वो घरेलू वनडे क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन बनाने के सचिन के रिकॉर्ड को तोड़ने से केवल 110 रन दूरे हैं. कोहली ने अब तक भारत में खेले गए 130 वनडे मैचों में 6,867 रन बनाए हैं. हालांकि ये रिकॉर्ड अभी तेंदुलकर के नाम है, जिन्होंने 164 घरेलू वनडे मैचों में 6,976 रन बनाए हैं. इसके अलावा अगर कोहली 133 रन बनाने में सफल होते हैं, तो वह घरेलू मैचों में 7,000 वनडे रन तक पहुंचने वाले पहले खिलाड़ी बन जाएंगे.

विराट कोहली के 314 वनडे मैचों में 14,941 रन
विराट कोहली के 314 वनडे मैचों में 14,941 रन (IANS)
वेस्टइंडीज के खिलाफ सबसे ज्यादा मैच
अगर कोहली को आज के मैच में प्लेइंग-11 में रखा जाता है तो वो वेस्टइंडीज के खिलाफ वनडे में सबसे ज्यादा मैच खेलने वाले भारतीय खिलाड़ी बन जाएंगे. अभी विराट कोहली, मोहम्मद अजहरुद्दीन की बराबरी पर खड़े हैं. जिन्होंने दो बार की वर्ल्ड कप विजेता टीम के खिलाफ 43 वनडे मैच खेले थे.

विराट कोहली वेस्टइंडीज के खिलाफ काफी ज्यादा रन बनाए हैं. अगर वो 150 रन बनाने मे सफल हो जाते हैं तो फिर वो वेस्टइंडीज के खिलाफ 4,000 इंटरनेशनल रन पूरे करने वाले वर्ल्ड में दूसरे खिलाड़ी बन जाएंगे. कैरेबियाई टीम के खिलाफ सिर्फ साउथ अफ्रीका के जैक कैलिस ने ही 4,000 से ज्यादा रन बनाए हैं.

कोहली ने वेस्टइंडीज के खिलाफ अब तक 43 वनडे मैचों में 2,261 रन बनाए हैं, जो किसी भी बल्लेबाज द्वारा उनके खिलाफ बनाए गए सबसे ज्यादा रन हैं. जबकि सभी फॉर्मेट में कोहली ने वेस्टइंडीज के खिलाफ 73 इंटरनेशनल मैचों की 75 पारियों में 3,850 रन बनाए हैं.

SPORTS : ‘यह मेरा आखिरी वर्ल्ड कप होगा…’, ट्रॉफी के लिए सब कुछ कुर्बान करने को तैयार विराट कोहली! दिल की बात जुबां पर आई

भारत और वेस्टइंडीज के बीच होने वाले मुकाबले से पहले विराट कोहली ने बड़ा बयान दिया है. अगले साल होने वाले वर्ल्ड कप में कोहली खेलेंगे या नहीं? इस पर भी फैन्स को उन्होंने अपनी स्थिति स्पष्ट कर दी है.

भारतीय क्रिकेट के सबसे भरोसेमंद बल्लेबाज विराट कोहली ने फैन्स को एक दिल तोड़ने वाली बात कही है. विराट कोहली अपने भविष्य और 2027 के वनडे वर्ल्ड कप को लेकर बड़ा खुलासा किया है.

वेस्टइंडीज के खिलाफ घरेलू वनडे सीरीज से ठीक पहले विराट कोहली ने साफ कर दिया है कि साउथ अफ्रीका में होने वाला 2027 का आईसीसी क्रिकेट वर्ल्ड कप भारत के लिए उनका आखिरी वनडे वर्ल्ड कप होगा.

जियोस्टार को दिए गए एक इंटरव्यू में कोहली ने 50 ओवर के वर्ल्ड कप की चुनौती के बारे में खुलकर बात की. उन्होंने कहा कि मेरे लिए यह भारत की तरफ से खेलने का आखिरी वर्ल्ड कप होने जा रहा है. और यही मेरी सबसे बड़ी प्रेरणा है… यानी मैदान पर अपनी तरफ से सबकुछ झोंक देना, अपना शत-प्रतिशत निचोड़ लेना.

वर्ल्ड कप 2027 का मास्टरप्लान लीक! क्या रोहित-कोहली खेलेंगे?
कोहली ने 50-ओवर के फॉर्मेट की इंटेंसिटी पर बात करते हुए समझाया कि एक बड़े टूर्नामेंट में लगातार 10 मैचों तक उस शारीरिक और मानसिक स्तर को बनाए रखना बेहद थका देने वाला होता है, खासकर जब आप विदेशी परिस्थितियों में खेल रहे हों.

दमदार रहा है कोहली का रिकॉर्ड

विराट कोहली का वर्ल्ड कप इतिहास शानदार गवाह रहा है. उन्होंने वर्ल्ड कप के 37 मुकाबलों में लगभग 59.83 की शानदार औसत से 1,795 रन बनाए हैं, जिसमें 5 शतक और 12 अर्धशतक शामिल हैं. वहीं, उनके कुल वनडे करियर की बात करें तो उन्होंने 302 पारियों में 14,941 रन बनाए हैं, जिसमें 54 शतक दर्ज हैं.

दूसरी ओर पूर्व भारतीय कप्तान रोहित शर्मा ने भी अपने भविष्य और वर्ल्ड कप को लेकर बात की. रोहित ने कहा कि उनके दिमाग में कभी यह विचार नहीं आता कि उनका क्रिकेटिंग बिजनेस खत्म हो गया है. जब तक आप खेल रहे हैं, तब तक आपके सामने हमेशा कोई न कोई नई चुनौती होती है.

भारत और वेस्टइंडीज के बीच रविवार से शुरू हो रही तीन मैचों की इस रोमांचक वनडे सीरीज के साथ ही साल 2027 के उस ऐतिहासिक विश्व कप का सफर भी शुरू हो रहा है, जिसके लिए अब इन दोनों दिग्गजों का जोश सातवें आसमान पर है.

NATIONAL : ‘वरना वे मुझे मार डालते’, टीएमसी विधायक कुणाल घोष पर 24 घंटे के भीतर दूसरा हमला

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टीएमसी विधायक कुणाल घोष ने आरोप लगाया कि उनपर 24 घंटे के भीतर दूसरी बार हमला किया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि हमलावर उन्हें मार डालने की नियत से आए थे।

तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के विधायक कुणाल घोष ने आरोप लगाया है कि रविवार सुबह राजधानी कोलकाता के बेलियाघाटा में एक कार्यक्रम में जाते समय फिर से हमला किया गया। श्रीरामपुर जाते वक्त हमले के 24 घंटे के भीतर ही यह हमला हुआ है।

हमले के बारे में बताते हुए कुणाल घोष के अनुसार, 15-20 बाइक सवार लोगों का एक समूह उनके आवास से ही उनका पीछा कर रहा था। फूलबागान के पास अचानक उस समूह ने उनकी गाड़ी को घेर लिया और हमला किया।

हथौड़े और बंदूक से गाड़ी का शीशा तोड़ा
टीएमसी विधायक कुणाल घोष ने आरोप लगाया कि हमलावरों ने हथौड़े और बंदूक से गाड़ी का शीशा तोड़ा, उनकी शर्ट भी फाड़ दी और उन्हें कार से बाहर खींचने की कोशिश की। इसके जवाब में उनके सुरक्षाकर्मियों ने हमलावरों को रोकने के लिए अपनी सर्विस रिवाल्वर निकाल ली।

कुणाल घोष के ड्राइवर ने गाड़ी को नारकेलडांगा पुलिस थाने पहुंचाया, जहां उन्होंने शरण ली। विधायक ने आगे आरोप लगाया कि कुछ हमलावरों के पास बंदूकें और लोहे की छड़ें थीं और वे उन्हें मारने की साजिश के तहत आए थे।

पुलिस थाने के अंदर मीडिया से बात करते हुए कुणाल घोष ने कहा, “उन्होंने मुझे मारने की कोशिश की। उन्होंने मेरी गाड़ी पर हमला किया और मेरे घर से ही मेरा पीछा किया। अपनी जान बचाने के लिए मैंने पुलिस थाने में शरण ली, वरना वे मुझे मार डालते। यहां जंगल राज राज रहा है, वे मुझे मार सकते हैं, लेकिन मेरी आवाज नहीं दबा सकते।”

हमलावर चेहरे ढके हुए थे
टीएमसी विधायक ने आगे कहा कि हमलावरों ने उनकी कार का रास्ता रोकने के लिए उसे ओवरटेक करने से पहले अपने चेहरे ढके हुए थे। विधायक ने बताया कि कुछ हमलावरों की पहचान कर ली गई है और उनके नाम पुलिस को सौंप दिए गए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने पहले ही बेलियाघाटा पुलिस को अपने चुनाव क्षेत्र में अपनी आवाजाही के बारे में जानकारी दे दी थी।

कोलकाता पुलिस के अधिकारी मौके पर पहुंचे और जांच शुरू की। अधिकारी दोषियों की पहचान करने के लिए स्थानीय सीसीटीवी फुटेज की जांच कर रहे हैं और चश्मदीदों के बयान ले रहे हैं। पुलिस सूत्रों ने कन्फर्म किया कि कुणाल घोष ने औपचारिक शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

टीएमसी विधायक ने इस घटना के लिए भाजपा को जिम्मेदार ठहराया। इन आरोपों को खारिज करते हुए भाजपा के प्रवक्ता देबजीत सरकार ने कहा, यह हमला टीएमसी के अंदरूनी गुटबाजी के कारण हुआ है। यह पूरी तरह से गैरजरूरी है। राज्य की मुख्यमंत्री निश्चित रूप से इस घटना पर कार्रवाई करेंगें। वे खुद हमला करके इसका दोष भाजपा पर मढ़ने की कोशिश कर रहे हैं। भाजपा पर लगाए गए आरोप झूठे हैं।

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